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जमशेदपुर, 20 मार्च 2026: ‘विश्व जल दिवस’ के पूर्व संध्या पर श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के ‘इको क्लब’ द्वारा “जल संरक्षण जागरूकता” कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से भविष्य के शिक्षकों (विद्यार्थियों) को जल संकट की गंभीरता और जल संचयन की अनिवार्य आवश्यकता के प्रति जागरूक किया गया।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जुमिद तिरला गवंटा ट्रस्ट की सचिव एवं झारखंड की प्रतिष्ठित ‘जल योद्धा चैंपियन’ श्रीमती अकाली टुडू उपस्थित थीं। उन्होंने अपने संबोधन में जल संरक्षण को केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य बताया।
अकाली टुडू ने छात्रों के साथ दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले व्यावहारिक उपाय साझा किए, जिनमें शामिल हैं:
जागरूकता सत्र के दौरान कॉलेज के विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शपथ ग्रहण समारोह रहा, जहां सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण करने और समाज को इस दिशा में प्रेरित करने की प्रतिज्ञा ली।

कॉलेज के ‘इको क्लब’ के सदस्यों और अन्य विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रखेंगे ताकि एक जल-सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके। कार्यक्रम के सफल संचालन में मीडिया प्रभारी रचना रश्मि और कॉलेज प्रबंधन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर (टेल्को): शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ‘लिटिल फ्लावर स्कूल’ (LFS) में “भवन निधि” (Building Fund) के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली के प्रस्ताव ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस मामले में ‘शिक्षा सत्याग्रह’ के संस्थापक और भाजपा नेता अंकित आनंद ने मोर्चा खोलते हुए इसे अभिभावकों का आर्थिक शोषण करार दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रत्येक छात्र से ₹1000 प्रतिमाह और नए दाखिले (Admission) के समय ₹12,000 की अनिवार्य वसूली का नोटिस जारी किया गया है। अंकित आनंद का दावा है कि इस योजना के जरिए स्कूल प्रबंधन करीब 14 करोड़ रुपये वसूलने की तैयारी में है।
अंकित आनंद ने जिला उपायुक्त (DC) अनन्य मित्तल (पूर्व में कर्ण सत्यार्थी के संदर्भ में भी चर्चा) और शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को ईमेल भेजकर इस वसूली को अवैध बताया है। उन्होंने तर्क दिया कि यह कदम ‘Right of Children to Free and Compulsory Education Act’ की धज्जियां उड़ाने जैसा है।

शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे विरोध प्रदर्शन चरम पर पहुंच गया। अंकित आनंद ने स्कूल के मुख्य द्वार पर प्राचार्या सिस्टर हिल्डा डी’सूजा द्वारा जारी किए गए नोटिस की प्रति जलाकर अपना रोष प्रकट किया। उन्होंने इस आदेश को “तुगलकी फरमान” बताते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भाजपा नेता ने जिला प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
उपायुक्त का आश्वासन: मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, अंकित आनंद ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो वे न्यायिक प्रक्रिया और जनांदोलन दोनों स्तरों पर अपनी लड़ाई तेज करेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
बहरागोड़ा/जमशेदपुर: झारखंड के बहरागोड़ा स्थित स्वर्णरेखा नदी तट पर एक बेहद शक्तिशाली और जिंदा बम मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह बम “अमेरिकन मेड” बताया जा रहा है, जिसकी पहचान AN-M-64 (500 LB) मॉडल के रूप में हुई है। बम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा है।

मिली जानकारी के अनुसार, स्वर्णरेखा नदी के किनारे स्थानीय लोगों ने एक संदिग्ध धातु की वस्तु देखी, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और विशेषज्ञ टीम ने जब इसकी जांच की, तो पता चला कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के समय का या किसी पुराने सैन्य ऑपरेशन का एक शक्तिशाली बम है। 500 पाउंड (लगभग 227 किलो) वजन का यह बम काफी विनाशकारी क्षमता रखता है।
झारखंड पुलिस ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्वर्णरेखा नदी तट के आसपास के बड़े हिस्से को सील कर दिया है। आम लोगों के वहां जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।
बम की अत्यधिक क्षमता और तकनीक को देखते हुए, झारखंड पुलिस के बम निरोधक दस्ते ने इसे स्थानीय स्तर पर निष्क्रिय करने के बजाय भारतीय सेना से विशेषज्ञ मदद मांगी है। सेना की ‘ऑर्डनेंस कोर’ या बम निरोधक टीम के जल्द ही बहरागोड़ा पहुंचने की संभावना है, जो इस ‘जिंदा’ बम को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर डिफ्यूज (निष्क्रिय) करेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर/बेंगलुरु: जमशेदपुर के मानगो गुरुद्वारा रोड इलाके से एक बेहद दुखद खबर आई है। बेंगलुरु एयरपोर्ट की पार्किंग में काम करने वाले 26 वर्षीय युवक, रोहित शुक्ला उर्फ चंदन शुक्ला की एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, रोहित बेंगलुरु एयरपोर्ट के बाहर पार्किंग स्थल पर कार्यरत थे। अपनी ड्यूटी के दौरान ही, वे पार्किंग एरिया में एक वाहन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि रोहित गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। कर्नाटक पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हादसे की सूचना मृतक के परिजनों को दी।
रोहित के पिता पेशे से टेंपो चालक हैं और रोहित परिवार में दो भाइयों में सबसे बड़े थे। वे अपने घर की जिम्मेदारियों को संभालने वाले मुख्य सहारा थे। उनकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद, शोकाकुल परिजन तुरंत बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए और अब वे रोहित के पार्थिव शरीर को लेकर जमशेदपुर लौट रहे हैं।
जैसे ही रोहित के निधन की खबर मानगो इलाके में फैली, पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। बड़ी संख्या में लोग मृतक के आवास पर पहुंच कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह भी मृतक के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने इस दुखद घड़ी में परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
यह एक अत्यंत दुखद घटना है। एक युवा की इस तरह से अकाल मृत्यु पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। हम रोहित के परिवार के साथ हैं और उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति मिले, ऐसी प्रार्थना करते हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर/नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ‘इनकम टैक्स रूल्स 2026’ को अधिसूचित कर दिया है। ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 (वित्त वर्ष 2026-27) से प्रभावी होंगे, जिनका असर जुलाई 2027 में भरे जाने वाले ITR पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता लाना और टैक्स चोरी पर लगाम लगाना है।

1. बड़े शहरों में रहने वालों को HRA में बड़ी राहत
सैलरीड क्लास के लिए अब हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के नियमों को और अधिक स्पष्ट किया गया है। अब देश के 8 प्रमुख शहरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु) में रहने वाले कर्मचारियों को उनके वेतन के 50% तक HRA छूट मिल सकेगी। अन्य शहरों के लिए यह सीमा 40% निर्धारित की गई है।
2. मकान मालिक से रिश्ता बताना हुआ अनिवार्य
टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार ने पारदर्शिता बढ़ा दी है। अब टैक्सपेयर्स को फॉर्म 124 में यह खुलासा करना होगा कि उनका मकान मालिक के साथ क्या संबंध है। हालांकि, HRA छूट की गणना अभी भी प्राप्त वास्तविक HRA, चुकाया गया किराया (सैलरी का 10%) और सैलरी के 40/50% में से जो भी कम हो, उसी आधार पर होगी।
3. स्टॉक मार्केट के लिए कड़े अनुपालन नियम
शेयर बाजार और डेरिवेटिव ट्रेडिंग (F&O) में लेनदेन करने वालों के लिए अब डेटा सुरक्षा और रिपोर्टिंग के नियम सख्त होंगे:
4. कैपिटल गेन्स और होल्डिंग पीरियड पर स्पष्टता
संपत्ति बेचने पर लगने वाले टैक्स (Capital Gains) की गणना के लिए ‘होल्डिंग पीरियड’ के नियम साफ किए गए हैं। यदि आपने बॉन्ड को शेयर में बदला है, तो समय की गणना मूल बॉन्ड खरीदने की तारीख से होगी। वहीं, IDS 2016 के तहत घोषित अचल संपत्ति के लिए होल्डिंग पीरियड रजिस्टर्ड डीड की तारीख से माना जाएगा।
विशेषज्ञ की राय: सरकार का यह कदम टैक्स सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा निवेश है। हालांकि, इससे टैक्सपेयर्स और कंपनियों के लिए कागजी कार्रवाई (कॉम्प्लायंस) का बोझ थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन इससे नियमों की उलझनें कम होंगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
नई दिल्ली/जमशेदपुर। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में छिड़ी जंग अब सिर्फ मिसाइलों और तेल के कुओं तक सीमित नहीं रह गई है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने अब दुनिया की ‘डिजिटल लाइफलाइन’ पर संकट खड़ा कर दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, समुद्र के नीचे बिछी उन फाइबर ऑप्टिक केबलों पर हमले का खतरा बढ़ गया है, जिनके जरिए पूरी दुनिया का इंटरनेट और बैंकिंग सिस्टम चलता है।

इंटरनेट डेटा के इस महाजाल के लिए दो इलाके सबसे संवेदनशील और खतरे में हैं:
भारत का अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट कनेक्शन इन्हीं समुद्री रास्तों पर टिका है। हॉर्मुज और लाल सागर के रास्ते AEAE-1, फाल्कन, गल्फ ब्रिज इंटरनेशनल और टाटा टीजीएन गल्फ जैसी प्रमुख केबलें गुजरती हैं। अगर इन केबलों को नुकसान पहुँचता है, तो भारत में इंटरनेट की गति और कनेक्टिविटी पूरी तरह चरमरा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन केबलों पर हमले का मतलब सिर्फ स्लो इंटरनेट नहीं, बल्कि एक ‘डिजिटल ब्लैकआउट’ होगा:
दावा किया जा रहा है कि हॉर्मुज के इलाके में समुद्र के अंदर संदिग्ध गतिविधियां बढ़ गई हैं। लाल सागर में 17 और हॉर्मुज में 3 बड़ी केबलें मौजूद हैं, जो एशिया, यूरोप और अफ्रीका को जोड़ती हैं। अगर यहाँ कोई बड़ा विस्फोट या तोड़फोड़ होती है, तो उसे ठीक करने में हफ्तों लग सकते हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को खरबों डॉलर का नुकसान होगा।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
नई दिल्ली/जमशेदपुर। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों का असर अब भारतीय तेल बाजार में भी दिखने लगा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल (Premium Petrol) के दामों में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है।

तेल कंपनियों द्वारा की गई इस बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल की नई दरें इस प्रकार हैं:
तेल कंपनियों के अनुसार, इस मूल्य वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से दो अंतरराष्ट्रीय कारण हैं:
जानकारों का मानना है कि प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि तो केवल शुरुआत है। यदि खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति और बिगड़ती है, तो आने वाले दिनों में साधारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। पिछले कुछ दिनों में रसोई गैस (LPG) की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने पहले ही मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है।
नोट: यह खबर अभी अपडेट की जा रही है। नवीनतम जानकारी के लिए बने रहें ‘तीसरी धारा न्यूज’ के साथ।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
मुंबई/जमशेदपुर। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुक्रवार का दिन करेंसी मार्केट से झटके वाली खबर लेकर आया। घरेलू शेयर बाजारों (सेंसेक्स और निफ्टी) में तेजी के बावजूद, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर गिर गया है। इतिहास में पहली बार रुपया 93 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है।

इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज के मुताबिक, रुपया डॉलर के मुकाबले 92.92 पर खुला और देखते ही देखते 93.08 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को यह 92.89 पर बंद हुआ था। गुरुवार को गुड़ी पड़वा के कारण बाजार बंद थे, लेकिन शुक्रवार को खुलते ही गिरावट का नया रिकॉर्ड बन गया।
विशेषज्ञों और ट्रेजरी हेड अनिल कुमार भंसाली के अनुसार, इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
रुपये की इस गिरावट का सीधा मतलब है कि भारत के लिए आयात (Import) महंगा हो जाएगा, जिससे ‘इंपोर्टेड महंगाई’ बढ़ेगी:
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ही डॉलर बेचकर रुपये को और अधिक गिरने से बचा सकता है। हालांकि, ऊर्जा की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी भारत की आर्थिक वृद्धि (GDP) को प्रभावित कर सकती है और महंगाई दर को बढ़ा सकती है।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
नई दिल्ली / ब्यूरो। मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। सनसनीखेज बात यह है कि धमकी देने वाले शख्स के पास मंत्री का वह गोपनीय आधिकारिक शेड्यूल भी मौजूद है, जो केवल जिला प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों के पास होता है।

जानकारी के अनुसार, यह धमकी जयंत चौधरी के निजी सहायक (PA) विश्वेंद्र शाह को फोन कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए दी गई है। आरोपी ने अपनी पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी “इस्माइल” के रूप में बताई है।
विश्वेंद्र शाह ने बताया कि जब मंत्री जी संसद के लिए निकले थे, तब लगातार तीन-चार कॉल आए। फोन उठाने पर दूसरी तरफ से सीधे गोली मारने की धमकी दी गई। आरोपी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए व्हाट्सएप पर एक फोटो देखने को कहा।
मामला तब और गंभीर हो गया जब व्हाट्सएप पर आए फोटो में जयंत चौधरी के आगरा दौरे का आधिकारिक शेड्यूल पाया गया।
इस गंभीर मामले की शिकायत दिल्ली के तुगलक रोड थाने में दर्ज कराई गई है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस करना शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ‘इस्माइल’ की गिरफ्तारी के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस से भी संपर्क साधा जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गहरी बड़ी साजिश है।
केंद्रीय मंत्री को मिली इस धमकी के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और अलर्ट जारी कर दिया गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और किल्लत के खिलाफ पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र की मोदी सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। साकची स्थित ‘प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर’ के समक्ष जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाली में पाइप लगाकर गैस निकालने और उससे चूल्हा जलाकर चाय-पकौड़े बनाने का प्रतीकात्मक प्रयास किया। जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि नाली की गैस से चूल्हा जल सकता है। आज जब गैस के दाम आसमान छू रहे हैं और आम जनता किल्लत से जूझ रही है, तो हमने उनके इसी ‘फॉर्मूले’ को आजमाने की कोशिश की, जो पूरी तरह मिथ्या साबित हुई।”
संबोधन के दौरान जिला अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि:
सिंह ने आगे कहा कि देश की जनता ने तीन बार पूर्ण समर्थन देकर सरकार बनवाई, लेकिन बदले में उन्हें केवल महंगाई और छल मिला है। अब समय आ गया है कि जनता सजग हो और इस कुव्यवस्था से निजात पाए।
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से प्रदेश महामंत्री विजय खान, कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह, केके शुक्ला, जसवंत सिंह जस्सी, और कार्यालय प्रभारी संजय सिंह आजाद सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
महिलाओं की भागीदारी भी प्रमुख रही, जिसमें नलिनी सिन्हा, सुनीता ओझा, चंद्रावती पाल और अन्य ने बढ़ती रसोई गैस की कीमतों पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज