एक नई सोच, एक नई धारा

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आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट में हादसा, सात मजदूर झुलसे

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

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आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.

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झारखंड : पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुफ्त में होगा लाखों रुपये का बीमा, पढ़ें पूरी खबर

झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)

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जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

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पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।

वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

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जमशेदपुर में देर रात अंधाधुंध फायरिंग: गोलमुरी के देबुन बागान में युवक को लगी गोली, आज कोलकाता में होना था नौकरी का इंटरव्यू

जमशेदपुर:

लौहनगरी जमशेदपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। गोलमुरी थाना क्षेत्र के देबुन बागान चौक के पास रविवार देर रात अचानक हुई अंधाधुंध फायरिंग की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस गैंगवार और आपसी विवाद की गोलीबारी के बीच वहां से गुजर रहा एक निर्दोष राहगीर युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान टाटा लाइन निवासी दीपक झा के रूप में की गई है। अपराधियों द्वारा चलाई गई गोली सीधे दीपक के दाहिने पैर में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। वारदात के तुरंत बाद उसे गंभीर अवस्था में टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ले जाया गया, जहाँ फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।1781514798792

​आज कोलकाता में था इंटरव्यू, मिठाई खरीदने के दौरान हुआ हादसा

​अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे घायल दीपक झा ने घटनाक्रम की रोंगटे खड़े कर देने वाली जानकारी दी। दीपक ने बताया कि वह पहले एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था और सोमवार (आज) को एक नई नौकरी के इंटरव्यू के सिलसिले में उसे कोलकाता जाना था। इंटरव्यू की तैयारियों के बीच रविवार देर रात वह घर से कुछ मिठाई खरीदने के लिए गोलमुरी बाजार की तरफ जा रहा था।

​दीपक अभी देबुन बागान चौक के पास पहुँचा ही था कि वहाँ पहले से मौजूद कुछ युवक आपस में किसी बात को लेकर हिंसक विवाद कर रहे थे। विवाद इतना बढ़ा कि युवकों ने अचानक हथियार निकालकर एक-दूसरे पर फायरिंग शुरू कर दी। दीपक संभल पाता, इससे पहले ही अपराधियों की एक भटकी हुई गोली सीधे उसके पैर में आकर धंस गई।b 1

​घायल ने सूझबूझ से बचाई जान, अपराधियों की तलाश में जुटी पुलिस

​अचानक गोली लगने के बाद भी दीपक ने हिम्मत नहीं हारी और सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत अपने एक परिचित को फोन कर घटनास्थल पर बुलाया। इसके बाद उसे आनन-फानन में इलाज के लिए टीएमएच (TMH) पहुँचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने एक्स-रे और अन्य जरूरी जांच के बाद दीपक के पैर में गोली लगने की आधिकारिक पुष्टि की है और उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।a 2

गोलमुरी पुलिस की कार्रवाई:

इलाके में सरेराह हुई इस फायरिंग की घटना के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही गोलमुरी थाना पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि रात में उत्पाद मचाने वाले और गोलीबारी करने वाले अपराधियों की पहचान की जा सके। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

– तीसरी धारा न्यूज

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तृणमूल के बागी गुट का बड़ा दांव: सुदीप बंदोपाध्याय ने जिस NCPI में विलय की घोषणा की, उसकी बैलेंस शीट में मात्र ₹75; खड़े हुए बड़े कानूनी सवाल

कोलकाता:

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट के प्रमुख नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने पत्रकारों से बात करते हुए एक चौंकाने वाला एलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि उनका पूरा बागी गुट ‘नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी’ में शामिल हो गया है और दोनों धड़ों का विलय हो चुका है।logo

​सुदीप बंदोपाध्याय ने दावा किया कि यह एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय (Regional) पार्टी है। हालांकि, इस घोषणा के तुरंत बाद उन्होंने एक विरोधाभासी बयान भी दिया। बंदोपाध्याय ने कहा कि वे खुद को ही ‘असली तृणमूल’ बताएंगे और असली-नकली का फैसला अदालत के दरवाजे पर होगा। दूसरी ओर, बागी गुट की एक और प्रमुख नेता शताब्दी रॉय के बयानों में भी यही दुविधा साफ दिखी; उन्होंने कहा कि वे तृणमूल के मूल सिंबल (चुनाव चिह्न) पर दावा नहीं करेंगी, लेकिन अंतिम फैसला विधानसभा स्पीकर पर छोड़ती हैं।

​पार्टी का नाम लेने में दिखे असहज, सामने आई बड़ी गड़बड़ी

​प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुदीप बंदोपाध्याय ‘नेशनल‍िस्‍ट स‍िटिजंस पार्टी’ का नाम लेते वक्त काफी असहज दिखे और नाम को लेकर संघर्ष करते नजर आए। उन्होंने इसे ‘मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दल’ बताया, जबकि चुनाव आयोग (ECI) के रिकॉर्ड के मुताबिक, इस नाम की पार्टी पूरी तरह से ‘गैर-मान्यता प्राप्त’ (Unrecognized) श्रेणी में आती है। ऐसी पार्टियों के पास कोई निश्चित और स्थायी चुनाव चिह्न नहीं होता है।b 1

​सबसे दिलचस्प बात यह है कि अभी तक इस कथित मुख्य पार्टी (NCPI) की तरफ से कोई भी पदाधिकारी सामने नहीं आया है। इस संगठन का मुखिया कौन है, इसका वास्तविक ढांचा क्या है और क्या इस पार्टी को इस विलय की भनक भी है या नहीं—इसे लेकर स्थिति पूरी तरह धुंधली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस जल्दबाजी में किए गए विलय के कारण बागी गुट और उन्हें परोक्ष रूप से समर्थन दे रही भाजपा के लिए आगे की राह कानूनी अड़चनों से भरी हो सकती है।

​खोजी पड़ताल: ₹75 के बैलेंस वाली पार्टी बनी बागी गुट की ढाल!

​पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्शनेरल ऑफिसर (CEO) की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद ‘नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) के दस्तावेज़ कई हैरान करने वाले खुलासे करते हैं।

​वित्त वर्ष 2022-2023 की ऑडिट रिपोर्ट और फॉर्म 24A (जो टैक्स छूट के लिए चंदों का ब्योरा होता है) के अनुसार:

  • पंजीकरण और पता: इस पार्टी का रजिस्ट्रेशन 20 जनवरी 2023 को हुआ था और इसका पंजीकृत पता हावड़ा, पश्चिम बंगाल दर्ज है।
  • बैलेंस शीट की हकीकत: 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के बाद इस पूरी राजनीतिक पार्टी के खाते में मात्र 75 रुपये का कैश बैलेंस बचा था।
  • चुनावी इतिहास: पार्टी ने जनवरी 2023 में पंजीकरण कराया और चंदे के जरिए कुल 1,13,075 रुपये जुटाए। इसमें से 10,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस और 49,400 रुपये त्रिपुरा चुनाव फीस में जमा किए गए। पार्टी ने फरवरी 2023 में त्रिपुरा की दो सीटों (चौमानू और कैलाशहर) पर चुनाव भी लड़ा, जहां दोनों उम्मीदवारों (बरजेड़ा और जहांगीर अली) की जमानत जब्त हो गई और उन्हें क्रमशः केवल 536 और 286 वोट मिले।a 2

​कानून की अनदेखी: बिना PAN के लिया कैश डोनेशन, खुद का चंदा और खुद की मुहर

​पार्टी के वित्तीय दस्तावेजों में नियमों के उल्लंघन का एक गंभीर पैटर्न भी दिखाई देता है:

  1. कैश डोनेशन का उल्लंघन: साल 2017 के सरकारी नियमों के मुताबिक कोई भी राजनीतिक दल 2,000 रुपये से ज्यादा का चंदा कैश (नकद) में नहीं ले सकता। लेकिन NCPI ने बकायदा लिखित डिक्लेरेशन दिया है कि उसने अपने सभी चंदे कैश में स्वीकार किए हैं।
  2. PAN कार्ड नदारद: फॉर्म 24A में चंदा देने वाले किसी भी व्यक्ति का पैन (PAN) नंबर दर्ज नहीं है।
  3. हितों का टकराव (Conflict of Interest): फॉर्म 24A पर पार्टी की अध्यक्ष के रूप में ‘शेवली कुंडू’ के हस्ताक्षर हैं। इसी फॉर्म में 8वें नंबर पर चंदा देने वालों में भी उनका ही नाम दर्ज है। इसके अलावा, 7वें नंबर पर चंदा देने वाले बिभूति भूषण साहा हैं, जिन्हें वेरिफिकेशन घोषणा में शेवली कुंडू का पिता बताया गया है। यानी, अध्यक्ष और उनके पिता ने मिलकर पार्टी को 30,000 रुपये का चंदा दिया और अध्यक्ष के नाते उन्होंने खुद ही इसे प्रमाणित कर मुहर लगा दी।

निष्कर्ष:

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस भले ही इस वक्त बगावत के संकट से घिरी नजर आ रही हो, लेकिन बागियों का यह नया ठिकाना खुद कानूनी और प्रक्रियात्मक विवादों के घेरे में है। मात्र 75 रुपये की वित्तीय हैसियत और नियमों के उल्लंघन के आरोपों से घिरी एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी को ढाल बनाकर बागी गुट अपनी विधानसभा सदस्यता बचा पाएगा या नहीं, यह आने वाले दिनों में कोर्ट और विधानसभा अध्यक्ष के फैसले से साफ होगा।

– तीसरी धारा न्यूज

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देश में ईंधन क्रांति: नितिन गडकरी ने E100 ईंधन नियमों को दी हरी झंडी, अब 100% इथेनॉल से दौड़ेंगी गाड़ियां

नई दिल्ली:

भारत को प्रदूषण मुक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में 100 फीसदी इथेनॉल यानी E100 ईंधन के नियमों को औपचारिक रूप से हरी झंडी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद अब भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक अभूतपूर्व क्रांति आने का रास्ता साफ हो गया है। देश की दिग्गज कार और बाइक कंपनियां अब ऐसे इंजन बनाने की तैयारी में पूरी तरह जुट गई हैं, जो बिना एक बूंद पेट्रोल के, सिर्फ और सिर्फ इस स्वदेशी ईंधन पर चलेंगे।

​क्या है यह E100 ईंधन और कैसे बनता है?

​सरल शब्दों में कहें तो E100 एक ऐसा ईंधन है जिसमें 100 फीसदी इथेनॉल होता है और पारंपरिक पेट्रोल की मात्रा शून्य होती है। इथेनॉल एक रिन्यूएबल (नवीकरणीय) ईंधन है, जिसे गन्ने के रस, मक्के, खराब हो चुके अनाज और खेती के बचे-कुचे कचरे से तैयार किया जाता है।b 1

​वर्तमान में भारतीय सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों में 20 फीसदी इथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल के मिश्रण (E20) का इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन E100 इस सफर का अगला और सबसे बड़ा चरण है, जिसे पूरी तरह से शुद्ध इथेनॉल पर चलने वाली गाड़ियों के लिए ही डिजाइन किया गया है।

​विदेशों पर निर्भरता घटेगी, किसानों की चमकेगी किस्मत

​भारत फिलहाल अपनी जरूरत का लगभग 85 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिससे देश का लाखों-करोड़ों रुपया बाहर चला जाता है। E100 के आने से इस विदेशी निर्भरता पर लगाम लगेगी।

​सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इथेनॉल ब्लेंडिंग (मिश्रण) नीति की वजह से अब तक कच्चे तेल के आयात में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर, इस मुहिम से देश के अन्नदाताओं को 80,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हुई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी लंबे समय से इस बात पर जोर दे रहे हैं कि इथेनॉल से न सिर्फ आम जनता के लिए ईंधन सस्ता होगा, बल्कि देश के ग्रामीण अर्थतंत्र और किसानों की जेब भी मजबूत होगी।a 2

​कौन सी गाड़ियां चलेंगी इस नए ईंधन पर?

​E100 ईंधन पर गाड़ियां चलाने के लिए वाहन निर्माता कंपनियों को विशेष रूप से ‘फ्लेक्स-फ्यूल इंजन’ तैयार करने पड़ रहे हैं। इस रेस में ऑटो कंपनियां काफी आगे बढ़ चुकी हैं:

  • कार कंपनियां: मारुति सुजुकी ने अपनी सबसे लोकप्रिय कार ‘वैगनआर’ का फ्लेक्स-फ्यूल प्रोटोटाइप पहले ही प्रदर्शित कर दिया है। इसके अलावा टोयोटा, एमजी (MG) और हुंडई भी अपनी गाड़ियों के फ्लेक्स-फ्यूल वेरिएंट्स पर तेजी से काम कर रही हैं।
  • दोपहिया वाहन: टू-व्हीलर सेगमेंट में हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक्स ‘स्प्लेंडर’ और ‘एचएफ डीलक्स’ के फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन पेश कर दिए हैं। टीवीएस और बजाज जैसी कंपनियां भी इस कतार में शामिल हैं।

​E100 ईंधन: एक नजर में फायदे और चुनौतियां

​इस नए ईंधन के आने से जहां देश को बड़े फायदे होंगे, वहीं कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आएंगी।

​प्रमुख फायदे:

  1. आर्थिक आत्मनिर्भरता: देश में ही ईंधन का उत्पादन होने से कच्चे तेल का भारी-भरकम आयात बिल घटेगा और भारतीय रुपया मजबूत होगा।
  2. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बूस्ट: गन्ना और मक्का उत्पादक किसानों की मांग बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और समृद्धि आएगी।
  3. पर्यावरण को बड़ी राहत: पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल बहुत साफ जलता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन बेहद कम होगा और शहरों को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।

​सामने खड़ी चुनौतियां:

  1. पुरानी गाड़ियों में सपोर्ट नहीं: आम उपभोक्ता आज की तारीख में अपनी पुरानी पेट्रोल कार या बाइक में सीधे E100 नहीं डाल सकते। इथेनॉल का स्वभाव पेट्रोल से अलग होने के कारण यह पुरानी गाड़ियों के फ्यूल पाइप, इंजेक्टर्स और फ्यूल पंप को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके लिए नई फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां ही खरीदनी होंगी।
  2. माइलेज में मामूली कमी: इथेनॉल में पेट्रोल के मुकाबले ऊर्जा घनत्व (Energy Density) कम होता है, जिससे गाड़ियों के माइलेज में थोड़ी गिरावट देखी जा सकती है।
  3. इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: देशभर के पेट्रोल पंपों पर E100 ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अलग स्टोरेज टैंक और डिस्पेंसिंग मशीनें लगाने में थोड़ा वक्त और निवेश लगेगा।

निष्कर्ष:

नितिन गडकरी का यह फैसला देश को ‘हरित भविष्य’ (Green Future) की ओर ले जाने वाला है। हालांकि पुरानी गाड़ियों के लिए सड़कों पर सामान्य पेट्रोल बिकता रहेगा, लेकिन भविष्य पूरी तरह से फ्लेक्स-फ्यूल और E100 ईंधन का होने वाला है।

– तीसरी धारा न्यूज

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मनोरंजन जगत से दुखद खबर: मशहूर टीवी और फिल्म एक्ट्रेस संचिता उगले ने किया सुसाइड, सदमे में इंडस्ट्री

मुंबई: टीवी और फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद ही चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आ रही है। ‘कुमकुम भाग्य’ और ‘वागले की दुनिया’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में अपनी अदाकारी से पहचान बनाने वाली 30 वर्षीय अभिनेत्री संचिता उगले ने आत्महत्या कर ली है। यह घटना रविवार (14 जून) की शाम करीब 6:30 से 7:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। संचिता के अचानक निधन की खबर से पूरी टीवी इंडस्ट्री और उनके प्रशंसक गहरे सदमे में हैं।120374384

​घर में अकेली थीं संचिता, साड़ी से बनाया फंदा

​मिली जानकारी के अनुसार, संचिता उगले मुंबई से सटे नालासोपारा (पूर्व) के आचोले गांव स्थित एक घर में अपने माता-पिता और 15 वर्षीय छोटी बहन अंजलि के साथ रहती थीं। रविवार शाम करीब 5:30 बजे उनकी छोटी बहन किसी काम से घर से बाहर गई हुई थी और माता-पिता भी घर पर मौजूद नहीं थे।

​जब घर पर कोई नहीं था, उसी दौरान संचिता ने अपने बेडरूम में सीलिंग फैन से साड़ी के सहारे फांसी लगा ली। जब परिजन और स्थानीय लोग घर पहुंचे, तो घटना का पता चला। आनन-फानन में उन्हें तत्काल महानगरपालिका के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।b 1

​सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस जांच में जुटी

​आचोले थाना पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में पुलिस को मौके से किसी भी तरह का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसके कारण आत्महत्या की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है।

​पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 194 के तहत आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की हर एंगल से जांच कर रहे हैं और कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों व करीबी दोस्तों से पूछताछ की जा रही है।

​विक्की कौशल की ‘छावा’ और ‘कुमकुम भाग्य’ से मिली थी बड़ी पहचान

​संचिता उगले मनोरंजन जगत का एक उभरता हुआ और जाना-पहचाना चेहरा थीं। उन्होंने टीवी से लेकर बॉलीवुड फिल्मों तक में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया था:

  • टीवी शोज: ‘कुमकुम भाग्य’, ‘वागले की दुनिया’ और ‘साजन घर’ जैसे सुपरहिट शोज में अहम भूमिकाएं निभाईं.

  • फिल्में: विक्की कौशल स्टारर चर्चित फिल्म ‘छावा’ में उन्होंने ‘ताराबाई’ का दमदार किरदार अदा किया था। इसके अलावा फिल्म ‘दिलवाली दूल्हा ले जाएगी’ में भी वे ‘सुकून’ के रोल में नजर आई थीं।

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निधन से कुछ घंटे पहले शेयर की थी रील

संचिता सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं और इंस्टाग्राम पर उनके 1.39 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अपनी मौत से महज कुछ घंटे पहले उन्होंने मुस्कुराते और डांस करते हुए एक वीडियो रील पोस्ट की थी, जिसका कैप्शन था— “मैं नाचूं तू नाचा”। इस हंसते हुए चेहरे के पीछे क्या दर्द छिपा था, अब पुलिस इसी गुत्थी को सुलझाने की कोशिश कर रही है।

 

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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दिलीप महानंद के श्राद्ध कर्म में उमड़ा समाज: कदमा पहुंचकर प्रबुद्ध नागरिकों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

जमशेदपुर: केन्द्रीय युवा मुखी समाज के पूर्व वरिष्ठ महासचिव एवं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व सहायक प्रबंधक दिलीप महानंद के श्राद्ध कर्म के अवसर पर आज पूरा मुखी समाज और शहर के गणमान्य लोग शोकाकुल नजर आए। कदमा उलियान स्थित उनके आवास पर आयोजित श्राद्ध कर्म में समाज के विभिन्न पदाधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने पहुंचकर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।IMG 20260615 WA0013

​एक जुझारू, कर्मठ और शिक्षा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व का हुआ अवसान

​श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मुखी समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष श्रीहरि मुखी ने गहरे शोक व्यक्त करते हुए कहा:

​”दिलीप महानंद के रूप में आज हमने समाज का एक अत्यंत जुझारू, कर्मठशील और जागरूक कार्यकर्ता खो दिया है। समाज हित में उनके द्वारा किए गए कार्यों और उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा, यह कमी हमेशा महसूस होगी।”

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​वहीं, मूलनिवासी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुग्रीव मुखी ने उनके साथ बिताए दिनों को याद करते हुए कहा कि दिलीप जी उनके सहपाठी थे। वे समाज के बच्चों को शिक्षित करने के लिए हमेशा हरसंभव मदद को तैयार रहते थे और सामाजिक जागरूकता फैलाने में सदैव अग्रसर भूमिका निभाते थे।

​मूलवासी कारुवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरूचरण मुखी ने भी उनके सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि वे समाज के विकास कार्यों में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। इस दौरान जमशेदपुर लोकसभा प्रत्याशी आनन्द मुखी ने भी सभा को संबोधित कर दिलीप महानंद के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।a 2

​श्रद्धांजलि सभा में कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित

​स्व. दिलीप महानंद को नमन करने और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने के लिए समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित हुए, जिनमें मुख्य रूप से:

  • ​बुद्धदेव कारूवा, भास्कर मुखी, आनन्द मुखी और राजन मुखी
  • ​लखींद्र कारूवा, संतोष कारूवा, राजकुमार बेहरा और राजू मुखी
  • ​रंजन कारूवा, सुदर्शन मुखी, बुद्धेश्वर मुखी और गोविंद मुखी
  • ​चैतन्य मुखी, राकेश मुखी, नरेश मुखी, रविन्द्र प्रसाद, राजू रजक और सुरेश प्रसाद

​सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग और समाज के गणमान्य नागरिक शामिल थे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

तीसरी धारा न्यूज

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गुरु अर्जन देव जी के शहादत दिवस पर सोनारी में छबील सेवा का सफल आयोजन: श्रद्धालुओं के बीच बंटा मीठा पानी और चने का प्रसाद

जमशेदपुर, 14 जून: सिखों के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जन देव जी के शहादत दिवस के पावन अवसर पर आज सोनारी में श्रद्धा और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। सोनारी समूह साध संगत एवं जोड़ी राइडर्स द्वारा साल 2013 से चली आ रही अपनी गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए, एसबीआई (SBI) बिल्डिंग, कागलनगर (सोनारी) के समीप एक वृहद छबील सेवा का सफल आयोजन किया गया।IMG 20260615 WA0012

​भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजित इस सेवा केंद्र पर राहगीरों और श्रद्धालुओं के बीच ठंडा-मीठा पानी (छबील) एवं चने का प्रसाद पूरी श्रद्धा के साथ वितरित किया गया।

​2013 से अनवरत जारी है सेवा की यह अनूठी परंपरा

​सोनारी समूह साध संगत और जोड़ी राइडर्स की पूरी टीम व समर्पित सेवादारों ने इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई। सुबह से ही सेवादार राहगीरों को रोक-रोककर पूरी आत्मीयता के साथ मीठा जल और प्रसाद ग्रहण कराते नजर आए। स्थानीय नागरिकों ने इस भीषण गर्मी में संस्था द्वारा किए गए इस कार्य की खूब सराहना की।b 1

​”सतगुरु की असीम कृपा से यह सेवा पूरी तरह सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। संस्था पिछले 13 वर्षों (साल 2013) से लगातार इस परंपरा का निर्वहन करती आ रही है और आगे भी गुरु घर के आशीर्वाद से समाज सेवा का यह क्रम इसी तरह जारी रहेगा।”

आयोजक मंडली

 

​केंद्रीय कमेटियों और गुरुद्वारा पदाधिकारियों का मिला विशेष सहयोग

​इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन को सफल बनाने में शहर की प्रमुख सिख संस्थाओं का भी भरपूर सहयोग मिला। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से:

  • सोनारी गुरुद्वारा के अध्यक्ष
  • सीजीपीसी (CGPC) के चेयरमैनa 2

​सहित उनकी पूरी टीम ने विशेष रूप से उपस्थित होकर सेवादारों का हौसला बढ़ाया और इस सामूहिक छबील सेवा में अपना सक्रिय योगदान दिया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने इस सेवा कार्य में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवादारों एवं सहयोगियों का सहृदय आभार व्यक्त किया।

तीसरी धारा न्यूज

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11 वर्षों से लंबित बागबेड़ा वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना को शीघ्र पूर्ण करने की मांग: टाटानगर स्टेशन गोलचक्कर पर एक दिवसीय अनशन

जमशेदपुर: बागबेड़ा एवं आसपास के क्षेत्रों में गहराते पेयजल संकट और पिछले 11 वर्षों से अधूरी पड़ी जलापूर्ति योजना के विरोध में आज जन-आक्रोश फूट पड़ा। ग्राम विकास संघर्ष समिति के बैनर तले, पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव के नेतृत्व में टाटानगर स्टेशन गोलचक्कर पर एक दिवसीय अनशन आयोजित किया गया।IMG 20260615 WA0010

​यह अनशन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। अनशन की समाप्ति के बाद समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त (DC) के आवासीय कार्यालय पहुंचकर एक मांग पत्र सौंपा।

​150 करोड़ खर्च, फिर भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लाखों लोग

​उपायुक्त को सौंपे गए मांग पत्र में समिति ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बागबेड़ा वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना पिछले 11 वर्षों से अधूरी पड़ी है। इस लंबी अवधि के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा कई बार योजना पूर्ण कर जलापूर्ति शुरू करने की समय-सीमा (डेडलाइन) तय की गई, लेकिन हर बार जनता को केवल खोखला आश्वासन ही हाथ लगा।

​”इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होने के बावजूद बागबेड़ा और उसके आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोग आज भी स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में क्षेत्र में पेयजल संकट अब अत्यंत गंभीर रूप ले चुका है, जिससे लोगों का दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।”

किशोर यादव (नेतृत्वकर्ता, पूर्व जिला पार्षद)

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​जून के प्रथम सप्ताह का आश्वासन भी निकला हवा

​समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि गत 22 मार्च को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता श्री सुनील कुमार ने खुद जून के प्रथम सप्ताह से आंशिक जलापूर्ति शुरू करने का लिखित/मौखिक आश्वासन दिया था, लेकिन जून का दूसरा सप्ताह समाप्त होने के बावजूद अब तक जलापूर्ति की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विभाग की इस कार्यशैली से स्थानीय जनता में भारी नाराजगी है।

​15 दिनों का अल्टीमेटम, नहीं तो होगा ‘आमरण अनशन’

​ग्राम विकास संघर्ष समिति ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग को स्पष्ट चेतावनी देते हुए मांग की है कि:

  • ​योजना के सभी शेष तकनीकी और धरातलीय कार्यों को 15 दिनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए
  • ​प्रभावित क्षेत्रों में अविलंब नियमित जलापूर्ति प्रारंभ कराई जाए।

​समिति ने साफ तौर पर कहा कि यदि इस निश्चित समयावधि के भीतर जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो जनहित में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कार्यालय के समक्ष ‘आमरण अनशन’ शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की होगी।a 2

​अनशन में क्षेत्रवासियों की रही भारी उपस्थिति

​इस एक दिवसीय अनशन कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से नीरज सिंह, पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, विकास यादव, सुरेश निषाद, शिवजी सिंह, श्याम किशोर, सुशील कुमार सोहो, कुमुद यादव, संतोष ठाकुर, पिंटू चौबे, पवन ओझा, गोविंद यादव, प्राण राय, धर्मेंद्र चौहान, विष्णु ठाकुर, सचिन पांडेय, अनिल गोस्वामी, कमलेश साह, सचिन पोद्दार, बाहामुनी हेमरम, अजीत सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी और ग्रामीण उपस्थित थे।

तीसरी धारा न्यूज

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सड़क दुर्घटनाओं पर लगेगा लगाम: साकची गोलचक्कर पर NHRA नेशनल प्रेसिडेंट रोशन कुमार गुप्ता के नेतृत्व में बड़ा अभियान, सोशल मीडिया स्टार ‘जमशेदपुर वाला’ और ट्रैफिक सार्जेंट मेजर ने संभाली कमान

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत शहर के सबसे व्यस्ततम और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में से एक, साकची गोलचक्कर (साकची बाजार) के समीप एक वृहद सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विशेष अभियान ‘नेशनल Human Rights Alliance’ (NHRA – जूलूटो फाउंडेशन की एक इकाई) के नेशनल प्रेसिडेंट रोशन कुमार गुप्ता के कुशल नेतृत्व में चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना था।IMG 20260615 WA0007

​ट्रैफिक सार्जेंट मेजर और सोशल मीडिया स्टार ने युवाओं को सिखाया पाठ

​इस जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर ट्रैफिक विभाग के सार्जेंट मेजर अविनाश टुडू शामिल हुए। उन्होंने NHRA संगठन के इस अनूठे प्रयास की खुलकर सराहना की और आम जनता से अपील की कि वे यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें ताकि किसी के घर का चिराग न बुझे।IMG 20260615 WA0001b 1

​वहीं, सोशल मीडिया (फेसबुक व इंस्टाग्राम) पर ‘जमशेदपुर वाला’ (Jamshedpur Wala) के नाम से मशहूर शहर के बेहद लोकप्रिय इन्फ्लुएंसर अंकुश कुमार भी इस अभियान में विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने युवाओं के बीच अपने खास अंदाज़ में पैठ बनाते हुए उनसे जिम्मेदारी से वाहन चलाने और स्टंटबाजी से दूर रहने की अपील की।IMG 20260615 WA0005a 2

​’नियम पालन से सुरक्षित सफर’ के नारों से गूँजा साकची बाजार

​अभियान के दौरान साकची गोलचक्कर से गुजरने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को रोककर हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने और ओवरस्पीडिंग न करने की समझाइश दी गई। NHRA के कार्यकर्ताओं ने हाथों में आकर्षक बैनर और पोस्टर लेकर ‘नियम पालन से सुरक्षित सफर, सतर्क समाज-सुरक्षित परिवार’ का संदेश दिया, जिसे स्थानीय राहगीरों और दुकानदारों ने बेहद सराहा।

​”हमारी संस्था का उद्देश्य केवल मानव अधिकारों की रक्षा करना ही नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़कर लोगों के जीवन को सुरक्षित बनाना भी है। आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए समाज के हर नागरिक का जागरूक होना बेहद जरूरी है।”

रोशन कुमार गुप्ता (राष्ट्रीय अध्यक्ष, NHRA)

 

​कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस बड़े अभियान को सफल बनाने में NHRA के पदाधिकारियों और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

  • रोशन कुमार गुप्ता (नेशनल प्रेसिडेंट, NHRA)
  • अविनाश टुडू (जमशेदपुर ट्रैफिक सार्जेंट मेजर)
  • अंकुश कुमार (सोशल मीडिया स्टार ‘जमशेदपुर वाला’)
  • संस्था के सक्रिय सदस्य व पदाधिकारी: दीपशिखा, हेमंत पाठक, सौम्या मिश्रा, रीतिका कुमारी, ज्योति राय, धर्मेश श्रीवास्तव, अनीक बनर्जी, तुषार सिंह, गुरप्रीत कौर, ईशा दास, सुमन कुमारी, तनीषा देवगम, नवनीत कुमार, अमृत सिंह और अपराजिता रावेरकर।

​इसके साथ ही स्थानीय पुलिस कर्मी एवं बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थे। यह अभियान वर्तमान में पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस तरह के जमीनी प्रयासों से जमशेदपुर की ट्रैफिक व्यवस्था में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

तीसरी धारा न्यूज

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टाटा स्टील क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं का बुरा हाल, सोनारी की जनता मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित: सुधीर कुमार पप्पू

जमशेदपुर।

टाटा स्टील केवल एक नाम नहीं, बल्कि आम जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक रहा है। एक समय था जब देश के अन्य शहरों के लोग भी गर्व से टाटानगर की सड़क, बिजली, पानी और साफ-सफाई की मिसाल देते थे। परंतु, विगत कई वर्षों से टाटा स्टील आम जनता के इस विश्वास को लगातार धूमिल कर रही है। यह बातें जमशेदपुर न्यायालय के अधिवक्ता, राजनीतिक चिंतक एवं सोनारी थाना शांति समिति के सचिव श्री सुधीर कुमार पप्पू ने सोनारी क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ हुई एक बैठक के दौरान कहीं।IMG 20260614 205634

​रविवार को सोनारी क्षेत्र के बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने क्षेत्र की बदहाल नागरिक बुनियादी सुविधाओं को लेकर सुधीर कुमार पप्पू से विस्तृत वार्ता की और अपनी समस्याओं को सामने रखा।

​कचरे का अंबार और जर्जर सड़कें

​बैठक में यह बात सामने आई कि वर्तमान में टाटा स्टील क्षेत्र के अंतर्गत चारों ओर कचरे का अंबार लगा हुआ है। कई प्रमुख सड़कों की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। लोग सड़कों की मरम्मत के लिए टाटा स्टील की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश सड़कों की मरम्मत के नाम पर कई स्थानों पर केवल सड़क को काटने और तोड़ने का कार्य किया जा रहा है। वास्तविक पुनर्निर्माण न होने के कारण आम नागरिकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।b 1

​दावों के विपरीत बिजली-पानी का संकट

  • पानी की किल्लत: 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के दावों के बावजूद, जिन क्षेत्रों में पानी के मीटर लगाए गए हैं, वहां भी लोगों को नियमित रूप से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
  • सड़कों की खुदाई: बिजली विभाग द्वारा जहां भी कार्य किया जाता है, वहां सड़कों को खोदने के बाद उनकी उचित मरम्मत नहीं की जाती।
  • अघोषित रोक से परेशानी: टाटा स्टील द्वारा लगभग एक वर्ष से आम नागरिकों के लिए बिजली, पानी, ड्रेनेज सिस्टम तथा बिजली लोड एवं पावर वृद्धि से संबंधित कार्यों पर रोक लगा दी गई है, जिससे सोनारी क्षेत्र के लोग त्रस्त हैं।

​अधर में लटका सीवरेज-ड्रेनेज का कार्य

​केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत टाटा स्टील द्वारा विगत कई वर्षों से सीवरेज एवं ड्रेनेज व्यवस्था का कार्य कराया जा रहा है, परंतु आज तक इसका कोई संतोषजनक परिणाम नहीं दिखा है। कदमा एवं सोनारी के कई क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाकर कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया है। वर्तमान में उन पाइपों की स्थिति क्या है, यह भगवान भरोसे है।a 2

​क्षेत्र में अधिकांश घरों के सेफ्टी टैंक अभी भी यथावत बने हुए हैं, जिसके कारण मच्छरों, मक्खियों एवं विभिन्न प्रकार के रोगजनक कीटाणुओं का प्रकोप बढ़ गया है, जो सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है।

​उच्चाधिकारियों को कराया जाएगा अवगत

​सुधीर कुमार पप्पू ने नागरिकों को आश्वासन दिया कि इन सभी गंभीर समस्याओं से जमशेदपुर के सांसद, विधायक, उपायुक्त (DC), टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को जल्द ही लिखित रूप से अवगत कराया जाएगा। उनसे अनुरोध किया जाएगा कि वे इस दिशा में त्वरित और आवश्यक कदम उठाएं, ताकि जमशेदपुर शहर को पुनः उसके पुराने गौरव और पहचान तक पहुंचाया जा सके।

– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो

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जमशेदपुर: आरडी टाटा गोलचक्कर के पास सड़क हादसा, ट्रैफिक पुलिस के चेकिंग दावों पर हंगामा, पुलिस ने जारी किया सीसीटीवी फुटेज

जमशेदपुर: गोलमुरी थाना क्षेत्र के आरडी टाटा गोलचक्कर के पास रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन की चपेट में आने से स्कूटी सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।88e69e1a89c0fcd3ecf52cd15998dfa7c2e04dcd5ddf8116541d5e0ea3f2d7c9.0

​इस घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क जाम कर दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि लोगों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को घेर लिया, जिसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को मौके पर तैनात करना पड़ा।b 1

​पुलिस चेकिंग को लेकर आमने-सामने आए लोग और प्रशासन

  • स्थानीय लोगों का आरोप: मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि महिला अपनी स्कूटी से सामान्य रूप से जा रही थी। इसी दौरान वहां वाहन जांच (पुलिस चेकिंग) कर रहे एक पुलिसकर्मी अचानक उसके सामने आ गया। पुलिसकर्मी को अचानक सामने देख महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गई, जिसके बाद पीछे से आ रही पिकअप वैन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।
  • जिला पुलिस ने जारी किया सीसीटीवी फुटेज: हंगामे और विवाद को बढ़ता देख जिला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी किया। पुलिस द्वारा जारी फुटेज में घायल महिला स्कूटी से साकची की ओर से बर्मामाइंस की तरफ जाती हुई दिखाई दे रही है और इसी दौरान वह पिकअप वाहन की चपेट में आ जाती है।a 2

​पुलिस चेकिंग का हादसे से कोई संबंध नहीं: डीएसपी यातायात

​मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी यातायात नीरज पाठक ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा:

​”इस सड़क दुर्घटना का पुलिस के चेकिंग अभियान से कोई लेना-देना नहीं है। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई है, जिससे प्रारंभिक तौर पर यह साफ है कि हादसा सीधे तौर पर पिकअप वाहन की चपेट में आने की वजह से हुआ है। हम लोगों से अपील करते हैं कि बिना पुष्टि के किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस जांच में सहयोग करें।”

 

​फिलहाल पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं व वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

तीसरी धारा न्यूज

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