एक नई सोच, एक नई धारा

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आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट में हादसा, सात मजदूर झुलसे

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

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आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.

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झारखंड : पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुफ्त में होगा लाखों रुपये का बीमा, पढ़ें पूरी खबर

झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)

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जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

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पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।

वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

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झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: महज फेसबुक फ्रेंडशिप और ‘थैंक यू मेरी जान’ का मैसेज अवैध संबंध का सबूत नहीं, निचली अदालत का तलाक का आदेश रद्द

प्रस्तुति: तीसरी धारा न्यूज

रांची/जमशेदपुर | १७ जुलाई, २०२६

जमशेदपुर (विशेष रिपोर्टर)। झारखंड हाई कोर्ट ने वैवाहिक संबंधों और सोशल मीडिया के दौर में डिजिटल संवादों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल फेसबुक पर किसी संदेश के आने या सोशल मीडिया पर दोस्ती होने को ‘अवैध संबंध’ या ‘क्रूरता’ का सबूत नहीं माना जा सकता। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने चाईबासा के पारिवारिक न्यायालय (फैमिली कोर्ट) द्वारा दिए गए तलाक के फैसले को पलटते हुए शादी को बहाल करने का आदेश दिया है।jharkhand high court ranchi

क्या था पूरा मामला और हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

​दरसअल, पत्नी ने चाईबासा पारिवारिक न्यायालय के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उस पर क्रूरता और अवैध संबंधों के आरोप लगाते हुए पति के पक्ष में तलाक की डिक्री दे दी गई थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने कहा:

​”अवैध संबंध का आरोप किसी भी महिला या व्यक्ति पर सामाजिक रूप से बहुत गंभीर कलंक लगाता है। इसलिए, इतने संवेदनशील और गंभीर आरोप को सिर्फ संदेह या अधूरे सबूतों के आधार पर सच नहीं माना जा सकता।”

 

‘थैंक यू मेरी जान’ वाले मैसेज की पूरी सच्चाई

​पारिवारिक न्यायालय ने जिस मुख्य आधार पर तलाक की अनुमति दी थी, उसे हाई कोर्ट ने पूरी तरह गलत ठहराया।

  • केवल सोशल मीडिया मित्र: पत्नी ने अदालत को बताया कि जिस व्यक्ति को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह केवल एक फेसबुक फ्रेंड है और उसकी उससे कभी प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं हुई है।
  • मैसेज पर जताई थी आपत्ति: पत्नी ने स्वीकार किया कि फेसबुक मित्र ने उसे एक बार “थैंक यू मेरी जान” का मैसेज भेजा था, लेकिन उसने तुरंत इस पर कड़ी आपत्ति भी दर्ज कराई थी।
  • हाई कोर्ट का निष्कर्ष: खंडपीठ ने पाया कि बिना किसी व्यक्तिगत मुलाकात या घनिष्ठता के प्रमाण के, महज एक सोशल मीडिया संदेश को अवैध संबंध का आधार मान लेना पारिवारिक न्यायालय की बड़ी भूल थी।b 1

“जेब से १०-२० रुपये निकालना क्रूरता नहीं”

​सुनवाई के दौरान पति ने पत्नी पर क्रूरता का आरोप लगाते हुए यह भी कहा था कि वह उसकी जेब से पैसे चुराती थी। इस पर हाई कोर्ट ने बेहद व्यावहारिक और गंभीर टिप्पणी की:

  • मजबूरी में लिए थे पैसे: पत्नी ने स्वीकार किया कि उसने दो बार पति की जेब से 10-20 रुपये निकाले थे, क्योंकि घर में साग-मुरी (दैनिक राशन) जैसी जरूरी चीजें खरीदने के लिए पैसे उपलब्ध नहीं थे।
  • पति की विफलता उजागर: हाई कोर्ट ने कहा कि भारतीय वैवाहिक जीवन में गृहस्थी चलाने के लिए ऐसी बातें बेहद आम हैं। इसे ‘क्रूरता’ नहीं कहा जा सकता। इसके विपरीत, यह वाकया दर्शाता है कि पति घर की बुनियादी जरूरतों के लिए पैसे मुहैया कराने में विफल रहा था।

कथित प्रेमी को पक्षकार न बनाना भी कोर्ट की बड़ी तकनीकी भूल

​हाई कोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया की खामियों को भी उजागर किया। बेंच ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय ने कथित अवैध संबंध के आरोपी व्यक्ति को इस केस में पक्षकार (पार्टी) बनाए बिना ही फैसला सुना दिया। किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा से जुड़े इतने गंभीर मामले में, उस तीसरे व्यक्ति को बिना सुनवाई का अवसर दिए कोई भी टिप्पणी या फैसला करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।a 2

​इसके अलावा, अदालत ने इस बात को भी दर्ज किया कि जब पत्नी वापस अपने पति के घर रहने गई, तो किराए के घर पर ताला लगा मिला और उसे जबरन अंदर जाने से रोका गया।

चरित्र पर निराधार आरोप लगाना ही सबसे बड़ी क्रूरता

​झारखंड हाई कोर्ट ने अंततः निष्कर्ष निकाला कि पति अपनी पत्नी के खिलाफ क्रूरता के आरोपों को साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। उल्टे, पति द्वारा पत्नी के चरित्र पर लगाए गए ऐसे निराधार आरोप खुद पत्नी के प्रति मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आते हैं। इसी आधार पर माननीय उच्च न्यायालय ने तलाक का फैसला रद्द कर दोनों के विवाह को पुनः बहाल करने का आदेश जारी किया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर: जुगसलाई में टाइगर मोबाइल जवान पर महिला ने लगाया छेड़खानी का आरोप, थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद; जाँच शुरू

प्रस्तुति: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर | १७ जुलाई, २०२६

जमशेदपुर (रिपोर्टर)। जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ तैनात टाइगर मोबाइल के एक पुलिस जवान पर एक महिला ने छेड़खानी का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने इस संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे दबाव बनाने की रणनीति बताया है।9b021399e6480f16cc3c7a2f351068ffba67ae607fb376b1d86b42cf691eeb0f.0

महिला का आरोप: निष्पक्ष जाँच की मांग

​एसएसपी को सौंपे गए शिकायती पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि संबंधित टाइगर मोबाइल जवान ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया और छेड़खानी की वारदात को अंजाम दिया। महिला का कहना है कि वह इस मामले में पूरी तरह न्याय चाहती है और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।b 1

थाना प्रभारी का दावा: पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश

​इस पूरे मामले पर जुगसलाई थाना प्रभारी का रुख बिल्कुल अलग है। उन्होंने महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद, मनगढ़ंत और भ्रामक करार दिया है।

  • ड्रग पेडलिंग से जुड़ा है नाम: थाना प्रभारी के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला कथित तौर पर ड्रग पेडलिंग (नशीले पदार्थों की तस्करी) के मामलों में संलिप्त रही है।
  • पहले से दर्ज हैं कई मामले: पुलिस का दावा है कि महिला के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
  • कार्रवाई से बचने का हथकंडा: थाना प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि पुलिस की लगातार हो रही कानूनी कार्रवाई से बचने और विभाग पर नाजायज दबाव बनाने के उद्देश्य से ही जवान पर इस तरह के झूठे आरोप लगाए गए हैं।a 2

वरीय अधिकारियों के पास पहुँचा मामला, जाँच शुरू

​शिकायत दर्ज होने के बाद मामला अब पुलिस के वरीय अधिकारियों की चौखट पर है। पुलिस प्रशासन ने पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है। उच्च अधिकारियों का कहना है कि:

​”मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।”

 

क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म

​टाइगर मोबाइल जवान पर छेड़खानी के आरोप और पुलिस द्वारा महिला को ड्रग पेडलर बताए जाने के बाद से स्थानीय क्षेत्र में यह मामला भारी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल, सभी की नजरें पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाले अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर: डिमना लेक में दर्दनाक हादसा, नहाने के दौरान डूबने से सोनारी के 20 वर्षीय युवक की मौत; परिवार का इकलौता सहारा था पीयूष

प्रस्तुति: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर | १७ जुलाई, २०२६

जमशेदपुर (रिपोर्टर)। पर्यटन स्थल डिमना लेक में शुक्रवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ नहाने के दौरान डूबने से सोनारी कागलनगर निवासी 20 वर्षीय पीयूष सिंह की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है।67b7df3739258e32b6dd90ca914e319ca1e98a28fbea49bcd2a6f3878f3fc68b.0

पिता के जाने के बाद पीयूष ही था परिवार का एकमात्र सहारा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक पीयूष सिंह एक स्थानीय होटल में शेफ का काम करता था। पीयूष का परिवार पहले से ही काफी संघर्षपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रहा था। लगभग 6 वर्ष पूर्व उसके पिता परिवार को छोड़कर चले गए थे, जिसके बाद से पीयूष ही कड़ी मेहनत कर अपनी माँ और छोटे भाई आयुष का भरण-पोषण कर रहा था। उसकी असमय मौत से माँ और भाई के सिर से रोजी-रोटी का इकलौता साया भी छिन गया है।b 1

भाई के सामने आँखों से ओझल हो गया पीयूष

​घटना के संबंध में जानकारी देते हुए छोटे भाई आयुष ने बताया कि शुक्रवार सुबह दोनों भाई डिमना लेक घूमने आए थे। लेक के किनारे दोनों ने कुछ तस्वीरें खिंचवाईं और फिर नहाने के लिए पानी में उतर गए।

  • गहरे पानी में गया पीयूष: नहाने के दौरान पीयूष अचानक गहरे पानी की ओर चला गया।
  • तैरना नहीं जानता था मृतक: पीयूष को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और तेजी से डूबने लगा।
  • भाई की बेबसी: आयुष ने अपनी आँखों के सामने भाई को डूबता देख उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह असफल रहा।

​इसके बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय बोड़ाम थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद पीयूष का शव डैम से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।a 2

विधायक सरयू राय पहुँचे, ढांढस बंधाया

​”यह बेहद दुखद घटना है। पीड़ित परिवार इस समय गहरे सदमे में है। हम इस कठिन घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं और उन्हें हरसंभव सरकारी व व्यक्तिगत मदद सुनिश्चित कराई जाएगी।”

सरयू राय, स्थानीय विधायक

 

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक सरयू राय तुरंत एमजीएम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित माँ और छोटे भाई से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सांत्वना दी। इधर, पोस्टमार्टम हाउस में मृतक की माँ और भाई की चीख-पुकार से वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं।

पुलिस की आम जनता से अपील

​बोड़ाम थाना पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से पुरजोर अपील की है:

  • ​जलाशयों, तालाबों और डैम में जाते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
  • ​यदि तैरना न आता हो, तो पानी में उतरने की भूल कतई न करें।
  • ​सेल्फी या फोटो खिंचवाने के चक्कर में गहरे पानी या खतरनाक ढलानों पर जाने का जोखिम न उठाएं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर: साकची में टिस्को वाटर टावर के पास मिला अज्ञात शव, जांच में जुटी पुलिस

जमशेदपुर:

लौहनगरी जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शनिवार को साकची स्थित टिस्को वाटर टावर के समीप सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। राहगीरों की नजर जब सड़क किनारे पड़े शव पर पड़ी, तो वहां लोगों की भीड़ जुट गई।b2a7d569ad7e69d718406261d9f9011c5020b338def6d615773724f0d15ecf27.0

राहगीरों की सूचना पर पहुंची साकची पुलिस

​घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय राहगीरों ने तुरंत इसकी जानकारी साकची थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही साकची थाना प्रभारी बल-मुस्तैद के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने तत्काल शव को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पहचान का प्रयास जारी, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

​शुरुआती जांच में मृतक के पास से ऐसा कोई भी सामान या दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसकी पहचान की जा सके। पुलिस घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों, स्थानीय निवासियों और राहगीरों से पूछताछ कर रही है ताकि मृतक की शिनाख्त की जा सके।

​पुलिस ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज (MGM Medical College) भेजने की तैयारी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की तफ्तीश कर रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज।

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डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सरायकेला में की कानून व्यवस्था की समीक्षा, दिए कड़े निर्देश

सरायकेला खरसावां। राज्य में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा शुक्रवार को सरायकेला पहुँचीं। उनके साथ कोल्हान प्रक्षेत्र के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा भी मौजूद रहे। सरायकेला आगमन पर स्थानीय परिसदन (गेस्ट हाउस) में पुलिस अधिकारियों ने डीजीपी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।IMG 20260711 WA0006

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक

​दौरे के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने जिले में विधि व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर विभिन्न संवेदनशील मामलों और सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

​बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:

  • अपराध नियंत्रण: अपराधियों के विरुद्ध सख्त और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश।
  • पुलिस गश्त: सुरक्षा के मद्देनजर जिलों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने पर जोर।
  • खुफिया तंत्र: सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करना।
  • जनता की सुरक्षा: आम नागरिकों की शिकायतों पर बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना।

आधुनिक और सक्रिय पुलिसिंग पर जोर

​बैठक को संबोधित करते हुए डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा:

​”बदलते समय के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सक्रिय और त्वरित बनाना बेहद आवश्यक है। पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति संवेदनशील और अपराधियों के प्रति सख्त होना चाहिए।”

 

बैठक में ये रहे मौजूद

​प्रशासनिक और सुरक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही इस बैठक में सरायकेला के आरक्षी अधीक्षक (एसपी) मनोज सवगिरयरि, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अनुभव भारद्वाज, डीएसपी मुख्यालय सहित जिले के अन्य सभी वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

​जानकारों का मानना है कि डीजीपी के इस दौरे से जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी और पुलिसिंग के स्तर में सुधार आएगा।

– तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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अधिकारियों की घोर लापरवाही: गम्हरिया के सरकारी गोदाम में सड़ गया गरीबों का क्विंटल भर चना दाल, एमओ ने साधी चुप्पी

सरायकेला/गम्हरिया:

सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला गम्हरिया से सामने आया है। जहां एक तरफ पिछले 8 महीनों से गरीब परिवार राशन में दाल मिलने का इंतजार कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के बीच बंटने वाला कई क्विंटल चना दाल सरकारी गोदाम में रखे-रखे सड़ कर बर्बाद हो गया। इस घटना ने प्रखंड आपूर्ति विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।file 00000000cb0c71fa833ecc4fb8c9608c

‘आपूर्ति शून्य’ का रोना रोते रहे अधिकारी, गोदाम में सड़ता रहा अनाज

​हैरानी की बात यह है कि इस प्रखंड में पिछले 8 महीने से कार्डधारियों को राशन में दाल नहीं दी जा रही थी। अधिकारियों द्वारा लगातार यह दलील दी जा रही थी कि ऊपर से ही आपूर्ति शून्य है और बैक लॉग चल रहा है। इस बात की पुष्टि खुद जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा ने भी पत्रकारों के समक्ष की थी। लेकिन इस बयान के ठीक दूसरे ही दिन सच सामने आ गया, जिससे विभाग की पोल खुल गई। गोदाम में क्विंटल भर चना दाल सड़कर पूरी तरह बर्बाद हो चुका है, जिसे समय रहते गरीबों के बीच बांटा ही नहीं गया।

जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही उजागर, MO ने काटा फोन

​उचित रखरखाव की कमी और वितरण में जानबूझकर की गई देरी के कारण गरीबों के हक का निवाला गोदाम में ही सड़ गया। इस महालापरवाही को लेकर जब गम्हरिया की प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (MO) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो वह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। हद तो तब हो गई जब उन्होंने पत्रकारों का फोन तक रिसीव करना उचित नहीं समझा और पूरे मामले पर चुप्पी साध ली।

पहले भी बांटा गया था कीड़े लगा और एक्सपायरी राशन

​गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले दिनों सरायकेला के ग्रामीण इलाकों में PDS के तहत कार्डधारियों के बीच कीड़े लगी और एक्सपायरी डेट वाली चना दाल बांटे जाने का गंभीर मामला सामने आया था, जिसे लेकर जनता में भारी आक्रोश था। अक्सर उचित निगरानी और वितरण व्यवस्था में खामियों के चलते गरीबों को खराब, घुन लगे या एक्सपायर हो चुके पैकेट थमा दिए जाते हैं।

​अब सवाल यह उठता है कि जब जनता दाने-दाने को मोहताज है, तो गरीबों के निवाले को इस तरह गोदाम में सड़ा देने वाली इस घोर लापरवाही का जिम्मेदार आखिर कौन है? क्या ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी, या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

– रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़

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बॉलीबुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में हाईकोर्ट से लगा बड़ा झटका, 3 महीने की सजा बरकरार

मुंबई: मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए उनकी सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अभिनेता को एक बार फिर जेल जाना पड़ेगा।n7191059681783676573339a27e1171cee8b4394a4e3509885476d746b51da3fc01ac4fb87ac6590bc8034b

​फैसला सुनाते हुए अदालत ने राजपाल यादव के कोर्ट में बदलते बयानों और आचरण पर कड़ी नाराजगी जताई। माननीय न्यायालय ने उनके आचरण को ‘संदिग्ध’ करार दिया और संबंधित अधिकारियों को उन्हें दोबारा हिरासत में लेकर जेल भेजने का सख्त निर्देश दिया है।

बदलते बयानों के कारण नहीं मिली राहत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई सजा में किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने इस बात को रेखांकित किया कि मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव लगातार अपने बयान बदलते रहे, जिसके कारण अदालत ने उनके खिलाफ यह कड़ा रुख अपनाया है।

​आपको बता दें कि राजपाल यादव इस चेक बाउंस मामले में अब तक जमानत (बेल) पर बाहर चल रहे थे। लेकिन अब हाईकोर्ट का अंतिम फैसला आने के बाद न सिर्फ उन्हें इस मामले में पूरी तरह दोषी ठहराया गया है, बल्कि उन्हें 3 महीने की जेल की सजा भी काटनी होगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी की छात्राओं ने किया बागबेड़ा के नवाचारों का अध्ययन, सराहा झारखंड का पहला पायलट आरओ प्लांट

जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज): झारखंड सरकार की ‘झारखंड ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम’ के तहत जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी की छात्राओं के एक दल ने बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान छात्राओं ने क्षेत्र में संचालित विभिन्न नवाचारों (Innovations) और विकास कार्यों का गहराई से अध्ययन किया। छात्राओं के इस दल ने विशेष रूप से स्थानीय स्तर पर आजीविका और जल प्रबंधन के क्षेत्र में हो रहे बदलावों को देखा, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी विकास के लिए एक मिसाल बन रहे हैं।IMG 20260709 WA0013

​झारखंड के पहले पायलट आरओ प्लांट का निरीक्षण

​अध्ययन दौरे के दौरान छात्राओं ने कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर-3 स्थित कम्युनिटी सेंटर के समीप स्थापित झारखंड के पहले पायलट आरओ (RO) प्लांट का बारीकी से निरीक्षण किया। छात्राओं को बताया गया कि यह अनूठा प्लांट पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता की अनुशंसा और उनके फंड से लगभग 7.30 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है।

​इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शी और आत्मनिर्भर व्यवस्था है:

  • आई-कार्ड आधारित व्यवस्था: स्थानीय निवासियों को आई-कार्ड (I-Card) जारी किए गए हैं।
  • सस्ती दर पर शुद्ध जल: मात्र 5 रुपये के मामूली शुल्क पर लोगों को 20 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाता है।
  • आत्मनिर्भर मॉडल: इस मामूली शुल्क से ही प्लांट का बिजली बिल, ऑपरेटर की मजदूरी और रखरखाव (Maintenance) का खर्च निकाला जाता है, जिससे यह मॉडल पूरी तरह आत्मनिर्भर है।

​स्थानीय आजीविका और बागवानी का भी लिया जायजा

​आरओ प्लांट के अलावा विमेंस यूनिवर्सिटी की छात्राओं ने गांधीनगर बस्ती का भी रुख किया, जहाँ उन्होंने स्थानीय स्तर पर किए जा रहे बागवानी (सब्जी और पौधों की खेती) कार्यों को देखा। इसके बाद टीम जगदीशपुर रोड के समीप पहुँची, जहाँ कुम्हार समुदाय द्वारा पारंपरिक और आधुनिक तरीके से निर्मित किए जा रहे मिट्टी के उत्पादों और उनकी आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया गया।IMG 20260709 WA0014

​सरकार के पोर्टल पर जमा होगी रिपोर्ट: राजश्री दास

​इंटर्नशिप टीम की सदस्य और छात्रा राजश्री दास ने बताया कि उनकी चार सदस्यीय टीम ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी), डिजिटल जल प्रबंधन और अन्य स्थानीय नवाचारों से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा और जानकारियां संकलित कर रही है। इस अध्ययन के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे झारखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा ताकि अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे मॉडल लागू किए जा सकें।

​इस शैक्षणिक व शोध कार्यक्रम के दौरान पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता और वार्ड सदस्य उमेश पाण्डे ने छात्राओं को पंचायत क्षेत्र में चल रही विभिन्न जनहित योजनाओं की तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी। इस मौके पर मुख्य रूप से छात्रा राजश्री दास, सुचित्रा मलिक, अंजली कुमारी, प्रीति पाल के साथ समाजसेवी मिथिलेश सिंह, शुभम और कई स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

– तीसरी धारा न्यूज

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सड़क हादसा: जमशेदपुर के मरीन ड्राइव डोबो के पास ट्रेलर की टक्कर से बाइक सवार गंभीर रूप से घायल

जमशेदपुर: मरीन ड्राइव स्थित डोबो के समीप गुरुवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना में बाइक सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रेलर ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से जख्मी हो गया।IMG 20260709 125031

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तत्परता दिखाते हुए घायल व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है।IMG 20260709 WA0004

​हादसे के बाद कुछ समय के लिए घटना स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल फरार ट्रेलर चालक की तलाश और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रिपोर्ट: आलोक गिरी

तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर में अपराधियों के बुलंद हौसले, चापड़-चाकू और गोलियों की गूंज से खौफ में आम जनता: पुलिस की पैट्रोलिंग पर उठे गंभीर सवाल

जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज): लौहनगरी जमशेदपुर में इन दिनों अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि आम शहरी खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है। शहर में आए दिन राह चलते अपराधी बड़ी-बड़ी वारदातों को अंजाम देकर आसानी से निकल जा रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि कानून तोड़ने वालों के मन से पुलिस प्रशासन का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। कभी चापड़, कभी चाकूबाजी तो कभी सरेआम गोलियां चलना अब शहर में आम बात होती जा रही है। हालात को देखकर ऐसा लगने लगा है कि मानो यह शांत शहर अब अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह बनता जा रहा है।file 00000000ed047208873d75c658e7badd

​सरकार और जमशेदपुर पुलिस प्रशासन पर जनता का फूटा गुस्सा

​अपराध के बढ़ते ग्राफ को लेकर अब आम जनमानस का धैर्य जवाब देने लगा है। शहर की जनता सीधे तौर पर राज्य सरकार और जमशेदपुर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रही है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आधुनिक संसाधनों के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव क्यों नहीं दिख रहा है।

​नई गाड़ियाँ मिलने के बाद भी पैट्रोलिंग भगवान भरोसे: आम जनमानस

​जनता का स्पष्ट आरोप है कि पुलिस की पैट्रोलिंग पार्टी अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही तरीके से नहीं कर रही है। लोगों का कहना है:

“प्रशासन को क्षेत्र में मुस्तैदी बढ़ाने के लिए नई-नई गाड़ियाँ और अत्याधुनिक संसाधन मुहैया कराए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर पुलिस की सक्रियता न के बराबर है। प्रशासन का यह ढीला रवैया ही अपराधियों को शह दे रहा है।”

 

​शहरी इलाकों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक में रात के समय गश्त की भारी कमी देखी जा रही है, जिसका सीधा फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं।

​सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग

​जमशेदपुर की जनता अब पुलिस के आला अधिकारियों से केवल आश्वासनों की उम्मीद नहीं, बल्कि धरातल पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है। अगर समय रहते पैट्रोलिंग व्यवस्था को चाक-चौबंद नहीं किया गया और अपराधियों के खिलाफ कोई कड़ा अभियान नहीं चलाया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

– तीसरी धारा न्यूज

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