एक नई सोच, एक नई धारा

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आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट में हादसा, सात मजदूर झुलसे

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

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आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.

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झारखंड : पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुफ्त में होगा लाखों रुपये का बीमा, पढ़ें पूरी खबर

झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)

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जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

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पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।

वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

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टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का इस्तीफा, फरवरी 2027 में पूरा करेंगे अपना कार्यकाल

तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर | 12 अगस्त 2026

​टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे और इसके बाद दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। चंद्रशेखरन का यह लगभग एक दशक लंबा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होगा।n72299024617865166033710ba1bb458f072ff54f824744f3b7925cfe811255b9154cdfdc3e94567aa9bcf6

​अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप को एयरलाइंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और डिजिटल कारोबार वाले आधुनिक ग्रुप में बदल दिया।

बोर्ड को दी फैसले की जानकारी

​मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, 63 वर्षीय चंद्रशेखरन ने टाटा संस के बोर्ड को अपने निर्णय के बारे में बता दिया है। वह चेयरमैन के तौर पर फरवरी 2027 तक अपने कार्यकाल के आधिकारिक रूप से खत्म होने तक पद पर बने रहेंगे।b 1

अनिश्चितता के बीच आया फैसला

​चंद्रशेखरन के जाने का असर पूरे ग्रुप पर पड़ेगा। वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स समेत कई अन्य टाटा कंपनियों के भी चेयरमैन हैं। साल 2017 में टाटा संस को संभालने के बाद से ग्रुप के बिजनेस विस्तार में उनकी अहम भूमिका रही है।

​उनका यह फैसला 18 अगस्त की मीटिंग और टाटा ट्रस्ट्स (जिसके पास टाटा संस की लगभग 66% हिस्सेदारी है) के वोटिंग रुख को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच आया है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा को चंद्रशेखरन के पद पर बने रहने के पक्ष में नहीं देखा जा रहा था।

सर रतन टाटा ट्रस्ट पर फैसलों की रोक

​टाटा संस के प्रमुख शेयरहोल्डर्स में से एक, सर रतन टाटा ट्रस्ट को फिलहाल महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने जांच लंबित रहने तक जरूरी फैसले लेने से रोक दिया है। टाटा संस के ‘आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन’ के तहत, सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट द्वारा मिलकर नामित किए गए ट्रस्टी ही AGM में वोट करने के लिए अधिकृत हैं।a 2

​नोएल टाटा, डेरियस खंबाटा और जहांगीर जहांगीर समेत सर रतन टाटा ट्रस्ट के कुछ ट्रस्टियों ने चैरिटी कमिश्नर से मीटिंग में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी है, जबकि विजय सिंह और वेणु श्रीनिवासन ने इस अनुरोध पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस अनिश्चितता से एक विवादित वोट की संभावना बढ़ गई थी, जिससे चंद्रशेखरन की चेयरमैनशिप पर असर पड़ सकता था। इसी प्रक्रिया के पूरा होने से पहले ही उन्होंने पद छोड़ने का फैसला कर लिया।

चंद्रशेखरन के दौर में वित्तीय मजबूती

​चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा ग्रुप के वित्तीय आंकड़ों में बड़ा उछाल देखने को मिला:

  • कुल रेवेन्यू: वित्त वर्ष 2020 (FY20) के ₹7.89 लाख करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 (FY26) में ₹16.24 लाख करोड़ हो गया।
  • शुद्ध लाभ (PAT): टैक्स के बाद प्रॉफिट पांच गुना से अधिक बढ़कर ₹32,000 करोड़ से ₹1.71 लाख करोड़ पहुंच गया।
  • मार्केट कैप: टाटा की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन FY20 में ₹9.31 लाख करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹24.39 लाख करोड़ हो गया (हालांकि FY25 में यह ₹27.85 लाख करोड़ के स्तर पर था)।

तीसरी धारा न्यूज

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झारखंड सरकार के खिलाफ भाजपा परसुडीह मंडल का जोरदार विरोध, बंदी रही असरदार

तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर | 11 अगस्त 2026

छात्रों पर लाठीचार्ज और पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता

​झारखंड सरकार की छात्र विरोधी कार्यशैली, युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और JSSC व JPSC जैसी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ भाजपा परसुडीह मंडल द्वारा आयोजित बंद का व्यापक असर देखने को मिला। मंगलवार सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और क्षेत्र के बाजारों में घूम-घूमकर दुकानदारों एवं व्यवसायियों से शांतिपूर्ण समर्थन की अपील की। आम नागरिकों और व्यापारियों के सहयोग से क्षेत्र में बंदी पूरी तरह असरदार रही।IMG 20260811 WA0029

लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है छात्रों पर लाठीचार्ज: सुमित शर्मा

​भाजपा परसुडीह मंडल अध्यक्ष सुमित कुमार शर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस सरकार को युवाओं और छात्रों की मांगें सुननी चाहिए, वही उनकी आवाज को लाठियों के बल पर दबा रही है। उन्होंने कहा कि JSSC और JPSC जैसी राज्य स्तरीय परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। दिन-रात मेहनत करने वाले युवाओं का पूरी व्यवस्था से विश्वास उठ चुका है। सरकार को बयानबाजी छोड़कर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।IMG 20260811 WA0033b 1

सड़क से सदन तक जारी रहेगा आंदोलन

​सुमित शर्मा ने स्पष्ट किया कि भाजपा छात्रों और युवाओं के हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी। जनता की आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से सदन तक पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परसुडीह की सफल बंदी ने यह साबित कर दिया है कि आम जनता और व्यापारी वर्ग वर्तमान सरकार की नीतियों से पूरी तरह असंतुष्ट हैं।IMG 20260811 WA0031a 2

सैकड़ों कार्यकर्ताओं की रही सक्रिय मौजूदगी

​कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष ने बंदी को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के व्यवसायियों, युवाओं और आम नागरिकों का आभार जताया। इस विरोध प्रदर्शन एवं बंदी अभियान में मुख्य रूप से विजय विश्वकर्मा, अशोक सिंहा, गिरजा दुबे, आरती ओझा, दीपक वर्णवाल, दुर्गा सेनापति, दीपक करवा, संजीव कुमार ठाकुर, कपिल शर्मा, दुलाल राय, बच्चू चक्रवर्ती, गोविंदो कर्मकार, पप्पू चक्रवर्ती सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल रहे।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर

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बेअसर रहा भाजपा का ‘झारखंड बंद’, जमशेदपुर में खुली रहीं दुकानें: सिमरन भाटिया

​🔥 तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर | 11 अगस्त 2026

​शहर में सामान्य रहा जनजीवन, खुले रहे सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान

जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आहूत ‘झारखंड बंद’ का जमशेदपुर में कोई खास असर देखने को नहीं मिला। सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में आम जनजीवन पूरी तरह से सामान्य बना रहा। रोजमर्रा की तरह ही शहर की तमाम दुकानें, मुख्य बाजार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और छोटे-बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान बिना किसी बाधा के खुले रहे।IMG 20260811 WA0021

​सड़कों पर सामान्य रूप से दौड़ते दिखे वाहन, बंद का असर बेअसर

​शहर के प्रमुख क्षेत्रों साकची, बिष्टुपुर, गोलमुरी और मानगो में सुबह से ही चहल-पहल देखी गई। सड़कों पर व्यावसायिक और निजी वाहनों का आवागमन सामान्य दिनों की भांति जारी रहा। स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों ने भी अपने-अपने प्रतिष्ठान खोलकर रोजाना का कारोबार जारी रखा, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि इस बंद का जमशेदपुर के जनजीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।

​जनता ने विपक्ष के बंद के आह्वान को पूरी तरह से नकारा: सिमरन भाटिया

​झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के युवा नेता सिमरन भाटिया ने इस स्थिति पर अपना बयान जारी करते हुए भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य और जमशेदपुर की समझदार जनता ने भाजपा के बंद के आह्वान को पूरी तरह से नकार दिया है। जनता अब विपक्ष के ऐसे हथकंडों के झांसे में आने वाली नहीं है।b 1

​शांति और विकास चाहती है जमशेदपुर की जनता

​झामुमो नेता ने आगे कहा कि जमशेदपुर के व्यापारी, उद्यमी और आम नागरिक शहर में केवल शांति, सौहार्द और निरंतर विकास चाहते हैं। शहर की दुकानों और बाजारों का सामान्य रूप से खुला रहना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि राज्य की जनता को वर्तमान सरकार की नीतियों और नेतृत्व पर पूरा विश्वास है।a 2

​अनर्गल राजनीति के बहकावे में नहीं आएगी राज्य की जनता

​अपने बयान के अंत में सिमरन भाटिया ने कहा कि विपक्ष केवल अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए इस प्रकार के बंद का आयोजन कर रहा है, जिससे आम जनता को परेशानी हो। लेकिन जमशेदपुर की जनता ने दुकानें खोलकर यह संदेश दे दिया है कि वे विपक्ष की अनर्गल राजनीति और बहकावे में आने वाले नहीं हैं।

​📰 तीसरी धारा न्यूज

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युवा आंदोलन, लाठीचार्ज और लोकतंत्र के सवाल: क्या छात्र संवाद से दूर हो गए हैं?

​🔥 तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर | 11 अगस्त 2026

​JPSC-JSSC आंदोलन और पुलिसिया बल प्रयोग

जमशेदपुर: झारखंड की राजनीति में इन दिनों सबसे बेचैन करने वाली तस्वीर राजधानी रांची में विधानसभा के बाहर दिखाई दी, जहां JPSC और JSSC परीक्षाओं की पारदर्शिता तथा रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों छात्रों पर पुलिस को वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठियों का प्रयोग करना पड़ा। 10 अगस्त को 17 दिनों से चले आ रहे छात्र आंदोलन ने विधानसभा घेराव के दौरान हिंसक रूप ले लिया। बैरिकेडिंग तोड़ने और पथराव के बीच हुए लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हुए हैं, वहीं पुलिसकर्मी भी मूकदर्शक बनने के बजाय बल प्रयोग करते नजर आए।1786443661560

​मुख्यमंत्री का संदेश बनाम जमीनी हकीकत

​घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने एक तरफ स्थिति संभालने के लिए पुलिस-प्रशासन को धन्यवाद दिया, वहीं दूसरी तरफ छात्रों की मांगों के प्रति संवेदनशीलता और संवाद की बात दोहराई। हालांकि, इस दोहरे रवैये पर सवाल उठ रहे हैं कि यदि सरकार सचमुच युवाओं की आवाज सुनने के प्रति गंभीर है, तो 17 दिनों तक चले शांत आंदोलन के बाद भी सीधे संवाद के बजाय सड़कों पर लाठियां क्यों खड़ी की गईं।b 1

​सरयू राय की सलाह और राजनीतिक सरगर्मी

​जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को कूटनीतिक रास्तों और मध्यस्थों को छोड़कर सीधे छात्रों के बीच जाकर उनकी विधिसम्मत मांगों को स्वीकार करने की सलाह दी है। उन्होंने इस आंदोलन को प्रशासनिक ढिलाई और व्यवस्थागत भ्रष्टाचार की झलक करार दिया। वहीं, केंद्र में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा भी पुलिसिया कार्रवाई की आलोचना किए जाने से गठबंधन सरकार पर प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव काफी बढ़ गया है।a 2

​अविश्वास का चक्र और समाधान की दरकार

​परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठे सवालों ने युवाओं के मन में अविश्वास का गहरा चक्र बना दिया है। जानकार मानते हैं कि लाठियों के दम पर आंदोलन को भले ही अस्थायी रूप से दबाया जा सकता है, लेकिन युवाओं के मन से अविश्वास को मिटाने के लिए सरकार को राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर सीधी बातचीत, निष्पक्ष जांच और ठोस फैसलों का रास्ता अपनाना होगा।

​📰 तीसरी धारा न्यूज

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एडीसी पर अपमान का आरोप: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने किया डीसी ऑफिस का घेराव, रास्ता पूरी तरह बंद

​🔥 तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर | 11 अगस्त 2026

​एडीसी पर लगा अपमान का आरोप, गेट बंद

जमशेदपुर: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, पूर्वी सिंहभूम ने जिला मुख्यालय (डीसी ऑफिस) पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य गेट और आवाजाही के रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि जिले के एडीसी (अपर उपायुक्त) द्वारा झारखंड आंदोलनकारियों को लगातार अपमानित किया जा रहा है, जिसके विरोध में उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।IMG 20260811 153444

​यातायात व्यवस्था ठप, केवल एंबुलेंस को छूट

​मोर्चा के इस घेराव और सड़क जाम के कारण क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। आंदोलनकारियों ने सभी आम व प्रशासनिक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है, हालांकि आपातकालीन स्थिति को देखते हुए केवल एंबुलेंस को ही निकलने का रास्ता दिया जा रहा है। अन्य सभी वाहनों को जुबली पार्क गोलचक्कर से डायवर्ट कर वैकल्पिक मार्गों की ओर भेजा जा रहा है।b 1

​पुलिस बनी मूकदर्शक, विरोध जारी रखने का ऐलान

​घटनास्थल पर बनी विषम परिस्थिति को संभालने के लिए पुलिसकर्मी मौजूद जरूर हैं, लेकिन फिलहाल वे मूकदर्शक बने हुए हैं। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक आंदोलनकारियों के स्वाभिमान की रक्षा नहीं होती और संबंधित अधिकारी के रवैये पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका यह विरोध जारी रहेगा।a 2

​📰 तीसरी धारा न्यूज

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साकची के डालडा लाइन में AC का कॉपर वायर काटते रंगे हाथ पकड़ाया चोर, व्यापारियों ने धुनाई के बाद पुलिस को सौंपा

तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर | 11 अगस्त 2026

​जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र स्थित डालडा लाइन में पिछले करीब दो महीने से लगातार हो रही AC के कॉपर वायर चोरी की घटनाओं से व्यापारी बेहद परेशान थे। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, चोरी की इन वारदातों की सूचना पहले भी थाना पुलिस को दी गई थी, लेकिन घटनाओं पर कोई प्रभावी रोक नहीं लग सकी थी। लगातार हो रहे आर्थिक नुकसान को देखते हुए कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर CCTV कैमरे लगवाए थे।e86c134498dc77c3b4f9b688f39fa9ab6d30c006bbd59ab3266197df15cfb31c.0

CCTV में कैद हुई चोरी की वारदात

​मंगलवार की अहले सुबह एक युवक दुकान के बाहर लगे AC का कॉपर वायर काटकर ले जाने की कोशिश कर रहा था। उसकी यह करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। चोरी गए कॉपर वायर की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 5,000 से 7,000 रुपये बताई जा रही है। फुटेज के आधार पर स्थानीय व्यापारियों ने युवक की पहचान कर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।b 1

पिटाई के बाद पुलिस के हवाले

​युवक को पकड़े जाने के बाद आक्रोशित व्यापारियों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी और घटना की जानकारी तुरंत साकची थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।a 2

व्यापारियों में आक्रोश, गश्त बढ़ाने की मांग

​लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर डालडा लाइन के व्यापारियों में गहरा रोष व्याप्त है। कारोबारियों का कहना है कि बार-बार कॉपर वायर चोरी होने से उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

तीसरी धारा न्यूज

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रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ बीजेपी का झारखंड बंद, जमशेदपुर में दिखा मिला-जुला असर

तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर | 11 अगस्त 2026

​रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से आहुत ‘झारखंड बंद’ का जमशेदपुर में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। सुबह से ही शहर के विभिन्न मंडलों में बीजेपी नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने की अपील करते नजर आए।IMG 20260811 111848

सुबह 8 बजे से ही सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

​सुबह 8:00 बजे से ही बीजेपी कार्यकर्ता हाथों में झंडे-बैनर लेकर शहर के प्रमुख बाजारों और सड़कों पर निकल गए थे। हालांकि, सुबह 11:00 बजे तक बंद का कोई व्यापक प्रभाव देखने को नहीं मिला है। अधिकतर इलाकों में स्थिति सामान्य बनी हुई है और लोग रोजमर्रा के काम के लिए बिना किसी रुकावट के निकल रहे हैं।b 1

स्कूल और मेडिकल सेवाएं बंद से मुक्त

​आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने स्कूल, कॉलेज और मेडिकल दुकानों सहित सभी आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा है। सड़कों पर ऑटो, बस और अन्य यात्री वाहन सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।a 2

​शहर के कुछ क्षेत्रों में बंद का आंशिक असर जरूर दिखाई दिया है, लेकिन कुल मिलाकर पूरे जमशेदपुर में जनजीवन सामान्य ढर्रे पर चल रहा है। पुलिस-प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है।

तीसरी धारा न्यूज

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JPSC-JSSC आंदोलन: 9 दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी, ऑक्सीजन सपोर्ट पर; पुलिस झड़प में कई छात्र घायल

रांची (तीसरी धारा न्यूज), 11 अगस्त 2026:

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ चल रहा आंदोलन और उग्र हो गया है। सोमवार को हुए विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की और झड़प के बाद पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र व JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो की हालत गंभीर हो गई है। उन्हें रांची सदर अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।file 00000000643c81f785bd2379f896fe6f

​कपड़े और डंडे की पालकी से पहुंचे थे विधानसभा

​अनशन के कारण देवेंद्र नाथ महतो का स्वास्थ्य पहले से ही नाजुक बना हुआ था। इसके बावजूद समर्थक उन्हें एंबुलेंस से आंदोलन स्थल लेकर पहुंचे।

  • जगन्नाथपुर मंदिर के पास रोका: प्रशासन द्वारा एंबुलेंस को जगन्नाथपुर मंदिर के पास रोके जाने पर समर्थकों ने हिम्मत नहीं हारी और कपड़े व डंडों से देसी पालकी बनाकर उन्हें विधानसभा गेट तक पहुंचाया।
  • बातचीत के दौरान बढ़ा विवाद: शाम को जब प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता चल रही थी, तभी किसी बात को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया। छात्रों ने सड़क से हटने से मना कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।b 1

​धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज: कई छात्र व एक पुलिसकर्मी घायल

​सड़क खाली कराने के प्रयास के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई।

  • लाठीचार्ज का आरोप: आंदोलनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने अचानक बल प्रयोग और लाठीचार्ज कर दिया, जिससे अफरातफरी मच गई। हालांकि, प्रशासन की तरफ से लाठीचार्ज की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
  • अस्पताल में भर्ती: घटना में देवेंद्र नाथ महतो सहित कई अभ्यर्थियों और एक पुलिसकर्मी को चोटें आईं। जम्मू की छात्रा रीना जसलुटिया भी घायल हुईं, जिन्हें पारस अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

​सदर अस्पताल में डॉक्टरों की टीम मुस्तैद, परिसर में पुलिस बल तैनात

​देवेंद्र नाथ महतो और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल छात्रों को रांची सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है।

  • स्वास्थ्य स्थिति: डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद देवेंद्र महतो को तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल किसी गंभीर अंदरूनी चोट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन 9 दिनों के अनशन के कारण शरीर बेहद कमजोर है।
  • अधिकारियों ने लिया जायजा: सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद और अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. विमलेश सिंह ने इमरजेंसी पहुंचकर घायलों के इलाज का जायजा लिया।
  • सुरक्षा सख्त: घटना की खबर मिलते ही समर्थकों की भारी भीड़ अस्पताल परिसर में जुटने लगी, जिसके बाद एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।a 2

​पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग पर अड़े छात्र

​छात्रों का यह आंदोलन राज्य में JPSC और JSSC परीक्षाओं में हो रही कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के विरोध में जारी है। अभ्यर्थी पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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JPSC-JSSC भर्ती धांधली: विधानसभा के गेट नंबर-1 तक पहुंचे छात्र, देर रात बारिश के बीच पुलिस लाठीचार्ज, राजनीति गरमाई

रांची (तीसरी धारा न्यूज), 11 अगस्त 2026:

झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन उग्र रूप ले चुका है। सोमवार को हजारों अभ्यर्थियों ने ‘विधानसभा घेराव’ मार्च निकाला। पुलिस बल और तीन स्तरीय बैरिकेडिंग को दरकिनार करते हुए प्रदर्शनकारी छात्र इतिहास में पहली बार झारखंड विधानसभा के गेट नंबर-1 तक पहुंचने में कामयाब रहे।n72284497317864222182637300919c6f1e9a6770aef0a566c2c178b3d057c2b0ecf6a7b982ee18b7038bed

​दिनभर संयम, रात ढलते ही बदला माहौल

​सुबह से ही आंदोलनकारी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। पुलिस ने शुरुआती चरण में छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया। हालांकि, जैसे ही शाम ढली और बारिश शुरू हुई, पुलिस प्रशासन की ओर से कार्रवाई तेज कर दी गई।

​मौके पर अचानक अफरातफरी मच गई और पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।b 1

​छात्राओं पर भी कार्रवाई का आरोप, भारी तनाव

​आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि रात के अंधेरे और बारिश के बीच पुलिस ने बर्बरता की हदें पार कर दीं।

  • छात्राओं से मारपीट: छात्रों का दावा है कि प्रदर्शन में शामिल छात्राओं को भी नहीं बख्शा गया और उनके साथ भी हाथापाई व लाठीचार्ज किया गया।
  • दौड़ा-दौड़ाकर खदेड़ा: पुलिसकर्मियों ने लाठियां भांजकर अभ्यर्थियों को विधानसभा गेट परिसर से बाहर खदेड़ दिया।
  • स्थल पर तनाव: इस कार्रवाई के बाद देर रात तक विधानसभा के आसपास का इलाका छावनी में तब्दील रहा और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।a 2

​निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी, हेमंत सोरेन और रांची DC को घेरा

​घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बैक-टू-बैक कई पोस्ट कर सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

  1. राहुल गांधी और हेमंत सोरेन पर हमला: सांसद ने आरोप लगाया कि युवाओं के रोजगार और न्याय के वादे करने वाली गठबंधन सरकार अपने ही राज्य के छात्रों पर लाठियां बरसा रही है।
  2. रांची DC पर निशाना: उन्होंने रांची के उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को तानाशाही करार दिया।
  3. पारदर्शिता की मांग: उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तो सरकार संवाद करने के बजाय बल प्रयोग क्यों कर रही है?

​क्या हैं आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगे?

​झारखंड के विभिन्न जिलों से आए हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से इस आंदोलन में शामिल हैं। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  • ​JPSC और JSSC की हालिया विवादित भर्ती परीक्षाओं को तत्काल रद्द करना।
  • ​भर्ती प्रक्रिया में हुए कथित भ्रष्टाचार और धांधली की सीबीआई (CBI) या निष्पक्ष एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच।
  • ​पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करना और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करना।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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JPSC-JSSC मुद्दे पर बीजेपी का झारखंड बंद आज: रांची में 3000 जवान तैनात, कंट्रोल रूम से रखी जा रही नजर

तीसरी धारा न्यूज | रांची | 11 अगस्त 2026

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनिमियताओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। बंद को देखते हुए राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और रांची पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।IMG 20260811 071521

​पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के संवेदनशील इलाकों और मुख्य चौक-चौराहों पर करीब 3000 जवानों की तैनाती की है। किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने और गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।b 1

​गौरतलब है कि 10 अगस्त को JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा मार्च का प्रयास किया था, जिसे रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। इसी घटनाक्रम के विरोध में और बीजेपी नेताओं (नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी व अन्य विधायकों) को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ पार्टी ने यह बंद बुलाया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को बहाल रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।a 2

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