एक नई सोच, एक नई धारा

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आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट में हादसा, सात मजदूर झुलसे

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

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आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.

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झारखंड : पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुफ्त में होगा लाखों रुपये का बीमा, पढ़ें पूरी खबर

झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)

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जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

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पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।

वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

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1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा: विदेश मंत्रालय ने बढ़ाई फीस, जानें अब जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ

तीसरी धारा न्यूज (बिजनेस डेस्क):

देश में पासपोर्ट को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं के बीच विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पासपोर्ट बनवाने और उससे जुड़ी अन्य सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगी। इसका सीधा मतलब यह है कि जुलाई महीने से नया पासपोर्ट बनवाना हो या पुराने पासपोर्ट को रिन्यू (दुबारा) कराना हो, आम जनता को पहले के मुकाबले अधिक पैसे खर्च करने होंगे।IMG 20260625 201814

एक नज़र में देखें पासपोर्ट की नई और पुरानी दरें

पासपोर्ट का प्रकार / सेवा

पुरानी फीस (₹)

नई फीस (₹) – 1 जुलाई से लागू

सामान्य पासपोर्ट (36 पेज)

1,500

2,500

सामान्य पासपोर्ट (60 पेज)

2,000

3,500

पासपोर्ट खोने/खराब होने पर (36 पेज)

3,000

5,000

पासपोर्ट खोने/खराब होने पर (60 पेज)

3,500

6,000

तत्काल पासपोर्ट (36 पेज – कुल फीस)

3,500

5,000

तत्काल पासपोर्ट (60 पेज – कुल फीस)

4,000

6,000

बच्चों का पासपोर्ट (36 पेज)

1,000

1,750

बच्चों का पासपोर्ट खोने/खराब होने पर

2,000

4,250

PCC / सरेंडर सर्टिफिकेट / GEP सेवाएं

500

750

तत्काल सेवा और बच्चों के पासपोर्ट पर भी असर

​यदि आपको आपातकालीन स्थिति में जल्दी पासपोर्ट चाहिए, तो तत्काल सेवा का लाभ लेने के लिए अब ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। ध्यान रहे कि तत्काल की नई फीस (36 पेज के लिए ₹5000 और 60 पेज के लिए ₹6000) में सामान्य फीस भी शामिल है। इसके अलावा, 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट की फीस में भी वृद्धि की गई है।b 1

किसे मिलेगी 10% की छूट?

​विदेश मंत्रालय ने इस बढ़ोतरी के बीच कुछ वर्गों को राहत देने की कोशिश भी की है। 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को नए पासपोर्ट की फीस पर 10 फीसदी की विशेष छूट दी जाएगी। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह छूट केवल ‘नए’ पासपोर्ट के आवेदन पर मिलेगी, पासपोर्ट दोबारा बनवाने (Re-issue) पर यह लागू नहीं होगी।a 2

पासपोर्ट की वैधता (Validity) में कोई बदलाव नहीं

​भले ही पासपोर्ट की फीस बढ़ा दी गई हो, लेकिन उसकी समय-सीमा (वैधता) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

  • ​वयस्कों (Adults) का पासपोर्ट पहले की तरह ही 10 साल के लिए वैध रहेगा।
  • ​बच्चों का पासपोर्ट 5 साल के लिए या उनके 18 वर्ष के होने तक (जो भी पहले पूरा हो) मान्य रहेगा।

​इसके साथ ही, विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए डॉलर में तय की जाने वाली फीस को भी इसी अनुपात में बढ़ा दिया गया है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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इंडस्ट्रियल-कमर्शियल यूजर्स को बड़ी राहत: केंद्र सरकार ने पैक्ड LPG सप्लाई से हटाईं पाबंदियां, बल्क सप्लाई भी 50% बहाल

तीसरी धारा न्यूज (बिजनेस डेस्क):

देश के कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी (Non-Domestic Packed LPG) की सप्लाई पर लगी सभी सेक्टोरल पाबंदियों को पूरी तरह से हटा दिया है। अब इसकी सप्लाई को वापस उसी सामान्य स्तर पर बहाल कर दिया गया है, जो ईरान-अमेरिका युद्ध के संकट से पहले हुआ करती थी।IMG 20260625 194955

इसके साथ ही, संकट के शुरुआती दौर में रोकी गई बल्क एलपीजी (Bulk LPG) की सप्लाई को भी सरकार ने फिर से शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। फिलहाल इसे संकट से पहले होने वाली कुल खपत के 50 फीसदी तक खोल दिया गया है। सरकार के इस कदम से औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र को ईंधन की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा।b 1

संकट के समय सरकार ने क्या दिया था आदेश?

​ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान, सरकार का मुख्य ध्यान देश में घरेलू गैस की उपलब्धता बनाए रखना था। इसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत एक विशेष आदेश जारी किया गया था।a 2

​इस आदेश के तहत:

  • C3-C4 स्ट्रीम्स (जो एलपीजी बनाने का मुख्य आधार हैं) के इस्तेमाल पर कड़ा नियंत्रण लगाया गया था।
  • ​इनका उपयोग पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक कार्यों से पूरी तरह हटाकर सिर्फ और सिर्फ एलपीजी उत्पादन में झोंक दिया गया था ताकि देश में गैस की किल्लत न हो।

क्यों लिया गया पाबंदियां हटाने का फैसला?

​अब देश में घरेलू एलपीजी का उत्पादन पहले से काफी बेहतर स्थिति में पहुंच चुका है। साथ ही, विदेशों से आने वाले इंपोर्टेड एलपीजी कार्गो (Imported LPG Cargoes) की आवक भी सुचारू रूप से शुरू होने वाली है। इसी अनुकूल स्थिति को देखते हुए सरकार ने अब एलपीजी पूल में C3-C4 स्ट्रीम्स का इस्तेमाल कम करने का निर्णय लिया है। अब इन स्ट्रीम्स को वापस पेट्रोकेमिकल और दूसरे महत्वपूर्ण औद्योगिक सेक्टर्स के लिए अधिक मात्रा में डायवर्ट किया जा सकेगा।

आम जनता और घरेलू गैस सिलेंडर पर क्या होगा असर?

राहत की बात: आम उपभोक्ताओं को इस फैसले से चिंतित होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार का यह पूरा फैसला केवल कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर से जुड़ा हुआ है। घरों में इस्तेमाल होने वाले डोमेस्टिक रसोई गैस सिलेंडर की सप्लाई और उनकी कीमतों पर इस फैसले का कोई भी नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। घरेलू गैस की आपूर्ति पहले की तरह ही सुरक्षित और सामान्य बनी रहेगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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महाराष्ट्र विधानसभा में ‘तीन तलाक’ और ‘बहुविवाह’ पर भारी हंगामा, बीजेपी विधायकों और सना मलिक के बीच तीखी बहस

तीसरी धारा न्यूज (मुंबई):

​महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को तीन तलाक और बहुविवाह के मुद्दे पर सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। बीजेपी विधायक देवयानी फरांडे द्वारा केंद्र सरकार के ‘तीन तलाक’ (Triple Talaq) कानून को महाराष्ट्र में कड़ाई से लागू करने को लेकर लाए गए ‘ध्यान आकर्षण’ प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। राकांपा (NCP) विधायक सना मलिक द्वारा कुरान और पाकिस्तान के कानूनों का हवाला दिए जाने पर बीजेपी विधायकों ने तीखी आपत्ति जताई।IMG 20260625 172358

​देवयानी फरांडे ने दिया पाकिस्तान का उदाहरण

​प्रस्ताव पेश करते हुए बीजेपी विधायक देवयानी फरांडे ने पड़ोसी देश पाकिस्तान के कानूनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “अगर हम 1947 में भारत से अलग हुए पाकिस्तान को देखें, तो वहां भी बहुविवाह (Polygamy) के लिए पहली पत्नी से लिखित अनुमति और एक मध्यस्थता परिषद (Arbitration Council) की मंजूरी जरूरी होती है। इसी कड़े कानून के कारण पाकिस्तान में बहुविवाह की दर सिर्फ 1 प्रतिशत है।” उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि उन्होंने खुद पिछले डेढ़ महीने में तीन तलाक के तीन मामले देखे हैं, जिन पर पुलिस ने कार्रवाई की है।b 1

​सना मलिक के बयान से भड़का हंगामा

​जब राकांपा (NCP) विधायक सना मलिक ने इस मामले पर अपना पक्ष रखा, तो सदन का माहौल गर्मा गया। सना मलिक ने सवाल उठाया कि क्या इस तरह का अत्याचार सिर्फ मुस्लिम महिलाओं के साथ ही हो रहा है? उन्होंने बहुविवाह पर तर्क देते हुए कहा:

  • कुरान के नियम लागू हों: पाकिस्तान ने कुछ नया नहीं किया, उसने बस कुरान में बताए गए मुस्लिम कानून को लागू किया है। भारत को भी पाकिस्तान की तरह कुरान की शिक्षाओं के आधार पर कानून लाना चाहिए।
  • तीन तलाक पर सफाई: तलाक के कई तरीके हैं (तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-अहसन), जिन्हें हम मानते हैं। ‘तलाक़-ए-बिद्दत’ (एक बार में तीन तलाक) केवल एक सांस्कृतिक प्रथा थी, जिसका कुरान में जिक्र नहीं है।
  • हर धर्म में बहुविवाह: क्या सिर्फ मुस्लिम पुरुष ही एक से ज्यादा शादियां करते हैं? यह प्रथा हर धर्म में मौजूद है। इस पर समग्रता से कानून बनना चाहिए।

​”देश संविधान से चलेगा, कुरान से नहीं” — अतुल भातखलकर

​सना मलिक के इस बयान पर बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह ‘ध्यान आकर्षण प्रस्ताव’ केवल यह जांचने के लिए है कि तीन तलाक कानून सही ढंग से लागू हो रहा है या नहीं। यहाँ कुरान, पाकिस्तान और इस्लामी परंपराओं पर भाषण देने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा, “यह देश भारत के संविधान के अनुसार चलता है, किसी धार्मिक किताब या कुरान के अनुसार नहीं।”a 2

​सरकार का पक्ष: ‘यूसीसी’ लागू होने पर सब पर प्रभावी होंगे नियम

​सदन में बढ़ते हंगामे के बीच गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने सरकार का पक्ष रखते हुए स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने सना मलिक के सवालों का जवाब देते हुए कहा:

​”हमारे पास दूसरे धर्मों से तीन तलाक को लेकर कोई शिकायतें नहीं आई हैं क्योंकि यह प्रथा कुछ खास समुदायों में ही रही है। केंद्र सरकार ने मोबाइल मैसेज, ईमेल या फोन पर तुरंत तलाक देने की अन्यायपूर्ण प्रथा को खत्म करने के लिए यह कानून बनाया है और राज्य सरकार इसे पूरी तरह लागू करना सुनिश्चित कर रही है।”

 

​गृह राज्य मंत्री ने भरोसा दिलाते हुए आगे कहा कि जब राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू हो जाएगा, तो बहुविवाह और विवाह से जुड़े सभी नियम किसी एक खास धर्म के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होंगे। सरकार किसी खास समुदाय को निशाना नहीं बना रही है, बल्कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा कर रही है।

— तीसरी धारा न्यूज

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सरायकेला: अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय के बच्चों ने निकाली नशा मुक्ति जागरूकता रैली, समाज को दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

तीसरी धारा न्यूज (सरायकेला):

​मादक पदार्थों के बढ़ते सेवन के खिलाफ समाज में जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सरायकेला में एक सराहनीय पहल की गई है। यहाँ अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर एक भव्य जागरूकता रैली निकाली। रैली के माध्यम से बच्चों ने लोगों को तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की पुरजोर अपील की।IMG 20260625 WA0025

​’नशा मुक्ति’ के नारों से गूंजा इलाका

​यह जागरूकता रैली विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेंद्र नाथ महतो के कुशल नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बेहद उत्साह के साथ भाग लिया। रैली के दौरान बच्चों ने गगनभेदी नारे लगाकर समाज का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। बच्चों का स्पष्ट संदेश था कि नशा न केवल किसी एक व्यक्ति को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज के विनाश का कारण बनता है। इससे दूर रहकर ही एक समृद्ध और सुखी जीवन की कल्पना की जा सकती है।b 1

​शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी लिया नशामुक्त समाज का संकल्प

​इस अभियान को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभाई। रैली के दौरान मुख्य रूप से उपस्थित रहने वाले शिक्षकों में शामिल थे:

  • ​अमित कुमार
  • ​समीर कुमार सामल
  • ​गोविंद पात्रो
  • ​मंगल सिंह सरदार
  • ​चित्रलेखा हेंब्रम
  • ​शिखा शामल
  • ​प्रीति
  • ​मीनू गोपa 2

​सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों के साथ मिलकर नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया और आम जनता से नशीले पदार्थों के जाल से बाहर निकलने का आग्रह किया।

रैली का मुख्य उद्देश्य: विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस रैली का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना था। बच्चों द्वारा किए गए इस प्रयास की स्थानीय ग्रामीणों ने काफी सराहना की है और उम्मीद जताई है कि ऐसी रैलियों से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

 

— तीसरी धारा न्यूज

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झारखंड के महानायक ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण: कारूवा समाज ने जताई खुशी, कहा— पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण

तीसरी धारा न्यूज (सरायकेला):

​झारखंड राज्य गठन के आंदोलन के महानायक, आदिवासियों और मूलवासियों के हक-अधिकारों तथा ‘जल, जंगल, जमीन’ की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पॉद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों दिशोम गुरु की पत्नी रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया।IMG 20260625 WA0020

​दिशोम गुरु को मरणोपरांत यह सर्वोच्च सम्मान मिलने पर पूरे झारखंड सहित सरायकेला क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। इस ऐतिहासिक क्षण पर मूलनिवासी कारूवा समाज ने अपनी गहरी खुशी और आभार व्यक्त किया है।

​झारखंड के संघर्ष और अस्मिता को मिला सर्वोच्च सम्मान

​इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मूलनिवासी कारूवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री गुरुचरण मुखी ने हर्ष जताते हुए कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण मिलना हर एक झारखंडी के लिए सर्वोच्च सम्मान की बात है। यह न केवल उनके दशकों लंबे त्याग और संघर्ष का सम्मान है, बल्कि यह पूरे झारखंड राज्य को गौरवान्वित करने वाला क्षण है।b 1

​उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने अपना पूरा जीवन दबे-कुचलों, आदिवासियों और मूलवासियों की आवाज बुलंद करने में समर्पित कर दिया था। आज देश के सर्वोच्च स्तर पर उनके योगदान को सराहा जाना इस बात का प्रतीक है कि जन-आंदोलनों और जन-नेताओं का संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता।a 2

​जल, जंगल, जमीन की लड़ाई के प्रतीक थे ‘दिशोम गुरु’

​स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों का कहना है कि दिशोम गुरु का नाम झारखंड के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

    • अखंड संघर्ष: महाजन प्रथा के खिलाफ लड़ाई से लेकर अलग झारखंड राज्य के निर्माण तक, उनका नेतृत्व हमेशा मार्गदर्शक रहा।
    • अधिकारों की अलख: उन्होंने आदिवासियों और मूलवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के प्रति जागरूक किया।

समाज में उत्सव का माहौल: इस सम्मान के बाद सरायकेला और आस-पास के क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा खुशियां मनाई जा रही हैं। लोगों का मानना है कि महामहिम राष्ट्रपति के हाथों रूपी सोरेन द्वारा यह सम्मान लिया जाना झारखंड की सांस्कृतिक और राजनीतिक अस्मिता के लिए एक ऐतिहासिक और भावुक कर देने वाला पल है।

 

— तीसरी धारा न्यूज

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सरायकेला-टाटा मार्ग पर दर्दनाक हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला की मौत, जर्जर सड़क को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा

तीसरी धारा न्यूज (सरायकेला):

​सरायकेला-टाटा मुख्य मार्ग एक बार फिर रक्त रंजित हो उठा है। डीसी ऑफिस के समीप टीवीएस शोरूम के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने स्कूटी सवार महिला को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में महिला की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान सोनूवा निवासी सुलेखा महतो के रूप में हुई है। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में जर्जर सड़क और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।IMG 20260625 WA0022

​काम निपटाकर घर लौटने के दौरान हुआ हादसा

​जानकारी के अनुसार, सुलेखा महतो अपने देवर के साथ किसी आवश्यक कार्य से सरायकेला डीसी ऑफिस आई थीं। दोनों अपना काम पूरा करने के बाद स्कूटी से वापस अपने घर सोनूवा लौट रहे थे। इसी दौरान टीवीएस शोरूम के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सुलेखा महतो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद चालक वाहन समेत तेजी से फरार हो गया।b 1

​हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही सरायकेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में जुट गई है।a 2

​खस्ताहाल सड़क और बड़े-बड़े गड्ढे बने ‘काल’

​इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सड़क की बदहाली को इस मौत का मुख्य जिम्मेदार ठहराया है।

    • जानलेवा गड्ढे: लोगों का कहना है कि सरायकेला-टाटा मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन गाड़ियां अनियंत्रित हो रही हैं।
    • बढ़ती दुर्घटनाएं: यदि समय रहते इस सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में और भी कई मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ सकती है।
    • भारी वाहनों का आतंक: मुख्य मार्ग पर ओवरलोडेड और तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही पर कोई लगाम नहीं है।

जनता की प्रशासन से मांग: क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जर मार्ग की अविलंब मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर बनाने, सिग्नल लाइट लगाने, वाहनों की गति सीमा निर्धारित करने और ओवरलोडेड वाहनों पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

 

— तीसरी धारा न्यूज

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सरायकेला: एन. आर. गवर्नमेंट प्लस टू स्कूल में प्रधानाध्यापिका को बिना नोटिस हटाने पर बवाल, विवादित शिक्षक को मिला प्रभार

तीसरी धारा न्यूज (सरायकेला):

​सरायकेला स्थित एन. आर. गवर्नमेंट प्लस टू स्कूल में शिक्षा विभाग के एक चौंकाने वाले फैसले ने पूरे क्षेत्र में नया विवाद खड़ा कर दिया है। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अंबिका प्रधान को बिना किसी पूर्व नोटिस या कारण बताओ (Show-Cause) नोटिस के अचानक पद से हटा दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों से घिरे एक शिक्षक को विद्यालय की कमान सौंप दी गई है। शिक्षा विभाग के इस दोहरे मापदंड वाले फैसले पर अब स्थानीय लोगों, अभिभावकों और बुद्धिजीवियों ने गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।IMG 20260625 WA0021

​बिना विभागीय जांच और स्पष्टीकरण के कार्रवाई

​मालूम हो कि निवर्तमान प्रभारी प्रधानाध्यापिका अंबिका प्रधान के कार्यकाल के दौरान विद्यालय के शैक्षणिक माहौल में न सिर्फ बड़ा सुधार देखा गया था, बल्कि परीक्षा परिणामों में भी काफी बेहतरीन प्रगति दर्ज की गई थी। ऐसे में बिना किसी विभागीय जांच, बिना सार्वजनिक स्पष्टीकरण और बिना नियमानुसार किसी नोटिस के उन्हें अचानक पदमुक्त किए जाने से लोग हैरान हैं। जनता का सीधा सवाल है कि यदि उनके काम में कोई कमी थी, तो नियमों को ताक पर रखकर यह गुप्त कार्रवाई क्यों की गई?b 1

​विवादित शिक्षक को मिला प्रभार, उठे सवाल

​प्रधानाध्यापिका को हटाने के बाद विभाग ने विद्यालय की जिम्मेदारी शिक्षक वासुदेव राम को सौंप दी है। गौरतलब है कि वासुदेव राम पहले से ही स्थानीय स्तर पर कई तरह के वित्तीय और प्रशासनिक विवादों एवं शिकायतों के घेरे में रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी या जांच निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसके बावजूद एक दागी चेहरे को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने से विभाग की कार्यशैली संदेह के घेरे में है।a 2

​इस फैसले से खड़े हुए बड़े सवाल:

    • नियमों की अनदेखी क्यों?: क्या शिक्षा विभाग में अब बिना कारण बताओ नोटिस और बिना किसी जांच के सीधे हटाने की नई परंपरा शुरू हो गई है?
    • दागी को तरजीह क्यों?: एक तरफ बेहतर परिणाम देने वाली शिक्षिका को बिना वजह हटाया गया, तो दूसरी तरफ विवादों में घिरे शिक्षक पर विभाग इतना मेहरबान क्यों है?
    • बच्चों के भविष्य का क्या?: इस नेतृत्व परिवर्तन और प्रशासनिक खींचतान का सीधा असर विद्यालय के शैक्षणिक माहौल और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ना तय माना जा रहा है।

उबल रहा है आक्रोश: इस अचानक लिए गए फैसले के बाद से शिक्षा विभाग के भीतर भी तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने मांग की है कि विभाग तुरंत इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करे और वास्तविकता को सामने लाए, अन्यथा इस मनमाने फैसले के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

 

— तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर: मुहर्रम के मद्देनजर उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तार

जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज़):

मुहर्रम पर्व के मद्देनजर पूर्वी सिंहभूम के सहायक आयुक्त उत्पाद के आदेशानुसार विभाग की टीम ने अवैध शराब के विनिर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। बुधवार (24 जून 2026) को चलाए गए इस विशेष छापेमारी अभियान के दौरान सीतारामडेरा और बर्मामाइंस थाना क्षेत्रों में भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई है, साथ ही एक कारोबारी को गिरफ्तार भी किया गया है।IMG 20260625 WA0002

​इन इलाकों में हुई छापेमारी

​उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दो थाना क्षेत्रों के विभिन्न शराब बिक्री केंद्रों पर एक साथ दबिश दी:

  • सीतारामडेरा थाना क्षेत्र: कुम्हार पाड़ा और स्लैग रोड।
  • बर्मामाइंस थाना क्षेत्र: ट्यूब गेट और हरिजन बस्ती।

​विदेशी और चुलाई शराब बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार

​छापेमारी के दौरान टीम ने कुल 27.75 लीटर अवैध विदेशी शराब और करीब 106.5 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की है।IMG 20260625 WA0008

​कार्रवाई के दौरान बर्मामाइंस के ट्यूब गेट हरिजन बस्ती स्थित एक बिक्री केंद्र से सुशांत मुखी नामक व्यक्ति को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 7.5 लीटर विदेशी शराब और 30 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।b 1

​उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज

​उत्पाद टीम के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के अलावा इस अवैध कारोबार में संलिप्त अन्य फरार कारोबारियों के खिलाफ झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध शराब के खेल को रोकने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।a 2

(यह रिपोर्ट उत्पाद टीम, पूर्वी सिंहभूम द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी पर आधारित है।)

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जमशेदपुर में फिर गहराया ईंधन संकट: कई पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड, जहाँ तेल उपलब्ध वहाँ लगी लंबी कतारें

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की किल्लत से हाहाकार मच गया है। शहर के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर अचानक ईंधन खत्म होने के कारण ‘आउट ऑफ स्टॉक’ के बोर्ड लटक गए हैं। वहीं, जिन इक्का-दुक्का पेट्रोल पंपों पर फिलहाल तेल उपलब्ध है, वहाँ वाहनों की भारी भीड़ और लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।b 1

अचानक बढ़ी परेशानी, काम-काज प्रभावित

​अचानक शुरू हुई इस किल्लत के कारण आम जनता, खासकर नौकरीपेशा लोगों और स्कूली बच्चों के अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में लोग एक पेट्रोल पंप से दूसरे पंप के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

स्थिति का जायजा: साकची, बिष्टुपुर, गोलमुरी और मानगो के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर दोपहर बाद से ही तेल खत्म होने की खबरें आने लगीं। जिन पेट्रोल पंपों पर सप्लाई बची हुई है, वहाँ कानून-व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पंप कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

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किल्लत की मुख्य वजहें

​स्थानीय सूत्रों और डीलर्स के अनुसार, इस संकट के पीछे कुछ प्रमुख कारण सामने आ रहे हैं:

  • सप्लाई चेन में रुकावट: तेल डिपो से आपूर्ति में आई अचानक तकनीकी या लॉजिस्टिक कमी को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है।
  • पैनिक बाइंग (अफवाहों का असर): जैसे ही कुछ पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म होने की खबर फैली, लोगों ने जरूरत से ज्यादा तेल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे बचे हुए पंपों पर भी दबाव बढ़ गया।

प्रशासन से राहत की उम्मीद

​फिलहाल तेल कंपनियों या स्थानीय प्रशासन की ओर से इस किल्लत पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 24 से 48 घंटों में आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास तेज किए जाएंगे ताकि शहरवासियों को इस परेशानी से जल्द राहत मिल सके।

– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो

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दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन को मरणोपरांत ‘पद्म भूषण’: आजाद गिरी ने कहा— ‘झारखंड के महानायक के अद्वितीय संघर्ष को देश का सच्चा नमन’

जमशेदपुर: झारखंड आंदोलन के जनक और करोड़ों दिलों की धड़कन ‘दिशोम गुरु’ स्वर्गीय शिबू सोरेन जी को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजे जाने पर लौहनगरी जमशेदपुर सहित पूरे राज्य में हर्ष की लहर है। इस ऐतिहासिक और भावुक क्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए शहर के प्रख्यात समाजसेवी सह ‘जमशेदपुर टाइगर क्लब’ के अध्यक्ष आजाद गिरी ने अपनी गहरी प्रसन्नता और आदर प्रकट किया है। IMG 20260623 WA0053

​राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामयी समारोह के दौरान जब गुरुजी की धर्मपत्नी रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया, तो वह पल हर झारखंडी की आंखों में गौरव और आंसुओं का अनूठा संगम लेकर आया।b 1

इस गौरवमयी उपलब्धि पर बधाई देते हुए समाजसेवी आजाद गिरी ने कहा:

​”आदरणीय गुरु जी आज भले ही हमारे बीच सशरीर मौजूद नहीं हैं, लेकिन जल, जंगल, जमीन और दबे-कुचलों के अधिकारों के लिए लड़ा गया उनका ऐतिहासिक संघर्ष आज भी हर झारखंडी को प्रेरित करता है। केंद्र सरकार द्वारा उन्हें मरणोपरांत ‘पद्म भूषण’ देना उनके दशकों के आत्मत्याग, जन-आंदोलन और अमिट विरासत को पूरे राष्ट्र का एक सच्चा और न्यायोचित नमन है। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि राज्य के हर उस नागरिक का सम्मान है जिसने झारखंड के अस्तित्व की लड़ाई लड़ी है।”

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​आजाद गिरी ने आगे कहा कि गुरुजी का जीवन हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है और यह पुरस्कार आने वाली पीढ़ियों को अपनी माटी के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा।

तीसरी धारा न्यूज

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