एक नई सोच, एक नई धारा

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आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट में हादसा, सात मजदूर झुलसे

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

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आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.

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झारखंड : पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुफ्त में होगा लाखों रुपये का बीमा, पढ़ें पूरी खबर

झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)

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जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

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पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।

वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

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भारत-न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ पर हस्ताक्षर; व्यापार और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार को एक बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर कर द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस समझौते को “पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता” करार दिया है, जो दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सेवाओं के परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगा।n7101143051777278392998c42a216f5c57e2d5d5c2440a2934c78916e2af606ed3212a208018b7022a73ad

10 साल का इंतजार और रिकॉर्ड तोड़ वार्ता

​इस समझौते का औपचारिक रूप वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मंत्री टॉड मैक्ले की उपस्थिति में दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि 2010 में शुरू हुई यह वार्ता 2015 में रुक गई थी, लेकिन मार्च 2025 में दोबारा शुरू होने के बाद इसे दिसंबर 2025 तक अंतिम रूप दे दिया गया। यह भारत के सबसे तेजी से संपन्न होने वाले समझौतों में से एक बन गया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

भारतीयों के लिए क्या है खास? (रोजगार और सेवाएं)

​इस समझौते के तहत सेवाओं के क्षेत्र में भारत को बड़ी सफलता मिली है:

  • 5000 पेशेवरों को मौका: आईटी, शिक्षा और वित्तीय सेवाओं से जुड़े 5000 भारतीय पेशेवरों को न्यूजीलैंड में 3 साल तक काम करने का अवसर मिलेगा।
  • सांस्कृतिक और विशेष क्षेत्र: योग प्रशिक्षक, आयुष विशेषज्ञ, शेफ और संगीत शिक्षकों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के रास्ते खुलेंगे।
  • आईटी और पर्यटन: इन क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों को नए निवेश और विस्तार के मौके मिलेंगे।

व्यापार: भारत को मिलेगी ‘ड्यूटी-फ्री’ पहुंच

​अब भारत से न्यूजीलैंड निर्यात होने वाले टेक्सटाइल, लेदर, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामानों पर कोई सीमा शुल्क (Duty) नहीं लगेगा।

  • निवेश का लक्ष्य: अगले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड से भारत में लगभग 20 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद है।
  • न्यूजीलैंड को लाभ: न्यूजीलैंड को भारत में अपने 54% निर्यात (मीट, ऊन, कोयला आदि) पर तुरंत ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा।

घरेलू हितों की सुरक्षा: डेयरी और कृषि क्षेत्र सुरक्षित

​भारतीय किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों का ध्यान रखते हुए, सरकार ने डेयरी, चीनी और कुछ संवेदनशील धातुओं को इस समझौते से बाहर रखा है। सेब, कीवी और शहद जैसे उत्पादों पर भी नियंत्रण बरकरार रखा गया है ताकि घरेलू बाजार प्रभावित न हो।

रणनीतिक और आर्थिक महत्व

​साल 2024 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 2.4 अरब डॉलर रहा था, जिसके अब कई गुना बढ़ने की संभावना है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अब व्यापार के लिए अधिक सरल और भरोसेमंद देश बन चुका है, जो दुनिया के लिए एक प्रमुख ‘गेटवे’ है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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सरायकेला-टाटा मुख्य मार्ग पर भीषण सड़क दुर्घटना: पुलिसकर्मी समेत चार गंभीर रूप से घायल

सरायकेला: सरायकेला थाना अंतर्गत सरायकेला-टाटा मुख्य मार्ग पर रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। बड़ा कांकड़ा मोड़ के पास एक तेज रफ्तार बाइक और मालवाहक ऑटो के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पीछे से आ रही एक अन्य बाइक भी इसकी चपेट में आ गई, जिससे दो बाइकों पर सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।IMG 20260427 WA0002

कैसे हुआ हादसा?

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना रविवार शाम करीब 6:00 बजे की है। तेज रफ्तार बाइक और ऑटो के बीच सीधी भिड़ंत के बाद बाइक सवार सड़क पर काफी दूर जा गिरे। इसी दौरान पीछे से आ रही दूसरी बाइक भी अनियंत्रित होकर टकरा गई।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

घायलों की पहचान

​इस दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  • दीपक गागराई: सरायकेला पुलिस केंद्र में पदस्थापित पुलिसकर्मी (ड्यूटी खत्म कर लौट रहे थे)।
  • राजकुमार ग्वाला
  • सौरभ महतो
  • प्रदीप प्रधान

तत्काल राहत और बचाव कार्य

​घटना की सूचना मिलते ही सरायकेला थाना प्रभारी और नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उनकी सक्रियता और सहयोग से सभी घायलों को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया है।

पुलिस की कार्रवाई

​सरायकेला पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दुर्घटना में शामिल दोनों बाइकों व मालवाहक ऑटो को जब्त कर लिया है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच-पड़ताल कर रही है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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टाटानगर स्टेशन पर खूनी वारदात: लोको पायलट की गोली मारकर हत्या, स्टेशन परिसर में मची सनसनी

जमशेदपुर/बागबेड़ा: टाटानगर स्टेशन परिसर रविवार देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। बागबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत रनिंग रूम के ठीक सामने अज्ञात अपराधियों ने एक लोको पायलट की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे रेलवे महकमे और स्थानीय इलाके में दहशत का माहौल है।9bbd5af0e5a007b0f24b36a23471ce26ba1d46eb65676813f6cf0fb4caf47a00.0

ड्यूटी खत्म होते ही घात लगाकर किया हमला

​मृतक की पहचान ज्ञानेंदु कुमार गौतम (जी.के. गौतम) के रूप में हुई है, जो आदित्यपुर के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात करीब 12:30 बजे वे मालगाड़ी लेकर टाटानगर स्टेशन पहुंचे थे। अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद करीब 12:40 बजे वे संयुक्त चालक एवं परिचालक लॉबी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रनिंग रूम के गेट के पास बाइक सवार दो अपराधी पीछे से आए और उनके सिर में सटाकर गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

जांच में जुटे आला अधिकारी, इलाके की घेराबंदी

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। घटनास्थल से पुलिस ने एक खोखा बरामद किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी ललित मीना और डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर तौकीर आलम ने भी देर रात घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर अपराधियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

ठेकेदारी और जमीन विवाद की आशंका

​सूत्रों के अनुसार, लोको पायलट जी.के. गौतम रेलवे में अपनी सेवा देने के साथ-साथ ठेकेदारी और जमीन की खरीद-बिक्री के कारोबार से भी जुड़े थे। पुलिस हत्या के पीछे पेशेवर रंजिश या व्यावसायिक विवाद के पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। स्टेशन जैसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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फर्जी पत्रकार का हाईवोल्टेज ड्रामा: सड़क हादसे के बाद रौब जमाना पड़ा भारी, पुलिस ने उतारी ‘प्रेस’ की धौंस

आदित्यपुर: टाटा-कांड्रा मुख्य सड़क पर रविवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक सड़क दुर्घटना के बाद खुद को पत्रकार बताने वाले एक युवक ने जमकर हंगामा किया। घटना आशियाना मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के समीप की है।a4b5fc1152511606061b4de1cd435b63de9b5338eb0d47b1c1aa2991499cfc64.0

हादसे के बाद गुंडागर्दी और अभद्रता

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक स्कूटी सवार युवक ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो को नुकसान पहुँचा। हादसे के बाद माफी मांगने के बजाय स्कूटी सवार युवक ने खुद को मीडिया कर्मी बताया और ऑटो चालक के साथ गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी। इतना ही नहीं, युवक ने आपा खोते हुए ऑटो का शीशा भी तोड़ दिया।bf61a429f936d6687b857bd6e5da6e439f8e27af1ec6e7f62202b58a312584c5.0

कवरेज कर रहे पत्रकारों से उलझा ‘कथित’ पत्रकार

​हंगामे की सूचना पाकर जब स्थानीय पत्रकार मौके पर कवरेज करने पहुंचे, तो युवक उनसे भी भिड़ गया। उसने खुद को “सोशल संवाद” का पत्रकार बताते हुए वहां मौजूद मीडियाकर्मियों के साथ तीखी बहस की और एक पत्रकार का कैमरा छीनने का प्रयास किया। जब उससे पहचान पत्र (ID Card) दिखाने को कहा गया, तो वह कोई भी वैध प्रमाण पेश नहीं कर सका।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

पुलिस की कार्रवाई और पहचान का खुलासा

​सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस पूछताछ में युवक की पहचान चंद्रभानु सिंह (निवासी: भाटिया बस्ती) के रूप में हुई। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि युवक पत्रकारिता से जुड़ा कोई ठोस दस्तावेज नहीं दिखा पाया, जिसके बाद पुलिस ने उसे कड़ी फटकार लगाई।

असली पत्रकारों में आक्रोश: कार्रवाई की मांग

​इस घटना ने एक बार फिर वाहनों पर “प्रेस” लिखकर घूमने वाले फर्जी पत्रकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि ऐसे असामाजिक तत्व न केवल कानून का उल्लंघन करते हैं, बल्कि समाज में वास्तविक पत्रकारों की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं। पत्रकारों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि फर्जी आईडी कार्ड और प्रेस स्टिकर का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा

न्यूज

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दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: टेकऑफ के दौरान स्विस एयर के विमान के इंजन में लगी आग, 6 यात्री घायल

नई दिल्ली: राजधानी के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर रविवार सुबह एक बड़ा विमान हादसा होते-होते रह गया। दिल्ली से ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड) जाने वाली स्विस एयर की फ्लाइट (SWR146) के इंजन में टेकऑफ के दौरान अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।swiss air flights

इंजन फेल होते ही उठने लगा धुआं

​जानकारी के अनुसार, विमान जब रनवे पर दौड़ रहा था (टेकऑफ रोल), तभी उसके बाएं हिस्से से गहरा धुआं उठता देखा गया। बताया जा रहा है कि विमान का एक इंजन फेल हो गया और दाईं ओर लैंडिंग गियर के पास आग की लपटें दिखाई दीं। खतरे को भांपते हुए क्रू ने तत्काल विमान को रोक दिया और आपातकालीन निकासी (Emergency Evacuation) की प्रक्रिया शुरू की।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित

​हादसे की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन ने रनवे 28/10 पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित कर दी। फायर टेंडर और एम्बुलेंस को तुरंत मौके पर तैनात किया गया। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अफरा-तफरी और आपातकालीन निकास के दौरान छह यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों का बयान

​दिल्ली एयरपोर्ट प्रबंधन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “आज तड़के स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट LX 147 (DEL-ZRH) के संबंध में पूर्ण आपात स्थिति घोषित की गई थी। सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना के बावजूद एयरपोर्ट का परिचालन सामान्य रहा और अन्य उड़ानों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा।”

​जांच एजेंसियां अब इस तकनीकी खराबी के कारणों का पता लगाने में जुट गई हैं कि आखिर रनवे पर दौड़ते समय इंजन में आग किन परिस्थितियों में लगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़

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श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन में पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन; शोध और नवाचार पर दिया गया जोर

जमशेदपुर / आदित्यपुर: आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन में ‘रिसर्च एंड डेवलपमेंट कमिटी’ के तत्वाधान में आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राध्यापकों के भीतर शोध कौशल को विकसित करना और उन्हें आधुनिक शैक्षणिक तकनीकों से अवगत कराना था।IMG 20260426 WA0006

‘सिस्टमेटिक वे ऑफ रिसर्च पेपर राइटिंग’ पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण

​पांच दिनों तक चले इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य विषय “सिस्टमेटिक वे ऑफ रिसर्च पेपर राइटिंग” रखा गया था। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों में शोध के महत्वपूर्ण आयामों पर विशेषज्ञों ने प्रकाश डाला:

  • प्रथम सत्र: “लिटरेचर रिव्यू: बियॉन्ड कॉपी-पेस्ट” के माध्यम से शोध पत्र तैयार करने की मौलिकता पर जोर दिया गया।
  • द्वितीय सत्र: शोध में आईसीटी (ICT) टूल्स के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई।
  • तृतीय सत्र: “रिसर्च एथिक्स एंड प्लेगरिज्म इन हायर एजुकेशन” विषय पर चर्चा करते हुए उच्च शिक्षा में नैतिकता और साहित्यिक चोरी से बचने के तरीके बताए गए।
  • चतुर्थ सत्र: एपीए (APA) स्टाइल और डेटा एनालिसिस की बारीकियों को समझाया गया।
  • अंतिम सत्र: “पब्लिशिंग विदाउट फियर: नेवीगेशन जर्नल एंड पीयर रिव्यू” के जरिए शोध पत्रों को प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित कराने की प्रक्रिया साझा की गई।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

​इस एफडीपी में रिसोर्स पर्सन और एक्सपर्ट के रूप में डॉ. मृत्युंजय महतो, डॉ. प्रीति साहू, डॉ. शैलेश सारंगी, डॉ. रजनीश और डॉ. सूर्याप्रताप सिंह ने शिरकत की। सभी विशेषज्ञों ने शोध आधारित विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक पक्षों पर कॉलेज के प्राध्यापकों को प्रशिक्षित किया।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देश के विकास की शर्त: डॉ. मौसमी महतो

​समापन सत्र को संबोधित करते हुए कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मौसमी महतो ने कहा कि वर्तमान समय में शोध आधारित पेशेवर विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “शिक्षा के क्षेत्र में शोध का महत्व लगातार बढ़ रहा है। नवाचार से ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव है, और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही देश के समग्र विकास की पहली और अनिवार्य शर्त है।”

​इस अवसर पर श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के सभी सहायक प्राध्यापक और शिक्षाविद मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन मीडिया प्रभारी रचना रश्मि के समन्वय में किया गया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़

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एनएसएमसीएच आदित्यपुर में ‘मेड-माइंड बैलेंस 2026’ का आयोजन; मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने दिया जोर

आदित्यपुर: नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NSMCH), आदित्यपुर के शैक्षणिक सेल और मनोरोग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को “मेड-माइंड बैलेंस 2026” सिंपोजियम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल की पढ़ाई के दौरान छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और चिंता (Anxiety) जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा करना और उनके समाधान खोजना था।IMG 20260425 WA0013

​शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी: मदन मोहन सिंह

​संस्थान के अध्यक्ष श्री मदन मोहन सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस संगोष्ठी में उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है। उन्होंने कहा, “शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने की दौड़ में हमें छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संस्थान एक ऐसा वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जहाँ छात्र बिना किसी दबाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।”WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​विशेषज्ञ की सलाह: तनाव के शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के मनोरोग विभाग प्रमुख प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार साहू ने मेडिकल छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का पाठ्यक्रम बेहद कठिन होता है, जिससे छात्रों में तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। डॉ. साहू ने छात्रों को सिखाया कि कैसे तनाव के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय रहते पेशेवर मदद लेनी चाहिए।

​मुख्य बिंदु:

  • विषय: मेडिकल प्रशिक्षण में तनाव और चिंता से निपटना।
  • पहल: भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रेखांकित मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के मद्देनजर यह आयोजन किया गया।
  • संदेश: निरंतर संवाद और जागरूकता के माध्यम से ही छात्रों को अवसाद और चिंता से बचाया जा सकता है।

​कार्यक्रम के अंत में संस्थान के संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना की। उपस्थित लोगों ने माना कि एक कुशल चिकित्सक बनने के लिए मानसिक रूप से सुदृढ़ होना अनिवार्य है। इस सिंपोजियम ने मेडिकल छात्रों के लिए एक सहायक प्रणाली (Support System) विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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झारखंड के मजदूरों की दर्दनाक दास्तां: तमिलनाडु में बंधक बने 60 मजदूर जान बचाकर भागे, चक्रधरपुर स्टेशन पर भी झेलनी पड़ी जिल्लत

चक्रधरपुर: तमिलनाडु के नमक्कल अन्नागुर स्थित ‘आलिया मिल्स प्राइवेट लिमिटेड’ में बंधक बनाकर रखे गए झारखंड के करीब 60 मजदूर शनिवार को किसी तरह अपनी जान बचाकर चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचे। एर्नाकुलम-टाटा एक्सप्रेस से पहुंचे इन मजदूरों की आपबीती सुनकर हर कोई दंग रह गया। मजदूरों ने न केवल मिल मालिकों पर शोषण का आरोप लगाया, बल्कि झारखंड सरकार के दावों की भी पोल खोल दी।n70994324217771277247211453e5a71ad1d7125e6ae72a0900d7ffc3203b7534e87bb0e2a16ca171f0375a

एजेंटों ने दिखाया था ‘सब्जबाग’, मिली मारपीट और कैद

​मजदूरों ने बताया कि ओडिशा के एजेंट चंदन और सुशील ने उन्हें बेहतर वेतन और सुविधाओं का लालच देकर तमिलनाडु भेजा था। वहां पहुंचने पर स्थिति बिल्कुल उलट थी। जब मजदूरों ने खराब खाने और कम वेतन का विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें मिल के अंदर बंधक बना लिया गया। बिना मजदूरी दिए ही उनसे जबरन काम कराया जा रहा था।

सरकार के दावों की निकली हवा: ‘मदद’ के नाम पर सिर्फ सोशल मीडिया पर आदेश

​हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया (X) पर पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) और माइग्रेशन सेल को इन मजदूरों की मदद करने का निर्देश दिया था। 23 अप्रैल को प्रशासन ने दावा किया था कि सभी को सुरक्षित और ससम्मान वापस लाया जा रहा है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

  • जमीनी हकीकत: मजदूरों का कहना है कि उन्हें सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिली। वे खुद मिल से भाग निकले और बचे-कुचे पैसों से TTE को जुर्माना भरकर किसी तरह ट्रेन में सवार हुए।

सफर में भी शोषण: रेलवे कर्मियों और TTE पर दुर्व्यवहार का आरोप

​मजदूरों ने बताया कि रास्ते भर रेलवे के पेंट्रीकार मैनेजर और TTE ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया। हद तो तब हो गई जब वे चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचे। वहां भी TTE ने उन्हें घेर लिया और पैसों की मांग करने लगे, जबकि मजदूर पहले ही जुर्माना दे चुके थे। घंटों तक उन्हें रोककर रखा गया, जिसे बाद में स्थानीय पत्रकारों के हस्तक्षेप के बाद छोड़ा गया।

भूखे-प्यासे पहुंचे अपने वतन

​मजदूरों की जेब में एक रुपया भी नहीं बचा था कि वे कुछ खा सकें। भूखे-प्यासे और डरे हुए इन मजदूरों ने बताया कि एजेंटों ने उन्हें चक्रधरपुर पहुंचने पर ‘अंजाम भुगतने’ की धमकी भी दी है।

​इस घटना ने एक बार फिर झारखंड सरकार के उन वादों पर सवालिया निशान लगा दिया है, जिसमें प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और राज्य में ही रोजगार देने की बात कही जाती है। फिलहाल सभी मजदूर अपने घर जाने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन उनके चेहरे पर खौफ और सरकार के प्रति नाराजगी साफ झलक रही है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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​गौ सम्मान अभियान की देशव्यापी गूँज: 27 अप्रैल को जमशेदपुर के धालभूम अनुमंडल कार्यालय पर जुटेंगे गौ भक्त

जमशेदपुर: भारतीय संस्कृति में पूजनीय गौ माता के संरक्षण और सम्मान के लिए अब राष्ट्रव्यापी आंदोलन की नींव रखी जा रही है। इसी कड़ी में जमशेदपुर में “गौ सम्मान अभियान” का शंखनाद किया गया है। आगामी 27 अप्रैल को शहर के हजारों गौ भक्त धालभूम अनुमंडल कार्यालय पर एकत्रित होकर केंद्र सरकार के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।IMG 20260425 WA0012

प्रमुख मांगें: राष्ट्र माता का दर्जा और सख्त कानून

​शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में अभियान के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आंदोलन के दो मुख्य उद्देश्य हैं:

  1. ​गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाना।
  2. ​देश में गौ रक्षा के लिए एक ठोस और सख्त कानून लागू करना ताकि गौ तस्करी और अत्याचार पर पूर्ण विराम लग सके।

देशभर के अनुमंडलों में एक साथ प्रदर्शन

​यह अभियान केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है। आयोजकों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में गौ भक्त अपने-अपने अनुमंडल कार्यालयों में एक साथ जुटेंगे। इसका उद्देश्य सरकार को यह संदेश देना है कि सनातन परंपरा और भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा मानी जाने वाली गौ माता की सुरक्षा अब पूरे देश की प्राथमिकता है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

जमशेदपुर में तैयारी और अपील

​27 अप्रैल को धालभूम अनुमंडल कार्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय गौ भक्त शामिल होंगे। प्रेस वार्ता में कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्तमान में गौवंश के प्रति बढ़ते अत्याचार चिंता का विषय हैं, जिसका समाधान केवल सामाजिक एकजुटता और कड़े कानूनों से ही संभव है।

जनजागरण पर जोर:

अभियान का लक्ष्य केवल ज्ञापन सौंपना ही नहीं, बल्कि आम जनमानस में गौ सेवा और संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है। इसके लिए शहर में जनसंपर्क अभियान और सभाएं आयोजित की जाएंगी।

​आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे 27 अप्रैल को भारी संख्या में पहुंचकर इस अभियान को सफल बनाएं और गौ रक्षा के संकल्प को मजबूती दें।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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महिला आरक्षण बिल पर भाजपा का बड़ा ‘आक्रोश मार्च’: मोरहाबादी से अल्बर्ट एक्का चौक तक गूंजा कांग्रेस विरोधी नारा

रांची: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने राजधानी रांची की सड़कों पर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। हाथों में कांग्रेस और झामुमो विरोधी तख्तियां लिए हजारों की संख्या में महिलाओं ने मोरहाबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक ‘आक्रोश मार्च’ निकाला।n709923419177712722871909ff600e79b4df823dd882d83bc0a9a735309dad6faeb60904a7675c50f49030

मंच पर नारी शक्ति, नीचे बैठे दिग्गज

​इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि जहां मंच पर केवल राज्य भर की महिला नेत्रियां ही आसीन थीं, वहीं राज्य के तमाम दिग्गज नेता मंच के नीचे कार्यकर्ताओं के साथ बैठे नजर आए। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ और पूर्व अध्यक्ष पीएम सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं ने नीचे बैठकर महिला वक्ताओं का संबोधन सुना।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

पद्मश्री हस्तियों ने भरी हुंकार

​मंच से पद्मश्री छुटकी महतो और जमुना टुडू ने भी महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने के सवाल पर कांग्रेस गठबंधन को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों में कांग्रेस ने रोड़ा अटकाया है।

प्रमुख संबोधन और आरोप:

  • आदित्य साहू (प्रदेश अध्यक्ष): “मोदी सरकार महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस को महिलाओं का मजबूत होना रास नहीं आया। अब जब कांग्रेस नेता गांवों में जाएंगे, तो महिलाएं उनसे इस धोखे का हिसाब मांगेंगी।”
  • बाबूलाल मरांडी: “यह कार्यक्रम पूरी तरह महिलाओं को समर्पित है। प्रधानमंत्री ने देश की आधी आबादी को सशक्त करने का जो अभियान चलाया है, भाजपा उसे रुकने नहीं देगी।”
  • साबो महतो (कार्यकर्ता): “कांग्रेस और झामुमो ‘मंइयां सम्मान’ का महज दिखावा करते हैं। असल में वे महिला विरोधी हैं।”n709923419177712725890669fadd3298158f9e940115027ecab8af61e49da67c6344a314f6055197e80887

धूप और उमस के बीच दिखा उत्साह

​कड़ी धूप के बावजूद रांची के अलावा अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष स्वयं घूम-घूमकर कार्यकर्ताओं का हालचाल लेते और उनके लिए सत्तू-शरबत की व्यवस्था देखते नजर आए। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन अब मंडल स्तर तक जाएगा ताकि कांग्रेस गठबंधन को बेनकाब किया जा सके।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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