एक नई सोच, एक नई धारा

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आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट में हादसा, सात मजदूर झुलसे

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

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आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.

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झारखंड : पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुफ्त में होगा लाखों रुपये का बीमा, पढ़ें पूरी खबर

झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)

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जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

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पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।

वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

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टाटा स्टील क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं का बुरा हाल, सोनारी की जनता मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित: सुधीर कुमार पप्पू

जमशेदपुर।

टाटा स्टील केवल एक नाम नहीं, बल्कि आम जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक रहा है। एक समय था जब देश के अन्य शहरों के लोग भी गर्व से टाटानगर की सड़क, बिजली, पानी और साफ-सफाई की मिसाल देते थे। परंतु, विगत कई वर्षों से टाटा स्टील आम जनता के इस विश्वास को लगातार धूमिल कर रही है। यह बातें जमशेदपुर न्यायालय के अधिवक्ता, राजनीतिक चिंतक एवं सोनारी थाना शांति समिति के सचिव श्री सुधीर कुमार पप्पू ने सोनारी क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ हुई एक बैठक के दौरान कहीं।IMG 20260614 205634

​रविवार को सोनारी क्षेत्र के बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने क्षेत्र की बदहाल नागरिक बुनियादी सुविधाओं को लेकर सुधीर कुमार पप्पू से विस्तृत वार्ता की और अपनी समस्याओं को सामने रखा।

​कचरे का अंबार और जर्जर सड़कें

​बैठक में यह बात सामने आई कि वर्तमान में टाटा स्टील क्षेत्र के अंतर्गत चारों ओर कचरे का अंबार लगा हुआ है। कई प्रमुख सड़कों की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। लोग सड़कों की मरम्मत के लिए टाटा स्टील की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश सड़कों की मरम्मत के नाम पर कई स्थानों पर केवल सड़क को काटने और तोड़ने का कार्य किया जा रहा है। वास्तविक पुनर्निर्माण न होने के कारण आम नागरिकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।b 1

​दावों के विपरीत बिजली-पानी का संकट

  • पानी की किल्लत: 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के दावों के बावजूद, जिन क्षेत्रों में पानी के मीटर लगाए गए हैं, वहां भी लोगों को नियमित रूप से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
  • सड़कों की खुदाई: बिजली विभाग द्वारा जहां भी कार्य किया जाता है, वहां सड़कों को खोदने के बाद उनकी उचित मरम्मत नहीं की जाती।
  • अघोषित रोक से परेशानी: टाटा स्टील द्वारा लगभग एक वर्ष से आम नागरिकों के लिए बिजली, पानी, ड्रेनेज सिस्टम तथा बिजली लोड एवं पावर वृद्धि से संबंधित कार्यों पर रोक लगा दी गई है, जिससे सोनारी क्षेत्र के लोग त्रस्त हैं।

​अधर में लटका सीवरेज-ड्रेनेज का कार्य

​केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत टाटा स्टील द्वारा विगत कई वर्षों से सीवरेज एवं ड्रेनेज व्यवस्था का कार्य कराया जा रहा है, परंतु आज तक इसका कोई संतोषजनक परिणाम नहीं दिखा है। कदमा एवं सोनारी के कई क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाकर कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया है। वर्तमान में उन पाइपों की स्थिति क्या है, यह भगवान भरोसे है।a 2

​क्षेत्र में अधिकांश घरों के सेफ्टी टैंक अभी भी यथावत बने हुए हैं, जिसके कारण मच्छरों, मक्खियों एवं विभिन्न प्रकार के रोगजनक कीटाणुओं का प्रकोप बढ़ गया है, जो सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है।

​उच्चाधिकारियों को कराया जाएगा अवगत

​सुधीर कुमार पप्पू ने नागरिकों को आश्वासन दिया कि इन सभी गंभीर समस्याओं से जमशेदपुर के सांसद, विधायक, उपायुक्त (DC), टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को जल्द ही लिखित रूप से अवगत कराया जाएगा। उनसे अनुरोध किया जाएगा कि वे इस दिशा में त्वरित और आवश्यक कदम उठाएं, ताकि जमशेदपुर शहर को पुनः उसके पुराने गौरव और पहचान तक पहुंचाया जा सके।

– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो

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जमशेदपुर: आरडी टाटा गोलचक्कर के पास सड़क हादसा, ट्रैफिक पुलिस के चेकिंग दावों पर हंगामा, पुलिस ने जारी किया सीसीटीवी फुटेज

जमशेदपुर: गोलमुरी थाना क्षेत्र के आरडी टाटा गोलचक्कर के पास रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन की चपेट में आने से स्कूटी सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।88e69e1a89c0fcd3ecf52cd15998dfa7c2e04dcd5ddf8116541d5e0ea3f2d7c9.0

​इस घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क जाम कर दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि लोगों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को घेर लिया, जिसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को मौके पर तैनात करना पड़ा।b 1

​पुलिस चेकिंग को लेकर आमने-सामने आए लोग और प्रशासन

  • स्थानीय लोगों का आरोप: मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि महिला अपनी स्कूटी से सामान्य रूप से जा रही थी। इसी दौरान वहां वाहन जांच (पुलिस चेकिंग) कर रहे एक पुलिसकर्मी अचानक उसके सामने आ गया। पुलिसकर्मी को अचानक सामने देख महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गई, जिसके बाद पीछे से आ रही पिकअप वैन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।
  • जिला पुलिस ने जारी किया सीसीटीवी फुटेज: हंगामे और विवाद को बढ़ता देख जिला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी किया। पुलिस द्वारा जारी फुटेज में घायल महिला स्कूटी से साकची की ओर से बर्मामाइंस की तरफ जाती हुई दिखाई दे रही है और इसी दौरान वह पिकअप वाहन की चपेट में आ जाती है।a 2

​पुलिस चेकिंग का हादसे से कोई संबंध नहीं: डीएसपी यातायात

​मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी यातायात नीरज पाठक ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा:

​”इस सड़क दुर्घटना का पुलिस के चेकिंग अभियान से कोई लेना-देना नहीं है। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई है, जिससे प्रारंभिक तौर पर यह साफ है कि हादसा सीधे तौर पर पिकअप वाहन की चपेट में आने की वजह से हुआ है। हम लोगों से अपील करते हैं कि बिना पुष्टि के किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस जांच में सहयोग करें।”

 

​फिलहाल पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं व वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

तीसरी धारा न्यूज

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नेचर संस्था द्वारा छात्राओं का रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस का शैक्षणिक भ्रमण

जमशेदपुर। नेचर संस्था द्वारा संचालित इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत भूगोल एवं इतिहास विषय की छात्राओं को रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को उद्योग, इतिहास, विरासत संरक्षण तथा टाटा समूह की सामाजिक एवं औद्योगिक यात्रा से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।IMG 20260614 WA0018

​ऐतिहासिक और भौगोलिक पहलुओं का व्यावहारिक अध्ययन

​भ्रमण के दौरान छात्राओं ने केंद्र में प्रदर्शित ऐतिहासिक दस्तावेजों, दुर्लभ चित्रों, मॉडल्स तथा अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्हें जमशेदपुर के विकास, टाटा स्टील की स्थापना, औद्योगिक विरासत तथा क्षेत्र के सामाजिक-सांस्कृतिक इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। छात्राओं ने प्रदर्शनों के माध्यम से समझा कि किस प्रकार उद्योग, समाज और शहर का विकास एक-दूसरे से परस्पर जुड़ा हुआ है।IMG 20260614 WA0016b 1

  • भूगोल की छात्राएँ: नगरीय विकास, औद्योगिक भूगोल और संसाधन प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक पहलुओं का अध्ययन किया।
  • इतिहास की छात्राएँ: औद्योगिक इतिहास, विरासत संरक्षण और ऐतिहासिक स्रोतों के महत्व को गहराई से समझा।

​इस अवसर पर उपस्थित विशेषज्ञों ने छात्राओं के विभिन्न प्रश्नों का उत्तर दिया और उन्हें शोध व अध्ययन की नई संभावनाओं से भी अवगत कराया।

​शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं: निदेशक कविता परमार

​नेचर संस्था की निदेशक कविता परमार ने इस अवसर पर कहा:

​”शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब छात्राएँ ऐतिहासिक अभिलेखों, औद्योगिक विरासत और विकास की वास्तविक प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखती हैं, तब उनका ज्ञान अधिक गहरा और सार्थक बनता है। रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस का यह भ्रमण छात्राओं को इतिहास और भूगोल के व्यावहारिक पक्ष को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। हमें विश्वास है कि ऐसे अनुभव उनके अध्ययन, शोध और व्यक्तित्व विकास में सहायक होंगे।”a 2

 

​विश्लेषणात्मक क्षमता बढ़ाता है फील्ड विजिट: विनीता परमार

​इंटर्नशिप कार्यक्रम की मेंटर विनीता परमार ने फील्ड विजिट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:

​”फील्ड विजिट विद्यार्थियों के लिए सीखने की एक सशक्त प्रक्रिया है। कक्षा में पढ़े गए विषयों को जब छात्राएँ वास्तविक संदर्भों में देखती और समझती हैं, तो उनकी विश्लेषणात्मक क्षमता और जिज्ञासा दोनों का विकास होता है। यह अनुभव उनके शैक्षणिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा और उन्हें भविष्य में शोध तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।”

 

​छात्राओं ने भी इस भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि पुस्तकों में पढ़ी गई ऐतिहासिक और भौगोलिक अवधारणाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखने का यह पहला और शानदार अवसर था। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने इस बेहतरीन शैक्षणिक अनुभव के लिए नेचर संस्था तथा रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।

– तीसरी धारा न्यूज

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श्रीनाथ विश्वविद्यालय में अंतिम सत्र के छात्रों को मिली भावभीनी विदाई: अक्षत व अर्जुन बने मिस्टर फेयरवेल, सिमरन व हर्षिता के सिर सजा मिस फेयरवेल का ताज

जमशेदपुर: श्रीनाथ विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट द्वारा एमबीए, एम.कॉम., बीबीए एवं बी.कॉम. (ऑनर्स) के अंतिम सत्र के विद्यार्थियों के लिए एक भव्य एवं यादगार फेयरवेल समारोह का आयोजन किया गया। बीबीए, बी.कॉम. (ऑनर्स) और एमबीए के जूनियर विद्यार्थियों द्वारा आयोजित इस विदाई समारोह में उत्साह, भावनाएं और कैंपस जीवन की खूबसूरत यादों का अनूठा संगम देखने को मिला। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के पारंपरिक स्वागत के साथ हुई, जो आगे चलकर विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और उनके उज्ज्वल भविष्य की आकांक्षाओं का एक बड़ा उत्सव बन गया।IMG 20260614 WA0010

​ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता ही सफलता की कुंजी: कुलपति

​विदाई समारोह को संबोधित करते हुए श्रीनाथ विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. एन. सिंह ने विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक यात्रा के इस महत्वपूर्ण पड़ाव को सफलतापूर्वक पार करने पर बधाई दी। उन्होंने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा:

​”जीवन में वास्तविक सफलता प्राप्त करने के लिए ईमानदारी, पेशेवर उत्कृष्टता और निरंतर सीखने की भावना अत्यंत आवश्यक है। डिग्रियां केवल एक शुरुआत हैं, लेकिन आपका चरित्र और मूल्य आपको आगे ले जाएंगे। आप जहां भी जाएं, विश्वविद्यालय से जुड़े रहें और समाज के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।”

 

​वहीं स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड Management के विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय महतो ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में उनका सफर सीखने, चुनौतियों और बड़ी उपलब्धियों से भरपूर रहा है। उन्होंने छात्रों को यहां अर्जित ज्ञान, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों को अपने भविष्य के करियर में उतारने के लिए प्रेरित किया।b 1

​सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, टाइटल्स की रही धूम

​फेयरवेल समारोह के दौरान जूनियर छात्रों द्वारा अत्यंत आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। जूनियरों ने रंगारंग संगीत, मनमोहक नृत्य, मजेदार खेल और कई मनोरंजक गतिविधियों से पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। इन प्रस्तुतियों ने सीनियर छात्रों को उनके कैंपस जीवन के सुनहरे दिनों की याद दिला दी।

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण और सबसे प्रतीक्षित क्षण ‘फेयरवेल टाइटल्स’ की घोषणा रही, जिसमें रैंप वॉक और प्रतिभा के आधार पर विजेताओं को चुना गया:

  • स्नातक (UG) श्रेणी: अर्जुन साहू को मिस्टर फेयरवेल तथा हर्षिता को मिस फेयरवेल चुना गया।
  • स्नातकोत्तर (PG) श्रेणी: अक्षत को मिस्टर फेयरवेल और सिमरन को मिस फेयरवेल के खिताब से नवाजा गया।a 2

​भावुक क्षणों के साथ नई शुरुआत की ओर बढ़े कदम

​उत्साह से भरे इस फेयरवेल समारोह का समापन अत्यंत भावुक माहौल में हुआ। अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थियों की आंखें अपने दोस्तों से बिछड़ने और शिक्षकों से दूर जाने के अहसास से नम दिखीं। अंत में, अपने गुरुओं के आशीर्वाद, मित्रों की अमूल्य यादों और विश्वविद्यालय से मिले बेहतरीन अनुभवों की पोटली साथ लेकर विद्यार्थियों ने कॉर्पोरेट जगत और जीवन की एक नई शुरुआत की ओर कदम बढ़ाया। स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट प्रबंधन ने सभी विदा होने वाले छात्र-छात्राओं के सफल, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

– तीसरी धारा न्यूज

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चाण्डिल थाना के अधिकारी ने रुचाप की आदिवासी महिला पर झाड़ा वर्दी का रौब, ‘तीसरी धारा न्यूज’ के पास सुरक्षित है वीडियो; पुलिसिया कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

चाण्डिल: सरायकेला-खरसावां जिले के चाण्डिल थाना क्षेत्र अंतर्गत रुचाप गांव से खाकी की धौंस और पुलिसिया दुर्व्यवहार का एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। चाण्डिल थाना के पुलिस अधिकारियों द्वारा एक स्थानीय आदिवासी महिला पर अपनी वर्दी का रौब झाड़ने और उनके साथ बदसलूकी करने का पूरा वाकया कैमरे में कैद हो गया है। इस घटना से जुड़ा एक एक्सक्लूसिव वीडियो ‘तीसरी धारा न्यूज’ के रिपोर्टर के हाथ लगा है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और आम जनता के प्रति उनके रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

​क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, चाण्डिल थाना के पुलिस अधिकारी किसी मामले के सिलसिले में रुचाप गांव पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद एक आदिवासी महिला के साथ पुलिस कर्मियों का आमना-सामना हुआ। आरोप है कि ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारियों ने कानून और मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए महिला के ऊपर वर्दी का धौंस जमाना शुरू कर दिया और बेहद आक्रामक व अपमानजनक रवैया अपनाया।

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‘तीसरी धारा न्यूज’ के रिपोर्टर को मिले वीडियो में पुलिस कर्मियों का व्यवहार एक आम नागरिक और विशेषकर एक आदिवासी महिला के प्रति बेहद असंवेदनशील और कानून के रखवालों की छवि के बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ न्याय करने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया है।

​दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल बर्खास्त करने की मांग तेज

​इस घटना की जानकारी और वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि:

​”गरीब और सीधे-साधे आदिवासियों पर खाकी का रौब झाड़ने वाले ऐसे पुलिसकर्मियों की विभाग में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों को इस मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करना चाहिए।”

​पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए अब इस प्रामाणिक वीडियो साक्ष्य के आधार पर मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है, ताकि सत्ता और प्रशासन के शीर्ष पदों पर बैठे लोग इस बर्बरता को देख सकें।

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प्रशासन की निष्पक्षता पर टिकी नजरें

​झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में एक आदिवासी महिला के साथ पुलिस का ऐसा अमर्यादित व्यवहार बेहद चिंताजनक है। बुद्धिजीवियों का मानना है कि यदि रक्षक ही भक्षक बनकर जनता को डराएंगे, तो समाज का कानून व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा। अब देखना यह होगा कि ‘तीसरी धारा न्यूज’ के पास मौजूद इस पुख्ता वीडियो साक्ष्य के सामने आने के बाद जिला पुलिस कप्तान (SP) और चाण्डिल अंचल के वरीय अधिकारी इन बेलगाम पुलिसकर्मियों पर क्या दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।

​इस संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की सख्त दरकार है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

– तीसरी धारा न्यूज

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नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी में ऐतिहासिक ‘बॉलीवुड नाइट 2026’ का भव्य शंखनाद: शाल्मली खोलगड़े और वीडीजे मान के जादुई सुरों पर झूमा जमशेदपुर

जमशेदपुर: शिक्षा, नवाचार और सांस्कृतिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में झारखंड के अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थान, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU), पोखारी में शनिवार की शाम एक नया स्वर्णिम इतिहास रच दिया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक महाउत्सव ‘बॉलीवुड नाइट 2026’ में देश की सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका शाल्मली खोलगड़े और विख्यात विजुअल डीजे वीडीजे मान ने अपनी जादुई प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा परिसर सुरों, रोशनी और अंतहीन ऊर्जा से सराबोर हो उठा। शाम 6:00 बजे से प्रारंभ हुए इस महाकंसर्ट का उत्साह रात तक सातवें आसमान पर रहा।IMG 20260614 WA0005

​पारंपरिक दीप प्रज्वलन और गरिमामयी शुरुआत

​इस भव्य संगीतमय शाम का औपचारिक शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुसार विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह, माननीय कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी, प्रबंधन समिति के वरिष्ठ सदस्यों, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों और शहर के गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि इस मेगा इवेंट को लेकर छात्रों में पिछले कई हफ्तों से भारी कौतूहल और उत्साह था।

​नेतृत्व का संदेश और मार्गदर्शन

“हमारा लक्ष्य हमेशा से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास रहा है।” — श्री मदन मोहन सिंह (कुलाधिपति)

“विश्वविद्यालय निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है कि प्रत्येक विद्यार्थी को न केवल करियर के सर्वश्रेष्ठ अवसर प्राप्त हों, बल्कि उनके संपूर्ण व्यक्तित्व को एक नई ऊँचाई मिले। शिक्षा केवल बंद कमरों या किताबों तक सीमित नहीं हो सकती। ‘बॉलीवुड नाइट 2026’ का यह भव्य आयोजन हमारे छात्रों के कठिन परिश्रम, उनकी शैक्षणिक प्रतिबद्धता और मानसिक तनाव को दूर कर उन्हें एक नया उत्साह देने का जरिया है। कला और संस्कृति इंसान को संवेदनशील और रचनात्मक बनाती हैं, जो एक सफल प्रोफेशनल बनने के लिए बेहद जरूरी है।”

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“सांस्कृतिक मंच प्रदान करने में NSU देश के किसी भी बड़े विश्वविद्यालय से पीछे नहीं।” — डॉ. प्रभात कुमार पाणी (कुलपति)

“यह संगीतमय शाम इस बात का जीवंत प्रमाण है कि नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी केवल उच्च स्तरीय तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा में ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और रचनात्मक मंच प्रदान करने में भी देश में अग्रणी है। कठिन परीक्षाओं और प्रोजेक्ट सबमिशन के बाद हमारे विद्यार्थियों के लिए यह एक बेहद जरूरी रीफ्रेशमेंट है। हमारा प्लेसमेंट विभाग और पूरी फैकल्टी टीम आपके कल को सुरक्षित करने में दिन-रात जुटी है, और हमारा सांस्कृतिक विंग आपके आज को खुशनुमा बना रहा है।”

 

​शाल्मली खोलगड़े की रॉकस्टार परफॉर्मेंस से थिरका कैंपस

​मुख्य मंच का नियंत्रण जैसे ही बॉलीवुड की रॉकस्टार और मेलोडी क्वीन शाल्मली खोलगड़े ने संभाला, पूरा परिसर तालियों और हूटिंग की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। शाल्मली ने अपनी परफॉर्मेंस की शुरुआत अपने ब्लॉकबस्टर गाने ‘परेशान’ (इश्कजादे) से की, जिसे सुनते ही हजारों की संख्या में मौजूद छात्र झूमने लगे। इसके बाद उन्होंने ‘बलम पिचकारी’, ‘लत लग गई’, ‘दारू देसी’ और ‘बद्तमीज दिल’ जैसे एक से बढ़कर एक सुपरहिट गानों की झड़ी लगा दी।

​मंच से छात्रों को संबोधित करते हुए शाल्मली ने कहा:

​”जमशेदपुर! आप लोग वाकई अद्भुत हैं। नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के छात्रों की इस बेमिसाल ऊर्जा ने मेरा दिल जीत लिया है! मुझे बताया गया कि इस यूनिवर्सिटी के छात्र न केवल पढ़ाई और प्लेसमेंट में रिकॉर्ड बना रहे हैं, बल्कि आज मैंने देख लिया कि आप लोग लाइफ को सेलिब्रेट करने में भी नंबर वन हैं। अपने सपनों का पीछा कभी मत छोड़ना।”

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​वीडीजे मान के हाई-टेक विजुअल्स और दमदार बीट्स

​शाल्मली खोलगड़े के सुरीले सफर के बाद, मंच पर एंट्री हुई देश के सबसे चर्चित और युवाओं के चहेते वीडीजे मान की। उन्होंने आधुनिक तकनीक, हाई-टेक विजुअल्स और दमदार ऑडियो मिक्सिंग का ऐसा अद्भुत फ्यूजन पेश किया कि पूरा कंसर्ट ग्राउंड एक विशाल डांस फ्लोर में तब्दील हो गया। एलईडी स्क्रीन्स पर चल रहे आकर्षक विजुअल्स और उनके द्वारा तैयार किए गए बॉलीवुड गानों के मैशअप्स ने माहौल में असीमित ऊर्जा का संचार कर दिया।

​वीडीजे मान ने हेडफोन उतारकर माइक संभाला और कहा:

​”व्हाट्सअप नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी! आज की रात सचमुच ऐतिहासिक है। मैंने देश-विदेश के कई बड़े मंचों पर परफॉर्म किया है, लेकिन झारखंड के युवाओं में, और खासकर एनएसयू के छात्रों में जो जोश मैंने आज देखा है, वह अविश्वसनीय है। पोखारी का यह खूबसूरत कैंपस आज सचमुच गूंज रहा है।”

 

​कड़े सुरक्षा इंतजाम और गरिमापूर्ण समापन

​हजारों की भारी भीड़ और बॉलीवुड के बड़े कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद, पूरा कार्यक्रम बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति, स्थानीय प्रशासन और छात्र स्वयंसेवकों ने मिलकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। वीआईपी, फैकल्टी और छात्रों के लिए अलग-अलग ज़ोन बनाए गए थे।

​कार्यक्रम के अंत में, विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा दोनों मुख्य कलाकारों को मंच पर स्मृति चिह्न, शॉल और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन करते हुए रजिस्ट्रार श्री नागेंद्र कुमार ने कहा कि यह “बॉलीवुड नाइट 2026” केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह हमारे छात्रों की एकजुटता, हमारे प्रबंधन की दूरदर्शिता और हमारे विश्वविद्यालय की भव्यता का प्रतीक था। इस सफल आयोजन के बाद पूरे कॉलेज में बेहद सकारात्मक माहौल है, और यह रात नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है।

– तीसरी धारा न्यूज

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भारतीय सेना में बड़ा बदलाव: लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे देश के नए सेना प्रमुख

नई दिल्ली: भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना (Indian Army) का अगला प्रमुख नियुक्त करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। रक्षा क्षेत्र में एक लंबा, बेदाग और शानदार अनुभव रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सेठ आगामी 30 जून को अपना नया कार्यभार संभालेंगे।n71592105417813448344740afaaa7376fc5c69db771d3377429d53d94549fb568755b426419f30793320c4

30 जून को लेंगे जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान

​रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, देश की राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। वह जनरल के स्थायी रैंक के साथ 30 जून, 2026 को वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे, जो इस तिथि को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। मंत्रालय के बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नए सेना प्रमुख के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का कार्यकाल 31 अगस्त, 2028 तक रहेगा।b 1

1986 में बख्तरबंद कोर से शुरू हुआ था सफर

​लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ पुणे स्थित प्रतिष्ठित खड़कवासला राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं। दिसंबर 1986 में उन्हें भारतीय सेना की बख्तरबंद कोर (Armoured Corps) में कमीशन मिला था। अपने लगभग चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने देश की सुरक्षा में कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर नेतृत्व किया है।

​उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्रों में बख्तरबंद रेजिमेंट, मैदानी और विकसित क्षेत्रों में बख्तरबंद ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर के बेहद संवेदनशील इलाकों में आतंकवाद-विरोधी बल (Counter-Insurgency Force) की कमान का सफलतापूर्वक संचालन किया है।a 2

शानदार रहा है रणनीतिक और प्रशासनिक करियर

​लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत होने के बाद, धीरज सेठ ने सेना की प्रसिद्ध ‘सुदर्शन चक्र कोर’ की कमान संभाली। इसके बाद उन्होंने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में भी कार्य किया, जहां उन्होंने कई प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों की देखरेख की। उनकी इस नियुक्ति को भारतीय सेना की रणनीतिक तैयारियों और आधुनिकीकरण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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एनआईटी जमशेदपुर की शोधार्थी प्रीति कुंडू को मिला प्रतिष्ठित डॉ. जयश्री कुलकर्णी पुरस्कार

जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर की पीएच.डी. शोधार्थी प्रीति कुंडू ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक और शोध क्षमता का लोहा मनवाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान का मान बढ़ाया है। प्रीति कुंडू को उनके अभूतपूर्व शोध कार्य के लिए प्रतिष्ठित “डॉ. जयश्री कुलकर्णी अवार्ड फॉर आउटस्टैंडिंग पेपर इन द डिज़ाइन एंड एप्लीकेशन ऑफ वेयरेबल एंटेना” से सम्मानित किया गया है।IMG 20260613 WA0010

​यह सम्मान उन्हें हैदराबाद में आयोजित 5वें IEEE वायरलेस, एंटेना एंड माइक्रोवेव सिम्पोजियम (WAMS 2026) के दौरान एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।

10,000 रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र से हुईं सम्मानित

​प्रीति कुंडू को यह गौरवशाली पुरस्कार उनके उच्च स्तरीय शोध पत्र “An Ultra-Compact Flexible Wideband Antenna for Wearable Body Area Network Applications” (पेपर आईडी #793) के लिए दिया गया है। पुरस्कार के रूप में उन्हें 10,000 रुपये की नकद राशि, एक आकर्षक स्मृति चिह्न (प्लाक) और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।b 1

स्वास्थ्य और वायरलेस तकनीक में क्रांतिकारी साबित होगा शोध

​प्रीति वर्तमान में एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. सुरजीत कुंडू के कुशल निर्देशन में अपना शोध कार्य पूरा कर रही हैं। उनका मुख्य शोध क्षेत्र वाइडबैंड वेयरेबल एवं बायोमेडिकल एंटेना है। इस तकनीक का सीधा उपयोग स्वास्थ्य निगरानी (हेल्थ मॉनिटरिंग) और अगली पीढ़ी की वायरलेस संचार प्रणालियों को और अधिक प्रभावी बनाने में किया जाता है।

​अपनी इस शैक्षणिक जिम्मेदारी के साथ-साथ प्रीति कुंडू वर्तमान में मैरीलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गलूडीह में सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) एवं विभागाध्यक्ष (एचओडी) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं।a 2

संस्थानों और शुभचिंतकों में हर्ष की लहर

​इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके गाइड और शोध निर्देशक डॉ. सुरजीत कुंडू ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रीति की यह सफलता अन्य शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने प्रीति के उज्ज्वल भविष्य और आगामी शोध परियोजनाओं के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं भी दीं।

​यह सफलता न केवल एनआईटी जमशेदपुर बल्कि मैरीलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के लिए भी बड़े गौरव का विषय है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि क्षेत्र के तकनीकी संस्थान वायरलेस एवं बायोमेडिकल प्रौद्योगिकी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में वैश्विक स्तर का योगदान दे रहे हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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‘आतंकवाद को शह देने वालों तक नहीं पहुंचने देंगे सिंधु का पानी’, हैदराबाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पाकिस्तान पर बड़ा प्रहार

हैदराबाद/नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को बढ़ावा देने को लेकर पाकिस्तान की कड़े शब्दों में निंदा की है। शुक्रवार को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित ‘इंटेलेक्चुअल मीट’ को संबोधित करते हुए उन्होंने एक बड़ा एलान किया। राजनाथ सिंह ने साफ कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग/NDA) सरकार आतंकवाद को प्रायोजित करने और बढ़ावा देने वालों तक सिंधु नदी का पानी किसी भी कीमत पर नहीं पहुंचने देगी।n7158890371781330284999eaa2a2f013fd6e2aedfe3ee225ea73ab23c4563d0b429398b8f51d660744f415

​रक्षा मंत्री ने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सवाल उठाने पर उनकी तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि यदि भारत के खिलाफ आतंकी हमले नहीं रुके, तो पाकिस्तान को होने वाली अनाज और पानी की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी जाएगी।

शांति नहीं समझने वालों को उन्हीं की भाषा में जवाब

​राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि इस कार्रवाई के जरिए भारत ने पूरी दुनिया को यह दिखा दिया है कि जो देश शांति और सद्भाव की भाषा नहीं समझते, उन्हें उन्हीं की भाषा में कैसे माकूल जवाब दिया जाता है। उन्होंने पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग/UPA) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में आए दिन नए-नए घोटालों और भ्रष्टाचार की खबरें आती थीं, जबकि मौजूदा सरकार के बजट का हर एक रुपया देश की सुरक्षा को मजबूत करने में लग रहा है और सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं है।b 1

​हमारे पास सिर्फ वैक्सीन ही नहीं, ब्रह्मोस मिसाइल भी है

​विदेशी मंचों पर भारत की बढ़ती साख का हवाला देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया में एक ‘विश्वसनीय साझेदार’ बनकर उभरा है। कोरोना महामारी के दौरान दुनिया भर के देशों को वैक्सीन और मदद पहुंचाने के कारण आज भारत को पूरी दुनिया में ‘विश्व बंधु’ के रूप में देखा जाता है। इसके साथ ही उन्होंने दुश्मनों को चेतावनी देते हुए कहा:

“भारत के दुश्मनों को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि संकट में जीवन बचाने के लिए हमारे पास अगर जीवनरक्षक टीके (वैक्सीन) हैं, तो देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हमारे पास ‘ब्रह्मोस’ जैसी अचूक मिसाइलें भी मौजूद हैं।”

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​हमें अगले चुनाव की नहीं, अगली पीढ़ी की चिंता है

​चुनाव केंद्रित राजनीति पर बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राजग सरकार तात्कालिक राजनीतिक फायदों के लिए काम नहीं करती। उन्होंने कहा, “हम अगला चुनाव जीतने की चिंता नहीं करते, बल्कि हमें देश की अगली पीढ़ी की चिंता है। हमारी नीयत बिल्कुल साफ है और हमारे कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है।” उन्होंने दोहराया कि सरकार का पूरा ध्यान देश के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: सिर्फ आदेश न मानने पर नहीं छीनी जा सकती नौकरी, बर्खास्तगी केवल भ्रष्टाचार के मामलों में हो

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी हितों की रक्षा को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी पुराने कर्मचारी को महज अनुशासनहीनता या आदेश न मानने (हुक्मउदूली) के आधार पर नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। अदालत के मुताबिक, नौकरी से बर्खास्त करने जैसी सख्त सजा सिर्फ भ्रष्टाचार, अनैतिक आचरण या संस्थान को भारी नुकसान पहुंचाने वाली दुर्भावनापूर्ण हरकतों के मामलों में ही दी जानी चाहिए।n71577531017813270314514f25e074bf0ca67559b845962446c1da472b25ac7502a4ddfb53d85e170ee32c

​यह अहम टिप्पणी जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन.के. सिंह की पीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान की।

​सजा का फैसला मनमाना नहीं, अपराध की गंभीरता के हिसाब से हो

​सर्वोच्च अदालत ने काम की जगह पर अनुशासन के महत्व को स्वीकार करते हुए कहा कि वे इसे कम नहीं आंक रहे हैं। लेकिन, जब तक भ्रष्टाचार, अवैध उगाही, फंड का गलत इस्तेमाल, सार्वजनिक रूप से संस्थान की बदनामी करने या मालिक को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप न हों, तब तक किसी को सीधे नौकरी से निकाल देना पूरी तरह गलत है।

​पीठ ने कानून का एक बड़ा सिद्धांत तय करते हुए कहा कि किसी भी सजा का निर्धारण कर्मचारी के पिछले सर्विस रिकॉर्ड, आसपास के हालात, किए गए गलत काम की गंभीरता और उसका संस्थान पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए।b 1

​कर्मचारी ही नहीं, पूरे परिवार का खत्म हो जाता है भविष्य

​सुप्रीम कोर्ट ने नौकरी से निकाले जाने के मानवीय और सामाजिक पहलू पर गहरी चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि जब किसी कर्मचारी को बर्खास्त किया जाता है, तो मालिक और कर्मचारी का रिश्ता हमेशा के लिए खत्म हो जाता है। इसके अलावा:

  • ​कर्मचारी को मिलने वाले तमाम रिटायरमेंट के लाभ और वित्तीय फायदे हमेशा के लिए छीन जाते हैं।
  • ​इससे न केवल उस व्यक्ति की कमाई का जरिया बंद होता है, बल्कि उस पर निर्भर परिवार के सदस्यों का पूरा भविष्य अंधकार में डूब जाता है।
  • ​फैसले में कहा गया कि बर्खास्तगी से व्यक्ति के सर्विस रिकॉर्ड पर हमेशा के लिए एक ऐसा दाग लग जाता है, जिससे भविष्य में (विशेषकर सरकारी नौकरी, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग और रेगुलेटेड संस्थानों में) दोबारा रोजगार मिलने की सारी संभावनाएं खत्म हो जाती हैं।

​महाराष्ट्र बिजली कंपनी का 2017 का आदेश रद्द, 21 साल की सेवा का सम्मान

​यह पूरा मामला महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से जुड़ा है, जिसने साल 2017 में अपने एक पुराने कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को पूरी तरह रद्द कर दिया है।a 2

​अदालत ने ध्यान दिलाया कि उक्त कर्मचारी ने संस्थान को अपनी जिंदगी के 21 साल की लंबी सेवा दी है और अब वह रिटायरमेंट की उम्र भी पार कर चुका है। ऐसे में कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है कि वे कथित अनुशासनहीनता, आदेश न मानने और सरकारी दस्तावेजों को नष्ट करने के आरोपों के बदले दी जाने वाली सजा के स्वरूप पर दोबारा विचार करें और इसे बर्खास्तगी से बदलकर कोई तर्कसंगत रूप दें।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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