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आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.


झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)


जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।
वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

तीसरी धारा न्यूज / गम्हरिया:
सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। दुग्धा गांव की रहने वाली एक महिला ने गम्हरिया थाने के ही एक पुलिसकर्मी पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि उच्च अधिकारियों की निगरानी में मामले की जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता के अनुसार, वह पारिवारिक विवाद और पति की कथित मारपीट से तंग आकर गुरुवार की रात करीब 11 बजे अपनी शिकायत दर्ज कराने गम्हरिया थाने पहुंची थी। रात अधिक हो जाने और घर लौटने पर पति द्वारा दोबारा मारपीट किए जाने के डर से वह थाने में ही रुक गई थी। महिला का आरोप है कि इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने उसके साथ जबरदस्ती की।
महिला के मुताबिक, विरोध करने और खुद को बचाने के उसने संघर्ष किया तथा इस दौरान पास में रखा चाकू उठा लिया, जिससे कथित तौर पर आरोपी पुलिसकर्मी के हाथ में चोट भी लग गई। पीड़िता ने कमरे और अपने कपड़ों पर खून के निशान होने की बात भी कही है। हालांकि, इस घटना के संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
एसडीपीओ कर रहे हैं मामले की जांच
घटना की सूचना मिलते ही सरायकेला एसडीपीओ ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार देर रात गम्हरिया थाना परिसर में एसडीपीओ द्वारा थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिसकर्मियों के साथ बंद कमरे में बैठक किए जाने की चर्चा है। एसडीपीओ ने कैमरे पर वीडियो बयान देने से इनकार करते हुए कहा है कि मामले में नियमानुसार आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) और घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। थाने में सुरक्षा और न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची महिला पर खाकी द्वारा लगाए गए इस गंभीर आरोप ने पूरी पुलिस व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट और पुलिस प्रशासन के अगले सख्त कदम पर टिकी हैं।
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अपराध, प्रशासनिक लापरवाही और जनसरोकार से जुड़ी हर सटीक खबर — तीसरी धारा न्यूज

तीसरी धारा न्यूज / मुंबई डेस्क:
हिंदी सिनेमा जगत से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अपनी अलग शैली की फिल्ममेकिंग, स्टाइलिश एक्शन और अंडरवर्ल्ड पर आधारित दमदार फिल्मों के लिए मशहूर जाने-माने निर्देशक और निर्माता संजय गुप्ता अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके अचानक निधन से पूरे बॉलीवुड और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
बाथरूम में गिरने से सिर में लगी थी गंभीर चोट
शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, गत 30 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) की रात घर के बाथरूम में अचानक गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। इसके बाद 31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) की सुबह उनके निधन की दुखद जानकारी सामने आई। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर करते हुए उनके निधन की पुष्टि की और गहरा शोक व्यक्त किया है।
1994 में शुरू किया था शानदार फिल्मी सफर
संजय गुप्ता ने हिंदी सिनेमा में बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत साल 1994 में आई फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से की थी, जिसमें संजय दत्त और आदित्य पंचोली मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके बाद उन्होंने ‘राम शास्त्र’, ‘जंग’, ‘खौफ’ और ‘जिंदा’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी फिल्मों में हमेशा तेज रफ्तार कहानी, स्टाइलिश सिनेमैटोग्राफी और दमदार डायलॉग्स का अनूठा मेल देखने को मिलता था।
‘कांटे’, ‘काबिल’ और ‘शूटआउट एट वडाला’ से बनाई गहरी पहचान
साल 2002 में रिलीज हुई उनकी मल्टी-स्टारर फिल्म ‘कांटे’ उनके करियर का एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई, जिसमें अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और कुमार गौरव जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने ‘मुसाफिर’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ऋतिक रोशन स्टारर ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों का निर्देशन और निर्माण किया।
भले ही संजय गुप्ता अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी बेहतरीन फिल्में और हिंदी सिनेमा में उनका योगदान हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेगा।
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मनोरंजन जगत, श्रद्धांजलि और जनसरोकार से जुड़ी हर सटीक खबर — तीसरी धारा न्यूज

तीसरी धारा न्यूज / जमशेदपुर:
मानवता और तत्परता की एक बेहद सराहनीय मिसाल पेश करते हुए जमशेदपुर पुलिस ने शुक्रवार को पांच वर्षीय मासूम सात्विक मांझी को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता भेजने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। बच्चे की अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने शहर में विशेष ‘ग्रीन कॉरिडोर’ तैयार किया, जिससे एम्बुलेंस बिना किसी ट्रैफिक बाधा के तेज रफ्तार में डिमना चौक तक पहुंच सकी।
सड़क हादसे के बाद कोमा में था मासूम
जानकारी के अनुसार, 5 वर्षीय सात्विक मांझी बीते 18 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया था। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे कोमा की हालत में इलाज के लिए जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में भर्ती कराया गया था। मासूम की लगातार नाजुक बनी हालत को देखते हुए डॉक्टरों की सलाह पर परिजनों ने उसे बेहतर इलाज के लिए कोलकाता ले जाने का फैसला किया।
3 थानों की ट्रैफिक टीम ने मिलकर संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) के नेतृत्व में बिष्टुपुर, साकची और मानगो ट्रैफिक थाने की टीमों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। पुलिसकर्मियों ने पूरे रास्ते में मुस्तैदी से ट्रैफिक को रोककर एम्बुलेंस के लिए रास्ता पूरी तरह साफ रखा।
महज 15 मिनट में डिमना चौक पहुंची एम्बुलेंस
शुक्रवार सुबह 11:50 बजे एम्बुलेंस टीएमएच अस्पताल से कोलकाता के लिए रवाना हुई और ट्रैफिक पुलिस की त्वरित व्यवस्था के चलते महज 15 मिनट में (दोपहर 12:05 बजे) बालीगुमा होते हुए डिमना चौक पहुंच गई। इसके बाद एम्बुलेंस को एनएच-33 के रास्ते तेजी से कोलकाता के लिए रवाना कर दिया गया। जमशेदपुर पुलिस की इस त्वरित और मानवीय पहल की पूरे शहर और आम जनता में खूब सराहना की जा रही है।
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मानवता, पुलिस प्रशासन और जनसरोकार से जुड़ी हर सटीक खबर — तीसरी धारा न्यूज

तीसरी धारा न्यूज / जमशेदपुर:
जमशेदपुर महानगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा का निधन हो गया है। उनके असामयिक निधन से जमशेदपुर के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है। वे लंबे समय से पार्टी और समाज सेवा के कार्यों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे।
संगठन और समाज के प्रति रहा अहम योगदान
दिवंगत चंद्रशेखर मिश्रा ने अपने राजनीतिक जीवन के दौरान भाजपा संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बतौर महानगर अध्यक्ष उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और जनहित के मुद्दों को हमेशा मजबूती से उठाया। उनके निधन को पार्टी और क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
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राजनीतिक हलचल, श्रद्धांजलि और जनसरोकार से जुड़ी हर सटीक खबर — तीसरी धारा न्यूज

तीसरी धारा न्यूज / जमशेदपुर:
पूर्वी सिंहभूम जिले में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जमशेदपुर पुलिस ने बर्मामाइंस थाना क्षेत्र से एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा, .315 बोर की पांच जिंदा गोलियां और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पूछताछ के दौरान उसने हथियार कुख्यात अपराधी मो. शाहिद द्वारा दिए जाने का खुलासा किया है।
गुप्त सूचना के आधार पर रेलवे कंटेनर यार्ड के पास हुई कार्रवाई
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर को वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब को गुप्त सूचना मिली थी कि बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित रेलवे कंटेनर यार्ड के आसपास एक संदिग्ध युवक अवैध हथियार और गोली लेकर घूम रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और नगर पुलिस उपाधीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
छापेमारी दल जब रेलवे कंटेनर यार्ड के समीप पहुंचा, तो पुलिस को देखकर एक युवक भागने लगा। पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे खदेड़ कर दबोच लिया। पकड़े गए युवक की पहचान मो. इरफान (लगभग 20 वर्ष), निवासी मुस्लिम बस्ती, कैरेज कॉलोनी, बर्मामाइंस के रूप में हुई है।
मो. शाहिद के कहने पर ले जा रहा था हथियार
पुलिस की पूछताछ में आरोपी इरफान ने स्वीकार किया कि उसके पास से बरामद देसी कट्टा और गोलियां मो. शाहिद (करीब 32 वर्ष), निवासी मुस्लिम बस्ती, कैरेज कॉलोनी की हैं। उसने यह भी बताया कि वह शाहिद के निर्देश पर ही हथियार लेकर किसी ठिकाने पर जा रहा था। पुलिस अब इस खुलासे के आधार पर कुख्यात शाहिद की संलिप्तता की गहराई से जांच कर रही है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज, पहले भी रहा है आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार इरफान का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और उसका नाम बर्मामाइंस थाना कांड संख्या 47/2025 में भी बतौर आरोपी दर्ज है। इस मामले में बर्मामाइंस थाना कांड संख्या 65/2026, दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1B)(a), 26 और 35 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस सफल छापेमारी अभियान में नगर पुलिस उपाधीक्षक संजीव कुमार, बर्मामाइंस थाना प्रभारी पु०नि० कुमार सरयू आनंद, पु०अ०नि० अजय कुमार यादव, दुति कृष्ण महतो, अरविंद कुमार-2 और थाने के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
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अपराध नियंत्रण और स्थानीय सुरक्षा से जुड़ी हर सटीक खबर — तीसरी धारा न्यूज

तीसरी धारा न्यूज / जमशेदपुर:
जमशेदपुर के बागबेड़ा कॉलोनी स्थित अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान के परिसर में विजयादशमी के पावन अवसर पर एक भव्य विजया मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और ‘बिहार विभूति’ डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इस दौरान जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह, क्षत्रिय संघ अध्यक्ष शंभू सिंह, संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह, अरविंद सिंह, टाटा मोटर्स यूनियन महासचिव आर.के. सिंह, संस्थान के अध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह, महासचिव सी.एस.पी. सिंह, संरक्षक शिव शंकर सिंह, कमलदेव सिंह, जिला पार्षद सह अध्यक्ष झारखंड क्षत्रिय महिला संघ डॉ. कविता परमार और महासचिव मंजू सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में महासचिव सी.एस.पी. सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए संस्था के एक वर्ष के कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
बागबेड़ा की बुनियादी सुविधाओं को लेकर विधानसभा में उठाई जाएगी मांग: सरयू राय
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सभी को विजया मिलन की शुभकामनाएं दीं और संस्थान की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने वर्ष 2022 में विधानसभा में बागबेड़ा की बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठाए गए सवालों का हवाला देते हुए आश्वस्त किया कि वे सरकार द्वारा दिए गए जवाब पर आगे की कार्रवाई की मांग फिर से विधानसभा में उठाएंगे, ताकि बागबेड़ा क्षेत्र साफ-सुथरा और बुनियादी सुविधाओं से परिपूर्ण हो सके।

अत्याचार और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है पर्व: वक्ता
पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी एकजुटता और शिक्षा व समाज सेवा की अलख जगाते हैं। संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह ने इसे असत्य पर सत्य की जीत बताया, वहीं शंभू सिंह ने कहा कि ऐसे मिलन समारोह आपसी भाईचारा और सौहार्द को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. कविता परमार ने किया तथा अध्यक्षीय उद्बोधन सह धन्यवाद ज्ञापन अखिलेश्वर सिंह ने दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।
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सामाजिक समरसता, संस्कृति और जनहित से जुड़ी हर सटीक खबर — तीसरी धारा न्यूज

तीसरी धारा न्यूज / जमशेदपुर:
झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के बीच रेल संपर्क को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सांतरागाछी जंक्शन से टाटानगर के रास्ते जयपुर के खातीपुरा तक चलने वाली नई एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ कर दिया गया है। इस ट्रेन को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पश्चिम बंगाल के नेता सुवेन्दु अधिकारी और जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से तीनों राज्यों के बीच पर्यटन, व्यापार और यात्रियों की आवाजाही को बड़ा बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है।
इन प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन
यह एक्सप्रेस ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग में मुरी, रांची, लोहरदगा, टोरी, लातेहार, डालटनगंज, गढ़वा रोड, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल और आगरा सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से होते हुए खातीपुरा (जयपुर) पहुंचेगी। इस रूट के जुड़ने से झारखंड और बंगाल के यात्रियों को राजस्थान जाने के लिए एक और सुगम विकल्प मिल गया है।
उद्घाटन समारोह में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर रेलवे के डीआरएम तरुण हुड़िया, विधायक सरयू राय, विधायक पूर्णिमा साहू समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के कई प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। ट्रेन के संचालन से क्षेत्र के लोगों में काफी खुशी का माहौल है।
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रेलवे विकास और जनसरोकार से जुड़ी हर सटीक खबर — तीसरी धारा न्यूज

तीसरी धारा न्यूज / नेशनल डेस्क:
बैंकों में जमा अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई की सुरक्षा को लेकर हर ग्राहक की यही उम्मीद होती है कि उसका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे। लेकिन जब बैंकिंग प्रणाली के भीतर से ही करोड़ों रुपये के अवैध और अनधिकृत ट्रांजैक्शन का मामला सामने आ जाए, तो वित्तीय सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हाल ही में मुंबई स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से जुड़ा एक ऐसा ही बड़ा मामला सामने आया है, जिसने बैंकिंग जगत में हलचल मचा दी है।
तीन दिनों में 187 अनधिकृत ट्रांजैक्शन के जरिए ट्रांसफर हुए 13.96 करोड़ रुपये
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, महज 3 दिनों के भीतर 187 अनधिकृत ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 13.96 करोड़ रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। ये सभी पैसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास मौजूद बैंक के सेटलमेंट अकाउंट से निकाले गए हैं।
क्या ग्राहकों के खातों से कटे हैं पैसे?
इस बड़े फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद बैंक ग्राहकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उनके व्यक्तिगत सेविंग अकाउंट्स को भी कोई खतरा है? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह रकम बैंक के ग्राहकों के फंड से जुड़ी जरूर थी, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है कि ग्राहकों के व्यक्तिगत खातों से सीधे पैसे काटे गए हैं।
बैंक के अनुसार, ये ट्रांजैक्शन 15 से 17 अक्टूबर के बीच किए गए—जिनमें 15 अक्टूबर को 6, 16 अक्टूबर को 88 और 17 अक्टूबर को 93 ट्रांजैक्शन शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि जब बैंक की आंतरिक टीम ने इनकी जांच की, तो ये रिकॉर्ड बैंक की शाखाओं, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या कोर बैंकिंग सिस्टम में नहीं मिले। इससे भुगतान प्रणाली (पेमेंट सिस्टम) के सर्वर तक अनधिकृत पहुंच (Unauthorized Access) बनाए जाने का गहरा शक जताया गया है.
आरबीआई की सहायक कंपनी IFTAS के सर्वर पर उठा सवाल
इस पूरे मामले में रिजर्व बैंक की स्वामित्व वाली सहायक कंपनी IFTAS के सेंट्रल SFMS सर्वर तक अवैध पहुंच का आरोप लगाया गया है। SFMS बैंकों के बीच वित्तीय लेनदेन के संदेश भेजने का काम करता है.
ग्राहकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
फिलहाल बैंक की ओर से आम ग्राहकों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, इसलिए खाताधारकों को घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि, सतर्कता के तौर पर ग्राहकों को अपने बैंक खातों के मैसेज और स्टेटमेंट पर लगातार नजर रखनी चाहिए. किसी भी अनजान गतिविधि या ट्रांजैक्शन की जानकारी मिलने पर तुरंत बैंक से संपर्क करें. अपना ओटीपी, पिन या पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें.
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तीसरी धारा न्यूज / जमशेदपुर:
पूर्वी सिंहभूम मुक्केबाज़ी संघ की विशेष आम सभा रविवार को सीतारामडेरा स्थित सेंटर के सभागार में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन की मान्यता, खिलाड़ियों के अधिकार, प्रशिक्षकों की भूमिका और झारखंड में मुक्केबाज़ी के सर्वांगीण विकास को लेकर कई गंभीर मुद्दे उठाए गए। बैठक में खिलाड़ियों, पूर्व मुक्केबाज़ों, प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों ने खेल प्रशासन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जोरदार मांग की।

संघ के अध्यक्ष और ओलंपियन दिवाकर प्रसाद की उपस्थिति में हुई चर्चा
सभा में संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण टुडू, सचिव एवं ओलंपियन दिवाकर प्रसाद और कोषाध्यक्ष कार्तिक महतो समेत मुक्केबाज़ी जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा झारखंड मुक्केबाज़ी संघ के वरिष्ठ मार्गदर्शक अर्नेश लकड़ा ने भी बैठक में अपने बहुमूल्य अनुभव साझा किए। बैठक के दौरान मान्यता, संगठनात्मक पारदर्शिता, रेफरी-जजों की योग्यता और ग्रामीण स्तर पर खेल के विस्तार जैसे विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया।
खिलाड़ियों के भविष्य और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
सभा में उपस्थित खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने दो टूक कहा कि किसी भी प्रकार के संगठनात्मक विवादों का असर उभरते हुए खिलाड़ियों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए। प्रतियोगिताओं में निष्पक्ष भागीदारी, बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल उपकरणों और बॉक्सिंग रिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। पूर्व मुक्केबाज़ एवं प्रशिक्षक विजय सोय ने जमीनी स्तर पर बच्चों को प्रशिक्षण देने के अपने अनुभव साझा करते हुए खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को पर्याप्त सहयोग देने की आवश्यकता बताई।
ग्रामीण क्षेत्रों में बॉक्सिंग को बढ़ावा और खिलाड़ी की मृत्यु की निष्पक्ष जांच की मांग
बैठक में ग्रामीण प्रतिभाओं को मुक्केबाज़ी से जोड़ने की पहल पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत वर्ष 2025 में गठित संघ की समिति द्वारा पांच ग्रामीण क्षेत्रों में बॉक्सिंग क्लब शुरू किए गए हैं। वहीं दूसरी ओर, सीतारामडेरा सेंटर में एक खिलाड़ी की मृत्यु की दुर्भाग्यपूर्ण घटना कामुद्दा उठाते हुए सदस्यों ने इसकी निष्पक्ष जांच कराने और जवाबदेही तय करने की मांग की। सदस्यों ने जोर देकर कहा कि प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
पारदर्शी प्रक्रिया और वैधानिक समिति को मान्यता देने की उठी आवाज
सभा में रेफरी-जजों की नियुक्ति में प्रमाणित योग्यता व पारदर्शिता बरतने, पूर्ववर्ती समिति के पदाधिकारियों की पात्रता, तथा वैधानिक प्रक्रिया के तहत गठित पात्र समिति को मान्यता देने की मांग की गई। बैठक में शामिल सभी लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि झारखंड में मुक्केबाज़ी का स्तर सुधारने के लिए आपसी विवादों को दरकिनार कर ठोस कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।
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तीसरी धारा न्यूज / जमशेदपुर:
यदि आप आगामी दीपावली, छठ पूजा, गुरुपर्व या नए साल पर पटाखे फोड़ने की तैयारी कर रहे हैं, तो झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (JSPCB) द्वारा जारी समय सीमा और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों को जरूर जान लें. राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों के आलोक में त्योहारों के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस जारी कर दी हैं.
दिवाली और गुरुपर्व पर रात 8 से 10 बजे तक ही अनुमति
प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव राजीव लोचन बख्शी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दीपावली और गुरुपर्व के अवसर पर रात 8:00 बजे से 10:00 बजे तक (केवल 2 घंटे) ही पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी. वहीं, छठ पूजा के दौरान सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक पटाखे चलाए जा सकेंगे. इसके अलावा क्रिसमस और नववर्ष (न्यू ईयर) के मौके पर रात 11:55 बजे से मध्य रात्रि 12:30 बजे तक पटाखे फोड़ने की इजाजत दी गई है.
125 डेसीबल से अधिक आवाज वाले पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध
दिशा-निर्देशों में साफ किया गया है कि केवल उन्हीं शहरी क्षेत्रों में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति होगी जहाँ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 1 से 100 (संतोषप्रद) के बीच है. साथ ही, पटाखों की ध्वनि सीमा 125 डेसीबल (dB-A) से कम होनी चाहिए, उससे अधिक आवाज करने वाले पटाखों पर पूरी तरह से रोक रहेगी. रिहायशी इलाकों में दिन के समय 55 dB और रात में 45 dB, जबकि साइलेंट ज़ोन में अधिकतम 40 dB ध्वनि प्रदूषण का मानक तय है.
नियम तोड़ने पर बीएनएसएस और पर्यावरण अधिनियम के तहत होगी जेल व जुर्माना
नियमों और समय सीमा का उल्लंघन करने वालों पर सक्षम प्राधिकारियों द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. दोषी पाए जाने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 37 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.
जमशेदपुर के 10 प्रमुख स्थानों पर मापा जाएगा प्रदूषण
क्षेत्रीय पदाधिकारी जीतेंद्र सिंह ने बताया कि दिवाली के दौरान प्रदूषण के सही आंकड़े जुटाने के लिए जमशेदपुर शहर के 10 प्रमुख स्थानों पर मापक यंत्र लगाए जाएंगे. जांच स्थलों में आदित्यपुर एस टाइप चौक, पान दुकान चौक, बिष्टुपुर लाइट सिग्नल, टाटा मुख्य अस्पताल (TMH), साकची गोलचक्कर, जमशेदपुर कोर्ट, सोनारी, आदित्यपुर JSPCB कार्यालय, गोपाल मैदान (बिष्टुपुर) और गोलमुरी टिनप्लेट गोलचक्कर शामिल हैं.
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