एक नई सोच, एक नई धारा

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जमशेदपुरः टाटानगर रेलवे यार्ड में तेंदुए जैसे वन्यजीव के देखे जाने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें झाड़ियों के बीच एक जंगली जानवर घूमता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे कर्मियों और आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटानगर रेलवे प्रबंधन ने तत्काल जमशेदपुर के डीएफओ सबा आलम अंसारी को औपचारिक पत्र भेजते हुए वायरल वीडियो साझा किया है। रेलवे प्रशासन ने वन विभाग से जल्द रेस्क्यू अभियान चलाने की मांग की है। रेलवे यार्ड का इलाका काफी संवेदनशील माना जाता है, जहां दिन-रात रेल कर्मचारियों की आवाजाही और ट्रेनों की शंटिंग का कार्य चलता रहता है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। डीएफओ के निर्देश पर रिसर्चर इमरान और फॉरेस्टर मिथुन के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा गया है। टीम इलाके की निगरानी कर रही है और ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी भी की जा रही है। रेलवे कॉलोनियों और यार्ड के आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। यार्ड का बड़ा हिस्सा झाड़ियों और सुनसान इलाकों से घिरा होने के कारण खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए रेलवे और वन विभाग ने संयुक्त रूप से लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि रात में सुनसान रास्तों पर अकेले न जाएं, बच्चों को बाहर अकेला न छोड़ें और किसी भी जंगली जानवर को देखकर उसके पास जाने या वीडियो बनाने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत प्रशासन को सूचना दें। फिलहाल पूरे यार्ड क्षेत्र में विशेष निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग की जांच रिपोर्ट और ट्रैप कैमरों के फुटेज आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
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आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट में हादसा, सात मजदूर झुलसे

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

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आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.

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झारखंड : पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुफ्त में होगा लाखों रुपये का बीमा, पढ़ें पूरी खबर

झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)

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जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

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पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।

वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

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जमशेदपुर में गहराया ईंधन संकट: पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें, कई जगह ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड से जनता परेशान

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में पिछले दो-तीन दिनों से ईंधन की भारी किल्लत देखी जा रही है। शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल के लिए वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई प्रमुख पंपों पर ‘नो फ्यूल’ (No Fuel) के बोर्ड लटका दिए गए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।IMG 20260512 083301

पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल

​शहर के साकची, बिष्टुपुर, मानगो और टेल्को जैसे व्यस्त इलाकों में स्थित पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। घंटों इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। जिन पंपों पर तेल उपलब्ध है, वहां वाहनों की कतारें मुख्य सड़कों तक पहुंच गई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।b 1

जनता में भारी रोष

​ईंधन की इस अचानक कमी ने नौकरीपेशा लोगों, स्कूली बच्चों के अभिभावकों और ट्रांसपोर्टरों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक तरफ सरकार ईंधन बचाने की अपील कर रही है, और दूसरी तरफ बाजार में उपलब्धता की कमी ने दैनिक जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऑटो और कमर्शियल वाहन चालकों को भी अपना काम बंद करना पड़ रहा है।a 2

संकट की मुख्य वजह?

​हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी बड़ी तकनीकी खराबी की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि वैश्विक ईंधन संकट की आहट और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आई बाधा इसकी मुख्य वजह हो सकती है। वहीं, कुछ लोग इसे भविष्य में कीमतों में होने वाले बदलाव की आशंका से भी जोड़कर देख रहे हैं।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

​शहर की जनता ने जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को पेट्रोल पंपों पर तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करानी चाहिए और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। फिलहाल, लोग इस उम्मीद में एक पंप से दूसरे पंप के चक्कर काट रहे हैं कि कहीं उन्हें अपनी गाड़ी के लिए कुछ लीटर पेट्रोल मिल जाए।

तीसरी धारा न्यूज

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नक्सलियों के अभेद्य किले ‘बूढ़ा पहाड़’ पहुंचे सीआरपीएफ स्पेशल डीजी, जवानों का बढ़ाया हौसला

गढ़वा: सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी दीपक कुमार ने मंगलवार को गढ़वा जिले के सुदूरवर्ती बड़गड़ थाना क्षेत्र स्थित बूढ़ा पहाड़ कैंप का दौरा किया। एक समय में नक्सलियों का सबसे मजबूत और अभेद्य किला माना जाने वाला यह क्षेत्र अब सुरक्षा और विकास के नए दौर से गुजर रहा है। स्पेशल डीजी ने इस दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और चल रही विकास योजनाओं का जायजा लिया।n7120553561778651747710eccddaf83bea4dd1556bc61b2515719583085d9efecc84b2f373a9497f994e7b

भयमुक्त वातावरण और विकास की नई इबारत

​निरीक्षण के दौरान स्पेशल डीजी ने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित यह दुर्गम क्षेत्र कभी नक्सलियों का गढ़ था, जहाँ लोग खौफ के साये में जीने को मजबूर थे। लेकिन आज जिला प्रशासन, गढ़वा पुलिस और सीआरपीएफ के साझा प्रयासों से यहाँ स्थिति बदली है। अब यहाँ भयमुक्त वातावरण है और विकास की किरणें घर-घर तक पहुंच रही हैं। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति और ऑपरेशनल तैयारियों की भी समीक्षा की।b 1

बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट योजना की समीक्षा

​दौरे के दौरान स्पेशल डीजी ने राज्य सरकार द्वारा संचालित “बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट योजना” की प्रगति की जांच की। उन्होंने अधिकारियों के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की। डीजी ने सख्त निर्देश दिए कि चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसलिए सक्रिय नक्सलियों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए।a 2

जवानों की वीरता को सलाम

​बूढ़ा पहाड़ का भ्रमण करने के बाद स्पेशल डीजी गढ़वा स्थित सीआरपीएफ 172 बटालियन के मुख्यालय पहुंचे। वहां आयोजित ‘सैनिक सम्मेलन’ में उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए उनकी वीरता और साहस की जमकर सराहना की।

​इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उनके साथ:

  • ​सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार
  • ​डीआईजी पंकज कुमार
  • ​पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल
  • ​गढ़वा एसपी आशुतोष शेखर
  • ​172 बटालियन के कमांडेंट अमरेंद्र कुमार सिंह

​सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सशस्त्र जवान मुख्य रूप से उपस्थित थे।

तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुरः टाटानगर रेलवे यार्ड में तेंदुए जैसे वन्यजीव के देखे जाने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें झाड़ियों के बीच एक जंगली जानवर घूमता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे कर्मियों और आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटानगर रेलवे प्रबंधन ने तत्काल जमशेदपुर के डीएफओ सबा आलम अंसारी को औपचारिक पत्र भेजते हुए वायरल वीडियो साझा किया है। रेलवे प्रशासन ने वन विभाग से जल्द रेस्क्यू अभियान चलाने की मांग की है। रेलवे यार्ड का इलाका काफी संवेदनशील माना जाता है, जहां दिन-रात रेल कर्मचारियों की आवाजाही और ट्रेनों की शंटिंग का कार्य चलता रहता है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। डीएफओ के निर्देश पर रिसर्चर इमरान और फॉरेस्टर मिथुन के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा गया है। टीम इलाके की निगरानी कर रही है और ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी भी की जा रही है। रेलवे कॉलोनियों और यार्ड के आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। यार्ड का बड़ा हिस्सा झाड़ियों और सुनसान इलाकों से घिरा होने के कारण खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए रेलवे और वन विभाग ने संयुक्त रूप से लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि रात में सुनसान रास्तों पर अकेले न जाएं, बच्चों को बाहर अकेला न छोड़ें और किसी भी जंगली जानवर को देखकर उसके पास जाने या वीडियो बनाने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत प्रशासन को सूचना दें। फिलहाल पूरे यार्ड क्षेत्र में विशेष निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग की जांच रिपोर्ट और ट्रैप कैमरों के फुटेज आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे यार्ड में तेंदुए जैसा एक वन्यजीव देखे जाने की खबर से पूरे रेल क्षेत्र में दहशत फैल गई है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें झाड़ियों के बीच एक जंगली जानवर को घूमते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद यार्ड में काम करने वाले रेल कर्मचारियों और नजदीकी कॉलोनियों के निवासियों में डर का माहौल है।32c2d2c01e9619c8b31b4edbac6ffb9e0daaea64e32314e2db05b7663981cf6a.0

रेलवे प्रबंधन ने वन विभाग को लिखा पत्र

​मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटानगर रेलवे प्रबंधन ने तत्काल जमशेदपुर के डीएफओ (DFO) सबा आलम अंसारी को औपचारिक पत्र भेजकर घटना की जानकारी दी है। वायरल वीडियो को साक्ष्य के तौर पर साझा करते हुए रेलवे प्रशासन ने मांग की है कि वन विभाग जल्द से जल्द रेस्क्यू अभियान चलाए। बता दें कि रेलवे यार्ड एक संवेदनशील इलाका है, जहां दिन-रात ट्रेनों की शंटिंग और कर्मचारियों का आवागमन बना रहता है।b 1

जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम

​सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आ गई है। डीएफओ के निर्देश पर रिसर्चर इमरान और फॉरेस्टर मिथुन के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम यार्ड भेजी गई है।

  • निगरानी: टीम पूरे इलाके में पगमार्क (पदचिह्न) की तलाश कर रही है।
  • ट्रैप कैमरे: जानवर की पहचान सुनिश्चित करने के लिए इलाके में ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है।

प्रशासन की ओर से सतर्क रहने की अपील

​यार्ड का एक बड़ा हिस्सा घनी झाड़ियों और सुनसान इलाकों से घिरा हुआ है, जिससे जंगली जानवरों के छिपने की संभावना बढ़ जाती है। इसे देखते हुए रेलवे और वन विभाग ने संयुक्त रूप से एडवायजरी जारी की है:a 2

  1. ​रात के समय सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचें।
  2. ​बच्चों को घर से बाहर अकेला न छोड़ें।
  3. ​किसी भी वन्यजीव को देखकर उसके करीब जाने या वीडियो बनाने की कोशिश न करें।
  4. ​जानवर दिखने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

​फिलहाल, वन विभाग की जांच रिपोर्ट और कैमरों के फुटेज का इंतज़ार किया जा रहा है ताकि पुष्टि हो सके कि दिखाई देने वाला जानवर तेंदुआ ही है या कोई अन्य वन्यजीव। पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।

तीसरी धारा न्यूज

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सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ते ही सोना 1.64 लाख और चांदी 3 लाख के पार

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) बढ़ाने के फैसले का असर घरेलू बाजार पर तुरंत और बेहद तीखा देखने को मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। जहां सोने की कीमत में एक ही दिन में 11,000 रुपये से ज्यादा की तेजी आई, वहीं चांदी ने पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर पार कर लिया।n71205025817786511755241144f11712ecce680dbdd4a4724d9ef55cc4f3443fed8c962003272d4f79f0a2

बाजार में जबरदस्त हलचल

​वायदा बाजार के आंकड़ों के अनुसार:

  • सोना: कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमत 1,64,497 रुपये प्रति दस ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गई। सुबह बाजार खुलने के कुछ ही घंटों के भीतर इसमें करीब 11,055 रुपये का इजाफा देखा गया।
  • चांदी: चांदी की कीमतों ने भी लंबी छलांग लगाई और 3,01,429 रुपये प्रति किलोग्राम के शिखर को छू लिया। पिछले बंद भाव की तुलना में इसमें 22,367 रुपये से अधिक की तेजी दर्ज की गई।b 1

क्यों बढ़ी कीमतें?

​कीमतों में इस भारी उछाल की मुख्य वजह सरकार द्वारा इंपोर्ट टैरिफ को 6% से बढ़ाकर 15% करना है। इसमें 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% कृषि बुनियादी ढांचा एवं विकास उपकर (AIDC) शामिल है। सरकार ने यह कदम गिरते रुपये को थामने, व्यापार घाटे को कम करने और सोने के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए उठाया है।

​इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान युद्ध की अनिश्चितता और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव ने भी सोने-चांदी को ‘सुरक्षित निवेश’ के रूप में मजबूती दी है।a 2

इंटरनेशनल मार्केट बनाम घरेलू बाजार

​दिलचस्प बात यह है कि जहां भारतीय बाजारों में कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमतों में करीब 0.4% की गिरावट देखी गई और यह 4,695.99 डॉलर प्रति औंस पर रहा। घरेलू बाजार में बढ़ी कीमतें मुख्य रूप से बढ़ी हुई ड्यूटी के साथ तालमेल बिठाने (Price Adjustment) का परिणाम हैं।

क्या आगे गिरेंगे दाम?

​कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतों में यह उछाल फौरी प्रतिक्रिया है। एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, सरकार का मकसद आयात कम करना है। ड्यूटी बढ़ने से मांग में कमी आ सकती है, जिसके चलते अगले कुछ दिनों में कीमतों में सुधार (गिरावट) देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह गिरावट कितनी होगी, इसके लिए बाजार के अगले कुछ सत्रों पर नजर रखनी होगी।

तीसरी धारा न्यूज

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ईंधन और खर्च कटौती की बड़ी मुहिम: सीएम योगी ने दिए मंत्रियों का काफिला आधा करने के निर्देश, प्रदेशवासियों से की खास अपील

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक ईंधन संकट और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए किए गए आह्वान के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन स्तर पर फिजूलखर्ची रोकने और बचत की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।n71201173017786509609878e7a87aead941e031ac52840d5dd7d04292cb667c0c8578e330464720f395a2d

काफिले में 50% की कटौती और वर्क फ्रॉम होम पर जोर

​मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी और सभी विभागों के प्रमुखों के साथ बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों की फ्लीट (काफिले) में तत्काल 50 प्रतिशत की कमी की जाए। अनावश्यक वाहनों को तत्काल हटाया जाए। इसके अलावा, सीएम ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता देने की अपील की है ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव और ईंधन की खपत कम हो सके।b 1

प्रमुख सरकारी निर्देश और अपील:

  • वर्चुअल बैठकें: सरकारी बैठकों, सेमिनारों और कॉन्फ्रेन्स का आयोजन वर्चुअली किया जाए। सचिवालय की आधी आंतरिक बैठकें भी ऑनलाइन होंगी।
  • सार्वजनिक परिवहन: मंत्री, सांसद और विधायक सप्ताह में कम से कम एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। स्कूलों और कॉलेजों में ‘नो व्हीकल डे’ आयोजित करने का सुझाव दिया गया है।
  • बिजली बचत: रात 10 बजे के बाद व्यावसायिक परिसरों में सजावटी लाइटों का न्यूनतम प्रयोग करने और सरकारी भवनों में बिजली की बचत करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • ईवी और साइकिलिंग: पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), साइकिलिंग और कार-पूलिंग पर विशेष बल दिया गया है।

विदेशी यात्रा और सोने की खरीद पर रोक की अपील

​मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे अगले छह महीने तक गैर-आवश्यक विदेशी यात्राएं न करें। उन्होंने वेडिंग प्लानर्स और नागरिकों से अपील की कि वे ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ के लिए यूपी के किलों, हैरिटेज और ईको साइट्स का चुनाव करें। साथ ही, देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सोने की अनावश्यक खरीद से बचने और निवेश के अन्य माध्यमों को चुनने को कहा है।a 2

स्वदेशी और सेहत पर ध्यान

​खाद्य तेल के बढ़ते आयात को देखते हुए सीएम ने लोगों से इसके उपयोग में कमी लाने का आग्रह किया है। उन्होंने स्थानीय कारीगरों और ओडीओपी (ODOP) उत्पादों को उपहार के रूप में देने और ‘स्वदेशी’ को बढ़ावा देने पर जोर दिया। जेलों, छात्रावासों और सरकारी कैंटीन में भी कम तेल वाले भोजन को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में मौजूदा उथल-पुथल को देखते हुए हमें सावधानी बरतनी होगी। प्रधानमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए उत्तर प्रदेश पूरी तैयारी के साथ कदम बढ़ा रहा है।

तीसरी धारा न्यूज

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बड़ी खबर: अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का निधन, लखनऊ के अस्पताल में मृत घोषित

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। अखिलेश यादव के सौतेले भाई और दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया। प्रतीक यादव भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे।1968501 prateek aparna

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

​जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव को बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के निदेशक डॉक्टर जीपी गुप्ता ने प्रारंभिक तौर पर इसे ‘सस्पेक्टेड प्वाइजनिंग’ (संदिग्ध विषाक्तता) का मामला बताया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह फूड प्वाइजनिंग थी या किसी अन्य पदार्थ का सेवन।

​रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतीक यादव सुबह करीब 4 बजे अपने घर के किचन में अचेत अवस्था में पाए गए थे। मौके पर डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।b 1

जांच का विषय और पोस्टमार्टम

​प्रतीक यादव की मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा किया गया है।

  • पोस्टमार्टम की स्थिति: पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शव को घर ले जाया गया है।
  • रिपोर्ट का इंतज़ार: विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने में 3-4 दिन का समय लग सकता है, जिसके बाद ही मौत की गुत्थी सुलझ पाएगी।

अखिलेश यादव के साथ मधुर संबंध

​38 वर्षीय प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर अपना व्यवसाय संभालते थे, जबकि उनकी पत्नी अपर्णा यादव भाजपा की सक्रिय नेता हैं। अखिलेश यादव और उनके छोटे भाई प्रतीक के बीच संबंध हमेशा मधुर रहे। प्रतीक, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। मुलायम सिंह ने 2003 में साधना गुप्ता के साथ अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था।a 2

परिवार में शोक की लहर

​प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन से यादव परिवार और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। बीते कुछ समय से उनके अस्वस्थ होने की खबरें भी आ रही थीं, लेकिन अचानक इस तरह उनके निधन ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।

तीसरी धारा न्यूज

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मितव्ययिता की मिसाल: पीएम मोदी ने अपने काफिले को किया आधा, देश को दिया खर्च कटौती का कड़ा संदेश

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह जो कहते हैं, उसे खुद भी अमल में लाते हैं। वैश्विक ईंधन संकट की आहट और बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच, पीएम मोदी ने सरकारी खर्च में कटौती की शुरुआत अपने ही काफिले से की है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसी एसपीजी (SPG) को विशेष निर्देश देकर अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम करने को कहा है।1002475098

खुद उदाहरण बनकर पेश की मिसाल

​टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री के इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी संसाधनों की बचत करना और एक ‘एग्जांपल सेट’ करना है। पीएम मोदी लगातार देशवासियों से ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील कर रहे हैं। हाल ही में हैदराबाद और गुजरात के दौरों के दौरान भी उन्होंने जनता से खर्चों में कटौती करने और विदेश यात्राओं से बचने का आग्रह किया था। अब खुद अपने काफिले को छोटा कर उन्होंने संदेश दिया है कि राष्ट्रहित में त्याग की शुरुआत शीर्ष स्तर से हो चुकी है।b 1

एसपीजी को मिले खास निर्देश

​सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि काफिला छोटा करने के साथ-साथ इसमें इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) की संख्या बढ़ाई जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी हिदायत दी है कि इसके लिए नई गाड़ियों की खरीद न की जाए, बल्कि मौजूदा संसाधनों का ही बेहतर इस्तेमाल हो ताकि अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े।a 2

​एसपीजी ने इस निर्देश पर अमल करना शुरू कर दिया है। हाल ही में दिल्ली के बाहर प्रधानमंत्री की यात्राओं के दौरान काफिले का आकार पहले की तुलना में काफी छोटा देखा गया। सुरक्षा एजेंसी यह सुनिश्चित कर रही है कि गाड़ियों की संख्या कम होने के बावजूद ‘ब्लू बुक’ के सुरक्षा नियमों में कोई ढील न आए।

पूरे देश में दिखने लगा असर

​प्रधानमंत्री की इस पहल का असर अब राज्यों में भी दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश तक, कई मंत्रियों ने अपने काफिले कम करने शुरू कर दिए हैं। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय भी अब खर्चों में कटौती की योजना बना रहे हैं। इसमें कर्मचारियों को मेट्रो का इस्तेमाल करने, कारपूलिंग अपनाने और भव्य आयोजनों से बचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

​प्रधानमंत्री का यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि सरकारी कार्यशैली में एक नई सादगी और उत्तरदायित्व की संस्कृति को भी बढ़ावा देगा।

तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में लापरवाही का आरोप, बीसीजी टीका लगने के बाद नवजात की मौत, परिजनों का भारी हंगामा

जमशेदपुर: शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और लापरवाही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को एक नवजात बच्ची की मौत के बाद अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। परिजनों का आरोप है कि गलत टीकाकरण या प्रक्रिया में बरती गई लापरवाही के कारण उनकी स्वस्थ बच्ची की जान चली गई।d1146f69f4ef3259d3a0354705a498b14b56ceab6ed4744b88dd905cedbab5b3.0

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारा रोड निवासी उमेश कुमार ने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए बीते शुक्रवार को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार को उनकी पत्नी ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। रविवार को डॉक्टरों ने मां और बच्ची दोनों को स्वस्थ पाकर अस्पताल से छुट्टी दे दी थी।b 1

​सोमवार को परिजन बच्ची को सरकारी नियमों के अनुसार बीजीसी (BCG) का टीका लगवाने के लिए दोबारा अस्पताल पहुंचे। टीका लगने के कुछ ही देर बाद बच्ची की स्थिति बिगड़ने लगी।

परिजनों के गंभीर आरोप

​मृतक बच्ची के पिता उमेश कुमार ने बताया कि अस्पताल से घर लौटते समय ही बच्ची के रोने की आवाज सामान्य नहीं थी। घर पहुँचते ही उसका शरीर धीरे-धीरे नीला पड़ने लगा और वह बेसुध हो गई। आनन-फानन में परिजन उसे लेकर फिर से एमजीएम अस्पताल भागे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।a 2

​”हमारी बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी। डिस्चार्ज के वक्त भी वह ठीक थी, लेकिन टीका लगने के तीन घंटे के भीतर ही उसकी जान चली गई। यह सीधे तौर पर अस्पताल की लापरवाही है।” — परिजनों का बयान

 

अस्पताल में हंगामा और पुलिस की दखल

​बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ, जिससे काफी देर तक वहां तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। परिजनों ने दोषी स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

​बढ़ते तनाव को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले की जांच का आश्वासन दिया। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आना बाकी है कि क्या यह मौत किसी एलर्जी की वजह से हुई या टीकाकरण में कोई चूक हुई।

तीसरी धारा न्यूज

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रांची में मासूम अदिति का मिला शव: नाले से बरामद हुए अवशेष, राजधानी में शोक की लहर

रांची/जमशेदपुर: राजधानी रांची के सदर थाना क्षेत्र से रविवार को लापता हुई 18 महीने की मासूम बच्ची अदिति पांडेय मामले का बेहद हृदयविदारक अंत हुआ है। कई दिनों की तलाश के बाद अदिति के शव का एक हिस्सा खेलगांव स्टेडियम के सामने स्थित गाड़ी गांव के नाले से बरामद किया गया है। इस घटना के बाद पूरे राज्य में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।IMG 20260512 152608

रविवार से लापता थी मासूम

​कोकर इंडस्ट्रियल एरिया के समीप खोरहा टोली निवासी अदिति पांडेय रविवार को अपने घर के पास से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर सदर थाना पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी। सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक इस मामले की गूंज थी।b 1

मुख्यमंत्री ने की थी इनाम की घोषणा

​मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए थे कि बच्ची को हर हाल में सकुशल बरामद किया जाए। सरकार की ओर से सूचना देने वाले के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।a 2

सर्च ऑपरेशन और बरामदगी

​पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लगातार नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों को खंगाल रही थीं। इसी दौरान खेलगांव के पास एक नाले से बच्ची के शव के अवशेष मिले। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए हैं और अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी औपचारिक पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।

जांच के घेरे में कई सवाल

​पुलिस फिलहाल मामले की दो मुख्य बिंदुओं पर जांच कर रही है:

  1. हादसा: क्या बच्ची बारिश के पानी के तेज बहाव में बहकर नाले तक पहुंची?
  2. साजिश: क्या इस घटना के पीछे कोई आपराधिक साजिश या अपहरण का मामला है?

​पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में खुले नालों की सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर: गोपाल मैदान में भूमि पूजन के साथ राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026 का आगाज

जमशेदपुर: लौहनगरी में राजस्थानी संस्कृति और कला के सबसे बड़े समागम “राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026” की तैयारियां विधिवत रूप से शुरू हो गई हैं। मंगलवार को बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा भूमि पूजन, बजरंग ध्वज स्थापना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडाल निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया।IMG 20260512 WA0026

भक्तिमय वातावरण में हुआ शुभारंभ

​आयोजन की सफलता के लिए आयोजित इस पूजा-अर्चना में सम्मेलन के पदाधिकारियों ने शहरवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। बजरंग ध्वज की स्थापना के साथ ही पूरे मैदान का वातावरण उत्साह और भक्ति से सराबोर हो गया।b 1

17 से 20 मई तक दिखेगी राजस्थान की झलक

​आगामी 17 मई से 20 मई 2026 तक आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय महोत्सव को लेकर मारवाड़ी सम्मेलन ने विशेष तैयारियां की हैं। पदाधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष का मेला पिछले वर्षों की तुलना में अधिक भव्य होगा। मेले के मुख्य आकर्षणों में शामिल रहेंगे:a 2

  • सांस्कृतिक धरोहर: राजस्थान की लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
  • व्यंजन और हस्तशिल्प: पारंपरिक राजस्थानी पकवान और हस्तशिल्प के आकर्षक स्टॉल।
  • मनोरंजन: बच्चों के लिए विशेष झूले और पारिवारिक गतिविधियां।

प्रमुख पदाधिकारियों की रही उपस्थिति

​भूमि पूजन के इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष मुकेश मित्तल, जिला महासचिव प्रदीप मिश्रा, प्रांतीय संयुक्त महामंत्री विमल अग्रवाल और जिला संरक्षक सुशील रामरायका उपस्थित थे।

​इनके अलावा संयुक्त महासचिव अंकुश जवानपुरिया, आकाश शाह, उपाध्यक्ष दिलीप गोयल, मनोज चेतानी, राकेश अग्रवाल (बागा), विमल हरलूपका, सुनील सोंथालिया समेत समाज के कई गणमान्य सदस्य और पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। शहरवासियों में इस महोत्सव को लेकर अभी से काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

तीसरी धारा न्यूज

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