एक नई सोच, एक नई धारा

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आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट में हादसा, सात मजदूर झुलसे

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

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आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.

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झारखंड : पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुफ्त में होगा लाखों रुपये का बीमा, पढ़ें पूरी खबर

झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)

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जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

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पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।

वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

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कलयुगी बेटे की हैवानियत: जयपुर में 80 साल के बुजुर्ग पिता को बेरहमी से पीटा, CCTV में कैद हुई वारदात

जयपुर। माता-पिता अपने बच्चों को इस उम्मीद के साथ पालते-पोसते हैं कि वे बुढ़ापे की लाठी बनेंगे। खुद भूखे रहकर भी बच्चों की हर ख्वाहिश पूरी करने वाले माता-पिता को क्या पता कि वही औलाद एक दिन उनकी जान की दुश्मन बन जाएगी। राजस्थान की राजधानी जयपुर के सांगानेर थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही कलयुगी और संवेदनहीन चेहरा सामने आया है, जहां एक कलयुगी बेटे ने चंद रुपयों की खातिर अपने 80 वर्षीय बुजुर्ग पिता पर बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं।IMG 20260626 191805

​बुजुर्ग पिता की बेरहमी से पिटाई का यह हैरान करने वाला वीडियो घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

​पहले बाइक से टक्कर मारने का प्रयास, फिर घर में घुसकर बरसाए थप्पड़

​मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से टोंक रोड स्थित चंदलाई के रहने वाले 80 वर्षीय आनंदीलाल उचेनिया सांगानेर स्थित मकान में अपनी पत्नी, छोटे बेटे और बहू के साथ रहते हैं। उनका बड़ा बेटा धनपत लाल अलग रहता है। घटना वाले दिन रात करीब 8 बजे धनपत मोटरसाइकिल से अपने पिता के घर पहुंचा।

​CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि जब बुजुर्ग पिता घर के गेट पर स्टूल पर बैठे थे, तभी धनपत ने जानबूझकर उन्हें बाइक से टक्कर मारने की कोशिश की, जबकि गेट के पास अंदर जाने के लिए पर्याप्त जगह थी। इसके बाद जब पिता उसके पीछे-पीछे घर के पोर्च और कमरे के अंदर गए, तो धनपत उन पर टूट पड़ा।b 1

​जमीन पर पटका, लात-घूंसों से पीटा और घसीटा

​आरोपी धनपत ने अंदर घुसते ही अपने बुजुर्ग पिता को एक जोरदार थप्पड़ मारा, जिससे वे असंतुलित होकर फर्श पर गिर गए। इस दौरान आरोपी की मां और छोटा भाई भी बीच-बचाव के लिए आए, लेकिन आरोपी गालियां बकते हुए लगातार बुजुर्ग पिता को पीटता रहा।

​हद तो तब हो गई जब कलयुगी बेटे ने बुजुर्ग पिता की गर्दन पकड़कर उन्हें जमीन पर पटका और फर्श पर गिरने के बाद भी उन पर लातें बरसाता रहा। वह बुजुर्ग पिता को बेरहमी से घसीटता हुआ कमरे से बाहर पोर्च तक ले आया। शोर सुनकर आसपास के लोग भी जमा हो गए, लेकिन बेशर्म औलाद लगातार पिता को गालियां बकता रहा।a 2

​रुपयों की मांग पूरी न होने पर की मारपीट

​बताया जा रहा है कि आरोपी धनपत अपने पिता से बार-बार रुपयों की मांग करता था। पिता पहले उसे पैसे देते रहे थे, लेकिन कुछ समय से उन्होंने पैसे देना बंद कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस कार्रवाई: पीड़ित पिता की शिकायत पर सांगानेर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी लिखमा राम के अनुसार, यह वारदात बीते 19 जून की है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया था, हालांकि बाद में आरोपी को कोर्ट से जमानत मिल गई।

 

​यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ी करती है कि आखिर संस्कारों और रिश्तों का यह पतन कब रुकेगा?

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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झारखंड शिक्षा परियोजना का बड़ा खुलासा: राज्य के 3,485 स्कूलों में पढ़ाई छोड़ रहे बच्चे; धनबाद के 100 स्कूल चिह्नित, चलेगा विशेष नामांकन अभियान

विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

रांची/धनबाद।

झारखंड में स्कूली शिक्षा के स्तर और बच्चों की उपस्थिति को लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) ने एक चौंकाने वाला और चिंताजनक डेटा जारी किया है। परिषद ने उच्च प्राथमिक स्तर (Upper Primary Level) पर स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की बड़ी संख्या, भारी ड्रॉपआउट (स्कूल छोड़ना), ट्रांजिशन रेट और कक्षाओं में बेहद कम उपस्थिति के आधार पर राज्य के 3,485 सरकारी विद्यालयों को रेड ज़ोन के रूप में चिह्नित किया है।n717453420178246954255442fed6c9174c84c93101b7facff0e424bc7940673c04301e9a9b6e8168977af4

​इस सूची में कोयलांचल धनबाद के भी 100 स्कूल शामिल हैं, जहां छात्रों की उपस्थिति का ग्राफ लगातार गिर रहा है और ड्रॉपआउट छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

शत-प्रतिशत दाखिले के लिए चलेगा विशेष अभियान

​इस गंभीर स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग इन चिह्नित स्कूलों में एक व्यापक और विशेष नामांकन अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 5 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के शत-प्रतिशत (100%) बच्चों का स्कूलों या आंगनबाड़ियों में दाखिला सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।b 1

किस जिले में कितने स्कूल हुए चिह्नित?

​राज्य भर में शिक्षा के मोर्चे पर पिछड़े और इस विशेष अभियान के लिए चुने गए स्कूलों का जिलावार आंकड़ा इस प्रकार है:

जिला

चिह्नित स्कूलों की संख्या

पाकुड़

609

दुमका

536

पलामू

428

गोड्डा

341

पश्चिमी सिंहभूम

270

देवघर

232

खूंटी

205

गिरिडीह

171

गुमला

157

साहिबगंज

154

रांची

112

धनबाद

100

लोहरदगा

99

गढ़वा

40

लातेहार

31

कुल स्कूल

3,485

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गैस कनेक्शन कटने का फर्जी SMS भेजकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश; झारखंड और बंगाल से 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार, हैरियर कार और आभूषण बरामद

विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

नई दिल्ली/देवघर।

देश के नागरिकों को डराकर बैंक खाते खाली करने वाले एक और बड़े संगठित साइबर अपराधी गिरोह पर पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर थाना पुलिस ने फर्जी ‘गैस कनेक्शन डिस्कनेक्शन’ का संदेश भेजकर मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल से चार आरोपियों को दबोचा है।n7174645041782469236675a65e776436929be66452646899ee838641c3dbe9e18e72676a1eeda42b710898

​पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में गैजेट्स और लग्जरी सामान बरामद किया है, जिसमें 20 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, सोने-चांदी के आभूषण, 61,900 रुपये नकद और ठगी के पैसों से खरीदी गई एक चमचमाती टाटा हैरियर कार शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल, रहीम, मोहसिन और दिलशाद के रूप में हुई है।

एक APK फाइल और साफ हो गए ₹2.64 लाख

​दक्षिण पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) अमित गोयल ने शुक्रवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह जांच ई-एफआईआर संख्या 53/25 के तहत दर्ज एक शिकायत के बाद शुरू हुई थी।

​शिकायतकर्ता महिला को एक फर्जी मैसेज मिला था, जिसमें लिखा था कि उसका आईजीएल (IGL) गैस कनेक्शन बंद होने वाला है। घबराहट में महिला ने मैसेज में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। ठगों ने मदद के बहाने महिला को व्हाट्सएप पर एक एपीके (APK) फाइल भेजी। जैसे ही महिला ने उस फाइल को अपने फोन में इंस्टॉल किया, साइबर अपराधियों ने उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस (नियंत्रण) हासिल कर लिया और उसके बैंक खाते व क्रेडिट कार्ड से करीब 2.64 लाख रुपये उड़ा दिए।b 1

शाहीन बाग से कोलकाता और फिर झारखंड तक फैला था नेटवर्क

​पुलिस जांच में इस गिरोह के काम करने के बेहद शातिर तरीके का पता चला है:

  • मनी ट्रेल छिपाने का तरीका: ठगी की रकम को सीधे बैंक खातों में रखने के बजाय ये अपराधी तुरंत ऑनलाइन महंगे मोबाइल फोन, डिजिटल गिफ्ट कार्ड और सोने के सिक्के खरीदने में लगा देते थे, ताकि पुलिस पैसों के स्रोत को ट्रैक न कर सके।
  • फर्जी पते पर डिलीवरी: पुलिस ने जब पीड़िता के क्रेडिट कार्ड से खरीदे गए दो मोबाइलों के आईएमईआई (IMEI) नंबर और डिलीवरी एड्रेस को खंगाला, तो पता चला कि सामान दिल्ली के शाहीन बाग के एक फर्जी पते पर मंगाया गया था।
  • कमीशन एजेंट का जाल: पुलिस ने सबसे पहले शाहीन बाग की एक दुकान के सेल्समैन को पकड़ा, जो कमीशन के चक्कर में इन फर्जी पार्सल को रिसीव करके कोलकाता भेजता था।a 2

कोलकाता हब से देवघर तक ऐसे पहुंची पुलिस

​कमीशन एजेंट से मिली लीड के आधार पर पुलिस ने कोलकाता के खिदिरपुर हब से पार्सल लेने पहुंचे एमडी साहिल को गिरफ्तार किया। साहिल से पूछताछ में एमडी रहीम का नाम सामने आया, जो ठगी के इन मोबाइलों को सस्ते दामों में खरीदकर विदेशों में बैठे अपने नेटवर्क और अवैध माध्यमों से बेचता था।

​जब पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं, तो इस गिरोह के तार झारखंड के देवघर से जुड़े मिले। पुलिस टीम ने तुरंत देवघर में छापेमारी कर एमडी मोहसिन और एमडी दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों देवघर में बैठकर इलेक्ट्रॉनिक सामान को ठिकाने लगाने और अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए पूरे गैंग के साथ तालमेल बिठाने का काम करते थे। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह द्वारा की गई अन्य ठगियों का भी पता लगाया जा सके।

– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो

Cabinet reshuffle
मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट: धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला और गडकरी की बदल सकती है भूमिका; रेस में राघव चड्ढा और श्रीकांत शिंदे

विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

नई दिल्ली।

देश के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट में जल्द ही एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। हालांकि इस बदलाव की कोई आधिकारिक तारीख या नए मंत्रियों के नाम अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि कई कद्दावर मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि कईयों के विभागों में बड़ा फेरबदल किया जाएगा।Cabinet reshuffle

​इस सुगबुगाहट को इसलिए भी बल मिल रहा है क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अलग-अलग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की है। इस उच्च स्तरीय मुलाकात के बाद से ही दिल्ली का सियासी पारा चढ़ा हुआ है।

इन बड़े मंत्रियों पर गिर सकती है गाज, बदल सकते हैं विभाग

​सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के कुछ सबसे हाई-प्रोफाइल मंत्रालयों में बदलाव की तैयारी है:

  • धर्मेंद्र प्रधान: पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष के चौतरफा हमले और लगातार हो रहे प्रदर्शनों के चलते शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी पर गाज गिर सकती है।
  • हरदीप सिंह पुरी: सिख या पंजाब कोटे का समीकरण साधने के लिए हरदीप पुरी की जगह किसी अन्य सिख चेहरे को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है या उनका विभाग बदला जा सकता है।
  • दिग्गजों के विभाग बदलने की चर्चा: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के विभागों में भी बड़े बदलाव की अटकलें तेज हैं।b 1

केबिनेट में एंट्री की रेस में ये नए चेहरे

​इस फेरबदल में कुछ चौंकाने वाले और नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है:

  • राघव चड्ढा: आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को केंद्रीय टीम में बड़ी भूमिका मिलने की चर्चाएं हैं, हालांकि उन्होंने अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
  • श्रीकांत शिंदे: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे को भी कैबिनेट में बड़ा पद दिया जा सकता है।
  • नीतीश कुमार और सुखेंदु शेखर रे: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और टीएमसी से भाजपा में आए सुखेंदु शेखर रे को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने की अटकलें हैं।

जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, बिट्टू और पंकज चौधरी पद पर बरकरार

​इस बीच, केरल के वरिष्ठ भाजपा नेता जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल से अपना इस्तीफा दे दिया है। वह अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री थे, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। दूसरी तरफ, रवनीत सिंह बिट्टू राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद भी मंत्री पद पर बने हुए हैं। वहीं पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा भी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के बावजूद केंद्र में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।a 2

यूपी में मिशन-2027 की तैयारी: भाजपा की नई टीम घोषित

​इस बड़े केंद्रीय फेरबदल के संकेतों के बीच, भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी नई सांगठनिक टीम का ऐलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अगुवाई में टीम का विस्तार किया गया है, जिसमें उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री के 6 नए पद बढ़ाए गए हैं।

इस नई टीम की खास बातें:

  • 60% नए चेहरों को मौका देकर संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है।
  • ​दो दर्जन से अधिक मौजूदा पदाधिकारियों को इस बार सूची से बाहर रखा गया है।
  • ​सामाजिक और जातिगत समीकरणों को साधते हुए ओबीसी (OBC) वर्ग को सबसे बड़ी हिस्सेदारी दी गई है, साथ ही महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ाई गई है।

​उत्तर प्रदेश के इस सांगठनिक बदलाव के बाद अब देश के अन्य राज्यों में भी संगठन स्तर पर ऐसे ही बड़े बदलावों की उम्मीद की जा रही है।

– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT रिपोर्ट के बाद बड़ा एक्शन, महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा; 8 आरोपी हिरासत में

विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

अयोध्या।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद अयोध्या से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ ही ट्रस्ट के एक और प्रमुख सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (VHP) की सलाह के बाद दोनों पदाधिकारियों ने यह कदम उठाया है। चूंकि राम मंदिर ट्रस्ट एक स्वायत्त संस्था (Autonomous Body) है, इसलिए इन इस्तीफों पर अंतिम फैसला ट्रस्ट की आगामी बैठक में लिया जाएगा।champat rai and anil mishra resign quit ram mandir trust amidst donation misappropriation controversy 3

SIT की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, दर्ज हुई FIR

​सोमवार को SIT द्वारा सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर की दान प्रक्रिया और नकदी प्रबंधन में कई गंभीर खामियां और लापरवाही सामने आई हैं। हालांकि रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसके आधार पर गुरुवार को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए केस दर्ज किया और मामले में 8 लोगों को नामजद कर आरोपी बनाया।b 1

​आरोपियों की सूची में चंपत राय के करीबी और उनके ड्राइवर टिन्नू यादव का नाम भी शामिल है। इसके अलावा अन्य आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:

  • ​सुभाष श्रीवास्तव
  • ​अनुकल्प मिश्रा
  • ​लवकुश मिश्रा
  • ​करुणेश पांडे
  • ​मनीष यादव
  • ​अविनाश शुक्ला
  • ​रमाशंकर मिश्र

सभी आरोपी पुलिस हिरासत में, कोर्ट में पेशी की तैयारी

​अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर के मुताबिक, केस दर्ज होने के बाद सभी 8 आरोपियों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस इन सभी आरोपियों की रिमांड हासिल करने के लिए इन्हें फैजाबाद की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश करेगी।a 2

अब आगे क्या?

​SIT की रिपोर्ट आने के बाद से ही चंपत राय के इस्तीफे के कयास लगाए जा रहे थे। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ये इस्तीफे दिए गए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में ट्रस्ट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों के इस्तीफे भी देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है ताकि आस्था के इस बड़े केंद्र में हुई वित्तीय अनियमितता की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की रिपोर्ट के बाद बड़ी कार्रवाई: मुख्य सूत्रधार टिन्नू यादव समेत सभी 8 आरोपी गिरफ्तार

स्थान: अयोध्या

श्रेणी: बड़ी ख़बर / अपराध

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

अयोध्या। भव्य राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे और दान राशि में बड़े पैमाने पर हुई हेराफेरी के मामले में पुलिस और प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव समेत सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।ram mandir 1782368410887 1782368411022 bcee334d 8d46 4186 a2e1 077f63b7cb4c

​सूत्रों के अनुसार, इन सभी आठ आरोपियों को गुरुवार की शाम को पुलिस ने कस्टडी में लिया था। इसके बाद अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में रात भर इनसे गहन पूछताछ की गई। मैराथन पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने के बाद शुक्रवार की सुबह पुलिस ने इन्हें आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। आज पुलिस सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी।

कौन हैं गिरफ्तार हुए आठ आरोपी?

​इस हाई-प्रोफाइल चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपी सीधे तौर पर राम मंदिर के दानपात्रों से निकलने वाली रकम की काउंटिंग (गिनती) और प्रबंधन के काम से जुड़े हुए थे। इनमें 6 पेशेवर कैशियर शामिल हैं:

  1. रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव (मुख्य आरोपी, कैश काउंटिंग सुपरवाइजर एवं बैंक डिलीवरी प्रभारी)
  2. सुभाष श्रीवास्तव (मुख्य निगरानी अधिकारी – सभी कैशियरों के काम के इंचार्ज)
  3. अनुकल्प मिश्रा (कैशियर)
  4. लवकुश मिश्रा (कैशियर)
  5. अविनाश शुक्ला (कैशियर)
  6. करुणेश पांडे (कैशियर)
  7. मनीष यादव (कैशियर)
  8. रमाशंकर मिश्रा (कैशियर)

ट्रस्ट के सदस्य की तहरीर पर दर्ज हुई थी FIR

​राम मंदिर परिसर में चढ़ावे की राशि गायब होने की भनक लगते ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट हरकत में आया था। ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य कृष्ण मोहन की लिखित तहरीर पर अयोध्या पुलिस ने तत्काल प्रभाव से गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फौरन SIT का गठन किया गया था।b 1

SIT की जांच में बड़ा खुलासा: चाबी से लेकर तैनाती तक टिन्नू का था सिक्का

​अब तक की पुलिस और एसआईटी जांच में यह साफ हो गया है कि इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड रामकांत उर्फ टिन्नू यादव ही है। जांच में सामने आए मुख्य बिंदु:

  • दानपात्रों की चाबियां: मंदिर परिसर में रखे दानपात्रों और संदूक (बॉक्सेज) की मुख्य चाबियां हमेशा टिन्नू यादव के पास ही रहती थीं।
  • सिंडिकेट का संचालन: दान की गिनती के काम में किस व्यक्ति को रखना है और मंदिर परिसर में किसे नौकरी देनी है, इस पर अंतिम फैसला केवल टिन्नू ही करता था।
  • सुरक्षा में हस्तक्षेप: टिन्नू यादव का दबदबा इस कदर था कि मंदिर परिसर में किस पुलिसकर्मी की तैनाती कहां होगी, यह भी वही तय करता था ताकि चोरी को आसानी से अंजाम दिया जा सके।

ऑटो ड्राइवर से 50 करोड़ के साम्राज्य तक: कौन है टिन्नू यादव?

​मुख्य आरोपी रामकांत उर्फ टिन्नू यादव की फर्श से अर्श तक और फिर सलाखों के पीछे पहुंचने की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, टिन्नू यादव के पिता अयोध्या में एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते थे और टिन्नू खुद कुछ साल पहले तक शहर की सड़कों पर ऑटो रिक्शा चलाता था।a 2

​इसके बाद टिन्नू यादव को चंपत राय के ड्राइवर के रूप में काम मिला। ड्राइवर रहते हुए उसने धीरे-धीरे उनका भरोसा जीता, जिसके बाद उसे मंदिर प्रबंधन और चढ़ावे की देखरेख की सबसे अहम जिम्मेदारी सौंप दी गई।

​ट्रस्ट में पैठ बनाने के बाद टिन्नू यादव ने बेहिसाब संपत्ति अर्जित की। वर्तमान में अयोध्या और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में उसकी अनुमानित संपत्ति 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इसमें अयोध्या एयरपोर्ट के पास स्थित 70 कमरों का एक आलीशान हॉस्टल, कई प्रसिद्ध होटलों और रेस्टोरेंट में हिस्सेदारी (पार्टनरशिप), लग्जरी गाड़ियां और महंगी जमीनें शामिल हैं। पुलिस अब इसकी सभी संपत्तियों और बैंक खातों को अटैच (सीज) करने की तैयारी में है।

निष्पक्षता, सटीकता और विश्वसनीयता का नाम — तीसरी धारा न्यूज

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सरायकेला: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर डीसी ने की प्रेस वार्ता, कहा- ‘कोई भी पात्र नागरिक न छूटे’

तीसरी धारा न्यूज

सरायकेला: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर डीसी ने की प्रेस वार्ता, कहा- ‘कोई भी पात्र नागरिक न छूटे’

सरायकेला (तीसरी धारा न्यूज)। मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में एक विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संबंध में उपायुक्त (डीसी) नीतीश कुमार सिंह ने एक प्रेस वार्ता कर आगामी प्रक्रियाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।IMG 20260626 WA0005

​किसी भी पात्र नागरिक का नाम नहीं हटाया जाएगा: उपायुक्त

​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि इस विशेष अभियान के तहत किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन (अपडेट) और त्रुटिहीन बनाना है। डीसी ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे समय पर अपना गणना प्रपत्र भरकर अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को उपलब्ध कराएं।b 1

​30 जून से शुरू होगा ‘एन्यूमरेशन फेज’, घर-घर जाएंगे बीएलओ

​उपायुक्त ने बताया कि आगामी 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक ‘एन्यूमरेशन फेज’ (गणना चरण) चलाया जाएगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे।

मतदाताओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश:

    • प्रपत्र भरना अनिवार्य: मैपड (Mapped) या अनमैपड (Unmapped) दोनों श्रेणियों के सभी मतदाताओं के लिए यह गणना प्रपत्र भरना अति अनिवार्य है।
    • जमा करने की प्रक्रिया: मतदाताओं को प्रपत्र में आवश्यक विवरण भरकर, अपनी नवीनतम फोटो चिपकानी होगी और हस्ताक्षर करने होंगे।
    • रसीद जरूर लें: प्रपत्र की एक प्रति बीएलओ के पास जमा होगी, जबकि दूसरी प्रति पर मतदाताओं को प्राप्ति रसीद (Acknowledgement Receipt) लेनी होगी।
    • नए मतदाताओं के लिए अवसर: यदि कोई पात्र भारतीय नागरिक वर्तमान मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं है, तो वह प्रपत्र 6 और घोषणा पत्र भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है।

​”चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम इसमें शामिल न हो।”

नीतीश कुमार सिंह, उपायुक्त (सरायकेला)

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​प्रेस वार्ता में ये अधिकारी रहे उपस्थित

​इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम और प्रेस वार्ता के दौरान सरायकेला विधानसभा निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अभिनव प्रकाश, खरसावां विधानसभा निर्वाची पदाधिकारी सह अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती पारूल सिंह और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) अविनाश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: रंजन करवा, तीसरी धारा न्यूज, सरायकेला।

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1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा: विदेश मंत्रालय ने बढ़ाई फीस, जानें अब जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ

तीसरी धारा न्यूज (बिजनेस डेस्क):

देश में पासपोर्ट को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं के बीच विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पासपोर्ट बनवाने और उससे जुड़ी अन्य सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगी। इसका सीधा मतलब यह है कि जुलाई महीने से नया पासपोर्ट बनवाना हो या पुराने पासपोर्ट को रिन्यू (दुबारा) कराना हो, आम जनता को पहले के मुकाबले अधिक पैसे खर्च करने होंगे।IMG 20260625 201814

एक नज़र में देखें पासपोर्ट की नई और पुरानी दरें

पासपोर्ट का प्रकार / सेवा

पुरानी फीस (₹)

नई फीस (₹) – 1 जुलाई से लागू

सामान्य पासपोर्ट (36 पेज)

1,500

2,500

सामान्य पासपोर्ट (60 पेज)

2,000

3,500

पासपोर्ट खोने/खराब होने पर (36 पेज)

3,000

5,000

पासपोर्ट खोने/खराब होने पर (60 पेज)

3,500

6,000

तत्काल पासपोर्ट (36 पेज – कुल फीस)

3,500

5,000

तत्काल पासपोर्ट (60 पेज – कुल फीस)

4,000

6,000

बच्चों का पासपोर्ट (36 पेज)

1,000

1,750

बच्चों का पासपोर्ट खोने/खराब होने पर

2,000

4,250

PCC / सरेंडर सर्टिफिकेट / GEP सेवाएं

500

750

तत्काल सेवा और बच्चों के पासपोर्ट पर भी असर

​यदि आपको आपातकालीन स्थिति में जल्दी पासपोर्ट चाहिए, तो तत्काल सेवा का लाभ लेने के लिए अब ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। ध्यान रहे कि तत्काल की नई फीस (36 पेज के लिए ₹5000 और 60 पेज के लिए ₹6000) में सामान्य फीस भी शामिल है। इसके अलावा, 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट की फीस में भी वृद्धि की गई है।b 1

किसे मिलेगी 10% की छूट?

​विदेश मंत्रालय ने इस बढ़ोतरी के बीच कुछ वर्गों को राहत देने की कोशिश भी की है। 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को नए पासपोर्ट की फीस पर 10 फीसदी की विशेष छूट दी जाएगी। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह छूट केवल ‘नए’ पासपोर्ट के आवेदन पर मिलेगी, पासपोर्ट दोबारा बनवाने (Re-issue) पर यह लागू नहीं होगी।a 2

पासपोर्ट की वैधता (Validity) में कोई बदलाव नहीं

​भले ही पासपोर्ट की फीस बढ़ा दी गई हो, लेकिन उसकी समय-सीमा (वैधता) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

  • ​वयस्कों (Adults) का पासपोर्ट पहले की तरह ही 10 साल के लिए वैध रहेगा।
  • ​बच्चों का पासपोर्ट 5 साल के लिए या उनके 18 वर्ष के होने तक (जो भी पहले पूरा हो) मान्य रहेगा।

​इसके साथ ही, विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए डॉलर में तय की जाने वाली फीस को भी इसी अनुपात में बढ़ा दिया गया है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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इंडस्ट्रियल-कमर्शियल यूजर्स को बड़ी राहत: केंद्र सरकार ने पैक्ड LPG सप्लाई से हटाईं पाबंदियां, बल्क सप्लाई भी 50% बहाल

तीसरी धारा न्यूज (बिजनेस डेस्क):

देश के कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी (Non-Domestic Packed LPG) की सप्लाई पर लगी सभी सेक्टोरल पाबंदियों को पूरी तरह से हटा दिया है। अब इसकी सप्लाई को वापस उसी सामान्य स्तर पर बहाल कर दिया गया है, जो ईरान-अमेरिका युद्ध के संकट से पहले हुआ करती थी।IMG 20260625 194955

इसके साथ ही, संकट के शुरुआती दौर में रोकी गई बल्क एलपीजी (Bulk LPG) की सप्लाई को भी सरकार ने फिर से शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। फिलहाल इसे संकट से पहले होने वाली कुल खपत के 50 फीसदी तक खोल दिया गया है। सरकार के इस कदम से औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र को ईंधन की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा।b 1

संकट के समय सरकार ने क्या दिया था आदेश?

​ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान, सरकार का मुख्य ध्यान देश में घरेलू गैस की उपलब्धता बनाए रखना था। इसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत एक विशेष आदेश जारी किया गया था।a 2

​इस आदेश के तहत:

  • C3-C4 स्ट्रीम्स (जो एलपीजी बनाने का मुख्य आधार हैं) के इस्तेमाल पर कड़ा नियंत्रण लगाया गया था।
  • ​इनका उपयोग पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक कार्यों से पूरी तरह हटाकर सिर्फ और सिर्फ एलपीजी उत्पादन में झोंक दिया गया था ताकि देश में गैस की किल्लत न हो।

क्यों लिया गया पाबंदियां हटाने का फैसला?

​अब देश में घरेलू एलपीजी का उत्पादन पहले से काफी बेहतर स्थिति में पहुंच चुका है। साथ ही, विदेशों से आने वाले इंपोर्टेड एलपीजी कार्गो (Imported LPG Cargoes) की आवक भी सुचारू रूप से शुरू होने वाली है। इसी अनुकूल स्थिति को देखते हुए सरकार ने अब एलपीजी पूल में C3-C4 स्ट्रीम्स का इस्तेमाल कम करने का निर्णय लिया है। अब इन स्ट्रीम्स को वापस पेट्रोकेमिकल और दूसरे महत्वपूर्ण औद्योगिक सेक्टर्स के लिए अधिक मात्रा में डायवर्ट किया जा सकेगा।

आम जनता और घरेलू गैस सिलेंडर पर क्या होगा असर?

राहत की बात: आम उपभोक्ताओं को इस फैसले से चिंतित होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार का यह पूरा फैसला केवल कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर से जुड़ा हुआ है। घरों में इस्तेमाल होने वाले डोमेस्टिक रसोई गैस सिलेंडर की सप्लाई और उनकी कीमतों पर इस फैसले का कोई भी नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। घरेलू गैस की आपूर्ति पहले की तरह ही सुरक्षित और सामान्य बनी रहेगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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महाराष्ट्र विधानसभा में ‘तीन तलाक’ और ‘बहुविवाह’ पर भारी हंगामा, बीजेपी विधायकों और सना मलिक के बीच तीखी बहस

तीसरी धारा न्यूज (मुंबई):

​महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को तीन तलाक और बहुविवाह के मुद्दे पर सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। बीजेपी विधायक देवयानी फरांडे द्वारा केंद्र सरकार के ‘तीन तलाक’ (Triple Talaq) कानून को महाराष्ट्र में कड़ाई से लागू करने को लेकर लाए गए ‘ध्यान आकर्षण’ प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। राकांपा (NCP) विधायक सना मलिक द्वारा कुरान और पाकिस्तान के कानूनों का हवाला दिए जाने पर बीजेपी विधायकों ने तीखी आपत्ति जताई।IMG 20260625 172358

​देवयानी फरांडे ने दिया पाकिस्तान का उदाहरण

​प्रस्ताव पेश करते हुए बीजेपी विधायक देवयानी फरांडे ने पड़ोसी देश पाकिस्तान के कानूनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “अगर हम 1947 में भारत से अलग हुए पाकिस्तान को देखें, तो वहां भी बहुविवाह (Polygamy) के लिए पहली पत्नी से लिखित अनुमति और एक मध्यस्थता परिषद (Arbitration Council) की मंजूरी जरूरी होती है। इसी कड़े कानून के कारण पाकिस्तान में बहुविवाह की दर सिर्फ 1 प्रतिशत है।” उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि उन्होंने खुद पिछले डेढ़ महीने में तीन तलाक के तीन मामले देखे हैं, जिन पर पुलिस ने कार्रवाई की है।b 1

​सना मलिक के बयान से भड़का हंगामा

​जब राकांपा (NCP) विधायक सना मलिक ने इस मामले पर अपना पक्ष रखा, तो सदन का माहौल गर्मा गया। सना मलिक ने सवाल उठाया कि क्या इस तरह का अत्याचार सिर्फ मुस्लिम महिलाओं के साथ ही हो रहा है? उन्होंने बहुविवाह पर तर्क देते हुए कहा:

  • कुरान के नियम लागू हों: पाकिस्तान ने कुछ नया नहीं किया, उसने बस कुरान में बताए गए मुस्लिम कानून को लागू किया है। भारत को भी पाकिस्तान की तरह कुरान की शिक्षाओं के आधार पर कानून लाना चाहिए।
  • तीन तलाक पर सफाई: तलाक के कई तरीके हैं (तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-अहसन), जिन्हें हम मानते हैं। ‘तलाक़-ए-बिद्दत’ (एक बार में तीन तलाक) केवल एक सांस्कृतिक प्रथा थी, जिसका कुरान में जिक्र नहीं है।
  • हर धर्म में बहुविवाह: क्या सिर्फ मुस्लिम पुरुष ही एक से ज्यादा शादियां करते हैं? यह प्रथा हर धर्म में मौजूद है। इस पर समग्रता से कानून बनना चाहिए।

​”देश संविधान से चलेगा, कुरान से नहीं” — अतुल भातखलकर

​सना मलिक के इस बयान पर बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह ‘ध्यान आकर्षण प्रस्ताव’ केवल यह जांचने के लिए है कि तीन तलाक कानून सही ढंग से लागू हो रहा है या नहीं। यहाँ कुरान, पाकिस्तान और इस्लामी परंपराओं पर भाषण देने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा, “यह देश भारत के संविधान के अनुसार चलता है, किसी धार्मिक किताब या कुरान के अनुसार नहीं।”a 2

​सरकार का पक्ष: ‘यूसीसी’ लागू होने पर सब पर प्रभावी होंगे नियम

​सदन में बढ़ते हंगामे के बीच गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने सरकार का पक्ष रखते हुए स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने सना मलिक के सवालों का जवाब देते हुए कहा:

​”हमारे पास दूसरे धर्मों से तीन तलाक को लेकर कोई शिकायतें नहीं आई हैं क्योंकि यह प्रथा कुछ खास समुदायों में ही रही है। केंद्र सरकार ने मोबाइल मैसेज, ईमेल या फोन पर तुरंत तलाक देने की अन्यायपूर्ण प्रथा को खत्म करने के लिए यह कानून बनाया है और राज्य सरकार इसे पूरी तरह लागू करना सुनिश्चित कर रही है।”

 

​गृह राज्य मंत्री ने भरोसा दिलाते हुए आगे कहा कि जब राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू हो जाएगा, तो बहुविवाह और विवाह से जुड़े सभी नियम किसी एक खास धर्म के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होंगे। सरकार किसी खास समुदाय को निशाना नहीं बना रही है, बल्कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा कर रही है।

— तीसरी धारा न्यूज

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