एक नई सोच, एक नई धारा

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आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट में हादसा, सात मजदूर झुलसे

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

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आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.

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झारखंड : पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुफ्त में होगा लाखों रुपये का बीमा, पढ़ें पूरी खबर

झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)

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जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

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पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।

वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

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तीसरी धारा न्यूज: क्षमता से अधिक मजदूरों को बैठाकर पटमदा जा रही बस को एमजीएम पुलिस ने पकड़ा, छत पर बैठे यात्रियों को उतारा

जमशेदपुर: मानगो के डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल के पास शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस ने जान जोखिम में डालकर बस की छत पर सफर कर रहे मजदूरों को नीचे उतारा। क्षमता से अधिक सवारी और छत पर बैठे दर्जनों लोगों को देखकर एमजीएम थाना प्रभारी ने तत्परता दिखाते हुए बस को रुकवाया और एक बड़ा हादसा होने से टाल दिया।FB IMG 1777108455237

थाना प्रभारी ने चलती बस को रुकवाया

​मिली जानकारी के अनुसार, एक निजी बस डिमना चौक से मजदूरों को लेकर पटमदा की ओर जा रही थी। बस के अंदर पैर रखने की जगह नहीं थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में मजदूर बस की छत पर चढ़ गए थे। जैसे ही बस एमजीएम अस्पताल के पास पहुंची, गश्त कर रहे थाना प्रभारी की नजर इस खतरनाक दृश्य पर पड़ी। उन्होंने तुरंत बस को रुकवाकर छत पर बैठे यात्रियों को नीचे उतरने का निर्देश दिया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

पुलिस की सख्ती और दस्तावेजों की जांच

​थाना प्रभारी ने मौके पर ही मजदूरों और बस चालक को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि “इस तरह जान जोखिम में डालकर यात्रा करना मौत को दावत देने जैसा है।” पुलिस ने लापरवाही को देखते हुए बस के कागजात की सघन जांच की और आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए। चालक को चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर वाहन को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।FB IMG 1777108451733

चालक की सफाई: ‘मात्र 20 रुपये है किराया’

​पूछताछ के दौरान बस चालक ने अपनी सफाई में तर्क दिया कि डिमना चौक से पटमदा तक का किराया केवल 20 रुपये है। उसने दावा किया कि सवारियों का दबाव इतना अधिक था कि मना करने के बावजूद मजदूर जबरन छत पर बैठ गए थे। हालांकि, पुलिस ने इस तर्क को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी चालक और संचालक की होती है।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख

​घटना के कुछ देर बाद पुलिस ने सख्त चेतावनी देकर बस को रवाना किया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मानगो और पटमदा मार्ग पर ओवरलोडिंग और छतों पर सवारी बैठाने वाले वाहनों पर अब विशेष नजर रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस मालिकों पर भारी जुर्माना लगाने और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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तीसरी धारा न्यूज: जिला पार्षद डॉ. कविता परमार ने उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र, बागबेड़ा की ज्वलंत समस्याओं पर हुई चर्चा

जमशेदपुर: बागबेड़ा-कीताडीह क्षेत्र की जिला पार्षद डॉ. कविता परमार ने शनिवार को पूर्वी सिंहभूम के नए उपायुक्त (DC) राजीव रंजन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी और क्षेत्र की गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।IMG 20260425 WA0004

​मुलाकात के दौरान डॉ. परमार ने बागबेड़ा और कीताडीह क्षेत्र की जनसुविधाओं, विशेषकर साफ-सफाई और जलापूर्ति योजनाओं पर सकारात्मक चर्चा की।

प्रमुख मांगें और समस्याएं:

  • कचरा उठाव का विस्तार: डॉ. परमार ने बताया कि वर्तमान में केवल बागबेड़ा कॉलोनी और मध्य बागबेड़ा पंचायत में ही कचरा गाड़ी की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने उत्तर पूर्वी, दक्षिण, पश्चिम, पूर्वी, उत्तरी बागबेड़ा और उत्तरी कीताडीह पंचायतों में भी तत्काल कचरा उठाव शुरू करने की मांग की।
  • बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना: वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और बड़ौदा घाट साइट पर चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए उन्होंने सभी फ्रंट पर काम की गति तेज करने का आग्रह किया।
  • सब्जी बाजार में गंदगी का अंबार: डीबी रोड मजार के पास लगने वाले सब्जी बाजार में बाजार समिति द्वारा मासूल वसूली के बावजूद साफ-सफाई न होने का मुद्दा उठाया गया। उन्होंने इसे सुनियोजित तरीके से व्यवस्थित करने की अपील की।
  • स्लुइस गेट की मरम्मत: उत्तरी और पश्चिमी बागबेड़ा की सुरक्षा के लिए स्लुइस गेट को दुरुस्त करना अनिवार्य बताया गया।

उपायुक्त का त्वरित एक्शन

​उपायुक्त राजीव रंजन ने समस्याओं की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उप विकास आयुक्त (DDC) नागेन्द्र पासवान को इन पर संज्ञान लेने का निर्देश दिया। इसके साथ ही डीसी ने बाजार समिति से वार्ता कर सब्जी बाजार की गंदगी की समस्या के स्थाई समाधान का आश्वासन दिया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​डॉ. कविता परमार ने उप विकास आयुक्त से भी मिलकर सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन के सक्रिय सहयोग से जल्द ही बागबेड़ा-कीताडीह की जनता को इन मूलभूत समस्याओं से निजात मिलेगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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जमशेदपुर: आमबागान में “फन वर्ल्ड डिजनीलैंड” का आगाज़, रेंजर झूले और जलपरी शो होंगे खास आकर्षण

जमशेदपुर (साकची): लौहनगरी के साकची स्थित ऐतिहासिक आमबागान मैदान में “फन वर्ल्ड डिजनीलैंड” मेले का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। इस मनोरंजन मेले का शुभारंभ जूना अखाड़ा के उपाध्यक्ष श्री विद्यानंद सरस्वती जी और प्रसिद्ध समाजसेवी श्री अवधेश गिरी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।IMG 20260424 231003

मनोरंजन का नया ठिकाना

​उद्घाटन के पश्चात अतिथियों ने मेले का भ्रमण किया और आयोजन की सराहना की। मेले के संचालक श्री चंद्रशेखर पर्वत ने बताया कि इस वर्ष शहरवासियों के लिए कई नए रोमांचक झूले और शो लाए गए हैं। मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं:

  • रेंजर झूला और ऑक्टोपस राइड: युवाओं के लिए रोमांच से भरपूर।
  • जलपरी शो: बच्चों के लिए विशेष मनोरंजन।
  • सुरक्षा मानक: संचालक ने आश्वस्त किया कि बच्चों और युवाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

शॉपिंग और स्वाद का तड़का

​डिजनीलैंड मेला केवल झूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ परिवार के हर सदस्य के लिए कुछ न कुछ खास है:

  • टेक्सटाइल स्टॉल: विभिन्न राज्यों के बेहतरीन वस्त्र और कारीगरों की कलाकारी।
  • मनिहारी खंड: महिलाओं के लिए सौंदर्य प्रसाधन के विशेष स्टॉल।
  • फूड कोर्ट: खाने-पीने के शौकीनों के लिए विविध प्रकार के लजीज व्यंजन।

दिग्गजों की रही मौजूदगी

​उद्घाटन समारोह के अवसर पर सांसद श्री विद्युत वरण महतो के साथ-साथ शहर की कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें कांग्रेस जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह, एडवोकेट समरेंद्र प्रताप सिंह और शत्रुघन गिरी सहित अन्य प्रमुख लोग शामिल हुए। संचालक चंद्रशेखर पर्वत ने जमशेदपुर की जनता से अपील की है कि वे सपरिवार आकर इस मेले के आनंद और खरीदारी का लुत्फ उठाएं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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हजारीबाग: बैंक ऑफ महाराष्ट्र में करोड़ों की भीषण डकैती, 7 करोड़ का सोना और नकद लेकर फरार हुए अपराधी

हजारीबाग (बरही): झारखंड के हजारीबाग जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में शुक्रवार को अपराधियों ने दिनदहाड़े धावा बोलकर करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और 5 लाख रुपये नकद लूट लिए। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।1777049880940

हथियारों के बल पर बनाया बंधक

​जानकारी के अनुसार, चार की संख्या में आए नकाबपोश अपराधी देसी कट्टों से लैस होकर बैंक में घुसे थे। सुरक्षा और पहचान छिपाने के लिए अपराधियों ने हेलमेट, मास्क और गमछे का इस्तेमाल किया था। बैंक में घुसते ही उन्होंने कर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी और हथियार के बल पर सभी को बंधक बना लिया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

पूरी प्लानिंग के साथ पहुंचे थे डकैत

​अपराधियों ने बैंककर्मियों को डरा-धमकाकर लॉकर खुलवाया और उसमें रखे सोने के जेवरात समेट लिए। लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद, डकैतों ने चालाकी दिखाते हुए बैंक के दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया ताकि कर्मी बाहर न निकल सकें और उन्हें भागने का पर्याप्त समय मिल जाए। बताया जा रहा है कि यह बैंक शाखा महज 7-8 महीने पहले ही खुली थी।

जांच में जुटी पुलिस

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस बैंक के भीतर और आसपास लगे CCTV फुटेज को खंगाल रही है। जिस सफाई से अपराधियों ने इस बड़ी डकैती को अंजाम दिया है, उससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि उन्हें बैंक के आंतरिक ढांचे की पहले से जानकारी थी।

​फिलहाल, जिले की सीमाओं को सील कर सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक अपराधियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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सियासी घमासान: “सम्राट चौधरी की याददाश्त में केमिकल लोचा,” रोहिणी आचार्य का मुख्यमंत्री पर बड़ा हमला

पटना/रांची: बिहार विधानसभा में शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा विश्वासमत हासिल करने के बाद सूबे की सियासत और गरमा गई है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) के जरिए मुख्यमंत्री पर तीखा प्रहार किया है। रोहिणी ने मुख्यमंत्री के भाषण को विरोधाभासी बताते हुए उनकी शैक्षणिक योग्यता और अवसरवादिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।n7098062981777043445331f1ef2446681589cfba9d24b15c845f6e516ac911dc25ac6d7a19aa9e00f35b1c

“पर्सनल अटैक पर तिलमिलाने वाले अपनी ओछी टिप्पणी भूल गए”

​सदन में सम्राट चौधरी ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर व्यक्तिगत आरोप लगाएंगे तो सुनना पड़ेगा। इस पर पलटवार करते हुए रोहिणी आचार्य ने लिखा कि मुख्यमंत्री खुद पर हुए व्यक्तिगत हमलों से तिलमिला रहे हैं, लेकिन वह भूल गए कि उन्होंने एक बेटी द्वारा अपने पिता को किडनी दिए जाने पर कितनी ओछी टिप्पणी की थी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​रोहिणी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में कुछ भी ‘पर्सनल’ नहीं होता। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के दाखिल हलफनामे (Affidavit) में विसंगतियां हैं और जब सवाल उठता है, तो उन्हें जवाब देना चाहिए।”

नाम और याददाश्त पर उठाए सवाल: “क्या कोई केमिकल लोचा है?”

​सम्राट चौधरी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें बिहार की 14 करोड़ जनता का आशीर्वाद प्राप्त है, रोहिणी ने चुटकी लेते हुए कहा:

​”मुख्यमंत्री श्री सम्राट कुमार चौधरी उर्फ राकेश कुमार चौधरी उर्फ राकेश कुमार मौर्या उर्फ सम्राट कुमार मौर्या किस थर्मामीटर से जनता का आशीर्वाद माप रहे हैं? क्या बिहार में 14 करोड़ मतदाता हैं? एनडीए ने चुनाव सम्राट चौधरी के चेहरे पर नहीं लड़ा था। जरूर मुख्यमंत्री की याददाश्त के साथ कोई केमिकल लोचा है!”

 

‘सेलेक्टेड’ मुख्यमंत्री और अवसरवादिता के आरोप

​रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि उन्हें जनता ने नहीं चुना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं थे, बल्कि असली चेहरे को साजिश के तहत हटाकर उन्हें इस कुर्सी पर बैठाया गया है।

​सम्राट चौधरी के ‘पाठशाला’ वाले बयान (कि वह किसी की पाठशाला से नहीं हैं) पर घेरेते हुए रोहिणी ने कहा, “बिल्कुल ठीक कहा, आपने घाट-घाट घूमकर अवसरवादिता की राजनीति पढ़ी है। आप किसी एक पाठशाला में कभी टिके ही नहीं और अभी जहां हैं, वहां कितने दिन टिकेंगे इसकी भी कोई गारंटी नहीं है।”

विधानसभा से लेकर सोशल मीडिया तक वार-पलटवार

​बता दें कि शुक्रवार को सदन में विश्वासमत के दौरान भी सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस हुई थी। अब रोहिणी आचार्य के इस जुबानी हमले ने बिहार की सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी आरजेडी के बीच के संघर्ष को और तेज कर दिया है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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बड़ी खबर: RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस किया रद्द, बैंकिंग कारोबार पर तत्काल प्रभाव से रोक

मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने यह कड़ी कार्रवाई बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रावधानों के उल्लंघन और नियमों की लगातार अनदेखी के कारण की है। इस फैसले के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब किसी भी प्रकार का बैंकिंग परिचालन नहीं कर सकेगा।paytm payments bank license

क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?

​RBI द्वारा जारी बयान के अनुसार, ऑडिट रिपोर्ट में पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा नियमों की गंभीर अनदेखी पाई गई थी। लाइसेंस रद्द करने के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • डेटा सुरक्षा उल्लंघन: बैंक के कामकाज में डेटा सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनमने ढंग से पालना।
  • ग्राहकों के हितों की अनदेखी: मैनेजमेंट का रवैया जमाकर्ताओं और जनहित के प्रतिकूल पाया गया।
  • लगातार विफलता: गवर्नेंस, कंप्लायंस और ऑपरेशंस को लेकर बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद बैंक में सुधार नहीं देखा गया।

ग्राहकों पर क्या होगा असर?

​RBI के इस आदेश के बाद अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक में किसी भी प्रकार का डिपॉजिट स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • ​ग्राहक अब अपने बैंक खाते या वॉलेट में नया पैसा जमा नहीं कर पाएंगे और न ही फंड जोड़ पाएंगे।
  • ​हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि बैंक के पास वाइंडिंग-अप (बंद होने की प्रक्रिया) के दौरान अपनी देनदारियों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त फंड मौजूद है, जिससे ग्राहकों के मौजूदा बैलेंस पर सुरक्षा बनी रहेगी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

2022 से चल रही थी निगरानी

​पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर RBI की कार्रवाई कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। यह प्रक्रिया साल 2022 में शुरू हुई थी, जब पहली बार बैंक पर कुछ पाबंदियां लगाई गई थीं। साल 2024 की शुरुआत में इन पाबंदियों को और सख्त कर दिया गया था। बार-बार सुपरवाइज़री चिंताएं सामने आने के बाद अब अंततः लाइसेंस रद्द करने का ‘आखिरी कदम’ उठाया गया है।

मैनेजमेंट के रवैये पर सख्त टिप्पणी

​रेगुलेटर ने अपनी टिप्पणी में बेहद सख्त लहजे में कहा कि बैंक के मैनेजमेंट का रवैया जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदेह था। नियमों की लगातार अनदेखी के कारण बैंक अब बैंकिंग कारोबार करने की योग्यता खो चुका है।

​इस फैसले ने फिनटेक सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है और यह उन सभी डिजिटल बैंकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो रेगुलेटरी नियमों को हल्के में लेते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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गुमला: नवरतनगढ़ का ऐतिहासिक ‘कीर्ति स्तंभ’ अस्तित्व के संकट में, तालाब गहरीकरण से जमींदोज होने का खतरा

गुमला/सिसई: झारखंड के ऐतिहासिक गौरव और नागवंशी स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना, 17वीं शताब्दी का एकाश्मक प्रस्तर स्तंभ (Monolithic Stone Pillar) आज प्रशासनिक लापरवाही के कारण खतरे में है। गुमला जिले के सिसई-बसिया रोड पर नवरतनगढ़ के समीप स्थित एक प्राचीन तालाब में खड़ा यह कीर्ति स्तंभ कभी भी गिर सकता है।n7098158541777042340286e9b5b6a6788683782d665095a4714c239a4bd1891f26af71ddd7c2a24faeeaf7

तालाब गहरीकरण बना धरोहर के लिए काल

​विचित्र विरोधाभास यह है कि एक तरफ राज्य के पर्यटन और संस्कृति मंत्री धरोहरों के संरक्षण का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गुमला जिले का भूजल संरक्षण विभाग इसी प्राचीन तालाब का गहरीकरण कर रहा है। गहरीकरण के दौरान स्तंभ के आसपास की मिट्टी पूरी तरह हटा दी गई है, जिससे करीब 20 फीट लंबा यह विशाल स्तंभ अब केवल हवा के झोंके या जरा सी हलचल से जमींदोज हो सकता है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

झारखंड का इकलौता 20 फीट ऊंचा प्रस्तर स्तंभ

​पुरातत्वविदों के अनुसार, यह संभवतः झारखंड का इकलौता स्तंभ है जो एक ही पत्थर (एकाश्मक) को तराश कर बनाया गया है।

  • इतिहास: इसका निर्माण नागवंशी राजा रघुनाथ शाह (शासनकाल 1663 ई.) द्वारा कराए जाने के प्रमाण मिलते हैं।
  • विशेषता: ग्रेनाइट पत्थर से बने इस स्तंभ के शिखर पर कमल की आकृति है और इस पर कैथी लिपि में अभिलेख अंकित हैं।
  • महत्व: यह स्तंभ मौर्यकालीन और गुप्तकालीन स्तंभों की परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है, जो नागवंशी शासन की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

​भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), रांची मंडल के सहायक अधीक्षण पुरातत्त्वविद डॉ. नीरज कुमार मिश्र ने बताया कि यह स्तंभ ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ है। इसके तीन ओर अभिलेख हैं और एक ओर खिला हुआ कमल है। इसे बचाने के लिए तुरंत इसके चारों ओर मिट्टी डालकर और ईंट-सीमेंट की दीवार बनाकर संरक्षित करने की आवश्यकता है।

प्रशासन की सफाई: “जानकारी नहीं थी, अब बचाएंगे”

​मामले के तूल पकड़ने पर संबंधित अधिकारियों का कहना है कि उन्हें तालाब के बीच में इस ऐतिहासिक स्तंभ की मौजूदगी की जानकारी नहीं थी। विभाग ने अब आश्वासन दिया है कि जानकारी संज्ञान में आने के बाद गहरीकरण के कार्य में सावधानी बरती जाएगी और स्तंभ को सुरक्षित करने का प्रयास किया जाएगा।

तीसरी धारा न्यूज का सवाल: क्या विकास की अंधी दौड़ में हम अपनी उन जड़ों को ही काट देंगे जो हमारी पहचान हैं? अगर समय रहते इस स्तंभ को संरक्षित नहीं किया गया, तो नागवंशी इतिहास का यह महत्वपूर्ण पन्ना हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश: रजरप्पा मंदिर के 254 दुकानदारों का होगा स्थायी पुनर्वास, भैरवी नदी में बनेगी बैरिकेडिंग

रांची/रामगढ़: रामगढ़ स्थित सुप्रसिद्ध माँ छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने सरकार और जिला प्रशासन को दुकानदारों के पुनर्वास और नदी क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।Maa Chhinnamasta Temple

254 दुकानदारों को मिलेगी स्थायी जगह

​सुनवाई के दौरान रामगढ़ उपायुक्त (DC) और पर्यटन सचिव व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर हुए। रामगढ़ डीसी ने अदालत को सूचित किया कि मंदिर परिसर से हटाए गए 254 वेंडरों के पुनर्वास के लिए मंदिर के पास ही स्थान चिन्हित कर लिया गया है। इस पर अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इन दुकानदारों के लिए स्थायी दुकानें बनाई जाएं। कोर्ट ने सुझाव दिया कि इनसे उचित किराया लिया जाए, जिससे दुकानदारों को आजीविका मिले और सरकार को राजस्व प्राप्त हो।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

भैरवी नदी के ‘डेंजर जोन’ में बैरिकेडिंग का आदेश

​श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, भैरवी नदी के खतरनाक क्षेत्रों में बैरिकेडिंग करने पर चर्चा हुई। जल संसाधन विभाग ने बताया कि इसके लिए 50 लाख रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। अदालत ने CCL को निर्देशित किया कि वह दो सप्ताह के भीतर अपने CSR फंड से इस कार्य पर निर्णय ले। साथ ही, कोर्ट ने चेतावनी दी कि बैरिकेडिंग का काम बरसात शुरू होने से पहले हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए।

अस्पताल निर्माण पर भी जोर

​अदालत ने मंदिर परिसर में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक बेहतर अस्पताल निर्माण पर भी कदम उठाने का निर्देश दिया है। कोर्ट का उद्देश्य मंदिर परिसर को न केवल सुंदर बनाना है, बल्कि यहाँ आने वाले भक्तों के लिए सुरक्षा और चिकित्सा की बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना भी है।

​इस सुनवाई के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि रजरप्पा मंदिर क्षेत्र का कायाकल्प जल्द ही धरातल पर नजर आएगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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झारखंड पुलिस में बंपर बहाली: जल्द नियुक्त होंगे 9362 सिपाही, मुख्यालय ने तैयार किया खाका

रांची/जमशेदपुर: झारखंड के युवाओं के लिए खुशखबरी है। राज्य पुलिस मुख्यालय ने सिपाही स्तर के पुलिसकर्मियों की बड़े पैमाने पर बहाली की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, झारखंड पुलिस में जल्द ही 9362 सिपाहियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।jharkhand police logo img

आरक्षण रोस्टर और बैकलॉग का विवरण तैयार

​राज्य पुलिस मुख्यालय की कार्मिक शाखा ने रिक्त पदों का पूरा विवरण, बैकलॉग और आरक्षण का रोस्टर तैयार कर लिया है। अब इन रिक्तियों को भरने के लिए गृह विभाग को औपचारिक पत्र भेजा जाएगा। यह नियुक्तियां राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नई आरक्षी नियमावली के तहत की जाएंगी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

क्यों हुई इतनी बड़ी रिक्ति?

​पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में खाली पदों के पीछे दो मुख्य कारण हैं:

  1. ​लंबे समय से कार्यरत सिपाहियों (आरक्षियों) की जमादार (एएसआई) पद पर हुई प्रोन्नति (Promotion)।
  2. ​साल 2024 के बाद से बैकलॉग की रिक्तियों का बढ़ना।

पुरानी प्रक्रिया रुकी, अब नई नियमावली से होगी भर्ती

​इससे पहले, सिपाही के कुल 4919 पदों (3799 नियमित और 1120 बैकलॉग) के लिए जनवरी-फरवरी 2024 में आवेदन लिए गए थे। हजारों अभ्यर्थियों ने इसके लिए फॉर्म भरा था, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। उस समय पुरानी नियमावली के तहत बहाली मांगी गई थी, जिसे राज्य सरकार द्वारा नई नियमावली बनाने के कारण बीच में ही रोक दिया गया था। अब नई नियमावली के तहत इन सभी पदों और नई रिक्तियों को मिलाकर कुल 9362 पदों पर बहाली की जाएगी।

युवाओं को मिलेगा मौका

​राज्य में पुलिसकर्मियों की कमी को दूर करने और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय की ओर से प्रक्रिया तेज होने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही गृह विभाग से मंजूरी मिलते ही इसके लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।

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कानपुर: गुरुकुल में मासूम की बेरहमी से हत्या, शरीर पर मिले चोट के 42 निशान; मामा ही निकला ‘कंस’

कानपुर/लखनऊ: रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक रूह कपा देने वाली घटना सामने आई है। लखनऊ के एक गुरुकुल में पढ़ने गए 11 साल के मासूम दिव्यांश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, उसने पुलिस और परिजनों के होश उड़ा दिए हैं। बच्चे के शरीर पर प्रताड़ना के 42 गंभीर निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि उसे मौत से पहले नर्क जैसी यातनाएं दी गईं।n70977556417770405491622c094536d136cb8760d6d098ba0475604c673bfa1b25731817b0258efc9ae92c

शरीर पर सिगरेट से जलाने के 11 निशान

​पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मासूम दिव्यांश की पीठ, हाथ, पैर और सीने पर गहरे जख्म थे। क्रूरता की हद तो तब पार हो गई जब उसके शरीर पर सिगरेट से जलाने के 11 निशान भी पाए गए। परिजनों ने बच्चे के साथ कुकर्म की भी आशंका जताई है, जिसके बाद पुलिस ने सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेज दिए हैं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

भरोसा पड़ा भारी: मामा ही बना काल

​कानपुर के महाराजपुर, गौरैया गांव निवासी नरेंद्र कुमार ने अपने इकलौते बेटे दिव्यांश को बेहतर शिक्षा के लिए 15 अप्रैल को लखनऊ के आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में दाखिल कराया था। इस गुरुकुल का संचालन दिव्यांश का रिश्ते में मामा लगने वाला सौरभ मिश्रा उर्फ कन्हैया कर रहा था। परिजनों को अंदेशा भी नहीं था कि जिस मामा पर उन्होंने भरोसा किया, वही उनके बेटे का हत्यारा निकलेगा।

रात भर दी तालिबानी सजा: थप्पड़, लात और डंडों से पीटा

​पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी सौरभ ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि दिव्यांश गुरुकुल के नियमों का पालन नहीं कर रहा था, जिससे नाराज होकर उसने बच्चे को घंटों धूप में खड़ा रखा। इसके बाद रात भर उसे लात-घूंसों और डंडों से बेरहमी से पीटा। एक जोरदार लात लगने से बच्चा दीवार से टकराकर बेहोश हो गया, जिसे आरोपी उसी हाल में छोड़कर चला गया। अगली सुबह मासूम मृत पाया गया।

साक्ष्य मिटाने की साजिश और प्रेमिका की भूमिका

​घटना को छिपाने के लिए आरोपी ने इसे बीमारी का रूप देने की कोशिश की और परिजनों को गलत सूचना दी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गुरुकुल के CCTV फुटेज को डिलीट करने में सौरभ की महिला मित्र प्रियंका ने मदद की। पुलिस ने प्रियंका को भी हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

पुलिस की कार्रवाई

​महाराजपुर और लखनऊ पुलिस के समन्वय से मुख्य आरोपी सौरभ मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक अत्यंत गंभीर और जघन्य अपराध है। मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में पैरवी की जाएगी।

​अपने मां-बाप के इकलौते चिराग के इस तरह बुझ जाने से पूरे गौरैया गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

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