आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.
आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.
झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)
जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा
पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।
वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।
जमशेदपुर: झारखंड आंदोलन के जनक और करोड़ों दिलों की धड़कन ‘दिशोम गुरु’ स्वर्गीय शिबू सोरेन जी को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजे जाने पर लौहनगरी जमशेदपुर सहित पूरे राज्य में हर्ष की लहर है। इस ऐतिहासिक और भावुक क्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए शहर के प्रख्यात समाजसेवी सह ‘जमशेदपुर टाइगर क्लब’ के अध्यक्ष आजाद गिरी ने अपनी गहरी प्रसन्नता और आदर प्रकट किया है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामयी समारोह के दौरान जब गुरुजी की धर्मपत्नी रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया, तो वह पल हर झारखंडी की आंखों में गौरव और आंसुओं का अनूठा संगम लेकर आया।
इस गौरवमयी उपलब्धि पर बधाई देते हुए समाजसेवी आजाद गिरी ने कहा:
”आदरणीय गुरु जी आज भले ही हमारे बीच सशरीर मौजूद नहीं हैं, लेकिन जल, जंगल, जमीन और दबे-कुचलों के अधिकारों के लिए लड़ा गया उनका ऐतिहासिक संघर्ष आज भी हर झारखंडी को प्रेरित करता है। केंद्र सरकार द्वारा उन्हें मरणोपरांत ‘पद्म भूषण’ देना उनके दशकों के आत्मत्याग, जन-आंदोलन और अमिट विरासत को पूरे राष्ट्र का एक सच्चा और न्यायोचित नमन है। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि राज्य के हर उस नागरिक का सम्मान है जिसने झारखंड के अस्तित्व की लड़ाई लड़ी है।”
आजाद गिरी ने आगे कहा कि गुरुजी का जीवन हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है और यह पुरस्कार आने वाली पीढ़ियों को अपनी माटी के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा।
जमशेदपुर: झारखंड आंदोलन के महानायक और दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन जी को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ (मरणोपरांत) से सम्मानित किए जाने पर पूरे राज्य में गौरव का माहौल है। इस ऐतिहासिक क्षण को झारखंड के संघर्षमयी इतिहास के लिए एक बड़ा सम्मान बताया जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में गुरुजी की धर्मपत्नी रूपी सोरेन द्वारा यह सम्मान ग्रहण किया गया। इस बेहद भावुक और गौरवमयी उपलब्धि पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के युवा नेता सिमरन भाटिया ने अपनी गहरी खुशी और आदर व्यक्त किया है।
सिमरन भाटिया ने कहा कि आदरणीय गुरु जी भले ही आज हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनका पूरा जीवन झारखंड की जनता, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। मरणोपरांत मिला यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान उनके दशकों के त्याग, अद्वितीय संघर्ष और अमिट विरासत को देश का सच्चा नमन है। इस ऐतिहासिक सम्मान से न सिर्फ झामुमो कार्यकर्ता, बल्कि देश-दुनिया में रहने वाले हर एक झारखंडी का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।
धालभूमगढ़: प्रखंड की रावतरा पंचायत भवन में कृषि सुधार, किसानों के सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और प्रखंड प्रमुख विशेष रूप से उपस्थित थे, जबकि बैठक की अध्यक्षता एलडीएम (LDM) संजीव कुमार चौधरी ने की।
’खेती बचाओ, केसीसी लोन’ और ‘कृषिका ऐप’ पर केंद्रित रही बैठक
इस जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु ‘खेती बचाओ, केसीसी लोन’ अभियान और ‘कृषिका ऐप’ की उपयोगिता रहा। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने उपस्थित किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी कृषि योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सस्ते ऋण का लाभ (KCC Loan): एलडीएम संजीव कुमार चौधरी ने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से मिलने वाले सस्ते ऋण और इसके दूरगामी लाभों के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि समय पर ऋण का भुगतान करने से भविष्य में और अधिक वित्तीय सहायता का मार्ग प्रशस्त होता है।
आधुनिक तकनीक से जुड़ाव (Krishika App): किसानों को डिजिटल युग की आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए ‘कृषिका ऐप’ के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस ऐप के जरिए किसान घर बैठे ही कृषि संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त कर सकते हैं।
ऑन-द-स्पॉट आवेदन प्रक्रिया: बैठक के दौरान ही कई इच्छुक किसानों ने नए केसीसी लोन के लिए अपने आवेदन जमा किए। इन आवेदनों को संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर ही सत्यापित किया गया ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा पर भी हुई चर्चा
कृषि विकास के साथ-साथ बैठक में वित्तीय समावेशन और साक्षरता पर भी व्यापक चर्चा हुई। ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), अटल पेंशन योजना (APY) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में बताया गया। इसके अलावा, जन धन खाता खोलने, केवाईसी (KYC), डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और वर्तमान समय में बेहद जरूरी साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।
प्रखंड प्रशासन ने दिया सहयोग का आश्वासन
इस अवसर पर ब्लॉक कृषि पदाधिकारी, बैंक प्रबंधन, संबंधित पंचायत के मुखिया, साख फाउंडेशन के सीएफ इंचार्ज, ट्रेनर, किसान मित्र और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण किसान मौजूद थे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए ऐसी जागरूकता बैठकें बेहद जरूरी हैं। प्रखंड के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि कृषि कार्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी या वित्तीय समस्या आने पर वे निसंकोच ब्लॉक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
सरायकेला: सरायकेला थाना क्षेत्र के कोलाबिरा में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहाँ एक अनियंत्रित हाइवा की चपेट में आने से बाइक सवार महिला की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
दवा लेने जाने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हाथीटांड निवासी शंभू महतो अपनी पत्नी फुलझरी महतो (निवासी: रपचा, गम्हरिया) के साथ बाइक पर सवार होकर कदमा से दुगनी दवा लेने जा रहे थे। इसी दौरान कोलाबिरा के पास पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार हाइवा ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि फुलझरी महतो की मौके पर ही मौत हो गई।
भाग रहे हाइवा चालक को लोगों ने दबोचा, लगाया लंबा जाम
दुर्घटना के बाद हाइवा चालक वाहन लेकर तेजी से भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा कर उसे पकड़ लिया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर लगभग एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों की मांग: ‘लगे स्पीड ब्रेकर, थमे रफ्तार’
प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों ने मृतका के परिजनों के लिए उचित मुआवजे की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग पर बड़े वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तुरंत स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
पुलिस ने समझा-बुझाकर हटवाया जाम
घटना की सूचना मिलते ही सरायकेला थाना प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जाम को खुलवाया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, दुर्घटना कारित करने वाले हाइवा को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में इन दिनों पुलिस यातायात और वाहन चेकिंग को लेकर बेहद मुस्तैद नजर आ रही है। ताजा मामला आदित्यपुर पुराना पुलिया के पास का है, जहां पुलिस से बचने के लिए चोर रास्ता अपनाने वाले वाहन चालकों को मात देने के लिए पुलिस ने एक नया और हैरान करने वाला चेकिंग पॉइंट तैयार कर दिया। हालांकि, पुलिस की इस ‘अति-सक्रियता’ को देखकर अब स्थानीय जनता भी पुलिसिया प्राथमिकताओं पर सवाल उठाने लगी है।
क्या है पूरा वाकया?
दरअसल, आदित्यपुर पुराना पुलिया के पास पुलिस द्वारा नियमित रूप से वाहनों की जांच की जा रही थी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने गौर किया कि कई दुपहिया और चार पहिया वाहन चालक मुख्य चेकिंग पॉइंट को देखते ही उससे काफी पहले ही बाईं ओर मुड़ जा रहे हैं। ये लोग वहां बने एक कच्चे रास्ते से होते हुए, नदी के किनारे-किनारे सफर तय कर सीधे पटियाला बार के पास निकल जा रहे थे और पुलिसिया कार्रवाई से बच निकल रहे थे।
जैसे ही पुलिस को इस ‘शॉर्टकट’ और गुप्त रास्ते की भनक लगी, पुलिस टीम ने तुरंत रणनीति बदली। पुलिस ने मुख्य मार्ग के साथ-साथ अब उसी कच्चे और सुनसान रास्ते पर भी एक नया चेकिंग पॉइंट खड़ा कर दिया। अब नदी किनारे से भागने की कोशिश करने वाले लोग सीधे पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं।
मुस्तैदी पर उठे सवाल: क्या सिर्फ चालान काटना ही प्राथमिकता है?
पुलिस की इस त्वरित रणनीति और मुस्तैदी की जहां कुछ लोग चर्चा कर रहे हैं, वहीं आम जनता के बीच इस बात को लेकर गहरा आक्रोश और सवाल भी पनप रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस राजस्व (चालान) वसूलने के लिए जितनी मुस्तैदी और दिमाग लगा रही है, काश उसका आधा हिस्सा भी क्षेत्र की सुरक्षा में लगाया जाता।
जनता का तीखा सवाल: स्थानीय लोगों का कहना है कि आदित्यपुर और आसपास के इलाकों में चोरी, राहजनी, मोबाइल और छिनतई (स्नैचिंग) की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। असामाजिक तत्व शाम ढलते ही सक्रिय हो जाते हैं। अगर पुलिस इसी मुस्तैदी और रणनीति का आधा हिस्सा भी इन अपराधियों और असामाजिक तत्वों को दबोचने में लगाए, तो शायद आम जनता को खौफ के साए से मुक्ति मिले और सही मायने में राहत महसूस हो।
प्रशासन की इस कार्रवाई ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि पुलिस का असली काम सड़कों पर सिर्फ चालान काटना है या आम शहरी को अपराध मुक्त माहौल देना?
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जुगसलाई के चूना भट्ठा बस्ती में बुनियादी सुविधाओं की घोर कमी और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर स्थानीय निवासियों का गुस्सा भड़क उठा है। समाज सेवी नीलोफर हुसैन के आमंत्रण पर चूना भट्ठा बस्ती पहुंचे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता बबन राय ने स्थानीय लोगों की बदहाली देखी, तो वे व्यवस्था पर जमकर बरसे। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जनसमस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो झामुमो सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा।
नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं बस्ती वासी
दौरे के दौरान बस्ती वासियों ने झामुमो नेता बबन राय के समक्ष अपनी दिक्कतों का अंबार लगा दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस आधुनिक दौर में भी यह पूरी बस्ती बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है:
बिजली-पानी का संकट: इलाके में न तो बिजली की व्यवस्था दुरुस्त है और न ही पीने के साफ पानी की कोई ठोस व्यवस्था है।
जलजमाव से नारकीय स्थिति: बस्ती का भौगोलिक स्तर निचला होने के कारण हल्की सी बारिश में भी पूरा इलाका टापू बन जाता है। सड़कों और घरों के आसपास घुटनों तक पानी भर जाता है, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
सरकार और टाटा कंपनी के अधिकारियों से होगी बात: बबन राय
जनता के दर्द और आक्रोश को देखते हुए वरिष्ठ नेता बबन राय ने बस्ती वासियों को ढांढस बंधाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस गंभीर विषय को लेकर बहुत जल्द सरकार के संबंधित विभागों और टाटा कंपनी के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे ताकि इन समस्याओं का कोई स्थाई और ठोस समाधान निकाला जा सके।
प्रशासन को सीधी चेतावनी: बबन राय ने कड़े शब्दों में कहा, “चूना भट्ठा बस्ती की जनता को उनके हक से महरूम नहीं रखा जा सकता। अगर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने जल्द ही इस दिशा में कदम नहीं उठाए, तो झामुमो चुप नहीं बैठेगा। जनता के अधिकारों के लिए एक बड़ा और उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।”
इस मौके पर समाज सेवी नीलोफर हुसैन समेत भारी संख्या में आक्रोशित बस्ती वासी और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।
(तीसरी धारा न्यूज इस मामले से जुड़ी प्रशासनिक हलचल और हर अपडेट आप तक लगातार पहुंचाता रहेगा।)
पूर्वी सिंहभूम जिले के हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन के समीप सोमवार (22 जून) को ग्रामीणों की सूझबूझ से एक बड़ा संदिग्ध मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने एक मासूम बच्चे के साथ संदिग्ध अवस्था में घूम रहे एक महिला और एक पुरुष को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन के पास ग्रामीणों ने एक अज्ञात महिला और पुरुष को करीब 2 साल के बच्चे के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में देखा। दोनों की गतिविधियां देखकर ग्रामीणों को शक हुआ कि वे बच्चे को लेकर ट्रेन के जरिए कहीं बाहर भागने या जाने की फिराक में हैं।
शक गहराने पर ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों को मौके पर ही रोक लिया और पूछताछ शुरू कर दी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी।
जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर, पुलिस को सौंपा
मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय मुखिया, वार्ड सदस्य देवेंद्रनाथ पालित और अन्य ग्रामीण भारी संख्या में मौके पर जुट गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत स्थानीय कोवाली थाना को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची कोवाली थाना पुलिस को ग्रामीणों ने दोनों संदिग्धों और बच्चे को सौंप दिया।
जांच में जुटी पुलिस: फिलहाल कोवाली थाना पुलिस दोनों संदेही महिला और पुरुष को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है। समाचार लिखे जाने तक बच्चे और पकड़े गए दोनों व्यक्तियों की वास्तविक पहचान और उनके बीच के संबंधों के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
जमशेदपुर, 23 जून 2026: जमशेदपुर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं प्रसिद्ध समाजसेवी आनंद बिहारी दुबे के सौजन्य से आज जेम्को आजाद बस्ती स्थित सरकारी उत्क्रमित उच्च विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए शुद्ध एवं ठंडे पेयजल की व्यवस्था की गई। भीषण गर्मी के इस मौसम में बच्चों को राहत देने और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में एक आधुनिक वाटर कूलर स्थापित किया गया है।
पारंपरिक रूप से हुआ उद्घाटन
इस नई सुविधा का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि आनंद बिहारी दुबे द्वारा पारंपरिक रूप से नारियल फोड़कर किया गया। विद्यालय में वाटर कूलर की व्यवस्था होने से छात्रों और शिक्षकों में भारी हर्ष का माहौल है। इस परोपकारी और संवेदनशील कार्य के लिए विद्यालय परिवार और बच्चों ने आनंद बिहारी दुबे के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
“बच्चों की मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा”
उद्घाटन के अवसर पर समाजसेवी आनंद बिहारी दुबे ने कहा, “विद्यालय में वाटर कूलर लगने से अब बच्चों को इस भीषण गर्मी में स्वच्छ और शीतल पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। बच्चों के चेहरे की मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है। विद्यार्थियों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।” उन्होंने भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और जन कल्याण के कार्यों में लगातार सहयोग करने का अपना संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस गरिमामयी अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक धनंजय श्रीवास्तव, कंचन कुमारी, एंजेलीना तिग्गा, करनदीप सिंह, राकेश, परमजीत सिंह बंटी, सतीश कुमार, हरिहर प्रसाद, रितेश कुमार सहित विद्यालय के कई अन्य शिक्षक, कर्मचारी और गणमान्य लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
जमशेदपुर की साकची पुलिस ने बंगाल क्लब रोड में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का महज 48 घंटे के भीतर उद्भेदन कर दिया है। दुकानदारों में दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलने की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी विपिन शुक्ला को पुलिस ने अवैध हथियार के साथ धर दबोचा है। सोमवार को सिटी डीएसपी संजीव कुमार ने अपने गोलमुरी स्थित कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया।
दुकानदारों को डराकर रंगदारी वसूलने की थी बड़ी साजिश
सिटी डीएसपी संजीव कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि बीते 19 जून की रात करीब 10 बजे साकची थाना क्षेत्र के बंगाल क्लब रोड स्थित ‘अभिषेक जुबली चाय दुकान’ के पास एक अज्ञात अपराधी द्वारा हवाई फायरिंग की गई थी। इस घटना से पूरे इलाके के व्यापारियों में खौफ का माहौल बन गया था।
मामला दर्ज होने के बाद जब पुलिस ने कड़ाई से अनुसंधान शुरू किया, तो गोलमुरी टुइलाडुंगरी निवासी विपिन शुक्ला का नाम सामने आया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी विपिन ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उसका मुख्य उद्देश्य बंगाल क्लब रोड के दुकानदारों को डराना-धमकाना और उनसे मोटी रंगदारी वसूलना था।
यूी भागने की फिराक में था अपराधी, मानगो के पास दबोचा गया
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। रविवार को वह अपने पैतृक गांव सेवापुर (जिला भदोही, उत्तर प्रदेश) भागने की फिराक में था और इसके लिए मानगो बस स्टैंड जा रहा था। इसी बीच गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी कर उसे हाथीघोड़ा मंदिर के पास से धर दबोचा।
झाड़ियों से बरामद हुई पिस्टल: गिरफ्तार आरोपी विपिन शुक्ला की निशानदेही पर पुलिस ने स्वर्णरेखा नदी के किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखी गई एक अवैध देशी पिस्टल और मैगजीन बरामद की है। पुलिस ने घटनास्थल से पहले ही एक खोखा (कारतूस का खोखा) बरामद कर लिया था।
एसएसपी के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम ने दी दबिश
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) एवं पुलिस अधीक्षक (नगर) के सख्त निर्देश पर सिटी डीएसपी संजीव कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
सफल छापेमारी टीम में ये रहे शामिल:
कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में साकची थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण यादव के साथ-साथ एसआई हरि महतो, जितेन्द्र कुमार वर्मा, अमित कुमार सिंह, अमित चौधरी, राजीव कुमार तथा साकची थाना रिजर्व गार्ड के मुस्तैद जवान शामिल थे। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी तफ्तीश जारी है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बागबेरा (पूर्वी सिंहभूम) स्थित सामुदायिक केंद्र में एक विशेष योग शिविर का भव्य आयोजन किया गया। 21 जून को आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय महिलाओं और बच्चों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रेरित करना था।
योग शिक्षिका श्रीमती आशा शर्मा के मार्गदर्शन में हुआ अभ्यास
शिविर का संचालन प्रसिद्ध योग शिक्षिका श्रीमती आशा शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और बच्चों को योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम का व्यावहारिक अभ्यास कराया। इस दौरान उन्होंने दैनिक जीवन में योग के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे योग के माध्यम से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों के बौद्धिक विकास और महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विशेष उपयोगी आसनों की जानकारी भी साझा की।
प्रशासनिक सहयोग से कार्यक्रम रहा बेहद सफल
इस जागरूकता शिविर को सफल बनाने में स्थानीय प्रशासन और केंद्र के कर्मियों की भूमिका सराहनीय रही। क्षेत्र अधिकारी श्री नवीन चंद्र दास की विशेष गरिमामयी उपस्थिति और देखरेख में पूरे कार्यक्रम का संचालन हुआ।
सहयोगी टीम की तत्परता: कार्यक्रम को व्यवस्थित और सुचारू रूप से संपन्न कराने में सामुदायिक केंद्र के कर्मी श्री अनिल कुमार, बलराम महतो एवं वीरेंद्र यादव ने सक्रिय योगदान दिया। टीम के सामूहिक प्रयास और बेहतर प्रबंधन के कारण स्थानीय निवासियों ने इस शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
शिविर के समापन पर उपस्थित प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों के आयोजन की इच्छा जताई।