आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.
आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.
झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)
जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा
पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।
वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर पंचायत अंतर्गत तुरुकडीहा गांव में एक कलयुगी पिता पर अपनी ही तीन मासूम बेटियों की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगा है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात के बाद से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
देर रात सोई बच्चियों पर उतारा मौत का कहर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी पिता की पहचान नंदकिशोर यादव के रूप में की गई है। आरोप है कि उसने रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। जब पूरा घर सो रहा था, तब उसने अपनी तीन मासूम बेटियों—पलवी कुमारी (12 वर्ष), रिद्धि कुमारी (7 वर्ष) और सिद्धि कुमारी (7 वर्ष) की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। रिद्धि और सिद्धि दोनों जुड़वां बहनें थीं। सोमवार सुबह जब इस वीभत्स घटना का खुलासा हुआ, तो पूरे गांव में कोहराम मच गया।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी, आरोपी पुलिस हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही गांव में भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों और बदहवास परिजनों ने तुरंत मुफस्सिल थाना पुलिस को इसकी इत्तला दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव और थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता नंदकिशोर यादव को हिरासत में ले लिया है। वहीं, तीनों मासूम बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच में जुटी पुलिस: हत्या की वजह अब भी रहस्य
इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे की असली वजह क्या थी, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। शुरुआती तफ्तीश को लेकर सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव ने बताया:
”प्रारंभिक जांच में हत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस पारिवारिक विवाद, आरोपी की मानसिक स्थिति समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।”
एक ही घर से एक साथ तीन मासूमों की अर्थी उठने की खबर से पूरे गिरिडीह जिले में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। हर कोई इस क्रूर कृत्य की निंदा कर रहा है और आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रहा है।
जमशेदपुर के सिख समाज और सामाजिक हलके से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के कोषाध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह गांधी का सोमवार को निधन हो गया। वे 65 वर्ष के थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे शहर और विशेषकर सिख समाज में शोक की लहर दौड़ गई है।
रायपुर में चल रहा था इलाज
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरदार जसबीर सिंह गांधी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। बेहतर इलाज के लिए उन्हें रायपुर ले जाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। अपने पीछे वे तीन बच्चों और भरे-पूरे परिवार को छोड़ गए हैं। अपने मिलनसार और सरल स्वभाव के कारण वे समाज के हर वर्ग में बेहद लोकप्रिय थे।
सिख समाज के लिए अपूरणीय क्षति: सरदार निशान सिंह
जसबीर सिंह गांधी के आकस्मिक निधन पर साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान सरदार निशान सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा:
”सरदार जसबीर सिंह गांधी कमिटी के एक बेहद सक्रिय, ऊर्जावान और समर्पित सदस्य थे। उनका सहज और मिलनसार व्यक्तित्व हमेशा सभी को प्रेरित करता था। उनका इस तरह अचानक चले जाना न केवल साकची गुरुद्वारा कमिटी, बल्कि पूरे सिख समाज के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता। वाहेगुरु दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में निवास दें और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।”
मंगलवार सुबह होगा अंतिम संस्कार
सरदार जसबीर सिंह गांधी की अंतिम यात्रा मंगलवार को उनके निजी आवास से निकलेगी। इसके बाद सुबह 10:00 बजे पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन पर जमशेदपुर के विभिन्न गुरुद्वारा कमिटियों, सामाजिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
टेल्को थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध भुवनेश्वरी मंदिर के समीप रविवार देर रात दो कारों के बीच हुई जोरदार टक्कर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस भीषण दुर्घटना में जहां एक कार में सवार पूरा परिवार बाल-बाल बच गया, वहीं दूसरी कार में सवार युवकों पर शराब के नशे में धुत होकर लापरवाही से गाड़ी चलाने का गंभीर आरोप लगा है।
तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर, बाल-बाल बचा परिवार
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब एक परिवार कार में सवार होकर भुवनेश्वरी मंदिर के समीप से गुजर रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार (पंजीकरण संख्या- BR 01 JJ 4798) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। गनीमत यह रही कि पीड़ित कार में सवार परिवार का कोई भी सदस्य हताहत नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
घटनास्थल पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, गाड़ी से मिली शराब की बोतलें!
दुर्घटना के फौरन बाद आसपास के स्थानीय लोग भारी संख्या में मौके पर जमा हो गए, जिसके बाद घटनास्थल पर काफी देर तक हंगामा और हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने दावा किया कि स्विफ्ट कार को चलाने वाला चालक और उसमें सवार अन्य युवक अत्यधिक शराब के नशे में थे। लोगों का यह भी आरोप है कि दुर्घटनाग्रस्त स्विफ्ट कार की तलाशी लेने पर उसके भीतर से शराब की बोतलें और पेग बनाने की सामग्रियां बरामद हुई हैं। हालांकि, इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस ने वाहनों को किया जब्त, जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही टेल्को थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और उग्र हो रहे लोगों को शांत कराया। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल जांच और पूरी तफ्तीश के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि चालक नशे में था या नहीं। कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के 11 वर्ष बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं होने पर स्थानीय जनता का आक्रोश अब फूट पड़ा है। विभाग के झूठे आश्वासनों से तंग आकर ग्राम विकास संघर्ष समिति ने अब चरणबद्ध आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आंदोलन के पहले चरण में आगामी 14 जून 2026 को टाटानगर स्टेशन चौक पर एक दिवसीय अनशन का आयोजन किया जाएगा। यह निर्णय रविवार को यादव क्लब, कीताडीह में पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
जून के पहले हफ्ते का आश्वासन भी निकला हवा
बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की कार्यशैली पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की गई। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि गत 22 मार्च 2026 को विभाग के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट आश्वासन दिया था कि जून के प्रथम सप्ताह तक योजना को पूर्ण कर जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। लेकिन 7 जून की समय-सीमा बीत जाने के बाद भी धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लाखों लोग
समिति के सदस्यों ने तीसरी धारा न्यूज को बताया कि पिछले 11 वर्षों में विभाग द्वारा सैकड़ों बार नई समय-सीमा निर्धारित की गई, लेकिन हर बार वादे केवल कागजों तक ही सीमित रह गए। इस भीषण गर्मी के मौसम में क्षेत्र के लाखों लोग बूंद-बूंद पानी और गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। विभाग की इस घोर लापरवाही और उदासीनता को अब क्षेत्र की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी, और जब तक योजना पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में ये मुख्य रूप से रहे उपस्थित
आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए आयोजित इस बैठक में मुख्य रूप से नीरज सिंह, श्याम किशोर, पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, शिवजी सिंह, वार्ड सदस्य भोला यादव, सुरेश निषाद, समाजसेवी मुदिता सिंह, डी.एन. सिंह, एस.एल. रावत, सुरेंद्र राय, कमलेश साह, भावनाथ सिंह, गुरमेल सिंह और श्रीराम शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और संघर्ष समिति के सदस्य उपस्थित थे।
केबुल मुखी समाज, गोलमुरी द्वारा आगामी 12 जुलाई को “प्रतिभा सम्मान समारोह – 2026” का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम गोलमुरी उत्कल समाज हॉल में संपन्न होगा। इस संबंध में रविवार (7 जून) को स्थानीय सामुदायिक विकास भवन में समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट तीसरी धारा न्यूज आपके लिए लेकर आया है। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के साथ-साथ कई अहम सामाजिक मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई।
शिक्षा को बढ़ावा देना और प्रतिभाओं को निखारना मुख्य उद्देश्य
बैठक की अध्यक्षता कर रहे समाज के सचिव गुरुचरण मुखी ने तीसरी धारा न्यूज से बात करते हुए बताया कि इस समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज में शिक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार करना और बच्चों के भीतर छिपी हुई प्रतिभा को एक सही मंच प्रदान करना है। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक विद्यार्थियों और युवाओं से इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने की अपील की है।
इन छात्र-छात्राओं और युवाओं को किया जाएगा सम्मानित
इस सम्मान समारोह में विभिन्न बोर्ड की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले होनहारों को सम्मानित किया जाएगा:
JAC, ICSE, CBSE और NIOS बोर्ड से 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
शिक्षा के अतिरिक्त खेल, कला, संस्कृति एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों और युवाओं को भी पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन और जानकारी के लिए यहाँ करें संपर्क:
कार्यक्रम में शामिल होने, नाम दर्ज कराने या इससे जुड़ी किसी भी अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9279248503 पर संपर्क किया जा सकता है।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक का सफल संचालन टिंकू मुखी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन राजन मुखी द्वारा दिया गया। बैठक को सफल बनाने में रूपेश मुखी, सागर मुखी, मनोज मुखी, देव कारवा, डेविड मुखी, श्रवण मुखी, राजा मुखी, आकाश मुखी, मिहिर मुखी, निखिल महानंद, शिबू मुखी, शिवनाथ मुखी और सनी मुखी सहित समाज के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।
जमशेदपुर: आज दिनांक 7 जून 2026 को परशुराम परिवार, जमशेदपुर की मासिक बैठक कदमा के भाटिया बस्ती, मोहन पथ स्थित कामता प्रसाद तिवारी जी के निवास स्थान पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में संगठन की मजबूती और आगामी कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
नई कार्यकारिणी समिति का गठन
बैठक का मुख्य आकर्षण नई कार्यकारिणी समिति का चयन रहा, जिसमें सर्वसम्मति से पदाधिकारियों को निर्वाचित किया गया। नई समिति की सूची इस प्रकार है:
अध्यक्ष: सुनील तिवारी
सचिव: के. पी. तिवारी
सहायक सचिव: रघुवर दुबे, किशोर दुबे और रामेश्वर नाथ तिवारी
कोषाध्यक्ष: राजीव रंजन पाण्डेय
संयोजक: अजय पाण्डेय
विश्व योग दिवस मनाने का निर्णय
बैठक में सामाजिक और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया गया। आगामी 21 जून को भाटिया पार्क में विश्व योग दिवस भव्य रूप से मनाने का संकल्प लिया गया है, जिसमें समाज के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा।
नई कार्यकारिणी समिति के सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को संगठन और स्थानीय लोगों द्वारा हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दी गईं। बैठक का समापन “जय श्री परशुराम” के जयघोष के साथ हुआ।
वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में जमशेदपुर की श्रीनाथ यूनिवर्सिटी ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। विश्वविद्यालय ने मलेशिया के प्रतिष्ठित ‘स्पेक्ट्रम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी कॉलेज’ के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसे विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीयकरण और वैश्विक शैक्षणिक विस्तार की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
मलेशिया में हुआ भव्य समारोह
मलेशिया में आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। श्रीनाथ यूनिवर्सिटी की ओर से डायरेक्टर (इंटरनेशनल अफेयर्स) डॉ. जे. राजेश तथा स्पेक्ट्रम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी कॉलेज के डिप्टी वाइस चांसलर (एकेडमिक) प्रोफेसर डॉ. जमाल जैदी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस विशेष समारोह में भाग लेने के लिए श्रीनाथ यूनिवर्सिटी की तरफ से डॉ. जे. राजेश और स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष श्री शशिकांत सिंह विशेष रूप से जमशेदपुर से मलेशिया पहुंचे थे। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया है।
समझौते के मुख्य बिंदु: छात्रों और शिक्षकों को मिलेंगे ये बड़े अवसर
इस अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के तहत दोनों संस्थान विभिन्न शैक्षणिक, शोध और सांस्कृतिक क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:
ग्लोबल इमर्शन प्रोग्राम: छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक माहौल का सीधा अनुभव मिलेगा।
स्टूडेंट व फैकल्टी एक्सचेंज: छात्र और शिक्षक दोनों संस्थानों के बीच आकर ज्ञान और शिक्षण शैलियों का आदान-प्रदान कर सकेंगे।
विदेश में पढ़ाई का मौका: छात्रों को एक सेमेस्टर के लिए विदेश में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।
संयुक्त शोध परियोजनाएं: दोनों विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ मिलकर आधुनिक विषयों पर रिसर्च करेंगे।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान: शिक्षा के साथ-साथ दोनों देशों की संस्कृति को समझने का मंच मिलेगा।
वैश्विक दृष्टिकोण और नवाचार पर जोर
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह साझेदारी केवल अकादमिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके तहत भविष्य में संयुक्त सेमिनार, कार्यशालाएं, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, शोध प्रकाशन और उद्योग-अकादमिक सहयोग जैसी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
”आज के वैश्विक परिदृश्य में उच्च शिक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है। श्रीनाथ यूनिवर्सिटी लगातार विश्वस्तरीय संस्थानों के साथ साझेदारी कर रही है ताकि हमारे छात्रों को वैश्विक दृष्टिकोण, आधुनिक कौशल और अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिल सके। यह समझौता हमारी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
— विश्वविद्यालय प्रतिनिधि
इस ऐतिहासिक कदम से न केवल श्रीनाथ यूनिवर्सिटी की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है, बल्कि जमशेदपुर और झारखंड के छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और करियर के नए द्वार खुल गए हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सीनी सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों और संस्थानों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान सरकारी कार्यालयों, धार्मिक स्थलों और विभिन्न पंचायतों में फलदार, छायादार और औषधीय पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया।
आरपीएफ बैरैक में सब इंस्पेक्टर के नेतृत्व में हुआ पौधारोपण
सीनी आरपीएफ बैरैक में पर्यावरण दिवस के मौके पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ सब इंस्पेक्टर (एसआई) प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बैरैक परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए।
इस अभियान में मुख्य रूप से बरगद, पीपल, फलदार और औषधीय पौधे रोपे गए। इसके साथ ही स्थानीय शिव मंदिर प्रांगण में धार्मिक और सामाजिक महत्व के विशेष पौधे लगाए गए, जिसमें वटसावित्री व्रत के लिए पूजनीय बरगद का वृक्ष और जल अर्पण के लिए विशेष महत्व रखने वाला पीपल का वृक्ष शामिल है।
सराहनीय योगदान:
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से सब इंस्पेक्टर डी. के. प्रसाद, एएसआई एम. व्योमकेश और हेड कांस्टेबल व पर्यावरण प्रेमी बालचंद साहु का मुख्य योगदान रहा। इस दौरान पुलिस कर्मी बालेश्वर कुमार, आर. बी. सिंकू, देवानंद कुमार समेत कई अन्य जवान उपस्थित थे। की
विभिन्न पंचायतों में भी चली पर्यावरण चेतना की लहर
आरपीएफ बैरैक के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी पर्यावरण दिवस की धूम रही। लोगों को जागरूक करते हुए मोहितपुर, स्वर्णपुर, सीनी पंचायत, कमलपुर, बाकसाई, दुगनी, खरसावां एवं विभिन्न अन्य स्थानों में सघन पौधारोपण अभियान चलाया गया। ग्रामीणों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उचित देखभाल करने का संकल्प लिया।
जमशेदपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर लौहनगरी जमशेदपुर में पर्यावरण संरक्षण और सनातन संस्कारों के समन्वय की एक बेहद सुंदर तस्वीर देखने को मिली। हिन्दू जागरण मंच के अध्यक्ष श्री बलबीर मंडल और युवा समाजसेवी पीयूष ठाकुर के संयुक्त नेतृत्व में शहर में एक गरिमामयी वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस पुनीत कार्य के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और स्थानीय युवाओं ने मिलकर विभिन्न प्रकार के औषधीय और छायादार पौधे रोपे।
🚩 सनातन परंपरा और राष्ट्र सेवा का संगम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के अनूठे महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने राष्ट्र और धर्म को प्रकृति से जोड़ते हुए कहा:
“वृक्षारोपण केवल पर्यावरण की सेवा नहीं है, बल्कि यह धर्म और राष्ट्र दोनों की सेवा है। जो व्यक्ति आज एक पेड़ लगाता है, वह वास्तव में आने वाले कल के उन्नत और समृद्ध भारत के भविष्य की रचना करता है।”
हिन्दू धर्म और वैदिक संस्कृति में प्रकृति को साक्षात ईश्वर का रूप मानकर पूजा जाता है। शास्त्रों में भी वृक्ष लगाने को महापुण्य और एक जीवंत संस्कार बताया गया है। पीपल, नीम और तुलसी जैसे वृक्षों को देवतुल्य मानकर पूजने के पीछे का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण यही है कि ये पेड़ हमें निरंतर प्राणवायु (ऑक्सीजन) देकर जीवन की रक्षा करते हैं। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि एक सच्चे समाजसेवी और सजग नागरिक का असली कर्तव्य भी यही है कि वह अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और सुरक्षित धरती माँ को उपहार स्वरूप छोड़कर जाए।
🎙️ मीडिया के माध्यम से पीयूष ठाकुर की शहरवासियों से भावुक अपील
युवा समाजसेवी पीयूष ठाकुर ने मीडिया के माध्यम से जमशेदपुर के तमाम नागरिकों से एक बेहद जरूरी और जिम्मेदार अपील साझा की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सिर्फ नारों या आयोजनों तक सीमित नहीं रखा जा सकता, इसके लिए हर एक व्यक्ति को आगे आना होगा।
उन्होंने आह्वान करते हुए कहा:
“मैं जमशेदपुर के प्रत्येक भाई-बहन और निवासी से सादर आग्रह करता हूँ कि वे अपने घरों, आंगनों या आसपास के परिसरों में कम से कम 1 पौधा जरूर लगाएं। आपका यही एक छोटा सा संकल्प हमारे शहर के वातावरण को प्रदूषित होने से बचाएगा और हमारी धरती को हरा-भरा रखेगा।”
👥 कार्यक्रम में प्रमुख लोगों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पर्यावरण चेतना अभियान को सफल बनाने में हिन्दू जागरण मंच की टीम ने सक्रिय योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से:
श्री बलबीर मंडल (अध्यक्ष, हिन्दू जागरण मंच)
पीयूष ठाकुर (युवा समाजसेवी)
कुश कुमार (महामंत्री, हिन्दू जागरण मंच – युवा वाहिनी)
इनके साथ ही संगठन के अनेक निष्ठावान कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने न केवल उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया, बल्कि उन पौधों को सींचने और उनके बड़े होने तक उनकी पूरी सुरक्षा करने का संकल्प भी दोहराया।
ओंगोल/सिंगरायकोंडा, 6 जून 2026: भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए आंध्र प्रदेश में एक बार फिर चलती ट्रेन पर पथराव की बेहद गंभीर और निंदनीय घटना सामने आई है। नई दिल्ली से चेन्नई की ओर जा रही डाउन लाइन की प्रतिष्ठित ग्रैंड ट्रंक (GT) एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12616) जब आंध्र प्रदेश के सिंगरायकोंडा रेलवे स्टेशन क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी असामाजिक तत्वों ने ट्रेन के इंजन (लोकोमोटिव) को निशाना बनाकर भारी पथराव कर दिया।
इस अचानक हुए हमले में लोको के शीशे टूट गए और ड्यूटी पर तैनात सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) श्री एम. जयराम गंभीर रूप से घायल हो गए।
अंधाधुंध पथराव से केबिन में मची अफरा-तफरी
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन अपनी सामान्य गति से चेन्नई की ओर बढ़ रही थी। जैसे ही वह सिंगरायकोंडा के एकांत इलाके से गुजरी, अचानक पटरी के किनारे छिपे कुछ उपद्रवियों ने लोकोमोटिव के केबिन पर भारी पत्थर और ठोस वस्तुएं फेंकनी शुरू कर दीं। एक बड़ा पत्थर सीधे सामने का शीशा तोड़ते हुए केबिन के अंदर आ लगा, जिसकी चपेट में आने से सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट एम. जयराम के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी गई ट्रेन, अस्पताल में भर्ती
लोको पायलट की सूझबूझ से घटना के तुरंत बाद ट्रेन को निकटतम रेलवे स्टेशन पर रोका गया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय स्टेशन प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए घायल लोको पायलट को इंजन से उतारा और प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, काफी खून बह जाने के कारण वे कमजोरी महसूस कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने शुरू की जांच, दोषियों पर कसेगा शिकंजा
इस कायरतापूर्ण घटना के बाद रेलवे महकमे और लोको रनिंग स्टाफ के बीच भारी आक्रोश है। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम बनाकर मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस की मदद से घटनास्थल के आस-पास के गांवों में संदिग्धों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा:
”ट्रेन संचालन में लगे फ्रंटलाइन कर्मियों पर इस तरह का हमला न केवल रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाना है, बल्कि सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डालने जैसा गंभीर अपराध है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ रेलवे अधिनियम की सख्त धाराओं के तहत कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
इस घटना के कारण ट्रेन को कुछ समय के लिए स्टेशन पर रोकना पड़ा, जिससे परिचालन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। दूसरा क्रू स्टाफ उपलब्ध कराने के बाद ही ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया जा सका। रेल संगठनों ने रनिंग स्टाफ की सुरक्षा पुख्ता करने और ऐसे असामाजिक तत्वों को कड़ी सजा देने की मांग उठाई है।