एक नई सोच, एक नई धारा

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आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट में हादसा, सात मजदूर झुलसे

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

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आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.

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झारखंड : पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुफ्त में होगा लाखों रुपये का बीमा, पढ़ें पूरी खबर

झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)

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जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

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पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।

वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

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जमशेदपुर: ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ आर-पार की जंग, 7 अप्रैल को टाटानगर स्टेशन पर विधायक सरयू राय का ‘नागरिक धरना’

जमशेदपुर: लौह नगरी और आसपास के रेल यात्रियों के लिए ट्रेनों का घंटों विलंब से चलना अब एक बड़ी मुसीबत बन गया है। इस गंभीर समस्या के समाधान और रेल मंत्रालय का ध्यान आकर्षित करने के लिए जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मोर्चा खोल दिया है। आगामी 7 अप्रैल, 2026 को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर एक विशाल ‘नागरिक धरना’ आयोजित किया जा रहा है।IMG 20260406 WA0015

चांडिल और कांड्रा तक समय पर, फिर 6 घंटे का इंतजार

​विधायक सरयू राय ने धरने का आह्वान करते हुए बताया कि पिछले दो-ढाई वर्षों से टाटानगर पहुंचने वाली यात्री ट्रेनों की स्थिति बदतर हो गई है। ट्रेनें चांडिल, कांड्रा और राखा माइंस जैसे नजदीकी स्टेशनों तक तो समय पर पहुंच जाती हैं, लेकिन वहां से टाटानगर की महज कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें 4 से 6 घंटे का समय लग रहा है। आउटर पर ट्रेनों को घंटों रोके जाने से छात्र, मरीज, कामकाजी लोग और आम यात्री बेहाल हैं।1002518072

राजनीति से ऊपर ‘नागरिक धरना’

​विधायक ने स्पष्ट किया है कि यह किसी एक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ‘नागरिक धरना’ है। इसमें शहर के सभी वर्गों को आमंत्रित किया गया है:

  • जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दल
  • महिला, युवा और छात्र संगठन
  • सामाजिक और मजदूर संगठन
  • व्यावसायिक और जन संगठन

रेल मंत्री तक पहुंचेगी आवाज

​धरना कार्यक्रम 7 अप्रैल को पूर्वाह्न 10 बजे से टाटानगर स्टेशन परिसर में शुरू होगा। इसका मुख्य उद्देश्य रेल मंत्री को यात्रियों की पीड़ा से अवगत कराना और ट्रेनों के परिचालन में सुधार के लिए ठोस समाधान की मांग करना है। सरयू राय ने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि वे इस धरने में शामिल होकर यात्रियों के हक की इस लड़ाई को मजबूती प्रदान करें।

मुख्य विवरण:

  • क्या: ट्रेनों की लेटलतीफी के विरुद्ध धरना।
  • कब: 7 अप्रैल, 2026 (मंगलवार), सुबह 10:00 बजे से।
  • कहां: टाटानगर रेलवे स्टेशन।
  • नेतृत्व: सरयू राय (विधायक, जमशेदपुर पश्चिम)।

 

तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से विशेष रिपोर्ट।

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जामताड़ा: वाहन की किस्त के नाम पर QR कोड से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

जामताड़ा: साइबर अपराध की राजधानी कहे जाने वाले जामताड़ा में पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को वाहन की किस्त (EMI) जमा करने के नाम पर झांसा देकर उनसे लाखों की ठगी करता था। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।8e07c32d00c52e79a67386aa004e492cc2c4c681ea36518ea0338a6fdcd8b868.0

गुप्त सूचना पर करमाटांड़ में छापेमारी

​पुलिस अधीक्षक (SP) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के बाबुडीह गांव में औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो साइबर अपराधियों को दबोचा गया।1002518072

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान:

  1. राजेन्द्र रवानी (28 वर्ष)
  2. गणेश रवानी (25 वर्ष)

ठगी का तरीका: बजाज फाइनेंस के नाम पर खेल

​पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये अपराधी ठगी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाते थे:

  • फर्जी पहचान: आरोपी लोगों को फोन कर खुद को बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) का प्रतिनिधि बताते थे।
  • किस्त का झांसा: वे ग्राहकों को विश्वास में लेते थे कि उनके वाहन की किस्त बकाया है और उसे ऑनलाइन जमा करना होगा।
  • QR कोड का जाल: किस्त जमा करने के बहाने वे ग्राहकों को एक QR कोड भेजते थे। जैसे ही ग्राहक उस कोड को स्कैन करता, पैसे अपराधी के ई-वॉलेट में ट्रांसफर हो जाते थे।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

​पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं:

  • 07 मोबाइल फोन (विभिन्न कंपनियों के)
  • 07 फर्जी सिम कार्ड (जिनका इस्तेमाल कॉल करने के लिए होता था)

​जामताड़ा साइबर थाना में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके बैंक खातों की पड़ताल कर रही है ताकि ठगी की कुल राशि का पता लगाया जा सके।

पुलिस की अपील: जामताड़ा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन न करें और न ही फोन पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी साझा करें। आधिकारिक भुगतान के लिए हमेशा अधिकृत ऐप या शाखा का ही उपयोग करें।

 

तीसरी धारा न्यूज के लिए जामताड़ा से रिपोर्ट।

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चाईबासा: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आखिरी सांस तक उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

चाईबासा/जगन्नाथपुर: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की एक अदालत ने नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी को “अंतिम सांस तक” आजीवन कारावास की सजा सुनाकर समाज में ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश दिया है।chaibasa court

क्या था पूरा मामला?

​यह मामला जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के कंसलापोस रुगुड़साई गांव का है। घटना 8 सितंबर 2023 की है, जब आरोपी सुरेश सिंकु ने एक नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया था। घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को डराया-धमकाया भी था कि यदि उसने किसी को बताया, तो वह उसके परिवार को जान से मार देगा।1002518072

साहस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे

​धमकी के बावजूद पीड़िता ने साहस दिखाया और घर पहुंचकर अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर एक मजबूत चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की।

अदालत का फैसला: आजीवन कारावास और जुर्माना

​सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए सुरेश सिंकु को दोषी पाया। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए निम्नलिखित सजा मुकर्रर की:

  • सजा: पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास (मरते दम तक)
  • आर्थिक दंड: दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

कानूनी विशेषज्ञों की राय

​कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के त्वरित और कठोर फैसले से अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा होगा। साथ ही, यह पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की जीत है, जिन्होंने न्याय पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

तीसरी धारा न्यूज के लिए पश्चिमी सिंहभूम से रिपोर्ट।

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जमशेदपुर: घाघीडीह सेंट्रल जेल के 1600 बंदियों की होगी टीबी जांच, स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर

जमशेदपुर: शहर की घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंदियों के स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। जेल में बंद करीब 1600 बंदियों में तपेदिक (टीबी) की आशंका को देखते हुए विभाग ने एक व्यापक जांच अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा एक विशेष चिकित्सकीय टीम का गठन भी कर दिया गया है।Ghaghidih Jail

भीड़भाड़ वाले वातावरण में संक्रमण का खतरा

​जिला सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि जेल जैसे बंद और सीमित वातावरण में संक्रामक बीमारियां तेजी से फैलती हैं। विशेषकर टीबी जैसी बीमारी, जो हवा के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे में फैलती है, जेल परिसर में बड़ा खतरा बन सकती है। इसी सतर्कता के मद्देनजर सभी 1600 बंदियों की चरणबद्ध तरीके से स्क्रीनिंग की जाएगी।1002518072

जांच और इलाज की पुख्ता व्यवस्था

​इस अभियान की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • एक्स-रे सुविधा: सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर जेल परिसर में ही एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
  • तत्काल उपचार: टीबी के लक्षण पाए जाने पर बंदियों का इलाज तुरंत शुरू किया जाएगा। इसके लिए दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।
  • रिम्स रेफरल: जो कैदी गंभीर रूप से बीमार पाए जाएंगे, उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स (RIMS) भेजा जाएगा।
  • साप्ताहिक शिविर: जेल में अब हर सप्ताह स्वास्थ्य शिविर लगेगा, जिसमें जांच के साथ-साथ बंदियों को बीमारी के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।

जेल प्रशासन का सहयोग

​घाघीडीह जेल अधीक्षक ने इस अभियान का स्वागत करते हुए कहा है कि जेल प्रशासन स्वास्थ्य टीम को पूरा सहयोग देगा। बंदियों की सूची तैयार कर ली गई है ताकि बिना किसी अव्यवस्था के व्यवस्थित ढंग से जांच प्रक्रिया पूरी की जा सके। अक्सर जागरूकता की कमी के कारण बंदी बीमारी छिपाते हैं, जिसे दूर करने के लिए विशेष काउंसलिंग भी की जाएगी।

क्यों जरूरी है यह कदम?

​विशेषज्ञों के अनुसार, टीबी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। जेल जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर एक भी संक्रमित व्यक्ति पूरी बैरक के लिए खतरा बन सकता है। स्वास्थ्य विभाग का यह समयोचित निर्णय न केवल कैदियों की जान बचाएगा, बल्कि जेल परिसर के भीतर संक्रमण की श्रृंखला को भी तोड़ेगा।

तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से रिपोर्ट।

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झारखंड के युवाओं के लिए बड़ी खबर: उत्पाद सिपाही परीक्षा के एडमिट कार्ड 9 अप्रैल से, JTET के लिए आवेदन 21 अप्रैल से शुरू

रांची/जमशेदपुर: झारखंड के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सोमवार का दिन दो महत्वपूर्ण सूचनाएं लेकर आया। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने जहाँ उत्पाद सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड की तिथि घोषित कर दी है, वहीं झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 का रास्ता भी साफ हो गया है।n70737911717754780912160600110a48344e3fcfa42a5c0fc6cef665f530f563b91f0f076b5ae48eb57264

JTET 2026: शिक्षक बनने का सुनहरा मौका, 21 अप्रैल से भरें फॉर्म

​झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक पात्रता के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

  • आवेदन की तिथि: ऑनलाइन आवेदन 21 अप्रैल से 21 मई 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।
  • पुराने अभ्यर्थियों के लिए निर्देश: जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व की विज्ञप्ति (30/2024) के आलोक में आवेदन किया था, उन्हें भी दोबारा आवेदन करना अनिवार्य होगा। हालांकि, इन आवेदकों को कोई नया शुल्क नहीं देना होगा।
  • नियमों में बदलाव: नए आवेदन में अभ्यर्थियों को नियमावली 2026 के अनुसार नई भाषा और अनुसूची-1 के अनुरूप भाषा-2 का चयन करना होगा। योग्यता और पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।1002518072

उत्पाद सिपाही भर्ती: 12 अप्रैल को परीक्षा, 9 से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

​झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के अगले चरण की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसकी लिखित परीक्षा 12 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी।

  • एडमिट कार्ड: परीक्षार्थी 9 अप्रैल से आयोग की वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। स्पष्ट किया गया है कि डाक के माध्यम से कोई एडमिट कार्ड नहीं भेजा जाएगा।
  • परीक्षा केंद्र: यह परीक्षा राज्य के 8 जिलों—रांची, रामगढ़, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), बोकारो, धनबाद, देवघर और दुमका में आयोजित होगी।
  • शहर की सूचना: अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्र वाले शहर की जानकारी का लिंक वेबसाइट पर पहले ही सक्रिय कर दिया गया है।

प्रशासन की तैयारी तेज

​इन दोनों बड़ी परीक्षाओं को लेकर आयोग और परिषद ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जेएसएससी ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय रहते अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें और परीक्षा केंद्र की स्थिति जान लें।

तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।

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झारखंड के श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी: 11 मई से चलेगी ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’, 6 ज्योतिर्लिंगों के होंगे दर्शन

बोकारो: धार्मिक यात्रा की इच्छा रखने वाले झारखंड के तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC) एक शानदार अवसर लेकर आया है। आगामी 11 मई से ‘भारत गौरव टूरिस्ट स्पेशल ट्रेन’ का संचालन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं को देश के छह प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और शिरडी धाम के दर्शन कराएगी।n70743955317754773412662439d10db43fcda35c251b77651524a7c0dfc6e78d6e2c32c5ec5003e38931d3

​सोमवार को बोकारो में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान IRCTC रांची के पर्यटन अधिकारी अरविंद चौधरी ने इस विशेष पैकेज की विस्तृत जानकारी साझा की।

12 दिनों की होगी यात्रा, इन प्रमुख स्थलों के होंगे दर्शन

​यह धार्मिक यात्रा 11 रात और 12 दिनों की होगी, जो 11 मई 2026 से शुरू होकर 22 मई तक चलेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को निम्नलिखित स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा:

  • उज्जैन: महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग।
  • द्वारका: द्वारकाधीश मंदिर और नागेश्वर ज्योतिर्लिंग।
  • सोमनाथ: सोमनाथ ज्योतिर्लिंग।
  • शिरडी: साईं बाबा धाम।
  • नासिक: त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग।
  • औरंगाबाद: घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग।

बोकारो समेत इन स्टेशनों से मिल सकेगी ट्रेन

​ट्रेन का मुख्य संचालन झारसुगुड़ा से होगा। यह ट्रेन झारखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण स्टेशनों से होते हुए बोकारो स्टील सिटी पहुंचेगी, जहाँ से स्थानीय यात्री इसमें सवार हो सकेंगे। इसके बाद यह ट्रेन गया, राजगीर, पटना, बक्सर और प्रयागराज के रास्ते अपने गंतव्य की ओर बढ़ेगी।1002518072

किफायती दर और विशेष रियायत

​पर्यटन अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत यात्रियों को लगभग 33 प्रतिशत तक की रियायत दी जा रही है। पैकेज की दरें इस प्रकार तय की गई हैं:n70743955317754773919573e90af003d6525f95591b92366aeb48843a89f29157031fe7b4ae153258634a1

श्रेणी (Category)

प्रति यात्री शुल्क (₹)

स्लीपर क्लास

23,315

थर्ड एसी (3AC)

41,570

सेकंड एसी (2AC)

50,410

सुविधाओं का रखा गया है खास ख्याल

​आईआरसीटीसी के अनुसार, यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं:

  • भोजन: प्रतिदिन नाश्ता और दो समय का शुद्ध शाकाहारी भोजन।
  • आवास: प्रमुख तीर्थ स्थलों पर ठहरने के लिए होटल की व्यवस्था।
  • परिवहन: स्थानीय भ्रमण के लिए बसों/वाहनों की सुविधा।
  • गाइड: दर्शन और जानकारी के लिए अनुभवी गाइड की उपलब्धता।

​मौके पर आईआरसीटीसी के मंटू कुमार व अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। इच्छुक यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या रांची/बोकारो स्थित कार्यालयों से बुकिंग करा सकते हैं।

तीसरी धारा न्यूज के लिए बोकारो से रिपोर्ट।

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जमशेदपुर: मानगो में एटीएम ठगों का नया पैंतरा, कार्ड फंसाकर खाते से उड़ाए 11 हजार रुपये

जमशेदपुर: लौह नगरी में एटीएम ठग गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गया है। साइबर अपराधियों ने अब सीधे एटीएम बूथों के भीतर फर्जी हेल्पलाइन नंबरों का जाल बिछाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला मानगो थाना क्षेत्र का है, जहां गुरुद्वारा बस्ती निवासी सुरजीत सिंह ठगी का शिकार बन गए।1775476925160

मदद के नाम पर बिछाया जाल

​जानकारी के अनुसार, पीड़ित सुरजीत सिंह मानगो गोलचक्कर स्थित एसबीआई (SBI) के एटीएम से नकदी निकालने गए थे। जैसे ही उन्होंने अपना कार्ड मशीन में डाला, वह अंदर ही फंस गया। उस वक्त बूथ पर कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। घबराहट में सुरजीत की नजर एटीएम की दीवार पर लिखे एक मोबाइल नंबर पर पड़ी। उन्होंने उसे आधिकारिक हेल्पलाइन समझकर डायल कर दिया।1002518072

बातों में उलझाकर पेट्रोल पंप बुलाया

​फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का सहायक बताते हुए सुरजीत को भरोसे में लिया। शातिर ठग ने उन्हें बातों में उलझाया और कहा कि तकनीकी सुधार के लिए उन्हें पास के पेट्रोल पंप पर आना होगा। जब सुरजीत वहां पहुंचे तो उन्हें कोई नहीं मिला। अनहोनी की आशंका होने पर वे तुरंत वापस एटीएम पहुंचे, लेकिन तब तक उनका कार्ड गायब हो चुका था।

​हैरानी की बात यह रही कि कुछ ही मिनटों के भीतर उनके मोबाइल पर 11,000 रुपये की निकासी का मैसेज आ गया।

गार्ड के व्यवहार पर हंगामा

​घटना के बाद जब पीड़ित ने शोर मचाया तो वहां स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस बीच मौके पर पहुंचे सुरक्षा गार्ड का व्यवहार भी संदिग्ध और विवादित रहा, जिससे वहां मौजूद लोगों में काफी आक्रोश देखा गया। स्थानीय लोगों ने एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था और बैंक प्रबंधन की लापरवाही पर कड़े सवाल उठाए हैं।

पुलिस की कार्रवाई जारी

​पीड़ित सुरजीत सिंह ने मामले की लिखित शिकायत मानगो थाना में दर्ज करा दी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एटीएम केंद्र और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।

सावधानी बरतें: पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि एटीएम में किसी भी दीवार पर लिखे नंबरों पर भरोसा न करें। कार्ड फंसने की स्थिति में केवल बैंक के आधिकारिक टोल-फ्री नंबर या सीधे शाखा से संपर्क करें।

 

तीसरी धारा न्यूज के लिए जमशेदपुर से रिपोर्ट।

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झारखंड में जाम छलकाने के बदलेंगे नियम: 1 मई से लागू होगी नई बार नियमावली, रात 12 बजे की पाबंदी होगी खत्म

रांची: झारखंड में बार, रेस्टोरेंट और होटलों में शराब परोसने के शौकीनों और संचालकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार 1 मई 2026 से नई नियमावली लागू करने की तैयारी में है। इस नई व्यवस्था के तहत अब रात 12 बजे तक बार बंद करने की अनिवार्य बाध्यता समाप्त हो जाएगी, जिससे नाइटलाइफ और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।n7072459791775470414366d456b724581688383f8339b4ec1db46b69648f1603421c62011fa30667b888b9

मई से बदल जाएगी व्यवस्था

​उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग वर्तमान में ‘झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली 2026’ के अंतिम प्रारूप पर काम कर रहा है। हालांकि इसे 1 अप्रैल से लागू होना था, लेकिन खुदरा शराब दुकानों की नियमावली में संशोधनों के कारण इसमें थोड़ी देरी हुई है। अब इसे अप्रैल के अंत तक अधिसूचित कर दिया जाएगा।1002518072

नई नियमावली की मुख्य बातें:

  • समय सीमा में ढील: 5 सितारा होटलों में सुबह 4 बजे तक शराब परोसने का प्रावधान किया गया है।
  • क्षेत्रवार नियम: अलग-अलग जिलों के लिए लाइसेंस शुल्क और समय का निर्धारण अलग-अलग होगा।
  • लाइसेंस शुल्क: बार संचालकों को नए लाइसेंस शुल्क और संशोधित नियम-शर्तों का पालन करना होगा।

इन बिंदुओं पर फंसा है पेंच (व्यवसायियों का विरोध)

​नई नियमावली के प्रारूप पर स्टेकहोल्डर्स और बार एसोसिएशन ने कुछ गंभीर आपत्तियां जताई हैं, जिन पर विभाग विचार कर रहा है:

  1. टैक्स की दोहरी मार: एसोसिएशन का कहना है कि जीएसटी (GST) के ऊपर वैट (VAT) लगाना व्यापार के खिलाफ है। इससे शराब की कीमतें बढ़ेंगी और पर्यटन पर बुरा असर पड़ेगा।
  2. लाइसेंस शुल्क में वृद्धि: जमानत राशि और सालाना लाइसेंस फीस में भारी बढ़ोतरी का विरोध किया जा रहा है।
  3. लाइसेंस प्रक्रिया: नियमों को सरल बनाने की मांग की गई है ताकि छोटे व्यापारियों को परेशानी न हो।

विभागीय कार्रवाई और फीडबैक

​विभाग ने पूर्व में ही आम जनता और हितधारकों से आपत्तियां मांगी थीं। प्राप्त फीडबैक और आपत्तियों पर उच्च स्तरीय अधिकारी मंथन कर रहे हैं। विभाग का लक्ष्य एक ऐसी संतुलित नियमावली तैयार करना है जिससे राजस्व में भी वृद्धि हो और उपभोक्ताओं व पर्यटन क्षेत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

निष्कर्ष: यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 1 मई से झारखंड के बार और क्लब नए रंग-रूप और नए समय के साथ संचालित होते नजर आएंगे।

 

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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चुनावी रण: बंगाल और असम के चुनावों में दिखा ‘झारखंड कनेक्शन’, आमने-सामने आए हेमंत सोरेन और हिमंता बिस्वा सरमा

रांची/कोलकाता: पड़ोसी राज्यों के विधानसभा चुनावों में झारखंड की सियासत का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। चाहे वह असम का चुनाव हो या पश्चिम बंगाल का, झारखंड के दिग्गज नेता अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जहां अपनी सरकार के मंत्रियों के साथ कैंप कर रहे हैं, वहीं भाजपा ने भी अपने स्टार प्रचारकों की पूरी फौज मैदान में उतार दी है। यूn70740662317754700882866866ddbf8665dbfececa57f63feff248f5d3ed47e33d58a5ba6075297a38900d

असम में ‘आदिवासी कार्ड’ बनाम ‘झारखंड मॉडल’

​असम के चुनावी मैदान में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आदिवासी समाज के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए 15 दिनों तक सघन अभियान चलाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद वहां मोर्चा संभाले रहे।

  • भाजपा का प्रहार: झामुमो के कैंप के जवाब में झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुवाहाटी, जोरहाट और दिसपुर में सभाएं कीं। उन्होंने अपनी जनसभाओं में झारखंड की गठबंधन सरकार की विफलताओं को गिनाया।
  • हिमंता का पलटवार: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सीधे तौर पर हेमंत सोरेन को घेरते हुए कहा कि उन्हें दूसरों के राज्य में आने से पहले अपने राज्य (झारखंड) के विकास की स्थिति देखनी चाहिए।

बंगाल में झारखंड भाजपा का ‘महाजुटान’

​पश्चिम बंगाल के चुनावों में भाजपा ने झारखंड के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य के 100 से अधिक नेता और कार्यकर्ता पिछले तीन महीनों से बंगाल में सक्रिय हैं।1002518072

  • स्टार प्रचारकों की तिकड़ी: भाजपा की 40 स्टार प्रचारकों की सूची में झारखंड से तीन बड़े चेहरे शामिल हैं— अन्नपूर्णा देवी, बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा।
  • हेल्पसेंटर की भूमिका: चुनाव प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए भाजपा ने रांची, धनबाद और दुमका में विशेष हेल्पसेंटर भी बनाए हैं।
  • जमीनी स्तर पर सक्रियता: झारखंड भाजपा के उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, पूर्व विधायक अनंत ओझा और सत्यानंद झा बाटुल जैसे नेता महीनों से वहां कैंप कर रहे हैं।

हिमंता बिस्वा सरमा का ‘झारखंड अनुभव’ आ रहा काम

​झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बतौर सह-प्रभारी करीब तीन महीने यहां बिताए थे। इस दौरान उन्होंने राज्य के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

सीधा कनेक्शन: हिमंता को झारखंड के कई कार्यकर्ताओं के नाम तक याद हैं। यही वजह है कि जब झारखंड के भाजपा कार्यकर्ता असम या बंगाल में प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं, तो उन्हें हिमंता के साथ सीधे समन्वय का बड़ा लाभ मिल रहा है।

 

निष्कर्ष

​साफ है कि झारखंड की राजनीति अब केवल राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं रही। आदिवासियों के मुद्दे और पड़ोसी राज्यों की भौगोलिक निकटता ने झारखंड के नेताओं को बंगाल और असम के चुनावों में ‘किंगमेकर’ की भूमिका में ला खड़ा किया है।

विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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पतरातू में हाई-वोल्टेज ड्रामा: हेसला आवासीय परिसर खाली कराने पहुंची टीम का भारी विरोध, सड़कों पर उतरे लोग

पतरातू (रामगढ़): झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत में सोमवार को उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब पीटीपीएस (PTPS) की अधिग्रहित जमीन पर बने आवासीय परिसर को खाली कराने की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई। प्रशासन द्वारा 6 अप्रैल (सोमवार) को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की खबर मिलते ही हजारों की संख्या में स्थानीय निवासी सड़कों और गलियों में उतर आए।n707417428177546995448741d7f8146782a8718dd83cd657e8bac50db5e086474f1de24d85c18525bfc357

पटेल चौक बना आंदोलन का केंद्र

​जैसे ही बेदखली की आहट हुई, कॉलोनी के निवासी अपने घरों से निकलकर मुख्य स्थल पटेल चौक पर जमा हो गए। प्रदर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भारी भागीदारी देखी गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दो-टूक शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने आशियाने खाली नहीं करेंगे।1002518072

क्यों शुरू हुआ यह विवाद? (जमीन का गणित)

​विवाद की जड़ पीटीपीएस पावर प्लांट के बंद होने के बाद जमीन का हस्तांतरण है:

  • जियाडा को हस्तांतरण: पावर प्लांट बंद होने के बाद सरकार ने यह जमीन जियाडा (झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) को सौंप दी थी।
  • निजी कंपनियों को आवंटन: जियाडा ने इस भूमि को विभिन्न निजी कंपनियों को उद्योग लगाने के लिए आवंटित कर दिया है।
  • बेदखली की कोशिश: इसी आवंटन के आधार पर प्रशासन लंबे समय से इन आवासों को खाली कराने का प्रयास कर रहा है।

कोर्ट का स्टे या प्रशासनिक आदेश? भ्रम बरकरार

​इस पूरे मामले में कानूनी दांव-पेंच को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं:

  • निवासियों का पक्ष: स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और अदालत ने फिलहाल किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक (Stay) लगा दी है।
  • प्रशासन का पक्ष: अंचल अधिकारी का कहना है कि प्रशासन को अभी तक अदालत की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक ‘स्थगन आदेश’ प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए वे नियमानुसार जमीन खाली कराने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

टकराव की आशंका, प्रशासन अलर्ट

​समाचार लिखे जाने तक हालांकि कोई बड़ा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था, लेकिन पटेल चौक पर ग्रामीणों का हुजूम डटा हुआ है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती और किसी भी संभावित टकराव को देखते हुए स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ग्रामीण एकजुट होकर किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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