आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.
आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.
झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)
जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा
पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।
वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।
जमशेदपुर: लौहनगरी में आज शाम कुदरत का एक अलग ही रूप देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से बेहाल जमशेदपुर वासियों को आज शाम अचानक आए मौसम के बदलाव ने बड़ी राहत दी। शहर में तेज आंधी और झमाझम बारिश के साथ कई इलाकों में जमकर बर्फबारी (ओलावृष्टि) हुई, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
शाम होते ही आसमान में छाया अंधेरा
दोपहर तक चिलचिलाती धूप के बाद शाम करीब 5 बजे के आसपास अचानक आसमान में काले बादलों ने डेरा डाल दिया। देखते ही देखते तेज धूल भरी आंधी चलने लगी, जिसके बाद बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। बारिश के साथ ही साकची, बिष्टुपुर, मानगो और बागबेड़ा समेत कई इलाकों में बड़े-बड़े ओले गिरने लगे, जिससे सड़कों पर सफेद चादर सी बिछ गई।
गर्मी से मिली राहत, जनजीवन हुआ प्रभावित
इस अचानक हुई बारिश और बर्फबारी से जहां लोगों को गर्मी से निजात मिली है, वहीं तेज हवाओं के कारण शहर के कई हिस्सों में पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने की भी खबरें आ रही हैं। आंधी की वजह से बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही, जिससे कुछ इलाकों में अंधेरा छाया रहा।
मुख्य प्रभाव:
तापमान में गिरावट: अचानक हुई बारिश से पारा लुढ़क गया और मौसम सुहावना हो गया।
यातायात बाधित: सड़कों पर जलजमाव और ओले गिरने के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई।
बिजली संकट: तेज आंधी की वजह से कई मोहल्लों में एहतियातन बिजली काट दी गई।
तीसरी धारा न्यूज की अपील
मौसम में आए इस अचानक बदलाव और तेज आंधी को देखते हुए तीसरी धारा न्यूज सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें। जर्जर भवनों और बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें क्योंकि सड़कों पर ओलों की वजह से फिसलन हो सकती है।
नई दिल्ली/डेस्क: देश की राजधानी में न्याय के मंदिर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सुरक्षा व्यवस्था और वर्चुअल सुनवाई की प्रणालियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाही के दौरान उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए चल रही सुनवाई में किसी ने अश्लील वीडियो प्ले कर दिया।
सुनवाई के बीच वर्चुअल घुसपैठ
यह शर्मनाक घटना उस समय हुई जब चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ सप्लीमेंट्री लिस्ट के मामलों पर सुनवाई कर रही थी। ‘लाइव लॉ’ की रिपोर्ट के अनुसार, वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग में ‘Shitjeet Sighn’ नाम के एक यूजर ने लॉग-इन किया और अचानक अपनी स्क्रीन शेयर कर पोर्नोग्राफिक कंटेंट चला दिया।
एक नहीं, तीन बार किया गया हमला
अदालत के कर्मचारियों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंस बंद कर दी। लेकिन हैरानी और चिंता की बात यह रही कि जब-जब VC दोबारा शुरू की गई, उस घुसपैठिये ने फिर से वही हरकत दोहराई।
पहली बार: स्क्रीन शेयर कर अश्लील सामग्री दिखाई गई, स्टाफ ने कनेक्शन काटा।
दूसरी बार: दोबारा लिंक शुरू होते ही यूजर ने फिर से अश्लील वीडियो चलाया।
तीसरी बार: तीसरी बार जब वीडियो प्ले हुआ, तो बैकग्राउंड से एक डरावनी आवाज आई।
“तुम हैक हो चुके हो”: हैकर की खुली धमकी
तीसरी बार वीडियो चलने के दौरान बैकग्राउंड से आवाज आई कि— “यह यूनाइटेड स्टेट्स से किया गया एक हैक है। इस मीटिंग को अभी तुरंत बंद कर दो। इसे दोबारा कभी शुरू मत करना। तुम हैक हो चुके हो।” इस चेतावनी के बाद कोर्ट रूम में हड़कंप मच गया। सुरक्षा के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को काफी देर तक बंद रखा गया। बाद में जब कार्यवाही बहाल हुई, तो अनजान यूजर्स को तुरंत लॉक कर दिया गया और कोर्ट का ऑडियो-वीडियो एक्सेस भी कड़ा कर दिया गया।
तीसरी धारा न्यूज की विशेष रिपोर्ट
किसी उच्च न्यायालय की कार्यवाही में इस तरह की सेंधमारी न केवल तकनीकी सुरक्षा में बड़ी चूक है, बल्कि न्यायपालिका की गरिमा पर भी हमला है। अगर हैकर अंतरराष्ट्रीय स्तर से ऐसी हरकत कर रहे हैं, तो यह साइबर सुरक्षा के लिहाज से एक “अलार्मिंग बेल” है। तीसरी धारा न्यूज इस मामले में कड़ी जांच और दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग करता है।
जमशेदपुर: देश भर में ‘खेलो इंडिया’ अभियान के तहत खिलाड़ियों को मिल रहे प्रोत्साहन का असर अब मैदानों पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में सीतारामडेरा कम्युनिटी सेंटर में पूर्वी सिंहभूम बॉक्सिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘खेलो अस्मिता बॉक्सिंग चैंपियनशिप’ में जमशेदपुर के मुक्केबाजों ने अपना परचम लहराया है। इस प्रतियोगिता में मंगल सिंह बॉक्सिंग सेंटर के पांच खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया, जिनमें से चार ने पदक जीतकर क्षेत्र का मान बढ़ाया।
स्वर्ण और रजत पदकों की रही धूम
चैंपियनशिप में मंगल सिंह बॉक्सिंग सेंटर की बेटियों ने रिंग में अपनी तकनीक और साहस का लोहा मनवाया। पदक विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
रागिनी कुमारी: स्वर्ण पदक (Gold Medal)
दिव्या सोया: रजत पदक (Silver Medal)
मानसी सरदार: रजत पदक (Silver Medal)
तृप्ति कुमारी: कांस्य पदक (Bronze Medal)
मुख्य अतिथि ने थपथपाई पीठ
विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान करने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में जिला खेल अधिकारी श्रीमती रूपा रानी तिर्की उपस्थित हुईं। उन्होंने खिलाड़ियों को पदक पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि ऐसे मंचों से ही भविष्य के ओलंपिक खिलाड़ी निकलते हैं।
मार्गदर्शकों ने दी बधाई
इन खिलाड़ियों ने कोच विवेक दास की देखरेख में कड़ी मेहनत की थी, जबकि प्रबंधक के रूप में पूर्व मुक्केबाज गुलाम गौस ने टीम का नेतृत्व किया। इस शानदार उपलब्धि पर (MBC) मानगो बॉक्सिंग सेंटर के कोच विजय सोय ने भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यह सफलता अन्य बच्चों को भी खेलों की ओर प्रेरित करेगी।
तीसरी धारा न्यूज की विशेष टिप्पणी
जमशेदपुर हमेशा से खेल और खिलाड़ियों की नर्सरी रहा है। ‘खेलो अस्मिता’ जैसे आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि छोटे केंद्रों से आने वाली प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। तीसरी धारा न्यूज सभी पदक विजेताओं और उनके कोचों को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सलाम करता है।
जमशेदपुर/बागबेड़ा: बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर 3 के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले लंबे समय से जर्जर तारों और अनियमित बिजली आपूर्ति से जूझ रहे इस क्षेत्र में मंगलवार को विद्युत विभाग ने युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए नई केबल बिछाने का काम पूरा किया।
पंचायत समिति सदस्य की पहल लाई रंग
स्थानीय लोगों की लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए पंचायत समिति सदस्य (पंसस) सुनील गुप्ता ने शनिवार को विद्युत कार्यपालक अभियंता आनंद कौशिक से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियंता ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
आधुनिक तकनीक से लैस हुआ बिजली ढांचा
मंगलवार सुबह से ही विभागीय कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला और करीब 500 मीटर नया XLPE (कवर) केबल लगाया। इस कार्य के दौरान पुराने और जर्जर तारों को पूरी तरह हटा दिया गया।
मुख्य बदलाव:
नया XLPE केबल: 500 मीटर सुरक्षित और आधुनिक केबल बिछाई गई।
डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स: वोल्टेज को स्थिर रखने और बिजली चोरी रोकने के लिए हर पोल पर कुल 30 नए डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स लगाए गए।
निर्बाध आपूर्ति: ओवरलोड के कारण बार-बार तार जलने की समस्या से अब स्थायी मुक्ति मिलेगी।
शेष कार्य बुधवार तक होगा पूरा
सुनील गुप्ता ने जानकारी दी कि मंगलवार को सुबह से शाम तक काम चला है और कुछ आंशिक कार्य शेष है, जिसे बुधवार तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह सुचारु हो जाएगी। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई और पंसस के प्रयासों की स्थानीय जनता ने सराहना की है।
तीसरी धारा न्यूज की नजर
जनता की समस्याओं का समय पर समाधान ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है। बागबेड़ा में विद्युत विभाग की यह सक्रियता सराहनीय है। तीसरी धारा न्यूज उम्मीद करता है कि क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी जर्जर तारों को इसी तेजी से बदला जाएगा ताकि भीषण गर्मी में जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
हजारीबाग/रांची: झारखंड में सत्ता के अहंकार और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले की एक रूह कपा देने वाली घटना सामने आई है। हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (सदर अस्पताल) में सोमवार को न्यूज़ 18 झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार सुशांत सोनी पर उस वक्त जानलेवा हमला किया गया, जब उन्होंने जनता के हक में एक वाजिब सवाल पूछने की हिम्मत की।
क्या था वह ‘गुनाह’ जो मंत्री समर्थकों को चुभ गया?
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी जब अस्पताल का दौरा कर रहे थे, तब पत्रकार सुशांत सोनी ने उनसे फरवरी 2026 में हुए चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश के पीड़ितों को लेकर सवाल किया। सवाल सीधा था— “हादसे में जान गंवाने वाले 7 लोगों के परिजनों को अब तक मुआवजा क्यों नहीं मिला?” हैरानी की बात यह है कि जिस मुआवजे का वादा खुद मंत्री जी ने विधानसभा में किया था, उस पर जवाब देने के बजाय उनके समर्थकों ने पत्रकार पर लात-घूंसों की बरसात कर दी।
अस्पताल परिसर में ही पत्रकार लहूलुहान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सवाल पूछते ही समर्थकों की भीड़ पत्रकार पर टूट पड़ी। गंभीर रूप से घायल सुशांत सोनी को उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ वे रिपोर्टिंग करने पहुंचे थे। विडंबना देखिए कि दो महीने बीत जाने के बाद भी सरकार मुआवजे की फाइल नहीं खोल पाई, लेकिन सवाल पूछने वाले का सिर खोलने में जरा भी देर नहीं लगाई गई।
पुलिस की चुप्पी और प्रशासन पर सवाल
घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सार्वजनिक स्थान पर, कैमरों के सामने हुई इस गुंडागर्दी पर पुलिस की सुस्ती प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवालिया निशान लगाती है। क्या राज्य में अब पत्रकारों को सुरक्षा के बजाय सत्ता के कोपभाजन का शिकार होना पड़ेगा?
तीसरी धारा न्यूज की तीखी प्रतिक्रिया
यह घटना न केवल शर्मनाक है, बल्कि अक्षम्य भी है। दिन-रात लोकतंत्र और अधिकारों की बात करने वाले नेताओं के संरक्षण में अगर पत्रकारों का गला घोंटा जाएगा, तो जनता तक सच कैसे पहुँचेगा?
तीसरी धारा न्यूज इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता है। हम मांग करते हैं कि:
दोषी समर्थकों और इस कृत्य को बढ़ावा देने वाले जिम्मेदार लोगों पर तत्काल कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।
घायल पत्रकार को उचित सुरक्षा और न्याय मिले।
सरकार यह स्पष्ट करे कि क्या राज्य में अब सवाल पूछना अपराध की श्रेणी में आता है?
सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि शेखीबाज समर्थकों के दम पर सच को ज्यादा दिनों तक नहीं छुपाया जा सकता।
वैश्विक ऊर्जा संकट और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच, मई 2026 का महीना रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़े बदलाव लेकर आने वाला है। एशिया में चल रहे युद्ध के कारण सप्लाई चेन पर पड़े दबाव को देखते हुए, भारत की प्रमुख तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs)—Indian Oil, BPCL और HPCL—LPG सिलिंडर की बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े नियमों को नया रूप देने की तैयारी में हैं।
यहाँ जानें 1 मई से होने वाले संभावित बदलाव और नए नियम:
1. कीमतों में संशोधन की प्रबल संभावना
ईरान युद्ध के बाद से तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव के कारण 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलिंडर की कीमतों में पहले ही 60 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी जा चुकी है। वहीं, कमर्शियल सिलिंडर (19 किलोग्राम) की कीमतें अप्रैल में ही 196 रुपये से 218 रुपये तक बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 1 मई को होने वाले मासिक संशोधन में कीमतों में एक बार फिर बड़ा उलटफेर हो सकता है।
2. OTP आधारित डिलीवरी होगी अनिवार्य
गैस की कालाबाजारी रोकने और सही उपभोक्ता तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) यानी OTP आधारित सिस्टम को अब स्थायी बनाया जा सकता है। वर्तमान में यह व्यवस्था लगभग 94% तक सफल रही है, जिसे अब पूरे देश में सख्ती से लागू करने की योजना है।
3. बुकिंग के ‘लॉक-इन पीरियड’ में बदलाव
वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में दो सिलिंडरों के बीच बुकिंग का अंतराल 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन है। सूत्रों के अनुसार, बढ़ती मांग और सप्लाई के संतुलन को बनाए रखने के लिए इस ‘लॉक-इन पीरियड’ की समय सीमा को तेल कंपनियां फिर से संशोधित कर सकती हैं।
प्रमुख सरकारी अपडेट और प्राथमिकताएं
भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
eKYC अनिवार्य: उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक eKYC नहीं कराया है, उनकी सब्सिडी या कनेक्शन पर संकट आ सकता है।
PNG को बढ़ावा: बड़े शहरों में कमर्शियल उपभोक्ताओं को LPG से PNG (पाइप वाली गैस) पर शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
क्षेत्रवार प्राथमिकता: अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और कृषि क्षेत्र को गैस सप्लाई में प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले FTL सिलिंडर की सप्लाई दोगुनी कर दी गई है।
विशेष नोट: अगर आप PNG उपभोक्ता हैं, तो ध्यान रखें कि सरकार ने PNG कनेक्शन होने पर नए LPG कनेक्शन लेने या पुराने को सरेंडर करने की प्रक्रिया पर कड़े नियम लागू किए हैं।
जमशेदपुर: देश भर में बिजली उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे ‘वॉट्सऐप स्कैम’ के बढ़ते मामलों को देखते हुए टाटा पावर ने अपने ग्राहकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। कंपनी ने आगाह किया है कि जालसाज बिजली बिल और केवाईसी के नाम पर लोगों की जमा-पूंजी और निजी डेटा पर सेंध लगा रहे हैं।
धोखाधड़ी का नया तरीका: बिजली कटने का डर
टाटा पावर प्रबंधन के अनुसार, साइबर अपराधी ग्राहकों को वॉट्सऐप पर फर्जी मैसेज भेज रहे हैं। इन संदेशों में अक्सर यह चेतावनी दी जाती है कि “आपका बिजली बिल अपडेट नहीं है और आज रात कनेक्शन काट दिया जाएगा।”
उपभोक्ताओं को घबराहट में डालने के बाद, उन्हें केवाईसी अपडेट (KYC Update) करने के बहाने एक संदिग्ध लिंक भेजा जाता है। जैसे ही कोई यूजर इस लिंक पर क्लिक करता है, उसका फोन हैक होने या बैंक खाते से पैसे चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
टाटा पावर की ग्राहकों को खास सलाह
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता अपनी सुरक्षा के लिए निम्नलिखित बातों का कड़ाई से पालन करें:
गोपनीयता बनाए रखें: टाटा पावर कभी भी वॉट्सऐप, कॉल या ईमेल के जरिए आपसे ओटीपी (OTP), बैंक विवरण या पासवर्ड नहीं मांगता है।
अज्ञात लिंक से बचें: किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, ये आपके व्यक्तिगत डेटा से समझौता कर सकते हैं।
आधिकारिक ऐप का ही करें उपयोग: बिजली बिल भुगतान या अन्य सेवाओं के लिए केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें।
शिकायत कहाँ दर्ज करें?
टाटा पावर ने अपील की है कि यदि आपको कोई संदिग्ध मैसेज मिलता है या आपके साथ कोई अनधिकृत लेनदेन होता है, तो तुरंत कार्रवाई करें:
हेल्पलाइन नंबर: तत्काल 1930 पर कॉल करें।
साइबर पोर्टल: नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
याद रखें: आपकी जागरूकता ही इन साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। सतर्क रहें और केवल आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम दौर से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। पिछले चुनाव में शून्य पर सिमटने वाली कांग्रेस इस बार अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में है, लेकिन इसी बीच बीजेपी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एक वीडियो को हथियार बनाकर सत्तारूढ़ टीएमसी पर तीखा हमला बोला है।
बीजेपी ने राहुल के बहाने टीएमसी पर साधा निशाना
29 अप्रैल को होने वाले अंतिम चरण के मतदान से पहले बीजेपी ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के भाषण का एक हिस्सा साझा किया है। वीडियो के साथ बीजेपी ने कटाक्ष करते हुए लिखा, “एक बार फिर, राहुल जी, आपका धन्यवाद!” बीजेपी ने राहुल गांधी के उस बयान को आधार बनाया है जिसमें उन्होंने बंगाल से पलायन और नौकरियों में धांधली का जिक्र किया था। बीजेपी का कहना है कि अब राहुल गांधी भी स्वीकार कर रहे हैं कि भ्रष्टाचार और ‘सिंडिकेट राज’ के कारण 6,688 कंपनियां बंगाल छोड़कर चली गईं।https://x.com/i/status/2048283273441468623
राहुल गांधी के भाषण के मुख्य बिंदु जिन्हें बीजेपी ने भुनाया:
रोजगार में पक्षपात: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बंगाल में नौकरी पाने के लिए टीएमसी में रिश्तेदारी होना जरूरी है।
भ्रष्टाचार का बोलबाला: उन्होंने कहा कि सिस्टम केवल टीएमसी के कार्यकर्ताओं और ‘गुंडों’ के लिए काम कर रहा है, आम जनता के लिए नहीं।
कंपनियों का पलायन: औद्योगिक गिरावट और कंपनियों के राज्य से बाहर जाने के मुद्दे पर भी राहुल ने सरकार को घेरा।
सियासी समीकरण और चुनौती
इंडिया ब्लॉक (INDIA Bloc) का हिस्सा होने के बावजूद पश्चिम बंगाल में टीएमसी और कांग्रेस के रिश्ते तल्ख बने हुए हैं। बीजेपी ने इस आपसी खींचतान का फायदा उठाते हुए भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी और घुसपैठ जैसे मुद्दों को धार दी है।
गौरतलब है कि बंगाल की 294 सीटों में से अब केवल 142 सीटों पर वोटिंग शेष है। बीजेपी ने इस बार अधीर रंजन चौधरी और मौसम नूर जैसे दिग्गज चेहरों को चुनावी मैदान में उतारकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का लक्ष्य रखा है।
जमशेदपुर: शहर में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक सहयोग की एक सराहनीय मिसाल सामने आई है। जमशेदपुर के उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालीमाटी (जेम्को) में विद्यार्थियों को ठंडे और स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक नया वाटर कूलर स्थापित किया गया है।
सामाजिक सहयोग से हुआ संभव
यह वाटर कूलर विद्यालय के ही पोषक क्षेत्र के एक उदार व्यक्ति द्वारा दान स्वरूप भेंट किया गया है। विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि सदस्य श्री करनदीप सिंह ने विद्यालय में शीतल पेयजल की भारी किल्लत को देखते हुए स्थानीय स्तर पर सहयोग का आग्रह किया था। उनके इस निस्वार्थ प्रयास और दानदाता की दरियादिली की बदौलत अब विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को चिलचिलाती धूप में राहत मिल सकेगी।
प्रबंधन ने जताया आभार
वाटर कूलर के उद्घाटन के अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री धनंजय श्रीवास्तव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:
”पोषक क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों का विद्यालय के प्रति ऐसा जुड़ाव और सहयोग न केवल बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करता है, बल्कि शिक्षा के वातावरण को बेहतर बनाने में भी सहायक सिद्ध होता है।”
उन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए दानदाता एवं श्री करनदीप सिंह के प्रति विशेष आभार प्रकट किया। विद्यालय परिवार ने इस कदम को छात्र हित में एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार को एक बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर कर द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस समझौते को “पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता” करार दिया है, जो दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सेवाओं के परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगा।
10 साल का इंतजार और रिकॉर्ड तोड़ वार्ता
इस समझौते का औपचारिक रूप वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मंत्री टॉड मैक्ले की उपस्थिति में दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि 2010 में शुरू हुई यह वार्ता 2015 में रुक गई थी, लेकिन मार्च 2025 में दोबारा शुरू होने के बाद इसे दिसंबर 2025 तक अंतिम रूप दे दिया गया। यह भारत के सबसे तेजी से संपन्न होने वाले समझौतों में से एक बन गया है।
भारतीयों के लिए क्या है खास? (रोजगार और सेवाएं)
इस समझौते के तहत सेवाओं के क्षेत्र में भारत को बड़ी सफलता मिली है:
5000 पेशेवरों को मौका: आईटी, शिक्षा और वित्तीय सेवाओं से जुड़े 5000 भारतीय पेशेवरों को न्यूजीलैंड में 3 साल तक काम करने का अवसर मिलेगा।
सांस्कृतिक और विशेष क्षेत्र: योग प्रशिक्षक, आयुष विशेषज्ञ, शेफ और संगीत शिक्षकों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के रास्ते खुलेंगे।
आईटी और पर्यटन: इन क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों को नए निवेश और विस्तार के मौके मिलेंगे।
व्यापार: भारत को मिलेगी ‘ड्यूटी-फ्री’ पहुंच
अब भारत से न्यूजीलैंड निर्यात होने वाले टेक्सटाइल, लेदर, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामानों पर कोई सीमा शुल्क (Duty) नहीं लगेगा।
निवेश का लक्ष्य: अगले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड से भारत में लगभग 20 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद है।
न्यूजीलैंड को लाभ: न्यूजीलैंड को भारत में अपने 54% निर्यात (मीट, ऊन, कोयला आदि) पर तुरंत ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा।
घरेलू हितों की सुरक्षा: डेयरी और कृषि क्षेत्र सुरक्षित
भारतीय किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों का ध्यान रखते हुए, सरकार ने डेयरी, चीनी और कुछ संवेदनशील धातुओं को इस समझौते से बाहर रखा है। सेब, कीवी और शहद जैसे उत्पादों पर भी नियंत्रण बरकरार रखा गया है ताकि घरेलू बाजार प्रभावित न हो।
रणनीतिक और आर्थिक महत्व
साल 2024 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 2.4 अरब डॉलर रहा था, जिसके अब कई गुना बढ़ने की संभावना है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अब व्यापार के लिए अधिक सरल और भरोसेमंद देश बन चुका है, जो दुनिया के लिए एक प्रमुख ‘गेटवे’ है।