विशेष रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
नई दिल्ली/देवघर।
देश के नागरिकों को डराकर बैंक खाते खाली करने वाले एक और बड़े संगठित साइबर अपराधी गिरोह पर पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर थाना पुलिस ने फर्जी ‘गैस कनेक्शन डिस्कनेक्शन’ का संदेश भेजकर मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल से चार आरोपियों को दबोचा है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में गैजेट्स और लग्जरी सामान बरामद किया है, जिसमें 20 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, सोने-चांदी के आभूषण, 61,900 रुपये नकद और ठगी के पैसों से खरीदी गई एक चमचमाती टाटा हैरियर कार शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल, रहीम, मोहसिन और दिलशाद के रूप में हुई है।
एक APK फाइल और साफ हो गए ₹2.64 लाख
दक्षिण पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) अमित गोयल ने शुक्रवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह जांच ई-एफआईआर संख्या 53/25 के तहत दर्ज एक शिकायत के बाद शुरू हुई थी।
शिकायतकर्ता महिला को एक फर्जी मैसेज मिला था, जिसमें लिखा था कि उसका आईजीएल (IGL) गैस कनेक्शन बंद होने वाला है। घबराहट में महिला ने मैसेज में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। ठगों ने मदद के बहाने महिला को व्हाट्सएप पर एक एपीके (APK) फाइल भेजी। जैसे ही महिला ने उस फाइल को अपने फोन में इंस्टॉल किया, साइबर अपराधियों ने उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस (नियंत्रण) हासिल कर लिया और उसके बैंक खाते व क्रेडिट कार्ड से करीब 2.64 लाख रुपये उड़ा दिए।
शाहीन बाग से कोलकाता और फिर झारखंड तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में इस गिरोह के काम करने के बेहद शातिर तरीके का पता चला है:
- मनी ट्रेल छिपाने का तरीका: ठगी की रकम को सीधे बैंक खातों में रखने के बजाय ये अपराधी तुरंत ऑनलाइन महंगे मोबाइल फोन, डिजिटल गिफ्ट कार्ड और सोने के सिक्के खरीदने में लगा देते थे, ताकि पुलिस पैसों के स्रोत को ट्रैक न कर सके।
- फर्जी पते पर डिलीवरी: पुलिस ने जब पीड़िता के क्रेडिट कार्ड से खरीदे गए दो मोबाइलों के आईएमईआई (IMEI) नंबर और डिलीवरी एड्रेस को खंगाला, तो पता चला कि सामान दिल्ली के शाहीन बाग के एक फर्जी पते पर मंगाया गया था।
- कमीशन एजेंट का जाल: पुलिस ने सबसे पहले शाहीन बाग की एक दुकान के सेल्समैन को पकड़ा, जो कमीशन के चक्कर में इन फर्जी पार्सल को रिसीव करके कोलकाता भेजता था।

कोलकाता हब से देवघर तक ऐसे पहुंची पुलिस
कमीशन एजेंट से मिली लीड के आधार पर पुलिस ने कोलकाता के खिदिरपुर हब से पार्सल लेने पहुंचे एमडी साहिल को गिरफ्तार किया। साहिल से पूछताछ में एमडी रहीम का नाम सामने आया, जो ठगी के इन मोबाइलों को सस्ते दामों में खरीदकर विदेशों में बैठे अपने नेटवर्क और अवैध माध्यमों से बेचता था।
जब पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं, तो इस गिरोह के तार झारखंड के देवघर से जुड़े मिले। पुलिस टीम ने तुरंत देवघर में छापेमारी कर एमडी मोहसिन और एमडी दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों देवघर में बैठकर इलेक्ट्रॉनिक सामान को ठिकाने लगाने और अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए पूरे गैंग के साथ तालमेल बिठाने का काम करते थे। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह द्वारा की गई अन्य ठगियों का भी पता लगाया जा सके।
– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो