मुंबई: भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। अपनी जादुई आवाज से आठ दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें शनिवार को कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आने के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनका अंतिम संस्कार कल यानी सोमवार को किया जाएगा।
अंतिम समय में अस्पताल में थीं भर्ती
आशा भोसले की पोती, जनाई भोसले ने सोशल मीडिया के जरिए उनके स्वास्थ्य की जानकारी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि अत्यधिक थकान और छाती में संक्रमण (Chest Infection) के कारण उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
आठ दशकों का बेमिसाल सफर
आशा ताई का जाना न केवल बॉलीवुड बल्कि विश्व संगीत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 1943 में अपने करियर की शुरुआत करने वाली आशा जी ने 12 हजार से भी अधिक गाने रिकॉर्ड किए। उन्होंने हिंदी के अलावा कई क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं में भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
उनके कुछ यादगार नगमे:
- पिया तू अब तो आजा
- दम मारो दम
- चुरा लिया है तुमने जो दिल को
- इन आंखों की मस्ती के
- ये मेरा दिल प्यार का दीवाना
सम्मान और उपलब्धियां
भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया, जिनमें मुख्य हैं:
- पद्म विभूषण (देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान)
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (दो बार)
- फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
आशा भोसले ने ओ.पी. नैयर, आर.डी. बर्मन (पंचम दा) और ए.आर. रहमान जैसे दिग्गजों के साथ मिलकर संगीत के नए कीर्तिमान स्थापित किए। उनके निधन की खबर से सोशल मीडिया पर शोक की लहर है और बॉलीवुड से लेकर खेल जगत तक की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं।
तीसरी धारा न्यूज की ओर से सुर साम्राज्ञी आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि।