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आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.


झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)


जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।
वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

तीसरी धारा न्यूज | 24 सितंबर 2026 | नई दिल्ली
सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल और प्राकृतिक गैस कंपनी ‘ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन’ (ONGC) ने ओडिशा तट के पास गहरे समुद्र में प्राकृतिक गैस के नए भंडार की खोज की है। कंपनी के विशेष गहरे समुद्री अभियान ‘समुद्र मंथन’ के तहत यह सफलता हासिल हुई है। यह खोज कोणार्क तट से लगभग 43 किलोमीटर दूर महानदी अपतटीय (Offshore) बेसिन में स्थित ‘MN-DW18-1-H-D’ नामक कुएं में हुई है।
कंपनी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, महानदी बेसिन अभियान के अंतर्गत खोदा गया यह पहला ही कुआं है। इसे कुल 1,623 मीटर की लक्षित गहराई तक खोदा गया था। जांच और खुदाई के दौरान 1,441 मीटर से लेकर 1,452 मीटर की गहराई के बीच प्राकृतिक गैस के मजबूत और बड़े संचय की मौजूदगी का पता चला।
ONGC के अधिकारियों ने बताया कि इस कुएं से पिछले तीन दिनों से लगातार प्राकृतिक गैस निकल रही है। परीक्षण के दौरान गैस का फ्लो (प्रवाह) और प्रेशर (दबाव) दोनों ही बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक बने हुए हैं। हालांकि, इसके व्यावसायिक उपयोग और दीर्घकालिक क्षमता का सटीक आकलन करने के लिए फिलहाल विस्तृत मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है।
ओडिशा के तट से महज 43 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होने के कारण इस नए गैस क्षेत्र का विकास और मौद्रीकरण बहुत तेजी से किया जाना संभव है। व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक साबित होने पर, ‘पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियम, 2025’ के तहत मौजूद साझा बुनियादी ढांचे का उपयोग करके इसे बहुत जल्द उत्पादन स्थिति में लाया जा सकेगा।
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जमशेदपुर / पटना:
बिहार के जमुई जिले में कोचिंग से लौट रही दसवीं कक्षा की छात्रा और उसके साथी के साथ हुई अभद्रता व छेड़छाड़ की शर्मनाक घटना को लेकर जगह-जगह आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में अब सामाजिक संगठनों और क्लबों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
जमशेदपुर टाइगर क्लब के वरिष्ठ सदस्य विक्की गिरी ने इस घटना पर गहरी संवेदना और भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए बिहार सरकार और प्रशासन पर सीधे सवाल खड़े किए हैं।
विक्की गिरी ने अपने बयान में कहा कि दिन-दहाड़े या सार्वजनिक स्थानों पर बच्चियों के साथ होने वाली ऐसी घटनाएं बेहद दुखद और चिंताजनक हैं। उन्होंने मांग की कि:
विक्की गिरी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य प्रशासन से जवाबदेही तय करने की अपील की। उन्होंने कहा कि “यदि सरकार और पुलिस-प्रशासन महिलाओं व आम नागरिकों को सुरक्षा देने में विफल रहते हैं, तो जनता का विरोध झेलने के लिए तैयार रहें।”
उन्होंने आगे कहा कि समाजसेवियों, युवाओं और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपराधियों में कानून का खौफ होना बेहद जरूरी है।
(गौरतलब है कि जमुई में घटित इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी सहित कई आरोपियों को हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।)

तीसरी धारा न्यूज 23 सितंबर 2026 जमशेदपुर
गोलमुरी थाना क्षेत्र के बिरसानगर जोन 7 की रहने वाली युवती घर छोड़कर गई
जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बिरसानगर जोन 7 की रहने वाली 23 वर्षीय युवती अंजली लोहार संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई है। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, युवती घर से नाराज होकर कहीं चली गई है। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन फिलहाल उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, लोगों से मदद की गुहार
अंजली के अचानक गायब हो जाने से परिवार के लोग काफी चिंतित और परेशान हैं। परिजनों ने आसपास के इलाकों और अपने रिश्तेदारों के यहाँ काफी पूछताछ की, लेकिन युवती का कुछ पता नहीं चल पाया है। परिजनों ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी को भी इस बहन/युवती के संबंध में कोई जानकारी मिले, तो वे तुरंत संपर्क कर परिवार की मदद करें।
सूचना देने वाले को दिया जाएगा ₹21,000 का नकद इनाम
लापता युवती की जल्द से जल्द सकुशल बरामदगी के लिए परिजनों ने बड़ा कदम उठाया है। परिजनों की ओर से घोषणा की गई है कि जो भी व्यक्ति अंजली लोहार की सही जानकारी देगा या उसे खोजने में मदद करेगा, उसे ₹21,000 का नकद इनाम दिया जाएगा।
इन नंबरों पर संपर्क करने की अपील
यदि किसी भी नागरिक को 23 वर्षीय अंजली लोहार के संबंध में कोई भी सूचना या सुराग मिले, तो वे बिना किसी देरी के दिए गए संपर्क नंबरों 6204931132 अथवा 7717768176 पर कॉल करके जानकारी साझा कर सकते हैं।
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तीसरी धारा न्यूज 23 सितंबर 2026 रांची
हाई कोर्ट परिसर में भव्य शपथ ग्रहण समारोह का हुआ आयोजन
झारखंड न्यायपालिका के इतिहास में बुधवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा, जब झारखंड हाई कोर्ट में तीन नए जजों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने नवनियुक्त तीनों जजों—जस्टिस मनोज प्रसाद, जस्टिस अखिल कुमार और जस्टिस राम शर्मा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह की शुरुआत में हाई कोर्ट के महानिबंधक सत्यप्रकाश सिन्हा ने राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति पत्र को हिंदी और अंग्रेजी में पढ़कर सुनाया। इसके बाद चीफ जस्टिस ने तीनों जजों को पुष्पगुच्छ देकर शुभकामनाएं दीं।
अखिल कुमार ने हिंदी तो मनोज प्रसाद व राम शर्मा ने अंग्रेजी में ली शपथ
शपथ ग्रहण के दौरान एक खास बात देखने को मिली, जब जस्टिस अखिल कुमार ने हिंदी भाषा में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। वहीं, जस्टिस मनोज प्रसाद और जस्टिस राम शर्मा ने अंग्रेजी भाषा में शपथ ग्रहण की। इस गरिमामय समारोह में राज्य के महाधिवक्ता रोहितश्य राय, एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत कुमार, महासचिव नवीन कुमार, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल प्रशांत पल्लव सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता, हाई कोर्ट रजिस्ट्री के पदाधिकारी, राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी समेत कई प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
देवघर से निकलकर जज बनने तक का रहा है जस्टिस मनोज प्रसाद का सफर
नवनियुक्त जज जस्टिस मनोज प्रसाद का जन्म वर्ष 1973 में देवघर में हुआ था। इन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट फ्रांसिस स्कूल, देवघर से पूरी की और पटना यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। 1998 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित ‘कैंपस लॉ सेंटर’ से एलएलबी करने के बाद वे 1999 में वकील के तौर पर नामांकित हुए। उन्होंने मुख्य रूप से देवघर जिला अदालत में सिविल मामलों में प्रैक्टिस की। इसके बाद 4 मई 2012 को वे एडिशनल ज्यूडिशियल कमिश्नर (रांची) के रूप में झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस का हिस्सा बने थे।
जस्टिस अखिल कुमार और जस्टिस राम शर्मा का भी रहा है समृद्ध न्यायिक अनुभव
6 जनवरी 1972 को पटना में जन्मे जस्टिस अखिल कुमार ने पटना यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र में ऑनर्स और 1999 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की। उन्होंने पटना हाई कोर्ट व जिला अदालत में वकालत की। वहीं, 7 जुलाई 1968 को दिल्ली में जन्मे जस्टिस राम शर्मा ने 1994 में दिल्ली से एलएलबी पास कर दिल्ली हाई कोर्ट व जिला अदालतों में लंबी वकालत की, जिसके बाद वे 26 मई 2012 को झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल हुए। तीनों नए जजों के आगमन से हाई कोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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तीसरी धारा न्यूज 23 सितंबर 2026 जमशेदपुर
मंडी में पसरी गंदगी से स्थानीय लोग और व्यापारी परेशान
औद्योगिक नगरी जमशेदपुर के बागबेड़ा स्थित प्रसिद्ध सब्जी मंडी क्षेत्र में इन दिनों जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है। नियमित सफाई न होने के कारण मंडी परिसर और आसपास के रास्तों पर सड़ी-गली सब्जियों व कचरे का ढेर जमा हो गया है। इससे उठती असहनीय दुर्गंध ने न सिर्फ स्थानीय दुकानदारों का व्यापार प्रभावित किया है, बल्कि वहां आने वाले राहगीरों और खरीदारों का सांस लेना भी मुहाल कर दिया है।
बीमारियों का बढ़ा खतरा, नगर निगम से सफाई की अपील
सब्जी मंडी जैसे व्यस्त सार्वजनिक स्थान पर पसरी इस गंदगी के कारण क्षेत्र के पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मच्छरों और मक्खियों के प्रकोप से आसपास के इलाकों में संक्रामक बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सामाजिक संस्था ‘सेवा ही लक्ष्य (युवाशक्ति)’ के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने नगर निगम प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित कराया है।
सार्वजनिक स्थलों पर नियमित कचरा उठाव की उठाई मांग
संस्थापक पीयूष ठाकुर ने नगर निगम और संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि बागबेड़ा सब्जी मंडी में जमा कचरे के ढेर को अविलंब हटाया जाए और पूरे क्षेत्र में वृहद पैमाने पर सैनिटाइजेशन व सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक और व्यावसायिक स्थलों पर नियमित रूप से कचरा उठाव की पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
शीघ्र कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
पीयूष ठाकुर ने नगर निगम प्रशासन से आग्रह किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ शहर, स्वस्थ जीवन” केवल एक नारा नहीं बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण आम जनता पिस रही है। स्थानीय लोगों ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मंडी क्षेत्र की सफाई नहीं कराई गई तो वे उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
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तीसरी धारा न्यूज 23 सितंबर 2026 जमशेदपुर
टीएमएच के सामने मांगी भारी रकम, साकची में आधे दाम में मिली दवा
जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में भर्ती एक गंभीर मरीज के परिजनों को देर रात दवा की किल्लत और मनमाने दामों का सामना करना पड़ा। टीएमएच में इलाजरत मरीज के लिए जीवनरक्षक दवा खरीदने निकले परिजनों से अस्पताल के ठीक सामने स्थित एक मेडिकल स्टोर पर करीब 9,500 रुपये की मांग की गई। जब परिजन इतनी अधिक कीमत सुनकर हैरान रह गए और दवा की तलाश में साकची के दूसरे मेडिकल स्टोर पहुंचे, तो वही दवा उन्हें महज 5,300 रुपये में मिल गई। एक ही दवा के लिए दो अलग-अलग दुकानों पर करीब 4,200 रुपये का अंतर सामने आने से हड़कंप मच गया है।
एमआरपी का खेल: मजबूरी का फायदा उठाने का लगा आरोप
परिजनों के अनुसार, दवा के पैकेट पर कुल एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) 9,749.88 रुपये दर्ज थी। देर रात आपातकालीन स्थिति होने के कारण परिजनों ने सबसे पहले टीएमएच के सामने स्थित दुकान का रुख किया। वहां दुकानदार ने दवा तुरंत उपलब्ध न होने की बात कहकर उसे मंगाने का आश्वासन दिया और 9,500 रुपये की मांग की। इलाज की मजबूरी और आर्थिक तंगी के बीच परिजनों ने तुरंत साकची बाजार का रुख किया, जहां उन्हें वही दवा ₹4,200 सस्ती मिल गई। इस घटना ने शहर के मेडिकल स्टोरों द्वारा मजबूरी में वसूले जाने वाले मनमाने दामों की पोल खोलकर रख दी है।
दस्तावेजों और बिलों की जांच से ही सामने आएगा पूरा सच
दवा की कीमत में इतना बड़ा अंतर आने के बाद यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अस्पताल के बाहर स्थित दुकानें मरीजों की मजबूरी का फायदा उठा रही हैं। हालांकि, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए दोनों मेडिकल स्टोरों के खरीद-बिक्री बिल, दवा के बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डिटेल्स और सप्लाई रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच जरूरी है। जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह अंतर भारी डिस्काउंट का नतीजा है या इसके पीछे नकली/समान साल्ट वाली दवाओं और मुनाफाखोरी का कोई बड़ा खेल चल रहा है।
मरीज के परिजनों ने उठाई पारदर्शिता और जांच की मांग
अस्पताल में अपनों के इलाज से जूझ रहे परिजनों के लिए ऐसी घटनाएं न केवल मानसिक तनाव बढ़ाती हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी तोड़ देती हैं। पीड़ित परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से दवाओं की बिक्री और कीमतों में पारदर्शिता लाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जीवनरक्षक दवाओं के दामों पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि मजबूरी के वक्त मरीजों के तीमारदारों से मनमानी लूट न हो सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले के बिलों की जांच कर क्या ठोस कदम उठाता है।
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तीसरी धारा न्यूज 23 सितंबर 2026 घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम)
मामूली बात पर भड़का गुस्सा और ले ली मां की जान
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला थाना क्षेत्र स्थित कसीदा न्यू कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत 56 वर्षीय उमा गोस्वामी ने अपने छोटे बेटे गोवर्धन गोस्वामी से सुबह काम के सिलसिले में अस्पताल छोड़ने के लिए कहा था। इसी मामूली सी बात पर बेटा इस कदर आगबबूला हो गया कि उसने पास में रखे लकड़ी के डंडे से मां के सिर पर जानलेवा हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वारदात के बाद बेखौफ होकर घर में ही जमा रहा आरोपी
मां की हत्या करने के बाद आरोपी बेटे के सिर पर जरा भी शिकन नहीं दिखी। उसने अपनी करतूत को छिपाने के लिए उमा गोस्वामी के शव को घर के ही एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद वह खुद दूसरे कमरे में रहने लगा और तीन दिनों तक बिल्कुल सामान्य इंसान की तरह घर से बाहर आता-जाता रहा। इस दौरान मां का शव कमरे में पड़ा-पड़ा सड़ता रहा, लेकिन आरोपी को अपनी इस हैवानियत पर थोड़ा भी पछतावा नहीं हुआ।
तेज दुर्गंध और बेटी की सतर्कता से बेनकाब हुई सच्चाई
घटना का खुलासा तब हुआ जब तीन दिन बाद उमा गोस्वामी के घर से भयानक दुर्गंध उठने लगी। आस-पड़ोस के लोगों ने जब इस बात पर गौर किया तो उन्होंने तुरंत उमा की बेटी प्रमिला गोस्वामी को फोन कर इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही प्रमिला मौके पर पहुंची, जहां परिस्थितियां संदिग्ध महसूस होने पर उसने बिना देरी किए घाटशिला पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची और बंद दरवाजे को खुलवाया तो अंदर का खौफनाक नजारा देखकर सभी सन्न रह गए।
पुलिस ने आरोपी को दबोचा, कानूनी कार्रवाई जारी
पुलिस ने तुरंत उमा गोस्वामी के तीन दिन पुराने सड़ चुके शव को कब्जे में लेकर घाटशिला अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने कागजी औपचारिकता पूरी करते हुए जांच की। पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी बेटे गोवर्धन गोस्वामी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने माना कि उसी ने डंडे से मारकर अपनी मां की हत्या की थी और शव को छिपा दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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तीसरी धारा न्यूज | 22 सितंबर 2026 | जमशेदपुर
जमशेदपुर में लगातार हो रही दोपहिया वाहनों की चोरी पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बिष्टुपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 21 सितंबर की रात पीएम मॉल के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे स्कूटी सवार दो युवकों को पुलिस ने दबोचा। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने स्कूटी के चोरी की होने की बात स्वीकार की।
पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बागबेड़ा, पोटका और कोवाली थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान गिरोह के अन्य 6 सदस्यों को धर दबोचा गया, जिससे गिरफ्तार अभियुक्तों की कुल संख्या 8 हो गई है। गिरफ्तार आरोपियों में महेश कुमार उर्फ गोलू, गुनीराम मुर्मू, कारू मांझी, विक्रांत साहनी, विक्रम साहनी, अशोक पात्रो, पेलाराम सरदार और काशीनाथ सरदार शामिल हैं।
पुलिस ने अपराधियों के ठिकाने से विभिन्न स्थानों से चुराए गए कुल 21 दोपहिया वाहन (स्प्लेंडर, जुपिटर, एक्टिवा आदि) बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त आरोपियों के कब्जे से 3 एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। यह गिरोह शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों तथा पार्क और पार्किंग एरिया के आस-पास से खड़ी गाड़ियों की चोरी करता था।
अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह वाहनों की पहचान छिपाने के उद्देश्य से उनका रजिस्ट्रेशन नंबर व नंबर प्लेट बदल देता था। इसके बाद इन चोरी की गाड़ियों को ग्रामीण इलाकों तथा पड़ोसी राज्य ओडिशा के सीमावर्ती गांवों में बेच दिया जाता था। पुलिस अब बरामद वाहनों के इंजन व चेसिस नंबर का सत्यापन कर रही है।
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित इस विशेष छापेमारी टीम का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक (नगर) और पुलिस उपाध्यक्ष (सी.सी.आर.) कर रहे थे। टीम में बिष्टुपुर थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ठाकुर के साथ कई उप-निरीक्षक व सशस्त्र बल के जवान शामिल थे, जिनकी तत्परता से वाहन चोरी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
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तीसरी धारा न्यूज | 22 सितंबर 2026 | जमशेदपुर
कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच का दायरा अब लगातार विस्तृत होता जा रहा है। अशोक सिंह उर्फ राघव से जुड़े ठिकानों और सोनारी स्थित डिजिटल मीडिया कार्यालय की गहन पड़ताल के बाद मंगलवार को पुलिस की जांच सिदगोड़ा स्थित ‘विक्रम उद्योग’ तक पहुंच गई। पुलिस टीम ने प्रतिष्ठान में पहुंचकर काफी देर तक जांच-पड़ताल की। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान वहां से किसी महत्वपूर्ण वस्तु अथवा दस्तावेज की बरामदगी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों और उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, विक्रम उद्योग का संबंध अपराधकर्मी से सफ़ेदपोश बने विक्रम शर्मा से रहा है। इसी कारण पुलिस अब निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में मुख्य साजिशकर्ता राघव से जुड़े मौजूदा नेटवर्क के साथ-साथ पुराने कारोबारी और वित्तीय संपर्कों की कड़ियां भी बारीकी से खंगाल रही है। मंगलवार को सिदगोड़ा के विक्रम उद्योग में हुई पुलिसिया कार्रवाई को इसी विस्तृत जांच का हिस्सा माना जा रहा है।
इससे पूर्व सोमवार को सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने सोनारी में अशोक सिंह उर्फ राघव से जुड़े ठिकानों और एक डिजिटल मीडिया कार्यालय में छापेमारी की थी। उस दौरान पुलिस ने कई दस्तावेजों और डिजिटल सामग्रियों को खंगाला था। गौरतलब है कि निखार सबलोक की बीते 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र स्थित टेंथ माइलस्टोन होटल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें पुलिस ने राघव को मुख्य साजिशकर्ता बताया है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले में पुलिस की जांच अब केवल शूटरों और कथित साजिशकर्ताओं तक ही सीमित नहीं है। राघव से जुड़े प्रतिष्ठानों, डिजिटल मीडिया आउटलेट्स और वित्तीय स्रोतों की जांच कर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस आपराधिक नेटवर्क को आर्थिक मदद और संसाधन कहां से उपलब्ध कराए जा रहे थे। पुलिस जांच में राघव और विक्रम शर्मा के नेटवर्क के बीच पुराने संबंधों के संदर्भ भी सामने आए हैं, हालांकि किसी भी भूमिका का निर्धारण कानूनी साक्ष्य के आधार पर ही होगा।
फिलहाल सिदगोड़ा स्थित विक्रम उद्योग में मंगलवार को हुई छापेमारी से पुलिस को क्या ठोस सुराग मिले हैं, इसका आधिकारिक खुलासा होना बाकी है। लेकिन पुलिस की इस आक्रामक कार्रवाई से साफ है कि जांच एजेंसियां निखार हत्याकांड से जुड़े वित्तीय साम्राज्य और पुराने नेटवर्क की हर एक कड़ी को जोड़ने में पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई हैं।
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तीसरी धारा न्यूज | 22 सितम्बर 2026 | जमशेदपुर
जमशेदपुर में बढ़ रही श्रद्धालुओं की आस्था
जमशेदपुर स्थित हिंदूपीठ प्रांगण में विराजमान भगवान गणपति महाराज के प्रति शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों में आस्था लगातार गहरी होती जा रही है। विशेषकर महिलाओं में गणपति बाप्पा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु हर बुधवार को सुबह और शाम होने वाली भव्य आरती में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं तथा भगवान गणेश को लड्डू और पुष्पमाला अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
‘एक लड्डू एक माला’ अभियान की शुरुआत
श्रद्धालुओं की इस अटूट श्रद्धा और उत्साह को ध्यान में रखते हुए हिंदूपीठ कार्यकारिणी ने एक बड़ा निर्णय लिया है। संगठन की ओर से ‘एक लड्डू एक माला समर्पण अभियान’ चलाने का संकल्प लिया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जमशेदपुर एवं आसपास के सभी गणपति भक्तों को बारी-बारी से भगवान श्री गणेश को लड्डू और माला समर्पित करने का पावन अवसर प्रदान करना है।
रानी श्रीवास्तव को सौंपी गई कमान
अभियान को सुचारू और व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए हिंदूपीठ के अध्यक्ष अरुण सिंह ने रानी श्रीवास्तव को ‘एक लड्डू एक माला समर्पण अभियान’ का मुख्य संयोजक नियुक्त किया है। उनकी देखरेख में इस पूरे अभियान की रूपरेखा तैयार की जाएगी और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भक्तों को इससे जोड़ा जाएगा।
नमिता उपाध्याय और चंदा सिंह बनीं सह-संयोजिका
इसके साथ ही अभियान के सफल संचालन के लिए नमिता उपाध्याय और चंदा सिंह को सह-संयोजिका की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूरी टीम मिलकर शहर के कोने-कोने तक गणेश भक्तों से संपर्क साधेगी और उन्हें इस धार्मिक व सामाजिक अभियान का हिस्सा बनाएगी। इस घोषणा के बाद से ही हिंदूपीठ से जुड़े सदस्यों और महिला श्रद्धालुओं में हर्ष का माहौल है।
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