एक नई सोच, एक नई धारा

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आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के एक प्लांट में हादसा, सात मजदूर झुलसे

आदित्यपुर : सरायकेला खरसावां जिले आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के फेज 6 स्थित बालाजी कृष्णा इंजीटेक में बुधवार को अचानक लगने से कंपनी में काम कर रहे करीब सात मजदूर बुरी तरह से झुलस गए है. सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

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आग कैसे लगी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है मिली जानकारी के अनुसार कंपनी के हीट ट्रीटमेंट मशीन के तेल लीकेज के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इसकी जद में कंपनी में काम कर रहे सात मजदूर आ गए. वही इस अगलगी से कंपनी को भी भारी नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी तरह का भी कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं घायलों में ललन सिंह, सोमा जमुदा, दिलीप मुर्मू, अजय टांडी, सावन सोरेन, श्रीराम तप्पे शामिल है.

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झारखंड : पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुफ्त में होगा लाखों रुपये का बीमा, पढ़ें पूरी खबर

झारखण्ड : चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से लेकर डीजीपी तक करीब 66 हजार पुलिसकर्मियों को भारतीय स्टेट बैंक से मुफ्त में 50 से 60 लाख रुपये का बीमा का लाभ मिलेगा। इसका नाम पुलिस सैलरी पैकेज दिया गया है। झारखंड पुलिस के 95 प्रतिशत कर्मियों का खाता एसबीआइ में है। इसी के एवज में बिना कोई प्रीमियम दिये उक्त लाभ पुलिसकर्मियों को मिलेगा। पुलिस सैलरी पैकेज के लिए झारखंड पुलिस व एसबीआइ के बीच एमओयू हुआ। (जारी…)

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जाने किस स्थिति में कितना मिलेगा बीमा

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पुलिस मुख्यालय सभागार में हुए एमओयू पर डीआइजी बजट शम्स तबरेज व डीजीएम देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किये। पुलिस सैलरी पैकेज में व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा 50 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 50 लाख, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 30 लाख रुपये मिलेंगे।

वायुयान दुर्घटना होने पर एक करोड़, व्यक्तिगत दुर्घटना में मृत्यु हाेने पर आश्रित बच्चों की उच्चतर शिक्षा के लिए बीमा राशि 10 लाख रुपये व अविवाहित बच्चों के विवाह के लिए भी बीमा राशि अधिकतम 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है। नक्सली,उग्रवादी या अपराधियों के हमले में शहीद होने पर आश्रित को अतिरिक्त 10 लाख देने का प्रावधान किया गया है।

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काशी में ‘नीलकंठ’ की थपथपाई पीठ: पीएम मोदी के एक इशारे से गरमाया वाराणसी का सियासी बाजार

वाराणसी | तीसरी धारा न्यूज धर्म और राजनीति की नगरी काशी में इन दिनों एक वीडियो और एक मुलाकात ने नई चर्चा छेड़ दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान, दक्षिण विधानसभा के विधायक नीलकंठ तिवारी के प्रति पीएम का विशेष स्नेह अब शहर के हर चौराहे पर बहस का विषय बन गया है।n71056540217776192084740bcf90fc69691ea1aafeb9177550d6eb74ab71f07be4be27659eb35ed34ce6cd

बाबा विश्वनाथ के धाम में क्या हुआ?

​29 अप्रैल को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे, तो वहां मेयर, मंत्री और विधायक उनके स्वागत के लिए कतारबद्ध थे। जैसे ही पीएम मोदी विधायक नीलकंठ तिवारी के पास पहुंचे, तिवारी ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया। इसके बाद जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया—प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए नीलकंठ तिवारी का हाथ पकड़कर उन्हें नीचे झुकाया और बड़े ही आत्मीय भाव से उनकी पीठ थपथपाईWhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​सोशल मीडिया पर यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। जानकार इसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं।

कौन हैं नीलकंठ तिवारी, जिन पर पीएम हैं मेहरबान?

​वाराणसी शहर दक्षिणी सीट से विधायक नीलकंठ तिवारी को पीएम मोदी के बेहद करीबी नेताओं में गिना जाता है।

  • चुनौतीपूर्ण शुरुआत: 2017 में बीजेपी ने सात बार के दिग्गज विधायक श्यामदेव राय चौधरी का टिकट काटकर नीलकंठ तिवारी को मौका दिया था। उस वक्त पीएम मोदी ने खुद तीन दिनों तक काशी में कैंप कर तिवारी की जीत सुनिश्चित की थी।
  • बड़ी जीत: नीलकंठ तिवारी ने कांग्रेस के राजेश मिश्र को 16,000 से अधिक वोटों से हराकर अपनी काबिलियत साबित की और योगी सरकार में राज्यमंत्री भी रहे।

छात्र राजनीति से सत्ता के गलियारे तक

​मूल रूप से देवरिया के रहने वाले नीलकंठ तिवारी का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है:

  • शिक्षा: हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज से बीएससी और एलएलबी करने के बाद उन्होंने ‘सोशल इंजीनियरिंग’ विषय में पीएचडी की।
  • करियर: पेशे से वकील तिवारी 1989 में छात्र संघ महामंत्री और 2014 में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे। हालांकि, उन्होंने पार्षद का चुनाव भी लड़ा था, जिसमें उन्हें हार मिली थी, लेकिन उनकी मेहनत ने उन्हें आज देश के प्रधानमंत्री के भरोसेमंद नेताओं की सूची में शामिल कर दिया है।

2027 के लिए क्या हैं संकेत?

तीसरी धारा न्यूज के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच पर इस तरह पीठ थपथपाना न केवल नीलकंठ तिवारी का कद बढ़ाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आगामी चुनावों में पार्टी के भीतर उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

​काशी की जनता अब पूछ रही है—क्या नीलकंठ तिवारी को किसी बड़ी जिम्मेदारी की तैयारी के लिए यह ‘आशीर्वाद’ मिला है?

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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महामुकाबला: बंगाल में सत्ता का ‘सोमवार’, 4 मई को आएंगे नतीजे; बीजेपी ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग

कोलकाता | तीसरी धारा न्यूज पश्चिम बंगाल समेत देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है और अब सबकी निगाहें सोमवार, 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। बंगाल, जो इस बार भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा अखाड़ा बना हुआ है, वहां मतगणना से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनावी परिणामों से ठीक पहले बीजेपी ने शनिवार को कोलकाता में एक बेहद महत्वपूर्ण ‘रणनीतिक बैठक’ बुलाई है।n7106025531777618812123fb0230df3642e43a71d09e2329758f0e678510c3340419958306271b9cc313fe

बीजेपी की बड़ी तैयारी: ‘प्रवासी’ नेताओं को निर्देश

तीसरी धारा न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को होने वाली इस बैठक में बीजेपी नेतृत्व बूथ स्तर पर मतगणना प्रबंधन और समन्वय तंत्र की समीक्षा करेगा।

  • सांसद और विधायक तैनात: चुनाव प्रचार के दौरान तैनात किए गए सभी ‘प्रवासी’ नेताओं (सांसदों और विधायकों) को कोलकाता पहुँचने का निर्देश दिया गया है।
  • मैदानी रिपोर्ट: ये नेता अपने-अपने प्रभार वाले क्षेत्रों से विस्तृत फीडबैक देंगे, ताकि मतगणना के दिन किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

एग्जिट पोल्स के अनुमान: क्या खिलेगा कमल?

​दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में हुए मतदान के बाद आए अधिकांश एग्जिट पोल्स ने बंगाल में बड़ा उलटफेर होने की भविष्यवाणी की है:

  • मैट्रिज एग्जिट पोल: बीजेपी को 146 से 161 सीटें मिलने की संभावना है, जो बहुमत के आंकड़े (148) के आसपास है। वहीं, टीएमसी को 125 से 140 सीटें मिल सकती हैं।
  • चाणक्य स्ट्रैटेजीज: इस सर्वे ने भी बीजेपी को बढ़त देते हुए 150-160 सीटों का अनुमान लगाया है।
  • उत्साहित बीजेपी: इन अनुमानों से उत्साहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही संकेत दे दिया है कि वे बंगाल में बीजेपी की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।

ममता बनर्जी का पलटवार: ‘ईवीएम पर रखें 24 घंटे नजर’

​वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल्स के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्हें ‘मां, माटी, मानुष’ के आशीर्वाद पर पूरा भरोसा है और उन्होंने 226 से 230 सीटें जीतने का दावा किया है।

  • कार्यकर्ताओं को अलर्ट: मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर टीएमसी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे मतगणना शुरू होने तक ईवीएम स्ट्रांग रूम पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखें। उन्होंने आशंका जताई है कि बीजेपी मशीनों में छेड़छाड़ की कोशिश कर सकती है।

पांच राज्यों के भविष्य का फैसला

​बता दें कि बंगाल के साथ-साथ असम, पुडुचेरी, केरल और तमिलनाडु के चुनावी नतीजे भी 4 मई को ही घोषित किए जाएंगे। बंगाल में इस बार करीब 90% तक का भारी मतदान हुआ है, जो यह बताता है कि जनता ने बदलाव या निरंतरता के लिए जमकर वोट किया है।

तीसरी धारा न्यूज सोमवार को मतगणना के हर एक अपडेट को आप तक सबसे पहले पहुँचाएगा। क्या ममता बनर्जी सत्ता बचा पाएंगी या बीजेपी बंगाल के इतिहास में पहली बार सरकार बनाएगी? फैसला 4 मई को होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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यूपी में कुदरत का कहर: आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 24 की मौत, सीएम योगी ने कहा- 24 घंटे में मिले मुआवजा

लखनऊ | तीसरी धारा न्यूज उत्तर प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। पिछले 48 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में आई भीषण आंधी, बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 24 लोगों की दुखद मौत हो गई है। कुदरत के इस कहर में 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 16 पशुओं की भी जान गई है।IMG 20260501 121600

सीएम योगी का सख्त निर्देश: ‘मुआवजे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं’

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने का आदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि:

  • तत्काल राहत: जनहानि, पशु हानि और घायलों को अगले 24 घंटे के भीतर सहायता राशि और मुआवजा प्रदान किया जाए।
  • इलाज की व्यवस्था: जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
  • जीरो टॉलरेंस: राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर होने वाली देरी या लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ओलावृष्टि ने तोड़ी किसानों की कमर

​एक तरफ जहां इस बारिश ने झुलसाने वाली गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ अन्नदाताओं के लिए यह आफत बनकर बरसी है। तीसरी धारा न्यूज की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में हुई भारी ओलावृष्टि से तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

  • ​मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे (गिरदावरी) करने का निर्देश दिया है ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द आर्थिक मदद दी जा सके।

प्रशासनिक अमला अलर्ट पर

​मौसम विभाग द्वारा अभी भी कुछ इलाकों में चेतावनी जारी रहने के बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पल-पल की स्थिति पर नजर रख रहा है। सीएम योगी ने स्पष्ट कहा है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है और सहायता पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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रेलवे अलर्ट: जौनपुर में यार्ड रिमॉडलिंग से ट्रेनों का पहिया प्रभावित, वंदे भारत समेत 16 ट्रेनों के मार्ग बदले

हाजीपुर/पटना | तीसरी धारा न्यूज रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी खबर है। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल अंतर्गत जौनपुर जंक्शन पर होने वाले यार्ड रिमॉडलिंग और प्री-एनआई (Pre-NI) कार्य के कारण पूर्व मध्य रेल (ECR) ने 16 से अधिक ट्रेनों के परिचालन में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव 4 मई से 27 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा।n710598126177761764635241bb12a42de2f72e150c11df2e0d7e82b88f2738ca46bde9294be0c75feaf090

​पूमरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चन्द्र के अनुसार, इस कार्य की वजह से पटना-गोमतीनगर वंदे भारत, कोटा-पटना और इंदौर-पटना जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें प्रभावित होंगी। कई ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं, जिससे वे अपने निर्धारित स्टेशनों पर नहीं रुकेंगी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

इन प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और मार्ग में बदलाव:

1. पटना-गोमतीनगर वंदे भारत (22345): 4 मई से 27 मई तक यह ट्रेन परिवर्तित मार्ग से चलेगी, जिसके कारण यह अयोध्या स्टेशन पर नहीं रुकेगी।

2. टाटा-अमृतसर एक्सप्रेस (18103): टाटानगर से 4, 6, 11, 13, 18, 20 और 25 मई को चलने वाली यह ट्रेन शाहगंज और अयोध्या कैंट स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।

3. कोटा-पटना एक्सप्रेस (13238): कोटा से 14, 15, 17, 21, 22 और 24 मई को चलने वाली यह ट्रेन अब लखनऊ-सुलतानपुर-जफराबाद जंक्शन के रास्ते चलाई जाएगी।

4. रक्सौल-आनन्द विहार टर्मिनस (14017/14018): मार्ग परिवर्तन के कारण यह ट्रेन जौनपुर, शाहगंज, अकबरपुर, अयोध्या धाम, अयोध्या कैंट और बाराबंकी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।

5. इंदौर-पटना एक्सप्रेस (19321): 9, 16 और 23 मई को इंदौर से चलने वाली यह ट्रेन अयोध्या कैंट, अकबरपुर और जौनपुर स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।

जौनपुर स्टेशन पर नहीं रुकने वाली अन्य ट्रेनें:

​यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते निम्नलिखित ट्रेनों का ठहराव जौनपुर स्टेशन पर अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया है:

  • बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस (15231/15232): जौनपुर के साथ-साथ मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी में भी नहीं रुकेगी।
  • शालिमार-गोरखपुर एक्सप्रेस (15021/15022)
  • वलसाड-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस (19051/19052)
  • कोलकाता-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस (22323/22324)
  • मालदा टाऊन-गोमतीनगर एक्सप्रेस (13435): यह ट्रेन शाहगंज और अयोध्या में भी नहीं रुकेगी।

यात्रियों के लिए सलाह

तीसरी धारा न्यूज अपने पाठकों को सलाह देता है कि घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस और नया रूट जरूर चेक कर लें। रेलवे ने यह कदम बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उठाया है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा में सुधार होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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सियासी हलचल: झारखंड में राज्यसभा चुनाव का बिगुल, गठबंधन के भीतर ‘सीट’ को लेकर छिड़ी रार

रांची | तीसरी धारा न्यूज झारखंड की सियासत में इस साल मई और जून का महीना बेहद तपिश भरा रहने वाला है। राज्य की दो राज्यसभा सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव ने सत्ताधारी गठबंधन के भीतर खींचतान शुरू कर दी है। एक ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) दोनों सीटों पर अपनी दावेदारी देख रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने अपना हक जताते हुए एक सीट की मांग ठोक दी है।IMG 20260501 120910

कांग्रेस का दावा: ‘इस बार हमारा अधिकार बनता है’

​गुरुवार (30 अप्रैल) को कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी आगामी चुनाव में एक सीट की मांग करेगी। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले तीन राज्यसभा चुनावों में गठबंधन सिर्फ एक सीट जीतने की स्थिति में था, इसलिए तीनों बार वह सीट झामुमो के खाते में गई। लेकिन इस बार संख्या बल मजबूत है और गठबंधन दोनों सीटें जीत सकता है, लिहाजा एक सीट कांग्रेस को मिलनी चाहिए।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​के. राजू ने कहा, “हमारे पास दो सीटों के लिए पर्याप्त संख्या बल है। हम जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर एक सीट के लिए औपचारिक अनुरोध करेंगे।”

क्यों खाली हो रही हैं सीटें?

​जून 2026 में झारखंड की दो राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं:

  1. पहली सीट: झारखंड मुक्ति मोर्चा के दिग्गज नेता और संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद से रिक्त चल रही है।
  2. दूसरी सीट: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा हो रहा है।

विधानसभा का गणित: किसका पलड़ा भारी?

​81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में वर्तमान संख्या बल इंडिया (INDIA) गठबंधन के पक्ष में झुकता दिख रहा है:

  • सत्तारूढ़ गठबंधन (कुल 56 विधायक): झामुमो (34), कांग्रेस (16), आरजेडी (04) और लेफ्ट (02)।
  • विपक्ष: बीजेपी के नेतृत्व वाला खेमा संख्या बल के मामले में फिलहाल गठबंधन से पीछे है।

इंडिया गठबंधन के सामने ‘सीट शेयरिंग’ की चुनौती

​हालांकि आंकड़ों के लिहाज से इंडिया गठबंधन दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने की स्थिति में है, लेकिन असली पेंच जेएमएम और कांग्रेस के बीच फंसा है। जेएमएम जहां अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखना चाहती है, वहीं कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए इस राज्यसभा सीट को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना रही है।

तीसरी धारा न्यूज की नजर इस सियासी उठापटक पर बनी हुई है। देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने सहयोगी दल कांग्रेस को संतुष्ट कर पाते हैं या गठबंधन के बीच यह दरार और गहरी होगी।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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बिहार में ‘सम्राट’ का शासन: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, 5 साल में 1 करोड़ नौकरी और भ्रष्टाचार पर सीधी चोट

पटना | तीसरी धारा न्यूज बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पूरी तरह से ‘ऐक्शन मोड’ में नजर आ रहे हैं। पदभार संभालते ही उन्होंने राज्य की प्रशासनिक मशीनरी को कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार (30 अप्रैल) को पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीएम (DM) और एसपी (SP) को सख्त लहजे में स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब काम करने का तरीका बदलना होगा।n71055988817776159766656edd19720d0701c65975f675301c9ccf3f4eaef5253f60c7271e54c71f46623b

भ्रष्टाचार और अवैध शराब पर ‘जीरो टॉलरेंस’

​मुख्यमंत्री ने शराबबंदी को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लागू की गई शराबबंदी को सफल बनाना प्राथमिकता है।

  • अवैध नेटवर्क होगा ध्वस्त: शराब और मादक पदार्थों (नारकोटिक्स) की तस्करी करने वालों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जाएगा।
  • विभीषणों की खैर नहीं: सीएम ने चेतावनी दी कि पुलिस या प्रशासन के जो भी लोग शराब माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर तत्काल बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई की जाए।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

पंचायत स्तर पर लगेगा ‘सहयोग शिविर’, 30 दिन में समाधान

​जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक क्रांतिकारी पहल की घोषणा की है। अब हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाए जाएंगे।

  • समय सीमा तय: शिविर में आने वाले हर आवेदन पर संबंधित अधिकारी को 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निर्णय लेना होगा।
  • रियल टाइम मॉनिटरिंग: ब्लॉक, अंचल और थानों की निगरानी अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से की जाएगी। साथ ही, पारदर्शिता के लिए इन सभी दफ्तरों में सीसीटीवी (CCTV) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

बेरोजगारी पर प्रहार: 1 करोड़ नौकरी का लक्ष्य

​रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बड़ा विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ लोगों को नौकरी और स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि प्रशासनिक तंत्र सही ढंग से काम करे, तो यह आंकड़ा 5 करोड़ तक पहुँच सकता है।

बिहार दर्शन: कर्मचारियों को 2 दिन की छुट्टी और 50 टूरिस्ट स्पॉट

​बिहार की विरासत और इतिहास से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ‘बिहार दर्शन’ योजना की बात कही, जिसके तहत उन्हें 2 दिन की विशेष छुट्टी मिलेगी। इसके अलावा, सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिलों में कम से कम 50 पर्यटन स्थलों (Destination Spots) को चिह्नित कर उन्हें विकसित करें।

तीसरी धारा न्यूज के लिए यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार अब एक नए प्रशासनिक ढर्रे पर चलने को तैयार है, जहाँ जनता की सुनवाई और विकास ही सर्वोपरि होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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बड़ी खबर: अब और आसान होगा कश्मीर का सफर, जम्मू से श्रीनगर तक दौड़ेगी ‘वंदे भारत’

श्रीनगर/जम्मू | तीसरी धारा न्यूज चिलचिलाती गर्मी के बीच कश्मीर की वादियों में घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों और माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय रेलवे ने जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के विस्तार का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। अब यह अत्याधुनिक ट्रेन सिर्फ कटरा तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जम्मू तवी से सीधे श्रीनगर तक का सफर तय करेगी।n7105530891777615758626c9831987ff45e40e4db79448a6159f753d03295c50c2989b7cde387d04d81761

9 घंटे का सफर अब सिर्फ 4 घंटे 50 मिनट में तीसरी धारा न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू और श्रीनगर के बीच 267 किलोमीटर की दूरी जो सड़क मार्ग से तय करने में करीब 9 घंटे लेती थी, अब वंदे भारत उसे मात्र 4 घंटे 50 मिनट में पूरा करेगी। इस विस्तार से घाटी में पर्यटन और स्थानीय व्यापार को एक नई गति मिलने की उम्मीद है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

ट्रेन का शेड्यूल और महत्वपूर्ण जानकारी:

​20 कोच वाली यह सेमी-हाई स्पीड ट्रेन हफ्ते में 6 दिन पटरी पर दौड़ेगी।

  • बुकिंग शुरू: 2 मई 2026 से यात्री टिकट बुक कर सकेंगे।
  • ट्रेन नंबर 26401: जम्मू तवी (06:20 AM) से श्रीनगर (11:10 AM)।
  • ट्रेन नंबर 26402: श्रीनगर (02:00 PM) से जम्मू तवी (06:50 PM)।
  • दूसरी सेवा (26404/26403): सुबह 8:00 बजे श्रीनगर से और दोपहर 1:20 बजे जम्मू तवी से भी संचालित होगी।

श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देशभर से आने वाले श्रद्धालु अब माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद सीधे ट्रेन से कश्मीर जा सकेंगे। उन्हें अब कटरा स्टेशन पर ट्रेन बदलने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण वैष्णो देवी और कश्मीर का टूरिज्म सर्किट अब पूरी तरह जुड़ गया है।

किराया और ‘डायनेमिक फेयर’ सिस्टम किराए की बात करें तो तीसरी धारा न्यूज अपने पाठकों को बता दे कि:

  • चेयर कार: ₹715 से शुरू।
  • एग्जीक्यूटिव क्लास: ₹1515 से शुरू।

सावधान: इस ट्रेन में फ्लाइट की तरह ‘डायनेमिक फेयर सिस्टम’ लागू होगा। यानी आप यात्रा की तारीख के जितना करीब टिकट बुक करेंगे, किराया उतना ही बढ़ता जाएगा। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और समय पर बुकिंग करें।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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बड़ी खबर: महंगाई की आग में झुलसा कारोबार! कमर्शियल LPG में ₹993 का रिकॉर्ड उछाल, छोटे सिलेंडर भी हुए महंगे

नई दिल्ली/जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज: देश में महंगाई का एक और बड़ा धमाका हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई अस्थिरता के कारण तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडरों के दामों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी कर दी है। आज से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹993 की भारी वृद्धि की गई है, जिससे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।n7106070101777615334785430e488e94993d5853f6b7e4e2f240bf3b7ac3ea9ad8b6e63b5319c8924a3d3e

छोटे कारोबारियों पर दोहरी मार

​सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों और घरेलू उपयोग (बिना सब्सिडी) के लिए इस्तेमाल होने वाले 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर के दामों में भी ₹261 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी गई है। तीसरी धारा न्यूज की टीम द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, यह नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

मेट्रो शहरों में नई कीमतें (19 KG कमर्शियल सिलेंडर):

शहर

पुरानी कीमत (लगभग)

नई कीमत (आज से)

बढ़ोतरी

दिल्ली

₹2,078.50

₹3,071.50

₹993

5 किलो FTL

₹1,493.50

₹1,754.50

₹261

आम आदमी को राहत: घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर

​राहत की बात यह है कि केंद्र सरकार ने घरेलू उपयोग वाले 14.2 किग्रा के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश के करीब 33 करोड़ परिवारों को इस महंगाई से फिलहाल दूर रखा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी पर सब्सिडी जारी रहेगी ताकि आम जनता के बजट पर सीधा बोझ न पड़े।

क्यों लगी कीमतों में आग?

तीसरी धारा न्यूज के विश्लेषण के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

  • ब्रेंट क्रूड का उछाल: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चा तेल ₹126 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर तक जा पहुँचा था।
  • आयात निर्भरता: भारत अपनी गैस जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगवाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय दरों और डॉलर की विनिमय दर का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।

खतरे की घंटी: अब बाहर खाना होगा महंगा

​कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी और हलवाई की दुकानों पर पड़ेगा। लागत बढ़ने के कारण आने वाले कुछ हफ्तों में बाहर मिलने वाले भोजन, नाश्ते और मिठाई की कीमतों में 10% से 15% तक की वृद्धि देखी जा सकती है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर में जनगणना 2026 का शंखनाद: पहली बार नागरिकों को मिलेगी ‘Self Enumeration’ की सुविधा

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में आगामी ‘जनगणना 2026’ की प्रशासनिक तैयारियाँ अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई हैं। उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी राजीव रंजन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी, जो इसे अब तक की सबसे आधुनिक और पारदर्शी गणना बनाएगी।1b9b28949e3e2708d23c7cac1e128e5ea8cd5ca5860bd80ba1bbe198678c4440.0

डिजिटल क्रांति: घर बैठे दर्ज करें अपनी जानकारी

​प्रशासन ने इस बार ‘Self Enumeration’ (स्व-गणना) की अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत जिले के नागरिक अब सरकारी प्रगणकों का इंतजार किए बिना खुद पोर्टल पर अपनी जानकारी साझा कर सकेंगे:

  • पोर्टल की शुरुआत: 1 मई 2026 से नागरिक ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग कर सकेंगे।
  • सुरक्षा चक्र: डेटा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए हर नागरिक को मोबाइल या ईमेल के जरिए एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

महत्वपूर्ण समय-सीमा (Census Calendar)

​जनगणना प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रखने के लिए जिला प्रशासन ने निम्नलिखित तिथियां निर्धारित की हैं:

  • प्रशिक्षण: 27 अप्रैल से 13 मई 2026 तक जनगणना कर्मियों को डिजिटल उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • क्षेत्रीय सर्वे: जो लोग ऑनलाइन डेटा दर्ज नहीं करेंगे, उनके लिए 16 मई से 14 जून 2026 तक टीमें घर-घर जाकर डेटा संकलन करेंगी।

सटीक डेटा से संवरेगा भविष्य

​उपायुक्त राजीव रंजन ने जिले के निवासियों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में अपना सहयोग दें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि डिजिटल डेटा के माध्यम से सरकारी योजनाओं और विकास नीतियों का खाका अधिक सटीकता से तैयार किया जा सकेगा।

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डेटा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘युद्धस्तर’ पर निगरानी रखी जा रही है।

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अजब-गजब: 8 चांदी के सिक्कों की सुरक्षा में 24 घंटे तैनात हैं 3 पुलिसकर्मी, महीने का खर्च 3 लाख रुपये

अम्बेडकरनगर: उत्तर प्रदेश के आलापुर तहसील से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक जर्जर भवन में बंद आठ चांदी के सिक्कों की सुरक्षा के लिए प्रशासन हर महीने लाखों रुपये खर्च कर रहा है। सुनने में भले ही यह किसी फिल्म की कहानी लगे, लेकिन हकीकत यह है कि इन सिक्कों की पहरेदारी में तीन पुलिसकर्मी पांच साल से 24 घंटे तैनात हैं।n71059483517776047294320d9a47aa44d160147ad88446c444c96fff1b172b7ff53b42125ae6f7346fcd5d

क्या है पूरा मामला?

​मामला राजेसुल्तानपुर के चांडीपुर कला गांव स्थित राजा मोरध्वज के किले से जुड़ा है। करीब आठ साल पहले पास के ही एक खेत में खुदाई के दौरान मिट्टी निकालते समय आठ प्राचीन सिक्के मिले थे। पुरातत्व विभाग के निर्देश पर पुलिस ने इन सिक्कों को जब्त कर आलापुर तहसील के उप कोषागार (Sub-Treasury) में सुरक्षित रखवा दिया था।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

खत्म हो गया दफ्तर, पर नहीं हटी सुरक्षा

​करीब पांच साल पहले प्रदेश सरकार ने सभी उप कोषागारों को बंद करने का आदेश दिया था। इसके बाद आलापुर उप कोषागार के सभी कर्मचारी और दस्तावेज जिला मुख्यालय स्थानांतरित कर दिए गए। भवन जर्जर हो चुका है, लेकिन इन सिक्कों की सुरक्षा के लिए पुलिस लाइंस से तैनात राकेश वर्मा, विशाल पाल और रामानंद यादव आज भी वहीं ड्यूटी दे रहे हैं।

खर्च का गणित: जानकारों के मुताबिक, इन तीन पुलिसकर्मियों के वेतन और अन्य भत्तों को मिलाकर सरकार हर महीने करीब 3 लाख रुपये सिर्फ इन आठ सिक्कों की सुरक्षा पर खर्च कर रही है।

 

अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास

​इस मामले में प्रशासन के अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं:

  • वरिष्ठ कोषाधिकारी (बृजलाल): उनका दावा है कि सिक्कों और कीमती सामान को कुछ समय पहले ही जिला मुख्यालय के मुख्य कोषागार में शिफ्ट कर दिया गया है। सुरक्षा हटाने के लिए निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा गया है।
  • तहसीलदार (पद्मेश श्रीवास्तव): उनका कहना है कि तिजोरी में क्या है, इसकी सटीक जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन सामान शिफ्ट करने और पुलिस बल की वापसी के लिए पत्राचार जारी है।

क्यों नहीं जमा हो पा रहे सिक्के?

​खबर है कि इन सिक्कों को अयोध्या स्थित पुरातत्व विभाग के कार्यालय में जमा करने की कोशिश की गई थी। लेकिन विभाग ने इन्हें स्वीकार करने से मना कर दिया क्योंकि सिक्कों को सील करने वाले दरोगा उस वक्त मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि संबंधित दरोगा का स्थानांतरण हो चुका है, अब उन्हें बुलाकर ही इन सिक्कों को आधिकारिक रूप से जमा कराया जाएगा।

निष्कर्ष: एक तरफ जहां पुलिस बल की कमी की बातें होती हैं, वहीं दूसरी तरफ महज आठ सिक्कों के लिए एक खंडहर बन चुके भवन पर लाखों रुपये और मानव संसाधन खर्च करना चर्चा का विषय बना हुआ है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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