जमशेदपुर (टेल्को): शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ‘लिटिल फ्लावर स्कूल’ (LFS) में “भवन निधि” (Building Fund) के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली के प्रस्ताव ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस मामले में ‘शिक्षा सत्याग्रह’ के संस्थापक और भाजपा नेता अंकित आनंद ने मोर्चा खोलते हुए इसे अभिभावकों का आर्थिक शोषण करार दिया है।

क्या है पूरा विवाद?
मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रत्येक छात्र से ₹1000 प्रतिमाह और नए दाखिले (Admission) के समय ₹12,000 की अनिवार्य वसूली का नोटिस जारी किया गया है। अंकित आनंद का दावा है कि इस योजना के जरिए स्कूल प्रबंधन करीब 14 करोड़ रुपये वसूलने की तैयारी में है।
‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ का उल्लंघन
अंकित आनंद ने जिला उपायुक्त (DC) अनन्य मित्तल (पूर्व में कर्ण सत्यार्थी के संदर्भ में भी चर्चा) और शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को ईमेल भेजकर इस वसूली को अवैध बताया है। उन्होंने तर्क दिया कि यह कदम ‘Right of Children to Free and Compulsory Education Act’ की धज्जियां उड़ाने जैसा है।

विरोध का अनोखा तरीका: स्कूल गेट पर जलाया नोटिस
शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे विरोध प्रदर्शन चरम पर पहुंच गया। अंकित आनंद ने स्कूल के मुख्य द्वार पर प्राचार्या सिस्टर हिल्डा डी’सूजा द्वारा जारी किए गए नोटिस की प्रति जलाकर अपना रोष प्रकट किया। उन्होंने इस आदेश को “तुगलकी फरमान” बताते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रशासन से मांग और चेतावनी
भाजपा नेता ने जिला प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- कथित ‘भवन निधि’ की वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर प्राथमिकी (FIR) दर्ज हो।
- अब तक अभिभावकों से वसूली गई राशि को तुरंत वापस किया जाए।
उपायुक्त का आश्वासन: मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, अंकित आनंद ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो वे न्यायिक प्रक्रिया और जनांदोलन दोनों स्तरों पर अपनी लड़ाई तेज करेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज











