
छत्तीसगढ़ : आज के दौर में देश बदल रहा, समाज बदल रहा, लोगों की जीवनशैली भी बदल रही और इस बदलाव का सबसे बड़ा आधार है सोच। यह सोच अक्सर प्रगतिशील और परिवर्तित हो रही है। इस बदलते सोच का असर साहित्य में भी बख़ूबी देखने को मिल रहा है। भारी भरकम शब्द से पिरोया गया साहित्य बदलते समाज में आम बोलचाल की भाषा में परिवर्तित हो गया है। आज के युवा अपनी भावनाओं को सरल शब्दों में इस तरह बुन रहे हैं कि लोगों का प्यार उन्हें भरपूर मिल रहा है।

ऐसे ही एक युवा कवि आशीष श्रीवास छत्तीसगढ़ राज्य के हैं, जो अपनी ग़ज़ल, अपने साहित्य से युवाओं के साथ साथ हर वर्ग का प्यार पा रहे हैं। विज्ञान से एमएससी करने के बाद, हिंदी साहित्य से एमए की डिग्री भी हासिल की है। विज्ञान और साहित्य का यह संगम बदलते समाज का एक बेहतरीन उदाहरण है जो लोगों के दिलों में अपना स्थान अपनी कल्पना को तार्किकता के साथ प्रस्तुत करके बनाता है।

बकौल आशीष “समाज के लिए कुछ करने से पहले समाज को जानना और पहचानना पड़ता है। साहित्य का सृजन हो या विज्ञान के क्षेत्र में कोई उपलब्धि बिना समाज को समझे सफल नहीं हो सकता है।” बचपन से साहित्य की ओर रुचि रखने वाले आशीष कब साहित्य सृजन करने लगे और कब कविता पाठ करते हुए मंच साझा करने लगे उन्हें पता ही नहीं चला। बस लोगो का प्यार, तालियों की आवाज़ उन्हें प्रोत्साहित करती रही और वे इस पथ पर अग्रसर होते रहे।

यही कारण है कि आज उनकी एकल ग़ज़ल संग्रह “तुम और इश्क़” लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। युवाओं की आवाज़, उनकी भावनाओं को शब्द देने का कार्य करती यह किताब युवाओं को खासा पसंद आ रही है। ग़ज़ल के हर हर्फ़ युवा के साथ साथ अन्य वर्गों को भी गुजरते और गुजरे लम्हों में ले जाने का कार्य करने में सफल हो गई है। किसी की आंखें नम और किसी के होंठों पर मुस्कान बिखेरने का जादू है “तुम और इश्क़”।
आशीष श्रीवास को अभी तक मिले सम्मान
साहित्य सागर साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था की ओर से “काव्य लहरी सम्मान 2021”
साहित्य सागर साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था की ओर से “काव्य शिखर सम्मान 2021”
श्री सत्यम प्रकाशन द्वारा “साहित्य संचय सम्मान 2021”
अस्तित्व प्रकाशन द्वारा “उत्कृष्ट साहित्य सम्मान 2023”
तुलसी साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ द्वारा “तुलसी साहित्य सम्मान 2024”
लिट्रेचर्स लाइट पब्लिशिंग, द लिट्रेचर्स टाइम्स एवं द शाइनिंग लिटरेचर के द्वारा संयुक्त रूप से “साहित्य स्पर्श पुरुस्कार 2024”















