एक नई सोच, एक नई धारा

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जमीन फर्जीवाड़ा मामला: हेमंत सोरेन की ‘डिस्चार्ज पिटीशन’ पर 7 फरवरी को होगी अहम सुनवाई

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े बहुचर्चित 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ आने वाला है। रांची स्थित PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष अदालत में आगामी 7 फरवरी को मुख्यमंत्री की ‘डिस्चार्ज पिटीशन’ (आरोप मुक्त करने की याचिका) पर सुनवाई होगी।

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मुख्यमंत्री ने खुद को बताया निर्दोष

​बता दें कि बीते 6 दिसंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अदालत में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में उन्होंने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए मामले से आरोप मुक्त किए जाने की मांग की है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस पिटीशन पर अपना जवाब पहले ही अदालत में सौंप चुका है, जिससे अब दोनों पक्षों के बीच कानूनी बहस का रास्ता साफ हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

​यह मामला राजधानी रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि:

  • ​इस जमीन के दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई।
  • ​अवैध लेन-देन और जालसाजी के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम दिया गया।
  • ​मुख्यमंत्री सहित कई अन्य लोगों ने इस सरकारी जमीन का लाभ उठाया।

जांच और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

​इस हाई-प्रोफाइल मामले में ईडी की कार्रवाई काफी लंबी और सघन रही है:

  • 10 समन और पूछताछ: ईडी ने हेमंत सोरेन को कुल 10 बार समन भेजा था, जिसके बाद दो बार उनसे विस्तार से पूछताछ की गई।
  • 31 जनवरी 2024: इसी दिन लंबी पूछताछ के बाद मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया था, जिससे राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया था।
  • 5 महीने बाद जमानत: करीब पांच महीने जेल में रहने के बाद अदालत से जमानत मिलने पर वे बाहर आए और दोबारा मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली।

कई अन्य बड़े नाम भी रडार पर

​ईडी इस मामले में अब तक दो चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। मुख्य आरोपियों में शामिल हैं:

  1. हेमंत सोरेन (मुख्यमंत्री)
  2. भानु प्रताप प्रसाद (निलंबित उप राजस्वकर्मी)
  3. विनोद सिंह (आर्किटेक्ट)
  4. अंतू तिर्की (JMM नेता)
  5. ​अन्य जमीन कारोबारी और रैयत।

निष्कर्ष: 7 फरवरी को होने वाली यह सुनवाई तय करेगी कि क्या मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही जारी रहेगी या उन्हें इन आरोपों से राहत मिलेगी। फिलहाल, राजनीतिक और कानूनी गलियारों में इस तारीख को लेकर काफी चर्चा है।

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NSU में खेल महोत्सव ‘रणनीति 2026’ का शानदार समापन, इंजीनियरिंग विभाग बना ओवरऑल चैंपियन

जमशेदपुर: नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय (NSU) में दो दिवसीय वार्षिक खेल महोत्सव “रणनीति 2026” का भव्य समापन हुआ। खेल भावना और टीम वर्क को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्रों ने अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया।

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कुलाधिपति ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

​पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम हैं। वहीं, कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पानी और कुलसचिव नागेंद्र सिंह ने भी खेलों को विद्यार्थी जीवन का अभिन्न हिस्सा बताते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।

प्रतियोगिताओं के मुख्य परिणाम

​इस दो दिवसीय आयोजन में क्रिकेट, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स और इनडोर गेम्स की कई स्पर्धाएं हुईं। स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया।

प्रमुख विजेताओं की सूची:

खेलविजेता (प्रथम)उपविजेता (द्वितीय)
क्रिकेट (छात्र)फार्मेसी विभागबी.टेक विभाग
वॉलीबॉल (छात्र)आईटी विभागइंजीनियरिंग विभाग
बास्केटबॉल (छात्र)बीसीए विभागबी.टेक विभाग
100मी. दौड़ (छात्र)शुभांकर मंडल (BCA)गौरव कुमार यादव (BCA)
100मी. दौड़ (छात्रा)नेहा कुमारी (B.Tech)अरीबा फातिमा (BBA)
चेस (छात्र)सरोज हाजरा (MBA)नीरज कुमार (B.Pharma)
बैडमिंटन (छात्रा)रक्षा ठाकुर एवं हाईफा हमीदगुलफाम परवीन एवं मुस्कान रजक

विशेष सम्मान

​समारोह के दौरान आरवीएस कॉलेज में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता जीतकर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने वाली एनएसयू की फुटबॉल टीम को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

​विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक और हजारों की संख्या में छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन एक ऊर्जावान और यादगार माहौल में हुआ।

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टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन: रोल ग्राइंडिंग शॉप के श्री सैय्यद परवेज़ को मिली भावभीनी विदाई

जमशेदपुर: टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन के रोल ग्राइंडिंग शॉप (CRM) में शनिवार को एक विदाई समारोह का आयोजन कर वरिष्ठ कर्मचारी श्री सैय्यद परवेज़ को उनकी सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। वर्षों तक कंपनी को अपनी समर्पित और उत्कृष्ट सेवाएँ देने के बाद, श्री परवेज़ आज सेवानिवृत्त हुए।

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सरल स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा के लिए हुए सम्मानित

​समारोह के दौरान अधिकारियों और सहकर्मियों ने श्री सैय्यद परवेज़ के कार्यकाल को याद करते हुए उनके सरल स्वभाव, अनुशासन और टीम भावना की जमकर प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि कार्य के प्रति उनकी निष्ठा विभाग के अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगी। विभाग की ओर से उन्हें सम्मान स्वरूप स्मृति-चिह्न भेंट किया गया।

प्रमुख अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

​इस अवसर पर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:

  • श्री ओम् प्रकाश (एरिया मैनेजर)
  • श्री कुमार रंजन (असिस्टेंट मैनेजर)
  • श्री संग्राम किशोर दास (ऑफिस बेयरर, रोल ग्राइंडिंग विभाग)
  • श्री धीरज (ऑफिस बेयरर)

सहकर्मियों और पूर्व सहयोगियों ने दी शुभकामनाएं

​समारोह को खास बनाने के लिए विभाग के पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारी श्री जमील अहमद और श्री बिजय कुमार वारिक भी विशेष रूप से उपस्थित हुए। साथ ही शिफ्ट इंचार्ज अरुण तिवारी, जयदेव मंडल, मसूद आलम सहित दर्जनों सहयोगियों ने श्री परवेज़ के साथ बिताए पलों को याद किया और उनके स्वस्थ एवं सुखद सेवानिवृत्त जीवन की मंगलकामना की।

​समारोह का समापन एक भावनात्मक माहौल में हुआ, जहाँ सभी ने नम आँखों से अपने प्रिय साथी को भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएँ दीं।

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टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन: बिजय कुमार सिंह को दी गई भावभीनी विदाई, सहकर्मियों ने सराहा समर्पण

जमशेदपुर: टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन लिमिटेड के CRM मैकेनिकल मेंटेनेंस विभाग में शनिवार को एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। विभाग के वरिष्ठ सहयोगी श्री बिजय कुमार सिंह को उनकी लंबी और उत्कृष्ट सेवाओं के पश्चात 31 जनवरी 2026 को सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त किया गया।

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अनुशासन और तकनीकी दक्षता की मिसाल

​समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों और सहयोगियों ने बिजय कुमार सिंह के कार्यकाल को याद करते हुए उन्हें एक अत्यंत अनुभवी, कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित कर्मचारी बताया। वक्ताओं ने उनके अनुशासन, तकनीकी विशेषज्ञता और टीम के साथ मिलकर काम करने की उनकी अनूठी शैली की जमकर सराहना की। विभाग की ओर से उनके योगदान के सम्मान में उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

​विदाई कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल हुए अधिकारियों ने उनके सुखद भविष्य की कामना की। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • श्री धर्मेंद्र कुमार (हेड ऑफ डिपार्टमेंट)
  • श्री उत्तम मिश्रा (चीफ मैकेनिकल मेंटेनेंस एवं चीफ ऑफ वर्क्स)
  • श्री अरविन्द कुमार (एरिया मैनेजर)
  • श्री नवजोत सिंह सोहल (कमेटी मेंबर)
  • श्री अरविंद कुमार पुनीत (कमेटी मेंबर)
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सहकर्मियों ने दी शुभकामनाएं

​समारोह में विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भारी संख्या मौजूद रही। अंशुमन कुमार, केवल कुमार, वरुण जोहर, अवीक मंडल सहित लगभग 50 से अधिक सहयोगियों ने बिजय जी के साथ बिताए समय को याद किया और उनके स्वस्थ एवं मंगलमय सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।

​समारोह का समापन सामूहिक मंगलकामनाओं और भावुक विदाई के साथ हुआ, जहाँ सभी ने बिजय कुमार सिंह के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

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झारखंड पंचम राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष ने किया बोड़ाम का दौरा, सबर जनजाति के उत्थान पर दिया जोर

जमशेदपुर: झारखंड पंचम राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के प्रवास के दौरान बोड़ाम प्रखंड का दौरा किया। उन्होंने लायलम पंचायत स्थित सबर बहुल गांव हाथी टोला और डांगर टोला का भ्रमण कर आदिम जनजाति परिवारों की स्थिति का जायजा लिया।

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प्रशासन के प्रयासों की सराहना

​भ्रमण के दौरान अध्यक्ष ने सबर समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए चलाए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किए गए शहद उत्पादन कार्यक्रम की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि आजीविका के इन साधनों से समुदाय की मुख्यधारा में वापसी सुनिश्चित होगी।

ग्रामीणों की सुनी समस्याएं

​अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह ने सीधे ग्रामीणों से संवाद कर सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए बताया कि:

  • दस्तावेजों की कमी: आधार कार्ड, राशन कार्ड और जाति प्रमाण पत्र न होने से योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो रही है।
  • पेंशन व पट्टा: वृद्धों को पेंशन और भूमि स्वामित्व पट्टा मिलने में आ रही बाधाओं से भी उन्हें अवगत कराया गया।
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अधिकारियों को सख्त निर्देश

​ग्रामीणों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि:

  1. ​गांव में नियमित रूप से स्वास्थ्य और राजस्व कैंप आयोजित किए जाएं।
  2. ​लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर उन्हें सरकारी योजनाओं और आजीविका के साधनों से जोड़ा जाए।

उपस्थित पदाधिकारी

​इस भ्रमण के दौरान उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी, उप विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, बीडीओ और अंचल अधिकारी सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी और ग्रामीण मौजूद थे।

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झारखंड निकाय चुनाव: नामांकन के तीसरे दिन मानगो और जुगसलाई में बढ़ी सरगर्मी; महापौर पद के लिए महिलाओं की दावेदारी तेज

जमशेदपुर | 31 जनवरी, 2026: पूर्वी सिंहभूम जिले के अंतर्गत आने वाले निकायों में नामांकन की प्रक्रिया के तीसरे दिन शनिवार को चुनावी माहौल पूरी तरह परवान चढ़ता दिखा। जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (71/2026) के अनुसार, मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद और चाकुलिया नगर पंचायत में प्रपत्रों की खरीद में भारी उछाल आया है।

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तीसरे दिन की नामांकन स्थिति: एक नजर में

निकाय का नामपदप्रपत्र की खरीद (आज)अब तक कुल खरीद
मानगो नगर निगममहापौर (Mayor)0517
वार्ड सदस्य57297 (36 वार्ड)
जुगसलाई नगर परिषदअध्यक्ष0113
वार्ड सदस्य1898 (22 वार्ड)
चाकुलिया नगर पंचायतअध्यक्ष0004
वार्ड सदस्य0536 (12 वार्ड)

प्रमुख नाम: महापौर और अध्यक्ष पद की दौड़

​मानगो में महापौर पद के लिए आज जिन प्रमुख महिला प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र खरीदे, उनमें शाबाना बानो, नीलम देवी, पार्वती देवी, लक्की सिंह और संध्या सिंह शामिल हैं। वहीं, जुगसलाई नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए आरती चौधरी ने प्रपत्र प्राप्त किया। चाकुलिया में आज अध्यक्ष पद के लिए कोई नया प्रपत्र नहीं बिका।

पर्चा दाखिल करने की हुई शुरुआत

​केवल प्रपत्रों की खरीद ही नहीं, बल्कि उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल करना भी शुरू कर दिया है। आज कुल 3 वार्ड सदस्यों ने अपने निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष औपचारिक रूप से नामांकन पत्र जमा किया:

  • मानगो: मोबीन खान (वार्ड सं. 2) और आकाश कुमार ताती (वार्ड सं. 10)।
  • चाकुलिया: तान्या असगर (वार्ड सं. 9)।

प्रशासनिक सतर्कता

​जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता के कड़े इंतजाम किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे नामांकन की अंतिम तिथि नजदीक आ रही है, उम्मीदवारों की भीड़ बढ़ने की संभावना है। 4 फरवरी तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी, जिसके बाद 5 फरवरी को स्क्रूटनी (जांच) की जाएगी।

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झारखंड बोर्ड परीक्षा 2026: 3 फरवरी से शुरू होगा महाकुंभ; जमशेदपुर प्रशासन ने कसी कमर, 101 केंद्रों पर ‘कदाचार मुक्त’ परीक्षा की तैयारी

जमशेदपुर | 31 जनवरी, 2026: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की वार्षिक माध्यमिक और इंटरमीडिएट परीक्षाएं आगामी 3 फरवरी से 23 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षाओं के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए शनिवार को सिदगोड़ा टाउन हॉल में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार केंद्राधीक्षकों और दंडाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग बैठक हुई।

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परीक्षा का समय और केंद्र विवरण

​परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। मैट्रिक (माध्यमिक) की परीक्षा सुबह की पाली में होगी, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा दोपहर की पाली में निर्धारित है।

स्तरपालीसमयकुल केंद्र (पूर्वी सिंहभूम)
मैट्रिक (10वीं)प्रथम पालीसुबह 9:45 – दोपहर 1:0067 (धालभूम-44, घाटशिला-23)
इंटरमीडिएट (12वीं)द्वितीय पालीदोपहर 2:00 – शाम 5:1534 (धालभूम-22, घाटशिला-12)

प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

​बैठक को संबोधित करते हुए निदेशक NEP सह अपर उपायुक्त संतोष गर्ग और एडीएम राहुल जी आनंद ने स्पष्ट किया कि कदाचार के खिलाफ प्रशासन बेहद सख्त है।

  • कड़ी कार्रवाई: औचक निरीक्षण के दौरान यदि कोई छात्र नकल करते पाया गया, तो उस पर तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • मजिस्ट्रेट की तैनाती: परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक, पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
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बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा के निर्देश

​घाटशिला एसडीओ सुनील चंद्रा ने केंद्राधीक्षकों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं:

  1. सीसीटीवी कैमरा: हर केंद्र पर सीसीटीवी अनिवार्य है और उसकी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी।
  2. मूलभूत सुविधाएं: स्वच्छ पानी, पर्याप्त रोशनी, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था।
  3. समय प्रबंधन: प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं का समय पर पहुंचना सुनिश्चित करने के लिए ‘मोमेंट प्लान’ तैयार किया गया है।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

​इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष कुमार पांडेय, कार्यपालक दण्डाधिकारी चन्द्रजीत सिंह सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।

​प्रशासन ने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और गरिमापूर्ण वातावरण में परीक्षा संपन्न कराने में सहयोग करें।

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झारखंड में ‘नायक’ रिटर्न्स: रिटायरमेंट से 24 घंटे पहले मिली पोस्टिंग, ‘एक दिन के डीएसपी’ बनकर आज विदा होंगे 4 अफसर

रांची | 31 जनवरी, 2026: झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली अक्सर चर्चा में रहती है, लेकिन इस बार मामला कुछ ज्यादा ही दिलचस्प और हैरान करने वाला है। राज्य सरकार ने शुक्रवार की देर रात 4 प्रमोटी डीएसपी (DSP) की पोस्टिंग का आदेश जारी किया। ताज्जुब की बात यह है कि ये चारों अधिकारी आज (शनिवार, 31 जनवरी) ही सेवानिवृत्त (Retire) होने वाले हैं।

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7 महीने का इंतज़ार और 24 घंटे की नौकरी

​दरअसल, करीब सात महीने पहले झारखंड पुलिस के 60 से अधिक इंस्पेक्टरों को पदोन्नति देकर डीएसपी बनाया गया था। प्रमोशन तो मिल गया, लेकिन विभाग इन अधिकारियों को तैनाती देना ‘भूल’ गया। 6 महीने और 30 दिन बीत जाने के बाद, जब इन अफसरों की सेवा का आखिरी दिन बचा था, तब विभाग की नींद खुली और आनन-फानन में अधिसूचना जारी की गई।

किन्हें मिली ‘एक दिन’ की कप्तानी?

​गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निम्नलिखित अधिकारियों को स्पेशल ब्रांच (Special Branch), रांची में पदस्थापित किया गया है:

  1. अखिलेश प्रसाद मंडल
  2. सरोज कुमार सिंह
  3. शैलेश प्रसाद
  4. विनोद उरांव

​इन सभी अधिकारियों के लिए आज, 31 जनवरी, सेवा का अंतिम दिन है। यानी डीएसपी की वर्दी और पद के साथ इनका कार्यकाल महज एक दिन का रहेगा।

प्रशासनिक मजबूरी या व्यवस्था की सुस्ती?

​जानकारों का कहना है कि रिटायरमेंट से ऐन पहले यह पोस्टिंग इसलिए दी गई है ताकि इन अधिकारियों को सेवानिवृत्ति लाभ (Pension & Gratuity) डीएसपी पद के स्केल के आधार पर मिल सके। यदि बिना पोस्टिंग के ही वे रिटायर हो जाते, तो तकनीकी रूप से उनके पेंशन लाभों में पेंच फंस सकता था।

उठ रहे हैं गंभीर सवाल

​इस ‘अजीबोगरीब’ आदेश के बाद पुलिस महकमे में चर्चाओं का बाजार गर्म है और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं:

  • मनोबल पर असर: क्या 7 महीने तक अधिकारियों को बिना काम के बैठाकर रखना उनके मनोबल के साथ खिलवाड़ नहीं है?
  • देरी का जिम्मेदार कौन?: जब प्रमोशन 7 महीने पहले हुआ था, तो पोस्टिंग के लिए रिटायरमेंट के आखिरी दिन का इंतज़ार क्यों किया गया?
  • कार्यक्षमता: डीएसपी जैसे महत्वपूर्ण पद पर केवल एक दिन की पोस्टिंग से विभाग को क्या हासिल होगा?

निष्कर्ष

​झारखंड में यह पहली बार नहीं है जब अधिकारियों को रिटायरमेंट के ठीक पहले पोस्टिंग दी गई हो, लेकिन एक साथ चार अधिकारियों को ‘एक दिन का डीएसपी’ बनाना प्रशासनिक व्यवस्था की धीमी कार्यशैली और ‘लास्ट मिनट’ निर्णयों को उजागर करता है। आज शाम ये चारों अफसर डीएसपी के रूप में अपनी पहली और आखिरी ड्यूटी कर विभाग से विदा हो जाएंगे।

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दावोस से लौटे सीएम हेमंत सोरेन का ‘जोहार’; स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने दी बधाई, कहा- “यह झारखंडी स्वाभिमान का प्रतीक”

रांची | 31 जनवरी, 2026: विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में झारखंड का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व कर लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने औपचारिक मुलाकात की। इस दौरान मंत्री ने मुख्यमंत्री को वैश्विक मंच पर राज्य की आवाज बुलंद करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड को एक नई पहचान दिलाने के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

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सोशल मीडिया पर झलका गर्व: “आदिवासी नेतृत्व का लोहा माना दुनिया ने”

​मुलाकात के बाद इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने लिखा:

“दावोस जैसे वैश्विक मंच पर झारखंड का नेतृत्व करना और पहली बार किसी आदिवासी मुख्यमंत्री द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नेतृत्व किया जाना केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के स्वाभिमान का प्रतीक है।”

​उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच और सशक्त नेतृत्व ने झारखंड में विकास की एक ऐसी लहर पैदा की है, जो भविष्य में राज्य के बुनियादी ढांचे को बदल देगी।

विकास के ‘झारखंड मॉडल’ की सराहना

​मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में हो रहे सर्वांगीण विकास पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में हो रहे कार्यों को सराहा:

  • निवेश और रोजगार: दावोस में विभिन्न औद्योगिक समूहों के साथ हुई चर्चाओं से राज्य में निवेश आने की उम्मीद।
  • सेक्टर-वार विकास: टेक्नोलॉजी, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में राज्य सरकार की नई नीतियां।

विपक्ष पर कटाक्ष: “जनता सब समझ रही है”

​मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राजनीतिक विरोधियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने विपक्ष की आलोचनाओं को ‘नकारात्मक राजनीति’ करार देते हुए कहा कि जनता सरकार के कार्यों को देख रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से विपक्ष को करारा जवाब मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को बिना किसी डर के राज्य हित में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

दावोस यात्रा का महत्व (WEF 2026)

​विदित हो कि यह पहला मौका था जब झारखंड ने आधिकारिक तौर पर दावोस में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री ने वहाँ “Growth in Harmony with Nature” (प्रकृति के साथ समन्वय में विकास) की थीम पर झारखंड के सतत विकास मॉडल को पेश किया, जिसे वैश्विक स्तर पर काफी सराहना मिली है।

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सुनेत्रा पवार ने रचा इतिहास: बनीं महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री

मुंबई | 31 जनवरी, 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार का दिन बेहद भावुक और ऐतिहासिक रहा। अजित पवार के निधन के तीन दिन बाद, उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार ने राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मुंबई के लोकभवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

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​इस शपथ के साथ ही सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र के इतिहास में उपमुख्यमंत्री बनने वाली पहली महिला बन गई हैं।

शपथ ग्रहण की मुख्य बातें:

  • भावुक क्षण: शपथ ग्रहण से पहले सुनेत्रा पवार ने अपने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने भारी मन से इस जिम्मेदारी को स्वीकार किया है।
  • विधायक दल की नेता: शनिवार दोपहर को ही राकांपा (NCP) के विधायकों ने उन्हें सर्वसम्मति से अपना नया नेता चुना था।
  • महायुति का समर्थन: समारोह में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे, जिन्होंने संकट की इस घड़ी में पवार परिवार और पार्टी के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।

अजित पवार का निधन और राजनीतिक उत्तराधिकार

​विदित हो कि 28 जनवरी, 2026 को बारामती के पास एक विमान दुर्घटना में अजित पवार का दुखद निधन हो गया था। उनके जाने से पार्टी और गठबंधन के सामने नेतृत्व का बड़ा संकट खड़ा हो गया था, जिसे हल करने के लिए विधायकों ने सुनेत्रा पवार के नाम पर मुहर लगाई।

सुनेत्रा पवार के सामने चुनौतियां

​राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सुनेत्रा पवार के लिए यह सफर आसान नहीं होगा। उन्हें न केवल अपने पति की विरासत को संभालना है, बल्कि आने वाले समय में निम्नलिखित चुनौतियों का सामना भी करना होगा:

  1. उपचुनाव जीतना: चूंकि वह वर्तमान में विधानसभा की सदस्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें 6 महीने के भीतर चुनाव जीतना होगा। संभावना है कि वह अपने पति की पारंपरिक सीट बारामती से चुनाव लड़ेंगी।
  2. गठबंधन का तालमेल: भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ महायुति गठबंधन में पार्टी का दबदबा बनाए रखना।
  3. पार्टी की एकजुटता: अजित पवार के समर्थकों और विधायकों को एकजुट रखना।

अगला कदम: राज्यसभा का क्या होगा?

​सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट पर अब उनके बड़े बेटे पार्थ पवार को भेजे जाने की चर्चा तेज है, हालांकि इस पर पार्टी ने अभी कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है।

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