एक नई सोच, एक नई धारा

पूर्व सिविल सर्जन डॉ.एके लाल की बर्खास्तगी रद्द

झारखण्ड न्यूज़ डेस्क, पूर्वी सिंहभूम के पूर्व सिविल सर्जन डॉ अरविंद कुमार लाल की बर्खास्तगी को रद्द करते हुए हाईकोर्ट ने उने पुन बहाल करने का आदेश सरकार को दिया है. जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत ने डॉ. लाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.

छह साल तक विभागीय कार्रवाई के बाद डॉ. लाल को वर्ष 2022 में बर्खास्त कर दिया गया था. इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी.
सुनवाई के दौरान डॉ लाल का पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार व अपराजिता भारद्वाज की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रार्थी पर नौकरी में रहते हुए चुनाव लड़ने का आरोप लगाते हुए विभागीय कार्रवाई के बाद बर्खास्त कर दिया गया. आरोप है कि वर्ष 1995, 2001 और 2005 में बिना पद छोड़े ही विधानसभा का चुनाव लड़ा था. इसके लिए वर्ष 2016 में उन्हें शो कॉज जारी किया गया. विभागीय कार्रवाई में 21 साल की देरी का भी कोई कारण नहीं बताया गया. प्रार्थी ने कहा कि उन्होंने 1995 और 2001 में कोई चुनाव नहीं लड़ा है. जहां तक 2005 की बात है, तो उन्होंने चुनाव से पहले अपना त्याग पत्र दिया था.

छह साल तक चली विभागीय कार्रवाई
उनके त्यागपत्र पर क्या निर्णय लिया गया, इसके बारे में उन्होंने विभाग से कई बार जानकारी मांगी थी. लेकिन उन्हें कोई दस्तावेज नहीं दिया गया. छह साल तक चली विभागीय कार्रवाई के दौरान संचालन पदाधिकारी ने भी बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग से दस्तावेज मांगे थे, लेकिन उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया. इसके बाद अचानक उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था.
हाईकोर्ट के फैसले पर जमशेदपुर आईएमए ने खुशी जाहिर की है. एसोसिएशन के सचिव डॉ. सौरभ चौधरी ने कहा कि फैसले से चिकित्सक समुदाय में खुशी है.
कुछ विधायकों को यह समझने की जरूरत है कि राजनीतिक लड़ाई और महत्वाकांक्षा के लिए डॉक्टर को बलि का बकरा बनाना गलत है.

यह है मामला
डॉ. एके लाल पर नौकरी में रहते बिहार के झंझारपुर से विधानसभा से चुनाव लड़ने का आरोप था. मामला 2005 का है. शिकायत के बाद अक्तूबर 2014 से जांच शुरू हुई. 2022 में जिले के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. लाल को बर्खास्त कर दिया गया. डॉ. एके लाल के मुताबिक, चुनाव में नामांकन के साथ नौकरी से त्यागपत्र की जानकारी दी थी, लेकिन त्यागपत्र मंजूर नहीं हुआ और नाम वापसी का समय गुजर चुका था. इससे नामांकन के बावजूद चुनाव प्रचार व अन्य प्रक्रिया से दूर रहे थे. बर्खास्तगी के बाद डॉ. एके लाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. डॉ. लाल फिलहाल रिटायर हो चुके हैं.

कुड़मी समाज का रेल चक्का जाम आंदोलन शुरू, आरपीएफ ने संभाला मोर्चा, अब तक लगभग 48 ट्रेनें रद्द

पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर ग्रामीण के खेमाशुली में बुधवार की सुबह से कुड़मी समाज का रेल चक्का जाम आंदोलन शुरू हो गया I इसके चलते रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्ग दोनों जाम हो गए।

जानकारी के अनुसार, अब तक दक्षिण पूर्व रेलवे की 48 ट्रेनों के रद्द होने की सूचना है।

कुड़मी समाज की अनुसूचित जनजाति में शामिल होने की मांग

कुड़मी समाज अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलनरत है। कुर्मी समुदाय के सदस्यों का दावा है कि उन्हें 1931 तक अनुसूचित जनजाति के रूप में पंजीकृत किया गया था, लेकिन देश आजाद होने के बाद कुछ अज्ञात कारणों से उन्‍हें एसटी सूची से बाहर रखा गया। उनका कहना है कि वे ओबीसी सूची में शामिल हैं, जबकि एसटी समुदाय की सुविधाओं के पात्र हैं।

बंंगाल व झारंखड में कुर्मी के वोट हैं बेहद अहम

एक आंकड़े में तो इस बात तक का खुलासा हुआ है कि बंगाल में लगभग 50 लाख कुर्मी हैं। जंगलमहल के चार जिलों में कम से कम 35 विधानसभा सीटों पर इनके वोट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यानि इन सीटों पर इस समुदाय के लोगों के वोट से उम्‍मीदवारों की हार-जीत-हार तय होती है। कुर्मी संगठनों के दावे के मुताबिक, झारखंड में उनकी आबादी 25 प्रतिशत है।

आंदोलन की भनक लगते ही रेलवे ने कई ट्रेनों को किया रद्द

समाज ने इससे पहले दिन राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने की कोशिश की थी। अब कुड़मी समाज के प्रतिनिधियों ने खेमाशुली में रेल ट्रैक पर उतर कर रेलवे परिचालन सेवा को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। इस आंदोलन की पूर्व में भनक लगते ही रेलवे ने इस डिवीजन से चलने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

आरपीएफ व पुलिस बल ने संभाला मोर्चा

खेमाशुली में कुड़मी समाज के आंदोलन के मद्देनजर रेलवे ने भी बड़े स्तर पर तैयारी की है। रेलवे के द्वारा काफी संख्या में आरपीएफ के जवानों को खेमाशुली में प्रतिनियुक्त किया गया। वहीं विधि व्यवस्था के लिए राज्य पुलिस बल भी अलर्ट पर हैं। इस कुड़मी आंदोलन पर रेलवे व जिला प्रशासन की कड़ी नजर हैं।

अभी जेल में ही रहेंगे मनीष सिसोदिया, ED केस में कोर्ट ने 17 अप्रैल तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत

दिल्ली सरकार कीआबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत अवधि समाप्त होने पर आज बुधवार को ईडी की टीम ने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया।

ताजा मामले में कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 17 अप्रैल, 2023 तक बढ़ा दी है।

इससे पहले 22 मार्च को अदालत ने रिमांड की अवधि समाप्त होने पर सिसोदिया को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सिसोदिया इसके साथ ही सीबीआई मामले में भी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

सिसोदिया के वकील ने कोर्ट में दी थी ये दलीलें-

  • सिसोदिया की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता विवेक जैन ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। जहां तक रिश्वत लेने का मामला है तो सिसोदिया व उनके परिवार के किसी सदस्य के खाते में कोई पैसा नहीं आया है। यह नीति कई विभागों के साथ उपराज्यपाल के पास और हर स्तर पर मंजूर हुई।
  • विवेक जैन ने कहा कि न तो कोई आरोप है और न ही ऐसा साक्ष्य है कि सिसोदिया ने रुपये लिए हैं। इतना ही नहीं नीति के लागू होने के बाद सरकार को बीते दस सालों में सबसे ज्यादा राजस्व मिला।
  • विवेक जैन ने कहा कि ऐसी कोई सामग्री नहीं पेश गई कि मनी लांड्रिंग अपराध करने में विजय नायर सिसोदिया के प्रतिनिधि थे। ऐसा भी नहीं है कि सिसोदिया ने किसी को बोला है कि ये नियम छोड़ दें या इसे लाइसेंस दे दें।
  • विवेक जैन ने कहा कि अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मैंने कैबिनेट फाइल से छेड़छाड़ की, लेकिन ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि इस तरह का नोट कैबिनेट के पास गया था।
  • वहीं, ईडी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने कहा कि हम कुछ नए साक्ष्य जुटा रहे हैं, जोकि हवाला ऑपरेटर से जुड़ा है। ऐसे में हमें जिरह पेश करने के लिए 10 या 11 अप्रैल तक का समय चाहिए। ईडी की अपील स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सुनवाई 12 अप्रैल के लिए स्थगित कर दी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले, 3 अप्रैल को सीबीआई से जुड़े मामले में मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत को 17 अप्रैल तक बढ़ा दिया। 31 मार्च को अदालत ने इसी मामले में सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

वहीं, बीते शुक्रवार को सीबीआई के मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार करते हुए राउज एवेन्यू की विशेष सीबीआई अदालत ने कहा कि पूरे मामले में आपराधिक साजिश रचने का सिसोदिया को प्रथम दृष्टया सूत्रधार माना जा सकता है।

गौरतलब है कि आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने 26 फरवरी को आठ घंटे की लंबी पूछताछ के बाद सिसोदिया को गिरफ्तार किया था और अदालत ने उन्हें छह मार्च को न्यायिक हिरासत में जेल में भेज दिया था। ईडी के मनी लांड्रिंग मामले में भी न्यायिक हिरासत में हैं।

कल से शुरू हो रही जेईई मेन्स सेशन 2 की परीक्षा, कैंडिडेट्स यहां पढ़ें जरूरी गाइडलाइन्स

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, कल 6 अप्रैल, 2023 से सेशन 2 के लिए जेईई मेन्स परीक्षा 2023 शुरू करेगी। परीक्षा 6, 8, 10, 11 और 12 अप्रैल, 2023 को देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

जेईई मेन्स सत्र 2 परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी- पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक हैं । उपस्थित होने वाले सभी उम्मीदवार नीचे दिए गए परीक्षा के दिन के दिशानिर्देशों की चेक कर सकते हैं।

सत्र 2 के लिए परीक्षा के लिए इन गाइडलाइन का रखें ध्यान

  • परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को एनटीए की वेबसाइट से डाउनलोड किए गए सेल्फ डिक्लेरेशन के साथ एडमिट कार्ड की एक प्रिंट कॉपी साथ रखनी होगी।सभी उम्मीदवारों द्वारा अधिकृत फोटो पहचान पत्र में से कोई एक परीक्षा के लिए अवश्य साथ लेकर जाएं।
  • सेल्फ डिक्लेरेशन प्रारूप में विद्यार्थी को बांये हाथ का अंगूठा का निशान एवं स्वयं की फोटो लगाकर ले जाना होगा।
  • उम्मीदवार को स्वयं के हस्ताक्षर, परीक्षा केंद्र में परीक्षक के सामने ही करना होगा।
  • उम्मीदवार ध्यान रखें परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले ही परीक्षा केंद्रों में एंट्री बंद कर दी जाएंगी।
  • परीक्षा हॉल के अंदर बॉल प्वाइंट पेन ले जाने की अनुमति है।
  • उम्मीदवार को कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट साथ लाने की अनुमति नहीं होगी।
  • साथ ही मोटे सोल के जूते व बड़े बटन वाले कपडे की भी अनुमति नहीं होगी।
  • इसके अलावा उम्मीदवार परीक्षा के दौरान किसी भी तकनीकी सहायता, प्राथमिक चिकित्सा आपात स्थिति या किसी अन्य जानकारी के लिए केंद्र अधीक्षक/निरीक्षक से कमरे में संपर्क कर सकते हैं।
भारत ‘राम राज्य’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत ‘राम राज्य’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है और सरकार किसानों, मजदूरों, महिलाओं तथा युवाओं के कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है.

सिंह ने यहां एक पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार भगवान राम द्वारा बताए गए आदर्शों के मार्ग पर चल रही है.

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम भगवान राम द्वारा निर्धारित आदर्शों के मार्ग पर चलने में सक्षम रहे हैं. हम किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.’

‘मैं आपको गुमराह नहीं करना चाहता’
सिंह पूर्व नौकरशाह धीरज भटनागर द्वारा ‘रामचरितमानस’ के सरल हिंदी काव्यानुवाद के विमोचन समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने कहा, ‘मैं आपको गुमराह नहीं करना चाहता. मैं यह नहीं कहूंगा कि हमने देश में राम राज्य की शुरुआत की है. लेकिन, हम निश्चित रूप से उस दिशा में आगे बढ़ चुके हैं.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के तहत विश्व में भारत का कद बढ़ा है. उन्होंने कहा, ‘इससे पहले, जब भी भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलता था, उसे गंभीरता से नहीं लिया जाता था. लेकिन आज भारत का कद बढ़ा है, भारत का सम्मान बढ़ा है. आज जब भी भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कुछ कहता है, तो दुनिया ध्यान से सुनती है.’

रक्षा मंत्री ने कहा कि भगवान राम की जीवनगाथा ने सरकार के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश के रूप में काम किया है.

समारोह में सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस साल अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर खोल दिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखी और मंदिर इस साल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा.

बारिश के साथ गिरेंगे ओले, ताजा ताजा मौसम अपडेट

आज 5 अप्रैल है और अभी देश के कई इलाकों बारिश हो रही है। इस बारिश के कारण जहां मौसम खुशनुमा हो गया है, वहीं किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है। बारिश के कारण गेहूं और सरसों की फसलों को काफी नुकसान की आशंका है।

इस बीच आज भी देश के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ ओले गिरने की आशंका जताई जा रही है।

आज भी कई इलाकों में आंधी तूफान के साथ बारिश की संभावना है। कई इलाकों में ओले भी गिरने के आसार जताए जा रहे हैं। दरअसल पश्चिमी विक्षोभ के कारण अभी ये बेमौसम बारिश हो रही है। आज भी लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश के आसार हैं। वहीं कई जगहों पर छिटपुट हिमपात भी हो सकती है।

दरअसल पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कई इलाकों भारी बारिश भी हो सकती है।

इसके साथ ही मध्य भारत के कई इलाकों में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश की आशंका है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा में भी बारिश के आसार नजर आ रहे हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ ओले पड़ने की भी आशंका है।

पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र में कई जगहों भी पर भी गरज के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है। इतना ही नहीं तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भी हल्की बारिश के आसार नजर आ रहे हैं।

निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में गरज के साथ बारिश के आसार हैं। शेष पूर्वोत्तर भारत, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में बारिश संभावना है।इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम पंजाब, उत्तर-पश्चिम राजस्थान, हरियाणा के कुछ हिस्सों, विदर्भ और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में हल्की बारिश और बादलों की गरज हो सकती है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश आशंका है।

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के ग्रामीण घरेलू, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं ले सकते हैं “वन टाइम सेटलमेंट” योजना का लाभ

झारखंड सरकार ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के ग्रामीण घरेलू, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं (5 किलोवाट तक) और (सिंचाई और कृषि सेवा-आईएएस-I निजी) को राहत प्रदान करने के लिए उपरोक्त संदर्भित प्रस्ताव के माध्यम से “वन टाइम सेटलमेंट” योजना को मंजूरी दे दी है। डीपीएस में 31.12.2022 तक की बकाया राशि के एवज में राहत दिया जाएगा|

ओटीएस योजना के तहत ग्रामीण घरेलू, शहरी घरेलू उपभोक्ता (5 किलोवाट तक) और आईएएस-I (निजी) (सिंचाई और कृषि सेवाएं) जमा करने पर कुल डीपीएस माफ कर दिया जाएगा 31/12/2022 तक का ऊर्जा बकाया (यानी 22 नवंबर के महीने का बिल) अधिकतम पांच मासिक किस्तों में। कोई भी किस्त देय राशि के 20% से कम नहीं होगी। उक्त योजना के अंतर्गत विचार की गई शेष राशि पर कोई अधिभार/डीपीएस प्रभारित नहीं किया जाएगा.यह योजना किसी भी प्राथमिकी/जुर्माने की राशि के मामले में लागू नहीं है। विवादित बिलों के निपटारे के मामले में, विवाद की तारीख से 31.12.2022 (नवंबर 2022 के लिए बिल) तक डीपीएस राशि की छूट पर विचार किया जाएगा। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता को एक अंडरटेकिंग/शपथ पत्र देना होगा कि सभी कानूनी मामले लंबित हैं .किसी भी न्यायालय/मंच के समक्ष बिना शर्त वापस ले लिया जाएगा. यदि यह पाया जाता है कि उपभोक्ता ने दिए गए हलफनामे में कोई गलत जानकारी दी है तो ओटीएस योजना वापस ले ली जाएगी और उपभोक्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेबीवीएनएल किसी भ्रामक तथ्य के मामले में उपभोक्ता को दिए गए किसी भी ओटीएस लाभ को वापस लेने का अधिकार सुरक्षित रखता है.विवादित बिलों के निपटान के मामले में, यदि यह पाया जाता है कि उपभोक्ता द्वारा अधिक/कम राशि का भुगतान किया गया है, तो इसे निगम के मानदंडों के अनुसार भविष्य के बिलों में समायोजित/प्रभारित किया जाएगा।

31.12.2022 के बाद बकाया राशि पर डीपीएस माफ नहीं किया जाएगा. जिन उपभोक्ताओं ने एकमुश्त समाधान योजना सुविधा का लाभ पहले ही उठा लिया है जून-21 से दिसंबर-21 के दौरान इस योजना के तहत लाभ लेने के पात्र नहीं होंगे.ओटीएस योजना का लाभ उपभोक्ता को निम्नलिखित कटऑफ तिथि के अनुसार प्रदान किया जाएगा: 23 अप्रैल 31.03.2023 23 मई 30.04.2023

जमशेदपुर : मेडिकल व इंजीनियरिंग की आकांक्षा प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए 1498 विद्यार्थी

जैक की ओर से आयोजित आकांक्षा इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रवेश परीक्षा रविवार को शहर के सात हाईस्कूलों में आयोजित हुई. इस परीक्षा में शामिल होने के लिए 1955 विद्यार्थियों ने निबंधन कराया था. इसमें से 1498 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए. कुल 458 विद्यार्थियों ने परीक्षा नहीं दी.

इंजीनियरिंग की परीक्षा में 939 में से 727 तथा मेडिकल कोचिंग के लिए आयोजित परीक्षा में 870 में से 662 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी. यह परीक्षा राजस्थान विद्या मंदिर हाईस्कूल साकची, गुरुनानक हाईस्कूल साकची, एडीएल सोसाइटी साकची, डीबीएमएस गल्र्स हाईस्कूल कदमा, साकची हाईस्कूल, हिंदुस्तान मित्र मंडल हाईस्कूल गोलमुरी, जमशेदपुर हाईस्कूल में आयोजित हुई.

आकांक्षा परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले मेडिकल व इंजीनियरिंग के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 40-40 विद्यार्थियों को राज्य सरकार निशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगी, ताकि सरकारी स्कूलों के छात्र मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की प्रतियोगिता में भाग ले सके तथा सफल हो सके। यह प्रशिक्षण रांची में दिया जाएगा.

रामनवमी में नेताओं की अपनी रोटी सेंके जाने से प्रशासन का एजेंडा हुआ सफल- भाजमो

भाजमो जमशेदपुर महानगर की एक बैठक विधायक सरयू राय की उपस्थिति में हुई. बैठक में राम नवमी का विसर्जन जुलूस विधि वत नहीं निकालने को भाजमो ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. भाजमो के जिला पदाधिकारियों ने कहा की भगवान श्री राम के जन्मोत्सव पर रामभक्त तो हजारों की संख्या में सड़क पर उतरे किंतु रामनवमी झंडा नहीं निकलने से लोगो का उत्साह फीका पड़ गया. प्रशासन की जो मंशा थी उसमें वे पुरी तरह से कामयाब हुए और अन्ततः रात्रि 08:00 बजे के बाद निर्णय होने के कारण कोई जुलूस डीजे ट्रेलर के साथ नहीं निकल पाया.

प्रशासन के साथ जो समझौता की बैठक हुई वह दिन के प्रहर में भी हो सकती थी. आनन फानन में निर्णय लेकर पुरे जमशेदपुर के सभी अखाड़ा समितियों पर थोप दिया गया. प्रशासन के जिस बैठक में निर्णय लिया गया उसमें किसी भी अखाड़ा समिती का प्रतिनिधित्व नहीं था अंतिम फैसला लेते वक्त अखाड़ा समितियों को विश्वास में भी नहीं लिया गया. निहित स्वार्थ से प्रेरित कुछ नेताओं ने अखाड़ा समितियों को मोहरा बनाकर अपनी राजनीतिक रोटी सेकने का कुंठित प्रयास किया और इन सब में प्रशासन ने बड़ी ही चालाकी से अपना एजेंडा को सफल कर लिया.

जमशेदपुर की आम जनमानस की राय है की रामनवमी का जुलूस रमजान, जुम्मा और तरावीह की भेंट चढ़ गया. विगत दिनों रामनवमी के महापर्व को लेकर सिनियर एसपी के साथ हुई बैठक में शामिल केंद्रीय शांति समिति और केंद्रीय अखाड़ा समिती में जो लोग शामिल थे. वे वही लोग है जो शुक्रवार को प्रशासन के साथ समझौते को लेकर हुई बैठक में भी शामिल थे. ऐसे लोगो का दोहरा चरित्र है जिसको जमशेदपुर की जनता ने पहचान लिया है. जनता इनके कृत्य के लिए इनको कभी क्षमा नहीं करेगी.

बैठक में मुख्य रूप से भाजमो जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, अजय सिन्हा, मुकुल मिश्रा, मंजु सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नु, मनोज सिंह उज्जैन, चंद्रशेखर राव, भास्कर मुखी, राजेश कुमार, धर्मेंद्र प्रसाद, सुधीर सिंह, आकाश शाह, विजय नारायण सिंह, कैलाश झा, वरूण सिंह, विनोद यादव, विनोद राय, जय प्रकाश सिंह, दुर्गा राव सहित अन्य उपस्थित थे.

जमशेदपुर : रामनवमी का नहीं निकलेगा जुलूस, कल जमशेदपुर बंद का अखाड़ा समितियों और विहिप द्वारा किया गया आह्वान

जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची झंडा चौक स्थित बाल मंदिर अखाड़ा का ट्रेलर जब्त करने का मामला गरमा गया है। इसको लेकर आज सुबह से साकची झंडा चौक पर बड़ी संख्या में आखाड़ा समिति के लाइसेंसधारी व सदस्य व हिंदू समाज से जुड़े लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है. उन्होंने जिला प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया और सभी उतावला दिखे. उनके साथ पूरे जमशेदपुर सहित पड़ोसी जिलों के अखाड़ा समितियों ने विसर्जन करने से मना कर दिया है।

सुबह से ही विभिन्न अखाड़ा समितियों के लोग साकची स्थित झंडा चौक पर जमा हो गए. वे जिला प्रशासन द्वारा रामनवमी शोभा यात्रा के दौरान डीजे और ट्रेलर जब्त करने की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे. इस दौरान जुगसलाई, आदित्यपुर और आसपास के भी अखाड़ा समिति के लोग पहुंचे. उन्होंने भी जिला प्रशासन से मांग की कि जप्त डीजे और टेलर को छोड़ा जाए. जब प्रशासन द्वारा उनकी मांग नहीं की गई तो वे जमकर नारेबाजी की और साकची में गोलचक्कर पर धरना के लिए पहुंच गए. वही आज रामनवमी शोभा यात्रा का विसर्जन नहीं किया जाएगा. इसको लेकर पूरा मामला गरमा गया है. यह कभी भी उग्र रूप धारण कर सकता है. अब जिला प्रशासन किस तरह इस मामले को सुलझाएगी यह देखने वाली बात है. वही इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस पदाधिकारियों द्वारा प्रयास किया जा रहा है।

दूसरी ओर देर रात तक काफी मान मनोव्वल के बाद भी प्रशासन की ओर से ट्रेलर को छोड़ा नहीं गया. जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो समेत तमाम अखाड़ा समिति के लोगों के साथ भाजपा के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से दूरभाष पर लगातार बातचीत की इस बीच अखाड़ा समिति के लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा था. प्रशासन इसके बदले दूसरा ट्रेलर ( बंद ट्रक) देने को राजी हो रहा था. रात करीब 12:30 बजे तक जब कोई फैसला नहीं हुआ।

केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के संरक्षक अभय सिंह ने कहा कि जमशेदपुर के बाल मंदिर अखाड़ा की गाड़ी और डीजे को जब्त करने को लेकर जमशेदपुर वासियों से अपील करते हैं कि इस हिन्दू विरोधी सरकार के विरुद्ध में एकजुट होए, जिसके शासन काल में प्रशासन भी हिंदुओं की भावनाओं को चोटिल करने का कार्य कर रही है. इस सरकार की मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति के विरोध में सारे अखाड़ा समिति द्वारा यह तय हुआ है कि जब तक प्रशासन हमारी बात नहीं मानेगी तब तक अखाड़ा जुलूस जमशेदपुर से नहीं निकलेगी. जमशेदपुर वासियों से विनम्र निवेदन है कि इस भ्रष्ट और हिन्दू भावना को आहत करने वाली सरकार के विरुद्ध में एकत्रित होकर हमारा और जमशेदपुर अखाड़ा समिति का साथ दें. लोगों से यह भी अपील करते हैं कि शनिवार को इस ज़ुल्मी सरकार और निर्दयी प्रशासन के विरुद्ध शनिवार जमशेदपुर बंद का आह्वान किया गया है और कल पूरी तरह से जमशेदपुर को बंद रखने में आम जनता का सहयोग बहुत जरूरी है. यह सरकार दिखावे की राजनीति करके के एक विशेष वर्ग को खुश करने में लगी रहती है, यदि यह सरकार हिन्दू विरोधी नहीं होती तो आज प्रशासन बरसों से चली आ रही हमारी संस्कृति को यूं बर्बाद करने पर उतारू नहीं होती. हम कोई नई चीज नहीं कर यह यह रामनवमी के जुलूस दशकों से निकलते आया है लेकिन आज इस सरकार और प्रशासन की वजह से रामभक्त सभी जुलूस नहीं निकाल कर सड़क पर बैठे हैं. दुर्गा पूजा के समय उपायुक्त द्वारा शांति से बैठ कर हर मसले का हल निकाला गया था और बहुत ही अच्छे तरीके से दुर्गा पूजा का विसर्जन हुआ था लेकिन इस बार शासन और प्रशासन अपने हठधर्मी रवैये के कारण रामनवमी के रंग को भंग करने का कार्य की है, जो न्याय संगत नहीं है.

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