एक नई सोच, एक नई धारा

आजसू के न्याय मार्च में सुदेश महतो का हेमंत सोरेन पर हमला

आजसू ने गुरुवार को राज्यभर में न्याय मार्च निकाला. इस मौके पर आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने राजधानी रांची के बापू वाटिका से समाहरणालय तक पैदल मार्च निकाला. इस दौरान वह सरकार के खिलाफ जमकर बरसे.

रांची: हेमंत सरकार के खिलाफ इन दिनों विपक्षी दल सड़कों पर उतरने में जुटे हैं. भारतीय जनता पार्टी के सचिवालय घेराव के बाद गुरुवार को आजसू ने राज्य सरकार के खिलाफ सभी जिला मुख्यालयों पर न्याय मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. राजधानी रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों में आजसू कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और सरकार विरोधी नारे लगाए. राजधानी रांची में न्याय मार्च का नेतृत्व आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने किया.

रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के समीप जमा हुए आजसू कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित कर न्याय मार्च की शुरुआत की. मोरहाबादी बापू वाटिका से आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता समाहरणालय पहुंचे. इस दौरान सरकार के नियोजन नीति, राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आजसू सुप्रीमो ने हेमंत सरकार पर जमकर निशाना साधा. सुदेश महतो ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है, उन्हीं अधिकारियों की तैनाती की जाती है जो इस तरह के कारनामों में माहिर माने जाते हैं. ऐसे में राज्य की जनता अब जान चुकी है कि यह सरकार जो वादा करके आई थी उसे पूरा करने में विफल रही है. इसलिए आने वाले समय में जनता इनके काले कारनामों के लिए जरुर सबक सिखाएगी.

सामाजिक न्याय महीना मना रही आजसू: 

भ्रष्टाचार नियोजन नीति सहित सात मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए सड़कों पर उतरी आजसू पार्टी ने अप्रैल महीने को सामाजिक न्याय महीना घोषित कर रखा है, जिसके तहत सभी जिला मुख्यालयों पर न्याय मार्च निकालकर सरकार के विरोध में उलगुलान की शुरुआत की है. न्याय मार्च की शुरुआत करते हुए आजसू नेता देवशरण भगत ने कहा कि महागठबंधन सरकार ने अपने 3 वर्षों के कार्यकाल में झारखंड की भावना, उम्मीद और जनादेश के साथ जो विश्वासघात किया है उससे जनता उब चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार ने युवा किसान, मजदूर, गरीब, बुजुर्ग सभी को ठगने का काम किया है. 3 साल में कोई वैकेंसी नहीं, परीक्षा नहीं, ऐसे में नियुक्तियां और बहाली पूरी तरह से ठप रही. जबकि खुद मुख्यमंत्री ने पब्लिक डोमेन में वादा किया था कि सत्ता में आते ही पहले साल 5 लाख नौकरियां देंगे.

न्याय मार्च के दौरान आजसू प्रमुख सुदेश महतो के संबोधन के बाद जिला प्रशासन को पार्टी की ओर से एक ज्ञापन भी सौंपा गया. न्याय मार्च में बड़ी संख्या में आजसू के महिला कार्यकर्ता एवं युवा कार्यकर्ता शामिल थे जो सरकार विरोधी नारे लगाते देखे गए. इन सबके बीच समाहरणालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस वालों की तैनाती की गई थी.

रांची के अलावा बोकारो में भी आजसू ने प्रदर्शन किया: 

बोकारो जिला मुख्यालय में चंदनकियारी की ओर से पूर्व मंत्री उमाकांत रजक और गोमिया से विधायक लंबोदर महतो के अलावा बोकारो जिले के पार्टी अध्यक्ष सचिन महतो ने न्याय मार्च निकाला. सभी लोग अलग-अलग गुटों में उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की इस दौरान नेताओं ने चुनाव पूर्व जेएमएम के मेनिफेस्टो में किए गए स्थानीय नीति ओबीसी आरक्षण नियोजन नीति को लागू करने की मांग की गई.

गोड्डा में प्रदर्शन: 

गोड्डा में राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में आजसू द्वारा रैली निकाली गई जो गोड्डा कॉलेज से चलकर समाहरणालय तक गयी. आजसू द्वारा प्रस्तावित सामाजिक न्याय रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी थी. इस मौके पर केंद्रीय कार्यसमिति आजसू सदस्य दीपक मंडल ने कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में विफल रही है. अभ्यर्थियों की उम्र समाप्त हो रही है, ऐसे में सरकार को उम्र में छूट के साथ ही वेकैंसी देने को जरूरत है. वहीं आजसू जिला अध्यक्ष सुरेश महतो ने कहा कि झारखंड सरकार को स्थानीय नीति लागू हर बेरोजगार युवा को नौकरी देनी चाहिए अन्यथा आजसू सरकार की गलत नीतियों का लगातार विरोध करती रहेगी.

जमशेदपुर में प्रदर्शन: 

जमशेदपुर में भी झारखंड सरकार की नीतियों के खिलाफ आजसू द्वारा सामाजिक न्याय मार्च निकाली गई. पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस के नेतृत्व में निकलने वाली पैदल मार्च में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए. राज्य के पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि झारखंड सरकार अपने वादे को निभाने में विफल रही है. सरकार आम जनता और युवाओं को ठगने का काम कर रही है.

जमशेदपुर : 12 घंटे चली छापेमारी के बाद ईडी की टीम वापस लौटी, कई अहम दस्तावेज बरामद

जमशेदपुर के कदमा जीपी स्लोप स्थित लौंगिया अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 1-ए में गुरुवार सुबह ईडी की टीम छापेमारी करने पहुंची थी. यह फ्लैट रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन की है.

उक्त फ्लैट में छवि रंजन के माता-पिता रहते थे. फिलहाल यह फ्लैट खाली पड़ा था. इधर 12 घंटे की छापेमारी के बाद शाम 6.10 बजे ईडी की टीम वापस लौट गई. इस दौरान टीम को कई अहम दस्तावेज मिले हैं. जिसमें जमीन से जुड़े कागजात भी शामिल होने की आशंका है. छापेमारी टीम में एक महिला समेत छह लोग शामिल थे.

आईएएस अधिकारी छवि रंजन को जिन मामलों को लेकर ईडी संदेह के दायरे में रखकर छापेमारी कर रही है. इसमें रांची के करम टोली में सेना की 4.55 एकड़ जमीन को गलत तरीके से बेचने, कई जमीनों की रजिस्ट्री, उसका म्यूटेशन भी गलत तरीके से कराने का मामला शामिल हैं. इस मामले के संज्ञान में आने के बाद रांची नगर निगम की ओर से बरियातू थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. वहीं रांची नगर निगम के कर संग्रहकर्ता दिलीप शर्मा ने जालसाजी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि प्रदीप फर्जी दस्तावेज दिखाकर दो-दो होल्डिंग ले लिया था. आयुक्त की जांच में सेना के कब्जे वाली जमीन का असली रैयत जयंत करनाड मिले थे.

Jamshedpur Police Action – कदमा शास्त्रीनगर हिंसा के बाद पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, हिंदुत्व नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में भड़काऊ बाते पोस्ट करने वाले तीन गिरफ्तार

जमशेदपुर : हाल ही में जमशेदपुर के कदमा शास्त्रीनगर में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक घटना के बाद जमशेदपुर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया फेसबुक एवमं व्हाट्सएप ग्रुप पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है. इस क्रम में बुधवार को तकनीकी माध्यम से पुलिस क़ो जानकारी मिली कि जमशेदपुर के कुछ लोगों के द्वारा एक हिंदुत्व नाम से व्हाट्सएप ग्रुप क्रिएट कर चैटिंग के माध्यम से किसी खास समुदाय/वर्ग के लोगों के धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने की योजना बनाई जा रही थी, जिसमें पुलिस ने तीन को गिरफ्तार किया है. 

पुलिस ने इसका पता तकनीकी साक्ष्य से की है. इस दौरान हिंदुत्व ग्रुप के ग्रुप एडमिन धतकीडीह हरिजन बस्ती का सुब्रतो मुखी सहित धार्मिक उन्माद फैलाने वाले दो अन्य व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. वहीं अन्य दो सदस्यों में धतकीडीह का ही ऋषभ मुखी (19) और कदमा निवासी अंकित मुखी (20) से भी पूछताछ की गयी. इस सभी ने धार्मिक उन्माद फैलाने में अपनी संलिप्तता की बात को स्वीकार किया है. इसके पश्चात उन सभी के पास से उपरोक्त व्हाट्सएप ग्रुप से सम्बंधित मोबाइल फोन को जब्त कर उनकी गिरफ्तारी पश्चात न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जायेंगा.

झारखंड से वाराणसी-छत्तीसगढ़ के लिए बनेगी फोरलेन सड़क, इन राज्यों से भी बढ़ेगी कनेक्टिविटी

झारखंड में नेशनल हाई-वे का लगातार विस्तार हो रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की जल्द शुरू होने जा रही 7 नई परियोजनाओं से राजधानी रांची की पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और ओडिशा से फोर लेन कनेक्टिविटी का नया विकल्प उपलब्ध हो जाएगा।

पश्चिम बंगाल फोरलेन-सिक्स लेन पर काम जारी
दूसरी ओर कोलकाता, पश्चिम बंगाल फोर लेन और सिक्स लेन हाई-वे पर काम जारी है। जबकि रांची से पटना, बिहार के बीच फोर लेन कनेक्टिविटी के लिए भी काम चल रहा है। वहीं कोलकाता-वाराणसी के बीच छह लेन एक्सप्रेस-वे का झारखंड की सीमा में 203 किमी निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रांची से छत्तीसगढ़ कॉरिडोर के लिए लिट्टीबेड़ा से रांची के बीच 119 किमी फोर लेन के निर्माण पर करीब तीन हजार करोड़ रुपये का खर्च होगा। इसके बनने से दोनों राज्यों के बीच आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। यह एक बहुप्रतिक्षित परियोजना है। इसकी निविदा प्रक्रिया जून तक कर लेने के लिए एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से मुख्यालय दिल्ली को प्रस्ताव भेजा जाएगा। पर्यावरणीय क्लीयरेंस मिल गया है।

राजधानी रांची को पड़ोसी राज्यों से जोड़ा जाएगा
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि झारखंड की राजधानी से पड़ोसी राज्यों की राजधानी के बीच तीव्र फोर लेन कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने की दिशा में कारगर कदम उठाए गए हैं। कुछ परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जबकि कुछ के लिए जल्द निविदा निकालने के स्तर पर काम हो चुका है।

रांची-छत्तीसगढ़ फोर लेन कॉरिडोर

1. लिट्टीबेड़ा से रांची के बीच 119 किमी फोर लेन हाई-वे के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव दिल्ली भेजा जा रहा है। यह करीब 3000 करोड़ की परियोजना है।

2. झारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर से गुमला के बीच 32 किमी लंबा फोर लेन हाई-वे बनेगा। इस पर करीब 1000 करोड़ की लागत आएगी। गुमला से छत्तीसगढ़ के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

रांची-वाराणसी कॉरिडोर

3. एनएच 75 भोगू से शंखा तक 49.33 किमी फोर लेन हाई-वे बनाने में 1397 करोड़ रुपये खर्च होंगे। निर्माण एजेंसी का चयन पूरा हो चुका है। समझौता हस्ताक्षर के बाद काम शुरू होगा। इससे रांची और उत्तर प्रदेश के बीच एक और फोर लेन कनेक्टिविटी मिल जाएगी।

4. एनएच 75 पर उदयपुरा से भोगू तक 49 किमी फोर लेन हाई-वे बनाने में 1618 करोड़ की लागत आएगी। निर्माण एजेंसी का चयन कर लिया गया है। समझौता हस्ताक्षर के बाद जल्द कार्यादेश जारी होगा।

छह लेन एक्सप्रेस-वे

5. कोलकाता – वाराणसी के बीच छह लेन एक्सप्रेस-वे का झारखंड की सीमा में 203 किमी निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। झारखंड सीमा में परियोजना लागत 10 हजार करोड़ आंकी गई है।

देवघर बाइपास

6. एनएच 333 और एनएच 133 पर देवघर बाईपास फोर लेन कर बनना है। इसकी लंबाई 48.08 किमी होगी। निर्माण लागत 1672 करोड़ रुपये। निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जमशेदपुर डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर

7. एनएच 33 पर डबल डेकर एलिवेटेड रोड कालीमंदिर से डिमना चौक बालिगुमा (जमशेदपुर) के बीच बनेगा। इसकी लंबाई 10 किमी और लागत 1876 करोड़। इस परियोजना के लिए भी निविदा निकाल दी गई है।

चीनी लोन ऐप कैसे डेटा चुरा गंदी तस्वीरों से करते हैं ब्लैकमेल, कैसे बचें और कहां करें शिकायत

चिनी लोन ऐप से लोगों को ठगने वाले गिरोह ने पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने कई खुलासे किए हैं। आरोपी लोगों के मोबाइल का निजी डाटा चीनी कंपनी के सर्वर पर अपलोड करने के बाद ही रुपये जारी करते हैं।

इसके बाद इन्हीं निजी डाटा के जरिए लोगों से वसूली करते हैं। जो लोग लोन लौटाने में देरी करते हैं या मना करते हैं उनकी फोटो अश्लील बनाकर सार्वजनिक करने की धमकी देते हैं। ऐसे में लोग डरकर ब्लैकमेलिंग का शिकार हो जाते हैं। आरोपी लोन के लिए कंपनी का ऐप डाउनलोड कराते हैं। ऐप आपके संपर्क, गैलरी और अन्य मीडिया में जाने की अनुमति मांगती है। अधिकांश लोग इसे बिना पढ़े ही अनुमति दे देते हैं। जो इसे पढ़कर अनुमति नहीं देते, उनकी लोन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती। संपर्क विवरण, चैट, गैलरी फोटो निकालकर चीनी कंपनी के सर्वर पर अपलोड कर देते हैं। इसके बाद लोन के रुपये जारी करते हैं।

डिंग टॉक ऐप से लेते हैं विवरण

आरोपी चीन के डिंग टॉक समेत अन्य ऐप से जुड़े भारतीय लोगों का डाटा लेते हैं। इसके बाद उनके मोबाइल पर लोन के लिए मैसेज भेजते हैं। मैसेज में वह बिना दस्तावेज और आसानी से मिलने वाला लोन बताते हैं। जिन लोगों को छोटे लोन की जरूरत होती है, वह इनके झांसे में आ जाते हैं।

14 जुलाई 2022 को हिमांशु गोयल ने शिकायत दी कि फेसबुक पर लोन का विज्ञापन देखा था। उन्होंने ऑन स्ट्रीम नाम का ऐप डाउनलोड की और 6870 रुपये का लोन मिल गया। बाद में उन्हें परेशान कर एक लाख रुपये तक जमा करा लिया गया। पुलिस ने द्वारका सेक्टर-सात में फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर चार लोगों को पकड़ा था।

मजनू का टीला निवासी नरेश भाटी ने शिकायत दी थी कि उनके पास एक महिला का फोन आया। उसने धमकाया कि उनकी बेटी ने तीन हजार रुपये का लोन लिया है और रुपये जमा नहीं किए तो बेटी के अश्लील फोटो वायरल कर देंगे। उनकी बेटी का अश्लील फोटो भी उनके पास भेजा गया था।

● सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले लुभावने लोन लेने से बचें

● किसी भारतीय कंपनी से लोन लेने का प्रयास करें

● किसी भी लोन के बारे में बैंक में जाकर ही पूरी जानकारी लें।

● सस्ते और आसान तरीकों से लोन देने का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं ठग

● जिले के साइबर सेल थाने में शिकायत दें

● 1930 नंबर पर सूचना दें

● www.cybercrime.gov.in पर मेल करें

भाजमो की जांच कमिटी विहिप नेता अवतार सिंह गांधी से मिली

भाजमो जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव के नेतृत्व में भाजमो नेताओं ने विहिप नेता अवतार सिंह गांधी से मुलकात की. सुबोध श्रीवास्तव ने कदमा शास्त्रीनगर हिंसा मामले में निर्दोष युवाओं की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की.

वहीं भाजपा नेता अभय सिंह के परिजनों से मिलकर अपनी आत्मीयता प्रकट की.प्रतिनिधिमंडल में भाजमो युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अमित शर्मा, पूर्वी संयोजक अजय सिन्हा, जिला कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद सहित अन्य ने विहिप नेताओं से मिलकर कहा की कदमा शास्त्रीनगर हिंसा मामले में विहिप के निर्दोष कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के संबंध में विहिप जो भी निर्णय लेगी, भाजमो उसका पूर्ण समर्थन करेगी. सुबोध श्रीवास्तव ने कहा की कदमा में हुई हिंसक घटनाओं में बेकसूर नौजवानों एवं अधिवक्ताओं को अकारण प्रशासन द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की घटना पूणतः अन्यायपूर्ण है और लोकतांत्रिक व्यवस्था का हनन है.

सुबोध श्रीवास्तव ने बताया कि विश्व हिंदु परिषद हिंदु समाज का प्रमुख संगठन है. इसीलिए भाजमो विहिप के मार्गदर्शन में आगे की रणनीति तय करेगी और विहिप के आह्वान पर जो भी निर्णय लिया जाएगा उसमें भाजमो जमशेदपुर महानगर के तमाम कार्यकर्ता पुरी ताकत के साथ अपना पूर्ण समर्थन देंगे. दूसरी ओर भाजमो जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने भाजपा नेता अभय सिंह के घर जाकर उनके परिजनों से भी मुलकात की. भाजपा नेता अभय सिंह के भाई निर्भय सिंह मे मिलकर भाजमो के तरफ से हिंदुत्व की लड़ाई में शत-प्रतिशत समर्थन प्रदान करने का आश्वासन दिया. श्री श्रीवास्तव ने कहा की भाजमो जमशेदपुर महानगर की जांच समिति भी सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है.

विकास की राजनीति भाजपा का दिखावा, सांप्रदायिक ताकतों को देती है प्रश्रय: जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन

जनता दल यूनाइटेड (जद-यू) के राष्ट्रीय महासचिव राजीव रंजन ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विकास की राजनीति का दिखावा करती है जबकि उसकी वास्तविकता सांप्रदायिक माहौल बिगाड़कर मतों का ध्रुवीकरण करना है।

बिहार के सासाराम और बिहारशरीफ के बाद पड़ोसी राज्य झारखंड के जमशेदपुर में हुए दंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा कि भाजपा सांप्रदायिक ताकतों को प्रश्रय देती है।

उन्होंने कहा, ”अभी सासाराम और बिहारशरीफ में हुए उपद्रवों को शांत हुए चंद दिन भी नहीं बीते कि वैसे ही मुद्दों पर जमशेदपुर सुलगने लगा है। क्षोभ का विषय है कि यहां भी दंगे फैलाने में भाजपा नेता का ही नाम आ रहा है।”

जद (यू) प्रवक्ता ने सवाल किया कि भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि देश के किसी भी हिस्से में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की घटना के तार उसके या उसके समर्थक संगठनों से क्यों जुड़ जाते हैं?

एक बयान में उन्होंने कहा, ”किसी भी राज्य का माहौल बिगाड़ कर वोटों की खेती करने में भाजपा को विशेषज्ञता हासिल है। दिखावे के लिए विकास की राजनीति करने का दावा वह जरूर करती है लेकिन इनका विकास कुछ ख़ास पूंजीपतियों के दरवाजे से आगे नहीं बढ़ पाता है।”

रंजन ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा, इसलिए जहां वह सत्ता में नहीं है, वहां ‘उपद्रवों’ में लिप्त नजर आ रही है।

उन्होंने दावा किया, ”इस बात की पूरी आशंका है कि आगे भी वे देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बिगाड़ने की हरसंभव चेष्टा करेंगे।”

जमशेदपुर में निषेधाज्ञा अब भी लागू, स्थिति सामान्य हो रही है : पुलिस

झारखंड के जमशेदपुर शहर में निषेधाज्ञा लागू रहने के साथ ही स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

शहर के शास्त्रीनगर इलाके में एक धार्मिक झंडे के कथित अपमान को लेकर रविवार को दो समूहों के बीच झड़प हो गई।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि स्थिति बिल्कुल सामान्य है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं जबकि शहर में रविवार को लगाई गई निषेधाज्ञा अब भी लागू है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान इस बात से इनकार किया कि धार्मिक झंडे पर मांस का एक टुकड़ा लगा हुआ था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा एक धार्मिक झंडे के अपमान के बारे में अफवाह फैलाई गई, जिसके परिणामस्वरूप यहां शास्त्रीनगर इलाके में विभिन्न समुदाय के दो समूहों के बीच झड़प हो गई।

उन्होंने कहा कि प्लास्टिक में मांस का एक टुकड़ा एक तार में थोड़ा ऊंचा लटका हुआ था, यह तार एक पोल से रस्सी से बंधे हुए धार्मिक झंडे को सहारा देने के लिए बंधा हुआ था।

एसएसपी ने कहा कि मांस के टुकड़े को ऊंचाई पर लटका दिया गया था ताकि आवारा कुत्तों को इलाके में इधर-उधर घूमने से रोका जा सके और ऐसा पहली बार नहीं हुआ है।

हिंसा के सिलसिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो नेताओं सहित कुल 70 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जमशेदपुर : शिक्षक के प्रयास से बालश्रम से मुक्त हुई 12 वर्षीय पूरी सबर, पहुंची स्कूल

पोटका प्रखंड के टांगराईन गांव में दूसरों के घरों में काम करके अपनी माता का भरण पोषण करती की आदिम जनजाति की 12 वर्षीय पूरी सबर को टांगराईन उत्क्रमित मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरविन्द तिवारी के अथक प्रयास से पूरी सबर को बालश्रम से मुक्ति मिली.

अरविंद तिवारी ने पूरी सबर को स्कूल में दाखिला कराया. उल्लेखनीय है की टांगराईन स्कूल के प्रधानाध्यापक अरविन्द तिवारी लगातार प्रयास कर आदिम जनजाति के बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का काम कर रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने मंगलवार को 12 वर्षीय लड़की पूरी सबर को बालश्रम से मुक्त कराया.

12 वर्ष की पूरी अभी तक एक बार भी स्कूल नहीं गई है. उसके बारे में जानकारी मिलने पर प्रधानाध्यापक उसे किसी तरह समझा-बुझाकर विद्यालय लाए. लेकिन बच्ची शर्म और डर से स्कूल आना नहीं चाह रही थी. दूसरे दिन बुधवार को भी लगातार पूरी को जाकर विद्यालय लाया गया. आदिम जनजाति सबर बच्ची को नए ड्रेस और चप्पल प्रधानाध्यापक ने दिये. 2 महीने के अंदर ही प्रधानाध्यापक ने छह सबर बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराकर विद्यालय से जोड़ाहै. पूरी सबर के पिता की मौत 2 महीने पहले कैनाल में डूबने से हो गई थी. मालूम हो कि आदिम जनजाति के लोगों की स्थिति गरीबी और नशाखोरी के कारण काफी दयनीय है. बच्चे स्कूल जाने के बजाए विभिन्न घरों में धांगड़ (बाल श्रमिक) का कार्य करते हैं.

कदमा के शास्त्री नगर में महावीरी झंडा के बांस में मिले मांस के टुकड़े का विवाद गहराया, हिंसा, आगजनी, पथराव

जमशेदपुर: उपद्रवियों द्वारा जमशेदपुर को साजिश के तहत अशांत करने की साजिश फलीभूत होता नजर आ रहा है. रामनवमी से शुरू हुआ विवाद अंदर ही अंदर अचानक सुलग उठा, और शनिवार को महावीरी झंडा उतारने के दौरान शास्त्री नगर ब्लॉक नंबर 3 स्थित जटाधारी हनुमान मंदिर के चौक पर झंडे के बांस में बंधे मांस के टुकड़े के बाद विवाद इस कदर भड़का कि रविवार देर शाम आते आते हिंसक रूप ले लिया।

बता दें कि शनिवार को जमशेदपुर के कदमा थाना अंतर्गत शास्त्री नगर ब्लॉक नंबर 3 स्थित जटाधारी हनुमान अखाड़ा का झंडा उतारने के दौरान झंडे के बांस में मांस का टुकड़ा पाया गया था। जिसे पॉलिथीन में लपेटकर बांधा गया था. जिसके बाद हिंदूवादी संगठन आक्रोशित हो उठे और जमकर बवाल काटा। देखते ही देखते दोनों समुदाय के लोग आमने- सामने हो गए। हालांकि शनिवार को किसी तरह प्रशासन ने समझा- बुझाकर मामले को शांत कराया. इधर रविवार को मंदिर कमेटी के लोग मंदिर में बैठक कर रहे थे। इसी दौरान दूसरे समुदाय के लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी. जिसके बाद लोग आक्रोशित हो उठे और दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई. हिंसा और आगजनी में कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए. दुकानों में आग लगा दी गई। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची. पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस हिंसक झड़प में 5- 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए. जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। उधर जिले के तमाम आला अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं. उधर प्रशासन ने बढ़ते हिंसा को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी है।

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