जमशेदपुर:- टेल्को क्षेत्र के झगरू बगान शिव मंदिर के प्रांगण में वगत कई दिनों से मंदिर के प्रांगण में पानी की समस्या हो रही थी। तथा पूजा पाठ करने में दिक्कत होती थी और गर्मी को देखते हुए पीने का पानी की समस्या बढ़ गई थी।।
बस्तीवासियों ने माननीय विधायक श्री सरयू राय से मंदिर के प्रांगण में डीप बोरिंग करवाकर चापाकल लगवाने का आग्रह किया। इस अवसर पर भाजमो नेता नवीन कुमार ने बताया की मंदिर के प्रांगण में पानी की धोर समस्या थी। और बताया की बोरिंग निर्माण से लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मिल पाएगा। और आज मंदिर के प्रांगण में डीप बोरिंग करवाने का काम शुरू किया गया। इस काम के लिए बस्ती वासियों ने विधायक सरयू राय का तहे दिल से आभार प्रकट किया। मौके पर उपस्थित लक्ष्मीनगर मंडल अध्यक्ष विनोद राय, सोमनाथ, नवीन कुमार, करनदीप सिंह व अन्य बस्तीवासी उपस्थित थे।
जमशेदपुर : आज टेल्को क्षेत्र के जम्को आजाद बस्ती में मिश्रा बागान के तरफ वगत 40 वर्षों से जो पेड़ लगे थे उसको बुधवार को पांच पेड़ों को जड़ से ध्वस्त कर दिया गया। जिसमें कल एक पेड़ को विरोध के बाद बस्ती वासियों ने काटने से मना किया और गुरुवार को सुबह उसे पेड़ को काटने प्रबंधन की टीम पहुंची जिसका बस्ती वासियों ने भारी विरोध किया और काम को बंद करवाया।
काम बंद की सूचना पाकर गुरुवार को कंपनी प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची तथा बस्ती वासियों ने कहा की पेड़ काटने से पहले वन विभाग की लिखित परमिशन दिखाइए तब पेड़ों को काटिए अन्यथा छोड़ दीजिए। बस्ती वासियों ने कहा कि कंपनी प्रबंधन पेड़ इसलिए काट रही है क्योंकि इसको मेन रोड बनाना है। जबकि बगल में बस्ती है। छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस रोड में शाम के समय में निकलते हैं तथा आवागमन करते हैं। तब आए दिन दुर्घटना की संभावना रहेगी। बड़े-बड़े ट्रक और हाईवे इस रोड से पार होंगे। इसलिए बीच के पेड़ों को काटा जा रहा है।
बस्ती वासियों का कहना है कि इतनी बड़ी क्षेत्र की आबादी में बगल के जम्को मैदान में कांबी मिल कंपनी बन रही है इतना पॉल्यूशन होगा और पेड़ों को काटा जा रहा। तब बस्ती वासियों का हाल पूछने कौन आएगा। मौके पर पहुंची प्रबंधन की टीम ने बस्ती वासियों को आश्वासन दिया है की हम ड्रेनेज सिस्टम बना कर देंगे तथा प्लांटेशन करवाएंगे और रोड के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट भी लगवा कर देंगे।
मौके पर उपस्थित महेश मिश्रा, पप्पू कुमार, संतोष झा , पंकज झा, करनदीप सिंह, नमन ,रौनक, गीता देवी, मनजीत सिंह, पप्पी पाजी वह अन्य उपस्थित थे।
जमशेदपुर : पत्रकारिता जगत के (भीष्म पितामह) श्री राधे श्याम अग्रवाल जी की श्रद्धांजलि सभा मे उपस्थित होकर भावुक हो उठे सोनारी शांति समिति के सचिव सह अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू। पप्पू ने उदितवाणी के संस्थापक संपादक राधेश्याम अग्रवाल के निधन को पत्रकारिता जगत के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है।
अखबार एवं पत्रकारिता जगत का जब भी इतिहास लिखा जायेगा श्री राधे श्याम अग्रवाल जी का देन स्वर्ण अक्षरों में लिखा रहेगा। 1980 के दशक में उन्होंने इस औद्योगिक शहर में दैनिक उदितवाणी की स्थापना की और नागरिकों को सामाजिक, संस्कृति और आर्थिक रूप से संवेदनशील बनाया। इन 40 साल में शहर में जो कुछ उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से दिया है, वो देन अनुपम है।
उनकी देन है कि शहर में कई लोगो को उन्होंने कलम का सिपाही बनाया जो आज देश में बड़ी भूमिका अदा कर रहे हैं और काफी नामचीन है। श्री राधे श्याम अग्रवाल जी की विचार, व्यवहार और कार्य कुशलता हमेशा सभी के दिलों में एक सुनहरा यादगार बनकर स्मरण रहेगा। सुधीर कुमार पप्पू ने आज भी उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना किये है कि ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे और पत्रकारिता के जगत के (भीष्म पितामह) श्री राधेश्याम अग्रवाल जी को पत्रकारिता जगत में अमर बनाए रखें।
श्रद्धांजलि सभा मे पप्पू जी के साथ पत्रकार अन्नी अमृता, सिद्धनाथ दुबे, रामकंडेय मिश्रा, शेखर प्रसाद, वरीय सामाजिक कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा, सुनील गुप्ता (बागबेड़ा पंचायत समिति) और सोनारी थाना शांति समिति के सदस्य राहुल भट्टाचार्जी भी मौजूद रहे और सभी ने भक्ति पूर्ण भाव से श्री राधे श्याम अग्रवाल जी को श्रद्धांजलि अर्पित किया।
जमशेदपुर : टेल्को क्षेत्र के जम्को ग्राउंड में मिश्रा बागान के तरफ 40 सालों से जो पेड़ लगे थे उसको बुधवार को प्रबंधन द्वारा काटा गया। वही स्थानीय निवासी करनदीप सिंह ने बताया की हमारे क्षेत्र में पेड़ों की लगातार पेड़ों की अवैध कटाई चल रही है। जिसकी जानकारी क्षेत्रवासी ने वन विभाग को देने के बावजूद भी 5 पेड़ो को आज जड़ से खत्म कर दिया गया।
उन्होंने कहा की लगातार पेड़ों की अवैध रूप से कटाई पर वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। आने वाले दिनों में क्षेत्र का बहुत बुरा हाल हो जाएगा। जिस प्रकार तापमान दिन से दिन बढ़ता जा रहा है। और वन विभाग को इस विषय में संज्ञान लेना जरूरी है। किसी तरह आज बस्ती वासियों के विरोध करने से एक आम के पेड़ को बचाया गया।
जमशेदपुर : जम्मू कश्मीर में धार्मिक यात्रा पर निकले हिन्दू श्रद्धालुओं पर माता वैष्णों देवी कटरा से शिव खोडी दर्शन को जाते समय 9 जून को इस्लामिक जेहादी पाकिस्तान पोषित आतंकवादियों ने घात लगाकर शिव खोडी के निकट बस के ऊपर अंधाधुंध गोलीबारी कर बस चालक सहित 10 तीर्थ यात्रियों की निर्मम हत्या कर दी। जिससे देशभर में भारी आक्रोश व्याप्त है।
हिन्दू तीर्थ यात्रियों की हत्या के विरुद्ध 12 जून 2024 को बजरंग दल द्वारा सम्पूर्ण देशभर में जिला केन्द्रों पर आतंकवादी हमले में मारे गए हिन्दू तीर्थयात्रियों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए – पाकिस्तान पोषित इस्लामिक जेहादी आतंकवाद का पुतला फूका गया। जमशेदपुर मे बजरंगदल महानगर के नेतृत्व मे साकची गोलचक्कर पर पाकिस्तान सरकार का पुतला फूका गया।
भारत सरकार जल्द इस हमले का बदला ले और बजरंगदल संगठन के कार्यकर्तागण इस कायरपूर्ण हमले से डरने वाले नही है , प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बजरंगदल जमशेदपुर इन कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के विरोध मे 7 अगस्त को 30 सदस्य टीम के साथ बूढा अमरनाथ तथा वैष्णो देवी यात्रा के लिए जमशेदपुर से रवाना होगी। विरोध प्रदर्शन मे प्रांत, विभाग और महानगर, प्रखंड के अधिकारीगण रहे।
जमशेदपुर : जमशेदपुर सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने झारखंड उच्च न्यायालय कर रजिस्ट्रार जनरल, को लोक अदालतों को सुधारने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं, जो जन साधारण के जागरूकता और भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उनके द्वारा दिये गए विस्तार पूर्वक है।
जनसाधारण जागरूकता अभियान:
समाचार पत्रों, रेडियो, टेलीविजन, और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से व्यापक अभियान शुरू करें, ताकि जनता को आगामी लोक अदालतों के बारे में सूचित किया जा सके। समुदायों में कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन करें, ताकि लोगों को लोक अदालतों के लाभों के बारे में जानकारी मिल सके और वे इस माध्यम के माध्यम से अपने विवादों का समाधान कर सकें।
पंचायत मुख्य का सहयोग:
पंचायत के मुख्य के साथ सीधा संपर्क स्थापित करें, ताकि उनके क्षेत्र में लोक अदालतों को प्रोत्साहित करने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। पंचायत मुख्य को लोक सभाओं और मीटिंगों के दौरान लोक अदालतों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित करें। अभिगम्यता और समावेशता:
सुनिश्चित करें कि लोक अदालतों को सभी के लिए पहुँचने योग्य हो, चाहे वह उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि हो, इसे सुगम स्थानों और समय पर सत्रों का आयोजन करके सुनिश्चित किया जा सकता है। स्थानीय भाषाओं में जानकारी प्रदान करें, ताकि जनसाधारण की भाषाई विविधता को पूरा किया जा सके।
पारदर्शी प्रक्रिया:
सुनिश्चित करें कि लोक अदालतों के कार्यक्रम में पारदर्शिता बनी रहे, जिसमें संप्रेषकों को प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों को स्पष्ट रूप से समझाया जाए। संबंधित संप्रेषकों द्वारा उठाए गए किसी भी समस्या या शिकायत को संबोधित करने के लिए प्रतिक्रिया और शिकायत समाधान के लिए तंत्र स्थापित करें। गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और समुदाय-आधारित संगठनों के साथ सहयोग:
गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और समुदाय-आधारित संगठनों के साथ साझेदारी करें, ताकि लोक अदालतों के प्रचार में संलग्नी और असहाय वर्गों तक पहुंचा जा सके, जिन्हें लोक अदालतों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं का लाभ हो सकता है। इन संगठनों के मौजूदा नेटवर्क और संसाधनों का उपयोग करके लोक अदालतों के प्रचार और प्रभावकारिता को बढ़ावा दिया जा सकता है। इन सुझावों को लागू करके, लोक अदालतों की जनसाधारण जागरूकता, सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित कर सकते हैं, और सुनिश्चित कर सकते हैं कि पहुँचने, समावेशता, और पारदर्शिता के सिद्धांतों का पालन किया जाता है।
लचीला दंड समाधान:
लोक अदालत की प्रक्रिया के दौरान दंड लगाने की मामले में लचीलापन को अनुमति दें। लोक अदालत प्रक्रिया में शामिल जजों या मीडिएटर्स को प्रत्येक मामले को विशेषज्ञता से मूल्यांकित करने और विशेषज्ञता के आधार पर धनराशि या अन्य राहत के रूप में दंडों की बातचीत करने की अधिकार प्रदान करें। उन विशेषज्ञों को सहायक जानकारी प्रदान करें, जो लोक अदालत प्रक्रिया के भागीदारों के बीच लाभों को चर्चा करने की अवसर प्रदान करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, जिससे कि उन्हें प्रक्रिया में भाग लेने की प्रेरणा मिले। सुनिश्चित करें कि दंडों की बातचीत को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जाता है, जिसमें दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखा जाता है। यह आखिरकार लोक अदालत प्रक्रिया को आकर्षक बनाता है जिसे भागीदार अधिक संवेदनशील होने की संभावना है, जो उन्हें यह जानकर अधिक प्रवृत्त कर सकती है कि उन्हें उनके लगाए गए दंडों की वित्तीय भारी योजना पर चर्चा करने का अवसर मिला है। इससे आखिरकार समझौतों की अधिक दरें और लोक अदालत प्रक्रिया के माध्यम से विवादों का अधिक दक्ष निराकरण हो सकता है।
सत्यनिष्ठ प्रक्रिया में न्याय:
लोक अदालतों में न्याय और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए कठोर दिशानिर्देश लागू करें, जिसमें सभी संप्रेषकों के न्यायमूल्य सम्मानित किए जाते हैं। लोक अदालतों में सम्मिलित जजों, मीडिएटर्स, और अन्य कर्मचारियों के लिए उपयुक्त प्रशिक्षण और निरंतर शिक्षा प्रदान करें, ताकि न्याय और न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखा जा सके। न्याय की प्रक्रिया के संचालन को मॉनिटर और मूल्यांकन करने के लिए तंत्र स्थापित करें, ताकि पूर्णता के आधार पर भेदभाव या भेदभाव के किसी भी घटना को पहचाना और संबोधित किया जा सके।
सुधारी गई पहुंच:
ग्रामीण और अनुपयोगी क्षेत्रों में आवासीय संख्या में वितारित स्थानों पर अदालतों का आयोजन करके लोक अदालतों की पहुंच को बढ़ावा दें। दूरसंचार और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स जैसी तकनीक का उपयोग करें, ताकि व्यक्तियों को अदालतों के सत्रों में सहभागी बनाना सरल हो। ताकि विभिन्न संदर्भों की एक विविध दर्शक तक पहुंचने के लिए लोक अदालतों के सत्रों की तिथियों, समयों, और स्थानों के बारे में जानकारी को कई माध्यमों के माध्यम से व्यापक रूप से वितरित किया जा सके।
योग्य समय सारणी:
सत्रों को उन समयों पर कार्यान्वित करें जो प्रतिभागियों के लिए सहज हों, जैसे शाम और सप्ताहांत, ताकि उनमें से एक भी कार्य या परिवार के समय की अनुपस्थिति की आवश्यकता हो। स्थानीय अधिकारियों और समुदाय के नेताओं के साथ समय के लिए आदर्श की पहचान करने के लिए समय को निर्धारित करें, जो लक्ष्य जनसंख्या की उपलब्धता और प्राथमिकताओं के आधार पर किया जा सकता है। परिस्थितियों और आपातकालीन परिस्थितियों को संभालने के लिए गतिशीलता में लचीलापन बनाए रखने के लिए अनुमति दें।
“सस्ता, सुलभ, समय” का नारा हिंदी में अनुवादित होता है। यहाँ यह दिखाया गया है कि लोक अदालतें कैसे इस नारे का पालन कर सकती हैं:
लागत-कारगरता की सुनिश्चिति (सस्ता):
लोक अदालतों के माध्यम से न्याय तक पहुंचने के लिए लगी गई लागत को कम करने के उपाय को लागू करें, जैसे कि आर्थिक रूप से कमजोर पक्षों के प्रतिभागियों के लिए शुल्कों का माफ़ या कम करना। लोक अदालतों के प्रशासनिक प्रक्रियाओं को संभालने के लिए अप्रयुक्त खर्चों को कम करने के लिए प्रक्रियाओं को संक्षिप्त करें और सुनिश्चित करें कि लोक अदालतों को सौजन्य से निर्धारित संसाधनों का चयन किया जाता है। पहुंचता में सुधार (सुलभ):
विभिन्न स्थानों पर उपयुक्त समय पर सत्रों का आयोजन करके लोक अदालतों की पहुंच को बढ़ावा दें, विशेष रूप से ग्रामीण और असेवित क्षेत्रों में। दूरसंचार और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स जैसी तकनीक का उपयोग करें, जिससे व्यक्तियों को लंबे दूरी यात्रा करने की आवश्यकता के बिना उनके विवादों का समाधान करना सरल हो। समय का उत्तम उपयोग (समय):
लोक अदालतों के सत्रों के दौरान समय का उपयोग अच्छी तरह से करें, सुगम मामला प्रबंधन अभ्यासों को लागू करके और समाधान प्रक्रिया में कोई देरी के अवस्थान को न्यूनतम करके। प्रतिभागियों के लिए समय के अनुकूल सत्रों का आयोजन करें, सुनिश्चित करते हुए कि प्रक्रिया तत्काल और बिना अनावश्यक देरी के संचालित की जाती है। लोक अदालतों की स्थिति के अनुसार समय की अनुकूलनयों को सहयोगी साझेदारी के लिए संबोधित करना, जिसमें समुदाय के लोगों के उपलब्धता और पसंद के आधार पर समय की निर्धारण किया जाता है। लोक अदालतों के सत्रों को समय के अनुकूलता के लिए लचीले बनाए रखने के लिए असाधारण प्रयास किए जा रहे हैं।
सभी विधिक प्रक्रियाओं के अधीन सत्यनिष्ठ प्रक्रिया की सुनिश्चिति, लोक अदालतें “सस्ता, सुलभ, समय” नारे का पूर्णतया पालन करती हैं और समुदाय की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होती हैं।
प्रशंसा सबसे अधिक मामलों को न्यायसंगत और न्यायमूल्य ढंग से समाधान करने वाले पैनल को मान्यवर न्यायाधीशों द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए।
जमशेदपुर : अरमारी ग्राउंड में खेले गए जे० ऐस० ए० (ए डिविजन) के पहले मैच मे विज़न अपेक्स क्लब ने जे० ऐफ० सी० युथ को एक कड़ी चुनौती दी और 2-0 के स्कोर से जीत हासिल की। मैच की शुरुआत से ही विज़न अपेक्स फूटबाल क्लब ने जे० ऐफ० सी० युथ पर दबाव बनाया। टीम की रणनीतिक खेल और प्रभावी टीम वर्क मैच के दौरान लगातार दिखाई दी।
पहले हाफ टाइम मे ही विज़न अपैक्स के बुलान किस्कू ने जे० ऐफ० सी० युथ क्लब के खिलफ पहला गोल किया। दूसरे हाफ में प्रदीप मुर्मू ने दूसरा गोल करते हुए टीम को 2-0 से आगे कर दिया। इस जीत के साथ विज़न अपैक्स फूटबाल क्लब ने अपने सीजन के लिए एक मजबूत नींव रखी। टीम की जीत से क्लब के कोच सुमित नाग व सुशील हेम्ब्रोम, निरंजन सरदार, अभिमन्यु सिंह, विश्वजीत सिंह,अजय होनहागा व अन्य सदस्य और खिलाड़ी बड़े उत्साहित है।
सरायकेला – खरसावां : मानवाधिकार सहायता संघ के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने अपने पुत्र प्रद्युम्न कारूवा एवं परिवार के सुरक्षा संबंधी को लेकर एक मामला मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सरायकेला में 68/2024 के तहत मुकदमा दायर किया। ज्ञात हो कि चंपुआ न्यायालय में प्रद्युम्न कारूवा और अर्चना कारूवा के मध्य डायवोर्स और मेंटेनेंस का मामला विचाराधीन इसी क्रम में मेडियशन कक्ष में 28/05/24 को बोलानी ओडिशा निवासी दामोदर कारूवा एवं पुत्री अर्चना कारूवा ने चंपुआ न्यायालय मेडियशन कक्ष में कहा कि हमलोग जैसे राहुल कारूवा उर्फ राहुल मुखी को 13 /01/ 24 को अपराधकर्मियों द्वारा षड्यंत्र के तहत हत्या करवायें और सड़क दुघर्टना बताया गया, उसी तरह प्रद्युम्न कारूवा, सुमन कारूवा एवं पूरे परिवार के सदस्यों को अपराधकरमीयों द्वारा एक एक कर हत्या करवा देंगे।
इस विषय को गंभीरता से लेते सुरक्षा के मद्देनजर मानवाधिकार सहायता संघ महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सरायकेला में 68/24 के तहत मुकदमा दायर किया है कि भविष्य में मेरे पुत्र प्रद्युम्न कारूवा एवं परिवार के सदस्यों को किसी प्रकार हत्या होती है तो स्वयं दामोदर कारूवा पुत्री अर्चना कारूवा एवं षड्यंत्रकारी पत्नी ज्योत्सना रानी कारूवा एवं पुत्र पृथ्वी राज कारूवा मुख्य रूप से दोषी होंगे।
राजस्व वसूली में कमी को बनाया मुद्दा आरटीआई से मिली जानकारी को किया साझा, घटते राजस्व संग्रह पर जतायी चिंता। जमशेदपुर सामाजिक संस्था जन सत्याग्रह ने जेपी सेतु बस स्टैंड की बंदोबस्ती कराने की मांग मुख्यमंत्री से की है.
सोमवार को संस्था के अध्यक्ष मनजीत कुमार मिश्रा ने डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा. सौंपे गये ज्ञापन में राजस्व संग्रह में कमी को देखते हुए बस स्टैंड का जल्द से जल्द टेंडर कराने की मांग की है. मनजीत मिश्रा ने सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जमशेदपुर अक्षेस से मिली जानकारी को भी साझा किया है. जिसमें बताया कि वर्ष 2016-17 में पार्किंग शुल्क की वसूली विभागीय स्तर पर की जाती थी. उस समय 46 लाख 52 हजार 285.00 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. वर्ष 2017-18 में पार्किंग शुल्क और टेंडर होने से राजस्व वसूली बढ़कर 68 लाख 33 हजार 530.00 रुपये हो गयी. वर्ष 2018-19 में टेंडर होने से राजस्व वसूली बढ़कर 1 करोड़ 75 लाख 36 हजार 252 रुपये हुई. वर्ष 2019-20 में राजस्व वसूली घटकर 1 करोड़, 5 लाख 23 हजार 751 रुपये, वर्ष 2020-21 में टेंडर और विभागीय स्तर पर होने वाली वसूली घटकर सिर्फ 69 लाख 52 हजार 510 रुपये रही. विभागीय स्तर पर जमशेदपुर अक्षेस की राजस्व वसूली वर्ष 2021-22 में 48 लाख 11 हजार 650रुपये और वर्ष 2022-23 में यह रकम 90 लाख 75 हजार 140 रुपये रही. वित्तीय वर्ष 2023-24 में भी पार्किंग शुल्क की वसूली टेंडर नहीं होने से विभागीय स्तर पर की जा रही है. 1 अप्रैल 2023 से 31 जुलाई 23 तक जमशेदपुर अक्षेस को 38 लाख 79 हजार 833 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ. मनजीत मिश्रा ने पूरे मामले की जांच कराते हुए विभागीय की जगह टेंडर के माध्यम से राजस्व वसूली कराने की मांग सीएम से की है.
जमशेदपुर:- सिखों के पांचवे गुरु अर्जन देव जी की शहादत को याद कर सोमवार को सोनारी गुरुद्वारा के तत्वावधान में सोनारी एयरपोर्ट चौक पर चना एवम ठंडे शरबत का वितरण किया गया।सिख समाज के महिला पुरुषों के अलावा सोनारी थाना प्रभारी कुमार सरजू आनंद, सोनारी थाना शांति समिति के सचिव सह अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू , सोनारी शांति समिति के सदस्य प्रदीप लाल,सोनारी शांति समिति के सदस्य राहुल भट्टाचार्जी ने भी सेवा दी और आयोजनकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किये।
16 जून रविवार को सोनारी राम मंदिर के समीप चना शरबत प्रसाद वितरण शिविर लगाने का भी निर्णय लिया गया। सिख समाज के सरदार सुखविंदर सिंह ने कहा कि साहस, त्याग और बलिदान के प्रतिरुप सिख समाज के गुरुओ और उनके सिखों ने बलिदान देकर भारतवर्ष का गौरव बचाते रहे। पूरा भारत जनता है कि गुरु गोबिंद सिंह ने अपने चार सपूतों को मातृभूमि के लिए निछावर कर दिया था। उनके पितामह और पांचवे गुरु गुरु अर्जुनदेव जी ने भी मुगल शासको के अत्याचार के विरुद्ध अपने धर्म की लड़ाई में काफी प्रताड़ना और यातनाएं सहन करने के बावजूद भी अपने धर्म को नहीं छोड़ा और अपने धर्म के लिए अपने प्राण का बलिदान दिया। मुगल शासक जहांगीर ने गुरु अर्जुनदेव जी को भीषण गर्मी मे भूखे प्यासे खोलते पानी की कढ़ाई में डालकर धर्म परिवर्तन की चेष्टा की थी, पर नाकाम हुए थे। तभी से सिख समुदाय के लोग इस जेठ की चिलचिलाती गर्मी और धूप में राहगीरों को ठंडा मीठा पानी और चना शरबत वितरण करके अपने पांचवे गुरु अर्जुनदेव जी की शहादत दिवस को पालन करते हैं।आजके इस महान सेवा कार्यक्रम को मुख्य रूपसे सरबजीत सिंह बॉबी,सोनू भटिया,चरणजीत सिंह,सुखबिंदर सिंह,दलबीर,उपकार, सतनाम के मौजूदगी में संपन्न हुया।