जमशेदपुर : आज रविवार को टेल्को क्षेत्र के जेम्को बस्ती वासियों की राय जानने के लिए पहुंचे पूर्व सांसद डॉक्टर अजय कुमार बस्ती वासियों ने जेम्को मैदान के विषय जानकारी दी। और बताया की इतनी बड़ी क्षेत्र की आबादी में सिर्फ एक ही मैदान है अगर यहा मैदान कंपनी अपने अंदर ले लेगी तो हम सब बस्ती वासी जो सुबह शाम टहलते हैं जो बूढ़े-बुजुर्ग तथा छोटे-छोटे बच्चे खेलते हैं वह कहां जाएंगे। वही मौके पर पहुंचे बस्ती वासियों ने यह जानकारी दी की हम सभी बस्ती वासियों ने इस मुद्दे को सांसद महोदय, विधायक महोदय, डीसी साहब, मुख्यमंत्री साहब, जिला प्रशासन के पास समय-समय पर अपनी आवाज को उठाते रहते हैं।
वही स्थानीय निवासी अनील कुमार ने बताया की जो भी शुभचिंतक हमारे बीच आते हैं उसे मैदान की समस्या के विषय में जानकारी देकर कोई समाधान का रास्ता हम बस्ती वासी ढूंढते रहते हैं। वही डॉक्टर अजय कुमार ने कल सोमवार को सुबह 10:30 बजे अपने आवास में चर्चा के लिए बस्ती वासियों को बुलाया है। बस्ती वासियों का कहना है की हम सबको आगे आना है और मैदान बचाना यही हमारा संकल्प है।
जमशेदपुर : कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और जमशेदपुर के पूर्व सांसद एवं आईपीएस डॉ अजय कुमार ने आज बिष्टुपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जहां उन्होंने न्यूनतम मजदूरी का विषय उठाया, जिसे झारखंड सरकार ने इस साल मार्च में लागू किया है।
डॉ. अजय ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा बढ़ती हुई महंगाई को देखते हुई श्रमिको की न्यूनतम मजदूरी में बढोतरी संबंधी अधिसूचना 11 मार्च 2024 (न्यूनतम मजदूरी बढ़ोतरी अधिनियम 2024) को जारी करने के साथ ही प्रदेश में इसको लागू कर दिया गया था।
डॉ. अजय ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री चंपई जी से बात की है कि इस पर नजर रखी जानी चाहिए कि छोटे और बड़े व्यापारिक संगठन, उद्योग, कंपनियाँ इस नए न्यूनतम वेतन कानून का पालन करें और जो नए न्यूनतम वेतन कानूनों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनसे निर्देश दिया जाना चाहिए कि वे तुरंत हमारे मजदूरों को नए न्यूनतम मजदूरी अधिसूचना के अनुसार न्यूनतम मजदूरी देना शुरू करें। उन्होंने कहा कि अगर हमारे मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं मिल रही है तो ऐसे में मजदूर अपने एरिया के लेबर कमिश्नर ऑफिस में लिखित शिकायत कर सकते हैं।
जमशेदपुर : पूर्व सांसद सह कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवम् पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ अजय कुमार ने पत्रकार धर्मेंद्र कुमार को अपना प्रेस सलाहकार सह मीडिया प्रभारी बनाया है। उल्लेखनीय है कि धर्मेंद्र कुमार को 30 वर्षों का पत्रकारिता का अनुभव है। उन्होंने विभिन्न पत्र पत्रिकाओं एवम् न्यूज चैनल में विभिन्न पदों पर कार्य किया, वहीं वर्ष 2018 से 2020 तक जमशेदपुर उपायुक्त के प्रेस सलाहकार भी रह चुके है।
जमशेदपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत रविवार को बाराद्वारी के देवनगर में कोशिश संस्था के संरक्षक सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर सिंह के नेतृत्व में पौधरोपण किया गया। वहीं पौधे के बड़े होने तक संरक्षण की व्यवस्था की गई। पौधरोपण हूल क्रांति के महानायकों सिदो-कान्हो, चांद-भैरव व फुल-झानो और बलिदानियों को समर्पित किया गया।
समाजसेवी शिव शंकर सिंह ने कहा कि “पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन हेतु प्रत्येक व्यक्ति को अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक पेड़ लगानी चाहिए। धरती पर पेड़ पौधे होंगे तो हर साल बढ़ते तापमान, पर्यावरण प्रदूषण, ओजोन परत जैसे गंभीर मुद्दे का आसानी से हल हो सकेगा।” मौके पर क्रीड़ा भारती के प्रांत मंत्री राजीव कुमार, ग्रीन कैप्स व कोशिश संस्था के सदस्यगण और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
जमशेदपुर : अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का प्रतीक हुल दिवस के अवसर पर बिरसानगर जोन नंबर-1 के गुड़िया मैदान पर स्थापित सिद्धो–कान्हो के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उन्होंने सिद्धो–कान्हो, चांद– भैरव व फूलो–झानो सहित समस्त वीरों को याद किया।
शिव शंकर सिंह ने कहा “हूल दिवस आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ जम के लड़ने वाले आदिवासियों की संघर्ष गाथा और उनके बलिदान को याद करने का खास दिन है।” इस अवसर पर त्रिदेव सिंह, जित्तू सिंह, जॉनी मसीह, कोशिश संस्था के सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जमशेदपुर : आज रविवार को केबुल मुखी समाज गोलमुरी की एक बैठक सचिव गुरुचरण मुखी के अध्यक्षता में CWA क्लब में संपन्न हुई l इस बैठक में वर्तमान समय में समाज में होने वाली समस्याओं एवं अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही साथ शिक्षा पर भी चर्चा करते हुए इस वर्ष JAC, CBSE, ICSE बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आगामी 28 जुलाई को “प्रतिभा सम्मान समारोह -2024” का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है।
इस समारोह में अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस विषय पर अधिक जानकारी हेतु 9279248503 एवं 8521754768 नम्बर पर संपर्क कर सकते हैं। इस बैठक के माध्यम से समाज के लोगों से भी अपील किया गया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अपना पूर्ण योगदान दें। बैठक का संचालन सुमंत मुखी ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन संजय मुखी ने दिया।
इस बैठक में निम्नलिखित लोग उपस्थित थे – गोपाल मुखी, हेमसागर कुमार, चीकू मुखी, रिकू मुखी, मंगल मुखी, विकाश मुखी, देवेश मुखी, सुमित मुखी, नीलकंठ मुखी, आकाश मुखी, शिवू मुखी, टिंकू मुखी, आर्यन मुखी, निखिल महानन्द, रुपेश मुखी, कार्तिक मुखी आदि सभी सदस्य उपस्थित थे।
जमशेदपुर : 30 जून 1855 भोगनाडीह जिला साहेबगंज में हुए हुल क्रांति दिवस की याद में आज भुइयांडीह स्थित देश के महान क्रांतिकारी, अंग्रेजी सरकार के चूल हिला देनेवाले आंदोलन के जनक सिद्धू – कानू के आदमकद प्रतिमा में भाजपा के वरिष्ठ नेता अभय सिंह के नेतृत्व में भारी संख्या में एकत्रित होकर सभी कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
इस ऐतिहासिक दिन में अभय सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन भारत के लिए बहुत ही ऐतिहासिक दिन है। आज के ही दिन वर्षों पहले 30 जून 1855 को अंग्रेजों के विरोध में जमींदारी, सामंतवादी एवं आदिवासियों के ऊपर अत्याचार असहनीय पीड़ा करने वाले लोगों के खिलाफ में भोगनाडीह के इलाके में आदिवासियों ने अंग्रेजों का विरोध हुआ था।
साथ ही इस आंदोलन का मुख्य विषय यह था कि अंग्रेज संथाल परगना इलाके में आदिवासियों के अस्मिता संस्कृति को खतरे में डाला था, इससे आजिज़ होकर आदिवासियों ने कड़ा प्रतिकार एवं प्रतिशोध के शंखनाद किए थे और बिहार, बंगाल, उड़ीसा से 10000 से भी अधिक आदिवासी जिसमें अधिकतर संथाली थे अपने परंपरागत हथियार तांगा, फरसा बरछी, तीर ,धनुष, तलवार लेकर वे अंग्रेजों के विरोध में उलगुलान किया और उसके बाद ठीक 2 वर्ष के बाद 1857 की क्रांति भी इसका एक स्रोत बना।
सिद्धू कानू आदिवासी संस्कृति के लिए लड़े साथ ही अंग्रेजों के विरुद्ध में जिस प्रकार सभी लोगों ने हथियार उठाया था वह एकीकृत बंगाल में इसका व्यापक असर पड़ा था। पूरे देश के जनमानस में अंग्रेजों के होश हवास उड़ गए थे। उस समय तक आदिबासी समाज को एक कमजोर समाज समझा जाता था पर यह आंदोलन ने अंग्रेजों के छक्के उड़ा दिए थे।
क्या कमजोर व्यक्ति लोग भी एकत्रित होकर अंग्रेजों का विरोध कर सकते हैं ? यह केवल विरोध नहीं था बल्कि देश की आजादी का एक संकल्प भी था कि जिसे सिद्धू ,कानू, चंद, भैरव ने पूरा किया उसके बाद आदिवासी माता के कोख से कई ऐसे शूरवीर जन्म लिए। तिलका मांझी, बिरसा मुंडा जैसे लोग जो बाद में सिद्धू कानू को अपना आदर्श मानते हुए अपनी अस्मिता की लड़ाई लड़ी और अंग्रेजों के विरोध उन्होंने अभियान छेड़ा। आज उन्हीं की याद में भुइयाडीह स्थित प्रतिमा में कार्यकर्ताओं के द्वारा माल्यार्पण किया गया।
आज के कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के सारे कार्यकर्ता जिसमें प्रमुख रूप से शशि मिश्रा, राहुल सिंह ,घनश्याम पांडे, ललन चौहान, अमरिंदर मलिक, सूर्यकांत झा, किशोर ओझा, भूषण दीक्षित, शेखर राव, सुमित श्रीवास्तव, लोकनाथ त्रिपाठी, बबलू नायक, सरदार सरदार रविंद्र सिंह रिंकू, शंकर सिंह, मनमोहन राय, देव भंडारी,अंकित शुक्ला, बिक्की सिंह, सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
चाईबासा : के सी हेंब्रम के सपनों को साकार करने के लिए उलगुलान की जरूरत है। इसके लिए कोल्हान रक्षा संघ किसी भी हद तक जा सकता है। यह बातें आज टोन्टो प्रखंड के ग्राम टेंसरा में कोल्हान रक्षा संघ के संस्थापक सह महासचिव दिवंगत श्री के सी हेंब्रम के पुण्यतिथि समारोह में आयोजित सभा में मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट के पूर्व केंद्रीय प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने कही। श्री लागुरी ने कहा कि कोल्हान ऑटोनॉमस काउंसिल के बिना कोल्हान एरिया की जनता असुरक्षित है।
जल जंगल जमीन पर हक के लिए के. सी. हेंब्रम ने लड़ाई लड़ी: माईकल तिरिया
इसके लिए गांव गांव में बैठक आयोजित कर लोगों को जागरूक कर जोरदार आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर कोल्हान रक्षा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष माईकल तिरिया ने कहा कि कोल्हान के लोगों को जल जंगल जमीन में हक और अधिकार दिलाने के नाम पर पूर्व केंद्रीय महासचिव दिवंगत नेता श्री के सी हेंब्रम ने अपनी सारी जिंदगी गवां दी। उनकी सपनों को साकार करने के लिए कोल्हान में फिर एक उलगुलान की अवशयकता है।
इस मौके पर के सी हेंब्रम के भतीजा मानसिंह हेंब्रम, संघ के केंद्रीय सचिव नूनाराम माझी, ब्रजमोहन मिश्रा, राजू पान, संगठन सचिव जयसिंह सुंडी, के सी हेंब्रम की पुत्री सरस्वती हेंब्रम, विक्रम बोइपाई, कानू हाईबुरु, बुधराम पूर्ति ने भी संबोधित किया। इस मौके पर के सी हेंब्रम के पुजारी बुधराम पूर्ति ने ग्राम देसाउली में पूजा अर्चना करने के बाद के सी हेंब्रम के समाधि पर माल्यार्पण किया गया।
इस मौके पर कोल्हान व सारंडा एरिया के मानकी मुंडा और संघ के सेक्रेटरी समेत जगदीश केराई, इंदू शेखर तिवारी, करण चांपिया, नरसिंह चंपिया, कानूराम केराई, पाली पूर्ति, किशोर मुंगिया, चंबरा लागुरी समेत काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच T20 वर्ल्ड कप 2024 का फाइनल मुकाबला बारबडोस के केंसिग्टन ओवल मैदान पर खेला जा रहा है. टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीता है और पहले बैटिंग का फैसला किया है.
भारतीय टीम ने प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है. दोनों ही टीमें इस फाइनल में बिना कोई मैच हारे पहुंची हैं और आज जो जीता वो टूर्नामेंट में बिना एक भी मैच हारे टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी. भारत को जहां 13 साल से वर्ल्ड कप ट्रॉफी का इंतजार है, वहीं साउथ अफ्रीका अपने पहले वर्ल्ड कप खिताब की उम्मीद कर रही है.
जमशेदपुर:- युवा बुद्धिजीवी सेवा समिति बेहतर समाज के निर्माण को लेकर जमशेदपुर में कार्य कर रही है. युवाओं को नशे की लत छुड़ाना, उन्हें बेहतर शिक्षा देना, स्वास्थ्य और महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के उद्देश्य से संस्था के अध्यक्ष सह समाजसेवी तरुण डे ने बीड़ा उठाया है. इसी क्रम में वे शुक्रवार को साकची गुरुद्वारा पहुंचे. वहां उन्होंने संस्था के क्रियाक्लापों के बारे जानकारी दी. उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट करना उनका उद्देश्य है.
इसी दौरान तरुण डे ने साकची गुरुद्वारा के तत्वाधान में संचालित विद्यालय के लिए बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा मुहैया कराने के लिए दो कंप्यूटर देने की घोषणा की. साथ ही एक सिलाई मशीन देने का भी वादा किया. संस्था की महिला सदस्य अपर्णा गुहा ने भी यहां महिलाओं को सशक्त होने पर जोर दिया. संचालन गुरुद्वारा के महासचिव परमजीत सिंह काले ने किया और गुरुद्वारा कमेटी के कार्यों के बारे बताया. तरुण डे इससे काफी प्रभावित हुए. मुख्य सलाहकार सुरजीत सिंह छित्ते ने संस्था के सहयोग के लिए धन्यवाद किया और कमेटी की ओर से समाजसेवा के कार्यों में भी सहयोग करने का आश्वासन दिया. साकची में आयोजित बैठक में प्रधान निशान सिंह, अजायब सिंह समेत सुखमणि सेवक जत्था, सिख स्त्री सत्संग सभा के अलावा संस्था के अनुभव कुमार, अनुपम सिंह, मानो सिंह, सुभाष प्रामाणिक, प्रसनजीत सरकार आदि उपस्थित थे.