जमशेदपुर : सिखों के चौथे गुरु श्री गुरु रामदास साहेब जी के प्रकाश दिहाड़े को समर्पित साकची गुरुद्वारा मैदान में भव्य धार्मिक समागम का आयोजन 11 और 12 अक्टूबर को होना है. इस दूसरे समागम की तैयारियों में गुरु रामदास सेवक जत्था साकची जी जान से लगा हुआ है. शनिवार को साकची गुरुद्वारा मैदान में गुरु का ओट आसरा लेते हुए अरदास कर जत्था की ओर से संगत के लिए भव्य पंडाल निर्माण कार्य शुरू किया गया.
जत्था के सक्रिय सदस्य एवं रामदास भट्ठा गुरुद्वारा के सचिव तरनप्रीत सिंह बन्नी ने बताया कि संगत की सुविधा को देखते हुए पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है. दो दिवसीय समागम में संगत को निहाल करना जत्था का मकसद है. 11 अक्टूबर को दोपहर दो बजे डोबो ब्रिज से विशाल बाइक रैली निकाली जाएगी. इसका उद्देश्य संगत को गुरु घर की हाजरियां प्रवान करना होगा. साथ ही भाई गुरशरण सिंह लुधियाना वाले को लौहनगरी की संगत खासकर युवा पीढ़ी के दर्शन कराना है.
समागम की सफलता को लेकर जत्था के पिंकल सिंह, हन्नी सिंह, सुरेंद्र सिंह हैप्पी, हरजीत सिंह, रिक्की सिंह, सुखविंदर सिंह साब्बी, बलबीर सिंह काकू, रविंदर सिंह रिंकू, तरनप्रीत सिंह बन्नी, ओंकार सिंह, प्रीतपाल सैली, पवनदीप सिंह, मंदीप सिंह, रौनक सचदेव, जगप्रीत सिंह, रिंकू सिंह जौरा, अमरदीप सिंह, हरदेव सिंह, रामनदीप सिंह जिम्मी, करणदीप सिंह गोल्डी, गोल्डी सबलोक, जसप्रीत सिंह आदि सेवा में लगे हुए हैं.
जमशेदपुर : शारदीय नवरात्रि के दसवें दिन सिंदूर खेला का विशेष महत्व माना जाता है. नौ दिनों तक मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना और आराधना करने के बाद दशमी तिथि को मां को विदाई दी जाती है. मान्यता है कि जिस प्रकार बेटी को ससुराल विदा करने से पहले उसका सोलह श्रृंगार किया जाता है, उसी तरह मां दुर्गा की पूजा के समापन पर सिंदूर अर्पण किया जाता है. इस दिन सुहागिन महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर चढ़ाकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करती हैं और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं.
शहर के विभिन्न पंडालों और मंदिरों में भक्तजन बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और शक्ति की देवी मां दुर्गा की आराधना की. महिलाओं ने मां की प्रतिमा पर सिंदूर अर्पित कर श्रद्धा प्रकट की और फिर एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सामूहिक रूप से उत्सव का आनंद लिया. इस अवसर पर वातावरण पूरी तरह भक्ति और आस्था से सराबोर हो गया. सिंदूर खेला के दौरान महिलाएं मां दुर्गा से प्रार्थना करती हैं कि जैसे उन्होंने मां को सिंदूर चढ़ाया है, वैसे ही उनका सुहाग अटूट रहे और परिवार में सुख-समृद्धि और धन की वर्षा होती रहे.
दशमी के दिन यह परंपरा केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है. यह महिलाओं के बीच एकता, सौहार्द और आपसी स्नेह को मजबूत करती है. सिंदूर खेला में शामिल होकर महिलाएं न सिर्फ अपने सौभाग्य की मंगल कामना करती हैं, बल्कि पूरे समाज के कल्याण और खुशहाली की कामना भी करती हैं. पूजा-अर्चना और सिंदूर खेला के बाद भक्त भावुक होकर मां को विदा करते हैं और अगले वर्ष पुनः इसी उत्साह और श्रद्धा के साथ आगमन की प्रतीक्षा करते हैं। इस प्रकार चैत्र नवरात्रि की दशमी पर सिंदूर खेला उत्सव आस्था, परंपरा और आनंद का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है.
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत कपाली ओपी गौस नगर फुटबॉल मैदान इलाके से मां-बेटी के लापता होने का मामला सामने आया है. परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए लोगों से मदद की अपील की है. मिली जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय हेना कौसर और उनकी 9 वर्षीय बेटी ईसाल 24 सितंबर से घर से लापता हैं. परिजनों ने बताया कि हेना कौसर की ऊंचाई लगभग 4 फीट 5 इंच है और लापता होने के समय उन्होंने काला नकाब पहन रखा था. उनकी बेटी ईसाल ने ब्लैक एंड वाइट रंग की फ्रॉक पहन रखी थी.
परिजनों ने कहा कि मां-बेटी के लापता होने के बाद से उनकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. काफी खोजबीन और रिश्तेदारों से पूछताछ के बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा. इससे परिवार में चिंता और बेचैनी का माहौल है. परिजनों ने आमजन से अपील की है कि अगर किसी को भी हेना कौसर और उनकी बेटी ईसाल के बारे में कोई जानकारी मिले तो कृपया तुरंत 9153002386 पर संपर्क करें स्थानीय पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है और आसपास के इलाकों में खोज अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की विश्वसनीय जानकारी मिलने पर तुरंत सूचित करें ताकि मां-बेटी को सुरक्षित घर लाया जा सके.
भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक पंडित छन्नूलाल मिश्रा का गुरुवार सुबह 4:15 बजे 91 वर्ष की उम्र में वाराणसी में निधन हो गया. वह पिछले कुछ समय से बीमार थे और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइस में उनका इलाज चल रहा था. उनके निधन से संगीत जगत में शोक में डूब गया है. पंडित छन्नूलाल मिश्रा ने खयाल और पूर्वी ठुमरी शैली के शास्त्रीय गायन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया था.
पंडित छन्नूलाल मिश्र का जन्म 3 अगस्त 1936 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के हरिहरपुर में हुआ था. उन्हें अपने पिता बदरी प्रसाद मिश्र से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा मिली. बाद में किराना घराने के उस्ताद अब्दुल घनी खान से उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत का गहन प्रशिक्षण लिया. वह पंडित अनोखेलाल मिश्र के दामाद भी थे, जो प्रसिद्ध तबला वादक थे. काशी की मिट्टी से जुड़े पंडित छन्नूलाल ने गायकी की ‘ठुमरी’ और ‘पुरब अंग’ शैली को अपनी गंभीर, भावपूर्ण और अनूठी आवाज से अमर कर दिया.
संगीत के सफर में उन्होंने कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं. पंडित छन्नूलाल मिश्र को 2010 में पद्मभूषण और 2020 में पद्म विभूषण से सम्मान मिला. उन्होंने सुर सिंगार संसद, बॉम्बे का ‘शिरोमणि पुरस्कार’ जीता, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, बिहार संगीत शिरोमणि पुरस्कार और नौशाद अवॉर्ड जैसे सम्मानों से नवाजे गए. भारत सरकार द्वारा उन्हें संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप से नवाजा गया था.
जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर दो में बुधवार की दोपहर करीब ढाई बजे आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक दिव्यांग युवक ने खुदकुशी कर ली है. युवक की पहचान 28 वर्षीय सद्दाम के रूप में हुई है. बताते हैं कि सद्दाम का एक हाथ छोटा था. इसके चलते उसे काम नहीं मिल पा रहा था. पिछले कुछ दिनों से वह गंभीर आर्थिक संकट से गुज़र रहा था. इसी तनाव के बीच उसने घर का कमरा बंद कर पंखे से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी.
बताया गया कि सद्दाम अपनी बूढ़ी मां के साथ रहता था. बुधवार को जब दोपहर को उसकी मां ने उसे काफी देर तक नहीं देखा तो उसकी खोजबीन शुरू की. तब पता चला कि कमरे का एक दरवाजा अंदर से बंद है. दरवाजा काफी देर तक खटखटाया गया लेकिन किसी ने नहीं खोला. तब पड़ोसियों को बुलाया गया. जब कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर सद्दाम का शव फंदे से लटका मिला. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है. युवक ने फांसी लगाने के लिए बाजार से नई नायलॉन की रस्सी खरीदी थी. इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है.
जमशेदपुर : जमशेदपुर में दुर्गा पूजा की भीड़ का फायदा उठाकर चोरी करने वाले एक महिला गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. बिष्टुपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़ी 26 महिलाओं को जुगसलाई के एक होटल से हिरासत में लिया. सभी महिलाएं पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की बताई जा रही हैं. सूत्रों के अनुसार ये महिलाएं सोमवार को ट्रेन से जमशेदपुर पहुंचीं और होटल में ठहरी हुई थीं. वहां से वे रोजाना अलग-अलग इलाकों में निकलकर पंडालों और पूजा स्थलों में चोरी की वारदात को अंजाम देती थीं.
चोरी के इस गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब कालीबाड़ी इलाके में एक महिला की सोने की चेन चोरी हुई और पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज से संदिग्ध महिलाओं की पहचान होने के बाद पुलिस ने जुगसलाई स्थित होटल में छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया. बरामद सामान में पर्स, मोबाइल और सोने की चेन शामिल हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह महिला गिरोह केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के कई शहरों में सक्रिय रहता है.
खासकर दुर्गा पूजा जैसे बड़े आयोजनों के दौरान यह गिरोह भीड़ का फायदा उठाता है और विजयादशमी के बाद वापस लौट जाता है. फिलहाल पुलिस पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश में है कि इस गिरोह के तार किन-किन शहरों से जुड़े हैं और इनके पीछे मुख्य संचालक कौन लोग हैं. अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही पूछताछ के बाद इस नेटवर्क का पूरा खुलासा हो सकता है. स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को दें.
विश्व हिंदू परिषद की दुर्गा वाहिनी नवरात्र में करती है शस्त्र पूजन, बता रही हैं जिला उपाध्यक्ष सविता सिंह एवं जिला सह संयोजिका शोभा पाठक,मन्नू श्री, मातृ शक्ति मलिका प्रामाणिक, एवं दुर्गा वाहिनी की और मातृ शक्ति की कई बहने भी उपलब्ध थी,बौद्धिक एम साईं जी के द्वारा दिया गया,आज बिरसानगर प्रखंड श्री महादेव शिव शंकर धाम मंदिर b.ed कॉलेज रोड शांति बेली शस्त्र पूजन किया गया
मां दुर्गा को प्रेरणास्रोत मानकर दुर्गा वाहिनी की स्थापना 1991 में दुर्गा अष्टमी के दिन हुई थी, इनके नेतृत्व में ही सेवा, सुरक्षा और संस्कार को ध्येय वाक्य मानकर महिलाओं को जागरूक करने का कार्य शुरू किया गया. विश्व हिंदू परिषद 1991 में दुर्गा वाहिनी की स्थापना हुई थी. सेवा, सुरक्षा और संस्कार इसका ध्येय,.दुर्गा वाहिनी की स्थापना 1991 में हुई थी
महा अष्टमी पर कदमा में माँ दुर्गा की चैतन्य झाँकी एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम
महाअष्टमी के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कदमा शाखा द्वारा कदमा मार्केट एरिया में माँ शारदा दुर्गा के विविध स्वरूपों सहित भगवान गणेश एवं कार्तिकेय की दिव्य चैतन्य झाँकी का अलौकिक प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कदमा शाखा प्रभारी बी.के. संजू बहन के निर्देशन में दीप प्रज्वलन एवं माँ की आरती से हुआ। इस अवसर पर नगर के गणमान्य समाजसेवियों एवं अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र एवं ईश्वरीय स्मृति चिन्ह भेंटकर किया गया।
महाअष्टमी के विशेष दिन पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका और माँ दुर्गा द्वारा महिषासुर मर्दिनी का चैतन्य मंचन दर्शकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। वातावरण “जय माता दी” के उद्घोषों से गूंज उठा और जनमानस माँ की भक्ति एवं शक्ति स्वरूप से भावविभोर हो उठा।
बी.के. संजू बहन ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा – “नवरात्रि हमें यह स्मृति दिलाती है कि शक्ति किसी बाहरी साधन से नहीं, बल्कि आत्मा की आंतरिक ईश्वरीय शक्तियों के जागरण से प्राप्त होती है। महा अष्टमी का संदेश है – साहस, आत्मविश्वास और आत्म-शक्ति से हर नकारात्मकता का अंत संभव है।”
यह चैतन्य झाँकी प्रदर्शन 2 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6:00 से रात 10:00 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। साथ ही बीच-बीच में अन्य भव्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी द्वारा 45-घाटशिला (अ.ज.जा) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त दावों एवं आपत्तियों के निराकरण के उपरांत अंतिम निर्वाचक सूची के प्रकाशन की जानकारी दी गई। मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंह उपस्थित रहीं।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार एकीकृत प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 02 सितंबर 2025 को किया गया था। दावे एवं आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि 02 से 17 सितंबर 2025 तक निर्धारित रही। दावों एवं आपत्तियों का निपटारा 25 सितंबर 2025 तक संपन्न हुआ। तथा आज 29 सितंबर 2025 को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है।
प्राप्त आँकड़ों के अनुसार –
फॉर्म-6 (नए मतदाता नामांकन) के कुल 5325 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5171 स्वीकार किए गए। फॉर्म-7 (नाम विलोपन) के 750 आवेदन आए, जिनमें से 715 स्वीकार हुए। फॉर्म-8 (शुद्धिकरण/संशोधन) के 3677 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3645 स्वीकृत किए गए।
अंतिम निर्वाचक नामावली के अनुसार जिले में कुल 2,55,823 मतदाता दर्ज किए गए हैं, जो प्रारंभिक सूची (02.09.2025) की तुलना में 4,456 अधिक हैं। इनमें पुरुष मतदाता – 1,24,899 (+1,585, 1.29% वृद्धि), महिला मतदाता – 1,30,921 (+2,871, 2.24% वृद्धि), तृतीय लिंग – 03 (कोई परिवर्तन नहीं) शामिल हैं।
निर्वाचक सूची से संबंधित आयु-वार एवं विशेष श्रेणियों के विस्तृत आंकड़े निम्नवत हैं –
विदेशी मतदाता (Overseas Electors) – 01 PwD (विकलांगजन) मतदाता – 2,735 (पहले से 87 अधिक, +3.29%) सेवा मतदाता (Service Voters) – 368 (8 की वृद्धि, +2.22%) 18-19 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता – 16,178 (2,870 की वृद्धि, +21.57%) 85 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के मतदाता – 629 लैंगिक अनुपात (Gender Ratio) – 1048 (पहले 1038 से सुधार, +0.96%) EP Ratio – 63.84 (पहले 62.73 से सुधार, +1.77%)
आयु वर्गानुसार मतदाताओं की संख्या (45-घाटशिला विधानसभा क्षेत्र):
18–19 वर्ष : 16,178 20–29 वर्ष : 61,378 30–39 वर्ष : 69,650 40–49 वर्ष : 45,732 50–59 वर्ष : 33,422 60–69 वर्ष : 20,158 70–79 वर्ष : 7,567 80–89 वर्ष : 1,545 90–99 वर्ष : 190 100+ वर्ष : 3
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि युवा वर्ग, विशेषकर 18–19 वर्ष के नए मतदाताओं की बढ़ी हुई संख्या लोकतंत्र के प्रति युवाओं की जागरूकता और सहभागिता को दर्शाती है। वहीं दिव्यांग मतदाताओं और सेवा मतदाताओं की सटीक पहचान एवं सूचीबद्धता चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने सभी मतदाताओं से अपील किया कि वे अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम, पता एवं विवरण की जांच अवश्य करें, और यदि किसी प्रकार की त्रुटि मिले तो समय पर सुधार हेतु आवेदन करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी योग्य मतदाता लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने हेतु आगामी चुनाव में मतदान अवश्य करें। उन्होने कहा कि मतदाता सूची का यह अंतिम प्रकाशन निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है। जिला प्रशासन द्वारा चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशानुसार निर्वाचन प्रक्रिया की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में कांग्रेस पार्टी का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे के नेतृत्व में बिष्टुपुर थाना पहुंचा. कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा के प्रवक्ता प्रिंटू महादेव के द्वारा टीवी चैनल के डिबेट में राहुल गांधी के सीने पर गोली मारने की बात कह कर दहशत भरा माहौल फैला दिया है. इसके खिलाफ एफआईआर आवेदन पत्र बिष्टुपुर थाना प्रभारी को जिलाध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे ने सौंपा.
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा है कि भाजपा के प्रवक्ता ने गंभीर बात कह कर राहुल गांधी के जान माल पर खतरा बढ़ा दिया है. इसके लिए हर हाल में भाजपा संगठन दोषी होगा. लोकतंत्र में इस तरह की बातों का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।