जमशेदपुर – टेल्को क्षेत्र के महानंद बस्ती में स्थित नव प्राथमिक विद्यालय की नहीं हो रही मरम्मती गुरुवार को समाजसेवी करनदीप सिंह को विद्यालय में चोरी की सूचना प्राप्त हुई और वह विद्यालय पहुंचे और विद्यालय की शिक्षिका से जानकारी प्राप्त की।
मिली जानकारी के अनुसार शिक्षिका पुष्पा मिश्रा ने बताया की आए दिन यहां चोरी हो रही है उन्होंने बताया की एक लिखित रूप में टेल्को थाने में शिकायत की गई है पर वह आज तक चोर को पकड़ नहीं पाए। विद्यालय की मरम्मती नहीं होने के कारण छत से पानी गिर रहा है और क्लासरूम के पांच पंखे पानी गिरने के कारण खराब हो चुके हैं विद्यालय की शिक्षिका ने बताया की जिला शिक्षा कार्यालय में भी इसकी लिखित के रूप में शिकायत की गई है पर आज तक कोई मरम्मती कार्य नहीं हुआ।
स्थानीय निवासी मुन्ना देवी ने बताया की इतनी खराब स्थिति में बच्चे विद्यालय में आकर पढ़ रहे हैं सरकारी स्कूल होने के नाते उन्हें कोई सुविधा नहीं दी जा रही है, जहां तक की बच्चों से झाड़ू लगाया जाता है उन्होंने इस विषय में कार्रवाई की गुहार लगाई है और जल्द से जल्द मरमती कार्य विद्यालय की करवाई जाए।
झारखंड के सीएम चंपई सोरेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पूर्व सीएम हेमंत सोरेन राजभवन के लिए निकले हैं. हेमंत सोरेन तीसरी बार सीएम पद की शपथ लेंगे. गठबंधन के नेताओं और विधायकों ने मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के आवास पर एक बैठक के दौरान सर्वसम्मति से हेमंत सोरेन को जेएमएम विधायक दल का नेता चुना था. सोरेन मुख्यमंत्री के रूप में एक बार फिर शपथ लेंगे. हेमंत सोरेन झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री होंगे.
जमशेदपुर : टेल्को क्षेत्र के जम्को मैदान के संबंध में बस्ती वासियों ने बुधवार को जिले के उपायुक्त को ज्ञापन सौपा तथा बस्ती वासियों ने बताया की 1 जून को पूर्वी सांसद डॉ अजय कुमार से बस्ती वासियों की वार्ता हुई थी उन्होंने इस संबंध में बस्ती वासियों को कहा था की जिले के उपायुक्त से और जुस्को के एमडी से वार्ता कीजिए।
जिले के उपायुक्त ने बस्ती वासियों को आश्वासन दिया की जल्द एक टाटा स्टील के अधिकारियों के साथ बस्ती वासियों की बैठक बुलाई जाएगी। वही जब जुस्को के एमडी से मिलने बस्ती वासी पहुंचे तो जुस्को प्रबंधन ने मैदान देने में साफ इनकार कर दिया और कहा मैदान में ट्रांसपोर्टेशन का इस्तेमाल करने का प्लानिंग की जा रही है।
वहीं स्थानीय निवासी अनिल कुमार ने बताया की यह आंदोलन बस्ती वासियों को और तेज करना होगा नहीं तो आने वाला समय में बस्ती पूरी तरह से बेकार हो जाएगी और प्रदूषण होगा और दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाएगी उन्होंने बताया की यह पर्यावरण विभाग, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पास या आवेदन देना पड़ेगा की हम बस्ती वासियों के लिए कोई खेल का मैदान नहीं है। जम्को बस्ती, मिश्रा बागान, महानंद बस्ती, आजाद बस्ती, मछुआ बस्ती, मनीफीट,प्रेमनगर, लक्ष्मीनगर, झगड़ुबागान इतनी बड़ी क्षेत्र की आबादी में सिर्फ एक ही खेल मैदान है।
जमशेदपुर : सोमवार से पूरे देश में लागू हो रहे तीनों कानून संहिता को वापस लेने की मांग झारखंड के जमशेदपुर से अधिवक्ता एवम समाजवादी चिंतक सुधीर कुमार पप्पू ने की है। उन्होंने इसे काला कानून की संज्ञा दी है और कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने अपने छुपे एजेंडे के तहत देश पर इसे थोपा है। संसद में यह कानून सर्वसम्मति से पारित नहीं हुआ है। बहुमत का आंकड़ा के बल पर जबरन पास किया गया है और संवैधानिक प्रावधान के कारण महामहिम राष्ट्रपति जी को हस्ताक्षर करना पड़ा है।
इस तीनों कानून संहिता के कारण देश में पूंजीपति प्रकाशकों की चांदी कट रही है। मनमाने दाम पर पुस्तक बेची जा रही है। देश के लाखों वकीलों के साथ लाखों पुलिस कर्मियों अदालत कर्मियों और कानून की पढ़ाई पढ़ रहे विद्यार्थियों पर आर्थिक मार पड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार को बताना चाहिए आखिरकार इस तीनों नए कानून संहिता में नया क्या है? बस जिस तरह से प्रतियोगी परीक्षाएं होती हैं और उसमें ए बी सी और डी समूह के परीक्षार्थी होते हैं। प्रश्न सभी समूह के समान रहते हैं परंतु उनका क्रम अलग-अलग समूह में अलग-अलग रहता है। बस यही बाजीगरी इस नए न्याय संहिता में भी की गई है।
भारतीय दंड संहिता 1860 के अनुसार हत्या के लिए धारा 302 का प्रयोग होता था और अब भारतीय न्याय संहिता 2023 में धारा 100 का प्रयोग होगा। भारतीय दंड संहिता 1860 में 511 धारा थी जिसे घटाकर 358 कर दिया गया है। वहीं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 में 167 धारा थी जिसे बढ़ाकर भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 में 170 कर दिया गया है। दंड प्रक्रिया संहिता 1973 में 484 धारा थी जिसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में बढ़ाकर धारा 531 कर दिया गया है।
वास्तव में इन तीनों संहिता को भाजपा एवं इसके मास्टरमाइंड नागपुर वाले लिटमस पेपर टेस्ट की तरह देख रहे हैं। वह यह देखना चाहते हैं कि भारतीय जनता में कितनी सहनशक्ति है अथवा आक्रोश है जो इसका विरोध कर सके। विरोध नहीं होने पर धीरे-धीरे उनकी कोशिश संविधान परिवर्तन करने की होगी। देश के इतिहास के साथ छेड़छाड़ हो रहा है और नरेंद्र मोदी एवं राज्य की भाजपा सरकारें जमकर इसे से बढ़ावा दे रही हैं। नई पीढ़ी इतिहास के काले पन्नों की सच्चाई से अवगत नहीं हो पूरे देश में इतिहास के पाठ्यक्रम से छेड़छाड़ की जा रही है और नए पाठ्यक्रम देश के विद्यार्थियों पर लादे जा रहे हैं। जिससे उनके मानसिक पटल पर एक खास विचारधारा को लेकर जज्बा हो और जर्मन के हिटलर ने यहूदी समाजवादियों कम्युनिस्टों के प्रति नागरिकों में नफरत के जहर बो दिए थे इसी प्रकार से देश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों के प्रति नफरत की दीवार खड़ी की जा रही है।
अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू के अनुसार झारखंड के राज्य सरकार की संवैधानिक अपनी मजबूरी हो परंतु पूरे देश के अधिवक्ताओं को देश हित में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के वकीलों के साथ खड़े होकर इस काले कानून का विरोध करना चाहिए। असल में अंग्रेजों के भक्ति करने वाले एवं पेंशन पाने वाले यह लोग देश में नई प्रकार की राष्ट्रभक्ति का वातावरण बनाना चाहते हैं। जिससे नई पीढ़ी उनके इतिहास से अवगत नहीं हो सके और इन्हें देशभक्त समझे। जो अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच T20 वर्ल्ड कप 2024 का फाइनल मुकाबला बारबडोस के केंसिग्टन ओवल मैदान पर खेला जा रहा है. टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीता है और पहले बैटिंग का फैसला किया है.
भारतीय टीम ने प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है. दोनों ही टीमें इस फाइनल में बिना कोई मैच हारे पहुंची हैं और आज जो जीता वो टूर्नामेंट में बिना एक भी मैच हारे टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी. भारत को जहां 13 साल से वर्ल्ड कप ट्रॉफी का इंतजार है, वहीं साउथ अफ्रीका अपने पहले वर्ल्ड कप खिताब की उम्मीद कर रही है.
जमशेदपुर:- युवा बुद्धिजीवी सेवा समिति बेहतर समाज के निर्माण को लेकर जमशेदपुर में कार्य कर रही है. युवाओं को नशे की लत छुड़ाना, उन्हें बेहतर शिक्षा देना, स्वास्थ्य और महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के उद्देश्य से संस्था के अध्यक्ष सह समाजसेवी तरुण डे ने बीड़ा उठाया है. इसी क्रम में वे शुक्रवार को साकची गुरुद्वारा पहुंचे. वहां उन्होंने संस्था के क्रियाक्लापों के बारे जानकारी दी. उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट करना उनका उद्देश्य है.
इसी दौरान तरुण डे ने साकची गुरुद्वारा के तत्वाधान में संचालित विद्यालय के लिए बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा मुहैया कराने के लिए दो कंप्यूटर देने की घोषणा की. साथ ही एक सिलाई मशीन देने का भी वादा किया. संस्था की महिला सदस्य अपर्णा गुहा ने भी यहां महिलाओं को सशक्त होने पर जोर दिया. संचालन गुरुद्वारा के महासचिव परमजीत सिंह काले ने किया और गुरुद्वारा कमेटी के कार्यों के बारे बताया. तरुण डे इससे काफी प्रभावित हुए. मुख्य सलाहकार सुरजीत सिंह छित्ते ने संस्था के सहयोग के लिए धन्यवाद किया और कमेटी की ओर से समाजसेवा के कार्यों में भी सहयोग करने का आश्वासन दिया. साकची में आयोजित बैठक में प्रधान निशान सिंह, अजायब सिंह समेत सुखमणि सेवक जत्था, सिख स्त्री सत्संग सभा के अलावा संस्था के अनुभव कुमार, अनुपम सिंह, मानो सिंह, सुभाष प्रामाणिक, प्रसनजीत सरकार आदि उपस्थित थे.
आपातकाल को याद करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा लाए गए ‘निंदा प्रस्ताव’ को लेकर जो माहौल बना, उसे आधार बनाकर भाजपा ने विपक्षी गठबंधन में दरारें देखने और दिखाने का प्रयास किया है।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद डा. संबित पात्रा ने दावा किया है कि निंदा प्रस्ताव और संवेदना के लिए रखे गए दो मिनट के मौन के दौरान कांग्रेस के सदस्य तो हंगामा कर रहे थे, जबकि आईएनडीआईए के घटक दल सपा, टीएमसी और डीएमके सदस्य शांत थे।
डगमगाया इंडी गठबंधनः संबित पात्रा
उन्होंने तंज कसा कि राहुल गांधी और गांधी परिवार की सत्ता की भूख से सदन में आईएनडीआईए डगमगा गया। भाजपा मुख्यालय में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में डा. संबित पात्रा ने कहा कि आज से 50 साल पहले 26 जून को जब भारत सोकर उठा तो पता चला था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगा दिया था। उन्होंने अपनी कैबिनेट तक से सहमति नहीं ली थी। राष्ट्रपति से चुपचाप हस्ताक्षर कराने के बाद अगले दिन कैबिनेट को बताया था।
इमरजेंसी के दौरान कई नेता गए थे जेल
भाजपा सांसद ने याद दिलाया कि इमरजेंसी के दौरान सिर्फ जनसंघ के नेता ही नहीं, चौधरी चरण सिंह, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव, देवीलाल, एम. करुणानिधि, एमके स्टालिन और शरद यादव सहित आज सदन में मौजूद रहे टीआर बालू भी जेल गए थे।
कांग्रेस ने सदन में मचाया हंगामा
लोकसभा अध्यक्ष द्वारा लाए गए निंदा प्रस्ताव का दृश्यांकन डा. पात्रा ने कुछ इस तरह किया- ‘विडंबना देखिए कि निंदा प्रस्ताव जैसे ही बिरला ने रखा, वैसे ही कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। वेल की तरफ कांग्रेस के सांसद भागे, लेकिन सपा के लोग बैठे रहे। राहुल गांधी सोच रहे थे कि उठें या न उठें, शोर मचाएं या न मचाएं। वह अखिलेश यादव और टीआर बालू को देख रहे थे।’ तंज तीखा करते हुए बोले- ऐसी परिस्थिति तभी होती है, जब आप अन्यायी होते हैं और न्यायवान दिखने का प्रयास करते हैं। कांग्रेस ऐसा ही कर रही थी।
कांग्रेस का साथ नहीं दे रहे सपा और TMC के नेता
भाजपा सांसद ने कहा कि जो कल संविधान की प्रति हाथ में लेकर शपथ ले रहे थे, वह आज असमंजस में दिख रहे थे। सपा और टीएमसी के सदस्य कांग्रेस का साथ नहीं दे रहे थे। आपातकाल पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताने के लिए जब स्पीकर ने मौन के लिए कहा तो कांग्रेस के सदस्य वेल में हल्ला मचा रहे थे। सपा, टीएमसी और डीएमके सदस्य शांति से खड़े थे। उन्हें देखकर अंततोगत्वा राहुल गांधी को भी शांति से खड़ा होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि सत्ता की भूख में इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था और आज राहुल गांधी और गांधी परिवार की वही सत्ता की भूख आईएनडीआईए अलायंस को डगमगा रही है।
जमशेदपुर : सिदगोड़ा स्थित बारा फ्लैट में कॉलोनी वासी एवं हिन्दु जागरण मंच (युवा वाहिनी) के द्वारा शिव मंदिर में महाआरती का आयोजन किया गया। इस महाआरती को सफलता पूर्वक आयोजित करने में मुख्य रूप से स्थानीय मातृशक्ति का पूर्ण सहयोग रहा, साथ ही कॉलोनी वासियों ने भी अपना पूर्ण सहयोग और समर्थन देकर इस आयोजन को भव्य बनाने का कार्य किया। इस महाआरती के आयोजन में शिव चर्चा, संध्या आरती और भारत माता की आरती की गयी एवं सभी भक्तगणों के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।
नीट-यूजी एग्जाम पेपर लीक मामले में सीबीआई का एक्शन जारी है. हजारीबाग के ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक को सीबीआई ने हिरासत में ले लिया है. एहसानुल हक को लेकर सीबीआई की टीम रांची रवाना हो गई है.
उन्हें सीबीआई टीम रांची से पटना लेकर जा सकती है. TV9 ने पहले ही आज शाम तक संदिग्धों की गिरफ्तारी की आशंका जताई थी. बता दें कि एहसानुल हक सीबीआई के सवालों की संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है. आज सुबह सीबीआई ने एहसानुल हक से पहले उनके घर और फिर उनके स्कूल में कई घंटे तक पूछताछ की थी. एहसानुल के ऑफिस से कुछ दस्तावेज भी सीबीआई सीज कर अपने साथ लेकर गई है.
सूत्रों के अनुसार, 24 जून सोमवार को आधिकारिक तौर पर जांच एजेंसी को सौंपे जाने के बाद सीबीआई की टीम ने प्रिंसिपल के आवास पर छापेमारी की थी. झारखंड पहुंची आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम पहले एसबीआई बैंक गई थी, जिसके बाद उन्होंने ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल और नीट परीक्षा के जिला समन्वयक डॉ. एहसानुल हक से पूछताछ की थी.
प्रिंसिपल एहसानुल हक ने कहा था कि परीक्षा के दिन 5 मई को प्रश्नपत्रों वाले एक बॉक्स पर लगा डिजिटल लॉक निर्धारित समय पर नहीं खुला था. बॉक्स को कटर से खोलना पड़ा था. एक बॉक्स मैनुअल लॉक के साथ आता है, जबकि दूसरा डिजिटल लॉक के साथ आता है. मैनुअल लॉक वाले बॉक्स के लिए एक चाबी और कटर है.
कटर से काटा गया था कि डिजिटल लॉक
डिजिटल लॉक वाला बॉक्स परीक्षा से 45 मिनट पहले अपने आप खुल जाना चाहिए. हालांकि, उस दिन यहां ऐसा नहीं हुआ. इसके बाद हक ने सुझाव के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) से संपर्क किया और कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि कटर से डिजिटल लॉक को काट दो. दूसरी ओर,हक ने दावा किया था कि उन्हें 5 मई को सुबह 1 बजे प्राप्त एक ईमेल के माध्यम से दो विशिष्ट बैंकों में रखे गए परीक्षा पत्रों वाले नौ बक्सों के बारे में पता चला. उन्होंने कहा था कि सुबह 7.30 बजे, प्रश्न पत्रों वाले एल्यूमीनियम बक्से वाले नौ कार्डबोर्ड बक्से पांच केंद्र अधीक्षकों और पांच पर्यवेक्षकों को दिए गए.
परिवहन कंपनी भी अब संदेह के घेरे में
इससे पहले हक ने लीक में अपने स्कूल को शामिल करने के दावों का खंडन करते हुए कहा था कि उनकी ओर से सभी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया गया था. उन्होंने एनईईटी परीक्षा सामग्री को सुरक्षित रखने और किसी भी संभावित उल्लंघन को रोकने के लिए उठाए गए कठोर उपायों पर जोर दिया. इन आश्वासनों के बावजूद, परीक्षा के पेपर पहुंचाने के लिए जिम्मेदार परिवहन कंपनी अब संदेह के घेरे में है और उल्लंघन के सटीक बिंदु और तरीके का पता लगाने के लिए जांच चल रही है
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इथियोपियन एयरलाइंस की फ्लाइट ईटी-686 के लैंड होते ही एयर कस्टम प्रिवेंटिव के अफसर खासे अलर्ट हो गए थे. अदीस अबाबा से आई इस फ्लाइट के मुसाफिरों पर कस्टम अफसर अपनी पैनी निगाह बनाए हुए थे. इसी बीच, कस्टम अधिकारियों की निगाह इसी फ्लाइट से आए एक मुसाफिर पर टिक जाती है. इस यात्री का शरीर पसीने से लतपथ और चेहरे पर हवाइयां उड़ी हुईं थी.
इस यात्री को देखने के बाद कस्टम अफसरों को इस बात का पूरा यकीन हो गया था कि इसके साथ कुछ न कुछ गड़बड़ है. कस्टम अफसरों ने पहले इस यात्री को ग्रीन चैनल से गुजरने तक इंतजार किया, इसके बाद कस्टम अधिकारियों ने उससे पूछा कि क्या उसके पास कुछ ऐसा है, जिसको डिक्लेयर किया जाना चाहिए था. जिसके जवाब में इस यात्री ने स्वेच्छा से स्वीकार कर लिया कि उसने प्रतिबंधित ड्रग्स गटक रखे हैं. जिसके बाद, इस यात्री को सफरदजंग हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया.
कस्टम के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती कराए गए इस यात्री की पहचान साइमन अल्फ्रेड नगोंग के रूप में की गई है. वह मूल रूप से कैमरून गणराज्य का नागरिक है. उन्होंने बताया कि सफदरजंग हॉस्पिटल में सात दिन चली लंबी कवायद के बाद इस शख्स के पेट से करीब 73 कैप्सूल बरामद किए, जिसमें सफेद पाउडर भरा हुआ था, जिसका भार करीब 1096 ग्राम है. जांच में पता चला कि कैप्सूल में भरा सफेद पाउडर कोकीन है.
कस्टम के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आरोपी यात्री के कब्जे से बरामद की गई कोकीन की कीमत करीब 10.90 करोड़ रुपए आंकी गई है. कस्टम ने एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 43(ए) के तहत कोकीन को जब्त कर साइमन अल्फ्रेड न्गोंग को गिरफ्तार कर लिया हैं. मामले की जांच अभी जारी है.