एक नई सोच, एक नई धारा

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झारखंड के ‘जीवाश्मों’ को मिलेगा कानूनी सुरक्षा कवच: सरयू राय ने राज्यपाल को सौंपा ‘भू-विरासत विधेयक’ का प्रारूप

रांची: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने झारखंड की प्राचीन प्राकृतिक संपदा, विशेषकर राजमहल की पहाड़ियों में बिखरे करोड़ों साल पुराने जीवाश्मों (Fossils) के संरक्षण के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को उन्होंने राजभवन जाकर राज्यपाल को “झारखंड भू-विरासत (जीवाश्म) विधेयक-2026” का प्रारूप सौंपा और इसे आगामी बजट सत्र में पेश करने की अनुमति मांगी।

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धन विधेयक के रूप में पेश होगी ‘विरासत की सुरक्षा’

​सरयू राय ने बताया कि यह एक गैर-सरकारी धन विधेयक होगा। संवैधानिक नियमों के अनुसार, किसी भी धन विधेयक को विधानसभा में पेश करने से पहले राज्यपाल की पूर्व मंजूरी अनिवार्य है। राज्यपाल ने विधायक को आश्वस्त किया कि वे इस प्रारूप को अपनी अनुशंसा के साथ राज्य सरकार को भेजेंगे और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होते ही इस पर अपनी सहमति प्रदान करेंगे।

खनन माफिया से ‘काष्ठ जीवाश्म’ को बचाने की चुनौती

​विधेयक लाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य साहेबगंज और पाकुड़ जिलों में स्थित राजमहल की पहाड़ियों की सुरक्षा करना है। सरयू राय के अनुसार:

  • अनमोल धरोहर: यहाँ बड़ी संख्या में काष्ठ जीवाश्म (Wood Fossils) मौजूद हैं, जो पृथ्वी के इतिहास की गवाही देते हैं।
  • बर्बादी का डर: अनियंत्रित खनन और मानवीय गतिविधियों के कारण ये जीवाश्म नष्ट हो रहे हैं।
  • राष्ट्रीय विरासत: इन जीवाश्मों को राष्ट्रीय स्तर की धरोहर मानते हुए इनके संरक्षण के लिए एक सख्त अधिनियम और नियमावली बनाना समय की मांग है।

विधानसभा अध्यक्ष को भी दी जा चुकी है सूचना

​इससे पहले मंगलवार को सरयू राय ने इस विधेयक का प्रारूप विधानसभा अध्यक्ष को भी सौंपा था। उन्होंने सदन को सूचित किया है कि वे बजट सत्र-2026 के दौरान इसे सभा के पटल पर रखना चाहते हैं। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो झारखंड अपने जीवाश्मों को संरक्षित करने के लिए कानून बनाने वाला देश का एक अग्रणी राज्य बन जाएगा।

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जमशेदपुर: श्रीनाथ विश्वविद्यालय में 20 फरवरी को मेगा जॉब फेयर; देश की दिग्गज कंपनियों में मिलेगा अप्रेंटिस और रोजगार का मौका

जमशेदपुर: युवाओं को कॉर्पोरेट जगत से जोड़ने और उन्हें रोजगार के बेहतरीन अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से श्रीनाथ विश्वविद्यालय, जमशेदपुर आगामी 20 फरवरी 2026 को एक विशाल ‘मेगा अप्रेंटिस कम जॉब फेयर’ का आयोजन करने जा रहा है।

​यह आयोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन बोर्ड ऑफ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (पूर्वी क्षेत्र) के सहयोग से ‘नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम’ (NATS) के तहत किया जा रहा है।

कौन हो सकते हैं शामिल? (पात्रता)

​इस मेले में इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और सामान्य स्नातक विषयों के छात्र भाग ले सकते हैं।

  • शैक्षणिक योग्यता: बी.ई./बी.टेक, डिप्लोमा (इंजीनियरिंग), बी.ए., बी.एससी., बी.कॉम., और नर्सिंग के छात्र।
  • बैच: साल 2021 से 2025 के बीच उत्तीर्ण विद्यार्थी।
  • नोट: माइनिंग शाखा को छोड़कर अन्य सभी शाखाओं के विद्यार्थी इसमें पात्र हैं।
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प्रमुख उद्देश्य: कौशल विकास और रोजगार

​विश्वविद्यालय के डीन प्रशासन डॉ. जे राजेश ने बताया कि इस फेयर का मुख्य उद्देश्य स्नातक और डिप्लोमा धारकों को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ व्यावहारिक अनुभव (On-the-Job Training) दिलाना है। इससे न केवल युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी, बल्कि उन्हें उद्योगों की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का मौका भी मिलेगा।

पंजीकरण प्रक्रिया और समय

​इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक लिंक या क्यूआर कोड के माध्यम से अपना पंजीकरण सुनिश्चित कर सकते हैं।

  • पंजीकरण लिंक: https://acjf-moe.in/Registration
  • दिनांक: 20 फरवरी 2026
  • समय: सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक
  • स्थान: श्रीनाथ विश्वविद्यालय परिसर, आदित्यपुर, जमशेदपुर।

विश्वविद्यालय की अपील

​श्रीनाथ विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी संजय भारती ने आसपास के सभी शैक्षणिक संस्थानों से अपील की है कि वे अपने छात्रों तक यह जानकारी पहुँचाएँ ताकि अधिक से अधिक युवा इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकें। उम्मीद जताई जा रही है कि यह मेगा फेयर झारखंड के युवाओं के करियर को एक नई दिशा प्रदान करेगा।

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उपायुक्त का सख्त रुख: मइयां सम्मान योजना के 1 लाख लाभुकों का होगा भौतिक सत्यापन, गड़बड़ी मिली तो जाएगी नौकरी

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं में विभागों के बीच संवादहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया।

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मइयां सम्मान योजना: लापरवाही पर बर्खास्तगी की चेतावनी

​बैठक में ‘मइयां सम्मान योजना’ की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि एक लाख से अधिक लाभुकों का भौतिक सत्यापन अभी लंबित है। उपायुक्त ने इसे जल्द पूर्ण करने का निर्देश देते हुए कड़ी चेतावनी दी:

  • शून्य सहिष्णुता: सत्यापन कार्य में यदि किसी भी कर्मी द्वारा अनैतिक गतिविधि या भ्रष्टाचार की शिकायत मिली, तो उसे तत्काल नौकरी से हटा दिया जाएगा।

सबर परिवारों के लिए ‘सैचुरेशन मोड’ में काम करने का निर्देश

​आदिम जनजाति सबर परिवारों के उत्थान को लेकर उपायुक्त ने सभी बीडीओ (BDO) को निर्देशित किया:

  • शिक्षा से जुड़ाव: सर्वे के आधार पर सबर समुदाय के ‘ड्रॉप आउट’ बच्चों को चिन्हित कर उन्हें वापस स्कूल भेजें।
  • पूर्ण लाभ: सबर परिवारों के प्रत्येक सदस्य को सरकार की सभी योजनाओं से जोड़ते हुए ‘सैचुरेशन मोड’ (शत-प्रतिशत लाभ) में लाएं।

छात्रावासों का होगा भौतिक सत्यापन

​जिला कल्याण पदाधिकारी को उन हॉस्टलों की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है जहाँ ऑक्यूपेंसी (छात्रों की उपस्थिति) शून्य या 50 फीसदी से कम है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जो हॉस्टल तैयार हैं, उनका संचालन तुरंत शुरू किया जाए। साथ ही, स्कूलों के भवन निर्माण और हैंडओवर की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए बीडीओ और सीओ को समन्वय बनाने को कहा गया।

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अतिक्रमण रोकने के लिए लगेंगे बोर्ड

​विकास कार्यों के लिए अंचलों द्वारा जिन विभागों को जमीन हस्तांतरित कर दी गई है, वहां संबंधित विभाग को तुरंत अपना सूचना बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि जमीन पर कब्जा या विवाद की स्थिति न बने।

बैठक के मुख्य दिशा-निर्देश:

  • क्षेत्र भ्रमण: विभागीय पदाधिकारी केवल कागजों पर नहीं, बल्कि क्षेत्र भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें।
  • त्वरित निष्पादन: भूमि हस्तांतरण, बिजली कनेक्शन और भुगतान से जुड़े लंबित मामलों को आपसी समन्वय से तुरंत सुलझाएं।
  • अंतिम व्यक्ति तक लाभ: जिला प्रशासन का लक्ष्य केवल आंकड़ों में लक्ष्य पाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।
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मानगो मेयर चुनाव: कांग्रेस नेता अंसार खान ने किया अपनी पत्नी मोमिना बेगम की उम्मीदवारी का ऐलान; जनता के मशविरे पर लिया फैसला

जमशेदपुर (मानगो): नगर निकाय चुनावों की आहट के साथ ही मानगो क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और क्षेत्र के कद्दावर नेता अंसार खान ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि उनकी पत्नी मोमिना बेगम मानगो मेयर पद के लिए चुनाव लड़ेंगी।

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बस्ती वासियों की सलाह पर लिया निर्णय

​अंसार खान ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से मानगो के विभिन्न वार्डों और बस्तियों में जनसंपर्क अभियान चला रहे थे। चूंकि मानगो मेयर की सीट महिला के लिए आरक्षित की गई है, इसलिए स्थानीय जनता और समर्थकों ने उनसे अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारने का मशविरा दिया। अंसार खान ने कहा, “बस्ती वासियों के प्यार और आश्वासन के बाद ही मैंने मोमिना बेगम को प्रत्याशी बनाने का निर्णय लिया है।”

कौन हैं अंसार खान? (एक कर्मठ पहचान)

​अंसार खान कांग्रेस के एक वरिष्ठ और सक्रिय चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। उनकी पहचान केवल एक नेता की नहीं, बल्कि एक ‘जमीनी कार्यकर्ता’ की रही है:

  • संगठनात्मक अनुभव: वर्तमान में जिला उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ वे झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि भी रह चुके हैं।
  • पूर्व मंत्री के करीबी: वे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
  • ‘मजदूर नेता’ की छवि: अंसार खान मानगो की जनता के बीच उस छवि के लिए चर्चित हैं, जब वे खुद कंधे पर सीढ़ी रखकर स्ट्रीट लाइटें ठीक करने निकल पड़ते थे।

जनता के बीच सक्रियता: 24/7 उपलब्ध

​मानगो की आवाम में अंसार खान अपनी त्वरित सेवा के लिए लोकप्रिय हैं। चाहे रोड, नाली, स्ट्रीट लाइट की समस्या हो या बिजली और पानी का संकट, दिन हो या रात, एक फोन कॉल पर वे मौके पर हाजिर रहते हैं। बस्ती क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर लगवाने से लेकर केबल दुरुस्त करवाने तक में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।

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मोमिना बेगम की दावेदारी से मुकाबला हुआ दिलचस्प

​अंसार खान की मजबूत पकड़ और सेवा भाव का लाभ उनकी पत्नी मोमिना बेगम को मिलने की उम्मीद है। समर्थकों का मानना है कि अंसार खान द्वारा किए गए विकास कार्यों और जनता के साथ उनके सीधे जुड़ाव के कारण मोमिना बेगम इस दौड़ में एक मजबूत प्रत्याशी के रूप में उभरेंगी।

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संसद अब और भी ‘स्मार्ट’: सांसदों को सीट पर बैठकर लगानी होगी डिजिटल हाजिरी; एआई (AI) संभालेगा अनुवाद का जिम्मा

नई दिल्ली/लखनऊ: संसद के आगामी बजट सत्र (28 जनवरी 2026 से शुरू) में लोकसभा सचिवालय एक नई और सख्त शुरुआत करने जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान घोषणा की कि अब सांसदों की हाजिरी की पुरानी व्यवस्था पूरी तरह बदल दी जाएगी।

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सीट पर बैठेंगे, तभी लगेगी हाजिरी

​अब तक सांसद सदन के बाहर रखे रजिस्टर में हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा देते थे, लेकिन अब यह व्यवस्था इतिहास बन जाएगी।

  • डिजिटल कंसोल: हर सांसद की सीट पर एक डिजिटल कंसोल लगाया गया है। सांसद अपनी आवंटित सीट पर बैठकर ही बायोमेट्रिक या डिजिटल तरीके से हाजिरी लगा पाएंगे।
  • नो वर्क, नो पे: यदि कोई सांसद देरी से आता है और तब तक सदन स्थगित हो जाता है, तो उसकी हाजिरी नहीं लग पाएगी। इसका सीधा असर उनके उस दिन के वेतन और भत्तों पर पड़ेगा।
  • अनुशासन: इस कदम का उद्देश्य सदन में सांसदों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और ‘हस्ताक्षर करके चले जाने’ की प्रवृत्ति पर लगाम लगाना है।

एआई (AI) का ‘संसदीय अवतार’: 22 भाषाओं में अनुवाद की तैयारी

​संसद की कार्यवाही को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का परीक्षण शुरू कर दिया गया है।

  • रियल-टाइम अनुवाद: वर्तमान में एआई का उपयोग वक्ताओं के भाषणों को विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करने के लिए किया जा रहा है। अभी यह 80% सटीक है, जिसे आईटी कंपनियों की मदद से 100% करने का लक्ष्य है।
  • समय की बचत: पहले कार्यवाही का ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड होने में 4 घंटे लगते थे, जो एआई की मदद से अब मात्र 30 मिनट में हो जाएगा।
  • मानसून सत्र का लक्ष्य: मानसून सत्र 2026 तक अनुवाद प्रक्रिया को पूरी तरह एआई संचालित करने की योजना है।

विधानसभाओं के लिए ’30 दिन’ का संकल्प

​ओम बिरला ने राज्य विधानसभाओं के गिरते कार्य दिवसों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अधिकांश विधानसभाएं साल में 30 दिन भी नहीं चल पा रही हैं। सम्मेलन में एक संकल्प पारित किया जाएगा कि देश की सभी विधानसभाएं साल में न्यूनतम 30 दिन अवश्य चलें।

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं:

  • पेपरलेस विधायिका: संसद के साथ-साथ अब लगभग सभी विधानसभाएं ‘डिजिटल’ और ‘पेपरलेस’ हो चुकी हैं।
  • विपक्ष की भूमिका: बिरला ने अपील की कि विपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट चर्चा में सक्रिय रूप से अपनी बात रखनी चाहिए।
  • महाभियोग: जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया पर उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
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दलमा बना ‘कार्निवोरस’ पौधों का नया ठिकाना: हाथियों के बाद अब मांसाहारी पौधों की खोज से शोधकर्ता उत्साहित

जमशेदपुर/दलमा: हाथियों के स्वर्ग के रूप में प्रसिद्ध दलमा वन्यजीव अभयारण्य अब अपनी जैव विविधता के एक और रहस्यमयी पहलू के लिए चर्चा में है। वन विभाग और शोधकर्ताओं ने अभयारण्य के विभिन्न क्षेत्रों में दुर्लभ मांसाहारी (Insectivorous) पौधों की पहचान की है, जो इस प्राकृतिक आवास की समृद्धि को दर्शाता है।

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कहां मिले कौन से पौधे?

​अभयारण्य के अलग-अलग हिस्सों में दो प्रमुख मांसाहारी प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गई है:

  • पटमदा क्षेत्र: यहाँ ड्रोसेरा बर्मानी (Drosera burmannii) नामक पौधा मिला है। यह लाल रंग का एक छोटा पौधा होता है, जिसके पत्तों पर चिपचिपी बूंदें होती हैं।
  • बालीगुमा और कोंकादाशा क्षेत्र: इन क्षेत्रों में यूटिकुलेरिया (Utricularia) प्रजाति की पहचान हुई है, जिसे ‘ब्लैडरवॉर्ट’ भी कहा जाता है।

कैसे काम करते हैं ये ‘शिकारी’ पौधे?

​ये पौधे उन क्षेत्रों में उगते हैं जहाँ मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी होती है। पोषण की इस कमी को पूरा करने के लिए इन्होंने एक अनोखा तरीका विकसित किया है:

  1. शिकार: ये पौधे कीटों और सूक्ष्म जीवों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
  2. ट्रैप: ड्रोसेरा अपनी चिपचिपी ग्रंथियों से कीटों को जकड़ लेता है, जबकि यूटिकुलेरिया पानी के भीतर वैक्यूम प्रेशर के जरिए कीटों को निगल जाता है।
  3. पाचन: शिकार को फंसाने के बाद ये पौधे एंजाइम्स के जरिए उसे पचा लेते हैं और नाइट्रोजन प्राप्त करते हैं।

संरक्षण के लिए उठाए जा रहे कड़े कदम

​फॉरेस्ट गार्ड सह शोधार्थी राजा घोष ने इस खोज की पुष्टि करते हुए बताया कि इसकी विस्तृत जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। इन पौधों की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग ने निम्नलिखित योजना बनाई है:

  • प्रवेश पर नियंत्रण: उन विशेष क्षेत्रों में आम लोगों और मवेशियों के प्रवेश को सीमित किया जाएगा जहाँ ये पौधे पाए गए हैं।
  • प्राकृतिक आवास का संरक्षण: इन पौधों के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जाएगा।

दलमा के लिए गर्व का क्षण

​वन विभाग के अनुसार, मांसाहारी पौधों की मौजूदगी यह सिद्ध करती है कि दलमा का वातावरण प्रदूषण मुक्त है और यहाँ का पारिस्थितिक तंत्र बेहद संतुलित है। यह खोज भविष्य में वनस्पति विज्ञान के शोधकर्ताओं के लिए नए द्वार खोलेगी।

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रांची: सिल्ली के स्कूल में घुसा लकड़बग्घा, बच्चों और शिक्षकों में मची अफरा-तफरी; ग्रामीणों में दहशत

रांची (सिल्ली): झारखंड की राजधानी रांची के सिल्ली प्रखंड अंतर्गत पतराहातू स्थित आदर्श उच्च विद्यालय में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक लकड़बग्घा अचानक स्कूल परिसर में घुस आया। स्कूल खुलते ही सामने आए इस जंगली जानवर को देख बच्चों और शिक्षकों में खलबली मच गई और पूरा गांव दहशत के साये में आ गया।

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स्कूल खुलते ही हुआ सामना

​जानकारी के अनुसार, जैसे ही सुबह बच्चे विद्यालय पहुंचे, उन्होंने परिसर में लकड़बग्घे को घूमते देखा। जानवर को देखते ही बच्चे शोर मचाते हुए इधर-उधर भागने लगे। शिक्षकों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत मोर्चा संभाला और सभी बच्चों को सुरक्षित कमरों और ऊंचे स्थानों पर ले जाया गया। देखते ही देखते स्कूल परिसर को खाली करा लिया गया।

वन विभाग को दी गई सूचना

​घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम को मौके के लिए रवाना कर दिया गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जंगली जानवर के गांव के इतने करीब आने से खेती-बाड़ी और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

सिल्ली में बार-बार वन्यजीवों का दस्तक

​सिल्ली प्रखंड में जंगली जानवरों के रिहायशी इलाकों में घुसने की यह पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों ने याद दिलाया कि:

  • बाघ की घटना: कुछ महीने पहले सिल्ली के ही मारदु गांव में एक बाघ घर के अंदर घुस गया था, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने रेस्क्यू किया था।
  • बढ़ता खतरा: लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी और डर दोनों व्याप्त है।

प्रशासन की अपील: सतर्क रहें ग्रामीण

​प्रशासन और वन विभाग ने पतराहातू और आसपास के ग्रामीणों से अपील की है कि:

  1. ​स्कूल के आसपास बेवजह भीड़ न लगाएं, इससे जानवर उग्र हो सकता है।
  2. ​अकेले सुनसान रास्तों पर जाने से बचें।
  3. ​किसी भी वन्यजीव को देखने पर स्वयं पकड़ने की कोशिश न करें, तुरंत विभाग को सूचित करें।
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‘बॉर्डर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर शंखनाद: एडवांस बुकिंग में सनी देओल ने तोड़े अपने ही रिकॉर्ड, ‘गदर 2’ को भी पछाड़ा

मुंबई: भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित सीक्वल फिल्मों में से एक ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लाने के लिए तैयार है। 23 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली इस फिल्म की एडवांस बुकिंग सोमवार से शुरू हुई और महज 24 घंटों के भीतर ही इसने ट्रेड विश्लेषकों को चौंका दिया है।

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24 घंटे में बिके 73,000 टिकट

​Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, ‘बॉर्डर 2’ ने एडवांस बुकिंग के पहले ही दिन 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है। देशभर के 11,000 से ज्यादा शो के लिए अब तक 73,000 से अधिक टिकट बिक चुके हैं। ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म BookMyShow पर हर घंटे करीब 2,000 टिकटों की बिक्री हो रही है, जो फिल्म के प्रति दर्शकों के जबरदस्त क्रेज को दर्शाती है।

पिछली फिल्मों से तुलना: सनी देओल का नया शिखर

​’बॉर्डर 2′ की शुरुआती बुकिंग ने सनी देओल की ही पिछली ब्लॉकबस्टर फिल्मों और हालिया रिलीज को पीछे छोड़ दिया है:

फिल्मपहले दिन की एडवांस बुकिंगओपनिंग डे कलेक्शन
बॉर्डर 2₹2.5 करोड़+23 जनवरी को पता चलेगा
गदर 2₹2.2 करोड़₹40.10 करोड़
जाट₹2.4 करोड़ (कुल बुकिंग)₹18 करोड़
धुरंधर₹1 करोड़₹28 करोड़

क्या है ‘बॉर्डर 2’ में खास?

​1997 की ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर ‘बॉर्डर’ की यह दूसरी कड़ी देशभक्ति और युद्ध के जज्बे से भरी है।

  • कलाकार: सनी देओल के साथ इस बार वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं।
  • निर्देशन: अनुराग सिंह ने इस युद्ध ड्रामा का निर्देशन किया है।
  • निर्माता: भूषण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता के बड़े बैनर तले इसे तैयार किया गया है।

ट्रेड प्रेडिक्शन: क्या बनेगा नया रिकॉर्ड?

​फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि जिस रफ्तार से टिकट बिक रहे हैं, ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन 45 से 50 करोड़ का आंकड़ा छू सकती है। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के लंबे वीकेंड का फायदा भी फिल्म को मिलना तय माना जा रहा है।

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साईं भक्ति केवल पूजा नहीं, जीवन जीने की कला है: डॉ. चंद्रभानु सत्पथी जी

जमशेदपुर: सर्किट हाउस एरिया स्थित श्री साईं सेंटर में मंगलवार को आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार हुआ। अवसर था महान आध्यात्मिक गुरु और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी डॉ. चंद्रभानु सत्पथी जी (गुरुजी) के शुभागमन का। गौरतलब है कि वर्ष 1972 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. सत्पथी ने ही 18 अक्टूबर 2012 को इस भव्य केंद्र की प्राण-प्रतिष्ठा की थी।

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भव्य स्वागत और सम्मान

​केंद्र के अध्यक्ष एवं विख्यात उद्योगपति श्री एस. के. बेहरा ने गुरुजी का गर्मजोशी से स्वागत किया। महासचिव अमरेश सिन्हा और विजय मेहता सहित अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और प्रदक्षिणा के बाद गुरुजी ने उपस्थित सैकड़ों भक्तों को संबोधित किया।

गुरुजी का दिव्य संदेश: “भक्ति को विंडो शॉपिंग न बनाएं”

​अपने संबोधन में डॉ. सत्पथी ने वर्तमान समय की दिखावे वाली भक्ति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:

  • कर्म ही पूजा है: असली भक्ति केवल मंदिर जाने में नहीं, बल्कि जीवन में अच्छे कर्म और संवेदनशीलता अपनाने में है।
  • दिखावे से दूर रहें: उन्होंने चिंता जताई कि आज मंदिरों को ‘भगवान की विंडो शॉपिंग’ बना दिया गया है, जो कि गलत है।
  • सजीव स्वरूप: साईं बाबा प्रेम और करुणा के सजीव स्वरूप हैं, उन्हें केवल पूजा विधियों तक सीमित न रखें।

संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी

​गुरुजी ने माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। उन्होंने अभिभावकों को नसीहत दी कि वे बच्चों को बचपन से ही आध्यात्मिक संस्कारों से जोड़ें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों के बिगड़ने पर भगवान को दोष देने से पहले माता-पिता को अपनी जिम्मेदारी देखनी चाहिए।

सांस्कृतिक प्रस्तुति और सेवा कार्यों की सराहना

​कार्यक्रम के दौरान उत्कल एसोसिएशन के कलाकारों ने मनमोहक ओड़िशी नृत्य और भजनों की प्रस्तुति दी। सचिव अमरेश सिन्हा ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सेंटर द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों (शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक मदद) का विवरण दिया, जिसकी गुरुजी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

​”साईं बाबा या गुरु गोबिंद सिंह जैसे संतों ने त्याग और करुणा की जो परिभाषा गढ़ी है, उसका पालन करना ही जीवन की असली सफलता है।” — डॉ. चंद्रभानु सत्पथी जी

अध्यक्ष का संकल्प

​अध्यक्ष श्री एस. के. बेहरा ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि गुरुजी का मार्गदर्शन केंद्र के लिए ऊर्जा का स्रोत है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि यह केंद्र गुरुजी के बताए प्रेम और करुणा के मार्ग पर चलते हुए समाज सेवा के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

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आजाद नगर पुलिस की बड़ी सफलता: संपत्ति मूलक अपराध का वारंटी ‘तौफीक उर्फ बाबू’ गिरफ्तार

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘समकालीन अभियान’ के तहत आजाद नगर थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने संपत्ति मूलक अपराधों (Property Crimes) के मामले में वांछित वारंटी मोहम्मद तौफीक उर्फ बाबू को गिरफ्तार कर लिया है।

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छापेमारी और गिरफ्तारी

​आजाद नगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर रोड नंबर 17, क्रॉस रोड नंबर 01 स्थित ग्रीन वैली क्षेत्र में दबिश दी। पुलिस ने घेराबंदी कर मोहम्मद तौफीक (25 वर्ष) को धर दबोचा। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था और उसके विरुद्ध न्यायालय से वारंट निर्गत था।

अभियुक्त का विवरण:

  • नाम: मोहम्मद तौफीक उर्फ बाबू
  • उम्र: 25 वर्ष
  • पिता: मोहम्मद शफीक
  • पता: रोड नंबर 17, क्रॉस रोड नंबर 01, ग्रीन वैली, आजाद नगर।

न्यायिक प्रक्रिया

​गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की विधिवत जांच और कागजी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोहम्मद तौफीक संपत्ति से जुड़े अपराधों (जैसे चोरी या लूट) में वांछित था। उसे आज माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थापन (Present) हेतु अग्रसारित कर दिया गया है, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।

समकालीन अभियान का असर

​एसएसपी जमशेदपुर के निर्देश पर जिले भर में चलाए जा रहे ‘समकालीन अभियान’ का उद्देश्य फरार वारंटियों और अपराधियों की धर-पकड़ कर शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना है। आजाद नगर पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप है।

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