एक नई सोच, एक नई धारा

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दिल्ली में मिले झारखंड और संगठन के दिग्गज: पूर्व सीएम चम्पाई सोरेन ने नितिन नवीन को दी बधाई

नई दिल्ली: भारतीय राजनीति के बदलते घटनाक्रमों के बीच, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री चम्पाई सोरेन ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा केंद्रीय मुख्यालय में पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट कर नितिन नवीन को विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल की कमान संभालने पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

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युवा नेतृत्व से मजबूत होगा सांगठनिक ढांचा

​मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए चम्पाई सोरेन ने नितिन नवीन के नेतृत्व पर गहरा विश्वास जताया। उन्होंने कहा:

  • ऊर्जावान नेतृत्व: नितिन नवीन जैसे युवा और ऊर्जावान अध्यक्ष की नियुक्ति से भाजपा का सांगठनिक ढांचा और अधिक सुदृढ़ और सक्रिय होगा।
  • संगठन का विस्तार: यह नियुक्ति दर्शाती है कि भाजपा नए विचारों और युवाओं को आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आगामी चुनावों में ‘विजयी अभियान’ का भरोसा

​पूर्व मुख्यमंत्री ने भविष्य की चुनावी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि नितिन नवीन के कुशल रणनीतिक कौशल का लाभ पार्टी को देश भर में मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि:

  1. पश्चिम बंगाल, असम और केरल जैसे राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा का विजयी रथ निरंतर आगे बढ़ेगा।
  2. ​अध्यक्ष की नई कार्यशैली कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकेगी, जिससे जमीनी स्तर पर संगठन और अधिक प्रभावी होगा।

झारखंड के लिए भी खास महत्व

​नितिन नवीन पूर्व में झारखंड के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के प्रभारी रह चुके हैं और झारखंड की राजनीति की भी उन्हें गहरी समझ है। चम्पाई सोरेन और नितिन नवीन की यह मुलाकात झारखंड भाजपा के लिए भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहाँ आने वाले समय में संगठन को नए सिरे से मजबूती देने की योजना है।

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न्याय सदन में विधिक प्रशिक्षण: कैदियों को त्वरित कानूनी सहायता देना प्राथमिकता, पीएलवी बनें गरीबों की आवाज़

जमशेदपुर: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के तत्वावधान में मंगलवार को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित न्याय सदन के सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र मुख्य रूप से लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के सदस्यों और अधिकार मित्रों (PLV) के लिए आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य कानूनी सहायता की प्रक्रिया को अधिक सुलभ और तीव्र बनाना है।

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कैदियों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं

​मुख्य प्रशिक्षक और चीफ एलएडीसी विदेश सिन्हा ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि जेल में बंद किसी भी कैदी द्वारा कानूनी सहायता के लिए दिए गए आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि:

  • ​बंदी आवेदन पत्र पर देरी करना कैदी के मौलिक और कानूनी अधिकारों का हनन है।
  • ​न्यायिक अभिरक्षा में रहने वाले बंदियों को बिना किसी विलंब के कानूनी परामर्श और पैरवी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
  • ​आवेदन प्राप्त होते ही विधिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया तुरंत प्रारंभ की जाए।

पीएलवी (PLV): समाज और न्याय के बीच का सेतु

​डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने अधिकार मित्रों (पैरा लीगल वॉलंटियर्स) की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी भूमिका केवल जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं है।

  • गरीबों के मददगार: अधिकार मित्र गरीब, अशिक्षित और वंचित समुदायों को कानूनी मदद दिलाने में ‘मददगार’ की भूमिका निभाएं।
  • डीएलएसए से जुड़ाव: जरूरतमंदों को चिन्हित कर उन्हें सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) तक लाएं ताकि उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता मिल सके।

प्रमुख उपस्थिति

​इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एलएडीसी और पीएलवी की टीम ने सक्रिय भागीदारी की, जिनमें मुख्य रूप से पवन तिवारी, अभिनव कुमार, मनोज कुमार, अंकित प्रताप, योगिता कुमारी, संजीत दास, प्रभात सरदार और रमैया एस सहित अन्य उपस्थित रहे।

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एनआईटी जमशेदपुर में IoT आधारित स्वास्थ्य नवाचार कार्यक्रम का शुभारंभ; MSME और तकनीक के संगम पर चर्चा

जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग में 19 से 23 जनवरी 2026 तक चलने वाले पांच दिवसीय उन्नत उद्यमिता और कौशल विकास कार्यक्रम (A-ESDP) का भव्य शुभारंभ हुआ। एमएसएमई (MSME) मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘IoT-Driven Healthcare Innovations for MSMEs’ है।

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तकनीक से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की सूरत

​इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य मध्यम और लघु उद्योगों (MSMEs) के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) आधारित स्वास्थ्य नवाचार तकनीकों को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों ने चर्चा की कि कैसे भविष्य में स्मार्ट डिवाइसेस के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और सटीक बनाया जा सकता है।

शीर्ष संस्थानों के विशेषज्ञों का जमावड़ा

​कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान दिए, जिनमें शामिल हैं:

  • आईआईटी (IIT): खड़गपुर और पटना।
  • एनआईटी (NIT): रायपुर, जमशेदपुर, भोपाल (MANIT)।
  • अन्य संस्थान: सीएसआईआर-एनएमएल जमशेदपुर, एक्सएलआरआई (XLRI), वीआईटी वेल्लोर, अर्का जैन यूनिवर्सिटी और ग्राफ़िक एरा यूनिवर्सिटी।
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कुशल मार्गदर्शन और आयोजन

​यह कार्यक्रम संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार और उप निदेशक प्रो. (डॉ.) आर. वी. शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के सफल संचालन में निम्नलिखित का प्रमुख योगदान है:

  • संयोजक: डॉ. बासुदेव बेहेरा।
  • सह-संयोजक: डॉ. नागेन्द्र कुमार एवं डॉ. अजय कुमार।
  • सहयोग टीम: दिव्यांशु दिनकर राय, दुर्गेश कुमार नंदन, अमन राज एवं शशि कान्त भारती।

प्रतिभागियों का उत्साह

​इस कार्यशाला में देशभर से चयनित 20 प्रतिभागियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। अकादमिक और शोध समुदाय के लिए यह कार्यक्रम स्वास्थ्य तकनीक के क्षेत्र में नए स्टार्टअप और उद्यमिता के अवसरों को समझने के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है।

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शिक्षा निदेशक की दो-टूक: निकाय चुनाव से पहले पूरा करें शिशु पंजी सर्वे, लापरवाही बरतने वाले DEO पर होगी कार्रवाई

रांची: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शशि रंजन ने राज्य के सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों (DEO और DSE) के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने विकास कार्यों और सर्वे की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि कर्तव्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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निकाय चुनाव की आहट: ‘डहर 2.0’ पोर्टल पर काम तेज करने का निर्देश

​निदेशक ने कहा कि राज्य में किसी भी वक्त निकाय चुनावों की घोषणा हो सकती है। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ‘डहर 2.0’ पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे शशि पंजी सर्वे को हर हाल में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि समय सीमा के भीतर डेटा अपलोड न होना प्रशासनिक विफलता मानी जाएगी।

परीक्षा की तैयारी: कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं

​आगामी बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए शिक्षा विभाग ने CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के लिए नई रणनीति तैयार की है:

  • प्री-बोर्ड विश्लेषण: प्री-बोर्ड 1 और 2 के परिणामों के आधार पर कमजोर छात्रों की पहचान की जाएगी।
  • रेमिडियल कक्षाएं: इन छात्रों के लिए विशेष ‘रेमिडियल क्लासेस’ (उपचारात्मक कक्षाएं) संचालित होंगी।
  • निरंतर आकलन: छात्रों की प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाएगा ताकि बोर्ड परीक्षा के परिणामों में सुधार हो सके।

वेतन और प्रमाण पत्र सत्यापन: 27 जनवरी तक की डेडलाइन

​बजट सत्र से पहले शिक्षकों और कर्मियों के बकाया भुगतान को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं:

  1. मानदेय भुगतान: पारा शिक्षकों, BRP और CRP के मानदेय से संबंधित मामलों का त्वरित निष्पादन करें।
  2. सत्यापन: BRP और CRP के प्रमाण पत्रों के सत्यापन का कार्य 1-2 दिनों में पूरा करने को कहा गया है।
  3. चेतावनी: जिन जिलों ने 27 जनवरी तक यह टास्क पूरा नहीं किया, वहां के DEO के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।

नामांकन और नियुक्ति की समीक्षा

​बैठक में आवासीय विद्यालयों की स्थिति पर भी चर्चा हुई:

  • शत-प्रतिशत नामांकन: कस्तूरबा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों में समय पर 100% नामांकन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
  • ई-विद्यावाहिनी: नवनियुक्त सहायक आचार्यों का पंजीकरण जल्द से जल्द ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर करने का निर्देश दिया गया है।
  • नियुक्ति: आवासीय विद्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटरों और शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।
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झारखंड में कोचिंग संस्थानों पर कसा शिकंजा: राज्यपाल ने ‘कोचिंग सेंटर विनियमन विधेयक-2025’ को दी मंजूरी

रांची: झारखंड के शिक्षा जगत में पारदर्शिता और अनुशासन लाने के लिए मंगलवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ‘झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक-2025’ को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही राज्य में अब कोचिंग सेंटरों के लिए पंजीकरण से लेकर फीस और सुरक्षा तक के कड़े नियम प्रभावी हो जाएंगे।

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अनिवार्य पंजीकरण और त्रिस्तरीय ढांचा

​नए कानून के तहत, राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों को सरकारी वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

  • समयसीमा: कानून लागू होने के 6 महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।
  • कैंपस नियम: एक ही संस्थान के अलग-अलग जिलों या क्षेत्रों में स्थित हर कैंपस का अलग पंजीकरण अनिवार्य है।
  • नियामक समिति: जिला स्तर पर उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता में समिति बनेगी, जबकि राज्य स्तर पर सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी की अध्यक्षता में प्राधिकरण का गठन होगा।

छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर

​विधेयक में छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने के लिए क्रांतिकारी प्रावधान किए गए हैं:

  • काउंसलर की नियुक्ति: हर 1000 छात्रों पर एक मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर रखना अनिवार्य होगा।
  • निःशुल्क सेवा: साल में कम से कम 200 दिनों तक छात्रों को मुफ्त काउंसलिंग देनी होगी।
  • समय सीमा: कोचिंग संस्थान केवल सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही संचालित किए जा सकेंगे।

भ्रामक विज्ञापनों और फीस पर लगाम

​अक्सर देखा जाता है कि कोचिंग संस्थान सफलता के गलत दावे कर छात्रों को लुभाते हैं, अब ऐसा करना भारी पड़ेगा:

  • विज्ञापन नियम: रैंक, मार्क्स या सफलता दर को लेकर झूठे दावे करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
  • पारदर्शिता: फीस स्ट्रक्चर को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा और रिफंड पॉलिसी को वेबसाइट पर सार्वजनिक करना अनिवार्य है।
  • बैंक गारंटी: नगर निगम क्षेत्रों में 5 लाख, नगर परिषदों में 1 लाख और अन्य क्षेत्रों में 50 हजार रुपये की बैंक गारंटी देनी होगी।

उल्लंघन पर भारी जुर्माना और सजा

​नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के लिए दंड के कड़े प्रावधान हैं:

  1. पहली बार उल्लंघन: 5 लाख रुपये तक का जुर्माना।
  2. दूसरी बार उल्लंघन: 10 लाख रुपये तक का जुर्माना।
  3. तीसरी बार: पंजीकरण रद्द (Cancel) कर दिया जाएगा और संस्थान को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
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भाजपा में ‘नितिन युग’ का आगाज़: ‘मिलेनियल बॉस’ के तेवरों से बदला संगठन का मिजाज, अब नवीन की बात ही सर्वोपरि

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन के पदभार संभालते ही संगठन के भीतर एक बड़े बदलाव की आहट सुनाई देने लगी है। 20 जनवरी 2026 को निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद, नितिन नवीन ने अपनी कार्यशैली और संवाद से यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा अब एक नई ऊर्जा और आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी।

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पीएम मोदी ने दिया ‘मिलेनियल बॉस’ का खिताब

​नितिन नवीन के निर्वाचन को भाजपा में एक ‘पीढ़ीगत बदलाव’ (Generational Shift) के रूप में देखा जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ‘मिलेनियल बॉस’ कहकर संबोधित किया। प्रधानमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि अब संगठन के मामलों में नितिन नवीन का निर्णय ही अंतिम और सर्वोपरि होगा।

शैली में बदलाव: तर्कोचित और काम-केंद्रित संवाद

​राजनीतिक विश्लेषकों ने गौर किया है कि अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन के भाषणों की ‘टोन’ बदल गई है। उनके संवाद में अब:

  • स्पष्टता और गंभीरता: सामान्य राजनीतिक लफ्फाजी के बजाय वे अब डेटा, तर्क और काम-केंद्रित बातों पर जोर दे रहे हैं।
  • चुनावी आक्रामकता: पद संभालते ही उन्होंने संगठन को ‘चुनावी मोड’ में डाल दिया है, जो उनकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाता है।
  • नया दृष्टिकोण: वे संगठन को अधिक प्रेरित और डिजिटल युग के अनुकूल बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

कार्यकारी अध्यक्ष से शीर्ष पद तक का सफर

​अध्यक्ष बनने से पहले नितिन नवीन पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपनी क्षमताएं सिद्ध कर चुके हैं। बिहार की राजनीति में मजबूत पकड़ और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी का मानना है कि उनकी यह नई पहचान बदलते राजनीतिक समीकरणों में भाजपा को बढ़त दिलाएगी।

​”भाजपा में अब पद नहीं, बल्कि नई ऊर्जा और कड़े फैसलों का समय है। नितिन नवीन का नेतृत्व संगठन को और अधिक संगठित और आक्रामक बनाएगा।” — राजनीतिक विश्लेषक

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भारतीय इंजीनियरिंग का लोहा: NHAI ने हाईवे निर्माण में बनाए 4 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, गडकरी ने दी बधाई

नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क निर्माण के क्षेत्र में एक नया वैश्विक मानदंड स्थापित करते हुए इतिहास रच दिया है। बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के दौरान एनएचएआई ने लगातार बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने के कार्य में एक साथ चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।

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टूटा पुराना रिकॉर्ड: 156 लेन-किलोमीटर का नया कीर्तिमान

​एनएचएआई ने हाईवे इंजीनियरिंग में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए कुल 156 लेन-किलोमीटर सड़क पर लगातार बिटुमिनस कंक्रीट की परत बिछाई। इस विशाल कार्य में कुल 57,500 मीट्रिक टन सामग्री का उपयोग किया गया।

​उल्लेखनीय है कि पिछला विश्व रिकॉर्ड केवल 84.4 लेन-किलोमीटर का था, जिसे भारत ने लगभग दोगुने अंतर से पीछे छोड़ दिया है।

नितिन गडकरी ने थपथपाई टीम की पीठ

​इस असाधारण सफलता पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएचएआई की टीम और कंसेशनायर कंपनी राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को हार्दिक बधाई दी।

​उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा करते हुए कहा:

​”यह सफलता आधुनिक तकनीक और सख्त गुणवत्ता मानकों का परिणाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रहा है। यह रिकॉर्ड हमारी बढ़ती इंजीनियरिंग क्षमता का जीवंत प्रमाण है।”

दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

​यह प्रोजेक्ट केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक लाभ भी होंगे:

  • आर्थिक गलियारा: बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा कॉरिडोर से दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच की दूरी कम होगी।
  • व्यापार को बढ़ावा: बेहतर कनेक्टिविटी से माल ढुलाई आसान होगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
  • समय की बचत: आधुनिक तकनीक से बनी ये सड़कें लंबी अवधि तक टिकाऊ रहेंगी और यात्रा समय को कम करेंगी।

सफलता के मुख्य बिंदु:

  • रिकॉर्ड की संख्या: 04 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड।
  • काम की लंबाई: 156 लेन-किलोमीटर (लगातार)।
  • सामग्री की खपत: 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट।
  • प्रमुख सहयोगी: राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड।
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झारखंड की उच्च शिक्षा संकट में: 60 छात्रों पर महज एक शिक्षक; बिहार से थोड़ी बेहतर, लेकिन राष्ट्रीय औसत से कोसों दूर

रांची: झारखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। राज्य विधानसभा में प्रस्तुत झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2024-26 के आंकड़ों ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों की भारी किल्लत है, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता और छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है।

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राष्ट्रीय औसत बनाम झारखंड: एक कड़वा सच

​आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में छात्र-शिक्षक अनुपात राष्ट्रीय मानकों की तुलना में बेहद निराशाजनक है। जहाँ पूरे देश में उच्च शिक्षा का स्तर सुधर रहा है, वहीं झारखंड इस दौड़ में पिछड़ता दिख रहा है।

क्षेत्रझारखंड (छात्र:शिक्षक)भारत (छात्र:शिक्षक)
कुल उच्च शिक्षण संस्थान54 : 123 : 1
विश्वविद्यालय एवं कॉलेज60 : 124 : 1

झारखंड की स्थिति केवल पड़ोसी राज्य बिहार से कुछ बेहतर है, लेकिन देश के अन्य विकसित राज्यों के मुकाबले यह बेहद गंभीर है।

सफेद हाथी साबित हो रहे हैं विश्वविद्यालय?

​आर्थिक सर्वेक्षण में स्पष्ट किया गया है कि राज्य के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) के लगभग आधे पद रिक्त पड़े हैं। वहीं, सह प्राध्यापक (Associate Professor) और प्राध्यापक (Professor) के पद तो ‘नहीं के बराबर’ भरे हुए हैं।

मुख्य कारण:

  • नियुक्ति में विलंब: लंबे समय से राज्य के विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में नियमित शिक्षकों की बहाली नहीं हुई है।
  • AISHE रिपोर्ट: यह विश्लेषण एआईएसएचई (AISHE) 2021-22 की रिपोर्ट पर आधारित है, और तब से अब तक नियुक्तियां न होने के कारण स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

​शिक्षकों की इस कमी का सीधा असर राज्य के सकल नामांकन अनुपात (GER) और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। इस बीच, सर्वोच्च न्यायालय ने देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक रिक्त पदों को चार माह के भीतर भरा जाए।

विशेषज्ञों की राय

​शिक्षाविदों का मानना है कि यदि जल्द ही नियुक्तियां नहीं की गईं, तो झारखंड के छात्र दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होंगे। आर्थिक सर्वेक्षण में भी इस स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे राज्य के विकास में बड़ी बाधा माना गया है।

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जमशेदपुर: निजी स्कूलों के नामांकन में फर्जीवाड़े की आहट; 35 जन्म प्रमाण पत्र संदिग्ध, JNAC से मांगी गई रिपोर्ट

जमशेदपुर: शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों (BPL कोटा) पर नामांकन के लिए जमा किए गए दस्तावेजों की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती स्क्रूटनी के दौरान 35 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी है।

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JNAC और मानगो अंचल को भेजा गया पत्र

​शिक्षा विभाग ने इन संदिग्ध दस्तावेजों की सत्यता की जांच के लिए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। विभाग ने उन 35 संदिग्ध जन्म प्रमाण पत्रों की सूची जेएनएसी को भेजी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे आधिकारिक रूप से जारी किए गए हैं या फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं।

आय प्रमाण पत्रों पर भी गहराया शक

​जांच का दायरा केवल जन्म प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं है। शिक्षा विभाग को मानगो नगर निगम क्षेत्र से संबंधित 5 आय प्रमाण पत्रों में भी विसंगतियां मिली हैं। इन प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए मानगो अंचल कार्यालय भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि आरक्षित सीटों का लाभ लेने के लिए कुछ आवेदकों ने गलत आय का विवरण प्रस्तुत किया है।

फर्जी पाए जाने पर सीधे निरस्त होंगे आवेदन

​शिक्षा विभाग ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि:

  • ​यदि जेएनएसी या अंचल कार्यालय से प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की पुष्टि होती है, तो संबंधित बच्चों के आवेदनों को तत्काल निरस्त (Cancel) कर दिया जाएगा।
  • ​विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षित सीटों का लाभ केवल वास्तविक और योग्य बच्चों को ही मिले।

पिछले साल के मुकाबले सुधरी स्थिति

​राहत की बात यह है कि विभाग के अनुसार इस वर्ष फर्जीवाड़े के मामलों में गिरावट आई है।

  • पिछला रिकॉर्ड: पिछले वर्षों में लगभग 100 प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे।
  • वर्तमान सत्र: इस वर्ष 3,000 से अधिक आवेदनों में से अब तक 35 संदिग्ध पाए गए हैं।

अगला कदम: विभाग ने संबंधित निकायों को अविलंब रिपोर्ट सौंपने को कहा है ताकि नामांकन प्रक्रिया में देरी न हो और योग्य बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो।

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नितिन नवीन के नेतृत्व में भाजपा का ‘नवीन’ उदय; जमशेदपुर में जश्न और सेवा का संगम

जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन के कमान संभालते ही दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल में नए उत्साह का संचार हुआ है। मंगलवार को जैसे ही उनके निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा हुई, लौहनगरी जमशेदपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच खुशियों का सैलाब उमड़ पड़ा। साकची से लेकर बागबेड़ा तक, कार्यकर्ताओं ने इस उपलब्धि को उत्सव और सेवा के रूप में मनाया।

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साकची: नारों और गुलाल से गूँजा जिला कार्यालय

​साकची स्थित भाजपा जिला कार्यालय में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा के नेतृत्व में विजय जुलूस निकाला गया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और मिठाइयां बांटकर इस जीत का जश्न मनाया। कार्यालय के बाहर का पूरा वातावरण ‘भारत माता की जय’ और ‘नितिन नवीन जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा।

​जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:

​”नितिन नवीन जैसे युवा और कर्मठ नेता का चयन भाजपा के आंतरिक लोकतंत्र की विजय है। यह केवल भाजपा में ही संभव है कि एक साधारण कार्यकर्ता अपनी मेहनत के दम पर संगठन के सर्वोच्च शिखर तक पहुँच सके।”

​इस उत्सव में चंद्रशेखर मिश्रा, राजकुमार श्रीवास्तव, दिनेश कुमार, नीरज सिंह सहित सैकड़ों वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बागबेड़ा: सेवा कार्यों से मनाया नूतन नेतृत्व का स्वागत

​एक ओर जहाँ साकची में जीत का शोर था, वहीं बागबेड़ा की लोको कॉलोनी में खुशियों ने ‘मानवीय संवेदना’ का रूप लिया। मंडल अध्यक्ष अश्विनी तिवारी के नेतृत्व में कड़ाके की ठंड को देखते हुए सांसद बिद्युतबरण महतो के सौजन्य से एक विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

  • कंबल वितरण: क्षेत्र के वृद्धजनों और दिव्यांगों के बीच कंबलों का वितरण किया गया।
  • जनसेवा ही नारायण सेवा: कार्यकर्ताओं ने बुजुर्गों को लड्डू खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया।
  • संदेश: कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि भाजपा के लिए राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि नर सेवा का जरिया है।
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