नई दिल्ली/लखनऊ: संसद के आगामी बजट सत्र (28 जनवरी 2026 से शुरू) में लोकसभा सचिवालय एक नई और सख्त शुरुआत करने जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान घोषणा की कि अब सांसदों की हाजिरी की पुरानी व्यवस्था पूरी तरह बदल दी जाएगी।

सीट पर बैठेंगे, तभी लगेगी हाजिरी
अब तक सांसद सदन के बाहर रखे रजिस्टर में हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा देते थे, लेकिन अब यह व्यवस्था इतिहास बन जाएगी।
- डिजिटल कंसोल: हर सांसद की सीट पर एक डिजिटल कंसोल लगाया गया है। सांसद अपनी आवंटित सीट पर बैठकर ही बायोमेट्रिक या डिजिटल तरीके से हाजिरी लगा पाएंगे।
- नो वर्क, नो पे: यदि कोई सांसद देरी से आता है और तब तक सदन स्थगित हो जाता है, तो उसकी हाजिरी नहीं लग पाएगी। इसका सीधा असर उनके उस दिन के वेतन और भत्तों पर पड़ेगा।
- अनुशासन: इस कदम का उद्देश्य सदन में सांसदों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और ‘हस्ताक्षर करके चले जाने’ की प्रवृत्ति पर लगाम लगाना है।
एआई (AI) का ‘संसदीय अवतार’: 22 भाषाओं में अनुवाद की तैयारी
संसद की कार्यवाही को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का परीक्षण शुरू कर दिया गया है।
- रियल-टाइम अनुवाद: वर्तमान में एआई का उपयोग वक्ताओं के भाषणों को विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करने के लिए किया जा रहा है। अभी यह 80% सटीक है, जिसे आईटी कंपनियों की मदद से 100% करने का लक्ष्य है।
- समय की बचत: पहले कार्यवाही का ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड होने में 4 घंटे लगते थे, जो एआई की मदद से अब मात्र 30 मिनट में हो जाएगा।
- मानसून सत्र का लक्ष्य: मानसून सत्र 2026 तक अनुवाद प्रक्रिया को पूरी तरह एआई संचालित करने की योजना है।
विधानसभाओं के लिए ’30 दिन’ का संकल्प
ओम बिरला ने राज्य विधानसभाओं के गिरते कार्य दिवसों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अधिकांश विधानसभाएं साल में 30 दिन भी नहीं चल पा रही हैं। सम्मेलन में एक संकल्प पारित किया जाएगा कि देश की सभी विधानसभाएं साल में न्यूनतम 30 दिन अवश्य चलें।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं:
- पेपरलेस विधायिका: संसद के साथ-साथ अब लगभग सभी विधानसभाएं ‘डिजिटल’ और ‘पेपरलेस’ हो चुकी हैं।
- विपक्ष की भूमिका: बिरला ने अपील की कि विपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट चर्चा में सक्रिय रूप से अपनी बात रखनी चाहिए।
- महाभियोग: जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया पर उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।










