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जमशेदपुर (डिमना): डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MGM) एक बार फिर अपनी घोर लापरवाही के कारण सवालों के घेरे में है। अस्पताल के बेड से 14 मार्च को रहस्यमय तरीके से गायब हुए 54 वर्षीय टेम्पो चालक सुनील यादव का शव सोमवार शाम करीब 5:30 बजे अस्पताल परिसर के भीतर ही झाड़ियों और कचरे के ढेर से बरामद हुआ। शव से उठ रही असहनीय दुर्गंध और उस पर भिनभिनाती मक्खियों ने अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
बागबेड़ा बाबाकुटी निवासी सुनील यादव को 13 मार्च को कमजोरी की शिकायत के बाद इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। 14 मार्च की रात वे अपने बेड से लापता हो गए। सोमवार को उनका शव पोस्टमार्टम हाउस से सटे बाउंड्री वॉल के पास कचरे के बीच मिला। हृदय विदारक बात यह है कि मृतक के हाथ में अभी भी अस्पताल की ‘नीडिल’ (सुई) लगी हुई है, जो यह साबित करती है कि वे इलाज के दौरान ही बाहर निकले और गिर गए, लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली।
हैरानी की बात यह है कि जिस शव की दुर्गंध से पूरा इलाका परेशान था, उसे सुरक्षाकर्मियों ने नहीं बल्कि एक चाय विक्रेता ने नोटिस किया। मृतक के पुत्र अभय यादव ने आरोप लगाया कि पिछले 9 दिनों से वे अस्पताल के चक्कर काट रहे थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने कोई सहयोग नहीं किया। सीसीटीवी फुटेज में सुनील को मुख्य गेट तक जाते देखा गया था, लेकिन उसके बाद सुरक्षा में तैनात गार्ड्स ने उन्हें ट्रैक करने की जहमत नहीं उठाई।
शव मिलने की सूचना के बाद अस्पताल पहुँचे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर सीधा आरोप लगाया कि अगर सही समय पर खोजबीन की जाती, तो सुनील की जान बच सकती थी।
परिजन इस घटना को महज हादसा मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि गार्ड रूम के इतने करीब शव पड़ा रहा और किसी को पता नहीं चला, यह मुमकिन नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
सरायकेला/कपाली: सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र अंतर्गत ताज नगर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ अली मस्जिद के समीप एक युवक पर उसकी ही तलाकशुदा पत्नी और साले द्वारा जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगा है। इस हमले में मोहम्मद शाहिद नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मोहम्मद शाहिद की शादी करीब 10-12 वर्ष पूर्व शबनम खातून से हुई थी। हालांकि, आपसी अनबन और पारिवारिक विवाद के चलते लगभग एक वर्ष पहले दोनों का तलाक हो गया था। बताया जा रहा है कि तलाक के बाद भी दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत नहीं हुआ था।
घटना के दिन शाहिद अपने घर से किसी काम के लिए बाहर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी पूर्व पत्नी और साले ने उसे रोक लिया। पहले दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में तब्दील हो गई। आरोप है कि इसी बीच तैश में आकर धारदार चाकू से शाहिद पर हमला कर दिया गया, जिससे उसके कान के पास गहरा जख्म हो गया।
खून से लथपथ शाहिद को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसका उपचार किया। प्राथमिक उपचार के बाद शाहिद ने कपाली ओपी थाना पहुँचकर अपनी पत्नी और साले के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
मामले की वर्तमान स्थिति:
शहर में बढ़ती आपसी रंजिश और हिंसक घटनाओं ने स्थानीय निवासियों के बीच चिंता पैदा कर दी है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
भुवनेश्वर/मलकानगिरि: ओडिशा के तारापुरम में रविवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। भुवनेश्वर से मलकानगिरि जा रही एक निजी बस टायर फटने के बाद आग का गोला बन गई। गनीमत यह रही कि बस ड्राइवर की सूझबूझ और यात्रियों की सतर्कता के कारण बस में सवार सभी 37 यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए, हालांकि उनका सारा सामान जलकर राख हो गया।
जानकारी के अनुसार, ‘नीलकंठेश्वर’ नामक यह बस आंध्र प्रदेश की ओर जाने वाले हाईवे पर अपनी रफ्तार में थी। तड़के करीब 3 बजे, जब बस में सवार सभी यात्री गहरी नींद में थे, तभी अचानक पिछला टायर फट गया। घर्षण या शॉर्ट सर्किट के कारण बस के पिछले हिस्से में आग लग गई। ड्राइवर को तुरंत आभास हुआ कि कुछ गड़बड़ है। उसने सूझबूझ दिखाते हुए बस रोकी और बाहर निकलकर देखा तो बस के पिछले हिस्से से आग की लपटें उठ रही थीं।
इस बस में चित्रकोंडा के विधायक मंगू खिला भी सवार थे। उन्होंने बताया कि लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली। विधायक श्री खिला ने स्वयं बचाव कार्य में हाथ बटाया और अन्य यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। इस दौरान उन्हें हाथ और पैर में मामूली चोटें भी आई हैं।
”जब ड्राइवर ने हमें जगाया, तब तक आग फैल चुकी थी। हमने तुरंत खिड़कियां खोलीं और एक-एक करके सबको बाहर निकाला। जान तो बच गई, लेकिन लोगों का कीमती सामान और कपड़े बस के साथ ही जल गए।” — मंगू खिला, विधायक
पुलिस अधिकारियों ने बस ड्राइवर की जमकर प्रशंसा की है। ड्राइवर ने न केवल समय रहते बस रोकी, बल्कि तुरंत बस की सारी खिड़कियां खोल दीं ताकि धुएं से दम न घुटे और लोग आसानी से बाहर निकल सकें। अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो यह एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।
आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पूरी बस जलकर कंकाल में तब्दील हो गई। पुलिस और दमकल विभाग की शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। हाईवे पुलिस ने सभी यात्रियों को दूसरी बस के जरिए मलकानगिरि भेजने की वैकल्पिक व्यवस्था की। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत छानबीन कर रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
बहरागोड़ा/जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम का बहरागोड़ा इलाका इन दिनों किसी युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो गया है। सुवर्णरेखा नदी के तट पर 17 मार्च को मिले पहले अमेरिकी शक्तिशाली बम के बाद, सोमवार को भारतीय सेना के ड्रोन सर्वे ने एक और विशालकाय बम का पता लगाकर पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय ग्रामीणों के इस दावे ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है कि इस रेतीले तट के नीचे अभी कम से कम 8 और घातक बम दबे हो सकते हैं।
सोमवार को भारतीय सेना की बम निरोधक दस्ता टीम (BDS) पनिपाड़ा-नागुडसाई मार्ग स्थित घटनास्थल पर पहुँची। आधुनिक उपकरणों और ड्रोन सर्वे के दौरान टीम को एक और बम होने के पुख्ता संकेत मिले। हालांकि इसे फिलहाल निष्क्रिय बताया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि दशकों पुराना होने के बावजूद इसका बारूद अत्यंत विनाशकारी हो सकता है। अब सेना अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टर्स के जरिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाने की तैयारी में है।
प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय लोगों का वह दावा है, जिसमें कहा गया है कि यहाँ जमीन के नीचे बमों का पूरा जखीरा हो सकता है। यह क्षेत्र द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सामरिक रूप से काफी सक्रिय रहा था। जानकारों के अनुसार, बरामद बम ‘AN-M64 500 lb’ मार्क का अमेरिकी हवाई बम है। यदि ग्रामीणों का 8 और बमों वाला दावा सच साबित होता है, तो यह पूरा इलाका एक बड़े विस्फोटक भंडार (UXO Hotspot) के ऊपर बसा है।
सेना ने सुरक्षा के मद्देनजर कड़े कदम उठाए हैं:
सेना के वरिष्ठ अधिकारी अब उच्च मुख्यालय के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। इन भीमकाय बमों को या तो किसी सुरक्षित निर्जन स्थान पर ले जाकर ‘डिफ्यूज’ किया जाएगा या वहीं नियंत्रित विस्फोट (Controlled Blast) के जरिए नष्ट किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जरा सी रगड़ या गलत दबाव दशकों पुराने केमिकल रिएक्शन को सक्रिय कर सकता है, इसलिए यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बहरागोड़ा का यह पूरा बेल्ट ‘अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस’ (UXO) का हॉटस्पॉट हो सकता है, जिसकी विस्तृत जांच अनिवार्य है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
प्रयागराज (फाफामऊ): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फाफामऊ क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ सोमवार को एक जर्जर कोल्ड स्टोरेज में हुए भीषण धमाके और दीवार गिरने से अब तक 9 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य मलबे में दबे होने की आशंका है। घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा दोपहर के समय हुआ जब मजदूर लंच के लिए जाने की तैयारी कर रहे थे। चांदपुर गांव स्थित इस कोल्ड स्टोरेज का एक हिस्सा (छज्जा) बेहद जर्जर था, जो अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। छज्जा सीधे अमोनिया गैस की पाइपलाइन पर गिरा, जिससे पाइप फट गया और जोरदार धमाका हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोल्ड स्टोरेज की एक पूरी दीवार ढह गई, जिसके नीचे करीब 20 मजदूर दब गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। मलबे से अब तक 9 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने अपना आपा खो दिया। प्रशासनिक देरी और एंबुलेंस के समय पर न पहुंचने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने एंबुलेंस पर पथराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक के बाद कड़ी मशक्कत से मामले को शांत कराया गया।
बताया जा रहा है कि यह कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के एक पूर्व विधायक का है। ग्रामीणों का आरोप है कि इमारत काफी पुरानी और जर्जर थी, इसके बावजूद वहाँ काम कराया जा रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस बड़े हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है।
हादसे के मुख्य बिंदु:
मलबे में अपनों के दबे होने की खबर मिलते ही मजदूरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार अब प्रशासन से मुआवजे और इस लापरवाही के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
नई दिल्ली/जमशेदपुर: अगर आपके पास पैन (PAN) कार्ड है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत सरकार 1 अप्रैल 2026 से देश के वित्तीय ढांचे में बड़े बदलाव करने जा रही है। इन नए नियमों का सीधा असर आपकी खरीदारी, बैंकिंग और निवेश पर पड़ेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य टैक्स चोरी पर लगाम लगाना और हर बड़े लेन-देन को पारदर्शी बनाना है।
आइए जानते हैं वे 7 बड़े बदलाव जो आपकी जेब पर असर डालेंगे:
शादियों या बड़े आयोजनों में होने वाले भारी खर्च अब सरकार की नजर से छिपे नहीं रहेंगे। यदि होटल, मैरिज हॉल या किसी इवेंट का बिल 1 लाख रुपये से ज्यादा है, तो भुगतान के समय पैन कार्ड की जानकारी देनी होगी।
नियमों को लेकर सरकार बेहद सख्त है। अगर किसी ने जानबूझकर या गलती से गलत पैन नंबर दिया, तो उस पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अब 1 अप्रैल 2026 से केवल आधार कार्ड के जरिए ही पैन बनवाया जा सकेगा। हालांकि, सुविधा बढ़ने के साथ-साथ ट्रैकिंग और जांच के नियम पहले से कहीं ज्यादा कड़े कर दिए गए हैं।
इन नए नियमों के लागू होने के बाद सरकार हर बड़े खर्च और ट्रांजैक्शन को ट्रैक कर सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ब्लैक मनी पर रोक लगेगी, लेकिन आम जनता को अब अपने हर बड़े वित्तीय फैसले से पहले पैन कार्ड अपडेट रखना अनिवार्य होगा।
तीसरी धारा न्यूज़ की सलाह: 1 अप्रैल से पहले अपने पैन कार्ड की जानकारियों को आधार से लिंक और अपडेट जरूर कर लें, ताकि किसी भी कानूनी कार्रवाई या जुर्माने से बचा जा सके।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
मुसाबनी/जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) श्री कर्ण सत्यार्थी गुरुवार को मुसाबनी प्रखंड के सुदूरवर्ती फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत स्थित भालूबासा टोला पहुंचे। यहाँ उन्होंने किसी प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सीधा संवाद किया। पारंपरिक स्वागत के बाद उपायुक्त ने भालूबासा, बोकसीकली, कुंदाबेड़ा और आम्बाजुड़ी सहित कई गांवों की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
ग्रामीणों ने शिकायत की कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या ममता वाहन समय पर नहीं मिलता है। इस पर उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि HCL के CSR फंड से फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत को जल्द ही एक समर्पित एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा, क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की भारी समस्या को देखते हुए अंचलाधिकारी (CO) को निर्देश दिया गया कि वे मोबाइल टावर के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर तुरंत प्रस्ताव तैयार करें।
संवाद के दौरान जब ग्रामीणों ने जाति प्रमाण पत्र मिलने में देरी की शिकायत की, तो उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पंचायत सचिव का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने टोला के दो अनाथ बच्चों से मुलाकात कर उनके भविष्य की चिंता की। उन्होंने अभिभावकों को प्रोत्साहित किया कि सरकार की ‘स्पॉन्सरशिप स्कीम’ के तहत बच्चों का नामांकन अगले सत्र में नेताजी सुभाष विद्यालय में कराएं और उन्हें छात्रावास भेजें ताकि उनकी शिक्षा बाधित न हो।
भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने दोलमाबेड़ा झरना का अवलोकन किया। ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने इस झरने को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और दोलमाबेड़ा-बेकसिकली-गोंदीबेड़ा के बीच PCC सड़क निर्माण का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त मिनी आंगनबाड़ी, आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा भी दिलाया गया।
प्रमुख बिंदु:
इस अवसर पर पंचायत के मुखिया पोरमा बानरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर: लौहनगरी में आगामी रामनवमी महोत्सव 2026 को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सोमवार को जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के अध्यक्ष अरुण सिंह के नेतृत्व में शहर की प्रमुख अखाड़ा समितियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) से मुलाकात की। इस बैठक में उत्सव के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
केंद्रीय अध्यक्ष अरुण सिंह ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष जमशेदपुर के लगभग 190 स्थानों पर रामनवमी महोत्सव का भव्य आयोजन होगा। इसके अलावा:
समिति के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन त्रिवेदी और संरक्षक सुमन अग्रवाल ने उपायुक्त के समक्ष शहर की बुनियादी समस्याओं को मजबूती से रखा:
समिति के संरक्षक सुमन अग्रवाल ने कहा कि इस बार जिला प्रशासन और अखाड़ा समितियों के बीच बेहतर तालमेल दिख रहा है। सभी अखाड़ा समितियां सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और गाइडलाइन्स का पूरी तरह पालन करेंगी।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
महासचिव प्रवीण सेठी, सचिव विजय तिवारी, कोषाध्यक्ष दिलजय बोस, विहिप अध्यक्ष अजय गुप्ता, बंटी सिंह (जम्बो अखाड़ा), और अजीत सिंह (तरुण संघ अखाड़ा)।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम (MGM) में जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार से डॉक्टरों ने बांह पर काला बिल्ला बांधकर काम करना शुरू किया है, जो सरकार की ‘अनदेखी’ के खिलाफ उनके आक्रोश का प्रतीक है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जूनियर डॉक्टर राघवेंद्र ने बताया कि झारखंड में डॉक्टरों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए अपनी व्यथा साझा की:
डॉक्टरों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन आश्वासन के सिवा उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ।
जूनियर डॉक्टरों ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने कहा कि 6 अप्रैल तक अगर स्टाइपेंड बढ़ाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो पूरे झारखंड के जूनियर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
फिलहाल डॉक्टरों ने मरीजों के हितों का ध्यान रखते हुए काम बंद नहीं किया है, लेकिन काला बिल्ला लगाकर वे अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। डॉक्टरों ने दो टूक कहा है कि यदि 6 अप्रैल के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी।
प्रमुख मांगें:
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा को संबोधित किया। करीब 20 मिनट के अपने विशेष संबोधन में पीएम मोदी ने देश को भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्थिति पर नजर रखे हुए है और सप्लाई चेन को टूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने इस संकट की तुलना COVID काल से करते हुए देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संकट पर बात करते हुए बताया कि भारत अपनी ज़रूरत का 60% LPG इम्पोर्ट करता है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण जहाजों के आवागमन में बाधा आई है।
”सप्लाई में अनिश्चितता के बावजूद, सरकार ने घरेलू LPG उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। हमने पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है।” — PM मोदी
पीएम ने पिछले 11 वर्षों की उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि भारत ने अपनी ऊर्जा निर्भरता को डाइवर्सिफाई किया है। पहले हम 27 देशों से तेल आयात करते थे, लेकिन अब 41 देशों से कर रहे हैं। इसके अलावा, भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन का ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोल रिजर्व’ सुरक्षित है। उन्होंने कोयले के पर्याप्त स्टॉक का हवाला देते हुए बिजली सप्लाई में किसी भी कटौती से इनकार किया।
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत ने शांति के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। उन्होंने खुद पश्चिम एशिया के नेताओं से दो बार बात की है।
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि युद्ध क्षेत्र से अब तक 3,75,000 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। अकेले ईरान से 1 लाख भारतीय वापस आए हैं, जिनमें 700 मेडिकल छात्र शामिल हैं। खाड़ी देशों में पढ़ रहे छात्रों के हित में CBSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के अंत में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे बहुत मजबूत हैं। उन्होंने किसानों और व्यापारियों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगी। उन्होंने देश से अपील की कि जैसे कोरोना काल में हम एक होकर लड़े थे, वैसे ही इस वैश्विक संकट का सामना भी एकजुट होकर करेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़