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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा को संबोधित किया। करीब 20 मिनट के अपने विशेष संबोधन में पीएम मोदी ने देश को भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्थिति पर नजर रखे हुए है और सप्लाई चेन को टूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने इस संकट की तुलना COVID काल से करते हुए देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संकट पर बात करते हुए बताया कि भारत अपनी ज़रूरत का 60% LPG इम्पोर्ट करता है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण जहाजों के आवागमन में बाधा आई है।
”सप्लाई में अनिश्चितता के बावजूद, सरकार ने घरेलू LPG उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। हमने पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है।” — PM मोदी
पीएम ने पिछले 11 वर्षों की उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि भारत ने अपनी ऊर्जा निर्भरता को डाइवर्सिफाई किया है। पहले हम 27 देशों से तेल आयात करते थे, लेकिन अब 41 देशों से कर रहे हैं। इसके अलावा, भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन का ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोल रिजर्व’ सुरक्षित है। उन्होंने कोयले के पर्याप्त स्टॉक का हवाला देते हुए बिजली सप्लाई में किसी भी कटौती से इनकार किया।
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत ने शांति के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। उन्होंने खुद पश्चिम एशिया के नेताओं से दो बार बात की है।
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि युद्ध क्षेत्र से अब तक 3,75,000 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। अकेले ईरान से 1 लाख भारतीय वापस आए हैं, जिनमें 700 मेडिकल छात्र शामिल हैं। खाड़ी देशों में पढ़ रहे छात्रों के हित में CBSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के अंत में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे बहुत मजबूत हैं। उन्होंने किसानों और व्यापारियों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगी। उन्होंने देश से अपील की कि जैसे कोरोना काल में हम एक होकर लड़े थे, वैसे ही इस वैश्विक संकट का सामना भी एकजुट होकर करेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
इस्लामाबाद/खेल डेस्क: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के आगामी 2026 सीजन से पहले एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार की ओर से मिली संभावित धमकी ने पूरे टूर्नामेंट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इस इनपुट के बाद विदेशी खिलाड़ियों के बीच डर का माहौल है और कई बड़े नामों के टूर्नामेंट से हटने की आशंका गहरा गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी संगठन ने विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान न आने की चेतावनी दी है। धमकी में साफ कहा गया है कि मौजूदा खराब हालातों में खिलाड़ियों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। बता दें कि ‘जमात-उल-अहरार’ पहले भी पाकिस्तान में कई बड़े हमलों को अंजाम दे चुका है, जिससे यह खतरा और भी गंभीर माना जा रहा है।
सुरक्षा चुनौतियों और पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने कुछ कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं:
सुरक्षा के इस नए इनपुट के बाद कई विदेशी खिलाड़ी अपने पाकिस्तान दौरे के फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं। यदि बड़े खिलाड़ी अपना नाम वापस लेते हैं, तो PSL 2026 की ब्रांड वैल्यू और टीमों के संतुलन पर बुरा असर पड़ना तय है। अब पीसीबी और आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करना है कि वे ‘बायो-बबल’ के साथ-साथ ‘सुरक्षा-बबल’ देने में भी सक्षम हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सुरक्षा इनपुट और गंभीर होते हैं, तो टूर्नामेंट के आयोजन पर ही संकट आ सकता है। फिलहाल पीसीबी ने सुरक्षा व्यवस्था को ‘अभेद्य’ बनाने का दावा किया है, लेकिन खिलाड़ियों का भरोसा जीतना अभी भी एक टेढ़ी खीर बना हुआ है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
सीनी/जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (GM) श्री अनिल कुमार मिश्रा अपने एकदिवसीय दौरे पर सीनी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सीनी क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान (ZRT) में नवनिर्मित ‘प्रतिरूप कक्ष’ (Model Room) का विधिवत उद्घाटन किया। उनके इस दौरे को लेकर रेल कर्मियों और स्थानीय निवासियों में काफी उत्साह देखा गया।
‘ मुद्दों पर चर्चासीनी आगमन पर दक्षिण पूर्व रेलवे मेन्स यूनियन की सीनी शाखा द्वारा महाप्रबंधक का भव्य स्वागत किया गया। यूनियन के सचिव श्री विश्वजीत बड़ाईक ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट किया और रेल कॉलोनियों व यात्रियों से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया।
मेन्स यूनियन ने महाप्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित आठ प्रमुख मांगों पर त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया:
उद्घाटन और निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक के साथ चक्रधरपुर मंडल के रेल प्रबंधक (DRM) तरूण हुरिया सहित मंडल के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यूनियन की ओर से अध्यक्ष संकू सरदार, कोषाध्यक्ष देवाशीष दास, रवि कुमार गुप्ता, संजय गांगुली, मितेंद्र सिंह, अभय, सूरज कुमार साहू और अन्य सदस्य मुख्य रूप से शामिल हुए।
महाप्रबंधक ने यूनियन की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उचित समाधान का आश्वासन दिया।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर (बिष्टुपुर): लौहनगरी का सबसे व्यस्त इलाका बिष्टुपुर इन दिनों ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए नहीं, बल्कि वर्दी की आड़ में चल रही ‘खुली मंडी’ के लिए चर्चा में है। यहाँ कानून की धज्जियाँ सड़क पर नहीं, बल्कि ट्रैफिक पोस्ट के भीतर उड़ाई जा रही हैं। वायरल वीडियो और स्थानीय शिकायतों ने बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिष्टुपुर से सामने आ रहे दृश्यों ने सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भारी-भरकम जुर्माने का डर दिखाकर जनता से सौदेबाजी की जा रही है। ₹2000 से शुरू होने वाली ‘जुर्माने की बातचीत’ महज ₹200-300 की रिश्वत पर आकर खत्म हो जाती है। ऐसा लगता है जैसे बिष्टुपुर की सड़कों पर मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का ‘सौदा पत्र’ चल रहा है।
इस पूरे प्रकरण में दो नाम प्रमुखता से उभर कर सामने आ रहे हैं। आरोपों के घेरे में पुलिस अधिकारी सरोज सिंह और उनके कथित आदेश पर ‘पैसे की सेटिंग’ करते दिख रहे सिपाही विकास झा हैं। सवाल यह उठता है कि क्या इन निचले स्तर के कर्मियों को उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है? या फिर शहर की नाक के नीचे यह गोरखधंधा बिना किसी डर के फल-फूल रहा है?https://youtube.com/shorts/j0t6qXOdbTI?si=g3ris4hQul_jLeyB
जनता से उम्मीद की जाती है कि वे हेलमेट पहनें, कागजात दुरुस्त रखें और नियमों का पालन करें। लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो नियम किसके लिए?
सोशल मीडिया पर #BistupurPoliceCorruption और #KanoonBikGaya जैसे हैशटैग के साथ लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। शहर के प्रबुद्ध नागरिक अब जिला प्रशासन और एसएसपी से मांग कर रहे हैं कि आरोपी कर्मियों पर त्वरित जांच बैठाकर उन्हें सस्पेंड किया जाए।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर: लौहनगरी के गोलमुरी थाना अंतर्गत टिनप्लेट मस्जिद के समीप दो गुटों के बीच हुई मारपीट का मामला अब पूरी तरह कानूनी पेचीदगियों में फंस गया है। घटना को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों पक्षों के बयानों में समय और परिस्थितियों का भारी अंतर है, जिससे मामला पुलिस के लिए एक पहेली बन गया है।
टिनप्लेट नीम रोड निवासी मो. सोहेल खान ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि घटना 17 मार्च की शाम करीब 4:45 बजे की है। उनके अनुसार, जब वे मस्जिद के पास थे, तभी आफताब आलम और हदिसुल्लाह ने उन पर हमला कर दिया। सोहेल का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनसे उनकी घड़ी और पास में रखी नकदी भी छीन ली।
वहीं, दूसरे पक्ष से आफताब आलम ने भी थाने में मामला दर्ज कराया है, लेकिन उनकी कहानी बिल्कुल अलग है। आफताब का कहना है कि घटना 17 मार्च की शाम नहीं बल्कि आधी रात को हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सोहेल खान और जोहेब खान ने उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल फोन व पर्स लूट लिया।
दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों ने गोलमुरी पुलिस की मुश्किल बढ़ा दी है। एक पक्ष शाम की बात कर रहा है तो दूसरा आधी रात की। पुलिस अब निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच केंद्रित कर रही है:
गोलमुरी थाना प्रभारी का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
मैनपुरी/नई दिल्ली: खाड़ी देशों के बीच जारी भीषण युद्ध ने दुनिया भर की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर भारत में तेल के आयात और रसोई गैस की आपूर्ति पर पड़ा है। इस संकट के बीच भारतीय नौसेना और मर्चेंट नेवी के जांबाज अधिकारियों ने विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए भारत के लिए राहत की राह खोल दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के खतरनाक रास्ते से होते हुए चीफ इंजीनियर हरिओम यादव की देखरेख में 30,000 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर भारतीय जहाज सुरक्षित बंदरगाह पहुंच गया है। नवीगंज (बेवर) निवासी हरिओम यादव और कैप्टन अजीत यादव ने युद्ध के खौफनाक मंजर को साझा करते हुए बताया कि वहां स्थिति बेहद नाजुक है।
जंग के कारण जहां अन्य देशों के जहाजों के लिए मार्ग बंद हैं, वहीं भारत के साथ बेहतर संबंधों के चलते ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज के रास्ते गुजरने की विशेष अनुमति दी है। अब तक ऐसे पांच जहाज भारत पहुंच चुके हैं, जिससे देश में ईंधन की किल्लत कम होने की उम्मीद है।
पिछले 10 दिनों से बाजार में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी कमी देखी जा रही थी। जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा के अनुसार, भारत सरकार ने राहत देते हुए सभी एजेंसियों को 20-20 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर की खेप रिलीज करने का आदेश दे दिया है। सोमवार शाम या मंगलवार दोपहर तक यह खेप एजेंसियों तक पहुंच जाएगी, जिससे व्यापारियों और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
नई दिल्ली/जमशेदपुर: आज 23 मार्च की सुबह भारतीय सर्राफा बाजार के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रही। सुबह से ही सोने और चांदी की कीमतों में शुरू हुई गिरावट दोपहर 12 बजे तक इतनी बढ़ गई कि दोनों ही कीमती धातुओं में लोअर सर्किट (Lower Circuit) लगाना पड़ा। निवेशकों और खरीदारों के बीच इस भारी गिरावट को लेकर हड़कंप मच गया है।
दोपहर 12:11 बजे तक 1 किलो चांदी की कीमत में लगभग 25,000 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक (12:21 PM), चांदी 26,000 रुपये से अधिक टूट चुकी थी और इसका भाव 2,05,630 रुपये प्रति किलो पर चल रहा था। आज के कारोबार में चांदी ने 11.27% तक की गोताखोरी की है।
चांदी की राह पर चलते हुए सोने ने भी निवेशकों को चौंका दिया। दोपहर 12:24 बजे तक 10 ग्राम सोने के भाव में 12,833 रुपये की भारी कमी देखी गई। फिलहाल एमसीएक्स (MCX) पर सोना 1,31,659 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
बाजार में आई इस सुनामी को लेकर केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने ‘तीसरी धारा न्यूज़’ से खास बातचीत में बताया कि मध्य पूर्व (Middle East) में जारी युद्ध की स्थिति जब तक बनी रहेगी, बाजार में ऐसी अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
एक्सपर्ट्स द्वारा बताए गए नए सपोर्ट लेवल:
| धातु | नया सपोर्टिंग प्राइस (अनुमानित) | एक्सपर्ट |
| :— | :— | :— |
| सोना | ₹1,15,000 (प्रति 10 ग्राम) | अजय केडिया / अनुज गुप्ता |
| चांदी | ₹1,75,000 (प्रति किलो) | अजय केडिया / अनुज गुप्ता |
कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी $50 और सोना $3450-3500 के स्तर तक गिर सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग लंबे समय से सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे थे, उनके लिए यह गिरावट एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है। हालांकि, बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।
(सोर्स: एमसीएक्स और केडिया एडवाइजरी)
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
धनबाद/बाघमारा: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव ‘रामनवमी’ की गूंज पूरे देश में है, लेकिन कोयलांचल के धनबाद जिले में स्थित चिटाही धाम (रामराज मंदिर) अपनी अनूठी परंपराओं और भव्यता के लिए एक अलग पहचान रखता है। यहाँ की रामनवमी आस्था और भक्ति का ऐसा संगम पेश करती है, जिसे देखने दूर-दराज से श्रद्धालु खिंचे चले आते हैं।
चिटाही के रामराज मंदिर का इतिहास लगभग 100 वर्षों पुराना है। जानकारों के अनुसार, शुरुआत में यह मंदिर एक पेड़ के नीचे छोटे से स्वरूप में स्थापित था। स्थानीय लोगों की अटूट श्रद्धा ने धीरे-धीरे इसे एक बड़े धार्मिक केंद्र में बदल दिया। वर्ष 2019 में तत्कालीन विधायक और वर्तमान सांसद ढुल्लू महतो के प्रयासों से करोड़ों की लागत से बने इस भव्य मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की गई, जिसके बाद इसकी ख्याति देशभर में फैल गई।
जहाँ रामनवमी पर हर जगह अखाड़े और जुलूस की धूम रहती है, वहीं चिटाही धाम की परंपरा थोड़ी अलग और खास है। यहाँ रामनवमी के दिन ‘कलंकी अखाड़ा’ नहीं निकाला जाता। इसके स्थान पर मंदिर के शिखर पर लगे विशाल राम ध्वज को विधि-विधान के साथ बदला जाता है। इस दृश्य को देखना श्रद्धालुओं के लिए परम सौभाग्य माना जाता है।
रामनवमी के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम और माता सीता का दिव्य शृंगार किया जाता है। फूलों और रोशनी से नहाया मंदिर परिसर स्वर्ग सा प्रतीत होता है। पूजा-अर्चना के बाद यहाँ विशाल महाभंडारे का आयोजन होता है, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त प्रसाद ग्रहण करते हैं।
आयोजन की भव्यता में चार चाँद लगाने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। मुख्य यजमान के रूप में धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो विशेष रूप से उपस्थित रहते हैं। उनकी उपस्थिति में होने वाली महाआरती आकर्षण का मुख्य केंद्र होती है।
चिटाही धाम की खास बातें:
हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि चिटाही धाम अब केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का अटूट स्तंभ बन चुका है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
गुवाहाटी/रांची: असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने असम में एक बड़ा दांव खेलते हुए अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। सीट बंटवारे पर कांग्रेस के साथ सहमति न बन पाने के बाद, JMM ने अब 19 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है।
जानकारी के अनुसार, गठबंधन को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद कमान संभाली थी। उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं और असम कांग्रेस के दिग्गज नेता गौरव गोगोई के साथ कई दौर की बैठकें कीं। JMM सम्मानजनक सीटों की मांग कर रही थी, लेकिन अंततः बातचीत विफल रही। इसके बाद JMM महासचिव विनोद पांडे ने स्पष्ट किया कि पार्टी अब राज्य में एक सशक्त ‘तीसरे विकल्प’ के रूप में चुनाव लड़ेगी।
JMM की नजर असम के लगभग 70 लाख चाय बागान मजदूरों पर है, जिनका एक बड़ा हिस्सा मूल रूप से झारखंड, बिहार और ओडिशा से जुड़ा है। पार्टी का मानना है कि आदिवासी अधिकार, जल-जंगल-जमीन और मजदूरों की समस्याओं के मुद्दे पर उन्हें व्यापक जनसमर्थन मिलेगा। हेमंत सोरेन की पिछली रैलियों में उमड़ी भीड़ ने विरोधियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
पार्टी ने असम के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। चुनाव प्रचार की मुख्य कमान हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के हाथों में होगी। उनके साथ राज्यसभा सांसद महुआ माजी और राज्य के मंत्री हफीजुल हसन भी प्रचार में जुटेंगे।
प्रमुख उम्मीदवार:
JMM के इस फैसले ने असम की चुनावी लड़ाई को और भी दिलचस्प बना दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या JMM झारखंड की तरह असम के आदिवासियों और पिछड़ों के बीच अपनी पैठ बना पाती है या नहीं।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
चेन्नई: भारतीय क्रिकेट के सबसे चहेते खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के एक फैन इवेंट के दौरान धोनी ने अपने संन्यास की खबरों पर मजाकिया अंदाज में चुप्पी तोड़ी, जिससे उनके प्रशंसकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है।
22 मार्च को चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में दक्षिण भारतीय अभिनेता शिवकार्तिकेयन ने धोनी से एक खास अनुरोध किया। उन्होंने धोनी से कहा कि वे संन्यास की बातों को नजरअंदाज करें और पीली जर्सी में खेलना जारी रखें।
इस पर 44 वर्षीय धोनी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया:
”60 साल की उम्र तक खेलना थोड़ा मुश्किल होगा, लेकिन मैं कोशिश कर सकता हूँ।”
धोनी के इस मजाकिया बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने यह साफ कर दिया है कि ‘थाला’ का जलवा अभी कम नहीं हुआ है।
सीएसके के सीईओ ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि धोनी IPL 2026 के पूरे सीजन में उपलब्ध रहेंगे। हालांकि, अब धोनी की भूमिका टीम में एक मुख्य खिलाड़ी से ज्यादा एक मार्गदर्शक (Mentor) की है। मैदान पर वे अब निचले क्रम में आकर मैच फिनिश करने की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि टीम की कमान अब युवा कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के हाथों में है।
IPL 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। ऐसे में 2026 का सीजन टीम के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है। चर्चा यह भी है कि संजू सैमसन जैसे बड़े खिलाड़ी टीम के साथ जुड़ सकते हैं, जिससे धोनी पर से दबाव कम होगा।
धोनी के आंकड़े एक नजर में:
चेन्नई के फैंस को उम्मीद है कि 2026 का सीजन न केवल सीएसके के लिए सफल रहेगा, बल्कि धोनी के लिए एक शानदार विदाई का मौका भी साबित हो सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़