मुसाबनी/जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) श्री कर्ण सत्यार्थी गुरुवार को मुसाबनी प्रखंड के सुदूरवर्ती फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत स्थित भालूबासा टोला पहुंचे। यहाँ उन्होंने किसी प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सीधा संवाद किया। पारंपरिक स्वागत के बाद उपायुक्त ने भालूबासा, बोकसीकली, कुंदाबेड़ा और आम्बाजुड़ी सहित कई गांवों की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी पर बड़ा फैसला
ग्रामीणों ने शिकायत की कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या ममता वाहन समय पर नहीं मिलता है। इस पर उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि HCL के CSR फंड से फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत को जल्द ही एक समर्पित एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा, क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की भारी समस्या को देखते हुए अंचलाधिकारी (CO) को निर्देश दिया गया कि वे मोबाइल टावर के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर तुरंत प्रस्ताव तैयार करें।
लापरवाही पर कार्रवाई और शिक्षा पर जोर
संवाद के दौरान जब ग्रामीणों ने जाति प्रमाण पत्र मिलने में देरी की शिकायत की, तो उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पंचायत सचिव का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने टोला के दो अनाथ बच्चों से मुलाकात कर उनके भविष्य की चिंता की। उन्होंने अभिभावकों को प्रोत्साहित किया कि सरकार की ‘स्पॉन्सरशिप स्कीम’ के तहत बच्चों का नामांकन अगले सत्र में नेताजी सुभाष विद्यालय में कराएं और उन्हें छात्रावास भेजें ताकि उनकी शिक्षा बाधित न हो।
पर्यटन और बुनियादी ढांचे का विकास
भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने दोलमाबेड़ा झरना का अवलोकन किया। ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने इस झरने को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और दोलमाबेड़ा-बेकसिकली-गोंदीबेड़ा के बीच PCC सड़क निर्माण का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त मिनी आंगनबाड़ी, आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा भी दिलाया गया।
प्रमुख बिंदु:
- एम्बुलेंस: HCL के CSR फंड से मिलेगी सुविधा।
- शिक्षा: अनाथ बच्चों को नेताजी सुभाष विद्यालय भेजने की पहल।
- पर्यटन: दोलमाबेड़ा झरने का होगा विकास।
- कड़ी कार्रवाई: कार्य में शिथिलता बरतने पर पंचायत सचिव पर गिरी गाज।
इस अवसर पर पंचायत के मुखिया पोरमा बानरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़











