ताजा खबर
जमशेदपुर पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल: 5 साल के मासूम सात्विक के लिए बनाया ‘ग्रीन कॉरिडोर’, 15 मिनट में एम्बुलेंस को पहुंचाया डिमना चौक•जमशेदपुर: भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा का निधन, राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर•जमशेदपुर: बर्मामाइंस में बड़ी वारदात की फिराक में था युवक, देसी कट्टा और 5 गोलियों के साथ गिरफ्तार; कुख्यात शाहिद का नाम आया सामने•जमशेदपुर: बागबेड़ा में अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान द्वारा भव्य विजया मिलन समारोह आयोजित, विधायक सरयू राय व कई गणमान्य रहे मौजूद•झारखंड को मिली नई रेल सौगात: सांतरागाछी-टाटानगर-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन को दिखाई गई हरी झंडी, मजबूत होगी कनेक्टिविटी•सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में बड़ा फर्जीवाड़ा: तीन दिनों में 18.96 करोड़ नहीं, बल्कि 13.96 करोड़ रुपये के 187 अनधिकृत ट्रांजैक्शन से मचा हड़कंप; जानिए ग्राहकों पर इसका क्या होगा असर•जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम मुक्केबाज़ी संघ की विशेष आम सभा संपन्न, खेल प्रशासन में पारदर्शिता और खिलाड़ियों के अधिकारों की उठी मांग•झारखंड: दिवाली पर पटाखे फोड़ने से पहले जान लें समय और ध्वनि सीमा, JSPCB ने जारी किए कड़े दिशा-निर्देश; जमशेदपुर के 10 स्थानों पर होगी निगरानी•लुधियाना: समराला चौक पर सैलून चलाने वाली महिला की बेरहमी से पिटाई, पति पर थार SUV और बाइक मांगने का आरोप, CCTV वायरल•जमशेदपुर: सिदगोड़ा बाजार में पुलिस के नाम पर रंगदारी मांगने पहुंचा युवक रंगेहाथ पकड़ाया, साथी फरारजमशेदपुर पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल: 5 साल के मासूम सात्विक के लिए बनाया ‘ग्रीन कॉरिडोर’, 15 मिनट में एम्बुलेंस को पहुंचाया डिमना चौक•जमशेदपुर: भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा का निधन, राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर•जमशेदपुर: बर्मामाइंस में बड़ी वारदात की फिराक में था युवक, देसी कट्टा और 5 गोलियों के साथ गिरफ्तार; कुख्यात शाहिद का नाम आया सामने•जमशेदपुर: बागबेड़ा में अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान द्वारा भव्य विजया मिलन समारोह आयोजित, विधायक सरयू राय व कई गणमान्य रहे मौजूद•झारखंड को मिली नई रेल सौगात: सांतरागाछी-टाटानगर-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन को दिखाई गई हरी झंडी, मजबूत होगी कनेक्टिविटी•सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में बड़ा फर्जीवाड़ा: तीन दिनों में 18.96 करोड़ नहीं, बल्कि 13.96 करोड़ रुपये के 187 अनधिकृत ट्रांजैक्शन से मचा हड़कंप; जानिए ग्राहकों पर इसका क्या होगा असर•जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम मुक्केबाज़ी संघ की विशेष आम सभा संपन्न, खेल प्रशासन में पारदर्शिता और खिलाड़ियों के अधिकारों की उठी मांग•झारखंड: दिवाली पर पटाखे फोड़ने से पहले जान लें समय और ध्वनि सीमा, JSPCB ने जारी किए कड़े दिशा-निर्देश; जमशेदपुर के 10 स्थानों पर होगी निगरानी•लुधियाना: समराला चौक पर सैलून चलाने वाली महिला की बेरहमी से पिटाई, पति पर थार SUV और बाइक मांगने का आरोप, CCTV वायरल•जमशेदपुर: सिदगोड़ा बाजार में पुलिस के नाम पर रंगदारी मांगने पहुंचा युवक रंगेहाथ पकड़ाया, साथी फरार

एक नई सोच, एक नई धारा

जमशेदपुर और हजारीबाग के बाद भुरकुंडा में लगता है सबसे बडा रामनवमी मेला

रामगढ़ जिला अंतर्गत भुरकुंडा के लक्ष्मी टॉकीज मैदान में आठ दशक से अधिक समय से रामनवमी का मेला लगता आ रहा है. मेला में हजारों की संख्या में लोग जुटते हैं।इस मेले की भव्यता ऐसी है कि इसे हजारीबाग और जमशेदपुर के बाद राज्य का तीसरा सबसे बड़ा रामनवमी मेला माना जाता है।

1940 में मेले की शुरुआत

लक्ष्मी टॉकीज मैदान में मेले की शुरुआत 1940 में हुई थी. इससे पूर्व, 1939 तक भुरकुंडा कोयलांचल व भदानीनगर क्षेत्र के लोग महावीरी झंडे के साथ वर्तमान भुरकुंडा बाजार के खोपड़िया बाबा धर्मशाला के समीप जुटते थे. अब तक यहां भीड़ बढ़ने लगी थी। मैदान में जगह की कमी के कारण समितियों ने सर्वसम्मति से लक्ष्मी टॉकीज मैदान में मेला लगाने का निर्णय लिया। यह परंपरा आज तक चल रही है। हजारों लोगों की भीड़ के बावजूद आज तक यहां किसी प्रकार का कभी भी सांप्रदायिक उन्माद नहीं हुआ। लोग सौहार्द्रपूर्ण माहौल में रामनवमी मनाते रहे हैं।

दो दर्जन समितियों द्वारा निकाली जाती है भव्य झांकी

मेला के इतिहास के बारे में क्षेत्र के लोग बताते हैं कि उस वक्त के प्रधान बाबू चंद्रमोहन सिंह, सरपंच बालेश्वर तिवारी, खेमलाल साव, श्याम लाल, रामलाल साव, इंद्रनाथ साव, मुन्ना महतो, लेदर सिंह ने मेले को भव्यता देने की शुरुआत की थी। आज इस मेला में क्षेत्र के करीब दो दर्जन समितियों द्वारा भव्य झांकी निकाली जाती है, ऊंचे-ऊंचे महावीरी झंडे लेकर लोग पहुंचते हैं. यही वजह है कि मेल में हर वर्ष लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है।

हर साल आकर्षक का केंद्र होता है यहां का रामनवमी मेला

अखाड़ों के खिलाड़ी पारंपरिक शस्त्र से खेल का प्रदर्शन करते हैं. मेला में हर वर्ष आकर्षक झांकी, ऊंचे व बड़े झंडे, अनुशासन, बेहतर खेल के लिए निर्णायक मंडली द्वारा समितियों को पुरस्कृत किया जाता है. इस वर्ष भी करीब दो दर्जन समितियों द्वारा झांकी निकालने की तैयारी चल रही है. इसमें कुरसे, देवरिया, मतकमा, लादी, चिकोर, लपंगा, रेलवे स्टेशन, महुआ टोला, चौकिया टांड़, सलगा गोला, जवाहर नगर, तीन नंबर चीफ हाऊस, नीचे धौड़ा, हुरूमगढ़ा, पटेल नगर, भुरकुंडा बाजार, हनुमानगढ़ी समिति द्वारा झांकी निकाली जायेगी।

CCTV 2 CAMERA TWISTER 1
error: Content is protected !!