रांची/जमशेदपुर | 15 फरवरी, 2026
झारखंड नगर निकाय चुनाव के शोर के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अनुशासन का डंडा चला दिया है। पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ मोर्चा खोलने और खुद चुनावी मैदान में ताल ठोकने वाले 18 प्रदेश स्तरीय नेताओं को भाजपा ने ‘शोकॉज’ (Show-cause) नोटिस जारी किया है। पार्टी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सात दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो निष्कासन की कार्रवाई तय है।

इन दिग्गजों की कुर्सी पर मंडराया खतरा
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सदस्य प्रदीप वर्मा ने यह नोटिस जारी किए हैं। जिन प्रमुख नामों को नोटिस थमाया गया है, उनमें शामिल हैं:
- धनबाद: पूर्व विधायक संजीव सिंह, भृगुनाथ भगत, और पूर्व महानगर अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह।
- जमशेदपुर: पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव।
- गढ़वा/पलामू: पूर्व जिलाध्यक्ष अलखनाथ पांडेय और परशुराम ओझा।
- चास: मेयर प्रत्याशी परिंदा सिंह।
- देवघर/जामताड़ा: बाबा बलियासे और तरुण गुप्ता।
इसके अलावा गिरिडीह से कामेश्वर पासवान और सिमडेगा से फुलसुंदरी देवी समेत कई अन्य नेताओं से भी जवाब तलब किया गया है।
केंद्रीय आलाकमान की कोशिशें रहीं नाकाम
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने बागियों को मनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, उपाध्यक्ष रेखा वर्मा और राष्ट्रीय मंत्री रितुराज सिन्हा जैसे भारी-भरकम नेताओं को बागियों को समझाने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, रांची में तो तीन बागी मान गए, लेकिन धनबाद और जमशेदपुर जैसे इलाकों में ‘ऑपरेशन डैमेज कंट्रोल’ पूरी तरह फेल साबित हुआ।
धनबाद में ‘अपनों’ के बीच जंग: संजीव बनाम संजीव
सबसे दिलचस्प मुकाबला धनबाद नगर निगम में दिख रहा है। यहाँ भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव कुमार को अपना आधिकारिक समर्थन दिया है। लेकिन पूर्व विधायक संजीव सिंह (जिनकी पत्नी रागिनी सिंह झरिया से भाजपा विधायक हैं) ने पार्टी के फैसले को दरकिनार कर मैदान में डटे रहने का फैसला किया है। 12 फरवरी को जारी नोटिस का जवाब उन्हें 23 फरवरी (मतदान की तारीख) से पहले देना होगा।
”पार्टी के संज्ञान में आया है कि आप पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं। यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। एक सप्ताह में जवाब न मिलने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
— भाजपा प्रदेश कार्यालय द्वारा जारी पत्र का अंश














