एक नई सोच, एक नई धारा

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बोकारो में गजराज का तांडव: कार से खींचकर युवक को उतारा मौत के घाट, इलाके में दहशत

बोकारो (गोमिया): झारखंड में हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष एक खूनी मोड़ लेता जा रहा है। ताजा मामला बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र का है, जहाँ जंगली हाथियों के एक झुंड ने एक युवक की बेहद दर्दनाक तरीके से जान ले ली। हाथियों ने न केवल युवक की कार रुकवाई, बल्कि उसे बाहर खींचकर खेतों में ले जाकर कुचल डाला।

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​घटना का विवरण: सब्जी विक्रेता बना शिकार

​मृतक की पहचान रामगढ़ जिले के मुरुमतला निवासी रविंद्र डांगी के रूप में हुई है, जो पेशे से सब्जी विक्रेता था। 18 जनवरी की रात करीब 8 बजे, रविंद्र अपनी मारुति ओम्नी कार से जा रहा था। कांडर गांव के सिमराबेड़ा महतो टोला के पास अचानक 3 से 5 जंगली हाथियों का झुंड सड़क पर आ गया।

  • कैसे हुई घटना: बताया जा रहा है कि कार की हेडलाइट बंद होने के बावजूद हाथियों ने गाड़ी को घेर लिया। ग्रामीणों की चेतावनी को अनसुना कर आगे बढ़ना रविंद्र के लिए जानलेवा साबित हुआ। हाथियों ने उसे कार से बाहर घसीटा और पास के खेत में ले जाकर कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

​वन विभाग की कार्रवाई और मुआवजा

​घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) मौके पर पहुंची। बोकारो वन प्रमंडल के डीएफओ संदीप शिंदे ने बताया:

  1. ​शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
  2. ​नियमों के तहत मृतक के परिजनों को तत्काल आंशिक मुआवजा प्रदान किया गया है, शेष राशि प्रक्रिया पूरी होते ही दी जाएगी।
  3. ​हाथियों का यह झुंड वर्तमान में भोजन और पानी की तलाश में बोकारो और रामगढ़ की सीमाओं पर विचरण कर रहा है।

​ग्रामीणों में आक्रोश: सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

​इस घटना के बाद कांडर और आसपास के इलाकों में भारी दहशत और वन विभाग के प्रति नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में हाथियों की नियमित आवाजाही के बावजूद विभाग द्वारा पर्याप्त चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं।

वन विभाग की अपील:

“रात के समय जंगली रास्तों और ‘हाथी गलियारों’ (Elephant Corridors) से गुजरने से बचें। यदि कहीं भी हाथियों का झुंड दिखाई दे, तो उनके करीब जाने या उन्हें छेड़ने के बजाय तुरंत नजदीकी वन चौकी को सूचित करें।”

​विश्लेषण: क्यों बढ़ रहा है खतरा?

​झारखंड के जंगलों में भोजन की कमी और प्राकृतिक गलियारों में बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप के कारण हाथी अब रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों की ओर रुख कर रहे हैं। गोमिया की यह घटना बताती है कि हाथियों का व्यवहार अब और अधिक आक्रामक होता जा रहा है।

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जमशेदपुर: लिट्टी पार्टी के बहाने भाजपा नेताओं का मिलन, अखिलेश चौधरी का जन्मदिन भी धूमधाम से मना

जमशेदपुर (बिरसानगर): बिरसानगर क्षेत्र में हाल ही में राजनीतिक और सामाजिक सौहार्द का अनूठा संगम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बिरसानगर मंडल के पूर्व अध्यक्ष और ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवाशक्ति) के मुख्य संरक्षक श्री बबलू गोप तथा पूर्व मीडिया प्रभारी ओंकार सिंह के आवास पर एक भव्य ‘लिट्टी पार्टी’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व अखिलेश चौधरी का जन्मदिन भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

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​सम्मान और शुभकामनाओं का दौर

​कार्यक्रम के दौरान ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवाशक्ति) के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने अखिलेश चौधरी को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। जन्मदिन के जश्न के साथ-साथ पारंपरिक लिट्टी-चोखा का आनंद लेते हुए नेताओं ने क्षेत्र के विकास और आपसी समन्वय पर भी चर्चा की।

​दिग्गजों की उपस्थिति

​इस मिलन समारोह में भाजपा और सामाजिक संगठनों के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • दिनेश कुमार: भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष
  • मिथिलेश सिंह यादव: प्रदेश कार्य समिति सदस्य
  • अभय पांडे: सह-संयोजक, युवाशक्ति
  • विकास डे: अध्यक्ष, युवाशक्ति

​कार्यक्रम की सफलता में इनका रहा सहयोग

​आयोजन को सफल बनाने में बिरसानगर मंडल के अनुभवी नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उपस्थिति दर्ज कराने वालों में राम प्रसाद सिंह (पूर्व मंडल अध्यक्ष), जीतेन्द्र कुमार मिश्रा, नरेश प्रसाद सिंह, कृपा गोप, अनुप सिंह, खोखन पांडे, मुकेश मिश्रा, अनिल अग्रवाल, मीनाल बनर्जी, सुदीप घेरा, संतोष साडिल, सुदर्शन दास और दीपक सिंह सहित भारी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और नागरिक शामिल थे।

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​सामाजिक एकजुटता का संदेश

​बबलू गोप और ओंकार सिंह ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य न केवल उत्सव मनाना है, बल्कि कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच आपसी जुड़ाव को और मजबूत करना है। ‘सेवा ही लक्ष्य’ टीम ने अखिलेश चौधरी के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें युवाओं का प्रेरणास्रोत बताया।

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जमीन घोटाला मामला: CM हेमंत सोरेन की ‘डिस्चार्ज पिटीशन’ पर 30 जनवरी को होगी अहम सुनवाई

राँची, झारखंड। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े 8.86 एकड़ जमीन के कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। रांची की विशेष PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत अब 30 जनवरी को मुख्यमंत्री द्वारा दायर ‘डिस्चार्ज पिटीशन’ (आरोप मुक्त करने की याचिका) पर विस्तृत सुनवाई करेगी।

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​मुख्य घटनाक्रम:

  • याचिका दाखिल: मुख्यमंत्री ने 5 दिसंबर 2025 को खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों से मुक्त करने का अनुरोध किया था।
  • हेमंत सोरेन का तर्क: आरोपों को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया और कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग का कोई ठोस सबूत नहीं है।
  • प्रारंभिक सुनवाई: सोमवार को इस याचिका पर शुरुआती दलीलें पेश की गईं, जिसके बाद कोर्ट ने अगली तारीख तय की।

​मामले की पृष्ठभूमि: बड़गाईं जमीन घोटाला

​यह पूरा विवाद रांची के बड़गाईं अंचल स्थित 8.86 एकड़ जमीन के स्वामित्व और दस्तावेजों में कथित हेराफेरी से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस जमीन को अवैध तरीके से हड़पने के लिए सरकारी दस्तावेजों में बदलाव किए गए और इसमें भारी वित्तीय लेन-देन हुआ।

मामले की टाइमलाइन:

  • 31 जनवरी 2024: 10 समन के बाद ED ने लंबी पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया।
  • जून 2024: लगभग पांच महीने न्यायिक हिरासत में रहने के बाद अदालत से उन्हें जमानत मिली।
  • चार्जशीट: ED ने अब तक इस मामले में दो चार्जशीट दाखिल की हैं। पहली चार्जशीट में सीएम समेत भानु प्रताप प्रसाद, विनोद सिंह और अन्य के नाम थे, जबकि दूसरी चार्जशीट में अंतू तिर्की समेत 10 अन्य आरोपी शामिल हैं।

​’डिस्चार्ज पिटीशन’ क्या है और इसके मायने?

​कानूनी प्रक्रिया के तहत, जब किसी आरोपी को लगता है कि उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं, तो वह ‘डिस्चार्ज पिटीशन’ दाखिल कर सकता है।

  • सफल होने पर: यदि अदालत इसे स्वीकार करती है, तो हेमंत सोरेन इस मामले में सभी आरोपों से बरी हो जाएंगे, जो उनके लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत होगी।
  • अस्वीकार होने पर: यदि याचिका खारिज होती है, तो कोर्ट औपचारिक रूप से आरोप तय (Frame Charges) करेगा और केस का ट्रायल (मुकदमा) आगे बढ़ेगा।

​राजनीतिक गलियारों में हलचल

​झारखंड की राजनीति में इस सुनवाई को काफी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के समर्थक जहां इसे ‘न्याय की जीत’ की उम्मीद बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इस पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। 30 जनवरी का फैसला यह तय करेगा कि मुख्यमंत्री को इस कानूनी पचड़े से राहत मिलेगी या उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।

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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पहली शादी के रहते दूसरे रिश्ते से जन्मे बच्चों को नहीं मिलेगा कानूनी उत्तराधिकार

बिलासपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पारिवारिक रिश्तों और बच्चों की वैधता (Legitimacy) को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी महिला की पहली शादी कानूनी रूप से अस्तित्व में है, तो उस दौरान पैदा हुए बच्चों को केवल उसके कानूनी पति की ही संतान माना जाएगा। कोर्ट ने ‘दूसरी पत्नी’ होने का दावा करने वाली महिला और उसकी दो बेटियों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने एक प्रतिष्ठित व्यवसायी को पिता घोषित करने की मांग की थी।

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​मुख्य कानूनी निष्कर्ष:

  • अवैध रिश्ता वैध नहीं: कोर्ट ने कहा कि कानूनी रूप से अवैध रिश्ते को भावनात्मक आधार पर वैध नहीं ठहराया जा सकता।
  • कानूनी धारणा (Legal Presumption): जब तक पहली शादी वैध है, तब तक जन्म लेने वाले बच्चे पहले पति की ही संतान कहलाएंगे, भले ही जैविक पिता (Biological Father) कोई और हो।
  • स्वीकारोक्ति का महत्व नहीं: अगर कोई पुरुष स्वेच्छा से किसी बच्चे को अपनी संतान स्वीकार करता है या महिला के साथ लिव-इन में रहता है, तो भी वह कानूनन पिता का दर्जा नहीं ले सकता जब तक कि पहली शादी समाप्त न हो गई हो।

​क्या था पूरा मामला?

​यह मामला बिलासपुर के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी से जुड़ा है। दो महिलाओं ने फैमिली कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया था कि उनकी मां ने वर्ष 1971 में उक्त व्यवसायी के साथ ‘माला-बदली’ कर विवाह किया था। उनका तर्क था कि उनके पिता (व्यवसायी) ने उन्हें हमेशा अपनी बेटियों की तरह माना और समाज के सामने भी यह स्वीकार किया कि वे उनकी संतान हैं।

विवाद का आधार:

याचिकाकर्ताओं की मां का पहला विवाह पहले ही हो चुका था। दावा किया गया कि पहला पति 1984 में घर छोड़कर चला गया था। हालांकि, कोर्ट में यह साबित नहीं हो सका कि पहले पति की मृत्यु हो गई है या कानूनन तलाक हो चुका है।

​कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां

​न्यायमूर्ति रजनी दुबे और न्यायमूर्ति एके प्रसाद की खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

  1. साक्ष्यों की कमी: याचिकाकर्ता यह साबित करने में विफल रहे कि महिला और उसके पहले पति के बीच ‘नॉन-एक्सेस’ (संपर्क का अभाव) था।
  2. सरकारी दस्तावेज: कोर्ट ने गौर किया कि याचिकाकर्ताओं के आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में उनके पिता के रूप में मां के पहले पति का ही नाम दर्ज है।
  3. हिंदू विवाह अधिनियम: अधिनियम की धारा 5 और 11 के तहत, पहले विवाह के अस्तित्व में रहते हुए किया गया दूसरा विवाह शून्य (Void) माना जाता है।
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दरभंगा: चर्चित कथावाचक श्रवण दास महाराज गिरफ्तार; शादी का झांसा देकर यौन शोषण और जबरन गर्भपात का आरोप

दरभंगा, बिहार मिथिलांचल के प्रसिद्ध कथावाचक श्रवण दास महाराज को महिला थाना पुलिस ने यौन शोषण, धोखाधड़ी और जबरन गर्भपात कराने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना ने न केवल क्षेत्र के धार्मिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि आस्था के नाम पर हो रहे खिलवाड़ पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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​मुख्य बिंदु:

  • प्राथमिकी दर्ज: पीड़िता की मां के आवेदन पर महिला थाना में कांड संख्या 182/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।
  • आरोप: एक साल तक शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात का दबाव और मानसिक प्रताड़ना।
  • सोशल मीडिया साक्ष्य: आरोपी और पीड़िता की शादी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे बाद में आरोपी ने फर्जी करार दे दिया।

​मामले की विस्तार से जानकारी

​श्रवण दास महाराज, जो अपनी कथाओं और प्रवचनों के लिए पूरे मिथिलांचल में जाने जाते थे, पर एक युवती ने विश्वासघात और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने युवती को अपने झांसे में लेकर करीब एक साल तक शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता गर्भवती हुई, तो आरोप है कि महाराज ने बदनामी के डर से उस पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव डाला।

​शादी के वीडियो से बढ़ा विवाद

​मामले ने तब नया मोड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें श्रवण दास महाराज और पीड़िता शादी की रस्में निभाते दिख रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इसे वैध विवाह मान लिया था, लेकिन बाद में कथावाचक ने इस रिश्ते को सिरे से नकार दिया और युवती को अपनी पत्नी मानने से इनकार कर दिया। इसी धोखे के बाद पीड़िता ने कानूनी रास्ता अपनाया।

​पुलिस की कार्रवाई

​महिला थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक:

  1. ​पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
  2. ​जांच के दौरान मिले अहम साक्ष्यों के आधार पर महाराज को हिरासत में लिया गया।
  3. ​पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मानगो नगर निगम चुनाव: भाजपा नेता लक्की सिंह ने ठोका मेयर पद के लिए दावा, कहा- ‘महिलाओं के लिए यह बड़ा अवसर’

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रवक्ता लक्की सिंह ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि वे आगामी मानगो नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए प्रत्याशी होंगी।

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महिला सशक्तिकरण और जनसेवा का संकल्प

​मानगो की निवासी लक्की सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं को चुनाव लड़ने का अवसर देना एक सराहनीय और स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करते हुए कहा:

“यह जानकर अत्यंत खुशी हो रही है कि सरकार ने महिलाओं की भागीदारी के बारे में सोचा है। मुझे क्षेत्र की जनता और भाजपा संगठन के लोगों का भरपूर प्यार और आशीर्वाद मिल रहा है। इसी विश्वास के साथ मैं मानगो की सेवा के लिए चुनावी मैदान में उतरूंगी।”

भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका

​लक्की सिंह वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रवक्ता के रूप में सक्रिय हैं। पार्टी के भीतर और मानगो की स्थानीय जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे संगठन के मार्गदर्शन और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

मानगो नगर निगम चुनाव 2026 की हलचल

​जमशेदपुर के मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। महिला आरक्षित सीटों और पदों की घोषणा के बाद से ही कई महिला नेत्रियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। लक्की सिंह की इस घोषणा ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।

रिपोर्ट: सुब्रतो सिंह, जमशेदपुर।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • प्रत्याशी: लक्की सिंह (प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा महिला मोर्चा)
  • पद: मेयर, मानगो नगर निगम
  • आधार: महिला सशक्तिकरण और स्थानीय जनसमर्थन
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महादानवीर भामाशाह की 426वीं पुण्यतिथि: तैलिक साहू महासभा ने ‘गौरव दिवस’ के रूप में दी श्रद्धांजलि

जमशेदपुर: सोमवार को साकची (एमजीएम) स्थित भामाशाह गोलचक्कर पर अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा की ओर से महादानवीर भामाशाह की 426वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। समाज के लोगों ने इस दिन को ‘गौरव दिवस’ के रूप में मनाते हुए उनकी प्रतिमा व तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

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जल्द लगेगी भव्य प्रतिमा: राकेश साहू

​जिलाध्यक्ष राकेश साहू के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के गौरवशाली इतिहास को याद किया गया। इस मौके पर राकेश साहू ने घोषणा की कि महासभा जल्द ही इस गोलचक्कर पर महादानवीर भामाशाह की एक भव्य प्रतिमा स्थापित करने का कार्य शुरू करेगी।

​उन्होंने भामाशाह जी के बलिदान को याद करते हुए कहा, “जब महाराणा प्रताप मुगलों के विरुद्ध संघर्ष कर रहे थे और उन्हें आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी, तब उनके मित्र भामाशाह ने अपना पूरा खजाना मातृभूमि की रक्षा के लिए खोल दिया था। उनके इसी त्याग के कारण उन्हें ‘दानवीर’ की उपाधि मिली और आज पूरा देश उन्हें गर्व से याद करता है।”

ये रहे उपस्थित

​कार्यक्रम को सफल बनाने में महासभा के कई प्रमुख सदस्यों का योगदान रहा। मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य मौजूद थे:

  • महासचिव: पप्पू साहू
  • वरष्ठि सदस्य: सत्यदेव प्रसाद, अवधेश कुमार, आनंद गुप्ता साहू
  • जिला सचिव: नीरज कुमार (वार्ड नंबर 10 के प्रत्याशी)
  • अन्य: गौतम शाह, कमलेश साहू, अजय साहू, बजरंगी शाह, विवेक गुप्ता, सुमित साहू, हर्ष गुप्ता एवं समाज के अन्य प्रबुद्ध नागरिक।

भामाशाह के बारे में संक्षिप्त जानकारी:

महादानवीर भामाशाह अपनी उदारता के लिए विश्व विख्यात हैं। उन्होंने मेवाड़ के अस्तित्व की रक्षा के लिए अपनी समस्त निजी संपत्ति महाराणा प्रताप को सौंप दी थी, जिससे 25,000 सैनिकों का खर्च 12 वर्षों तक उठाया जा सका।

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शोक समाचार: पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव की माता फूलों देवी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

जमशेदपुर: बागबेड़ा क्षेत्र के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव की माता स्वर्गीय फूलों देवी (80 वर्ष) का आज, सोमवार (19 जनवरी 2026) की सुबह दुःखद निधन हो गया। उन्होंने बागबेड़ा बाबाकुटी स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

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भरा-पूरा परिवार छोड़ गईं पीछे

​परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, फूलों देवी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। वे अपने पीछे तीन पुत्र, दो पुत्रियां और पोते-पोतियों सहित एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। किशोर यादव, जो एनआईसीटी (NICT) कंप्यूटर इंस्टिट्यूट और कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हैं, उनके लिए यह एक अपार व्यक्तिगत क्षति है।

कल होगा अंतिम संस्कार

​दिवंगत फूलों देवी की अंतिम यात्रा कल, 20 जनवरी 2026 (मंगलवार) को सुबह उनके बाबाकुटी स्थित आवास से निकलेगी। उनका अंतिम दाह संस्कार आदित्यपुर स्थित पार्वती घाट पर विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाएगा।

सामाजिक और राजनीतिक जगत में शोक

​किशोर यादव के सामाजिक योगदानों और क्षेत्र में उनकी सक्रियता के कारण इस खबर से पूरे बागबेड़ा और रिवर व्यू कॉलोनी क्षेत्र में शोक की लहर है। कई जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नेताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने उनके आवास पर पहुँचकर शोक संवेदना व्यक्त की है।

शोक संदेश:

​”ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करें।”

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जमशेदपुर: सिदगोड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जर्जर क्वार्टर में चल रहे नशे के खेल का भंडाफोड़; महिला समेत दो गिरफ्तार

जमशेदपुर: शहर में नशे के सौदागरों के खिलाफ सिदगोड़ा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एग्रिको क्षेत्र के एक जर्जर क्वार्टर में छापेमारी कर भारी मात्रा में ब्राउन शुगर के साथ एक महिला और एक युवक को गिरफ्तार किया है।

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गुप्त सूचना पर हुई त्वरित छापेमारी

​सिदगोड़ा थाना प्रभारी बिरेंद्र कुमार के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एग्रिको 3 नंबर गोलचक्कर और भालुबासा के बीच स्थित एक पुराने जर्जर क्वार्टर में मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री हो रही है।

​सूचना की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी कुमार शिवाशीष की निगरानी और मुख्यालय-1 डीएसपी भोला प्रसाद सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस की टीम ने जब भालुबासा टीओपी के पास स्थित क्वार्टरों की घेराबंदी कर तलाशी शुरू की, तो एक टूटे-फूटे क्वार्टर से भागने की कोशिश कर रहे दो लोगों को धर दबोचा।

तलाशी में बरामद हुई 100 पुड़िया ब्राउन शुगर

​पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  1. राहुल सांडिल: निवासी बागुननगर रोड नंबर 3, सिदगोड़ा। (इसके पास से 25 पुड़िया ब्राउन शुगर और एक मोबाइल मिला)।
  2. प्रीति कुमारी: निवासी छायानगर, सीतारामडेरा। (इसके पास से 75 पुड़िया ब्राउन शुगर और ₹5480 नकद बरामद हुए)।

​कुल मिलाकर पुलिस ने 23 ग्राम ब्राउन शुगर (100 पुड़िया) जब्त की है। बरामदगी के बाद पुलिस ने दोनों के विरुद्ध एनडीपीएस (NDPS Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

बरामदगी का विवरण:

  • कुल ब्राउन शुगर: 23 ग्राम (100 पुड़िया)
  • नकदी: ₹5,480
  • गिरफ्तार: 02 (एक महिला और एक पुरुष)
  • छापेमारी स्थल: जर्जर क्वार्टर, एग्रिको क्षेत्र

पुलिस का संदेश:

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर के पुराने और खाली पड़े जर्जर क्वार्टरों पर विशेष नजर रखी जा रही है, क्योंकि अपराधी इनका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए कर रहे हैं। नशा मुक्ति की इस जंग में पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।

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जमशेदपुर: समाज की सतर्कता ने ढाया नशे का साम्राज्य, भारी मात्रा में व्हाइटनर और नकदी बरामद

जमशेदपुर: समाज की एकजुटता और जागरूकता बड़ी से बड़ी बुराई को खत्म कर सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण जमशेदपुर में देखने को मिला है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सतर्कता से शहर में चल रहे नशे के एक बड़े और अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है।

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ऐसे हुआ बड़े नेटवर्क का खुलासा

​पिछले कुछ महीनों से शहर में ब्राउन शुगर, टैबलेट और लिक्विड नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा था। चिंता की बात यह थी कि छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे थे। स्थानीय लोगों ने जब बच्चों को नशीले पदार्थों का सेवन करते देखा, तो उन्होंने खुद इसकी तह तक जाने का फैसला किया।

​इसी क्रम में एक युवक को संदिग्ध अवस्था में नशा करते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में उस युवक ने खुलासा किया कि वह साकची बाजार स्थित टीना शेड की एक दुकान से नशीला सामान खरीदता है।

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छापेमारी में मिली 20 पेटी नशीला व्हाइटनर और ₹1 लाख नकद

​सूचना के आधार पर जब पुलिस के सहयोग से जयसवाल बिल्डिंग और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

  • भारी बरामदगी: दुकानदार के इनकार के बावजूद, सघन तलाशी में 20 पेटी से अधिक व्हाइटनर बरामद किया गया।
  • नकदी: दुकान के गल्ले से करीब 1 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जिसे नशे की अवैध बिक्री से जोड़कर देखा जा रहा है।
  • सप्लाई नेटवर्क: जांच में पता चला कि यहाँ से पूरे जमशेदपुर में व्हाइटनर की सप्लाई की जा रही थी, जिसका इस्तेमाल बच्चे नशे के रूप में कर रहे थे।

सामाजिक कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका

​नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय अजय सिंह और जयंत कुमार ने इस पूरे ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से इस ‘सप्लाई चेन’ को ट्रैक कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कारोबार मासूम बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा था।

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पुलिस की कार्रवाई जारी

​वर्तमान में पुलिस ने बरामद सामान को जब्त कर लिया है और मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। वहीं, जागरूक नागरिकों ने संकल्प लिया है कि ‘नशा मुक्त जमशेदपुर’ बनाने के लिए उनका यह अभियान थमने वाला नहीं है।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

| स्थान | बरामदगी | मुख्य आरोपी |

| साकची बाजार (जयसवाल बिल्डिंग) | 20 पेटी व्हाइटनर, ₹1 लाख नकद | पुलिस जांच के घेरे में स्थानीय दुकानदार |

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