बोकारो (गोमिया): झारखंड में हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष एक खूनी मोड़ लेता जा रहा है। ताजा मामला बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र का है, जहाँ जंगली हाथियों के एक झुंड ने एक युवक की बेहद दर्दनाक तरीके से जान ले ली। हाथियों ने न केवल युवक की कार रुकवाई, बल्कि उसे बाहर खींचकर खेतों में ले जाकर कुचल डाला।

घटना का विवरण: सब्जी विक्रेता बना शिकार
मृतक की पहचान रामगढ़ जिले के मुरुमतला निवासी रविंद्र डांगी के रूप में हुई है, जो पेशे से सब्जी विक्रेता था। 18 जनवरी की रात करीब 8 बजे, रविंद्र अपनी मारुति ओम्नी कार से जा रहा था। कांडर गांव के सिमराबेड़ा महतो टोला के पास अचानक 3 से 5 जंगली हाथियों का झुंड सड़क पर आ गया।
- कैसे हुई घटना: बताया जा रहा है कि कार की हेडलाइट बंद होने के बावजूद हाथियों ने गाड़ी को घेर लिया। ग्रामीणों की चेतावनी को अनसुना कर आगे बढ़ना रविंद्र के लिए जानलेवा साबित हुआ। हाथियों ने उसे कार से बाहर घसीटा और पास के खेत में ले जाकर कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वन विभाग की कार्रवाई और मुआवजा
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) मौके पर पहुंची। बोकारो वन प्रमंडल के डीएफओ संदीप शिंदे ने बताया:
- शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- नियमों के तहत मृतक के परिजनों को तत्काल आंशिक मुआवजा प्रदान किया गया है, शेष राशि प्रक्रिया पूरी होते ही दी जाएगी।
- हाथियों का यह झुंड वर्तमान में भोजन और पानी की तलाश में बोकारो और रामगढ़ की सीमाओं पर विचरण कर रहा है।
ग्रामीणों में आक्रोश: सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद कांडर और आसपास के इलाकों में भारी दहशत और वन विभाग के प्रति नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में हाथियों की नियमित आवाजाही के बावजूद विभाग द्वारा पर्याप्त चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं।
वन विभाग की अपील:
“रात के समय जंगली रास्तों और ‘हाथी गलियारों’ (Elephant Corridors) से गुजरने से बचें। यदि कहीं भी हाथियों का झुंड दिखाई दे, तो उनके करीब जाने या उन्हें छेड़ने के बजाय तुरंत नजदीकी वन चौकी को सूचित करें।”
विश्लेषण: क्यों बढ़ रहा है खतरा?
झारखंड के जंगलों में भोजन की कमी और प्राकृतिक गलियारों में बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप के कारण हाथी अब रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों की ओर रुख कर रहे हैं। गोमिया की यह घटना बताती है कि हाथियों का व्यवहार अब और अधिक आक्रामक होता जा रहा है।




















