एक नई सोच, एक नई धारा

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झारखंड में गुटखा और पान मसाला पर पूर्ण प्रतिबंध: सरकार ने स्वास्थ्य हित में लिया बड़ा फैसला

रांची: झारखंड सरकार ने जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक कड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा एवं पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी यह आदेश पूरे राज्य में लागू हो गया है।gutka pan masala 698

एक वर्ष तक रहेगा कड़ा प्रतिबंध

​स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर से जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध एक वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। सरकार ने यह निर्णय खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम-2006 की धाराओं के तहत लिया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​इस आदेश की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

  • व्यापक दायरा: प्रतिबंध उन सभी उत्पादों पर लागू होगा जिनमें तंबाकू या निकोटीन का मिश्रण पाया जाता है, चाहे वे किसी भी नाम या ब्रांड से बेचे जा रहे हों।
  • सख्त कार्रवाई: यदि कोई व्यक्ति या संस्थान इस आदेश का उल्लंघन करते हुए (निर्माण, स्टॉक या बिक्री) पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
  • प्रशासनिक निर्देश: सरकार ने सभी जिला प्रशासनों और संबंधित विभागों को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

कैंसर जैसे खतरों को रोकने की कोशिश

​स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, तंबाकू और निकोटीन युक्त उत्पादों का सेवन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण है। राज्य सरकार का उद्देश्य इन हानिकारक पदार्थों की उपलब्धता को समाप्त कर आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं को गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाना है।

​प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे इन घातक उत्पादों के सेवन का त्याग करें और एक स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं।

तीसरी धारा न्यूज

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बंगाल में ‘खूनी खेल’ जारी: सुवेंदु के खासमखास की सरेराह हत्या, 12 राउंड गोलियां दागकर फैलाई दहशत

कोलकाता/मध्यमग्राम: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की आहट और चुनावी नतीजों के बाद शुरू हुआ मौत का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए हमलावरों ने अब बीजेपी के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी की ‘दाहिनी आंख’ कहे जाने वाले उनके निजी सहायक (PA) चंद्र नाथ रथ को मौत के घाट उतार दिया है। मध्यमग्राम में जिस तरह सरेराह इस वारदात को अंजाम दिया गया, उसने ममता सरकार के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।n711287764177812011789715624742cd6ec497cf37380d6843438488b52ef181c899f555dd7fabace4b92a

शार्प शूटरों का तांडव: पीछा किया, घेरा और फिर छलनी कर दिया सीना

​जानकारी के मुताबिक, यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एक सोची-समझी ‘पॉलिटिकल हिट’ थी। चंद्र नाथ रथ अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी पेशेवर शार्प शूटरों ने फिल्मी अंदाज में उनकी कार का पीछा किया। हमलावरों ने पहले गाड़ी को ओवरटेक कर उनका रास्ता रोका और फिर चंद सेकंड के भीतर करीब 12 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां चंद्र नाथ के सिर, सीने और पेट को पार कर गईं, जिससे उनकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। उनके साथ मौजूद एक साथी भी इस हमले में लहूलुहान हुआ है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

“ममता सुवेंदु की जान लेना चाहती हैं” – बीजेपी का सीधा आरोप

​इस जघन्य हत्याकांड के बाद सूबे की सियासत में उबाल आ गया है। बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए इसे एक बड़ा राजनैतिक षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने दहाड़ते हुए कहा:

“ममता बनर्जी सत्ता जाते देख अब बंगाल को जिहादियों के हवाले कर रही हैं। यह शार्प शूटरों का काम है और साफ दिख रहा है कि अगला निशाना सुवेंदु अधिकारी हैं। अब बंगाल में ‘योगी मॉडल’ के बिना इलाज मुमकिन नहीं है।”

 

​वहीं, केया घोष ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक पूर्व एयरफोर्स कर्मी, जो सुवेंदु दा का साया बनकर रहता था, उसे इसलिए मार दिया गया क्योंकि वह टीएमसी के खूनी खेल के आड़े आ रहा था। उन्होंने साफ चेतावनी दी— “यह बीजेपी की गारंटी है कि हत्यारों को पाताल से भी खोज निकाला जाएगा।”

सुवेंदु अधिकारी के ‘चाणक्य’ थे चंद्र नाथ

​चंद्र नाथ रथ केवल एक पीए नहीं थे, बल्कि पिछले 10 सालों से सुवेंदु अधिकारी के हर राजनैतिक दांव-पेंच के पीछे का दिमाग थे। भवानीपुर के चुनावी रण से लेकर सांगठनिक मजबूती तक, वह सुवेंदु के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार थे। उनकी हत्या कर सीधे तौर पर सुवेंदु अधिकारी की राजनैतिक कमर तोड़ने की कोशिश की गई है।

तीसरी धारा न्यूज इस घटना की कड़ी निंदा करता है। क्या बंगाल में लोकतंत्र अब सिर्फ गोलियों के दम पर चलेगा? क्या प्रशासन की चुप्पी अपराधियों को संरक्षण दे रही है? सवाल बड़े हैं, लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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आम जन संघर्ष मोर्चा की बैठक में संगठन विस्तार और पंचायत चुनाव पर रणनीति तैयार

चाईबासा। स्थानीय सँवैया होटल में बुधवार को आम जन संघर्ष मोर्चा की जिला कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष दुर्गा चरण सुरेन ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर रणनीति तैयार करना था।IMG 20260506 WA0021

संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान पर जोर

​बैठक के दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए संगठन विस्तार और व्यापक स्तर पर सदस्यता अभियान शुरू करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय अध्यक्ष दुर्गा चरण सुरेन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोर्चा की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाना और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना वर्तमान समय की प्राथमिकता है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

आगामी पंचायत चुनाव में उतरने का निर्णय

​इस बैठक का सबसे अहम फैसला आगामी पंचायत चुनाव को लेकर रहा। मोर्चा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि आम जन संघर्ष मोर्चा इस बार पंचायत चुनाव में अपने उम्मीदवार मैदान में उतारेगा। इस निर्णय से क्षेत्र के राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज होने की उम्मीद है।

बैठक में उपस्थित मुख्य सदस्य

​इस महत्वपूर्ण बैठक में मोर्चा के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • हीरालाल हेंब्रम (उपाध्यक्ष)
  • मुकरू हेंब्रम (महासचिव)
  • ज्वाला कोड़ा (सचिव)
  • अजय पूर्ती
  • संजय कुंकल (जिला अध्यक्ष)
  • सुसरी तिरिया (प्रखंड अध्यक्ष)
  • सालगे मुर्मू
  • रानी मेलगंडी
  • मनीष कालोंडिया (पूर्व मुखिया)

​इसके अलावा जिला कार्यकारिणी के अन्य सदस्य भी बैठक में मौजूद थे, जिन्होंने संगठन की भविष्य की योजनाओं पर अपनी सहमति व्यक्त की।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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विकास की फाइलों में उलझा डुमरिया का नया अस्पताल: भवन तैयार, पर बिजली कनेक्शन न होने से सेवाएं ठप

डुमरिया: एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विभागों की आपसी खींचतान और सुस्ती जनता की उम्मीदों पर पानी फेर रही है। डुमरिया प्रखंड के भालुकपतड़ा मौजा में करोड़ों की लागत से निर्मित 30 बेड का अस्पताल आज बिजली के अभाव में ‘सफेद हाथी’ बनकर खड़ा है। अस्पताल की चकाचक इमारत तो तैयार है, लेकिन इसके भीतर की रोशनी और जीवनरक्षक मशीनें बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रही हैं।1778054366314

फंड के अभाव में अटकी हाईटेंशन लाइन

​अस्पताल को चालू करने में सबसे बड़ा रोड़ा विद्युत विभाग और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय की कमी है। विद्युत विभाग के सहायक अभियंता अभिषेक कुमार ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल तक हाईटेंशन लाइन पहुँचाने के लिए आवश्यक प्राक्कलन (Estimate) तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को काफी पहले भेजा जा चुका है। नियमतः, जब तक स्वास्थ्य विभाग इस प्राक्कलन की राशि जमा नहीं करता, तब तक बिजली विभाग सामग्री की खरीद और लाइन जोड़ने का काम शुरू नहीं कर सकता।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

200 मीटर की दूरी और ‘शो-पीस’ बने उपकरण

​हैरानी की बात यह है कि मुख्य हाईटेंशन लाइन अस्पताल से महज 200 मीटर की दूरी पर है। अस्पताल परिसर में संवेदक द्वारा नया ट्रांसफार्मर भी स्थापित कर दिया गया है, लेकिन जब तक इसे हाईटेंशन लाइन से नहीं जोड़ा जाता, यह बेकार है। इसके अभाव में अस्पताल में लगाए गए आधुनिक चिकित्सा उपकरण धूल फांक रहे हैं और शो-पीस बनकर रह गए हैं।

जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग

​अस्पताल तैयार होने के बावजूद इलाज न मिल पाने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बेहतर इलाज के लिए आज भी ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस समस्या के समाधान और प्रशासनिक सुस्ती को दूर करने के लिए ग्रामीणों ने अब सांसद विद्युत वरण महतो और विधायक संजीव सरदार से मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है, ताकि जल्द से जल्द अस्पताल में बिजली बहाल हो और सेवाएं शुरू हो सकें।

तीसरी धारा न्यूज

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टाटानगर स्टेशन पर बड़ा हादसा: मालगाड़ी पर चढ़ा युवक हाई वोल्टेज तार की चपेट में आया, हालत गंभीर

जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन पर बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहाँ एक युवक प्लेटफार्म पर खड़ी मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया और ओवरहेड हाई टेंशन (OHE) तार की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया।1778053486354

कैसे हुआ हादसा?

​जानकारी के अनुसार, रात लगभग 11:07 बजे प्लेटफार्म संख्या तीन पर एक मालगाड़ी खड़ी थी। अचानक एक अज्ञात युवक ट्रेन के ऊपर चढ़ गया। जैसे ही वह ऊपर पहुँचा, वह उच्च क्षमता वाले बिजली के तारों के संपर्क में आ गया। जोरदार झटके के साथ युवक गंभीर रूप से झुलस कर नीचे गिर पड़ा।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

रेस्क्यू और उपचार

​घटना देखते ही मौके पर मौजूद यात्रियों और रेल कर्मियों ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी। राहत कार्य शुरू करते हुए युवक को तत्काल ‘टाटा लाइफ’ एंबुलेंस के जरिए रेलवे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए एमजीएम (MGM) अस्पताल रेफर कर दिया है।

जांच में जुटी आरपीएफ

​शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों की बातों से यह आशंका जताई जा रही है कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ हो सकता है। आरपीएफ अब स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवक किस रास्ते से स्टेशन में दाखिल हुआ और ट्रेन पर चढ़ने का उसका उद्देश्य क्या था। फिलहाल युवक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

रेलवे की सुरक्षा अपील

​इस दुखद घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर यात्रियों और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेनों या कोच के ऊपर न चढ़ें। ओवरहेड तारों में प्रवाहित होने वाला हाई वोल्टेज जानलेवा होता है और थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

तीसरी धारा न्यूज

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मोदी सरकार का बड़ा फैसला: राष्ट्रगान के समान होगा ‘वंदे मातरम’ का दर्जा, अपमान करने पर होगी जेल

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार ने अब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक दर्जा और सम्मान देने का फैसला किया है।n7112035751778050272254d5d0e2d14c2c50df9e4eeb32f46bacd33080cc1769a65c779b6376a163fb9824

कानून में होगा बड़ा बदलाव

​कैबिनेट ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ (Prevention of Insults to National Honour Act) में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन के बाद:

  • ​’वंदे मातरम’ का अपमान करना या इसके गायन में बाधा डालना अब एक दंडनीय अपराध होगा।
  • ​दोषी पाए जाने पर वही सजा मिलेगी जो राष्ट्रगान के अपमान पर दी जाती है—यानी 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों।
  • ​अभी तक इस कानून के तहत केवल राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर ही कानूनी कार्रवाई का प्रावधान था।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

नया प्रोटोकॉल और नियम

​कैबिनेट के इस फैसले के साथ ही वंदे मातरम के गायन को लेकर कुछ कड़े प्रोटोकॉल भी लागू होंगे:

  1. गायन का समय: राष्ट्रीय गीत के सभी छह छंदों को गाने के लिए अब एक निश्चित समय सीमा तय की गई है (लगभग 3 मिनट 10 सेकंड)।
  2. समान सम्मान: सरकारी आयोजनों में जब भी वंदे मातरम गाया जाएगा, सभी को राष्ट्रगान की तरह ही सावधान की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा।
  3. वरीयता: गृह मंत्रालय के हालिया दिशा-निर्देशों के अनुसार, आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम को राष्ट्रगान से पहले गाया जाएगा।

राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व

​यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देश ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। 1882 में बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा उद्घोष था।

​राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत और वहां की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह कदम राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति देशवासियों में सम्मान की भावना को और मजबूत करेगा।

तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।

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गाजियाबाद: सेंट टेरेसा एकेडमी में धर्मांतरण के आरोपों पर बवाल, स्कूल गेट पर हनुमान चालीसा का पाठ

मोदीनगर (गाजियाबाद): उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित मोदीनगर में एक निजी स्कूल ‘सेंट टेरेसा एकेडमी’ विवादों के घेरे में आ गया है। स्कूल की एक शिक्षिका ने प्रिंसिपल पर जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने और विरोध करने पर नौकरी से निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद हिंदू संगठनों ने स्कूल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।n7111403561778050081574c5e564d1fd079658ddc8473c8ac0dd155d410631a6df986ad25e7d8e338a347d

क्या है पूरा मामला?

​2012 से स्कूल में फिजिकल टीचर के पद पर कार्यरत अरुणा गोस्वामी का आरोप है कि प्रिंसिपल सिस्टर लूसी के आने के बाद से स्कूल में हिंदू मान्यताओं पर प्रहार किया जा रहा है। अरुणा के अनुसार:

  • धार्मिक प्रतीकों पर रोक: 4 मई 2026 को उन्हें ऑफिस बुलाकर हाथ पर लिखे ‘भगवान महादेव’ के नाम को मिटाने और माथे से टीका हटाने का आदेश दिया गया।
  • प्रताड़ना का आरोप: आरोप है कि स्कूल में बच्चों के हाथों से कलावा कटवाया जाता है और गरीब बच्चों को पैसों का लालच देकर चर्च ले जाया जाता है।
  • नौकरी से निष्कासन: शिक्षिका का दावा है कि जब उन्होंने इन नियमों का विरोध किया, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

भावुक वीडियो हुआ वायरल

​सोशल मीडिया पर शिक्षिका अरुणा गोस्वामी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह मोदीनगर थाने के बाहर फूट-फूटकर रोती नजर आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे ‘शिव’ को भी स्कूल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और टीसी देकर बाहर कर दिया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई है।

हिंदू संगठनों का प्रदर्शन

​मामला तूल पकड़ते ही मंगलवार को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में स्कूल के गेट पर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने:

  • ​स्कूल गेट पर ‘जय श्री राम’ लिखा।
  • ​गेट के बाहर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
  • ​प्रिंसिपल की गिरफ्तारी और स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की।

प्रिंसिपल ने आरोपों को नकारा

​दूसरी ओर, प्रिंसिपल सिस्टर लूसी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है:

  • ​स्कूल में सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है।
  • ​शिक्षिका को उनके कार्य में कमियों के कारण समझाया गया था, न कि धर्म के आधार पर।
  • ​बच्चे को स्कूल ने नहीं निकाला, बल्कि उसके पिता ने स्वयं टीसी के लिए आवेदन दिया था।

​स्कूल प्रबंधन ने अन्य शिक्षिकाओं को भी मीडिया के सामने पेश किया जो कलावा और बिंदी लगाकर काम कर रही थीं, ताकि आरोपों को गलत साबित किया जा सके।

पुलिस की कार्रवाई

​मोदीनगर थाना प्रभारी के अनुसार, शिक्षिका की तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्कूल परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तीसरी धारा न्यूज के लिए रिपोर्ट।

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बंगाल चुनाव में टीएमसी की हार के बाद ममता बनर्जी का बड़ा बयान: ‘इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं’

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अपनाया है। चुनाव परिणामों के बाद अपनी पहली औपचारिक प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी।tln4fh6g mamata banerjee ani 625x300 28 July 23

‘हम हारे नहीं, जनादेश लूटा गया है’

​संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनावी नतीजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा:

​”मेरे इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठता। हम चुनाव नहीं हारे हैं, बल्कि यह एक गहरी साजिश है। यह जनता का जनादेश नहीं, बल्कि ‘लूट’ है। लगभग 100 सीटों पर नतीजों में हेरफेर की गई है।”

 

निर्वाचन आयोग पर साधा निशाना

​ममता बनर्जी ने इस हार के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया और चुनावी प्रक्रिया के दौरान उनके कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया गया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

राजभवन जाने से इनकार

​जब उनसे पूछा गया कि क्या वे परंपरा के अनुसार अपना इस्तीफा सौंपने राजभवन जाएंगी, तो उनका दोटूक जवाब था:

​”नैतिक रूप से जीत हमारी हुई है। मैं लोक भवन (राजभवन) नहीं जाऊंगी। रणनीति पर हमारे पार्टी के सदस्यों और यूनाइटेड (INDIA) गठबंधन के भीतर चर्चा की जाएगी।”

 

आगे की रणनीति

​ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि पार्टी इन नतीजों के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने चुनाव के बाद हो रही हिंसा पर भी चिंता जताई और इसके लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया।

तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुर: सिदगोड़ा में नशेड़ी युवकों का तांडव, कार्यालय में घुसकर मारपीट के बाद पुलिस से भी की उलझने की कोशिश

जमशेदपुर: शहर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नशे में धुत चार युवकों ने एक निजी कार्यालय में घुसकर जमकर हंगामा किया। आरोपियों ने न केवल वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की, बल्कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम के साथ भी बदसलूकी और धक्का-मुक्की की।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

बिना कारण कार्यालय में घुसकर मचाया उत्पात

​घटना सिदगोड़ा स्थित केनरा बैंक के समीप एक ब्लिंकिट डिलीवरी कार्यालय की है। बताया जा रहा है कि रात करीब 12 बजे दो बाइकों पर सवार होकर चार युवक वहां पहुंचे। दफ्तर में घुसते ही उन्होंने बिना किसी बात के गाली-गलौज शुरू कर दी। जब कर्मचारियों ने इसका विरोध किया, तो युवकों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे कार्यालय में हड़कंप मच गया।

पुलिस के साथ हाथापाई, अतिरिक्त बल ने पाया काबू

​घटना की सूचना मिलते ही सिदगोड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को देख आरोपी युवक शांत होने के बजाय और उग्र हो गए। नशे की हालत में धुत्त इन युवकों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। स्थिति बिगड़ती देख थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, जिसके बाद कड़ी मशक्कत कर चारों आरोपियों को दबोचा गया।

CCTV फुटेज से जांच जारी

​पुलिस ने चारों युवकों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि पूरी घटना का क्रम स्पष्ट हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

तीसरी धारा न्यूज

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रामगढ़: सीसीएल सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई, कोइहारा गांव में अवैध डीजल के बड़े स्टॉक का भंडाफोड़

रामगढ़: एक ओर जहां क्षेत्र में डीजल की किल्लत से हाहाकार मचा है, वहीं दूसरी ओर डीजल चोरी का काला खेल भी धड़ल्ले से जारी है। ताज़ा मामला रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोइहारा गांव का है, जहां सीसीएल (CCL) की सुरक्षा टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध डीजल के एक बड़े कारोबार का पर्दाफाश किया है।AddText 05 05 11.39.17

गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई

​जानकारी के अनुसार, सीसीएल के क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी आशीष झा को सटीक सूचना मिली थी कि कोइहारा गांव के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सीसीएल क्षेत्र से प्रतिदिन भारी मात्रा में डीजल की चोरी की जा रही है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी की योजना बनाई गई।

600 लीटर डीजल और उपकरण जब्त

​सुरक्षा टीम ने जब कोइहारा गांव के एक संदिग्ध घर में दबिश दी, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से लगभग 600 लीटर अवैध डीजल बरामद किया गया। इसके साथ ही चोरी और भंडारण में इस्तेमाल होने वाले 30 खाली गैलन और पाइप भी जब्त किए गए हैं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

चोरों और सिंडिकेट में हड़कंप

​सीसीएल सुरक्षा विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के डीजल चोरों और अवैध धंधेबाजों में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा टीम की इस सक्रियता ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

“सरकारी संपत्ति की चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी ऐसे अवैध ठिकानों पर छापेमारी अभियान और तेज किया जाएगा।” > — सुरक्षा विभाग, सीसीएल

 

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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