एक नई सोच, एक नई धारा

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NH-33 पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई: ओवरलोडिंग पर कसा शिकंजा, 15 वाहनों से वसूला ₹2.45 लाख जुर्माना

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की दर में कमी लाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार, एनएच-33 (NH-33) पर बहरागोड़ा से जमशेदपुर के बीच एक सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया।

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40 वाहनों की जांच, 15 पर गिरी गाज

​जिला मोटरयान निरीक्षक (MVI) श्री सूरज हेंब्रम के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा टीम ने नेशनल हाईवे पर मोर्चा संभाला। इस अभियान के दौरान मुख्य रूप से पैसेंजर वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने (ओवरलोडिंग) की पड़ताल की गई। टीम ने 40 से अधिक बसों, मैजिक वैन और अन्य कमर्शियल वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच की।

​जांच में 15 वाहन यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए गए। इन दोषी वाहनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 2 लाख 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

दस्तावेजों और फिटनेस की भी हुई बारीकी से जांच

​सिर्फ ओवरलोडिंग ही नहीं, बल्कि परिवहन विभाग ने वाहनों के निम्नलिखित पहलुओं की भी जांच की:

  • ​वाहन फिटनेस और परमिट
  • ​वैध इंश्योरेंस (बीमा)
  • ​प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC)
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MVI सूरज हेंब्रम ने मौके पर चालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “ओवरलोडिंग न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह मासूम जिंदगियों के साथ खिलवाड़ है। यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और जिले में यह औचक निरीक्षण रोजाना जारी रहेगा।”

सुरक्षित सफर के लिए परिवहन विभाग की अपील

​सड़क दुर्घटनाओं से बचाव और भारी जुर्माने से बचने के लिए विभाग ने आम जनमानस और वाहन चालकों के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं:

  • ओवरलोडिंग पर रोक: पैसेंजर वाहनों में सीटों की निर्धारित संख्या के अनुसार ही सवारी बैठाएं।
  • दस्तावेज रखें अपडेट: हमेशा वैध ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, फिटनेस और प्रदूषण सर्टिफिकेट साथ रखें।
  • सुरक्षा उपकरण: चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट और दुपहिया वाहनों पर दोनों सवारियों के लिए हेलमेट अनिवार्य है।
  • रफ्तार पर नियंत्रण: नेशनल हाईवे और शहरी सड़कों पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
  • नशा मुक्त ड्राइविंग: शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर अपराध है, जिसमें जेल और लाइसेंस रद्द होने का प्रावधान है।
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रांची गैंगवार: पंडरा गोलीबारी कांड में मुख्य आरोपी संजय पांडे समेत 5 गिरफ्तार, 55 लाख के विवाद में चली थीं गोलियां

रांची: राजधानी के पंडरा थाना क्षेत्र में शनिवार रात हुए सनसनीखेज गैंगवार मामले में रांची पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन के निर्देश पर गठित SIT ने 48 घंटों के भीतर छापेमारी कर मुख्य आरोपी संजय पांडे सहित कुल पांच अपराधियों को दबोच लिया है।

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​गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय पांडे (मुख्य आरोपी), बबलू, रवि, अज्जू साह और एक अन्य सहयोगी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी जमीन के कारोबार से जुड़े हैं और इनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।

वर्चस्व की जंग: संदीप थापा बनाम संजय पांडे गिरोह

​शनिवार देर रात पंडरा स्थित ‘मान्या टावर’ के पास रांची के दो कुख्यात गुट— संदीप थापा गिरोह और संजय पांडे गिरोह— आमने-सामने आ गए थे।

  • विवाद की जड़: पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रिंग रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे की एक विवादित जमीन के सौदे के बाद 55 लाख रुपये के बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों में ठन गई थी।
  • खूनी संघर्ष: इसी विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष जुटे थे, लेकिन शराब के नशे और पैसों की तकरार ने इसे गैंगवार में बदल दिया। दोनों ओर से करीब एक दर्जन से अधिक राउंड फायरिंग हुई।

तीन लोग हुए घायल, बरामद हुए 12 खोखे

​इस अंधाधुंध गोलीबारी में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए:

  1. विकास सिंह: छाती और हाथ में गोली लगी (संदीप थापा गिरोह)।
  2. आकाश सिंह: विकास का भाई, हाथ में गोली लगी (संदीप थापा गिरोह)।
  3. रवि यादव: संजय पांडे गिरोह का सदस्य, घायल अवस्था में निजी अस्पताल में भर्ती।

SSP की सख्त कार्रवाई: “अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं”

​एसएसपी राकेश रंजन ने कार्यभार संभालते ही अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। इस मामले में भी उन्होंने तत्काल SIT का गठन किया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को रांची के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटनास्थल से 12 खोखे बरामद किए हैं, जो गोलीबारी की भयावहता को दर्शाते हैं।

​”जमीन विवाद और अवैध वसूली में शामिल किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। पंडरा कांड के सभी मुख्य आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं और घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।”

राकेश रंजन, SSP रांची

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ऑपरेशन कन्हैया सफल: 61 दिनों बाद कोडरमा से मिला ओरमांझी का ‘लाडला’, मां की आंखों में लौटे खुशी के आंसू

रांची/ओरमांझी: झारखंड पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता साबित करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। रांची के ओरमांझी से 61 दिनों पहले रहस्यमय तरीके से गायब हुए 12 वर्षीय कन्हैया कुमार को पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने सोमवार को कोडरमा जिले के चंदवारा से सकुशल बरामद कर लिया।

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​कन्हैया के मिलने की खबर मिलते ही ओरमांझी ब्लॉक चौक पर खुशियां छा गईं, जहां उसकी मां गोलगप्पे (फुचका) बेचकर अपने बीमार बेटे और परिवार का पेट पालती हैं।

22 नवंबर से शुरू हुआ था दुखों का सिलसिला

​कन्हैया कुमार 22 नवंबर 2025 की शाम से लापता था।

  • घटनाक्रम: उस दिन कन्हैया एसएस प्लस-टू हाई स्कूल के पास फुटबॉल खेलने गया था। खेल के बाद वह अपनी मां की दुकान पर लौटा, खुद चाट बनाकर मां को खिलाया और फिर ‘थोड़ी देर में आने’ की बात कहकर निकला, जिसके बाद वह कभी वापस नहीं आया।
  • पारिवारिक स्थिति: कन्हैया का बड़ा भाई कृष्णा (19 वर्ष) किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है, जबकि पिता शारीरिक रूप से काम करने में असमर्थ हैं। ऐसे में कन्हैया का गायब होना परिवार के लिए किसी वज्रपात से कम नहीं था।

झारखंड से लेकर दिल्ली तक 7 राज्यों में खाक छानी

​एसएसपी रांची राकेश रंजन की सीधी निगरानी में गठित SIT ने कन्हैया की तलाश में केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि 7 राज्यों (बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र) के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। हाल ही में पकड़े गए ‘गुलगुलिया गैंग’ के नेटवर्क से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस कन्हैया तक पहुंचने में कामयाब रही।

कोडरमा के चंदवारा में मिली सफलता

​सोमवार सुबह पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कन्हैया को कोडरमा के चंदवारा इलाके में रखा गया है। रांची पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से तत्काल घेराबंदी की और मासूम को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

‘गुलगुलिया गैंग’ से जुड़े हो सकते हैं तार

​पुलिस को अंदेशा है कि कन्हैया का अपहरण भी उसी संगठित अंतरराज्यीय गिरोह ने किया था, जिसने हाल ही में अंश और अंशिका का अपहरण किया था। यह गिरोह गरीब बच्चों को उठाकर उन्हें भीख मंगवाने या तस्करी के लिए दूसरे राज्यों में बेच देता था। पुलिस अब कन्हैया की काउंसलिंग कराएगी ताकि अपहरणकर्ताओं के चेहरे बेनकाब हो सकें।

एसएसपी का संदेश: “कन्हैया की बरामदगी हमारे ‘ऑपरेशन मासूम’ की बड़ी जीत है। हम इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जल्द ही कन्हैया को उसकी मां से मिलाया जाएगा।”

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भाजपा में नए युग का आगाज़: नितिन नबीन ने भरा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन, प्रस्तावक बने अमित शाह और राजनाथ सिंह

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठनात्मक इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में इस दौरान पार्टी के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा लगा रहा, जो पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

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नामांकन प्रक्रिया और भव्य उपस्थिति

​भाजपा के नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई।

  • प्रस्तावक: नितिन नबीन के नामांकन के लिए गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रस्तावक के रूप में मौजूद रहे।
  • वरिष्ठ नेताओं का समर्थन: इस ऐतिहासिक मौके पर वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित विभिन्न राज्यों के भाजपा अध्यक्ष और सांसद उपस्थित थे।

“साधारण कार्यकर्ता से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर”

​भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह केवल एक पद का चुनाव नहीं, बल्कि भाजपा की उस कार्यशैली का प्रमाण है जहाँ एक साधारण कार्यकर्ता बूथ स्तर से उठकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद तक पहुँच सकता है। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन का निर्वाचन देश के करोड़ों युवाओं को मेहनत और समर्पण के लिए प्रेरित करेगा।

चुनावी कार्यक्रम: कब होगी आधिकारिक घोषणा?

​पार्टी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार:

  • नामांकन की जांच: आज शाम 4 से 5 बजे के बीच।
  • नाम वापसी: शाम 5 से 6 बजे तक।
  • ताजपोशी: चूंकि नितिन नबीन का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है, इसलिए 20 जनवरी को उनकी आधिकारिक ताजपोशी होगी। 46 वर्षीय नितिन नबीन भाजपा के इतिहास के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे।

अन्य प्रमुख मुद्दों पर प्रहार

​प्रतुल शाह देव ने नामांकन के साथ-साथ कई ज्वलंत मुद्दों पर भी बेबाकी से राय रखी:

  • ममता बनर्जी पर हमला: उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार पर तुष्टीकरण और घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममता सरकार बॉर्डर फेंसिंग के काम में केंद्र का सहयोग नहीं कर रही है।
  • माघ मेला विवाद: माघ मेले में शंकराचार्य के साथ हुई कहासुनी पर उन्होंने कहा कि अत्यधिक भीड़ के कारण प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से अनुरोध किया था, लेकिन कुछ गलतफहमी की वजह से विवाद हुआ।
  • रक्षा चुनौतियां: राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने चीन-पाकिस्तान के गठजोड़ को भारत के लिए चुनौतीपूर्ण बताया और पीएम मोदी के नेतृत्व को इसका प्रभावी जवाब करार दिया।
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झारखंड निकाय चुनाव: साख की लड़ाई! क्या BJP बचा पाएगी अपना गढ़ या JMM मारेगी बाजी?

रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की आहट के साथ ही राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है। इस बार का चुनाव केवल शहरों की सरकार चुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भाजपा और सत्ताधारी महागठबंधन (JMM-कांग्रेस) के बीच वर्चस्व की एक बड़ी लड़ाई बन चुका है। जहां भाजपा अपने पुराने दबदबे को कायम रखने की चुनौती से जूझ रही है, वहीं झामुमो और कांग्रेस अपनी खोई हुई शहरी जमीन तलाशने में जुटे हैं।

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भाजपा के लिए साख का सवाल और नई लीडरशिप

​पिछले चुनाव में भाजपा ने राज्य के नगर निगमों में एकतरफा जीत हासिल की थी। मेयर पदों पर नजर डालें तो भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा था:

  • रांची: आशा लकड़ा (भाजपा)
  • आदित्यपुर: विनोद श्रीवास्तव (भाजपा समर्थित)
  • धनबाद: शेखर अग्रवाल (भाजपा)
  • मेदिनीनगर: अरुणा शंकर (भाजपा)
  • हजारीबाग व गिरिडीह: क्रमशः रोशन तिर्की और सुनील पासवान (दोनों भाजपा से जुड़े)

​इस बार नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के कंधों पर इन नतीजों को दोहराने की भारी जिम्मेदारी है। साहू का दावा है कि भाजपा सभी 48 निकायों में जीत दर्ज करेगी और झारखंड में ‘महाराष्ट्र जैसे परिणाम’ देखने को मिलेंगे। हालांकि, भाजपा ईवीएम (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने का विरोध कर रही है。

JMM की ‘दबाव की राजनीति’ और कांग्रेस की तैयारी

​भले ही चुनाव आधिकारिक तौर पर दलीय आधार पर नहीं हो रहे हों, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने उम्मीदवारों की घोषणा में बाजी मारकर विपक्ष और सहयोगियों दोनों को चौंका दिया है。

  • सरायकेला-खरसावां: झामुमो ने यहाँ सबसे पहले अपने समर्थित उम्मीदवारों का एलान कर चुनावी हलचल बढ़ा दी है।
  • महागठबंधन में पेच: कांग्रेस भी पीछे नहीं है; प्रदेश प्रभारी के. राजू लगातार बैठकें कर रहे हैं और पार्टी ने दावेदारों से फॉर्म भरवाए हैं。 झामुमो की जल्दबाजी को महागठबंधन के भीतर ‘दबाव की राजनीति’ के तौर पर भी देखा जा रहा है。

क्या शहरी मतदाता बदलेंगे मिजाज?

​आमतौर पर शहरी क्षेत्रों को भाजपा का वोट बैंक माना जाता रहा है, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहरी मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सूत्रों के अनुसार, सीएम के विदेश दौरे से लौटने के बाद झामुमो का अभियान और भी तेज होगा。

प्रमुख चुनौतियां और समीकरण

  1. महागठबंधन की एकता: क्या JMM और कांग्रेस सभी सीटों पर एक ही साझा उम्मीदवार खड़ा कर पाएंगे?
  2. चुनाव का तरीका: बैलेट पेपर बनाम ईवीएम की जंग जारी है。
  3. निर्दलीय उम्मीदवार: पिछली बार चास से भोलू पासवान और देवघर से रीता राज खवाड़े जैसे निर्दलीयों ने जीत दर्ज कर बड़ी पार्टियों को चौंकाया था, जो इस बार भी चुनौती बन सकते हैं。

निष्कर्ष: झारखंड में निकाय चुनाव इस बार त्रिकोणीय संघर्ष की ओर बढ़ रहे हैं। भाजपा को अपने दुर्ग को बचाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी, जबकि झामुमो और कांग्रेस के बीच का समन्वय यह तय करेगा कि महागठबंधन शहरी मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाता है।

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ऐतिहासिक दिन: जब टीम इंडिया ने पाकिस्तान को हराकर फहराया था विश्व कप का परचम

खेल जगत: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 20 जनवरी की तारीख सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। आज से ठीक आठ साल पहले, 2018 में भारतीय पुरुष नेत्रहीन टीम ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की धरती पर वह कर दिखाया था जिसने पूरी दुनिया को भारत की खेल शक्ति का लोहा मानने पर मजबूर कर दिया。 इसी दिन भारत ने लगातार दूसरी बार नेत्रहीन विश्व कप (Blind World Cup) का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की थी。

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फाइनल का रोमांच: पाकिस्तान को दी करारी शिकस्त

​शारजाह में खेले गए इस हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया。 पाकिस्तानी टीम ने निर्धारित ओवरों में 308 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया。

लक्ष्य का पीछा और भारतीय बल्लेबाजों का संयम

​309 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने गजब का आत्मविश्वास और संयम दिखाया:

  • सलामी जोड़ी: भारतीय ओपनर्स ने टीम को एक सधी हुई शुरुआत दी, जिससे बाद के बल्लेबाजों के लिए दबाव कम हो गया。
  • रन गति: बीच के ओवरों में भारतीय खिलाड़ियों ने रन गति को गिरने नहीं दिया और मैदान के हर कोने में शॉट लगाए。
  • शानदार जीत: पाकिस्तान के गेंदबाजों को कोई मौका न देते हुए भारत ने सफलतापूर्वक लक्ष्य हासिल किया और 8 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया。

जीत के नायक: कप्तान अजय कुमार रेड्डी

​इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े सूत्रधार टीम के कप्तान अजय कुमार रेड्डी रहे。 उन्होंने न केवल अपनी रणनीतिक कप्तानी से टीम का नेतृत्व किया, बल्कि बल्ले से भी मैच जिताऊ योगदान दिया。 उनके साथ ही पूरी टीम के गेंदबाजों और फील्डरों ने टूर्नामेंट भर में जिस अनुशासन और एकजुटता का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ रहा。

करोड़ों दिव्यांगों के लिए प्रेरणा

​भारत ने इससे पहले 2014 में भी विश्व कप जीता था。 2018 की इस लगातार दूसरी जीत ने साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद, अगर हौसला बुलंद हो तो आसमान छूना मुमकिन है。 यह जीत आज भी लाखों दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है。

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सोनारी में पुलिस की दबिश: ब्राउन शुगर के साथ तस्कर गिरफ्तार, 11 पुड़िया बरामद

जमशेदपुर (सोनारी): शहर में नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सोनारी पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। रविवार की शाम गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने आशियाना न्यू कपाली बस्ती से एक नशा तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

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गुप्त सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

​सोनारी थाना को सूचना मिली थी कि न्यू कपाली बस्ती क्षेत्र में एक युवक अवैध रूप से मादक पदार्थों की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी

​पुलिस की तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 11 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान श्याम ठाकुर के रूप में हुई है, जो वर्तमान में परदेशी पाड़ा (सिनेमा मैदान के पीछे) में किराए के मकान में रह रहा था।

लंबे समय से चला रहा था नशे का नेटवर्क

​प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि श्याम ठाकुर काफी समय से इस अवैध कारोबार में संलिप्त था और स्थानीय क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था। सोनारी थाना के एसआई शिवम राज के बयान पर आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस का संकल्प: “नशे के खिलाफ हमारा अभियान सख्ती से जारी रहेगा। हम अब आरोपी से पूछताछ कर उसकी पूरी ‘सप्लाई चेन’ और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने में जुटे हैं”।

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यूपी की सियासत में हलचल: प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर किया तलाक का एलान, अपर्णा के परिवार ने कहा- ‘अकाउंट हैक हुआ’

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। सोमवार को प्रतीक यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा बिष्ट यादव से तलाक लेने की घोषणा की है।

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इंस्टाग्राम पोस्ट में गंभीर आरोप

​प्रतीक यादव के नाम से किए गए इस पोस्ट में अपनी पत्नी पर बेहद कड़े आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • तलाक की घोषणा: प्रतीक ने लिखा कि वह जल्द ही अपर्णा यादव से तलाक लेने जा रहे हैं।
  • पारिवारिक कलह का आरोप: उन्होंने अपर्णा को ‘स्वार्थी’ बताते हुए उन पर पारिवारिक संबंधों को बर्बाद करने का आरोप लगाया।
  • मानसिक स्थिति: प्रतीक ने कहा कि वर्तमान में उनकी मानसिक स्थिति बहुत खराब है, लेकिन उनकी पत्नी को सिर्फ अपने नाम और दबदबे की चिंता है।
  • पछतावा: पोस्ट में अपर्णा से शादी करने को उन्होंने अपना ‘दुर्भाग्य’ बताया है।

परिवार की पहली प्रतिक्रिया: ‘अकाउंट हैक हुआ है’

​इस सनसनीखेज पोस्ट के बाद अपर्णा यादव के परिवार की ओर से सफाई सामने आई है। अपर्णा के भाई ने न्यूज़18 से फोन पर बातचीत में इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा:

​”प्रतीक का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया है। यह पोस्ट उन्होंने खुद नहीं की है”।

​हालांकि, जब इस संबंध में खुद अपर्णा यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया, जिससे उनकी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया फिलहाल नहीं मिल सकी है।

समाजवादी पार्टी का रुख

​सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई से जुड़े इस विवाद पर समाजवादी पार्टी ने बेहद नपी-तुली प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा:

  • ​यह पूरी तरह से एक निजी और पारिवारिक मामला है।
  • ​सोशल मीडिया की खबरों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इस पर केवल परिवार के सदस्य ही बेहतर राय दे सकते हैं।
  • ​चूंकि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, इसलिए पार्टी इस पर कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं देगी।

कौन हैं प्रतीक और अपर्णा यादव?

  • प्रतीक यादव: मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव के बेटे हैं। वे राजनीति से दूर रहकर अपना व्यवसाय संभालते हैं।
  • अपर्णा बिष्ट यादव: वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने 2017 में सपा के टिकट पर लखनऊ कैंट से चुनाव लड़ा था, लेकिन 2022 में वे भाजपा में शामिल हो गईं।

​इस घटनाक्रम ने न केवल यादव परिवार बल्कि यूपी के सियासी हलकों में भी नई चर्चा छेड़ दी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रतीक यादव खुद सामने आकर इस पोस्ट की पुष्टि या खंडन करते हैं।

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जमशेदपुर: सिदगोड़ा में अपराध और नशाखोरी के खिलाफ भाजपा का हल्ला बोल, थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन

जमशेदपुर (सिदगोड़ा): शहर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और सामाजिक अव्यवस्थाओं को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को बारीडीह मंडल अध्यक्ष कुमार अभिषेक के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सिदगोड़ा थाना पहुंचकर थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा और क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की.

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नशाखोरी और छिनतई से जनता त्रस्त

​मंडल अध्यक्ष कुमार अभिषेक ने क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सिदगोड़ा और आसपास के इलाकों में ब्राउन शुगर जैसे घातक नशीले पदार्थों की बिक्री खुलेआम हो रही है. इसका सबसे बुरा असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख समस्याओं को रेखांकित किया गया है:

  • नशीले पदार्थों का गढ़: ब्राउन शुगर और अन्य नशीले पदार्थों की बेखौफ बिक्री.
  • अवैध शराब: क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री में भारी इजाफा.
  • बढ़ता अपराध: चोरी, लूट और छिनतई जैसी घटनाओं से आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
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त्वरित कार्रवाई की मांग

​भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस प्रशासन ने इन शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी। कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी से गश्त बढ़ाने और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करने का आग्रह किया है.

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प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चेहरे

​इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान भारी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • जिला महामंत्री: संजीव सिंह.
  • मोर्चा अध्यक्ष: ओम पोद्दार (ओबीसी मोर्चा), कंचन दत्ता (युवा मोर्चा).
  • अन्य नेता: अनिल सिंह, संतोष ठाकुर, पंकज प्रिय, जगन्नाथ उपाध्याय, राजेश रजक, विनय वर्मा, और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता जैसे मीरा झा, आरती यादव व नीलम देवी.
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जमशेदपुर: नई कहानियाँ गढ़ने के लिए आगे आएं, जिला प्रशासन ने शुरू किया ‘पुस्तक दान अभियान’

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने जिले में पढ़ने-लिखने की संस्कृति (Reading Culture) और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है. “नई कहानियां गढ़ने के लिए पुस्तकें दान करें” अभियान के तहत प्रशासन पंचायतों, विद्यालयों और सामुदायिक केंद्रों में सुलभ पठन स्थल विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है.

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ज्ञान-साझा अभियान: युवाओं के लिए नई प्रेरणा

​पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन का उद्देश्य मौजूदा पुस्तकालयों को सुदृढ़ करना है ताकि समाज के हर वर्ग के शिक्षार्थियों तक पुस्तकों की समान पहुँच सुनिश्चित हो सके. प्रशासन ने जमशेदपुर के नागरिकों, संस्थानों और पुस्तक-प्रेमियों से इस ज्ञान-साझा अभियान में भागीदार बनने की अपील की है.

दान की जाने वाली पुस्तकों का विवरण:

  • ​नई अथवा पूर्व-प्रयुक्त (अच्छी स्थिति में) पुस्तकें दान की जा सकती हैं.
  • ​बाल साहित्य, पाठ्य-पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, संदर्भ ग्रंथ, साहित्य, इतिहास और विज्ञान जैसे विषयों की पुस्तकें स्वीकार्य हैं.
  • ​पुस्तकों की भाषा हिंदी, अंग्रेजी, स्थानीय/आदिवासी अथवा अन्य कोई भी हो सकती है.
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दानकर्ताओं को मिलेगा विशेष सम्मान

​इस नेक काम में सहयोग करने वाले नागरिकों को प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा:

  1. सम्मान पट्टिका: सभी दानकर्ताओं के नाम पूर्वी सिंहभूम पुस्तकालय सम्मान पट्टिका पर अंकित किए जाएंगे.
  2. निशुल्क सदस्यता: 10 या उससे अधिक पुस्तकें दान करने वालों को एक वर्ष की निशुल्क पुस्तकालय सदस्यता दी जाएगी.
  3. आजीवन सदस्यता: 100 या उससे अधिक पुस्तकें दान करने वाले दानकर्ताओं को आजीवन निशुल्क पुस्तकालय सदस्यता के साथ भविष्य की साहित्यिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा.

कहाँ जमा करें पुस्तकें?

​नागरिक निम्नलिखित केंद्रों पर संपर्क कर अपनी पुस्तकें जमा कर सकते हैं:

क्रम सं.स्थानसंपर्क व्यक्तिसंपर्क नंबर
1DC ऑफिसयोगेश कालिंदी9576707950
2JNAC ऑफिसराज गौरव सिंह6299590266
3DM नगर पुस्तकालय, साकचीअश्विनी गुप्ता6201354621
4टाउन हॉल, सिदगोड़ासुरेश गुप्ता9905504807
5ECC फ्लैट, कदमायोगेश राणा9031065077
6बिष्टुपुर कम्युनिटी सेंटरकुलदीप भगत8969678359

डाक/कूरियर से भेजने का पता:

श्री ज्योति पुंज (संपर्क: 9471511844), जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC), हिरासिंह बगान, साकची, जमशेदपुर – 831007.

अधिक जानकारी के लिए: 7970625111 पर संपर्क करें.

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