जमशेदपुर/पोटका : एक पिता और माँ ने अपने बेटे सूरज कर की मौत का सिबीआई जाँच की मांग की है। पिता और माँ ने कहा की मेरे बेटे का एक्सीडेंट नहीं बल्कि उसकी हत्या की गई है।
पीड़ित पिता बिनोद कर और माँ संगीता कर ने कहा की 15 सितंबर को सुंदरनगर थाना क्षेत्र के कलियाबेडा मुख्य सड़क पर रात 9 बजे एक्सीडेंट का सुचना मुझे मिला था, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है की मेरा बेटा सूरज कर का एक्सीडेंट नहीं बल्कि उसकी हत्या हुई है और एक्सीडेंट का रूप दिया गया हैं। उन्होंने प्रसाशन से सही जाँच करने की मांग की है।
सूरज कर के माता पिता के अनुसार उन्होंने कई लोगों के नाम लिखित रूप से सुंदरनगर थाना में दिया है। वह चाहते हैं की उनके बेटे की मौत की उचित जाँच कर न्याय मिलें और प्रसासन जाँच में तेजी लाये।
जमशेदपुर : श्रीश्री 1008 श्री लक्ष्मी नारायण पंचकुंडी यज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन बारीडीह एस दुर्गा पूजा मैदान में आयोजित किया जा रहा है. इसे बारीडीह ट्यूब कॉलोनी की श्रीश्री दुर्गा लक्ष्मी काली पूजा कमेटी द्वारा आयोजित किया गया है. 4 जनवरी 2026 से लेकर 12 जनवरी 2026 तक यह कार्यक्रम होगा. आज उठान एकादशी के पवित्र दिन पर श्री हनुमान जी का ध्वजा रोहन किया गया तथा भूमि पूजन कर संकल्प लिया गया कि बड़े ही भक्ति भाव से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा.
भागवत कथा बक्सर के श्री ब्रह्मचारी जी करेंगे. वहीं यज्ञ आचार्य के रूप में श्रीफल हरि स्वामी एवं राजीव लोचन द्वारा किया जाएगा. साथ ही 11 विद्वान पंडितों के द्वारा संपन्न होगा, जो बनारस से पधारेंगे. इस महान आयोजन का उद्देश्य सनातन संस्कृति की शिक्षा, संस्कार के प्रति जागरूकता आम जनों में लाना है. यह जानकारी पंडित गोरेलाल शास्त्री ने दी है.
जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में आउटसोर्सिंग के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों के शैक्षणिक और तकनीकी प्रमाणपत्रों की जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है. अस्पताल प्रबंधन की ओर से अधीक्षक डॉ. आर.के. मंधान के निर्देश पर इस कार्य के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है. समिति में डॉ. नकुल चौधरी को अध्यक्ष जबकि डॉ. ललित मिंज और डॉ. नारायण उरांव को सदस्य बनाया गया है. समिति ने सभी पदों के लिए जांच की तारीखें तय कर दी हैं. तय कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को जांच प्रक्रिया की शुरुआत की गई, जिसमें रेडियोग्राफर, ईसीजी टेक्नीशियन, ऑडियोमेट्रिशियन, आप्थल्मोलॉजी, ओटी टेक्नीशियन और सीएसएसडी सहायक के दस्तावेजों की जांच की गई.
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अगली जांच तीन नवंबर को की जाएगी, जिसमें सोशल वर्कर, काउंसलर, कंप्यूटर ऑपरेटर, ड्रग रूम सहायक, स्टोर कीपर और इलेक्ट्रिशियन के प्रमाणपत्रों की जांच होगी. चार नवंबर को प्लंबर, ड्राइवर, माली, प्यून और दाई वर्ग के दस्तावेजों की जांच की जाएगी. पांच नवंबर को वार्ड अटेंडेंट के प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी. सबसे लंबी जांच प्रक्रिया नर्सिंग स्टाफ की होगी, जो छह नवंबर से 15 नवंबर तक चलेगी. इस दौरान नर्सों के सभी शैक्षणिक और तकनीकी प्रमाणपत्रों की गहनता से जांच की जाएगी.
अधीक्षक डॉ. मंधान ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ की जाएगी. उनका कहना है कि एमजीएम अस्पताल की सेवा व्यवस्था को सुदृढ़ और पेशेवर बनाए रखने के लिए यह जांच जरूरी है. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि अस्पताल में कार्यरत प्रत्येक आउटसोर्स कर्मचारी पूरी तरह योग्य और प्रमाणित है. अस्पताल प्रबंधन ने सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने सभी मूल दस्तावेज और प्रमाणपत्र जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत करें. प्रबंधन का कहना है कि फर्जी या संदिग्ध प्रमाणपत्र पाए जाने की स्थिति में संबंधित कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगा.
जमशेदपुर : देश भर में जहां स्वच्छ भारत अभियान जोर शोर से चलाया जाता आ रहा है और जमशेदपुर को जहां सफाई के मामले एक आइडियल सीटी के तौर पर जाना जाता है, वहीं जमशेदपुर स्थित भाटिया बस्ती के प्रतिमा नगर में गंदगी की वजह से लोगों का जीना मुहाल हो रखा है।
प्रतिमा नगर, भाटिया बस्ती में साफ सफाई एवं नाली की मरम्मती की आवश्यकता कई सालों से है पर न यहां नोटिफाइड एरिया के सफाई अफसर आते, न सफाई कर्मी आते, यहां तक कि पूर्व विधायक रह चुके बन्ना गुप्ता एवं वर्तमान विधायक सरयू राय ने भी कभी ध्यान नहीं दिया। आज हालात ऐसे है कि बस्ती के लोग अपने परिवार संग कचरे में रहने को मजबूर हैं। आलम यह है कि जाए तो कहां जाएं, रोजमर्रा की जिंदगी में रोज कमाकर खाने वाले अगर ऐसे ही गंदगी में रहें तो बच्चों की परवरिश कैसे हो पाएगा।
शासन व प्रशासन बीमारी की रोकथाम के लिए कदम तो उठा रही है लेकिन यहां के लोगों पर उनका ध्यान नहीं जाता। यहां लोग बीमार हो रहे हैं, दवा कर रहे हैं और उसी गंदगी में फिर भी जीने को मजबूर है। यहां चुनाव के समय सिर्फ आश्वासन मिलता है पर गंदगी से निजात नहीं। न कभी ढंग से सफाई हुआ न ही आज तक नाली बन सका बस 10 -12 सालों से आश्वासन ही मिलता रहा है। अब देखना यह है कि शासन और प्रशासन की चिरनिद्रा प्रतिमा नगर को लेकर टूटेगी भी या नहीं।
रांची : झारखंड सरकार इस वक्त गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। सूत्रों के मुताबिक़ राज्य के कोषागार (ट्रेजरी) में फिलहाल सिर्फ़ 4000 करोड़ रुपये शेष बचे हैं, जिससे सरकार की वेतन, पेंशन और विकास योजनाओं की फंडिंग पर संकट गहराता जा रहा है।
वित्त विभाग के एक अधिकारी के अनुसार “राज्य की आय का बड़ा हिस्सा केंद्र पर निर्भर है। रेवेन्यू घटा है और खर्च बढ़ गया है। कई योजनाओं के भुगतान लंबित हैं।” इस आर्थिक तंगी का सीधा असर राज्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर पड़ सकता है — सरणा विकास योजना, अभियान झारखंड जनसेवा, किसान सहायता निधि, आदिवासी छात्रवृत्ति योजना और ग्रामीण सड़क विकास मिशन जैसी योजनाएँ फंड के इंतज़ार में अटकी पड़ी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही राजस्व के नए स्रोत नहीं खोजे गए, तो सरकार को कर्ज या केंद्र से विशेष सहायता पैकेज लेना पड़ सकता है। वहीं विपक्ष ने इस स्थिति पर सरकार को घेरते हुए कहा है कि “खजाना खाली, वादे भारी — यही झारखंड की सच्चाई है।” झारखंड की जनता अब पूछ रही है — विकास योजनाएँ कब पटरी पर आएंगी? सरकार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है — “संकट से निकलने का रास्ता कहाँ से आएगा?”
घाटशिला : घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। चुनाव की तारीख नज़दीक आते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस, आजसू (AJSU) और झारखंड लोककल्याण मंच (JLKM) सभी दलों ने जनता के बीच अपना जनसंपर्क अभियान तेज़ कर दिया है।
हर पार्टी अपने उम्मीदवार के समर्थन में सभाएँ, पदयात्राएँ और नुक्कड़ सभा कर रही है। 🟩 JMM विकास और जनाधिकार के मुद्दे पर जनता से जुड़ने की कोशिश में है, 🟧 BJP सुशासन और स्थिर सरकार का नारा दे रही है, 🟦 कांग्रेस जनता के बीच बेरोजगारी और महंगाई का मुद्दा उठा रही है, 🟥 जबकि AJSU और JLKM स्थानीय नेतृत्व और क्षेत्रीय विकास पर फोकस कर रहे हैं।
जनता अब हर प्रत्याशी को नज़दीक से सुन रही है, और घाटशिला की गलियों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक राजनीतिक चर्चा चरम पर है। किसके पक्ष में जनता का रुख जाएगा, यह तो आने वाला वक्त बताएगा — लेकिन इतना तय है कि घाटशिला की जंग इस बार दिलचस्प होने वाली है।
महनार : बिहार के महनार विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल के बीच आज एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला। निर्दलीय प्रत्याशी विपिन सर के समर्थन में पहुँचे झारखंड के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि जयराम महतो विधायक का स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भव्य स्वागत किया।
जयराम महतो ने कहा — “मैं अपने मित्र विपिन सर के स्वागत से अभिभूत हूँ। जब किसी ईमानदार व्यक्ति को जनता के लिए संघर्ष करते देखता हूँ, तो यह एक सुखद एहसास देता है। संघर्ष जारी रहेगा।”
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय जनता और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे। लोगों ने “ईमानदार नेता जिंदाबाद” और “विपिन सर आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं” के नारे लगाए। जयराम महतो ने आगे कहा कि राजनीति में सच्चाई और पारदर्शिता ही सबसे बड़ी ताकत है और महनार की जनता अब बदलाव के मूड में है।
गिरिडीह : सऊदी अरब से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई क्रॉस फायरिंग में झारखंड के 26 वर्षीय युवक विजय कुमार महतो की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब पुलिस अपराधियों को पकड़ने पहुँची थी, और अचानक हुई गोलियों की बौछार में विजय कुमार महतो उसकी चपेट में आ गया।
मृतक विजय कुमार महतो गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड का रहने वाला था। वह पिछले कुछ वर्षों से सऊदी अरब में काम कर रहा था। परिजनों को जैसे ही खबर मिली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
इधर, झारखंड सरकार के श्रम विभाग ने सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर लिया है। विभाग की ओर से बताया गया है कि विजय का श*व भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि उसे जल्द से जल्द अपने वतन में अंतिम विदाई दी जा सके। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि विजय के परिवार को आर्थिक सहायता और न्याय दिया जाए।
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📍गिरिडीह से — अंकित सिन्हा की रिपोर्ट | तीसरी धारा न्यूज़
मोकामा, बिहार : बिहार में चर्चित दुलारचंद हत्याकांड पर चुनाव आयोग ने कड़ी कार्रवाई की है। घटना की जांच में लापरवाही और निष्पक्षता पर उठे सवालों के बाद आयोग ने चार अधिकारियों का तबादला कर दिया है, जबकि एक अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिन अधिकारियों को हटाया गया है उनमें जिला एसपी, एसडीपीओ, थाना प्रभारी और एक अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हैं। सस्पेंड किए गए अधिकारी पर घटना की जांच में गंभीर चूक और पक्षपात के आरोप लगे हैं।
चुनाव आयोग ने कहा है — कानून-व्यवस्था से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे देर से उठाया गया कदम बता रहा है, वहीं सत्तापक्ष इसे “न्याय की जीत” बता रहा है। अब बड़ा सवाल — क्या इस कार्रवाई के बाद दुलारचंद हत्याकांड की सच्चाई सामने आएगी ?
सरायकेला : सड़कों पर दौड़ने वाली वाहनों पर लगे तेज हार्न और प्रेशर हार्न से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि दो पहिया वाहन में कंपनी के द्वारा लगाया गया साइलेंसर को बदलकर माडिफाइड साइलेंसर लगा दिया जाता है, जिसके कारण सड़क पर आवागमन करने वालो के साथ अन्य लोगों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। बताया जाता है कि माडिफाइड साइलेंसर की आवाज इतनी तेज होती है, वहीं तेज हार्न के कारण भी लोगों के ऊपर इसका सीधा असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि तेज हार्न के कारण कान कुछ समय के लिए सुनापन लगने लगता है साथ ही तेज हार्न का असर दिमाग पर पड़ता है। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बने घरों में रहने वाले लोगों और बच्चों के बीच भी इसका सीधा असर पड़ता है।
वर्तमान समय में तेज हार्न और माडिफाइड साइलेंसर का प्रचलन बढ़ता जा रहा है जिसके कारण लोगों को इससे जूझना पड़ रहा है। मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने जिला परिवहन पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह किया है कि जनहित को देखते हुए अविलंब इस पर अंकुश लगाई जाए।