दिल्ली:दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भी पार्टी प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी करते हुए अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रवेश वर्मा को मैदान में उतारा है। कुल 29 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने करोल बाग से दुष्यंत गौतम को टिकट दिया है। जबकि अरविंद केजरीवाल के सामने प्रवेश वर्मा को प्रत्याशी बनाया है।वहीं सीएम आतिशी के खिलाफ पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी को प्रत्याशी बनाया है। आप छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले कैलाश गहलोत को बिजवासन सीट से टिकट दिया है। पार्टी ने बादली से दीपक चौधरी, रिठाला से कुलवंत राणा, नांगलोई जाट से मनोज शौकीन, आदर्श नगर सीट से राजकुमार भाटिया को मैदान में उतारा है।बीजेपी ने मंगोलपुरी सीट से राजकुमार चौहान, रोहिणी से विजेंद्र गुप्ता, शालीमार बाग से रेखा गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। रेखा गुप्ता को पार्टी ने पहली बार मैदान में उतारा है। वहीं माॅडल टाउन से अशोक गोयल, पटेल नगर से आप छोड़कर बीजेपी में आए पूर्व मंत्री राज कुमार आनंद, राजौरी गार्डन से दिल्ली गुरुद्वारा सिख प्रबंधन कमेटी के मनजिंदर सिंह सिरसा को टिकट दिया है।
बता दें कि बीजेपी ने पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के सामने जंगपुरा से तरविंदर सिंह मारवाह को उतारा है। जबकि विश्वास नगर से पार्टी ने एक बार फिर लगातार जीत दर्ज कर रहे ओमप्रकाश शर्मा पर भरोसा जताया है। वहीं घोंडा से अजय महावर एक बार फिर मैदान में होंगे। यह सीट भी बीजेपी की परंपरागत सीट रही है। पटपड़गंज विधानसभा सीट से पार्टी ने आप के अवध ओझा के सामने रवींद्र सिंह नेगी को उतारा है। देख सूची
नये साल में हेमंत सोरेन का पुराना वादा अधूरा रह गया.नई सरकार ने रोजगार पर अपना सबसे बड़ा प्रॉमिस तोड़ दिया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से किया अपना पहला वादा पूरा नहीं किया. मुख्यमंत्री का वह कौन सा वादा है जो नये साल में टूट गया.
सीएम हेमंत ने शपथ लेते ही क्या कहा था जो कर नहीं पाये.
आखिर, हेमंत सोरेन का यह पहला वादा क्यों पूरा नहीं हो पाया. हेमंत सरकार की ऐसी भी क्या मजबूरी रही कि वह रोजगार को लेकर ये वादा पूरा नहीं कर पाये. क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यह भूल गये कि उन्होंने 28 नवंबर 2024 को क्या कहा था. बताते हैं सबकुछ सिलसिलेवार ढंग से.
1 जनवरी 2025 से पहले परीक्षा कैलेंडर का वादा था हेमंत सरकार ने वादा किया था कि 1 जनवरी 2025 से पहले रिक्त सरकारी पदों को भरने के लिए जेएसएससी, जेपीएससी और अन्य सक्षम प्राधिकार द्वारा ली जाने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं का कैलैंडर जारी किया जायेगा.
सरकार ने यह भी वादा किया था कि पहले से लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को भी 1 जनवरी 2025 से पहले पूरा कर लिया जायेगा.
खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सामने आकर यह घोषणा की थी.
यह 28 नवंबर 2024 था. हेमंत सोरेन ने दोपहर को ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में सीएम पद की शपथ ली और शाम को प्रोजेक्ट भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग की.
मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती के लिए जेएसएससी और जेपीएससी द्वारा परीक्षा कैलेंडर 1 जनवरी 2025 से पहले जारी किया जायेगा. लंबित नियुक्तियां भी पूरी की जायेंगी. इस बात को 34 दिन बीत गये.
नये साल में पुराना वादा अधूरा रह गया
पुरानी लंबित नियुक्तियां भी पूरी नहीं कर पाई सरकार अब नई परीक्षाओं का कैलेंडर तो छोड़िए, सरकार लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को पूरा करने की दिशा में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है. चाहे वह 11वीं-13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा हो, जेएसएससी सीजीएल हो या फिर फूड सेफ्टी ऑफिसर.
दरअसल, झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग और झारखंड लोक सेवा आयोग के अंतर्गत दर्जनों नियुक्ति प्रक्रिया लंबित है जिसमें हजारों पदो पर भर्तियां होने वाली है. अकेले जेपीएससी में ही 1700 से ज्यादा पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लंबित है वहीं, जेएसएससी में तो यह आंकड़ा हजारों में जाता है.
अकेले टीचर के ही 25001 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लंबित है.
जेपीएससी में 1700 पदों पर बहाली प्रक्रिया लंबित है
पहले बात जेपीएससी की करते हैं. 11वीं-13वीं जेपीएससी सिविल सेवा में 357 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लंबित है. इसकी मुख्य परीक्षा जून 2024 में ही ली जा चुकी है लेकिन अब तक मॉडल ऑनर्स की तक जारी नहीं हुआ.
ये हाल तब है जबकि आयोग ने अगस्त 2024 के पहले सप्ताह में ही इंटरव्यू और डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन का आश्वासन दिया था.
इसी प्रकार झारखंड वन क्षेत्र पदाधिकारी के 170 और झारखंड सहायक वन संरक्षक के 78 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया लंबित है. इन विज्ञापन अप्रैल 2022 में ही जारी किया गया था.
परीक्षा ही नहीं ली जा सकी है. झारखंड के यूनिवर्सिटीज में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति और पीएचडी में इनरॉलमेंट के लिए जेएटी की परीक्षा होने वाली थी जो नहीं हो सकी. सिविल जज (जूनियर डिविजन) के 138 पदों पर नियुक्ति के लिए जुलाई 2023 में ही आवेदन लिए गये. इसकी पीटी परीक्षा हो चुकी है लेकिन अभी तक मुख्य परीक्षा नहीं हुयी.
झारखंड मे चिकित्सा पदाधिकारी के 26 बैकलॉग पदों पर जून 2023 में ही इंटरव्यू लिया गया था लेकिन अभी तक रिजल्ट नहीं आया.
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के 10 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी लंबित है.
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के 64 पदों पर नियुक्ति के लिए पीटी और मुख्य परीक्षा ली जा चुकी है लेकिन अब तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया. फूड सेफ्टी ऑफिसर के 56 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी लंबित है.
इनमें से कई मामले जेपीएससी चेयरमैन की नियुक्ति में विलंब की वजह से फंसे हैं तो कई मामले कोर्ट में लंबित हैं. सरकार की ओर से केवल और केवल आश्वासन मिल रहा है.
जेपीएससी में हजारों पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया लंबित झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग में तो हजारों पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लंबित है.
दरअसल, पिछली सरकार में सहायक अध्यापक के 25001 पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकला. इसकी परीक्षा भी ली जा चुकी है लेकिन सीटेट को मान्यता और जेटेट विसंगति सहित अन्य मसलों को लेकर मामला कोर्ट में है.
नगरपालिका सेवा संवर्ग के 921 पदों पर बहाली की प्रक्रिया लंबित है.
विभिन्न विभागों में जूनियर इंजीनियर के 1268 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लंबित है.
महिला सुपरवाइजर के 440 पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा ली गयी थी लेकिन रिजल्ट नहीं आया. उत्पाद सिपाही के 583 पदों पर बहाली की प्रक्रिया भी लंबित है.
कोर्ट और आयोग के बीच फंस गयी हैं नौकरियां लाखों अभ्यर्थी रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. जेएसएससी सीजीएल के रिजल्ट पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है.
*अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी*
11वीं-13वीं जेपीएससी सिविल सेवा का रिजल्ट आयोग में चेयरमैन नहीं होने से लंबित है. हाल फिलहाल जेपीएससी चेयरमैन की नियुक्ति के आसार भी नहीं दिख रहे.
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की कहती हैं कि ऐसे ही किसी को नहीं बिठा देंगे. सही बात है लेकिन यह पद 22 अगस्त 2024 से ही खाली है. 4 महीने हो गये.
कुल मिलाकर, अभ्यर्थियों का यह कहना है कि सरकार केवल नौकरी का आश्वासन ही दे रही है नौकरी नहीं. और यह आश्वासन भी अब प्रैंक सरीखा लगने लगा है.
गुरुवार की सुबह सोशल मीडिया पर एक पोस्ट आई, जिसमें सिखों के धार्मिक मामलों को बिना सोचे समझे भाजपा के जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने पोस्ट किया, जिसके बाद सिख समाज आक्रोशित हो उठा है. जमशेदपुर के बाहर भी सिख इस मुद्दे को लेकर भड़के हुए है. पंजाब प्रांत में जिला अध्यक्ष को केस करने की चेतावनी भी दी गई है.
दरअसल, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने अपने सोशल मीडिया फेसबुक पर पांच घंटे पहले एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने सिखों के दसवें गुरु श्री गोबिंद सिंह पर एक वाक्य लिखते हुए कहा कि वह सैनिकों में उत्साह भरने के लिए जो भाषण देते थे. उनका संग्रह “चंडी दी वार” कहलाता है. उसमें लिखे कुछ दोहे इस प्रकार हैं…
“मिटे बांग सलमान सुन्नत कुराना जगे धर्म हिंदून अठारह पुराना यहि देह अंगिया तुरक गहि खपाऊं गऊ घात का दोख जग सयों मिटाऊँ…।”
बस फिर क्या था. इस बात पर सीधा हमला करते हुए भाजपा की सक्रिय महिला नेत्री जिला कार्यसमिति सदस्य एवं सोशल मीडिया प्रभारी जुगसलाई निवासी अरविंदर कौर ने पकड़ लिया और उन्होंने जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा पर सिख धर्म की भावना को ठेस करने वाली पोस्ट डालने का मुद्दा उठाया और इसका विरोध कर दिया.
अरविन्दर कौर ने सोशल मीडिया में जिला अध्यक्ष को जवाब देते हुए नसीहत दी और कहा कि…
वाहेगुरु जी दा ख़ालसा वाहेगुरू जी दी फतेह.
हमारे माननीय जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा जी ने एक पोस्ट डाली जो हमारे दसवीं पातशाही श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की रचना चंडी की वार से लिखे हुए बोल बताये हैं, जो कि बिल्कुल गलत है. उनको सिखो के श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के बारे सारी जानकारी ले लेनी चाहिए थी. आप ऐसे ही कोई भी पोस्ट गलत लाइन बनाकर नहीं कर सकते. पहले तो ये की ये जो लाइन है वो (चंडी की वार) में है ही नहीं. दूसरा चंडी की वार में जो लिखा गया है वो दुर्गा जी की राक्षसों के साथ संघार की कविता है. उसमें मुस्लिमों को कहीं संबोधित नहीं किया गया. दूसरा गुरु गोबिंद सिंह जी अन्याय के खिलाफ थे, न कि किसी धर्म के खिलाफ.
मैं किसी पर ऐसे ही उंगली नहीं उठाती. इसके लिये विद्वानों से बात की. उनसे पूछा कि कहां तक ये 4 लाइन ठीक है. सबके जवाब यही थे कि ये हमारे किसी भी ग्रंथ साहिब में नहीं है, तो आप अपनी मर्ज़ी न करें. कुछ भी सिख धर्म के लिए आपको पोस्ट करना है तो कम से कम किसी गुरुद्वारा के ग्रंथी जी से कन्फर्म करवा लें. अगर मैंने कुछ गलत बोला हो तो आप सभी खुद मार्गदर्शन करें.
आपको बता दें कि जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा जब से अपने पद पर बनें हैं किसी ना किसी बात को लेकर विवाद में रहे हैं. कार्यकर्ताओं का अपमान करने के लिए उन्हें ख्याति मिली हुई है. इस मामले में अरविंदर कौर के विरोध का बहुत से लोग समर्थन कर रहे हैं और मांग हो रही है कि वह सर्ववजनिक रूप से माफी मांगे. अरविंदर कौर ने इसे बड़े सिख नेताओं समेत भाजपा के वरीय नेताओं को मिलाकर 80 लोगों को अपनी आपत्ति टैग की है. सिख भाजपा नेताओं से इस बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह मामले को लेकर गोलबंद हो रहे हैं और जिला अध्यक्ष पर पार्टी नेताओं से कार्रवाई की मांग करने की बात कही है. दूसरी ओर इस पोस्ट को जिला अध्यक्ष ने उस वक्त डिलीट भी कर दिया है, जब उन्हें लगा कि वह विवादों में घिर रहे हैं, हलांकि लोगों की मांग है कि वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगे.
किसी को भी धार्मिक मामलों में बिना सोचे समझे नहीं पढ़ना चाहिए : अरविन्दर भाजपा नेत्री अरविन्दर कौर ने बताया कि गुरुवार को दिन में जब जिला अध्यक्ष ने विवादित पोस्ट किया तो वह धर्म गुरुओं से संपर्क में गई और इसकी पड़ताल की. किसी ने भी इसे सही नहीं बोला. जिला अध्यक्ष ने जो पोस्ट किया वह सीधे रूप से धार्मिक भावना को ठेस करने का मामला बनता है. सुधांशु ओझा ने भले ही वह पोस्ट डिलीट कर दी है, लेकिन उन्हें इस मामले पर सिख समाज से माफी मांगनी चाहिए वह भी सार्वजनिक रूप से. उन्होंने कहा कि चाहे मैं हूं या कोई भी किसी के धार्मिक मामलों को बिना जाने कुछ नहीं लिखना चाहिए. पार्टी के वरीय नेताओं को इसपर कार्रवाई करनी चाहिए.
रांची:अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष,रेलवे यात्री सुविधा समिति के सदस्य और सिख समाज के विभिन्न धार्मिक-आध्यात्मिक संगठनों से जुड़े समाजसेवी सरदार गुरविंदर सिंह सेठी का आज रांची हरमू मुक्ति धाम में अंतिम संस्कार किया गया.उनकी अंतिम यात्रा पटेल चौक आवास से मेन रोड गुरूद्वारा होते हुए भाजपा कार्यालय पहुंची जहां भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र राय समेत विभिन्न पदाधिकारियों ने पार्टी का झंडा और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.गुरविंदर सिंह सेठी के बेटे अस्मित सेठी ने मुखाग्नि दी.
लगभग 12.30 बजे अंतिम यात्रा हरमू मुक्ति धाम पहुंची जहां पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया.जहां AISMJWA के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया,अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति मथारू,भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा,पूर्व विधायक समरी लाल,पूर्व सांसद रामटहल चौधरी,प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले,कुलवंत सिंह बंटी,कुणाल आजमानी,सतबीर सिंह सोमू,बीर खालसा दल के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र सिंह रिंकू,चंचल भाटिया,परमजीत काले,राजू मारवाह,इंद्रजीत सिंह कपूर,सतिंदर पाल सिंह बंटी,युवराज सिंह,गौरव कुमार,नानक सिंह सहित विभिन्न जिलों से आए लोग शामिल थे.
धनबाद: बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के अंतगर्त विकास नगर में एक युवक की हत्या की ख़बर से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक युवक कोयला कारोबारी पप्पू मंडल के पास काम करता था । रोज़ की तरह घटना के दिन भी घर से काम पर गया लेकिन वापस नहीं आया, तब परिजन खोज बिन करने लगे उसी दौरान परिजन को ख़बर मिली कि उनके बेटे की हत्या हो गई हैं । मृतक की बॉडी एक नाले में मिली। मौके पर बैंक मोड़ थाना की टीम दल बल के साथ घटना घटनास्थल पर पहुंची और हत्या के आरोप में आकाश कुमार शर्मा नामक युवक को पकड़ कर थाना ले आई। बैंक मोड़ की पुलिस बॉडी को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिजनों ने बैंक मोड़ थाने का घेराव किया
वही परिजन एवं स्थानीय लोगों ने हत्यारा को उन लोगों के हवाले करने को लेकर बैंक मोड़ थाने का घेराव किया व बैंक मोड़ के सामने मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर यातायात बाधित किया। जबरदस्ती बैंक मोड़ थाने में घुसने के प्रयास के दौरान पुलिस ने लाठी चार्जकर रोड जाम करने वाले को भगाकर यातायात को सुगम किया। वहीं पुलिस मामले की जांच में जूट गई है। थाना प्रभारी लव कुमार ने बताया कि मामले का अनुसंधान जल्द कर लिया जायगा। हत्त्यारे को बक्शा नहीं जाएगा।
पूर्व सांसद रविन्द्र राय, प्रीतम भाटिया, रविन्द्र सिंह रिंकू सहित कई पहुंचे आवास
रांची : अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और सिख समाज के विभिन्न धार्मिक-आध्यात्मिक संगठनों से जुड़े समाजसेवी सरदार गुरविंदर सिंह सेठी का कल ह्रदय गति रुक जाने से पुणे में देहांत हो गया था.आज उनके पुत्र भाजपा नेता अस्मित सिंह सेठी समेत अन्य परिजन शव लेकर पुणे से रांची एयरपोर्ट पहुंचे जहां सिख समाज से लेकर भाजपा नेता और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.मौके पर ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वैलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया,बीर खालसा दल के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र सिंह रिंकू,प्रदेश उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह,भाजपा नेता रविंद्र राय,रांची मेन रोड गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव और गुरविंदर सेठी के छोटे भाई गगन सेठी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. कल रांची पटेल चौक स्थित आवास से स्व.सेठी का शव सुबह 11.00 बजे मेन रोड गुरूद्वारा होते हुए 12.15 बजे भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचेगा जहां पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता श्रद्धांजलि देंगे.इसी क्रम में शव यात्रा दोपहर 12.30 बजे से 1.00 बजे तक हरमू मुक्ति धाम पहुंचेगी जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा.
पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता को खोने का गम दे गया 2024 – रविंद्र राय
पूर्व सांसद और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र राय गुरविंदर सिंह सेठी के आवास पहुंचे जहां उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि दुःख की इस घड़ी में भाजपा परिवार आपके साथ है.उन्होने कहा कि सेठी जी एक समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता होने के साथ ही हर परिस्थिति में खुश रहने वाले इंसान थे.उन्होने कहा कि 2024 जाते-जाते कभी न भूलने वाला गम देकर गया.
आज सिख समाज का प्रधान अंग टूट गया-रविंदर सिंह रिंकू
सिखों की धार्मिक व सामाजिक संस्था बीर खालसा दल के प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी रविन्द्र सिंह रिंकू ने कहा कि आज सिख समाज का एक प्रधान अंग टूट गया जिसकी भरपाई कभी नहीं होगी.सेठी जी एक ऐसे इंसान थे जिनके दिल में मानवता कूट-कूट कर भरी हुई थी और वे न सिर्फ जान पहचान बल्कि अनजान लोगों की भी मदद को तैयार रहते थे.
पत्रकारों के हित में रेल मंत्री से मिलना चाहते थे सेठी-प्रीतम भाटिया
ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वैलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया ने कहा कि सेठी जी न सिर्फ नेता और समाजसेवी थे बल्कि एक ऐसे कुशल लेखक और वक्ता थे जिन्होंने गुरूनानक जीवन और संदेश की रचना भी की. उन्होंने कहा कि वे पत्रकारों को कोरोना काल में बंद हो चुके रेल यात्रा रियायत को पुनः लागू करवाना चाहते थे जिसे लेकर दिल्ली तक जाने की तैयारी थी.श्री भाटिया ने कहा कि दो दिन पहले ही दिल्ली जाने को लेकर अंतिम वार्ता हुई थी जब वे पुणे में एक पारिवारिक कार्यक्रम में भाग लेने अपने ससुराल पहुंचे थे.