एक नई सोच, एक नई धारा

एमजीएम अस्पताल में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की शैक्षणिक और तकनीकी प्रमाणपत्रों की जांच प्रक्रिया शुरू, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

1001972917

जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में आउटसोर्सिंग के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों के शैक्षणिक और तकनीकी प्रमाणपत्रों की जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है. अस्पताल प्रबंधन की ओर से अधीक्षक डॉ. आर.के. मंधान के निर्देश पर इस कार्य के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है. समिति में डॉ. नकुल चौधरी को अध्यक्ष जबकि डॉ. ललित मिंज और डॉ. नारायण उरांव को सदस्य बनाया गया है. समिति ने सभी पदों के लिए जांच की तारीखें तय कर दी हैं. तय कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को जांच प्रक्रिया की शुरुआत की गई, जिसमें रेडियोग्राफर, ईसीजी टेक्नीशियन, ऑडियोमेट्रिशियन, आप्थल्मोलॉजी, ओटी टेक्नीशियन और सीएसएसडी सहायक के दस्तावेजों की जांच की गई.

1001972917

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अगली जांच तीन नवंबर को की जाएगी, जिसमें सोशल वर्कर, काउंसलर, कंप्यूटर ऑपरेटर, ड्रग रूम सहायक, स्टोर कीपर और इलेक्ट्रिशियन के प्रमाणपत्रों की जांच होगी. चार नवंबर को प्लंबर, ड्राइवर, माली, प्यून और दाई वर्ग के दस्तावेजों की जांच की जाएगी. पांच नवंबर को वार्ड अटेंडेंट के प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी. सबसे लंबी जांच प्रक्रिया नर्सिंग स्टाफ की होगी, जो छह नवंबर से 15 नवंबर तक चलेगी. इस दौरान नर्सों के सभी शैक्षणिक और तकनीकी प्रमाणपत्रों की गहनता से जांच की जाएगी.

अधीक्षक डॉ. मंधान ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ की जाएगी. उनका कहना है कि एमजीएम अस्पताल की सेवा व्यवस्था को सुदृढ़ और पेशेवर बनाए रखने के लिए यह जांच जरूरी है. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि अस्पताल में कार्यरत प्रत्येक आउटसोर्स कर्मचारी पूरी तरह योग्य और प्रमाणित है. अस्पताल प्रबंधन ने सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने सभी मूल दस्तावेज और प्रमाणपत्र जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत करें. प्रबंधन का कहना है कि फर्जी या संदिग्ध प्रमाणपत्र पाए जाने की स्थिति में संबंधित कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगा.

error: Content is protected !!