रांची/जमशेदपुर: झारखंड में होने वाले नगर निगम चुनावों के लिए निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार नामांकन फॉर्म भरने में सावधानी न बरतने वाले उम्मीदवारों की फाइल सीधे खारिज कर दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म में व्हाइटनर का प्रयोग, काट-छांट या किसी कॉलम को खाली छोड़ना अयोग्यता का आधार बनेगा।





नामांकन के मुख्य नियम: क्या साथ लाएं और क्या नहीं?
प्रत्याशियों को नामांकन के समय निम्नलिखित बिंदुओं का विशेष ध्यान रखना होगा:
- सीमित प्रवेश: नामांकन कक्ष में अभ्यर्थी के साथ केवल 05 व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे।
- दो संतान नियम: प्रत्याशी के पास दो से अधिक संतान होने पर वे अयोग्य घोषित होंगे, बशर्ते उनकी तीसरी संतान 10 फरवरी 2013 से पहले की न हो।
- शपथ पत्र और आयु: फॉर्म-VI और फॉर्म-24 के साथ नोटरी पब्लिक द्वारा सत्यापित शपथ पत्र अनिवार्य है। न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए।
- सफाई और स्पष्टता: फॉर्म में कहीं भी ओवरराइटिंग या व्हाइटनर का उपयोग वर्जित है। सभी कॉलम भरना अनिवार्य है।






जरूरी दस्तावेजों की चेकलिस्ट
निर्वाचन आयोग ने दस्तावेजों की एक सूची जारी की है, जिसे स्व-अभिप्रमाणित (Self-Attested) करना जरूरी है:
- नगरपालिका कर: गृह कर या अन्य नगरपालिका करों के भुगतान की अद्यतन रसीद।
- बैंक खाता: वर्तमान का सक्रिय बैंक खाता विवरण।
- तस्वीरें: अभ्यर्थी, अभिकर्ता, प्रस्तावक और समर्थक, सभी के दो-दो पासपोर्ट साइज फोटो।
- जाति प्रमाण पत्र: आरक्षित वर्ग के लिए स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति।
- नामांकन शुल्क: सामान्य वर्ग (पुरुष) के लिए 1000 रुपये और महिला/ST/SC/OBC के लिए 500 रुपये (नकद)।






खास: इस बार बैलेट पेपर से होगा मतदान
आधुनिक दौर में भी इस बार नगर निगम चुनाव पारंपरिक बैलेट पेपर (कागजी मतपत्र) के जरिए कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग का मानना है कि इससे मतदान की गोपनीयता और विश्वसनीयता पर जनता का भरोसा और बढ़ेगा।
- अलग रंग के मतपत्र: पार्षद और मेयर पद के लिए अलग-अलग रंगों के बैलेट पेपर होंगे ताकि मतदाता भ्रमित न हों।
- प्रक्रिया: मतदाता मतपत्र पर अपनी पसंद के प्रत्याशी के नाम और चुनाव चिह्न के सामने मुहर लगाकर उसे सीलबंद बैलेट बॉक्स में डालेंगे।
प्रत्याशियों के लिए ‘प्रो-टिप’
अधिकारियों का कहना है कि प्रत्याशी अपना फॉर्म जमा करने से पहले कम से कम दो बार पूरी जांच कर लें। प्रस्तावक और समर्थक का नाम वही होना चाहिए जो मतदाता सूची में दर्ज है। किसी भी तरह की विसंगति पाए जाने पर नामांकन रद्द करने में देरी नहीं की जाएगी।











