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जमशेदपुर के आमों का लंदन में बजेगा डंका: उपायुक्त ने डेढ़ टन आम की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के कृषि इतिहास में 08 जून 2026 का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। जिला जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के किसानों द्वारा उपजाए गए रसीले आमों की पहली अंतरराष्ट्रीय खेप को लंदन (यूके) के लिए रवाना कर दिया गया है। जमशेदपुर समाहरणालय परिसर से उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने आमों से लदे ट्रक को नजदीकी पोर्ट के लिए हरी झंडी दिखाई।IMG 20260610 WA0011

​केंद्र सरकार की संस्था एपीडा (APEDA – कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के सहयोग से लगभग डेढ़ टन (1.5 Ton) आमों का यह निर्यात किया गया है। यह कदम स्थानीय किसानों को वैश्विक मंच प्रदान करने की दिशा में एक बहुत बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।b 1

​FPO के जरिए जुटाए गए आम, मानकों का रखा गया खास ध्यान

​लंदन भेजे जा रहे इन आमों का संकलन और आपूर्ति जिले के ही एक किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की सख्त गाइडलाइंस को देखते हुए आमों की गुणवत्ता की कड़ाई से जांच की गई और उनकी पैकेजिंग पूरी तरह से निर्धारित वैश्विक मानकों के अनुरूप की गई है, ताकि विदेशों में भी यहां के आमों का स्वाद और फ्रेशनेस बरकरार रहे।a 2

​इस उपलब्धि के मुख्य मायने:

    • बिचौलियों से मुक्ति, सीधा मुनाफा: इस अंतरराष्ट्रीय बाजार के मिलने से आम उत्पादक किसानों को उनके उत्पादों का सीधा और बेहद बेहतर मूल्य मिलेगा।
    • वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा: इस सफलता से उत्साहित होकर अब अन्य किसान भी अंतरराष्ट्रीय मांग के अनुरूप वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए प्रेरित होंगे।
    • अन्य फसलों के लिए खुले रास्ते: आम के सफल निर्यात के बाद अब जिले के अन्य कृषि एवं बागवानी उत्पादों को भी वैश्विक बाजार में भेजने की तैयारी शुरू हो सकेगी।

उपायुक्त का बयान: जिले के किसानों के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। हमारी स्थानीय कृषि उपज अब सात समंदर पार अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही है। यह किसानों की आय दोगुनी करने और हमारे कृषि क्षेत्र को एक नई पहचान देने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। प्रशासन भविष्य में भी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग जारी रखेगा।

 

​इस गौरवशाली और ऐतिहासिक मौके पर समाहरणालय परिसर में उप विकास आयुक्त (DDC), एपीडा के प्रतिनिधि, जेएसएलपीएस (JSLPS) के डीपीएम, FPO के पदाधिकारी और कई प्रगतिशील किसान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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