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झारखंड नगर निगम चुनाव: नामांकन के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नियम लागू, एक छोटी सी गलती और उम्मीदवारी हो सकती है रद्द

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रांची/जमशेदपुर: झारखंड में होने वाले नगर निगम चुनावों के लिए निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार नामांकन फॉर्म भरने में सावधानी न बरतने वाले उम्मीदवारों की फाइल सीधे खारिज कर दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म में व्हाइटनर का प्रयोग, काट-छांट या किसी कॉलम को खाली छोड़ना अयोग्यता का आधार बनेगा।

नामांकन के मुख्य नियम: क्या साथ लाएं और क्या नहीं?

​प्रत्याशियों को नामांकन के समय निम्नलिखित बिंदुओं का विशेष ध्यान रखना होगा:

जरूरी दस्तावेजों की चेकलिस्ट

​निर्वाचन आयोग ने दस्तावेजों की एक सूची जारी की है, जिसे स्व-अभिप्रमाणित (Self-Attested) करना जरूरी है:

  1. नगरपालिका कर: गृह कर या अन्य नगरपालिका करों के भुगतान की अद्यतन रसीद।
  2. बैंक खाता: वर्तमान का सक्रिय बैंक खाता विवरण।
  3. तस्वीरें: अभ्यर्थी, अभिकर्ता, प्रस्तावक और समर्थक, सभी के दो-दो पासपोर्ट साइज फोटो
  4. जाति प्रमाण पत्र: आरक्षित वर्ग के लिए स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति।
  5. नामांकन शुल्क: सामान्य वर्ग (पुरुष) के लिए 1000 रुपये और महिला/ST/SC/OBC के लिए 500 रुपये (नकद)।

खास: इस बार बैलेट पेपर से होगा मतदान

​आधुनिक दौर में भी इस बार नगर निगम चुनाव पारंपरिक बैलेट पेपर (कागजी मतपत्र) के जरिए कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग का मानना है कि इससे मतदान की गोपनीयता और विश्वसनीयता पर जनता का भरोसा और बढ़ेगा।

प्रत्याशियों के लिए ‘प्रो-टिप’

​अधिकारियों का कहना है कि प्रत्याशी अपना फॉर्म जमा करने से पहले कम से कम दो बार पूरी जांच कर लें। प्रस्तावक और समर्थक का नाम वही होना चाहिए जो मतदाता सूची में दर्ज है। किसी भी तरह की विसंगति पाए जाने पर नामांकन रद्द करने में देरी नहीं की जाएगी।

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