एक नई सोच, एक नई धारा

jamshedpur jharkhand september 11 2023 260nw 2370557279 edited
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर बनेगी तीसरी ड्रापिंग लाइन, VIP लेन को किया गया बंद

टाटानगर रेलवे स्टेशन में वीआइपी लेन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, इसके बदले में दो के अलावा तीसरी नई ड्रापिंग लाइन बनेगी, जिसमें से एक को वीआइपी लेन बनाया जाएगा।

jamshedpur jharkhand september 11 2023 260nw 2370557279 edited

चक्रधरपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया ने शनिवार दोपहर लगभग सवा 12 बजे सड़क मार्ग से टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

डीआरएम के निर्देश पर ही स्टेशन के वीआइपी लेन को स्टील की बेरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने वीआइपी लेन को देखा साथ ही एडीआरएम (समन्वय) को निर्देश दिया कि दो ड्रापिंग लाइन के अलावा तीसरी व नई ड्रापिंग लाइन बनाया जाए, ताकि एक लाइन को वीआइपी लेन के रूप में विकसित किया जा सके।

मालूम हो कि स्टेशन में वीआइपी लेन बंद करने को लेकर काफी नाराजगी है और उन्होंने इसके विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, निरीक्षण के दौरान टाटानगर के क्षेत्रीय रेल प्रबंधक समीर सौरव, स्टेशन निदेशक सुनील कुमार, कामर्शियल चीफ एसके सिंह, स्टेशन उपाधीक्षक सुनील कुमार सहित इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

अवैध पार्किंग पर कार को डीआरएम ने करवाया जब्त

निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने पाया कि स्टेशन परिक्षेत्र के बाहर एक कार खड़ी है। संभवत: कार मालिक बाहर ही कार खड़ी कर अपने स्वजन को लेने प्लेटफार्म गए होंगे। स्टेशन के बाहर अवैध रूप से पार्किंग देखने पर डीआरएम ने आरपीएफ को कार जब्त कर उसका चालान करने का आदेश दिया।

1002175599

विभागीय अधीक्षक को निर्देश, साफ रखें अपने कार्यालय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 29 दिसंबर को जमशेदपुर पहुंच रही है। ऐसे में डीआरएम ने स्टेशन के प्रवेश द्वार से लेकर गोलपहाड़ी चौक तक पैदल ही स्टेशन परिक्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान वे ट्रेन लाइटिंग विभाग गए जहां बाहर कूड़ा पड़ा मिला।

इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा विभाग के पीछे की दीवार में छज्जे की राड निकली देखी, जिसे कटवाने का आदेश दिया। इसके अलावा वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (रेल पथ) का बोर्ड को उन्होंने क्षतिग्रस्त देखा, जिसे उन्होंने बदलने का आदेश दिया।

इसके अलावा वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (सिग्नल) का गेट में पूरी तरह से धूल पड़ा मिला, उन्होंने संबधित अधिकारियों को कम से कम पानी से ही साफ करने को कहा। इसके अलावा पानी की टंकी से पानी का रिसाव व गंदी को ठीक करने, कई स्थानों पर रेलवे की छोटी दीवार को ऊंची करने का भी उन्होंने निर्देश दिया।

इसके अलावा वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (सिग्नल) का गेट में पूरी तरह से धूल पड़ा मिला, उन्होंने संबधित अधिकारियों को कम से कम पानी से ही साफ करने को कहा। इसके अलावा पानी की टंकी से पानी का रिसाव व गंदी को ठीक करने, कई स्थानों पर रेलवे की छोटी दीवार को ऊंची करने का भी उन्होंने निर्देश दिया।

वहीं, उन्होंने स्टेशन स्थित जीआरपी थाना भी पहुंचे। यहां छत पर जाले-मकड़े को हटाने को कहा। वहीं, स्टेशन फुटपाथ की नाली के एक स्लैब को ठीक करने व टाइम आउट रेस्टोरेंट के सामने वाले खाली स्थान का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।

1002174502
बिहार के जमुई में भीषण रेल हादसा, पुल से गिरे सीमेंट लदे मालगाड़ी के डिब्बे, किउल-जसीडीह रेलखंड ठप

बिहार के जमुई जिले में देर रात एक बड़ा रेल हादसा हुआ, जिससे पूर्व मध्य रेलवे के एक अहम रेलखंड पर यातायात पूरी तरह रुक गया। सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी अचानक पटरी से उतर गई और उसके कई डिब्बे पुल से नीचे जा गिरे।

यह हादसा झाझा-जसीडीह रेलखंड पर जमुई जिले के सिमुलतला से सटे टेलवा हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल पर हुआ।

1002174502

कब और कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के मुताबिक, यह मालगाड़ी जसीडीह से झाझा की ओर जा रही थी। रात करीब साढ़े 11 बजे, आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत पुल संख्या 676 और पोल संख्या 344/18 के पास अचानक ट्रेन के डिब्बे बेपटरी हो गए।

चारों ओर बिखरा सीमेंट, ट्रैक क्षतिग्रस्त

मालगाड़ी में बड़ी मात्रा में सीमेंट लोड था। डिब्बों के गिरते ही पुल और आसपास के इलाके में सीमेंट के बोरे और मलबा फैल गया। इससे रेल पटरी को भारी नुकसान पहुंचा है। हादसे के बाद अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया।

कई ट्रेनें रास्ते में रोकी गईं

दुर्घटना का असर किउल-जसीडीह रेलखंड पर चलने वाली यात्री और मालगाड़ियों पर पड़ा। कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौके पर पहुंचा रेलवे प्रशासन

हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। रेल पुलिस, आरपीएफ और रेलवे के तकनीकी अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। झाझा और जसीडीह से विशेष ट्रेनें और भारी मशीनरी भी भेजी गई हैं, ताकि बेपटरी डिब्बों को हटाकर ट्रैक को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जा सके।

कोई हताहत नहीं

इस भीषण दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जो राहत की बात मानी जा रही है। हालांकि, रेल परिचालन को भारी नुकसान जरूर हुआ है।

जांच में जुटा रेलवे

फिलहाल रेलवे अधिकारी हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या ट्रैक में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि मरम्मत और सफाई कार्य पूरा होने के बाद ही ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा। तब तक इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों को लेकर स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है

1002174492
पहले G-23, फिर शशि थरूर और अब दिग्विजय सिंह को कांग्रेस में क्या खल रहा है?

कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व, संगठनात्मक ढांचे और निर्णय प्रक्रिया को लेकर असंतोष एक बार फिर खुलकर सामने आया है. पहले G-23 समूह ने संगठनात्मक सुधारों की मांग उठाई थी, इसके बाद सांसद शशि थरूर ने आंतरिक लोकतंत्र और विचारों की विविधता पर सवाल खड़े किए और अब वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की हालिया टिप्पणियों ने पार्टी में जारी अंतर्कलह को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है.

1002174492

बता दें, वर्ष 2020 में सामने आए G-23 समूह ने तत्कालीन अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठनात्मक चुनाव, सामूहिक नेतृत्व और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की मांग की थी. इसके बाद शशि थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ते हुए पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की जरूरत पर जोर दिया और हाल के महीनों में रणनीति व संवाद शैली को लेकर भी असहमति जताई.

अब दिग्विजय सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट ने कांग्रेस में हलचल मचा दी है. दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के दौरान मनरेगा का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध की रणनीति पर चर्चा हो रही थी उसी समय दिग्विजय सिंह ने पार्टी संगठन में विकेंद्रीकरण और बड़े बदलावों की जरूरत बताते हुए राहुल गांधी को सीधे संबोधित किया. उन्होंने लिखा कि जैसे देश में चुनाव आयोग में सुधार की आवश्यकता है, वैसे ही कांग्रेस संगठन में भी व्यापक सुधार जरूरी हैं और सबसे बड़ी दिक्कत राहुल गांधी को मनाने की है.

आरएसएस-बीजेपी की दिग्विजय सिंह ने की तारीफ

इसके बाद 27 दिसंबर को दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ आरएसएस-बीजेपी संगठन की कार्यसंस्कृति की तारीफ करते हुए एक और पोस्ट किया. उन्होंने कहा कि भाजपा में जमीनी स्तर का कार्यकर्ता भी आगे बढ़कर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकता है. इस बयान को कांग्रेस की आंतरिक संस्कृति और नेतृत्व शैली पर सीधा प्रहार माना जा रहा है. दिग्विजय सिंह की इन टिप्पणियों के बाद कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक कमजोरियों पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है. पार्टी के कई नेताओं का कहना है कि उन्होंने कोई नई बात नहीं कही, लेकिन पहली बार इस असंतोष को सार्वजनिक रूप से सामने रखा गया है. इससे संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर लंबे समय से दबे मुद्दे अब खुलकर सामने आ रहे हैं.

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि दिग्विजय सिंह अपने राजनीतिक भविष्य से अधिक अपने बेटे जयवर्धन सिंह के भविष्य को लेकर चिंतित हो सकते हैं. समर्थकों का कहना है कि उनका जोर सत्ता और अधिकार के विकेंद्रीकरण पर है ताकि संगठनात्मक ढांचा मजबूत हो सके. वहीं, विश्लेषकों का मानना है कि अगले वर्ष दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होना भी उनकी मुखरता का एक कारण हो सकता है. इन घटनाक्रमों के बीच कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि आंतरिक मतभेद किसी भी बड़े राजनीतिक दल में स्वाभाविक होते हैं. हालांकि, पार्टी के सामने यह सवाल अब और तीखा हो गया है कि संगठनात्मक सुधारों की शुरुआत कहां से होगी और इस पर राहुल गांधी तथा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे क्या रुख अपनाते हैं.

1002174022
टाटानगर सहित 48 स्टेशनों पर ट्रेनों की क्षमता होगी दोगुनी, रेल मंत्रालय का बड़ा फैसला

चक्रधरपुर मंडल में टाटानगर सहित देश के 48 स्टेशनों में अगले पांच वर्षों (वर्ष 2030 तक) में ट्रेनों की क्षमता को दोगुनी की जाएगी। रेल मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के तहत इसके लिए वर्तमान इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया जाएगा।

1002174022

रेल मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि देश के महत्वपूर्ण स्टेशनों में ट्रेनों की मांग में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रमुख शहरों की नई रेल गाड़ियों के संचालन क्षमता को वर्तमान स्तर से दोगुना करने की आवश्यकता है।

रेल मंत्रालय ने कहा है कि टर्मिनल की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाते समय टर्मिनलों के आसपास के स्टेशनों को भी ध्यान में रखा जाएगा ताकि क्षमता में संतुलन बना रहे। वर्तमान में टाटानगर से हर दिन औसतन 32 जोड़ी ट्रेनों की आवाजाही होती है।

इन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने का दिया गया आदेश

मौजूदा टर्मिनलों को अतिरिक्त प्लेटफार्म, स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन और पर्याप्त शंटिंग सुविधाओं से सुसज्जित करना।
शहरी क्षेत्रों और आसपास के टर्मिनलों की पहचान व निर्माण करना।
मेगा काेचिंग काम्प्लेक्स सहित रख-रखाव सुविधाएं बढ़ाना।
विभिन्न स्थानों पर रेल गाड़ियों की बढ़ती संख्या की व्यवस्था करने के लिए यातायात सुविधा कार्यों, सिग्नलिंग उन्नयन और मल्टी ट्रेकिंग के माध्यम से अनुभागीय क्षमता में वृद्धि करना।
ये हैं देश के महत्वपूर्ण स्टेशन

टाटानगर, रांची, भुवनेश्वर, पुरी, कोलकाता, गया, दरभंगा, मुज्जफरपुर, भागलपुर, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, पटना, लखनऊ, पुणे, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, मथुरा, अयोध्या, आगरा, प. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, भोपाल, उज्जैन, वडोदरा, सूरत, विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, हरिद्वार सहित अन्य।

1002174019
चिमनी से अब धुआं नहीं, सिर्फ निकलेगी भाप; जमशेदपुर को जहरीले धुएं से मिलेगी आजादी

जमशेदपुर और आदित्यपुर जैसे औद्योगिक शहरों की आबोहवा अब बदलने वाली है। एनआईटी जमशेदपुर ने एक ऐसी तकनीक पर मुहर लगाई है, जिससे पावर प्लांट की चिमनियों से अब जहरीली कार्बन डाईआक्साइड नहीं, बल्कि सिर्फ भाप निकलेगी।

1002174019

संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के शोधकर्ता और जुगसलाई निवासी वसीम अकरम ने ग्रीन पावर प्लांट का ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो न केवल वायु प्रदूषण को खत्म करेगा, बल्कि जमा किए गए कार्बन से उद्योगों को कमाई भी कराएगा। शनिवार को इस शोध के आधार पर वसीम को पीएचडी की अनुशंसा की गई।

क्या है यह नई तकनीक?

आमतौर पर पावर प्लांट में कोयला या ईंधन जलने के बाद चिमनी से धुआं निकलता है, जिसमें भारी मात्रा में कार्बन डाईआक्साइड होती है। यह हवा को जहरीला बनाती है। वसीम ने प्री-कंबस्शन कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (सीसीएस) तकनीक का उपयोग किया है।

इसे ऐसे समझें, ईंधन के जलने से पहले ही उससे कार्बन को अलग कर लिया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद चिमनी से जो बाहर आएगा, वह धुएं का गुबार नहीं, बल्कि स्वच्छ भाप (स्टीम) होगी। इसका सीधा असर एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पर पड़ेगा, जिससे लोगों को सांस लेने के लिए शुद्ध हवा मिलेगी।

जमशेदपुर व आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के लिए वरदान

यह शोध जमशेदपुर और विशेषकर आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के लिए वरदान साबित हो सकता है। यहां सैकड़ों फैक्ट्रियां और पावर प्लांट दिन-रात धुआं उगलते हैं। इस तकनीक के लागू होने से न केवल प्रदूषण का स्तर नीचे आएगा, बल्कि पर्यावरण नियमों का पालन करना उद्योगों के लिए आसान हो जाएगा।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी डा. परमानंद कुमार ने बताया कि यह शोध सर्कुलर इकोनामी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) का बेहतरीन उदाहरण है। इस तकनीक में जो कार्बन डाइआक्साइड कैप्चर (पकड़ी) जाएगी, उसे हवा में छोड़ने के बजाय जमा कर लिया जाएगा।

बाद में इसे प्रोसेस कर इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट (औद्योगिक उत्पाद) में बदला जाएगा, जिसे बाजार में बेचा जा सकेगा। यानी आम के आम और गुठलियों के दाम, प्रदूषण भी खत्म और अतिरिक्त कमाई भी।

जुगसलाई के लाल का कमाल

वसीम अकरम ने यह शोध प्रो. संजय और डॉ. एमए हसन के निर्देशन में पूरा किया है। उनके इस कार्य को मैनिट भोपाल के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. एसपीएस राजपूत ने रिव्यू किया और इसे उत्कृष्ट बताते हुए पीएचडी की अनुशंसा की।

वसीम के इस विषय पर तीन शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं, जो इसकी गुणवत्ता का प्रमाण हैं। एनआइटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने वसीम और उनके गाइड को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पाने के लिए ऐसी ही ग्रीन टेक्नोलॉजी की जरूरत है।

यह शोध भारत को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं, डीन एकेडमिक प्रो. एमके सिन्हा ने इसे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

n694768216176688549200379151118f4c9b34a990c0474566606538820b8418cb0f1b3f05b43fbff8be682
गम्हरिया में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला, लाठी और लोहे की रॉड से पीटा; MGM में चल रहा इलाज

आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गम्हरिया के सतवाहिनी, धीरजगंज निवासी सह भाजपा नेता अशोक सिंह पर जानलेवा हमला किया गया।इस घटना में वे बुरी तरह घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया ले जाया गया। वहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेज दिया गया।

घटना शुक्रवार को पूर्वाह्न दस बजे की बताई गई है। इस मामले को लेकर अशोक सिंह ने आदित्यपुर थाना में सतवाहिनी के जमालपुर निवासी अभिमन्यु सिंह उर्फ मन्नू, उनके भाई बृजनंदन सिंह समेत करीब 6-7 लोगों पर घर के नीचे लाठी एवं लोहे के रॉड से जानलेवा हमला करने एवं मारपीट कर घायल करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

पुलिस को दिए लिखित आवेदन में उन्होंने बताया है कि आरोपियों ने फोन पर उसे घर से नीचे बुलाया और अचानक उनपर हमला किया। बताया कि मारपीट के दौरान ही 112 डायल कर पुलिस पेट्रोलिंग टीम को बुलाया गया, तो आरोपियों ने पुलिस के सामने भी उसके साथ जमकर मारपीट की।

इस मामले की सूचना ने बाद पहुंची आदित्यपुर थाना पुलिस के आने के बाद सभी आरोपी भाग गए। इस घटना में अशोक सिंह का सिर फट गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

उन्होंने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी एवं परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

1002173984
टाटा स्टील पर 12,600 करोड़ का हर्जाना ठोका, कंपनी ने आरोपों को किया खारिज

नीदरलैंड की गैर-लाभकारी संस्था स्टिचिंग फ्रिस विंड.नु (एसएफडब्ल्यू) ने टाटा स्टील पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए 1.4 अरब यूरो (आज की दर से करीब 12,600 करोड़ रुपये) का हर्जाना मांगा है।

1002173984

कंपनी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बिना सबूत और काल्पनिक बताया है।

टाटा स्टील ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि यह मुकदमा उसकी डच सहायक कंपनियों (टाटा स्टील नीदरलैंड्स और टाटा स्टील आईमुइडन) के खिलाफ दायर किया गया है। एनजीओ का दावा है कि वह आईमुइडन प्लांट के आसपास रहने वाले लोगों की तरफ से यह लड़ाई लड़ रहा है। आरोपों के मुताबिक, प्लांट से निकलने वाले खतरनाक पदार्थों से स्थानीय लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ा है और इलाके में प्रापर्टी के दाम गिर गए हैं।

टाटा स्टील ने स्पष्ट किया है कि वे इस कानूनी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कंपनी के अनुसार, एनजीओ ने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं। प्रबंधन का कहना है कि टाटा स्टील नीदरलैंड्स (टीएसएन) ग्रीन स्टील प्लान के तहत काम कर रही है।

पिछले पांच सालों में भारी निवेश कर पर्यावरण सुरक्षा और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में बेहतरीन काम किया गया है। कंपनी का प्रदर्शन यूरोपीय और वैश्विक मानकों से काफी बेहतर है।

यह मुकदमा नीदरलैंड के सामूहिक दावा निपटान अधिनियम के तहत दायर किया गया है। टाटा स्टील के मुताबिक, यह प्रक्रिया काफी लंबी है। अभी सिर्फ मामले की स्वीकार्यता और गुण-दोष पर सुनवाई होगी, जिसमें दो से तीन साल लग सकते हैं। हर्जाने की रकम पर बहस तो अभी बहुत दूर की बात है। कंपनी का मानना है कि उनके पास बचाव के लिए मजबूत तर्क मौजूद हैं।

1002168828 1
सेना के चापर से कल जमशेदपुर उतरेंगी राष्ट्रपति मुर्मु, दिया जाएगा गार्ड ऑफ ऑनर; आदिवासी वेशभूषा में करेंगी जाहेरथान पूजा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सोमवार को अपने ऐतिहासिक दौरे पर जमशेदपुर पहुंच रही हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार आधिकारिक यात्रा पर लौहनगरी आ रही मुर्मु का आगमन भारतीय सेना के विशेष हेलीकाप्टर (चापर) से होगा।

1002168828 1

इससे पहले वे 28 दिसंबर को रांची पहुंचेंगी और वहां राजभवन, जिसका नाम अब ‘लोक भवन’ हो चुका है, में रात्रि विश्राम करेंगी।

सोमवार की सुबह वे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से सेना के चापर से उड़ान भरेंगी और सुबह करीब 10:20 बजे सोनारी एयरपोर्ट पर लैंड करेंगी। जिला प्रशासन ने उनके भव्य स्वागत और मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सोनारी एयरपोर्ट पर उतरते ही राष्ट्रपति को पारंपरिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। यहां से उनका काफिला सड़क मार्ग से सीधे करनडीह स्थित दिशोम जाहेरथान के लिए रवाना होगा।

पारंपरिक वेशभूषा में पूजा और संताली में संबोधन

करनडीह में आयोजित होने वाला कार्यक्रम बेहद भावनात्मक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण होगा। राष्ट्रपति यहां पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में दिशोम जाहेरथान में पूजा-अर्चना करेंगी। यह अवसर ओल चिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण और ओल चिकी लिपि के शताब्दी समारोह के समापन का गवाह बनेगा। आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रपति वहां मौजूद जनसमूह को संताली भाषा में संबोधित कर सकती हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए गर्व का क्षण होगा। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से करीब 100 विशिष्ट अतिथि भी शामिल हो रहे हैं।

एनआइटी दीक्षांत समारोह में शिरकत

करनडीह के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (एनआईटी) के लिए प्रस्थान करेंगी। यहां वे संस्थान के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी और मेधावी छात्रों को डिग्रियां प्रदान करेंगी। एनआइटी कैंपस को भी भव्य रूप से सजाया गया है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

लोक भवन से शुरू होगा सफर

राष्ट्रपति का यह दौरा कई मायनों में खास है। 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल रहीं द्रौपदी मुर्मू रांची के जिस राजभवन में रहती थीं, वहां अब प्रवेश द्वार पर लोक भवन लिखा नजर आएगा। यहीं दो रातें गुजारने के बाद वे जमशेदपुर और गुमला के कार्यक्रमों के लिए सेना के चॉपर का इस्तेमाल करेंगी। उनके इस दौरे को लेकर पूरा कोल्हान प्रमंडल अलर्ट मोड पर है।

IMG 20251227 WA0024
31 दिसंबर को टुईलाडुंगरी गुरुद्वारा में “नवां साल सतगुरु दे नाल” गुरुमत समागम का होगा आयोजन

जमशेदपुर : 31 दिसंबर शाम 7:00 बजे से रात 12:30 बजे तक गुरूद्वारा श्री कलगीधर साहिब टुईलाडुंगरी, सिख नौजवान सभा और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की देखरेख में “नवां साल सतगुरु दे नाल” गुरुमत समागम करा रही है। जिसमें जमशेदपुर के माने हुए कीर्तनीय भाई हरमीत सिंह, भाई प्रभजोत सिंह मन्नी, भाई गुरदीप सिंह निक्कू जी, एवं भाई मंजीत सिंह दिल्ली वाले कीर्तन करेंगे।

1002173465

इस समागम में संगत के लिए चाय नाश्ते का भी प्रबंध होगा। अंत में फूलों की वर्षा की जाएगी, समाप्ति के बाद आतिशबाजी भी होगी। सिख नौजवान सभा और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने विनती करते हुए कहा कि जमशेदपुर की साध संगत पास विनती है कि सब इस समागम में पहुंच कर कार्यक्रम को सफल बनाए एवं गुरु घर की खुशियां प्राप्त करें।

1002173468

इस बैठक में मुख्य रूप से गुरूद्वारा के प्रधान सतबीर सिंह नौजवान सभा के प्रधान रंजीत सिंह, जसबीर सिंह गिल, जसवंत सिंह, दलबीर कौर, चरणजीत कौर, चरनजीत सिंह, सतवंत सिंह रोशन, चरणजीत सिंह, हरमन गिल, भगत सिंह, हरजीत सिंह, गुरदयाल सिंह, दिलबाग सिंह, रजत सिंह, सन्नी सिंह, सरबजीत सिंह, हरदीप सिंह राजू, शशि सिंह, दलजीत सिंह राजा, सोनी सिंह, दर्शन सिंह काले, गुरप्रीत सिंह, गोल्डी सिंह, दविंदर सिंह, विक्रम सिंह आदि शामिल थे।

1002168828 1
29 दिसंबर को जमशेदपुर की कई सड़कें रहेंगी बंद, जाने कौन से रूट से होगा जाना

जमशेदपुर : देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जमशेदपुर के दौरे पर 29 दिसंबर को आने वाली है. उनके आगमन को लेकर तैयारी तेज कर दी गयी है. इस बीच राष्ट्रपति के आगमन को लेकर नया ट्राफिक प्लान तैयार किया गया है. इसके तहत सोनारी एयरपोर्ट से बिष्टुपुर और फिर बिष्टुपुर से एनआइटी जमशेदपुर यानी आदित्यपुर तक की सड़कों पर अवरोध रहेगा. लोगों के लिए यह सड़क बंद रहेगा. इसको लेकर नया ट्राफिक प्लान सोमवार 29 दिसंबर के लिए तैयार किया गया है, जिसको जमशेदपुर के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, एसएसपी पियुष पांडेय और ट्राफिक डीएसपी नीरज की ओ से संयुक्त आदेश जारी किया गया है. यह बताया गया है कि सुरक्षा और लॉ एंड आर्डर के कराण सोनारी एयरपोर्ट से लेकर दिशोम जाहेरथान करनडीह जमशेदपुर और फिर सर्किट हाउस से खरकई गोलचक्कर जमशेदपुर तक के क्षेत्र को सभी प्रकार के व्यवसायिक वाहनों ऑटो रिक्शा, बस कापरिचालन सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित हेगा.

1002168828 1

इसके लिए तय रुट के मुताबिक, मानगो की ओर से जिन लोगों को सरायेकाल, पोटका, चाईबासा समेत अन्य क्षेत्र की ओर जाना है, वे लोग मैरिन ड्राइव होते हुए आदित्यपुर गम्हरिया के रास्ते जा सकते है. पोटका, हाता और ओडिशा की ओर से जिन लोगों को मानगो बस स्टैंड की ओर आने वाले सरायकेला, कांड्रा, गम्हरिया और मैरिन ड्राइव होते हुए सीतारामडेरा बस स्टैंड मानगो पुल तक जा सकते है. कदमा, बिष्टुपुर, मानगो, साकची की ओर से टाटानगर रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले आरडी टाटा गोलचक्कर, सुनसुनिया गेट, बर्मामाइंस गोलचक्कर, टीआरएफ मोड़, स्टार टॉकीज होते हुए स्टेशन की ओर जा सकेंगे.

आपात स्थिति में सुंदरनगर, करनडीह से साकची की ओर आने वाले वाहन एलबीएसएम कॉलेज, घाघीडीह जेल, लाल बिल्डिंग चौक, डीबी चौक, बाटा चौक, जुगसलाई फाटक चौक और जुगसलाई गोलचक्कर होते हुए साकची की ओर जायेंगे. मानगो, साकची से घाटशिला और मुसाबानी जाने वाले डिमना होकर घाटशिला और मुसाबानी की ओर जायेंगे. आवश्यक सेवा और अन्य जरूरी परिचालन प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी के नियंत्रण में ही किया जा सकेगा. इसके अलावा 29 दिसंबर को उक्त कार्यक्रम के मद्देनजर सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक के सभी प्रकार के मालवाहक वाहन ट्रक, ट्रेलर, डंपर का नो इंट्री रहेगा.

error: Content is protected !!