एक नई सोच, एक नई धारा

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नव वर्ष के अवसर पर विशेष पूजा का आयोजन
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जमशेदपुर । श्री श्री दक्षिणेश्वरी काली मंदिर, इस्ट प्लांट बस्ती में अंग्रेजी नव वर्ष के अवसर पर 1 जनवरी 2026 दिन गुरुवार को समस्त भक्तजनों के कल्याणार्थ विशेष पूजा का आयोजन किया जाएगा. इस संबंध में मंदिर समिति के अध्यक्ष गलविंदर सिंह ग्वाले ने बताया कि आज कल सभी लोग अंग्रेजी नव वर्ष के अवसर 1 जनवरी के दिन मंदिर में पूजा पाठ कर नव वर्ष में सुख, समृद्धि व शांति की कामना करते है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति द्वारा सभी भक्तों के कल्याणार्थ विशेष पूजा का आयोजन किया जाएगा. इस अवसर पर भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था मंदिर समिति द्वारा की जाएगी. वहीं भक्तों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा की व्यवस्था भी की जाएगी. उन्होंने बताया कि वैसे मंदिर में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है. इस आयोजन को सफल बनाने में मुख्य रुप से उमाशंकर बेरा,सुजीत राउत,हरिशचंद्र प्रसाद,अरुण प्रसाद, दुर्गानंद दुबे, राजीव कुमार झा, रंजीत, अजीत सहित समिति के अन्य सदस्य सक्रिय है।

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रेल वन एप पर अनारक्षित टिकट पर 3% कैशबैक, 14 जनवरी से लागू होगी सुविधा

ट्रेनों से छोटी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेल मंत्रालय ने रेलवन(RailOne) मोबाइल एप के जरिए अनारक्षित टिकट बुक करने पर तीन प्रतिशत कैशबैक देने की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है।

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यह सुविधा 14 जनवरी से 14 जुलाई तक प्रभावी रहेगी। रेल मंत्रालय के डायरेक्टर (पैसेंजर मार्केटिंग-2) संजय मोनचा ने मंगलवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया।

आदेश के अनुसार, डिजिटल टिकट बुकिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेलवनएप पर आर-वालेट (R-Wallet) के माध्यम से अनारक्षित टिकट खरीदने पर यात्रियों को टिकट मूल्य का तीन प्रतिशत कैशबैक मिलेगा।

यह छूट सिर्फ आर-वालेट तक सीमित नहीं है

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह छूट सिर्फ आर-वालेट तक सीमित नहीं है। रेलवनएप पर उपलब्ध अन्य सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों से अनारक्षित टिकट बुक करने पर भी यात्रियों को यह कैशबैक दिया जाएगा।

इसका मकसद यात्रियों को नकद लेन-देन से हटाकर डिजिटल भुगतान की ओर प्रोत्साहित करना है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा खासकर उन यात्रियों के लिए लाभकारी होगी, जो दैनिक या अल्प दूरी की यात्रा के लिए अनारक्षित टिकट लेते हैं।

टिकट खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी

इससे टिकट काउंटरों पर भीड़ कम होगी और टिकट खरीद प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनेगी। रेल मंत्रालय ने सेंट्रल फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) को निर्देश दिया है कि वह इस योजना की मई माह में समीक्षा करे।

समीक्षा के दौरान यह देखा जाएगा कि डिजिटल बुकिंग में कितनी वृद्धि हुई और यात्रियों को यह सुविधा किस हद तक लाभ पहुंचा रही है। इसके आधार पर भविष्य में इस योजना को आगे बढ़ाने या इसमें संशोधन पर फैसला लिया जाएगा।

रेल मंत्रालय का मानना है कि इस तरह की डिजिटल पहल से न केवल यात्रियों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि रेलवे के संचालन में भी दक्षता आएगी।

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पहली महिला आईपीएस अधिकारी को झारखंड पुलिस की कमान, दो साल रहेगा कार्यकाल

रांची: झारखंड सरकार ने 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा को डीजीपी के पद पर नियुक्त किया है. अभी तक वह प्रभारी डीजीपी थी. गृह विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है. जारी अधिसूचना के अनुसार तदाशा मिश्रा को महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक (एचओएएफ) के पद पर नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति झारखंड में पुलिस प्रमुख के चयन एवं नियुक्ति नियमावली 2025 के संशोधित प्रावधान के तहत किया गया है.

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विदित हो कि झारखंड सरकार ने पुलिस प्रमुख के चयन व नियुक्ति के लिए आठ जनवरी को एक आदेश जारी किया था. उसी आदेश के तहत तदाशा मिश्रा की नियुक्ति डीजीपी के पद की गई है. वह अगले दो साल तक झारखंड पुलिस प्रमुख के पद पर काम करेंगी. तदाशा मिश्रा 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी है. इस तरह झारखंड बनने के बाद महिला आईपीएस को झारखंड पुलिस की कमान सौंपी गयी है.

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चाईबासा में दिखा लगभग 9 फीट का अजगर, वन विभाग ने किया रेस्क्यू
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा अनुमंडल अंतर्गत टोंटो प्रखंड में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब चाईबासा–सेंरेंगसिया मुख्य सड़क पर कोदवो के पास करीब 8 से 9 फीट लंबा अजगर दिखाई दिया. सुबह करीब 8 बजे सड़क पर भारी भरकम अजगर के आने से राहगीरों और वाहन चालकों में हड़कंप मच गया. कुछ लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे, जबकि कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाने में जुट गए. अजगर को देखने के लिए सड़क पर लोगों की भीड़ लग गयी, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गयी और घंटों तक यातायात बाधित रहा. स्थानीय लोगों के अनुसार अजगर जंगल की ओर से भटक कर सड़क पर आ गया था. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने अजगर को सुरक्षित तरीके से जंगल में पहुंचाया. वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल क्षेत्र के पास सतर्क रहें और ऐसी स्थिति में तुरंत विभाग को सूचित करें.

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सोनारी में बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन

बांग्लादेश में पिछले दो वर्षों से हिन्दू समुदाय पर हो रहे उत्पीड़न को लेकर जमशेदपुर में भी आक्रोश की लहर देखने को मिली. मंगलवार को शहर के विभिन्न हिन्दू संगठनों ने एकजुट होकर बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.

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इस आंदोलन में भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिन्दू परिषद, पूर्व सैनिक परिषद, महिला संगठन तथा किन्नर समाज के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए. सोनारी के कागलनगर बाजार से लेकर सोनारी एयरपोर्ट तक भव्य मशाल जुलूस निकाला गया और प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों की निंदा की.

प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने झारखण्ड में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की मांग की. वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश सरकार को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, अन्यथा विरोध और तेज़ होगा.

शहर में हुए इस शांतिपूर्ण लेकिन तीखे प्रदर्शन में स्थानीय लोगों की भी बड़ी उपस्थिति रही, जिन्होंने एकस्वर में बांग्लादेश में हो रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ नाराज़गी जताई और सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की.

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टाटानगर स्टेशन पर एसीसी की बैठक, यात्री सुविधाओं में सुधार पर मंथन

टाटानगर रेलवे स्टेशन की स्टेशन सलाहकार समिति (एससीसी) की बैठक आज स्टेशन निदेशक के कार्यालय में आयोजित की गई. बैठक में समिति के पांच में से चार सदस्य, स्टेशन निदेशक सहित विभिन्न विभागों के पर्यवेक्षक और प्रभारी अधिकारी शामिल हुए. बैठक का मुख्य उद्देश्य स्टेशन पर वर्तमान यात्री सुविधाओं की समीक्षा और उनके स्तर में सुधार को लेकर सुझाव प्राप्त करना था.

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शुरुआत में स्टेशन निदेशक ने स्टेशन परिसर में संचालित यात्री सेवाओं, चल रही परियोजनाओं और सुधार की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि स्वच्छता, सुरक्षा, खानपान और पार्किंग जैसी मुख्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए रेलवे प्रशासन लगातार प्रयासरत है और इसमें समिति जैसी संस्थाओं की भूमिका अहम है.

यात्री सुविधाओं को लेकर समिति के सदस्यों ने प्लेटफॉर्म पर पेयजल की उपलब्धता, प्रतीक्षालयों में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, शौचालयों की नियमित सफाई और प्लेटफॉर्मों के बीच सुगम आवाजाही को लेकर सुझाव दिए. सदस्यों ने कहा कि शौचालयों की स्वच्छता और पेयजल बिंदुओं की नियमित जांच आवश्यक है, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो. स्टेशन प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि सफाई एवं सेवाओं की गुणवत्ता के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी.

सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा में प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता, आरपीएफ और जीआरपी की गश्त बढ़ाने और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान को लेकर अधिक प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया गया. समिति ने कहा कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए तकनीकी साधनों और जनशक्ति का उचित उपयोग करना होगा, जिससे यात्रियों में भरोसा बने.

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खानपान सेवाओं के संदर्भ में स्टॉलों पर मूल्य सूची प्रदर्शित करने, रेल नीर की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद्य गुणवत्ता की जांच को नियमित रखने की बात कही गई. पार्किंग व्यवस्था में सुधार को लेकर भी अहम सुझाव सामने आए, जिसमें पार्किंग क्षेत्र का सुव्यवस्थित प्रबंधन, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई और प्रवेश-निकासी मार्गों में सुधार शामिल रहा.
अंत में स्टेशन निदेशक ने समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राप्त सुझावों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि टाटानगर स्टेशन को अधिक सुविधाजनक और यात्री-केंद्रित बनाने के लिए रेलवे प्रशासन प्रतिबद्ध है और समिति के सुझाव इस दिशा में सहायक सिद्ध होंगे.

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I-20 सवार तीन बदमाश देशी कट्टा के साथ डिमना से गिरफ्तार,वारदात से पहले कार्रवाई

पुलिस ने रंगदारी माफिया पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मानगो-डिमना मार्ग से तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है. एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ युवक सफेद रंग की आई-20 कार (I-20) में सवार होकर कारोबारियों से रंगदारी वसूली के इरादे से डिमना की ओर जा रहे हैं. सूचना के आधार पर सिटी एसपी कुमार शिवाशीष के निर्देश पर पटमदा डीएसपी के नेतृत्व में डिमना चौक, डी-चौधरी कॉम्पलेक्स के पास विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया. इसी दौरान एक संदिग्ध सफेद कार पुलिस टीम की नजर में आई. पुलिस ने कार को रुकने का संकेत दिया, लेकिन वाहन सवार युवक वाहन मोड़कर भागने लगे. तत्परता दिखाते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया और तीनों को हिरासत में ले लिया.

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गिरफ्तार युवकों की पहचान मो. अयाज उर्फ फैजल (24 वर्ष), मो. अरशद (27 वर्ष) और मो. अमान (24 वर्ष) के रूप में हुई है. तीनों मानगो और आजादनगर इलाके के रहने वाले हैं. पुलिस ने तलाशी के दौरान इनके पास से एक देशी कट्टा, बेसबॉल बैट, फोल्डिंग चाकू, स्टील रॉड, एक आई फोन और संबंधित सफेद आई-20 कार बरामद की है. सिटी एसपी ने प्रेस वार्ता में बताया कि पूछताछ में मो. अमान के पास से देशी कट्टा बरामद होने की पुष्टि हुई है. पूछताछ में अभियुक्तों ने कबूल किया कि वे ओलीडीह थाना क्षेत्र के कारोबारियों से रंगदारी वसूली की योजना बनाकर निकले थे और संभव विरोध या डराने-धमकाने के लिए हथियार और अन्य सामान अपने साथ रखे थे.

पुलिस के अनुसार इन तीनों ने मिलकर एक नया आपराधिक गैंग तैयार किया था और यह उनकी पहली बड़ी वारदात होने वाली थी. जांच में पता चला है कि गैंग का सरगना मो. अयाज उर्फ फैजल ने मुंगेर से अवैध हथियार मंगाए थे, ताकि जमशेदपुर में रंगदारी नेटवर्क खड़ा किया जा सके. पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. सिटी एसपी ने साफ कहा कि शहर में संगठित अपराध या रंगदारी तंत्र को किसी भी हाल में पनपने नहीं दिया जाएगा.

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पत्रकार से मारपीट-बदसलूकी मामले में एसपी ने थानेदार को किया सस्पेंड

पत्रकार से मारपीट मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। एसपी ने थानेदार को निलंबित कर दिया है। दरअसल पिछले दिनों दुमका जिले में पत्रकार मृत्युंजय पांडेय से दुर्व्यवहार और मारपीट करने का मामला आया था। शिकायत के अधार पर जांच करायी गयी, जिसक बाद विभागीय जांच के आधार पर एसपी पितांबर सिंह खेरवार ने हंसडीहा के थानेदार ताराचंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

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है। ताराचंद्र के निलंबन के बाद, जिम्मी हांसदा को हंसडीहा थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। आपको बता दें कि पत्रकार मृत्युंजय पांडेय के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप लगे हैं। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे थे। मृत्युंजय पांडेय ने आरोप लगाया था कि हंसडीहा के तत्कालीन थानेदार ताराचंद्र ने उनके साथ ड्यूटी के दौरान अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की।

इस मामले ने तूल पकड़ा और पत्रकार संगठनों ने दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद एसपी ने पूरे मामले में जांच के आदेश दिये। जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना प्रभारी को सस्पेंड किया गया है।

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कमजोर आदिवासियों पर खर्च होंगे 24 हजार करोड़, जमशेदपुर में राष्ट्रपति का ऐलान; जानिए क्या कहा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को जमशेदपुर में कहा कि हमारे आदिवासी समाज में कई समूह ऐसे हैं, जो स्वयं अपना विकास नहीं कर सकते। आजादी के 75 साल पूरे होने पर जब देश अमृतकाल का जश्न मना रहा है, तब मैंने सरकार से कहा कि आज भी कई आदिवासी भाई-बहन पेड़ों पर रहने को विवश हैं।

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न तो उनके तन पर कपड़े हैं न रहने को घर। हमें उनकी मदद करनी चाहिए। सरकार ने इसको संज्ञान में लिया और देश के 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के लिए मिशन मोड पर विकास की पहल शुरू की है। बिरहोर समेत 75 पीवीटीजी के विकास लिए 24 हजार करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जमशेदपुर के करनडीह स्थित दिशोम जाहेरथान में सोमवार को ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन और दिशोम जाहेरथान कमेटी की ओर से आयोजित 22वें संताली परसी माहा व ओलचिकी शताब्दी समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। उन्होंने संताली भाषा में भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष गंगवार तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शामिल हुए।

‘हम आदिवासियों को भी सीखना होगा’

इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि आज भी हमारे आदिवासी नहीं जानते कि पीएम आवास बन रहे हैं या ऐसी कोई योजना उनके लिए लाई गई है। ये लोग यह भी नहीं जानते कि आवास बनने के लिए सीमेंट कहां से आएगा और घर कैसे बनेगा। उन्होंने कहा कि मेरे लोग (आदिवासी) आज भी पैसे का इस्तेमाल करना नहीं जानते। इसलिए सरकार उन्हें डायरेक्ट ट्रांसफर से पैसे देने की जगह इन्हें घर बनाकर दें। अब हम आदिवासियों को भी सीखना होगा। हमें खुद भी प्रयास करना होगा।

आदिवासी अफसर कम से कम दो लोगों को गोद लें

राष्ट्रपति ने कहा कि आज हमारे कुछ आदिवासी भाई-बहन पढ़-लिखकर बड़े-बड़े अफसर बन रहे हैं, लेकिन उनके घर-गांव पीछे छूट गए हैं। उनको समय निकालकर गांव-समाज के बीच जाना चाहिए और आदिवासियों को कुशल बनाने में मदद करनी चाहिए। जो आदिवासी नौकरी कर रहे हैं, उन्हें अपनी क्षमता के अनुरूप कम से कम हमें दो लोगों को विकसित करने की पहल करनी चाहिए।

राष्ट्रपति का संताली भाषा की समृद्धि में बड़ा योगदान: हेमंत

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओलचिकी लिपि और संताली भाषा के विकास में अपना अहम योगदान दिया है। राष्ट्रपति के ही प्रयास का प्रतिफल है कि संविधान को संताली में अनुवाद करवाया गया। उन्होंने ऐसा करके महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि रघुनाथ मुर्मू ने संतालों को अपनी लिपि देकर अलग पहचान दी है। वे हमारे दिलों में हमेशा अमर रहेंगे। राज्य सरकार आदिवासियों के विकास के लिए लगातार विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। उनकी आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।

राष्ट्रपति जनजातीय उत्थान की सशक्त उदाहरण: गवर्नर

इस अवसर पर राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि यह सिर्फ एक आम उत्सव नहीं बल्कि संस्कृति के जीवंत होने का परिचायक है। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपति जनजातीय उत्थान की सशक्त उदाहरण हैं। राष्ट्रपति की जीवन यात्रा सबके लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2003 में संताली को आठवीं अनुसूची में शामिल किया था। उस समय मैं भी अटल सरकार में मंत्री था। उन्होंने रघुनाथ मुर्मू के योगदान पर चर्चा की। कहा कि ओलचिकी सिर्फ लिपि नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत की पहचान है।

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झारखंड बनेगा कृषि का नया हब, 2026 में किसानों को ये पांच बड़ी उम्मीदें

लगातार उपलब्धियों के बाद झारखंड में कृषि क्षेत्र अब एक नए मोड़ पर खड़ा है। वर्ष 2025 तक के युवा सफर में खेती, पशुपालन, मत्स्य और सहकारिता के क्षेत्र में जो मजबूत आधार तैयार हुआ है, उसी पर आगे बढ़कर वर्ष 2026 को कृषि नवाचार और किसान समृद्धि का वर्ष बनाने की तैयारी है।

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सरकार, कृषि विभाग और किसान- तीनों की साझा भागीदारी से 2026 में झारखंड को कृषि में नई दिशा मिलने की उम्मीद है। बढ़ा हुआ 4000 करोड़ का कृषि बजट, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सिंचाई विस्तार, पशुधन विकास योजनाएं और सहकारिता के सशक्त ढांचे ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाला वर्ष केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों की आय, बाजार तक पहुंच और जोखिम प्रबंधन और मूल्य संवर्धन पर केंद्रित होगा। आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि झारखंड में कृषि क्षेत्र अब केवल वृद्धि के दौर में नहीं, बल्कि स्थायित्व और गुणवत्ता के चरण में प्रवेश कर चुका है। यदि योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी रहा, तो आने वाला वर्ष झारखंड को आत्मनिर्भर और लाभकारी कृषि राज्य बनाने के साथ ही स्थायित्व और समृद्धि की दिशा तय करने वाला वर्ष हो सकता है।

पांच बड़ी उम्मीदें

1. कृषि आय में 20-25% तक बढ़ोतरी की उम्मीद: धान उत्पादकता 11 से बढ़कर 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो चुकी है। इसी आधार पर फसल विविधीकरण, बागवानी और पशुपालन को जोड़कर 2026 में किसानों की औसत आय में 20-25% तक बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।

2. सिंचाई क्षेत्र में बड़ा विस्तार: ड्रिप इरिगेशन का दायरा क्रमवार बढ़कर 35,000 हेक्टेयर तक पहुंच चुका है। 2026 में इसे वर्षा-आश्रित क्षेत्रों तक और फैलाकर सिंचित रकबे में ठोस वृद्धि की संभावना है।

3. दाल-तिलहन में राष्ट्रीय पहचान: दालों का रकबा 1.14 लाख से बढ़कर आठ लाख हेक्टेयर हो चुका है। उत्पादकता बढ़कर 1,069 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर पर आ चुका है। 2026 में झारखंड के देश के शीर्ष पांच दाल उत्पादक राज्यों में शामिल होने की उम्मीद है।

4. पशुपालन से ग्रामीण आय में उछाल: दूध उत्पादन 10 लाख टन से बढ़कर 34 लाख टन हो चुका है। फिलहाल दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 237 ग्राम प्रतिदिन है। इसे 2026 में राष्ट्रीय औसत के करीब लाने का लक्ष्य रखा गया है।

5. डिजिटल और पारदर्शी कृषि व्यवस्था: 36 लाख से अधिक किसान डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्लॉकचेन आधारित योजनाओं से लाभान्वित हो चुके हैं। 2026 में सभी प्रमुख योजनाओं को डिजिटल ट्रैकिंग से जोड़ने की उम्मीद है।

नीतियों को जमीन पर उतारने की रहेगी चुनौती

कृषि विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती योजनाओं को जमीन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की होगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों का विस्तार तो हुआ है, लेकिन ग्रामीण स्तर पर डिजिटल साक्षरता और नेटवर्क की कमी अभी भी बड़ी बाधा है। आज भी बहुत किसान सरकारी योजनाओं से दूर हैं। अनियमित मानसून, अल्प या अतिवृष्टि और अचानक मौसम बदलाव के कारण फसल जोखिम बढ़ रहा है, जिससे फसल बीमा और राहत तंत्र को और मजबूत करना आवश्यक होगा। इसके अलावा, सिंचाई विस्तार और जल-संरक्षण योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन, छोटे और सीमांत किसानों को खाद, बीज की राहत, बाजार से जोड़ना तथा कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण सुविधाओं का समान वितरण भी बड़ी चुनौती रहेगी।

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