एक नई सोच, एक नई धारा

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TCS नासिक कांड: मुख्यमंत्री फडणवीस का कड़ा रुख, बोले— ‘किसी को बख्शा नहीं जाएगा, केंद्रीय एजेंसियां करेंगी जांच’

नासिक/मुंबई: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक कार्यालय में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के सनसनीखेज मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहली तीखी प्रतिक्रिया आई है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को “बेहद चिंताजनक” बताते हुए साफ किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और इसकी जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जाएगी।n7087943121776419889583ae4763e55901de857bd13bdb9d8c96953a41ed17d307c0790a7df04132a249a4

मुख्यमंत्री की चेतावनी: ‘यह एक बड़ा मॉड्यूल हो सकता है’

​मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि सरकार इस मामले की जड़ तक जाएगी। उन्होंने कहा:

​”हम इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेंगे। किसी को भी राजनीतिक या अन्य सुरक्षा नहीं मिलेगी। हमने केंद्रीय एजेंसियों से इस मामले की बारीकी से जांच करने का आग्रह किया है क्योंकि हमें आशंका है कि यह किसी बड़े संगठित मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है।”

 

पुलिस को ‘संगठित गिरोह’ होने का शक

​नासिक पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए सात पुरुष आरोपी एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे और महिला कर्मचारियों को निशाना बना रहे थे। पुलिस ने अब तक इस मामले में रजा रफीक मेमन और शफी बिखान शेख सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

HR प्रमुख की भूमिका पर उठे सवाल

​नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने खुलासा किया कि गिरफ्तार की गई यूनिट की ऑपरेशन और एचआर प्रमुख ने पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने से रोका था।

  • विवादास्पद बयान: जांच में पता चला है कि एचआर प्रमुख ने पीड़िता से कहा था कि “ऐसी चीजें (उत्पीड़न) होती रहती हैं,” जिससे आरोपियों का मनोबल बढ़ा।
  • कार्रवाई: पुलिस ने दो महिला आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की है, जिनमें से एक फिलहाल फरार है।

गंभीर आरोप: मानसिक-यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन

​इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। अब तक 8 महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई है। उनके मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:

  1. यौन और मानसिक उत्पीड़न: वरिष्ठ सहकर्मियों द्वारा लंबे समय से महिलाओं का शोषण किया जा रहा था।
  2. जबरन धर्म परिवर्तन: पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया।
  3. प्रबंधन की लापरवाही: एचआर विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की।

आरोपियों की सूची

​पुलिस द्वारा पहचाने गए मुख्य आरोपी पुरुषों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख शामिल हैं।

​यह मामला अब केवल एक कॉर्पोरेट विवाद न रहकर राष्ट्रीय सुरक्षा और संगठित अपराध के नजरिए से देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद जांच में और तेजी आने की उम्मीद है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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सरायकेला: घर के अंदर मोबाइल चलाना पड़ा भारी, आकाशीय बिजली गिरने से युवक की दर्दनाक मौत

सरायकेला: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में गुरुवार शाम कुदरत का कहर देखने को मिला। सरायकेला थाना क्षेत्र के रुगड़ी साही गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक घटना के वक्त अपने घर के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था।e8338deb60d36c32a8c93b9944153168f8b63ada6c4fbeb7b8e66ffc34e7c364.0

खिड़की के रास्ते काल बनकर आई बिजली

​मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 5:00 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज गर्जना के साथ बारिश होने लगी। गांव निवासी श्याम हेम्ब्रम अपने घर के अंदर बैठकर मोबाइल चला रहा था। इसी दौरान खिड़की के रास्ते आसमानी बिजली सीधे उस पर आ गिरी। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि श्याम का पूरा शरीर काला पड़ गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांसें

​हादसे के बाद बदहवास परिजन तुरंत श्याम को सरायकेला सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के जवाब मिलने के बाद परिजन शव को लेकर वापस गांव लौट गए। इस हृदयविदारक घटना के बाद से श्याम के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

गांव में मातम: मजदूरी कर चलाता था परिवार का खर्च

​ग्रामीणों ने बताया कि मृतक श्याम हेम्ब्रम एक मेहनती युवक था। वह मजदूरी करने के साथ-साथ ट्रैक्टर भी चलाता था और अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उठा रहा था। उसकी अचानक मौत से पूरे रुगड़ी साही गांव में मातम पसरा हुआ है।

विशेषज्ञों की चेतावनी: वज्रपात के समय बरतें सावधानी

​मौसम विभाग और विशेषज्ञों ने बार-बार चेतावनी दी है कि खराब मौसम या बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइल फोन का उपयोग जोखिम भरा हो सकता है।

  • सावधानी: वज्रपात के समय खिड़कियों से दूर रहें और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें आसमानी बिजली को आकर्षित कर सकती हैं।

तीसरी धारा न्यूज के लिए सरायकेला से ब्यूरो रिपोर्ट

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नोएडा हिंसा का ‘झारखंड कनेक्शन’: NIT जमशेदपुर का पूर्व छात्र निकला मास्टरमाइंड, जांच में खुलासा—पाकिस्तान से भी जुड़े तार

नोएडा/गौतमबुद्ध नगर: दिल्ली से सटे नोएडा में 13 अप्रैल को हुई भीषण हिंसा के मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड आदित्य आनंद है, जो NIT जमशेदपुर का पूर्व छात्र है और मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला है। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।IMG 20260417 143455

डिजिटल साजिश: QR कोड और व्हाट्सएप से जुटाया ‘हुजूम’

​पुलिस जांच के अनुसार, यह हिंसा कोई तात्कालिक घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। आदित्य आनंद ने नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में 31 मार्च और 1 अप्रैल को रेकी की थी। इसके बाद मजदूरों को संगठित करने के नाम पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए। इन ग्रुप्स में शामिल होने के लिए QR कोड का इस्तेमाल किया गया, ताकि तेजी से और गुप्त तरीके से भीड़ जुटाई जा सके। इन्ही ग्रुप्स के जरिए भड़काऊ संदेश फैलाकर भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया गया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

खुला ‘पाकिस्तान कनेक्शन’

​इस मामले में सबसे गंभीर खुलासा अंतरराष्ट्रीय साजिश को लेकर हुआ है। जांच एजेंसियों को पता चला है कि हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वाले कई अकाउंट्स के IP एड्रेस और VPN (Virtual Private Network) पाकिस्तान से जुड़े थे। इन अकाउंट्स के जरिए फर्जी खबरें फैलाई गईं कि हिंसा में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं, ताकि तनाव और बढ़ाया जा सके।

कड़ी कार्रवाई: NSA और बैंक खाते होंगे फ्रीज

​नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं:

  • दो गिरफ्तार: पुलिस ने अब तक ऑटो चालक रूपेश रॉय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार कर लिया है।
  • NSA की तैयारी: मुख्य आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
  • वित्तीय चोट: साजिश में शामिल आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जांच के मुख्य बिंदु: एक नजर में

विवरण

जानकारी

मुख्य आरोपी

आदित्य आनंद (पूर्व छात्र, NIT जमशेदपुर)

निवासी

हजारीबाग, झारखंड

साजिश का तरीका

रेकी, व्हाट्सएप ग्रुप और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट

विदेशी लिंक

पाकिस्तान से जुड़े आईपी एड्रेस मिले

वर्तमान स्थिति

फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें गठित

पुलिस का कहना है कि आरोपी पिछले कई वर्षों से देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह के आंदोलनों को हिंसक मोड़ देने में सक्रिय रहा है। अब इस मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से की जा रही है ताकि विदेशी ताकतों और स्थानीय साजिशकर्ताओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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रजरप्पा मंदिर प्रक्षेत्र में चला प्रशासन का ‘बुलडोजर’: 254 दुकानें जमींदोज, इतिहास में पहली बार हुई इतनी बड़ी कार्रवाई

रजरप्पा (रामगढ़): प्रसिद्ध शक्तिपीठ रजरप्पा मंदिर परिसर में गुरुवार को जिला प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया। झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रशासन ने मंदिर प्रक्षेत्र में अवैध रूप से संचालित 254 दुकानों को जेसीबी और बुलडोजर की मदद से हटा दिया। सुबह 10 बजे से शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही, जिससे पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया।n7087840961776416094056ffd4e05b721b9c3dcc9d2f77afabfb0da6a2744e0118840822a0656e25a0bb28

न्यायालय के आदेश पर प्रशासन की सख्ती

​मंदिर परिसर में बढ़ती अव्यवस्था और अनियोजित दुकानों को लेकर उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इसी के आलोक में कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था। कार्रवाई का नेतृत्व एसडीओ अनुराग तिवारी और डीएसपी मुख्यालय चंदन वत्स ने किया। उनके साथ 13 दंडाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि कुछ दुकानदारों ने विरोध की कोशिश की, लेकिन प्रशासनिक मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

कहीं खुशी, कहीं गम: श्रद्धालुओं को मिली जगह, दुकानदारों के छिने आशियाने

​इस कार्रवाई के दो पहलू सामने आए हैं:

  • सुविधा और सौंदर्य: अतिक्रमण हटने से मंदिर की सड़कें दोगुनी चौड़ी हो गई हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने इस कदम का स्वागत किया है। प्रशासन का कहना है कि यह पुनर्विकास योजना का हिस्सा है, जिससे भविष्य में पार्किंग, पेयजल और सुरक्षा जैसी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
  • रोजी-रोटी का संकट: दूसरी तरफ, दशकों से दुकान चला रहे परिवारों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई दुकानदार अपने टूटते आशियाने को देख भावुक हो उठे। रजरप्पा मंदिर परिसर सर्वांगीण विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष कुलदीप साव ने कहा कि वे न्यायालय का सम्मान करते हैं, लेकिन प्रशासन को उजाड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए थी।

पुनर्वास की उम्मीद: क्या कहते हैं प्रभावित पक्ष?

​दुकानदार अरूप कुमार पंडा ने बताया कि उच्च न्यायालय में पुनर्वास को लेकर याचिका दायर की गई है। उन्होंने कहा:

​”उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि एक महीने के भीतर दुकानदारों का पुनर्वास किया जाए, लेकिन उससे पहले जमीन खाली करना अनिवार्य था। फिलहाल 39 दुकानदारों ने याचिका दी है, जल्द ही सभी 254 दुकानदारों के लिए न्याय की गुहार लगाई जाएगी।”

 

प्रशासनिक टीम में ये रहे शामिल

​इस वृहद अभियान में एलआरडीसी दीप्ति प्रियंका कुजूर सहित चितरपुर, मांडू, दुलमी, गोला, रामगढ़, पतरातू के अंचलाधिकारी (CO) और रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मुस्तैद रहे।

​प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इन विस्थापित दुकानदारों को व्यवस्थित रूप से दोबारा बसाना और मंदिर प्रक्षेत्र को एक आधुनिक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए रजरप्पा से ब्यूरो रिपोर्ट

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खेलो इंडिया जनजातीय खेल: झारखंड के खिलाड़ियों ने जीता कांस्य पदक, राज्यपाल ने ‘लोक भवन’ में दी बधाई

रांची: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आयोजित ‘प्रथम खेलो इंडिया जनजातीय खेल-2026’ में झारखंड के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर लौटे खिलाड़ियों ने शुक्रवार को रांची स्थित ‘लोक भवन’ में प्रदेश के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार भेंट की।n70879686517764158958431d75c910530bb53857600d86392fef9ad6345118d879d1bb4c11f128d3e8c185

ओवरऑल रैंकिंग में झारखंड को मिला ‘कांस्य’

​मुलाकात के दौरान झारखंड राज्य मलखम्ब एसोसिएशन के महासचिव डॉ. अजय झा ने राज्यपाल को खिलाड़ियों की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि झारखंड के खिलाड़ियों ने बालक और बालिका, दोनों वर्गों में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया, जिसके बदौलत राज्य ने ओवरऑल रैंकिंग में कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल किया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

खिलाड़ियों के अनुशासन और परिश्रम की सराहना

​राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर की और सभी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:

​”झारखंड के लोगों में खेलों के प्रति स्वाभाविक और गहरी अभिरुचि है। हमारे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और अनुशासन के दम पर राष्ट्रीय पटल पर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं, जो वास्तव में सराहनीय है।”

 

​राज्यपाल ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास, समर्पण और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रमुख जानकारी: एक नजर में

  • आयोजन: प्रथम खेलो इंडिया जनजातीय खेल-2026
  • स्थान: सरगुजा गांधी स्टेडियम, अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)
  • उपलब्धि: झारखंड को ओवरऑल रैंकिंग में कांस्य पदक।
  • आधिकारिक शुभंकर: इस खेल महोत्सव का शुभंकर ‘मोरवीर’ था।
  • प्रमुख उपस्थिति: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और डॉ. अजय झा (महासचिव, झारखंड राज्य मलखम्ब एसोसिएशन)।

​यह जीत झारखंड के खेल जगत के लिए एक नई ऊर्जा लेकर आई है, जो जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

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बिहार की सियासत में ‘भविष्यवाणी’ का शोर: तेज प्रताप ने सम्राट चौधरी को बताया ‘मुख्यमंत्री’, कहा- सिलेक्टेड हों या इलेक्टेड, पद पर तो हैं

पटना: बिहार की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर एक बड़ा बयान दिया। अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले तेज प्रताप ने न केवल सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने को अपनी ‘भविष्यवाणी’ की जीत बताया, बल्कि शैक्षणिक योग्यता और ‘सिलेक्टेड मुख्यमंत्री’ जैसे सवालों पर उनका बचाव भी किया।n7087211241776415469294a1943541c05c769388163fbfa7499ba9bb1ced7a789d7d0dc8494f39dcd33d59

“मेरी भविष्यवाणी सच हुई, अब एक महीने का इंतजार”

​मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने कानून-व्यवस्था पर चिंता तो जताई, लेकिन मुख्यमंत्री को समय देने की बात भी कही। उन्होंने कहा:

​”बिहार का लॉ एंड ऑर्डर चरमराया हुआ है, यह सब जानते हैं। लेकिन सम्राट चौधरी को कल ही (15 अप्रैल) नई जिम्मेदारी मिली है। हम लोग एक-दो महीने इंतजार करेंगे कि वे सरकार कैसे चलाते हैं।”

 

​तेज प्रताप ने आगे दावा किया कि उन्होंने पहले ही कह दिया था कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि पहली भविष्यवाणी सच हो गई है और अगली भविष्यवाणी वे एक महीने बाद करेंगे।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

भाई तेजस्वी के बयान से अलग राह: “मुख्यमंत्री तो हैं…”

​जब पत्रकारों ने उन्हें याद दिलाया कि उनके भाई तेजस्वी यादव सम्राट चौधरी को ‘इलेक्टेड’ नहीं बल्कि ‘सिलेक्टेड’ मुख्यमंत्री कह रहे हैं, तो तेज प्रताप का जवाब चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा, “अब वे इलेक्टेड हैं या सिलेक्टेड, इससे क्या फर्क पड़ता है? मुख्यमंत्री के पद पर तो वे हैं ही।”

​वहीं, सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता (सातवीं फेल होने के दावों) पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि अगर डिग्रियां गिनाने बैठेंगे तो बहुत सारे मंत्री और विधायक इस श्रेणी में आ जाएंगे।

तेज प्रताप के जन्मदिन पर पहुंचे लालू यादव

​बयानों की गरमागरम बहस के बीच गुरुवार (16 अप्रैल) को तेज प्रताप यादव के आवास पर भावुक नजारा भी देखने को मिला। तेज प्रताप के जन्मदिन के अवसर पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव खुद उनके घर पहुंचे। लालू यादव ने बेटे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया और वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। परिवार के अन्य सदस्यों और समर्थकों ने भी उन्हें जन्मदिन की ढेरों बधाई दी।

मुख्य बिंदु: एक नजर में

घटना

विवरण

मुख्य बयान

सम्राट चौधरी का सिलेक्टेड/इलेक्टेड विवाद पर बचाव।

दावा

मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी सच होने का दावा।

अवधि

सरकार के कामकाज को परखने के लिए 2 महीने का समय दिया।

खास पल

पिता लालू यादव ने जन्मदिन पर आवास जाकर दिया आशीर्वाद।

तीसरी धारा न्यूज के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट

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नारी शक्ति का शंखनाद: संसद में देर रात तक गूंजी महिला आरक्षण और परिसीमन की आवाज, आज होगा महा-मतदान

नई दिल्ली: भारतीय संसदीय इतिहास में गुरुवार की रात एक मील का पत्थर साबित हुई। महिला आरक्षण, संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर लोकसभा में देर रात 1:20 बजे तक मैराथन चर्चा चली। इस दौरान सदन में महिला सांसदों की सक्रिय भागीदारी और जज्बे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनकी जमकर सराहना की।n7086796181776339420346468fd050cf66fc239fb7c6da89d8d1d367bea607dd61bc1a86f2b2c3f0b8b41d

पीएम मोदी का ‘नारी शक्ति’ को नमन

​शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक प्रेरक पोस्ट के जरिए देश की महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। पीएम ने लिखा:

​”हमारी नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान है। देश की माताएं-बहनें और बेटियां अपनी अटूट संकल्पशक्ति, निष्ठा और सेवाभाव से आज हर क्षेत्र में भारतवर्ष का गौरव बढ़ा रही हैं।”

 

​प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में देवी शक्ति की स्तुति करते हुए संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जिसमें जगत की रक्षा करने वाली मां अंबिका को नमन किया गया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

संसद की कार्यवाही की मुख्य बातें

  • गारंटी और अपील: पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से इन विधेयकों को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो दल इसका विरोध करेंगे, उन्हें भविष्य में इसकी बड़ी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
  • परिसीमन पर स्पष्टीकरण: सीटों के बंटवारे और परिसीमन को लेकर विपक्षी दलों की चिंताओं पर पीएम ने ‘खरी-खरी’ सुनाते हुए कहा कि जो अनुपात पहले से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। सीटों की संख्या में वृद्धि भी उसी तय अनुपात के आधार पर की जाएगी।
  • कानून हुआ प्रभावी: इस चर्चा के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह रहा कि महिला आरक्षण अधिनियम 2023 (16 अप्रैल से) देशभर में प्रभावी हो गया है। केंद्रीय विधि मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

आज शाम 4 बजे होगी ‘अग्निपरीक्षा’

​सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन ऐतिहासिक विधेयक पेश किए हैं:

  1. संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026
  2. परिसीमन विधेयक 2026
  3. संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026

विपक्ष का रुख: कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का तर्क है कि महिला आरक्षण को परिसीमन की शर्त से मुक्त रखा जाना चाहिए ताकि इसे 2029 के चुनावों से ही लागू किया जा सके। विपक्ष ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की हिस्सेदारी को लेकर भी चिंता जताई है।

वोटिंग का समय: शुक्रवार को इन विधेयकों पर चर्चा पूरी होने के बाद शाम 4:00 बजे मत विभाजन (Voting) होगा। देश की नजरें आज संसद के निचले सदन पर टिकी हैं, जहां महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी जानी है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

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‘यह किसी की जीत नहीं, पूरे राष्ट्र की सफलता’: महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी का विपक्ष को करारा जवाब

नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) पर चल रही ऐतिहासिक बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 16 अप्रैल को लोकसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री का यह भाषण न केवल महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना, बल्कि उन्होंने ‘राजनीतिक श्रेय’ (Credit) की राजनीति पर भी विराम लगाने का प्रयास किया।n7086796181776339420346468fd050cf66fc239fb7c6da89d8d1d367bea607dd61bc1a86f2b2c3f0b8b41d

श्रेय के विवाद पर पीएम का ‘ब्लैंक चेक’ ऑफर

​विपक्ष द्वारा बिल का श्रेय लेने की कोशिशों पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अगर बात सिर्फ क्रेडिट की है, तो आप ले लीजिए। यहाँ बैठा कोई भी व्यक्ति अपनी फोटो छपवा सकता है, मैं क्रेडिट देने के लिए आपको ब्लैंक चेक देने को तैयार हूँ।” उन्होंने यहाँ तक कहा कि सरकार विज्ञापनों में विपक्ष की फोटो लगाने में भी संकोच नहीं करेगी, क्योंकि लक्ष्य राष्ट्रहित है, राजनीति नहीं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

भाषण की 5 बड़ी बातें:

  • राष्ट्र की एकता सर्वोपरि: दक्षिण बनाम उत्तर की बहस और परिसीमन के विरोध पर पीएम ने कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें देश को ‘टुकड़े-टुकड़े’ में बांटने का अधिकार नहीं दिया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि परिसीमन से किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा।
  • नीति और नियत: अपनी ओबीसी पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी ‘सबका साथ, सबका विकास’ सुनिश्चित करना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब नियत साफ हो, तो शब्दों के खेल (गारंटी या वादे) की जरूरत नहीं पड़ती।
  • महिलाओं की बुद्धिमत्ता पर भरोसा: कोटे के भीतर कोटे (Sub-quota) की मांग पर पीएम ने कहा, “देश की बहनों की बुद्धिमत्ता पर भरोसा रखें। पहले 33% महिलाओं को संसद आने दें, वे खुद अपने प्रतिनिधित्व का मार्ग तय करेंगी।”
  • सामूहिक सफलता: प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बिल का पारित होना मोदी या किसी एक दल की व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की जीत के रूप में इतिहास में दर्ज होगी।
  • 30 साल का इंतज़ार खत्म करने का समय: उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पिछले तीन दशकों से लंबित है और अब इसे और टालना देश के हित में नहीं है। प्रक्रिया को और अधिक देरी से बचाने के लिए सामूहिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।

सर्वसम्मति की अपील

​प्रधानमंत्री मोदी ने सदन के सभी दलों से इस बिल को सर्वसम्मति से पारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब कोई निर्णय सर्वसम्मति से होता है, तो उसका प्रभाव और ताकत कई गुना बढ़ जाती है।

​प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने जहाँ सदन में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया, वहीं विपक्षी दल अब भी इसके लागू होने की समयसीमा और परिसीमन की शर्तों पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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​’जल बचाएं, भविष्य बचाएं’: कालीमाटी उच्च विद्यालय में ‘जल पखवाड़ा’ का आगाज, बच्चों ने लिया संरक्षण का संकल्प

जमशेदपुर (जेम्को): जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जेम्को स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालीमाटी में 15 दिवसीय ‘जल पखवाड़ा’ (16 से 30 अप्रैल 2026) का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एक स्वर में जल बचाने की सामूहिक शपथ ली।IMG 20260416 WA0006

पोस्टर और पेंटिंग के जरिए दिया संदेश

​अभियान के पहले दिन स्कूली बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। आकर्षक पोस्टरों और पेंटिंग के माध्यम से विद्यार्थियों ने ‘बूंद-बूंद पानी सहेजने’ की महत्ता को दर्शाया। बच्चों के बीच इस अभियान को लेकर खासा उत्साह देखा गया, जहां उन्होंने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं पानी बचाएंगे, बल्कि समाज को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

“जल व्यर्थ करना भविष्य को संकट में डालना”

​विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री धनंजय श्रीवास्तव ने बच्चों को संबोधित करते हुए जल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:

​”जल ही जीवन का आधार है। आज हम जिस पानी को व्यर्थ कर रहे हैं, वह हमारे आने वाले कल के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है। हमें अपनी आदतों में बदलाव लाकर पानी की बर्बादी रोकनी होगी।”IMG 20260416 WA0009

 

30 अप्रैल तक चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम

​प्रधानाध्यापक ने बताया कि यह अभियान 30 अप्रैल तक निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान समुदाय को जागरूक करने के लिए कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • ​प्रतिदिन प्रभात फेरी का आयोजन।
  • ​जल संरक्षण पर पोस्टर प्रतियोगिता
  • ​छात्र-छात्राओं के लिए क्विज़ (प्रश्नोत्तरी) कार्यक्रम

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सदस्य कंचन कुमारी, करनदीप सिंह, एंजेलिना टीगा, राकेश कुमार, रितु सिंह, सरिता समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। विद्यालय का यह साझा प्रयास ‘हमारा झारखंड, हमारा भविष्य’ के संदेश को धरातल पर उतारने की एक सराहनीय पहल है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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दिल्ली हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: कोमा में पड़े जवान की पत्नी को मिली IVF जारी रखने की अनुमति

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में प्रजनन अधिकारों और मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कोमा जैसी स्थिति में अस्पताल में भर्ती एक सेना के जवान की पत्नी को IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में पति की पहले दी गई सहमति को ही वैध माना जाएगा।IMG 20260416 150221

क्या है पूरा मामला?

​जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने यह फैसला जवान की पत्नी द्वारा दायर याचिका पर सुनाया। याचिकाकर्ता के अनुसार:

  • जून 2023: दंपति ने आपसी सहमति से संतान प्राप्ति के लिए IVF प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया था।
  • जुलाई 2025: गश्त के दौरान ऊंचाई से गिरने के कारण जवान के सिर में गंभीर चोट (ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी) आई, जिसके बाद से वह कोमा जैसी स्थिति में सेना के अस्पताल में भर्ती हैं।
  • अवरोध: पति की शारीरिक स्थिति को देखते हुए अस्पताल ने IVF प्रक्रिया रोक दी थी, जिसके खिलाफ पत्नी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

अदालत की महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ

​कोर्ट ने अपने 13 अप्रैल के फैसले में असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) विनियमन अधिनियम की व्याख्या करते हुए कई अहम बातें कहीं:

  1. पूर्व सहमति ही पर्याप्त: कोर्ट ने कहा कि जब प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब जवान ने अपनी सहमति दी थी। रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे लगे कि पति की मंशा बदल गई थी।
  2. प्रजनन स्वायत्तता एक मौलिक अधिकार: जस्टिस कौरव ने जोर देकर कहा कि संविधान के तहत मातृत्व, गरिमा और प्रजनन संबंधी स्वायत्तता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। किसी भी कानूनी प्रक्रिया की व्याख्या इस अधिकार को बढ़ावा देने के लिए होनी चाहिए, न कि इसे बाधित करने के लिए।
  3. कठोर नियमों से ऊपर न्याय: अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल प्रक्रियात्मक नियमों के कठोर पालन के लिए कानून के मूल उद्देश्य को नष्ट नहीं किया जा सकता। यदि प्रक्रिया पूरी नहीं करने दी जाती, तो पति की पहले दी गई सहमति व्यर्थ हो जाती।

श्रीमद्भागवत पुराण का उल्लेख

​फैसले के दौरान अदालत ने आध्यात्मिक और दार्शनिक पहलू को भी छुआ। भागवत पुराण का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा:

​”एक जीवित प्राणी को दैव (भाग्य) की देखरेख में शरीर प्राप्त होता है। किसी को माता-पिता बनने का सौभाग्य मिलेगा या नहीं, यह अंततः नियति ही तय करती है, इंसान नहीं।”

 

निष्कर्ष

​अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे IVF प्रक्रिया को उसके तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं और पति के जेनेटिक मटीरियल को सुरक्षित रखें। यह फैसला उन परिवारों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है जो कानूनी पेचीदगियों के कारण अपने प्रजनन अधिकारों से वंचित रह जाते हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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