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जमशेदपुर: राहुल बच्चा हत्याकांड का मुख्य आरोपी शब्बे पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज): शहर के मानगो थाना क्षेत्र के बहुचर्चित राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए आनन-फानन में एमजीएम (MGM) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।d8876bd5bb3eabbefd6326495089f885f47e61a7fa096ef40156da3a4ee483f9.0

​आत्मसमर्पण के बाद हथियार बरामदगी के दौरान हुआ एन्काउंटर

​सिटी एसपी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बीती 8 जुलाई की देर रात मानगो थाना क्षेत्र के मुंशी मोहल्ला, मजार गली के पास राहुल बच्चा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के बाद पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे, उसके साथी आफताब और सौरभ दत्ता उर्फ बंगाली ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया था।

​पुलिस तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। इसी कड़ी में अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों को बरामद करने के लिए पुलिस टीम तीनों को मानगो के रोड नंबर-14 स्थित फॉरेस्ट एरिया (वन क्षेत्र) में ले गई थी।95f5c5d422aa2a880a981d94bbcdbfe52b6736c7e9288cfd39b6e5d8fde9e3f9.0

​आरोपी ने पुलिस पर चलाई गोली, आत्मरक्षा में पुलिस ने की फायरिंग

​आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मौके से एक लोडेड पिस्टल और एक खाली पिस्टल बरामद कर ली। लेकिन इसी दौरान मुख्य आरोपी शब्बे ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, शब्बे ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए दो राउंड फायरिंग कर दी।

​अचानक हुए इस हमले से पुलिसकर्मियों की जान पर बन आई। स्थिति को संभालते हुए सब-इंस्पेक्टर संजय ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली शब्बे के पैर में जा लगी और वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत दबोच लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा।

​पुलिस टीम की सुरक्षा को था गंभीर खतरा: सिटी एसपी

​सिटी एसपी ने साफ किया कि आरोपी का रवैया बेहद हमलावर था और उससे पुलिस टीम की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। अगर पुलिस समय पर आत्मरक्षा में कार्रवाई नहीं करती, तो किसी पुलिसकर्मी की जान जा सकती थी। फिलहाल पुलिस इस मामले के बाकी पहलुओं और इस हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

– तीसरी धारा न्यूज

हुरलुंग मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश से जनता त्रस्त, ‘सेवा ही लक्ष्य’ ने उपायुक्त और एसपी से लगाई रोक की गुहार

जमशेदपुर।

हुरलुंग क्षेत्र में तंग और संकरे रास्तों से होकर भारी वाहनों के शहर में प्रवेश करने के कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक संगठन ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवशक्ति) के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।IMG 20260709 WA0000

​पीयूष ठाकुर ने बताया कि पिछले कई दिनों से हुरलुंग के रास्ते बड़े और भारी वाहन लगातार शहर के भीतर प्रवेश कर रहे हैं। चूंकि यह मार्ग काफी संकरा और आवासीय है, इसलिए यहाँ हर समय ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। तंग सड़क पर बड़े वाहनों के आने से छोटी गाड़ियों को निकलने की जगह नहीं मिलती, जिससे आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और पैदल चलने वाले राहगीरों को हो रही है, जिन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ती है।

संगठन ने प्रशासन के समक्ष रखीं ये मुख्य मांगें:

  • नो-एंट्री लागू हो: हुरलुंग रोड पर भारी और बड़े वाहनों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।
  • वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था: भारी वाहनों के आवागमन के लिए शहर के बाहर से कोई वैकल्पिक बाईपास मार्ग तय किया जाए।
  • ट्रैफिक पुलिस की तैनाती: इस मार्ग पर नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवानों की संख्या बढ़ाई जाए।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पीयूष ठाकुर ने पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “हुरलुंग जैसे संकरे आवासीय मार्ग से बड़ी वाहनों का गुजरना खतरे से खाली नहीं है। अगर भविष्य में यहाँ कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रशासन को किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किए बिना पहले ही सख्त कदम उठाने चाहिए।” उन्होंने साफ किया कि युवशक्ति संगठन नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए हमेशा अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर: मानगो में दुस्साहस, युवक की गोली मारकर और ईंट से कूचकर हत्या, इलाके में दहशत

जमशेदपुर: लौहनगरी के मानगो थाना क्षेत्र अंतर्गत मुस्लिम बस्ती में बुधवार की शाम अपराधियों ने कानून व्यवस्था को धता बताते हुए एक युवक की निर्मम हत्या कर दी। मृतक की पहचान राहुल के रूप में की गई है। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से पूरे मानगो क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व खौफ देखा जा रहा है।IMG 20260708 223752

​मजार के पास घात लगाकर बैठे थे अपराधी

​प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार शाम उस समय हुई जब राहुल मुस्लिम बस्ती स्थित मजार के सामने मौजूद था। इसी दौरान पहले से घात लगाए अज्ञात हमलावर अचानक वहां पहुंचे और राहुल को निशाना बनाते हुए बेहद नजदीक से गोली चला दी। गोली लगते ही राहुल लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। अपराधियों का दुस्साहस यहीं नहीं रुका; हत्या सुनिश्चित करने के इरादे से उन्होंने जमीन पर गिरे राहुल के सिर पर भारी ईंट से भी ताबड़तोड़ हमला किया और मौके से आसानी से फरार हो गए।

​अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

​शाम के वक्त अचानक हुई इस फायरिंग और हमले से मजार के आसपास के इलाके में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। जैसे ही हमलावर भागे, स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए गंभीर रूप से जख्मी राहुल को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद राहुल की जान नहीं बचाई जा सकी और इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

​मौके पर पहुंचे वरीय अधिकारी, जांच में जुटी पुलिस

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सूचना मिलते ही मानगो थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे इलाके को घेर लिया। वारदात की खबर पाकर सिटी एसपी और एसएसपी समेत जिले के कई वरीय पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ पुलिस ने अपराधियों के भागने के रूट और उनकी पहचान के लिए आसपास की दुकानों व मकानों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।

पुलिस का बयान: “हत्या के सटीक कारणों का पता फिलहाल नहीं चल सका है। पुलिस आपसी रंजिश, पुराना विवाद और अन्य सभी संभावित बिंदुओं को ध्यान में रखकर गहन तफ्तीश कर रही है। संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी जारी है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।”

 

​एहतियात के तौर पर और स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भाव बहाल करने के लिए घटना के बाद से पूरे मानगो क्षेत्र में पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) को काफी बढ़ा दिया गया है।

– तीसरी धारा न्यूज

विश्वप्रसिद्ध कंपनी ‘Abbott’ में नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के छात्रों का जलवा; 4.2 लाख के पैकेज पर मिली नियुक्ति

जमशेदपुर: रोजगार और कैंपस प्लेसमेंट के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही जमशेदपुर की प्रतिष्ठित संस्था, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता का लोहा मनवाया है। यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के सहयोग से आयोजित कैंपस सिलेक्शन प्रोसेस के माध्यम से दो मेधावी छात्राओं का चयन दुनिया की अग्रणी फार्मास्युटिकल कंपनियों में शुमार ‘एबॉट’ (Abbott) में हुआ है।IMG 20260708 WA0009

4.2 लाख रुपये के आकर्षक पैकेज पर चयन

​चयनित छात्राओं को कंपनी की ओर से 4.2 लाख रुपये प्रति वर्ष के शानदार शुरुआती आकर्षक पैकेज पर नियुक्त किया गया है। सफल छात्राओं के नाम निम्नलिखित हैं:

  • प्रीति देवगम (बी.एससी)
  • सृष्टि प्रिया (बी.फार्मा)

​दोनों ही छात्राओं को कंपनी में फार्मास्युटिकल सेल्स के महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चिकित्सा और विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एबॉट जैसी वैश्विक स्तर की कंपनी के साथ शुरुआत करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

कुलाधिपति और कुलपति ने दी बधाई

​इस गौरवपूर्ण अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने चयनित छात्राओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा:

​”फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में हमारे विद्यार्थियों की यह सफलता हमारे शैक्षणिक स्तर की गुणवत्ता को दर्शाती है। विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट सेल और पूरा ढांचा निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है कि प्रत्येक विद्यार्थी को करियर के सर्वश्रेष्ठ अवसर प्राप्त हों। हमारा लक्ष्य न केवल छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा और रोजगार दिलाना है, बल्कि उनके भविष्य को एक नई ऊँचाई और स्वर्णिम चमक प्रदान करना है। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रीति और सृष्टि अपने कार्यों से संस्थान का नाम रोशन करेंगी।”

 

​वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि बी.एससी और बी.फार्मा जैसे तकनीकी व वैज्ञानिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों का इतनी बड़ी वैश्विक कंपनी में 4.2 लाख के पैकेज पर चुना जाना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा, “सेल्स और मार्केटिंग के इस क्षेत्र में वैज्ञानिक समझ का होना बहुत आवश्यक है, और हमारे छात्रों ने चयन प्रक्रिया के दौरान अपनी इस प्रतिभा को साबित किया है। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।”

विश्वविद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल

​इस बड़ी सफलता के बाद फार्मेसी और विज्ञान संकाय के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के बेहतरीन फैकल्टी मेंबर्स के कुशल मार्गदर्शन और प्लेसमेंट विभाग के अथक प्रयासों को दिया है।

तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर: डीडी बार कांड का मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने किया सरेंडर, पुलिस को फिर दिया चकमा

जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित डीडी (डबल डाउन) बार के बाहर हुए बहुचर्चित कातिलाना हमले के मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे जमशेदपुर सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। आरोपी पर झारखंड पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी। बावजूद इसके वह पुलिस की नजरों से बचते हुए सीधे अदालत पहुंच गया।3b4372ac21c4cb6b6f7469a1e64cec47bcca3b149c6733c8c8dcd3e4a0c3d7b6.0

सूत्रों के अनुसार, विश्वनाथ मंडल बागबेड़ा निवासी एक अधिवक्ता के साथ कोर्ट परिसर में दाखिल हुआ और सीधे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी के सरेंडर की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई।

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

विश्वनाथ मंडल के सरेंडर के साथ ही पुलिस की कार्रवाई पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। जिस आरोपी की तलाश में पुलिस कई दिनों से लगातार छापेमारी और दबिश देने का दावा कर रही थी, वही आरोपी पुलिस को भनक तक लगे बिना अदालत पहुंच गया। ऐसे में पुलिस की निगरानी व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

अब पुलिस आरोपी को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गई है। माना जा रहा है कि रिमांड के दौरान इस सनसनीखेज वारदात से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि 27 जून को बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर पुलिस की मौजूदगी में दो युवकों पर जानलेवा हमला किया गया था। हमलावरों ने पुलिस की जीप से खींचकर दोनों युवकों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था।

इस हमले में हिमांशु की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रत्युष आनंद गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्युष अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। घटना के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर उसकी तलाश शुरू की थी।

आगे क्या?

अब आरोपी के सरेंडर के बाद पुलिस अदालत से रिमांड की मांग करेगी। जांच एजेंसियों की कोशिश होगी कि पूछताछ के दौरान हमले की साजिश, घटना में शामिल अन्य आरोपियों और पूरे घटनाक्रम की परतें खोली जा सकें। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

हिमांशु हत्याकांड: फरार भाजपा नेता व डीडी बार मालिक नीरज सिंह मैनेजर संग राजस्थान से गिरफ्तार, जमशेदपुर ला रही पुलिस

जमशेदपुर। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित और सनसनीखेज हिमांशु हत्याकांड में जमशेदपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे डीडी बार के मालिक और भाजपा नेता नीरज सिंह को उनके बार मैनेजर के साथ राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी को हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की दिशा में पुलिस का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर ला रही है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जाएगी।63b6641028f8edd046399f90730c3d033c344d1beecdffc393730bb976aed0ca.0

​मामूली विवाद से शुरू हुआ था खूनी खेल

​यह पूरी वारदात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार में हुए एक मामूली विवाद से शुरू हुई थी, जिसने बाद में खूनी अंजाम ले लिया। जानकारी के अनुसार, बार के भीतर विवाद बढ़ने के बाद हिमांशु को बाहर लाया गया था। इसी दौरान अपराधियों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस जघन्य अपराध ने न केवल पूरे शहर को दहला दिया था, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

​घटना के तुरंत बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अपराधियों के साथ-साथ बार मालिक नीरज सिंह और मैनेजर के खिलाफ साजिश रचने सहित कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी।b 1

​लगातार लोकेशन बदल रहे थे आरोपी

​शुरुआती जांच में तेजी दिखाते हुए पुलिस इस मामले में अब तक पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल नीरज सिंह और बार मैनेजर लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में कई राज्यों में छापेमारी कर रही थीं, लेकिन वे बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। अंततः जमशेदपुर पुलिस ने तकनीकी और खुफिया इनपुट्स के आधार पर दोनों का सुराग राजस्थान में लगाया और एक विशेष टीम भेजकर उन्हें दबोच लिया।

​नाइटलाइफ स्थलों की सुरक्षा पर उठे सवाल

​भाजपा नेता और एक प्रतिष्ठित बार के मालिक होने के कारण नीरज सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से और तूल पकड़ लिया है। इस घटना ने शहर के नाइटलाइफ स्थलों और बार प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच करेगी कि क्या बार के भीतर ऐसी गतिविधियां चल रही थीं जो हिंसक घटनाओं को बढ़ावा देती हैं।a 2

​मुख्य आरोपी अब भी फरार, बड़े खुलासों की उम्मीद

​पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नीरज सिंह और बार मैनेजर की गिरफ्तारी से इस केस के कई अनसुलझे रहस्य सामने आएंगे। हालांकि, वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य शूटर/आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस को उम्मीद है कि राजस्थान से लाए जा रहे दोनों आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर मुख्य आरोपी को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

​हिमांशु के पीड़ित परिवार के लिए, जो लंबे समय से न्याय की आस में बैठा था, यह गिरफ्तारी उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है। जमशेदपुर पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि अपराध में संलिप्त व्यक्ति चाहे कितना भी प्रभावशाली या राजनीतिक रसूख वाला क्यों न हो, वह कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।

– तीसरी धारा न्यूज डेस्क, जमशेदपुर।

15 वर्षों का सूखा खत्म: कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर-3 के 50 घरों में पहुंचा नल का पानी, पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के प्रयास रंग लाए

जमशेदपुर/बागबेड़ा (तीसरी धारा न्यूज):

बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले करीब 15 वर्षों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर-3 के निवासियों के लिए शनिवार का दिन बेहद ऐतिहासिक रहा। लंबे समय से गंभीर पेयजल संकट झेल रहे इस क्षेत्र के लगभग 50 घरों में आखिरकार नियमित नल का पानी पहुंचना शुरू हो गया है। वर्षों पुरानी इस बड़ी समस्या के स्थाई समाधान से स्थानीय लोगों में उत्सव और खुशी का माहौल है।IMG 20260704 WA0018

​DMFT मद से बिछी पाइपलाइन, पर्याप्त दबाव के साथ पहुंचा पानी

​तीसरी धारा न्यूज से बात करते हुए स्थानीय पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने बताया कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद से लगभग चार लाख रुपये (\approx ₹4,00,000) की लागत से पाइपलाइन का इंटर कनेक्शन निर्माण कार्य कराया गया। इस तकनीकी कार्य के पूरा होते ही क्षेत्र में जलापूर्ति (Water Supply) पूरी तरह बहाल कर दी गई।

​जैसे ही सुबह बेला की पहली सप्लाई शुरू हुई, सभी घरों के नलों में पर्याप्त दबाव (Pressure) के साथ पानी पहुंचा। वर्षों से पानी की किल्लत झेल रहे परिवारों के लिए यह पल किसी बड़े त्योहार जैसा था। पानी आते ही महिलाओं और बुजुर्गों ने अपने घरों में बाल्टी, ड्रम एवं अन्य बर्तनों में पानी संग्रह किया और एक-दूसरे को बधाई दी।IMG 20260704 WA0017b 1

​सालों की प्रशासनिक लड़ाई और बैठकों का नतीजा

​पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने बताया कि इस भागीरथी कार्य को धरातल पर उतारने के लिए वे पिछले कई वर्षों से लगातार प्रयासरत थे। उन्होंने क्षेत्र की जनता की इस बुनियादी मांग को लेकर:

    • ​पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार से मुलाकात की।
    • ​जिला उपायुक्त (DC) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को लगातार मांग पत्र सौंपे।
    • ​पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक व कनीय अभियंताओं के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा।
    • ​इसके साथ ही, पंचायत समिति की हर मासिक बैठक में इस मुद्दे को पूरी प्रखरता के साथ उठाया।

जनता ने जताया आभार: जनहित से जुड़े इस बेहद महत्वपूर्ण कार्य के पूरा होने पर स्थानीय निवासियों ने खुशी जाहिर करते हुए सुनील गुप्ता के निरंतर और ईमानदार प्रयासों की सराहना की। लोगों का कहना है कि “सुनील गुप्ता केवल चुनावी वादे नहीं करते, बल्कि अपने कड़े प्रयासों से उन्हें धरातल पर साकार करके भी दिखाते हैं।”

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​इस सफल प्रयास के बाद अब क्षेत्र के लोगों को टैंकरों और दूर-दराज के चापाकलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे पूरे कुंवर सिंह मैदान क्षेत्र को एक बड़ी सहूलियत मिली है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

झारखंड में पहली बार ‘बुलडोजर एक्शन’: वासेपुर में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का घर जमींदोज, पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील

धनबाद/जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज):

झारखंड के अपराध जगत और कानून व्यवस्था के इतिहास में शनिवार को एक अभूतपूर्व कार्रवाई देखने को मिली है। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर झारखंड में भी पहली बार किसी कुख्यात अपराधी के खिलाफ ‘बुलडोजर एक्शन’ शुरू किया गया है। धनबाद पुलिस ने शनिवार को फरार चल रहे कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के वासेपुर स्थित आवास को बुलडोजर से ध्वस्त करना शुरू कर दिया।n71840827317831582226664cf3c75ff175fd5175908dd9de5d0d389679c00a1b945c4b5273544455d404a9

​इस बेहद संवेदनशील कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पूरे वासेपुर इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। मौके पर तीन डीएसपी सहित छह थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मीडिया कर्मियों को भी घटनास्थल से एक निश्चित दूरी पर रखा गया।

​एसएसपी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई, कराई गई वीडियोग्राफी

​तीसरी धारा न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, यह बड़ी कार्रवाई धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार के कड़े निर्देश पर अमल में लाई गई है। मौके पर डीएसपी प्रकाश सोय, सीसीआर डीएसपी ऋत्विक श्रीवास्तव समेत कई थानों के थाना प्रभारी और भारी संख्या में सशस्त्र बल मौजूद रहे। पूरी प्रशासनिक पारदर्शिता और कानूनी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के उद्देश्य से इस पूरे अभियान की सिलसिलेवार वीडियोग्राफी भी कराई गई है।n7184082731783158264560abfdc519e88e4f9b512668a542d5fad8539a693aa0b574956cc9ee686809d1de

​निरसा विधायक अरूप चटर्जी को मिली धमकी के बाद कड़ा रुख

​पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैंगस्टर प्रिंस खान के खिलाफ जिला पुलिस पहले से ही कई मामलों को लेकर कानूनी शिकंजा कस रही थी, लेकिन हाल ही में निरसा विधायक अरूप चटर्जी को मिली जान से मारने की सीधी धमकी के बाद पुलिस ने यह बेहद सख्त रुख अख्तियार किया।b 1

​शुक्रवार को प्रिंस खान ने कथित तौर पर विधायक के मोबाइल पर एक धमकी भरा मैसेज और पिस्टल से फायरिंग करने का एक खौफनाक वीडियो भेजा था। रंगदारी (Extortion) की मांग करते हुए उसने विधायक को 24 घंटे के भीतर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। हैरान करने वाली बात यह है कि यह धमकी भरा कॉल और मैसेज +27613737683 नंबर से भेजा गया था, जिसे दक्षिण अफ्रीका (South Africa) का नंबर बताया जा रहा है। धमकी मिलने के तुरंत बाद विधायक अरूप चटर्जी ने सूबे के मुख्यमंत्री, गृह विभाग, डीजीपी और धनबाद एसएसपी को मामले की गंभीरता से अवगत कराया था।a 2

​राजनीतिक आरोपों के बीच गरमाया धनबाद का माहौल

​इस घटनाक्रम से ठीक पहले धनबाद की कोयलांचल राजनीति भी बुरी तरह गरमाई हुई थी। पिछले एक सप्ताह से धनबाद सांसद ढुलू महतो और निरसा विधायक अरूप चटर्जी के बीच तीखी जुबानी जंग चल रही थी। विधायक अरूप चटर्जी ने बकायदा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सांसद ढुलू महतो पर गैंगस्टर प्रिंस खान के साथ साठगांठ होने के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के महज 48 घंटे के भीतर विधायक को विदेशी नंबर से धमकी मिलने से मामला बेहद संगीन हो गया।

पुलिस का पक्ष: हालांकि, धनबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वासेपुर में चल रही बुलडोजर की यह कार्रवाई किसी भी तरह के राजनीतिक घटनाक्रम से प्रेरित नहीं है। यह पूरी तरह से कानून के तहत चल रही प्रक्रिया और पूर्व के मामलों का हिस्सा है।

 

​फिलहाल कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान पुलिस की गिरफ्त से बाहर (फरार) है और उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

गालूडीह थाना के ठीक सामने टीवीएस शोरूम में दुस्साहसिक चोरी: CCTV का DVR ले उड़े चोर, ₹4.5 लाख नकदी पार

गालूडीह/जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज):

पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह थाना क्षेत्र से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। नेशनल हाईवे के एक तरफ गालूडीह थाना है, तो ठीक दूसरी तरफ स्थित ‘टीवीएस महावीर एंटरप्राइजेज’ शोरूम को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। मंगलवार की बीती रात चोरों ने इस शोरूम में धावा बोलकर करीब साढ़े चार लाख रुपये (\approx ₹4,50,000) की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस थाने से महज कुछ ही दूरी पर हुई इस बड़ी घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।n7180339261783157947196e789926f943c3d899fa6a0378cbad829875b1dac4d13b591c44db2769d759292

​सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी तोड़ा, डीवीआर भी ले गए साथ

​शातिर चोरों ने न सिर्फ चोरी की बल्कि पकड़े जाने के डर से सबूत मिटाने की भी पूरी कोशिश की। घटना को अंजाम देने के बाद चोरों ने शोरूम के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं, चोर अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से कैमरों की रिकॉर्डिंग रखने वाला डीवीआर (हार्ड डिस्क) भी अपने साथ उखाड़ ले गए, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।b 1

​कारोबारियों में भारी आक्रोश, पुलिस की रात्रि गश्ती पर उठे सवाल

​सुबह जब घटना की जानकारी मिली, तो शोरूम संचालक महाराज प्रसाद गुप्ता ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। थाना के इतने नजदीक स्थित एक प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठान में हुई इस दुस्साहसिक चोरी से स्थानीय व्यापारियों और आम जनता में भारी आक्रोश है।

व्यवसायियों का कहना है: “जब थाना के ठीक सामने स्थित शोरूम ही सुरक्षित नहीं है, तो हाईवे के अन्य इलाकों में व्यापारी खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे? यह घटना सीधे तौर पर पुलिस की रात्रि गश्ती और दावों की पोल खोलती है।”

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​स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों ने जिला पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्ती (Night Patrolling) को तुरंत बढ़ाने और चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने की पुरजोर मांग की है।

​जांच में जुटी पुलिस

​मामले की गंभीरता को देखते हुए गालूडीह थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस शोरूम के आसपास के अन्य प्रतिष्ठानों और नेशनल हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों का सुराग लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर तकनीकी और पारंपरिक पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

बहरागोड़ा में मानसून की बेरुखी और सरकारी तंत्र की सुस्ती से अन्नदाता लाचार, सूखे की आहट से सहमे किसान

बहरागोड़ा/जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज):

पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड में इस साल मानसून की दगाबाजी ने अन्नदाताओं की कमर तोड़कर रख दी है। आलम यह है कि जून का पूरा महीना बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में खेती के लायक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। पानी के अभाव में इस बार धान की खेती करीब 15 दिन पिछड़ गई है, जिससे पूरे बहरागोड़ा क्षेत्र पर सूखे का काला साया मंडराने लगा है। किसान इस बार धान की बुआई और रोपनी में बुरी तरह पिछड़ रहे हैं और खेतों में दरारें साफ देखी जा सकती हैं।n71806667217831577036697e23e1a310fcd46fb3fca0f24d7e1677d841eb1128dbc9c39ebca82a6b9b0a4d

​कृषि विभाग की ओर से इस साल बहरागोड़ा में कुल 18,062 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन आसमान से बरसती आग और सूखे पड़े खेतों ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

​पिछले साल के मुकाबले सिर्फ नाममात्र की बारिश, आंकड़े डराने वाले

​मौसम के इस बदले मिजाज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस साल जून महीने में मात्र 142.8 एमएम (मिलीमीटर) बारिश रिकॉर्ड की गई है। जबकि पिछले वर्ष (2025) के जून महीने में रिकॉर्ड 670 एमएम बारिश हुई थी। पिछले साल के मुकाबले इस बार पांच गुना कम बारिश होने के कारण अभी भी सैकड़ों एकड़ खेत बंजर और सूखे पड़े हैं।

राहत की आंशिक बूंदें: हालांकि, 1 जुलाई को हुई 84.8 एमएम बारिश के बाद किसानों ने थोड़ी राहत की सांस ली है और हल-बैल लेकर खेतों को तैयार करने में जुट गए हैं। आंशिक तौर पर कुछ किसान किसी तरह बिचड़ा (नर्सरी) लगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पानी की भारी किल्लत अब भी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।

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​इस क्षेत्र के गरीब किसान साल में दो बार पूरी तरह भगवान भरोसे (मानसून पर निर्भर) ही धान की खेती करते हैं। ग्रामीणों की आय का मुख्य स्रोत सिर्फ और सिर्फ खेती ही है, ऐसे में अगर सही समय पर पानी नहीं बरसा तो उनकी पूरी मेहनत और पूंजी बर्बाद होना तय है।

​जख्मों पर नमक छिड़क रही सरकारी व्यवस्था: लैंपस में लटके ताले

​एक तरफ किसानों पर जहां प्रकृति की मार पड़ी है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी कुप्रबंधन और विभागीय लापरवाही ने उनकी मुसीबत को दोगुना कर दिया है। बहरागोड़ा और पाथरी लैंपस में बीते 22 जून को नाममात्र का मात्र 126 बैग सरकारी धान का बीज भेजा गया था, जो भारी मांग के कारण महज एक-दो दिन के भीतर ही खत्म हो गया।

​तीसरी धारा न्यूज की पड़ताल में सामने आया है कि इस बीज के खत्म होने के बाद से लैंपस में ताला लटका हुआ है। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि खेती का पीक सीजन शुरू होने के बाद भी अब तक लैंपस में खाद (उर्वरक) और नया बीज उपलब्ध नहीं कराया गया है, जबकि इस पूरे क्षेत्र में लगभग ढाई सौ (250) क्विंटल धान बीज की सख्त आवश्यकता है। इसके चलते गरीब किसानों को मजबूरी में खुले बाजार से महंगे दामों पर धान का बीज खरीदना पड़ रहा है। संकट के इस समय में सरकार और प्रशासन की यह घोर अनदेखी स्थानीय किसानों की समझ से परे है।a 2

​क्या कहते हैं लाचार किसान?

​स्थानीय किसानों का दर्द बयां करते हुए उन्होंने ‘तीसरी धारा न्यूज’ को बताया कि इस बार मानसून ने उन्हें पूरी तरह मायूस किया है। जून खत्म होने तक बारिश न होने से खेती पखवाड़े भर लेट हो चुकी है। क्षेत्र में कई छोटे और सीमांत किसान ऐसे हैं, जिनके पास पैसे न होने के कारण उन्होंने अब तक बाजार से बीज भी नहीं खरीदा है। किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि अविलंब लैंपस के जरिए उचित मूल्य पर खाद और पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध कराया जाए, ताकि इस संकट की घड़ी में उन्हें कुछ संबल मिल सके।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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