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सरायकेला: कुख्यात ड्रग तस्कर डोली परवीन का बेटा शाहबाज खान गिरफ्तार, भेजा गया जेल

तीसरी धारा न्यूज

  • घटनास्थल: आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती, सरायकेला-खरसावां।
  • बड़ी गिरफ्तारी: कई मामलों में वांछित और डोली परवीन का बेटा शाहबाज खान दबोचा गया।
  • आरोप: बाहरी राज्यों से ब्राउन शुगर लाकर आदित्यपुर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध तस्करी करना।

सरायकेला।

नशे के सौदागरों और ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ सरायकेला-खरसावां जिले की आदित्यपुर पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने देर रात आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर डोली परवीन के बेटे शाहबाज खान को गिरफ्तार कर लिया है। आवश्यक पूछताछ और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।IMG 20260718 WA0004

​पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार शाहबाज खान आदित्यपुर थाना कांड संख्या 303/2025 में लंबे समय से वांछित (वांटेड) चल रहा था और पुलिस को उसकी सरगर्मी से तलाश थी। उस पर झारखंड से बाहर के अन्य राज्यों से अवैध रूप से मादक पदार्थ (ब्राउन शुगर) लाकर आदित्यपुर और उसके आसपास के औद्योगिक व शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सप्लाई करने और बेचने का गंभीर आरोप है।b 1

पहले भी जा चुका है जेल, पुलिस इसे मान रही बड़ी कामयाबी

​पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शाहबाज खान का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई मामलों में जेल की हवा खा चुका है। स्थानीय स्तर पर नशे के कारोबार को फैलाने में उसकी मुख्य भूमिका मानी जाती थी। पुलिस प्रशासन शाहबाज की इस गिरफ्तारी को क्षेत्र में सक्रिय नशीले पदार्थों के काले कारोबार के नेटवर्क के खिलाफ एक बहुत बड़ी और प्रभावी कामयाबी मान रहा है।a 2

ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ जारी रहेगी ताबड़तोड़ छापेमारी

​आदित्यपुर पुलिस ने साफ कर दिया है कि युवाओं के भविष्य को खोखला करने वाले इस जानलेवा नशे के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नशे के कारोबार से जुड़े अन्य संदिग्धों और तस्करों की पहचान लगातार की जा रही है। इस अवैध धंधे में संलिप्त अपराधियों को दबोचने के लिए पुलिस की छापेमारी आगे भी पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रहेगी।

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सरायकेला: झारखंड विधानसभा की सदाचार समिति ने की समीक्षा बैठक, अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर दिए कड़े निर्देश

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  • स्थान: सरायकेला परिसदन (Circuithouse), सरायकेला-खरसावां।
  • नेतृत्व: सदाचार समिति के सभापति रामचंद्र सिंह।
  • मुख्य एजेंडा: विभिन्न सरकारी विभागों में अनुकंपा के आधार पर लंबित नियुक्ति आवेदनों की विभागवार समीक्षा।

सरायकेला।

झारखंड विधानसभा की सदाचार समिति के सभापति रामचंद्र सिंह के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति स्थलीय अध्ययन कार्यक्रम के तहत सरायकेला-खरसावां जिला पहुंची। इस दौरे के दौरान सरायकेला परिसदन में जिले के तमाम वरिष्ठ और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।IMG 20260718 WA0003

​मिली जानकारी के अनुसार, बैठक का मुख्य फोकस विभिन्न सरकारी विभागों में अनुकंपा के आधार पर होने वाली नियुक्तियों पर रहा। सभापति रामचंद्र सिंह ने विभिन्न विभागों में लंबित अनुकंपा नियुक्ति संबंधी आवेदनों की बारी-बारी से विभागवार गहन समीक्षा की। समिति ने इस दौरान लंबे समय से लटके मामलों की वर्तमान प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को कार्य में तेजी लाते हुए इन मामलों का त्वरित निष्पादन करने का कड़ा निर्देश दिया।b 1

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी

​सदाचार समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के प्रशासनिक अमले के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्य रूप से जिला उप विकास आयुक्त (DDC) रीना हांसदा, अपर उपायुक्त (ADC) जयवर्धन कुमार, और आईटीडीए (ITDA) परियोजना निदेशक ऊषा मुंडू उपस्थित रहीं। इनके अलावा जिला स्तरीय एवं अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे, जिन्हें समिति द्वारा जवाबदेही के साथ काम करने की हिदायत दी गई।a 2

​समिति ने साफ तौर पर कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में संवेदनशीलता बरती जाए ताकि आश्रित परिवारों को समय पर उनका हक मिल सके और उन्हें अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

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जमशेदपुर: JSLPS की महिलाओं ने DC कार्यालय पर किया प्रदर्शन, क्लस्टर पदाधिकारियों पर लगाया गंभीर आरोप

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  • स्थान: उपायुक्त (DC) कार्यालय, जमशेदपुर।
  • मुख्य मुद्दा: क्लस्टर पदाधिकारियों द्वारा आर्थिक सहायता और लाभों के वितरण में अनियमितता बरतने का आरोप।
  • प्रशासन का आश्वासन: उपायुक्त ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा, दोषियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई।

जमशेदपुर।

झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की दर्जनों महिलाओं ने आज जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंचकर अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने सीधे तौर पर अपने क्लस्टर के पदाधिकारियों को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया है कि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता और अन्य कल्याणकारी लाभों का सही तरीके से वितरण नहीं किया जा रहा है।

​प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी वे अपनी जायज समस्याओं को लेकर क्लस्टर के पदाधिकारियों के पास जाती हैं, तो उनकी बातों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। अधिकारियों द्वारा सिर्फ खोखला आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है। महिलाओं ने यह भी खुलासा किया कि वे पहले भी इस गंभीर मुद्दे को लेकर डीसी कार्यालय के चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन लंबे समय के बाद भी अब तक उनकी समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।b 1

योजना के मूल उद्देश्य को लग रहा है पलीता

​पीड़ित महिलाओं ने मीडिया को बताया कि जेएसएलपीएस (JSLPS) का मुख्य उद्देश्य समाज के अति पिछड़े, गरीब और जरूरतमंद वर्ग की महिलाओं को रोजगार से जोड़ना, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर करना है। लेकिन कुछ लापरवाह और असंवेदनशील पदाधिकारियों के कारण इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरा लाभ वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक नहीं पहुंच पा रहा है।

डिप्टी कमिश्नर ने दिया निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा

​इस बार उपायुक्त से मुलाकात के दौरान महिलाओं की शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना गया। डिप्टी कमिश्नर ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता, पक्षपात या लापरवाही पाई जाती है, तो दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित महिलाओं को उनका हक व न्याय दिलाया जाएगा।a 2

​अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन की इस जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है और अपनी आजीविका के लिए संघर्ष कर रही इन गरीब महिलाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।

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जमशेदपुर: मानगो में J.P. स्कूल के पास युवक पर जानलेवा हमला, सिर फटने से लहूलुहान

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  • घटनास्थल: मानगो थाना क्षेत्र, J.P. स्कूल के समीप।
  • स्थिति: युवक के सिर पर आई गंभीर चोट, अत्यधिक खून बहने के बाद अस्पताल में भर्ती।
  • पुलिस एक्शन: मौके पर पहुंची पुलिस, हमलावरों की तलाश और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने में जुटी।IMG 20260718 074437

जमशेदपुर।

लॉ एंड ऑर्डर को चुनौती देते हुए अपराधियों ने एक बार फिर शहर में दुस्साहस दिखाया है। मानगो थाना क्षेत्र स्थित J.P. स्कूल के पास अज्ञात तत्वों ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में युवक के सिर पर बेहद गंभीर चोटें आई हैं।

​प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, हमला इतना अचानक और जोरदार था कि युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वारदात के बाद युवक का सिर फट गया और मौके पर ही काफी खून बहने लगा, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।b 1

इलाके में मची अफरा-तफरी, अस्पताल भेजा गया घायल

​दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद J.P. स्कूल के आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। अत्यधिक खून बह जाने के कारण युवक की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।a 2

जांच में जुटी मानगो पुलिस, हमलावरों की तलाश तेज

​घटना की सूचना मिलते ही मानगो थाने की पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमला किस विवाद को लेकर किया गया और इसमें कौन-कौन से अपराधी शामिल थे।

​स्थानीय दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही, अपराधियों के हुलिए और उनके भागने के रूट का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

विशेष नोट: यह खबर प्रारंभिक सूचनाओं और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों पर आधारित है। पुलिस प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि और जांच में आने वाले नए तथ्यों के आधार पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

 

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झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: महज फेसबुक फ्रेंडशिप और ‘थैंक यू मेरी जान’ का मैसेज अवैध संबंध का सबूत नहीं, निचली अदालत का तलाक का आदेश रद्द

प्रस्तुति: तीसरी धारा न्यूज

रांची/जमशेदपुर | १७ जुलाई, २०२६

जमशेदपुर (विशेष रिपोर्टर)। झारखंड हाई कोर्ट ने वैवाहिक संबंधों और सोशल मीडिया के दौर में डिजिटल संवादों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल फेसबुक पर किसी संदेश के आने या सोशल मीडिया पर दोस्ती होने को ‘अवैध संबंध’ या ‘क्रूरता’ का सबूत नहीं माना जा सकता। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने चाईबासा के पारिवारिक न्यायालय (फैमिली कोर्ट) द्वारा दिए गए तलाक के फैसले को पलटते हुए शादी को बहाल करने का आदेश दिया है।jharkhand high court ranchi

क्या था पूरा मामला और हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

​दरसअल, पत्नी ने चाईबासा पारिवारिक न्यायालय के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उस पर क्रूरता और अवैध संबंधों के आरोप लगाते हुए पति के पक्ष में तलाक की डिक्री दे दी गई थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने कहा:

​”अवैध संबंध का आरोप किसी भी महिला या व्यक्ति पर सामाजिक रूप से बहुत गंभीर कलंक लगाता है। इसलिए, इतने संवेदनशील और गंभीर आरोप को सिर्फ संदेह या अधूरे सबूतों के आधार पर सच नहीं माना जा सकता।”

 

‘थैंक यू मेरी जान’ वाले मैसेज की पूरी सच्चाई

​पारिवारिक न्यायालय ने जिस मुख्य आधार पर तलाक की अनुमति दी थी, उसे हाई कोर्ट ने पूरी तरह गलत ठहराया।

  • केवल सोशल मीडिया मित्र: पत्नी ने अदालत को बताया कि जिस व्यक्ति को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह केवल एक फेसबुक फ्रेंड है और उसकी उससे कभी प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं हुई है।
  • मैसेज पर जताई थी आपत्ति: पत्नी ने स्वीकार किया कि फेसबुक मित्र ने उसे एक बार “थैंक यू मेरी जान” का मैसेज भेजा था, लेकिन उसने तुरंत इस पर कड़ी आपत्ति भी दर्ज कराई थी।
  • हाई कोर्ट का निष्कर्ष: खंडपीठ ने पाया कि बिना किसी व्यक्तिगत मुलाकात या घनिष्ठता के प्रमाण के, महज एक सोशल मीडिया संदेश को अवैध संबंध का आधार मान लेना पारिवारिक न्यायालय की बड़ी भूल थी।b 1

“जेब से १०-२० रुपये निकालना क्रूरता नहीं”

​सुनवाई के दौरान पति ने पत्नी पर क्रूरता का आरोप लगाते हुए यह भी कहा था कि वह उसकी जेब से पैसे चुराती थी। इस पर हाई कोर्ट ने बेहद व्यावहारिक और गंभीर टिप्पणी की:

  • मजबूरी में लिए थे पैसे: पत्नी ने स्वीकार किया कि उसने दो बार पति की जेब से 10-20 रुपये निकाले थे, क्योंकि घर में साग-मुरी (दैनिक राशन) जैसी जरूरी चीजें खरीदने के लिए पैसे उपलब्ध नहीं थे।
  • पति की विफलता उजागर: हाई कोर्ट ने कहा कि भारतीय वैवाहिक जीवन में गृहस्थी चलाने के लिए ऐसी बातें बेहद आम हैं। इसे ‘क्रूरता’ नहीं कहा जा सकता। इसके विपरीत, यह वाकया दर्शाता है कि पति घर की बुनियादी जरूरतों के लिए पैसे मुहैया कराने में विफल रहा था।

कथित प्रेमी को पक्षकार न बनाना भी कोर्ट की बड़ी तकनीकी भूल

​हाई कोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया की खामियों को भी उजागर किया। बेंच ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय ने कथित अवैध संबंध के आरोपी व्यक्ति को इस केस में पक्षकार (पार्टी) बनाए बिना ही फैसला सुना दिया। किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा से जुड़े इतने गंभीर मामले में, उस तीसरे व्यक्ति को बिना सुनवाई का अवसर दिए कोई भी टिप्पणी या फैसला करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।a 2

​इसके अलावा, अदालत ने इस बात को भी दर्ज किया कि जब पत्नी वापस अपने पति के घर रहने गई, तो किराए के घर पर ताला लगा मिला और उसे जबरन अंदर जाने से रोका गया।

चरित्र पर निराधार आरोप लगाना ही सबसे बड़ी क्रूरता

​झारखंड हाई कोर्ट ने अंततः निष्कर्ष निकाला कि पति अपनी पत्नी के खिलाफ क्रूरता के आरोपों को साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। उल्टे, पति द्वारा पत्नी के चरित्र पर लगाए गए ऐसे निराधार आरोप खुद पत्नी के प्रति मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आते हैं। इसी आधार पर माननीय उच्च न्यायालय ने तलाक का फैसला रद्द कर दोनों के विवाह को पुनः बहाल करने का आदेश जारी किया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर: जुगसलाई में टाइगर मोबाइल जवान पर महिला ने लगाया छेड़खानी का आरोप, थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद; जाँच शुरू

प्रस्तुति: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर | १७ जुलाई, २०२६

जमशेदपुर (रिपोर्टर)। जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ तैनात टाइगर मोबाइल के एक पुलिस जवान पर एक महिला ने छेड़खानी का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने इस संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे दबाव बनाने की रणनीति बताया है।9b021399e6480f16cc3c7a2f351068ffba67ae607fb376b1d86b42cf691eeb0f.0

महिला का आरोप: निष्पक्ष जाँच की मांग

​एसएसपी को सौंपे गए शिकायती पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि संबंधित टाइगर मोबाइल जवान ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया और छेड़खानी की वारदात को अंजाम दिया। महिला का कहना है कि वह इस मामले में पूरी तरह न्याय चाहती है और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।b 1

थाना प्रभारी का दावा: पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश

​इस पूरे मामले पर जुगसलाई थाना प्रभारी का रुख बिल्कुल अलग है। उन्होंने महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद, मनगढ़ंत और भ्रामक करार दिया है।

  • ड्रग पेडलिंग से जुड़ा है नाम: थाना प्रभारी के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला कथित तौर पर ड्रग पेडलिंग (नशीले पदार्थों की तस्करी) के मामलों में संलिप्त रही है।
  • पहले से दर्ज हैं कई मामले: पुलिस का दावा है कि महिला के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
  • कार्रवाई से बचने का हथकंडा: थाना प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि पुलिस की लगातार हो रही कानूनी कार्रवाई से बचने और विभाग पर नाजायज दबाव बनाने के उद्देश्य से ही जवान पर इस तरह के झूठे आरोप लगाए गए हैं।a 2

वरीय अधिकारियों के पास पहुँचा मामला, जाँच शुरू

​शिकायत दर्ज होने के बाद मामला अब पुलिस के वरीय अधिकारियों की चौखट पर है। पुलिस प्रशासन ने पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है। उच्च अधिकारियों का कहना है कि:

​”मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।”

 

क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म

​टाइगर मोबाइल जवान पर छेड़खानी के आरोप और पुलिस द्वारा महिला को ड्रग पेडलर बताए जाने के बाद से स्थानीय क्षेत्र में यह मामला भारी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल, सभी की नजरें पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाले अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर: डिमना लेक में दर्दनाक हादसा, नहाने के दौरान डूबने से सोनारी के 20 वर्षीय युवक की मौत; परिवार का इकलौता सहारा था पीयूष

प्रस्तुति: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर | १७ जुलाई, २०२६

जमशेदपुर (रिपोर्टर)। पर्यटन स्थल डिमना लेक में शुक्रवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ नहाने के दौरान डूबने से सोनारी कागलनगर निवासी 20 वर्षीय पीयूष सिंह की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है।67b7df3739258e32b6dd90ca914e319ca1e98a28fbea49bcd2a6f3878f3fc68b.0

पिता के जाने के बाद पीयूष ही था परिवार का एकमात्र सहारा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक पीयूष सिंह एक स्थानीय होटल में शेफ का काम करता था। पीयूष का परिवार पहले से ही काफी संघर्षपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रहा था। लगभग 6 वर्ष पूर्व उसके पिता परिवार को छोड़कर चले गए थे, जिसके बाद से पीयूष ही कड़ी मेहनत कर अपनी माँ और छोटे भाई आयुष का भरण-पोषण कर रहा था। उसकी असमय मौत से माँ और भाई के सिर से रोजी-रोटी का इकलौता साया भी छिन गया है।b 1

भाई के सामने आँखों से ओझल हो गया पीयूष

​घटना के संबंध में जानकारी देते हुए छोटे भाई आयुष ने बताया कि शुक्रवार सुबह दोनों भाई डिमना लेक घूमने आए थे। लेक के किनारे दोनों ने कुछ तस्वीरें खिंचवाईं और फिर नहाने के लिए पानी में उतर गए।

  • गहरे पानी में गया पीयूष: नहाने के दौरान पीयूष अचानक गहरे पानी की ओर चला गया।
  • तैरना नहीं जानता था मृतक: पीयूष को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और तेजी से डूबने लगा।
  • भाई की बेबसी: आयुष ने अपनी आँखों के सामने भाई को डूबता देख उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह असफल रहा।

​इसके बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय बोड़ाम थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद पीयूष का शव डैम से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।a 2

विधायक सरयू राय पहुँचे, ढांढस बंधाया

​”यह बेहद दुखद घटना है। पीड़ित परिवार इस समय गहरे सदमे में है। हम इस कठिन घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं और उन्हें हरसंभव सरकारी व व्यक्तिगत मदद सुनिश्चित कराई जाएगी।”

सरयू राय, स्थानीय विधायक

 

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक सरयू राय तुरंत एमजीएम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित माँ और छोटे भाई से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सांत्वना दी। इधर, पोस्टमार्टम हाउस में मृतक की माँ और भाई की चीख-पुकार से वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं।

पुलिस की आम जनता से अपील

​बोड़ाम थाना पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से पुरजोर अपील की है:

  • ​जलाशयों, तालाबों और डैम में जाते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
  • ​यदि तैरना न आता हो, तो पानी में उतरने की भूल कतई न करें।
  • ​सेल्फी या फोटो खिंचवाने के चक्कर में गहरे पानी या खतरनाक ढलानों पर जाने का जोखिम न उठाएं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर: साकची में टिस्को वाटर टावर के पास मिला अज्ञात शव, जांच में जुटी पुलिस

जमशेदपुर:

लौहनगरी जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शनिवार को साकची स्थित टिस्को वाटर टावर के समीप सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। राहगीरों की नजर जब सड़क किनारे पड़े शव पर पड़ी, तो वहां लोगों की भीड़ जुट गई।b2a7d569ad7e69d718406261d9f9011c5020b338def6d615773724f0d15ecf27.0

राहगीरों की सूचना पर पहुंची साकची पुलिस

​घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय राहगीरों ने तुरंत इसकी जानकारी साकची थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही साकची थाना प्रभारी बल-मुस्तैद के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने तत्काल शव को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पहचान का प्रयास जारी, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

​शुरुआती जांच में मृतक के पास से ऐसा कोई भी सामान या दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसकी पहचान की जा सके। पुलिस घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों, स्थानीय निवासियों और राहगीरों से पूछताछ कर रही है ताकि मृतक की शिनाख्त की जा सके।

​पुलिस ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज (MGM Medical College) भेजने की तैयारी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की तफ्तीश कर रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज।

डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सरायकेला में की कानून व्यवस्था की समीक्षा, दिए कड़े निर्देश

सरायकेला खरसावां। राज्य में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा शुक्रवार को सरायकेला पहुँचीं। उनके साथ कोल्हान प्रक्षेत्र के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा भी मौजूद रहे। सरायकेला आगमन पर स्थानीय परिसदन (गेस्ट हाउस) में पुलिस अधिकारियों ने डीजीपी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।IMG 20260711 WA0006

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक

​दौरे के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने जिले में विधि व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर विभिन्न संवेदनशील मामलों और सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

​बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:

  • अपराध नियंत्रण: अपराधियों के विरुद्ध सख्त और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश।
  • पुलिस गश्त: सुरक्षा के मद्देनजर जिलों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने पर जोर।
  • खुफिया तंत्र: सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करना।
  • जनता की सुरक्षा: आम नागरिकों की शिकायतों पर बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना।

आधुनिक और सक्रिय पुलिसिंग पर जोर

​बैठक को संबोधित करते हुए डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा:

​”बदलते समय के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सक्रिय और त्वरित बनाना बेहद आवश्यक है। पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति संवेदनशील और अपराधियों के प्रति सख्त होना चाहिए।”

 

बैठक में ये रहे मौजूद

​प्रशासनिक और सुरक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही इस बैठक में सरायकेला के आरक्षी अधीक्षक (एसपी) मनोज सवगिरयरि, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अनुभव भारद्वाज, डीएसपी मुख्यालय सहित जिले के अन्य सभी वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

​जानकारों का मानना है कि डीजीपी के इस दौरे से जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी और पुलिसिंग के स्तर में सुधार आएगा।

– तीसरी धारा न्यूज डेस्क

अधिकारियों की घोर लापरवाही: गम्हरिया के सरकारी गोदाम में सड़ गया गरीबों का क्विंटल भर चना दाल, एमओ ने साधी चुप्पी

सरायकेला/गम्हरिया:

सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला गम्हरिया से सामने आया है। जहां एक तरफ पिछले 8 महीनों से गरीब परिवार राशन में दाल मिलने का इंतजार कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के बीच बंटने वाला कई क्विंटल चना दाल सरकारी गोदाम में रखे-रखे सड़ कर बर्बाद हो गया। इस घटना ने प्रखंड आपूर्ति विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।file 00000000cb0c71fa833ecc4fb8c9608c

‘आपूर्ति शून्य’ का रोना रोते रहे अधिकारी, गोदाम में सड़ता रहा अनाज

​हैरानी की बात यह है कि इस प्रखंड में पिछले 8 महीने से कार्डधारियों को राशन में दाल नहीं दी जा रही थी। अधिकारियों द्वारा लगातार यह दलील दी जा रही थी कि ऊपर से ही आपूर्ति शून्य है और बैक लॉग चल रहा है। इस बात की पुष्टि खुद जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा ने भी पत्रकारों के समक्ष की थी। लेकिन इस बयान के ठीक दूसरे ही दिन सच सामने आ गया, जिससे विभाग की पोल खुल गई। गोदाम में क्विंटल भर चना दाल सड़कर पूरी तरह बर्बाद हो चुका है, जिसे समय रहते गरीबों के बीच बांटा ही नहीं गया।

जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही उजागर, MO ने काटा फोन

​उचित रखरखाव की कमी और वितरण में जानबूझकर की गई देरी के कारण गरीबों के हक का निवाला गोदाम में ही सड़ गया। इस महालापरवाही को लेकर जब गम्हरिया की प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (MO) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो वह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। हद तो तब हो गई जब उन्होंने पत्रकारों का फोन तक रिसीव करना उचित नहीं समझा और पूरे मामले पर चुप्पी साध ली।

पहले भी बांटा गया था कीड़े लगा और एक्सपायरी राशन

​गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले दिनों सरायकेला के ग्रामीण इलाकों में PDS के तहत कार्डधारियों के बीच कीड़े लगी और एक्सपायरी डेट वाली चना दाल बांटे जाने का गंभीर मामला सामने आया था, जिसे लेकर जनता में भारी आक्रोश था। अक्सर उचित निगरानी और वितरण व्यवस्था में खामियों के चलते गरीबों को खराब, घुन लगे या एक्सपायर हो चुके पैकेट थमा दिए जाते हैं।

​अब सवाल यह उठता है कि जब जनता दाने-दाने को मोहताज है, तो गरीबों के निवाले को इस तरह गोदाम में सड़ा देने वाली इस घोर लापरवाही का जिम्मेदार आखिर कौन है? क्या ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी, या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

– रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़

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