तीसरी धारा न्यूज
- स्थान: उपायुक्त (DC) कार्यालय, जमशेदपुर।
- मुख्य मुद्दा: क्लस्टर पदाधिकारियों द्वारा आर्थिक सहायता और लाभों के वितरण में अनियमितता बरतने का आरोप।
- प्रशासन का आश्वासन: उपायुक्त ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा, दोषियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई।
जमशेदपुर।
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की दर्जनों महिलाओं ने आज जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंचकर अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने सीधे तौर पर अपने क्लस्टर के पदाधिकारियों को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया है कि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता और अन्य कल्याणकारी लाभों का सही तरीके से वितरण नहीं किया जा रहा है।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी वे अपनी जायज समस्याओं को लेकर क्लस्टर के पदाधिकारियों के पास जाती हैं, तो उनकी बातों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। अधिकारियों द्वारा सिर्फ खोखला आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है। महिलाओं ने यह भी खुलासा किया कि वे पहले भी इस गंभीर मुद्दे को लेकर डीसी कार्यालय के चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन लंबे समय के बाद भी अब तक उनकी समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
योजना के मूल उद्देश्य को लग रहा है पलीता
पीड़ित महिलाओं ने मीडिया को बताया कि जेएसएलपीएस (JSLPS) का मुख्य उद्देश्य समाज के अति पिछड़े, गरीब और जरूरतमंद वर्ग की महिलाओं को रोजगार से जोड़ना, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर करना है। लेकिन कुछ लापरवाह और असंवेदनशील पदाधिकारियों के कारण इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरा लाभ वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक नहीं पहुंच पा रहा है।
डिप्टी कमिश्नर ने दिया निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा
इस बार उपायुक्त से मुलाकात के दौरान महिलाओं की शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना गया। डिप्टी कमिश्नर ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता, पक्षपात या लापरवाही पाई जाती है, तो दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित महिलाओं को उनका हक व न्याय दिलाया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन की इस जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है और अपनी आजीविका के लिए संघर्ष कर रही इन गरीब महिलाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।
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