जमशेदपुर : माँ विंध्यवासिनी सेवा समिति सुन्दरनगर के दुर्गा पूजा कमिटी का भूमि पूजन सुन्दरनगर के पुजारी कृपा शंकर शुक्ल एवं पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद की अध्यक्षा बारी मुर्मू के साथ भाजपा युवा नेता बाबूलाल सोरेन के द्वारा वैदिक मंत्रोचारण के साथ संपन्न हुई। भूमिपूजन में कमिटी के मुख्य संरक्षक सह पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद की अध्यक्ष बारी मुर्मू ने बताया कि इस बार का पूजा पंडाल भव्य होगा जो एक अलग रूप में होगा। पंडाल पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरा से युक्त होगा और पंडाल में विशेष रूप से कमिटी के सदस्यगण महिलाओं के सुरक्षा व्यस्वथा की जिम्मेवारी अपने कंधे पर लेकर पूजा का आयोजन को सफल कराते हैं।
वही भाजपा के युवा नेता बाबूलाल सोरेन ने कहा कि पंडाल की सार्थकता यह है की इस पंडाल में अत्याधिक महिलायें पूजा में शामिल होती है। पंडाल निर्माण में आज से ही कारीगर लग गए है, जो दूसरे जिले से आयें है और दिन रात मेहनत करके पंडाल को सम्पूर्ण करने का कार्य करेंगे। पूजा पंडाल में 10 दिनों तक चलने वाली मां भगवती के पूजन और पंडाल अलौकिक होता है।
मौके पर कमिटी संरक्षक शशिकांत ओझा, कन्हैया पाण्डेय, राजनारायण सिंह, दूधनाथ सिंह अध्यक्ष विकास सिंह,महासचिव पप्पु कुमार वर्मा “अनमोल”,कोषाध्यक्ष जयकांत सिंह,संतन ओझा,पुरषोत्तम कुमार,सैलेन्द्र सिंह,सुरेंद्र सिंह,रामाकृष्ण मिश्रा, चन्द्रभूषण सिंह,पप्पु पोद्दार,जीतेन्द्र कुमार,भवेश प्रसाद,संजय सिंह,सरस्वती गिरी, मोनी देवी,रतन लाल समेत अन्य सदस्यगण मौजूद रहे ।
पितृपक्ष के दौरान 18 सितम्बर 2024 को लगाने जा रहा चंद्र ग्रहण भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा। हालांकि ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इस ग्रहण का प्रभाव कुछ राशि वालों के लिए बड़ा ही खतरनाक होने वाला है।
चलिए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण किन राशि वालों को परेशानियों में डाल सकता है।
वृषभ राशि
पितृपक्ष में पड़ने वाला चंद्र ग्रहण वृषभ राशि वालों के लिए शुभ रहने वाला है। चंद्र ग्रहण के आंशिक प्रभाव के कारण वृषभ राशि के जातकों का स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा। साथ ही इस राशि के जातकों के रुके हुए काम भी पूरे हो जाएंगे। वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी। आर्थिक लाभ होने की भी संभावना है।
मीन राशि
मीन राशि वालों पर चंद्र ग्रहण के अच्छे प्रभाव देखने को मिलेंगे। चंद्र ग्रहण के बाद मीन राशि वालों को आर्थिक लाभ होने की संभावना है। यदि मीन राशि वालों का कोई काम बहुत दिन से रुका हुआ है तो वह भी पूरा हो सकता है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों पर चंद्र ग्रहण का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। चंद्र ग्रहण के प्रभाव के कारण इस राशि वालों को निवेश करते समय सावधानी बरतनी होगी नहीं तो आर्थिक नुकसान हो सकता है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के जीवन पर चंद्र ग्रहण का अच्छा पराभव देखने को मिलेगा। इस राशि वाले जातकों का स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। इस राशि के जातक जो व्यापार करने वाले हैं उन्हें बड़ी सफलता मिलेगी। साथ ही जीवन में प्रेम का भाव भी प्रबल होगा।
सिंह राशि
सिंह राशि वाले जातकों के लिए 18 सितम्बर 2024 को लगने वाला चंद्र ग्रहण सफलता प्रदान करने वाला है। इस दौरान सिंह राशि वालों को आर्थिक लाभ मिलने वाला है। ग्रहण के अच्छे प्रभाव के कारण नौकरी में पदोन्नति होने की संभावना है।
कन्या राशि
कन्या राशि वाले जातकों को चंद्र ग्रहण के अच्छे प्रभाव के कारण पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे। इस राशि के जातक जो निवेश करने वाले हैं उन्हें निवेश से अच्छा आर्थिक लाभ मिलेगा। इस राशि वाले जातकों के मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वाले जातकों पर पितृपक्ष के दौरान लगने वाला चंद्र ग्रहण का अच्छा प्रभाव देखने को मिलेगा। इस राशि के जिन जातकों के विवाह में रुकावटें आ रही है वह दूर हो जाएगी। जीवन में किसी नए प्यार का आगमन हो सकता है। चंद्र ग्रहण के प्रभाव से मिथुन राशि वालों को किस्मत का साथ मिलेगा और आर्थिक पक्ष भी मजबूत होगा।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव लाभकारी सिद्ध हो सकता है। चंद्र ग्रहण के प्रभाव से कर्क राशि वाले अपना नौकरी बदल सकते हैं। हालांकि नौकरी बदलने का फैसला लेते समय सावधानी बरतनी होगी। इसलिए निर्णय लेते समय अपने परिवार के सदस्यों के साथ अवश्य सलाह लें। गलत निर्णय से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों पर पितृ पक्ष के दौरान लगने वाला चंद्र ग्रहण बुरा प्रभाव डालेगा। चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से इन राशि वाले जातकों को कई तरह के परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी रहेगी। परिवार में बड़ों के साथ रिश्ते बिगड़ सकते हैं। स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ सकता है।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए चंद्र ग्रहण काफी दुखदायी रहने वाला है। चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव के कारण नौकरी जा सकती है। पारिवारिक रिश्तों में भी मन-मुटाव देखने को मिल सकता है। आस-पास व्याप्त शत्रु आपको परेशान कर सकते हैं।
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए यह चंद्र ग्रहण सबसे ज्यादा आर्थिक संकट ला सकता है। ग्रहण के प्रभाव से इन राशि वालों के खर्चे बढ़ सकते हैं। इसलिए आपको सोच-समझकर खर्च करना होगा।
मेष राशि
पितृ पक्ष के दौरान लगने वाला चंद्र ग्रहण मेष राशि वालों के रिश्ते को प्रभावित कर सकता है। चंद्र ग्रहण का प्रभाव इन राशि वालों को किसी के साथ रिश्ते खत्म करने को प्रेरित कर सकता है।
बांग्लादेश के तट पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर झारखंड में देखने को मिला. राज्य के कई जिलों में पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर बारिश हो रही है.
सोमवार की अहले सुबह से राज्य के लगभग सभी जिलों में तेज बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. राज्य में छह जिले गुमला, खूंटी, सिमडेगा, सरायकेला खरसांवां, पूर्वी सिंहभूम व पश्चिमी सिंहभूम में रेड अलर्ट जारी किया गया है.
वहीं रांची, लोहरदगा, लातेहार, पलामू व गढ़वा में ऑरेंज और चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो व धनबाद में येलो अलर्ट जारी किया गया है. 16 व 17 सितंबर को गढ़वा, पलामू, लातेहार में ऑरेंज अलर्ट, वहीं चतरा, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान कहीं-कहीं पर गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना है. हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा रह सकती है.
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान साइक्लोनिक सर्कुलेशन डिप्रेशन के धीरे-धीरे कमजोर होकर दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाने तथा झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना जताई है. पिछले 24 घंटे में राज्य में मॉनसून गतिविधि अति सक्रिय रही. राज्य में लगभग सभी स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. कहीं-कहीं पर भारी से बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई. सबसे अधिक वर्षा 152.8 एमएम मेराल (गढ़वा) में दर्ज किया गया.
जमशेदपुर : झारखंड विधानसभा चुनाव से पूर्व परिवर्तन महारैली को संबोधित करने बिष्टुपुर के गोपाल मैदान पहुंचें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत में भाजपा नेता शिव शंकर सिंह ने विशाल बाइक रैली निकाली।
बाइक रैली के आयोजन में बारिश ने खलल डाला तो भाजपा कार्यकर्ताओं के जोश और जुनून के आगे उसे भी नतमस्तक होना पड़ा। यह बाइक रैली शिव शंकर सिंह के केबुल टाउन स्थित कार्यालय से गोलमुरी, कालीमाटी रोड साकची होते हुए रैली स्थल गोपाल मैदान बिष्टुपुर पहुंची। गोलमुरी चौक स्थित बजरंगबली मंदिर में पूजा अर्चना कर सभी आगे बढ़े। बाइक रैली के दौरान उत्साही भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत है भाई स्वागत है, मोदी जी का स्वागत है और भारत माता की जय तथा भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।
भारी बारिश ने डाली बाधा लेकिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के प्रति कार्यकर्ताओं के उत्साह में कमी नही आई। बारिश जैसे-जैसे तेज होती गई कार्यकर्ताओं की बाइक रैली निकालने के प्रति दिवानगी वैसे-वैसे उनमें जज्बा बढ़ाती गई। बड़ी संख्या में लोग इस बाइक रैली में शामिल हुए और समर्पित भाजपा कार्यकर्ता शिव शंकर सिंह के प्रति अपना समर्थन दिखाया। शिव शंकर सिंह भी बीच बीच में कार्यकर्ताओ में जोश भरते रहे और उन्हें सभा स्थल तक लेकर पहुंचें।
इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से 6 वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए शिव शंकर सिंह ने कहा ‘बेहतर रेल कनेक्टिविटी से प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस अवसर पर, जोगिंदर सिंह सोनू, जितेंद्र सिंह जीतू, रवि सिंह, अभिमन्यु सिंह, शाहरुख मल्लिक, प्रिंस सिंह, भूपेंद्र सिंह सहित कई अन्य लोग सम्मिलित हुए।
जमशेदपुर : पूर्व सांसद सह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अजय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि आदिवासियों को विश्वास था कि शायद नरेंद्र मोदी परिवर्तन रैली में सरना धर्म कोड लागू करने की घोषणा करेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरना धर्म कोड लागू करने की घोषणा नहीं की। जिससे एक बार फिर झारखंड की आदिवासियों को निराशा हुई।
पिछले कई वर्षों से आदिवासी समुदाय अपने सांस्कृतिक और धार्मिक आजादी की प्रतिक सरना धर्म कोड को लागू करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। दो वर्ष पूर्व हेंमत सरकार ने सरना धर्म कोड से संबंधित विधेयक पास कर केंद्र को भेज दिया। लेकिन मोदी सरकार इस ओऱ ध्यान ही नहीं दे रही है। आदिवासियों की हमदर्द बनने का नाटक कर रही भाजपा की पोल खुल गई। झारखंड में आ कर भी मोदी ने सरना धर्म कोड लागू करने की घोषणा नहीं की।
गृह मंत्रालय के पास घुसपैठियों का नहीं रिकार्ड
रविवार को प्रेस बयान जारी कर डॉ. अजय कुमार ने जमशेदपुर में आयोजित परिवर्तन महारैली में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए भाषण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झूठ बोलने में प्रधानमंत्री को महारत हासिल है। भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिनके नाम लगातार झूठ बोलने के रिकार्ड दर्ज है। उन्होंने कहा कि जब गृह मंत्रालय के पास झारखंड में घुसपैठियों का कोई आंकड़ा नहीं है तो फिर किस आधार पर मोदी ने आदिवासियों की जमीन हड़पने की बातें कहीं। उन्हें झारखंड की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मोदी और बीजेपी के नेता लगातार बंगलादेशी घुसपैठियों द्वारा आदिवासियों की जमीन हड़पने का झूठा प्रचार कर रहे हैं। जबकि 12 सितंबर 2024 को गृह मंत्रालय द्वारा रांची हाईकोर्ट में जमा किए गए शपथपत्र में साफ कहा गया है कि झारखंड में आदिवासियों से विवाह कर उनकी जमीन हड़पने से संबंधित कोई आकड़े गृह मंत्रालय के पास नहीं है।
मतलब साफ है कि जब केंद्रीय गृह मंत्रालय यह स्वीकार कर रहा है कि बंगलादेशी घुसपैठियों से संबंधित कोई आंकड़ा उसके पास नहीं है। तो फिर किस आधार पर प्रधानमंत्री झारखंड की भोली भाली जनता को गुमराह कर रहे हैं। दरअसल भाजपा मुस्लिम और आदिवासियों के बीच विवाद पैदा कर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहती है।
भाजपा ने लूटा है झारखंड को
डॉ. अजय कुमार ने कहा कि 24 वर्ष में सबसे ज्यादा लगभग 14 वर्ष से ज्यादा समय तो भाजपा ने झारखंड में शासन किया है। फिर किस मुंह से मोदी इंडिया गठबंधन पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा रहे है। आज देश के सभी बड़े भ्रष्टाचारी नेता भाजपा में हैं। मोदी को भ्रष्टाचार पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। हर समय झूठ और केवल झूठ बोलते हैं नरेंद्र मोदी। रघुवर दास पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप रघुवर सरकार के मंत्री द्वारा ही लगाए गए, लेकिन क्या हुआ, यह सबके सामने है। मोदी जी के कथनी करनी में बड़ा अंतर हैं।
अपने करते हैं वादा खिलाफी
डॉ. अजय कुमार ने कहा कि मोदी ने प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया था। देशवासियों को 15 लाख रुपया देने का वादा किया था। मोदी बताएं कि उन वादों का क्या हुआ। आज तक किसानों को एमएसपी देने पर मोदी सरकार निर्णय नहीं ले पाई है। मोदी को झारखंड की महिलाओं को आर्थिक रुप से मजबूत होना नहीं भा रहा है।
झारखंड की हेमंत सरकार जिस प्रकार से प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रुप से मजबूत करने के लिए कार्य कर रही है। उससे भाजपा बौखला गई है। झारखंड की जनता सब समझ रही है कि बीजेपी और नरेंद्र मोदी को झारखंड की जनता की फिक्र नहीं बल्कि उन्हें हर हाल में सत्ता हासिल करना है इसलिए वे लगातार झूठ बोल कर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं।
जमशेदपुर : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिनांक 15 तारीख को जमशेदपुर आगमन होने जा रहा है। इसी के तैयारी हेतु भाजयुमो बारीडीह मंडल के अध्यक्ष कंचन दत्ता के अध्यक्षता में बारीडीह बस्ती बजरंग चौक में एक बैठक संपन्न हुआ। जिसमें बैठक के उपरांत आम जनमानस को इस जनसभा में आने के लिए आमंत्रित किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा बारीडीह मंडल के अध्यक्ष जीवन लाल, भाजपा नेता अश्वनी सिंह, किसान मोर्चा के अध्यक्ष पिंटू सिंह, गुड्डू सिंह एवं मंडल के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।
जम्मुतवी से चलकर टाटानगर आने वाली ट्रेन नंबर 18102 के जनरल बोगी के शौचालय से एक शव बरामद किया गया। ट्रेन के सफाई कर्मियों ने शव देख इसकी सूचना रेल पुलिस को दी। रेल पुलिस ने सूचना पाकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रेल पुलिस ने इस संबंध में आस्वभाविक मौत की प्राथमिकी भी दर्ज की है।
जानकारी देते हुए रेल थाना प्रभारी राम प्यारे राम ने बताया कि ट्रेन शुक्रवार सुबह 10.30 बजे तक स्टेशन पहुंच गई थी। सारे यात्री ट्रेन से उतर गए थे। इसी बीच सफाई कर्मी ट्रेन पर चढ़े। शौचालय से बदबू आ रही थी। सफाई कर्मियों ने जब शौचालय का दरवाजा खोला तो पाया कि अंदर एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। शव देखकर प्रतित हो रहा है कि वह दो-तीन दिन पुराना है। हालांकि अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है।
सरायकेला – खरसावां : मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने कहा कि नगर विकास और आवास विभाग के मंत्री हफीजूल हसन की अध्यक्षता में झारखंड लोकल बाडिज इंपलाइज फेडरेशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक के उपरांत विभागीय अधिसूचना निर्गत के आलोक में नियमितीकरण आश्वासन पर फेडरेशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल 20 दिनों के बाद वापस ले ली गई। उक्त बातों की जानकारी फेडरेशन के राज्य महामंत्री अनूप लाल हरि और नगर पंचायत राजमहल के नीरज मुखर्जी ने बताया कि नगर परिषद और नगर पंचायत राजमहल के कर्मीयों ने भी 20 दिनों के हड़ताल के बाद अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है।
गुरुवार से राज्य के सभी नगर परिषद और नगर पंचायत के कर्मी अपने काम पर वापस लौटेंगे। फेडरेशन की मांग पर वार्ता के दौरान 02 सप्ताह का समय लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर नियमितीकरण सहित छह सूत्री मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिला है। ज्ञात हो कि हड़ताल के कारण नगर परिषद और नगर पंचायत की साफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठफ थी। इस आशय की जानकारी से सफाई कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
वार्ता में नगर विकास और आवास विभाग के मंत्री हफीजूल हसन, फेडरेशन के राज्य महामंत्री श्री अनूप लाल हरि, अशोक कुमार सिंह प्रदेश अध्यक्ष, संतोष कुमार उप महामंत्री, संजय मंडल अध्यक्ष देवघर नगर निगम, लखन हरिजन सचिव गिरिडीह नगर परिषद, छोटूराम अध्यक्ष फूसरो नगर परिषद, आलोक हरि अध्यक्ष नगर पंचायत जामताड़ा, सुद्धेशवर मेहतर अध्यक्ष नगर परिषद गोड्डा, पप्पू मेहतर अध्यक्ष नगर पंचायत महागामा, संजीव कुमार सचिव झूमरी तिलैया नगर पालिका, नीरज मुखर्जी इत्यादि उपस्थित थे।
जमशेदपुर : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष विदेश में “संवेदनशील मुद्दों” पर बोलकर “खतरनाक विमर्श” गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। राहुल गाँधी की टिप्पणी भयावह है, क्योंकि उन्होंने अपनी रोटियां सेकने के लिए विदेशों में रह रहे सिख समुदाय के सदस्यों के बीच झूठ फैलाने की कोशिश की। राहुल गांधी हाल में संवेदनशील मुद्दों पर बयान देते रहे हैं, जिसमें राष्ट्रीय पहचान, एकता और विविधता शामिल है। उक्त बातें भाजपा युवा मोर्च के गोलमुरी मंडल के अध्यक्ष नवजोत सिंह सोहल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अमेरिका में बैठकर देश तोड़ने वाले बयान देते हैं। वह भूल गए की उनकी ही सरकार में 1984 में सिख दंगे हुए थे, जिसमें सिखों के साथ क्या हुआ था और उनके दो-दो सांसद भी इसमें पाए गए थे। उल्टा अमेरिका में भाजपा पर आरोप लगाते हैं। कितने सिख समुदाय के लोग प्रधानमंत्री से मिले वे लोग प्रधानमंत्री आवास तक कृपाण लेकर गए, राहुल गांधी बयान बाजी कर धार्मिक उन्माद पैदा करना चाहते हैं ।
भारतीय राजनीति और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख नेता नेता सीताराम येचुरी का 12 सितंबर 2024 को 3 बजकर 5 मिनट पर निधन हो गया. वह 72 साल के थे. उन्हें 19 अगस्त 2024 को निमोनिया के कारण AIIMS में भर्ती कराया गया था.
येचुरी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनके परिवार ने उनके शरीर को AIIMS, नई दिल्ली को शिक्षा और अनुसंधान के उद्देश्यों के लिए दान कर दिया है. जिससे उनकी विरासत उनके राजनीतिक योगदान से परे हो जाएगी.
येचुरी अपनी बीमारी को लेकर पहले भी बात कर चुके हैं
येचुरी ने अपने जीवनकाल में अपने स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बारे में खुलकर बात की थी, जिसमें उन्हें टाइप 2 डाइबटीज़ और उच्च रक्तचाप का निदान किया गया था. इन चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने अपने काम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी और भारतीय राजनीति में एक प्रभावशाली व्यक्ति बने
सीताराम येचुरी का बचपन
सीताराम येचुरी का जन्म 1952 में हुआ था और उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1970 के दशक में की थी. उन्होंने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी में विभिन्न पदों पर कार्य किया और 2015 में पार्टी के महासचिव बने. उन्होंने संसद में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिसमें राज्यसभा के सदस्य के रूप में कार्य करना शामिल है. उन्होंने विभिन्न सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम किया और एक प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते रहे.
शरीर दान एक निस्वार्थ दान है
शरीर दान एक निस्वार्थ कार्य है जो स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा प्रगति के भविष्य को लाभ पहुंचाता है. जबकि मेडिकल छात्र और पेशेवर दान किए गए शरीर का उपयोग मानव शरीर रचना का विस्तार से अध्ययन करने के लिए करते हैं, सर्जन और चिकित्सा व्यवसायी दान किए गए शरीर का उपयोग नई तकनीकों का अभ्यास करने, मौजूदा प्रक्रियाओं को परिष्कृत करने और सुरक्षित शल्य चिकित्सा पद्धतियों को विकसित करने के लिए करते हैं.
वैज्ञानिक और शोधकर्ता दान किए गए शरीर का उपयोग बीमारियों का पता लगाने, विभिन्न अंगों पर चिकित्सा स्थितियों के प्रभावों का अध्ययन करने और नए उपचार या दवाएं विकसित करने के लिए करते हैं.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीताराम येचुरी के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि वे देश की गहरी समझ रखने वाले भारत के विचार के रक्षक थे.