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जमशेदपुर। ‘ग्लोबल रिसाइकिल दिवस’ के अवसर पर जमशेदपुर में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकार का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। टाटा स्टील यूटिलिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (TSUISL) के तत्वावधान में बारीडीह स्वास्थ्य कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ सफाई मित्रों को पुरानी किताबें और वस्त्र वितरित किए गए।


इस पहल का मुख्य उद्देश्य रिसाइक्लिंग (पुनर्चक्रण) की भावना को बढ़ावा देना और उन वस्तुओं को जरूरतमंदों तक पहुँचाना था जो अब दूसरों के काम आ सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान सफाई मित्रों ने अपनी स्वेच्छा और आवश्यकतानुसार पुरानी किताबों और वस्त्रों का चयन किया। इस कदम की सराहना करते हुए उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि वस्तुओं का पुन: उपयोग (Reuse) न केवल कचरा कम करता है, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जुस्को (TSUISL) के अधिकारियों और जागरूकता संगठनों के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
दिन-रात शहर की सफाई में जुटे रहने वाले सफाई मित्रों ने इस पहल की सराहना की। किताबों के वितरण से जहाँ उनके बच्चों की शिक्षा में मदद मिलेगी, वहीं वस्त्र वितरण से उन्हें सीधा लाभ पहुँचा है।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर। लौहनगरी की सड़कों को जाम मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जुस्को (JUSCO/TSUISL) की टीम अब एक्शन मोड में आ गई है। बुधवार को बारीडीह गोलचक्कर और उसके आसपास के इलाकों में जुस्को अधिकारियों की टीम ने औचक निरीक्षण किया और सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों व ठेलों के खिलाफ अभियान चलाया।
बारीडीह गोलचक्कर शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है। यहाँ सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़ियों और अवैध रूप से लगाए गए ठेलों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। जुस्को की टीम ने आज घूम-घूम कर इन सभी अतिक्रमणकारियों को सड़क से हटने का निर्देश दिया। कई वाहनों को मौके से हटवाया गया और दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई।

अभियान के दौरान मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़कों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुस्को टीम के अनुसार:
जुस्को अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से अपील की है कि वे शहर की सुंदरता और सुगम यातायात बनाए रखने में सहयोग करें। अपनी गाड़ियाँ निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ी करें और फुटपाथ या सड़क को बाधित न करें।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर। धर्म, आस्था और परंपरा की त्रिवेणी भालूबासा स्थित श्री श्री बजरंग विजय मंदिर, जम्बू अखाड़ा में इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य रामनवमी महोत्सव-2026 का आयोजन होने जा रहा है। 19 मार्च से शुरू होने वाला यह धार्मिक-सांस्कृतिक महाकुम्भ 28 मार्च को विशाल विसर्जन शोभा यात्रा के साथ संपन्न होगा। अखाड़ा के संरक्षक बंटी सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा साझा की है।


महोत्सव का शुभारंभ 19 मार्च (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) को श्री हरि राम नाम संकीर्तन के साथ होगा।
महोत्सव का एक मुख्य आकर्षण 24 मार्च (षष्ठी तिथि) को निकलने वाली कलश यात्रा होगी।
25 से 27 मार्च तक प्रतिदिन विशेष पूजन और शस्त्र प्रदर्शन के साथ-साथ देश के नामचीन कलाकार अपनी सुरीली आवाज से भक्तों को मंत्रमुग्ध करेंगे:
पूरे प्रांगण को पश्चिम बंगाल के चंदन नगर की प्रसिद्ध विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र होगी।
महोत्सव का समापन 28 मार्च (विजयादशमी) को होगा। इस भव्य विसर्जन यात्रा में:
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अखाड़ा समिति के 150 सक्रिय सदस्य तैनात रहेंगे। पूरे मार्ग और मंदिर प्रांगण की निगरानी CCTV कैमरों से की जाएगी। साथ ही प्रतिदिन भोग-प्रसाद और शीतल जल की निर्बाध व्यवस्था रहेगी।
जम्बू अखाड़ा समिति ने समस्त नगरवासियों और धर्मप्रेमियों से इस पावन उत्सव में सपरिवार शामिल होने की अपील की है।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर। कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, एमजीएम (MGM) की बदहाली एक बार फिर चर्चा में है। मानगो शंकोसाई निवासी द्वारा साझा किए गए एक विचलित करने वाले वीडियो ने अस्पताल प्रबंधन और मैनपावर सप्लाई करने वाले संवेदक के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अस्पताल में मैनपावर की भारी कमी के कारण मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
विकास साव द्वारा बुधवार शाम करीब 4:30 बजे साझा किए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बेबस मरीज एक्स-रे करवाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं और तड़प रहे हैं। वीडियो साझा करने वाले युवक का कहना है कि यह स्थिति केवल एक विभाग की नहीं, बल्कि पूरे अस्पताल की है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के साथ ही जिला प्रशासन (DC) का ध्यान एक गंभीर मुद्दे की ओर खींचा गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एमजीएम अस्पताल में मैनपावर सप्लाई के नाम पर झारखंड का सबसे बड़ा ‘महाघोटाला’ चल रहा है।
मरीजों का कहना है कि भारी-भरकम बजट और नई बिल्डिंग बनने के बावजूद अगर बुनियादी सुविधाएं और स्टॉफ की कमी बनी हुई है, तो इसके लिए सीधे तौर पर मैनपावर सप्लाई करने वाली एजेंसी जिम्मेदार है।
युवक ने इस मामले में उपायुक्त (DC) से हस्तक्षेप की मांग करते हुए पूछा है कि क्या गरीब मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले इन संवेदकों पर कभी कड़ी कार्रवाई होगी?
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़
वाराणसी। धर्मनगरी काशी में गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने और मां गंगा की शुचिता भंग करने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने मदनपुरा इलाके के 14 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।


मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें 15-20 मुस्लिम युवक गंगा में एक चलती नाव पर बैठकर इफ्तार करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में नाव पर रखी खाद्य सामग्रियों के साथ भारी मात्रा में चिकन बिरयानी भी दिखाई दे रही है। आरोप है कि इन युवकों ने न केवल प्रतिबंधित क्षेत्र में मां गंगा के ऊपर मांसाहार का सेवन किया, बल्कि उसके अवशेष (हड्डियां आदि) भी पवित्र नदी में फेंक दिए।

वीडियो सामने आते ही भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) समेत कई हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। संगठनों का कहना है कि गंगा करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं और इस तरह की हरकत से धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाई गई है। भाजयुमो नेता रजत जायसवाल ने इस मामले में कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

एसीपी कोतवाली, विजय प्रताप ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि वीडियो 15 मार्च को अपलोड किया गया था। फिलहाल वीडियो में दिख रहे अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और नाव चलाने वाले नाविक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर संयम बरतने की अपील की है।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज
सरायकेला/आदित्यपुर: सरायकेला-खरसावां जिला इन दिनों औद्योगिक विकास की चमक के पीछे ‘काले धुएं’ की चादर में लिपटा नजर आ रहा है। जिले के आदित्यपुर, गम्हरिया, कांड्रा, कोलाबिरा, मुड़िया और सीनी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले काले धुएं ने आम जनजीवन को नरक बना दिया है। इस गंभीर समस्या को लेकर मानवाधिकार सहायता संघ (अंतरराष्ट्रीय) की जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने आवाज उठाई है।

श्रीमती सुमन कारूवा ने झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निदेशक को पत्र लिखकर जिले के बिगड़ते हालात से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले बेतहाशा धुएं के कारण लोगों के घरों की दीवारें और छतें काली पड़ रही हैं। आलम यह है कि बाहर सूख रहे कपड़ों पर कालिख की परत जम रही है।
प्रदूषण का असर केवल संपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की सेहत के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। क्षेत्र के निवासियों में:
श्रीमती कारूवा ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्रियों का यह रवैया एयर एक्ट 1981, वाटर एक्ट 1974 और पर्यावरण संरक्षण एक्ट 1986 का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने प्रदूषण बोर्ड और जिला प्रशासन से मांग की है कि इन क्षेत्रों का तत्काल ‘स्पॉट निरीक्षण’ (Spot Inspection) किया जाए और नियमों की अनदेखी करने वाली फैक्ट्रियों पर अति सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
मानवाधिकार सहायता संघ ने जिला प्रशासन से अपील की है कि इस ज्वलंत जनसमस्या को शीघ्र संज्ञान में लिया जाए। जिले के नागरिकों को संविधान के तहत स्वच्छ हवा और स्वस्थ पर्यावरण में रहने का अधिकार है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
तीसरी धारा न्यूज़ की अपील: विकास की दौड़ में पर्यावरण और इंसानी जान की कीमत नहीं चुकाई जानी चाहिए। प्रशासन को प्रदूषण मानकों की कड़ाई से जांच करनी चाहिए।
जमशेदपुर: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के संकट ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। इस संघर्ष के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) जैसे तनावपूर्ण क्षेत्र में फंसे जहाजों को लेकर भारी चिंता बनी हुई थी। लेकिन जमशेदपुर के लिए एक राहत भरी खबर है—भारत के दो एलपीजी टैंकर इसी रास्ते से वतन वापसी कर रहे हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण जहाज ‘शिवालिक’ पर जमशेदपुर के अंश त्रिपाठी सेकंड इंजीनियर के तौर पर तैनात हैं।


जमशेदपुर के पारडीह काली मंदिर के पास रहने वाले अंश त्रिपाठी जहाज के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। युद्ध की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंश ने अपने परिवार को एक वीडियो भेजा था, जिसमें एक मिसाइल उनके जहाज के ठीक ऊपर से गुजरती दिखाई दी। इस मंजर ने परिवार को डरा दिया था, लेकिन भारत सरकार की सक्रियता और प्रधानमंत्री की पहल ने अब उनकी सुरक्षित वापसी का रास्ता साफ कर दिया है।

अंश त्रिपाठी का शैक्षणिक और पेशेवर सफर शहर के युवाओं के लिए मिसाल है:

अंश का परिवार सेवा और अनुशासन की पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता मिथिलेश त्रिपाठी भारतीय वायु सेना में देश की सेवा कर चुके हैं और UCIL से रिटायर हुए हैं। उनकी माता चंदा त्रिपाठी एक शिक्षिका हैं, जबकि पत्नी चंदा टाटा स्टील में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के पद पर कार्यरत हैं। घर में उनका डेढ़ साल का बेटा और पूरा परिवार बस टीवी पर नजरें गड़ाए बैठा है कि कब ‘शिवालिक’ भारतीय तट पर सुरक्षित पहुंचे।
पूर्व वायु सेना कर्मी होने के नाते अंश के पिता युद्ध की परिस्थितियों को समझते हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “घबराहट तो होती है, लेकिन मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने वह कर दिखाया जो मैं खुद नहीं कर पाया। हमें भारत सरकार पर पूरा भरोसा है।” उन्होंने देशवासियों से भी अपील की है कि वे धैर्य रखें, जल्द ही स्थितियां सामान्य हो जाएंगी।
नई दिल्ली/जमशेदपुर: भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को सुरक्षित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संस्कृति मंत्रालय ने सोमवार को भारत की विशाल पांडुलिपि विरासत की मैपिंग के लिए एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण (Nationwide Survey) का शंखनाद किया। ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत शुरू हुआ यह अभियान अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा प्रयास है।

यह अभियान जिला स्तर से शुरू होकर ऊपर की ओर बढ़ेगा। इसका मुख्य उद्देश्य देश के कोने-कोने में बिखरी पांडुलिपियों का पता लगाकर उनका एक एकीकृत डेटाबेस तैयार करना है।
अधिकारियों के अनुसार, यह सर्वे केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें विभिन्न मठों, मंदिरों और निजी संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों को भी रिकॉर्ड और डॉक्यूमेंट किया जाएगा। संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि ‘ज्ञान भारतम’ मोबाइल ऐप की मदद से टीमें मौके पर ही जानकारी अपलोड कर सकेंगी, जिससे शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए ये ऐतिहासिक दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मिशन को “भारत की संस्कृति, साहित्य और चेतना की घोषणा” बताया है।
सर्वेक्षण को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिवों और जिला स्तर पर जिलाधिकारियों (DC/DM) की अध्यक्षता में विशेष समितियां गठित की गई हैं। मंत्रालय पहले से डिजिटाइज़ हो चुकी लगभग 10 लाख पांडुलिपियों को भी इस नए पोर्टल के साथ एकीकृत करने पर काम कर रहा है।
तीसरी धारा न्यूज की बात: यह मिशन न केवल हमारी प्राचीन लिपियों को बचाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली वैज्ञानिक और साहित्यिक इतिहास से भी रूबरू कराएगा।
जमशेदपुर: आज के डिजिटल युग में आधार कार्ड महज एक दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारी पहचान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बैंक खाता खुलवाना हो, सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो या सिम कार्ड खरीदना—हर जगह आधार अनिवार्य है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आधार में दर्ज हर जानकारी को आप बार-बार नहीं बदल सकते? भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अपडेट को लेकर कुछ बेहद सख्त नियम बनाए हैं।

UIDAI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आधार कार्ड की कुछ मुख्य जानकारियों को अपडेट करने की एक सीमा तय की गई है। अगर आप इन सीमाओं को पार कर लेते हैं, तो भविष्य में सुधार करवाना लगभग असंभव हो जाता है:
देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी के पास आधार है। स्कूल एडमिशन से लेकर एयरपोर्ट पर ‘डिजियात्रा’ ऐप के इस्तेमाल तक, हर जगह डेटा का सटीक होना अनिवार्य है। यदि आपकी जन्मतिथि या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी गलत है और आप अपनी अपडेट लिमिट खत्म कर चुके हैं, तो आपको कई सरकारी और वित्तीय सेवाओं से वंचित होना पड़ सकता है।
तीसरी धारा न्यूज की सलाह: आधार कार्ड में किसी भी तरह का बदलाव करवाते समय पूरी सावधानी बरतें, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपके लिए भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
जमशेदपुर: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला संयोजक मंडली की ओर से सोमवार को साकची स्थित संपर्क कार्यालय में भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। झामुमो के वरिष्ठ नेता प्रमोद लाल और शेख बदरुद्दीन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में गंगा-जमुनी तहजीब का अनूठा नजारा देखने को मिला।


इफ्तार के दौरान पार्टी के पूर्व उपाध्यक्ष फैयाज खान ने संबोधित करते हुए कहा कि “यह आयोजन देश की साझा विरासत का प्रतीक है। यहाँ सभी धर्म और जाति के लोग एक साथ बैठकर खुदा से अपने राज्य और देश की खुशहाली के लिए दुआ करते हैं।”
वहीं, प्रमोद लाल और शेख बदरुद्दीन ने कहा कि वर्तमान में विश्व के कई हिस्सों में अशांति का माहौल है। इफ्तार के अवसर पर विशेष रूप से दुआ मांगी गई कि ईश्वर मानव जाति को सद्बुद्धि प्रदान करें, ताकि पूरी दुनिया में अमन-चैन और भाईचारा कायम रहे।
इफ्तार पार्टी में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नेता उपस्थित रहे:
मोहन कर्मकार, राजू गिरी, देवजीत मुखर्जी, लालटू महतो, मानवर हुसैन, अजय रजक, उमानाथ झा, अभय पांडेय, प्रीतम हेंब्रम, विजय महतो, अरुण प्रसाद, संजय लकड़ा, गुरमीत सिंह गिल, झरना पाल, नीता सरकार, उज्ज्वल दास, पिंटू लाल, उमर खान, कन्हैया रजक, परमेश्वर दास, बबलू अख्तर, मोहम्मद अजहर उद्दीन, तनवीर अहमद, उमेश गिरी, सद्दाम हुसैन, विशु कुमार, मोहम्मद सलाम, गोपाल महतो, सपन राय, प्रभात सिंह, प्रहलाद लोहरा और विष्णु प्रधान।

रोजा खोलने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से नमाज अदा की और देश की अखंडता व शांति के लिए प्रार्थना की। आयोजन में महिलाओं और युवाओं की भी खासी भागीदारी रही, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना भरपूर सहयोग दिया।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क