वाराणसी। धर्मनगरी काशी में गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने और मां गंगा की शुचिता भंग करने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने मदनपुरा इलाके के 14 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।


क्या है पूरा मामला?
मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें 15-20 मुस्लिम युवक गंगा में एक चलती नाव पर बैठकर इफ्तार करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में नाव पर रखी खाद्य सामग्रियों के साथ भारी मात्रा में चिकन बिरयानी भी दिखाई दे रही है। आरोप है कि इन युवकों ने न केवल प्रतिबंधित क्षेत्र में मां गंगा के ऊपर मांसाहार का सेवन किया, बल्कि उसके अवशेष (हड्डियां आदि) भी पवित्र नदी में फेंक दिए।

हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश
वीडियो सामने आते ही भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) समेत कई हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। संगठनों का कहना है कि गंगा करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं और इस तरह की हरकत से धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाई गई है। भाजयुमो नेता रजत जायसवाल ने इस मामले में कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
एसीपी कोतवाली, विजय प्रताप ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
- गिरफ्तारी: अब तक मदनपुरा क्षेत्र के 14 युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- मुख्य आरोपी: वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाले युवक तहसीम को भी हिरासत में लिया गया है।
- धाराएं: आरोपियों पर BNS की धारा 298, 299, 296(1B), 270 और 279 के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच जारी
पुलिस प्रशासन का कहना है कि वीडियो 15 मार्च को अपलोड किया गया था। फिलहाल वीडियो में दिख रहे अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और नाव चलाने वाले नाविक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर संयम बरतने की अपील की है।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज










