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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारतीय घरेलू बाजार और व्यवस्थाओं पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच, भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पूरे देश में आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA), 1968 लागू कर दिया है।

सरकार का प्राथमिक लक्ष्य देश में घरेलू गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित हड़ताल या व्यवधान को रोकना है।
तनावपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को आपातकालीन निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने कहा है कि:
आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने के साथ-साथ सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act), 1955 को भी प्रभावी कर दिया है। इसके तहत अब खाद, दवाओं और पेट्रोलियम उत्पादों की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 2020 के संशोधन के अनुसार, युद्ध जैसी असाधारण परिस्थितियों में सरकार को इन वस्तुओं के वितरण और कीमतों को नियंत्रित करने का पूर्ण अधिकार है।
1. अनिवार्य सेवाएं बाधित नहीं होंगी:
ESMA लागू होने के बाद सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं (डॉक्टर-नर्स), बिजली, पानी, बैंकिंग और पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकते। यदि कोई संगठन हड़ताल का आह्वान करता है, तो उसे अवैध माना जाएगा।
2. बिना वारंट गिरफ्तारी का प्रावधान:
इस कानून के तहत पुलिस को यह अधिकार मिलता है कि वह हड़ताल करने वाले या उसे भड़काने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।
3. कड़ी सजा और जुर्माना:
उल्लंघन करने वालों को एक साल तक की जेल, भारी जुर्माना या दोनों भुगतना पड़ सकता है। साथ ही, अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत सेवा से बर्खास्तगी भी की जा सकती है।
4. समयावधि:
केंद्र सरकार ने इसे फिलहाल लागू कर दिया है, जिसे अधिकतम 6 महीने तक बढ़ाया जा सकता है।
सरकार के इस फैसले का सीधा मकसद आम आदमी को युद्ध के दुष्प्रभावों से बचाना है। एस्मा लागू होने से यह सुनिश्चित होगा कि संकट के समय में भी रसोई गैस, पेट्रोल और राशन जैसी बुनियादी चीजें बिना रुके जनता तक पहुँचती रहें।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर (ब्यूरो): शहर की पुलिसिंग और जांच प्रक्रिया पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मामला जुगसलाई में हुए दीपक सिंह फायरिंग कांड से जुड़ा है, जिसमें अदालत से जमानत (Bail) मिलने के बावजूद एक परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप पुलिस पर लगा है।
बागबेड़ा बजरंग टेकरी निवासी आज़ाद गिरी को जुगसलाई फायरिंग मामले के आरोपी सन्नी को हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में नामजद किया गया था। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आज़ाद गिरी को अदालत से विधिवत जमानत मिल चुकी है। नियमतः जमानत मिलने के बाद पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई रुक जानी चाहिए, लेकिन जमशेदपुर पुलिस के एक अधिकारी के व्यवहार ने सबको हैरान कर दिया है।
आरोप है कि केस के जांच अधिकारी (IO) कृष्णा यादव बिना किसी सही जानकारी के अचानक आज़ाद गिरी के घर पहुंच गए। परिजनों का कहना है कि उन्होंने घर पर न केवल अभद्र भाषा और गालियों का इस्तेमाल किया, बल्कि वर्दी का रौब दिखाते हुए घर की कुर्की-जब्ती (Property Attachment) करने की भी खुली धमकी दी।
हैरानी की बात यह है कि जब कोर्ट से जमानत मिल चुकी है और उसका आदेश सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा है, तो क्या जांच अधिकारी को अपने ही केस की अद्यतन स्थिति (Current Status) की जानकारी नहीं है?
आज़ाद गिरी के समर्थकों और परिजनों ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। पीड़ित पक्ष का कहना है:
“जब हमें कोर्ट से राहत मिल चुकी है, तो पुलिस किस आधार पर घर आकर बदतमीजी कर रही है? गाली-गलौज और कुर्की की धमकी देना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि ऐसे अधिकारी पर तुरंत कार्रवाई हो ताकि बेगुनाह परिवारों को मानसिक प्रताड़ना से बचाया जा सके।”
इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि अगर कानून का पालन करने वाले ही कोर्ट के आदेशों को नजरअंदाज करेंगे, तो आम जनता का भरोसा सिस्टम पर कैसे कायम रहेगा?
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) में जारी भीषण युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की रसोई और रफ़्तार पर दिखने लगा है। कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) की आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक ईंधन संकट खड़ा हो गया है। पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में जहां हालात बेकाबू हैं, वहीं भारत के महानगरों में भी कमर्शियल गैस की किल्लत ने होटल इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है।

संकट को देखते हुए चीन ने पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी है। दक्षिण कोरिया ने 30 साल में पहली बार कीमतों पर ‘कैप’ (अधिकतम मूल्य सीमा) लगाया है, जबकि जापान ने अपने राष्ट्रीय तेल भंडार (Emergency Reserve) से तेल निकालना शुरू कर दिया है।
भारत में भी इस वैश्विक संकट की तपिश महसूस की जा रही है:
नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि सरकार का कहना है कि आपूर्ति पर्याप्त है, लेकिन जमीनी स्तर पर सप्लायरों ने डिलीवरी रोक दी है, जिससे कालाबाजारी का डर बढ़ गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
सतना/जैतवारा: मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी ने अपने अवैध संबंधों की राह में रोड़ा बन रहे पति को रास्ते से हटा दिया। जैतवारा थाना पुलिस और साइबर सेल ने महज 72 घंटों के भीतर इस ‘अंधे कत्ल’ की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

घटना की शुरुआत 4 मार्च की रात से हुई, जब 45 वर्षीय कौशलेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ डब्बू संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर से लापता हो गए। परिजनों की काफी तलाश के बाद 5 मार्च को गांव के बाहर नदी के पास उनका क्षत-विक्षत शव मिला। डब्बू के सिर पर भारी पत्थर से वार किए जाने के निशान थे और शरीर को घसीटा गया था, जिससे साफ था कि यह एक सोची-समझी हत्या है।
थाना प्रभारी अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में पुलिस ने जब तफ्तीश शुरू की, तो मृतक की पत्नी कुसुम सिंह के बयानों में विरोधाभास मिला। पुलिस ने जब साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स खंगाली, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। वारदात वाली रात कुसुम की बातचीत उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी संदीप पटेल (32) से लगातार हो रही थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर संदीप को बांदा से दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपी संदीप ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह और मृतक डब्बू गुजरात में साथ काम करते थे। इसी दौरान संदीप और कुसुम के बीच प्रेम संबंध बन गए। जब डब्बू को इस बात का पता चला, तो उसने विरोध किया। प्रेमी जोड़े ने डब्बू को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और खून से सना पत्थर बरामद कर लिया है। आरोपी पत्नी कुसुम सिंह उर्फ रीना और प्रेमी संदीप पटेल को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में जैतवारा पुलिस और साइबर सेल की भूमिका की जिले भर में सराहना हो रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
नई दिल्ली/दुबई: पश्चिम एशिया में बीते 10 दिनों से जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। जहां एक तरफ इजरायल और अमेरिका मिलकर ईरान के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, वहीं ईरान भी पलटवार करते हुए इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सहयोगियों पर मिसाइलों की बारिश कर रहा है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और शांति की कोई किरण नजर नहीं आ रही है।

इस बीच, भारत में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पहले राजदूत हुसैन हसन मिर्जा ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने वैश्विक कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। मिर्जा का मानना है कि इस महायुद्ध को रोकने की शक्ति भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है।
एनडीटीवी को दिए एक विशेष इंटरव्यू में हुसैन हसन मिर्जा ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी का खाड़ी देशों, राजनीतिक नेतृत्व और आम जनता के बीच व्यापक सम्मान है। उनकी विश्वसनीयता ऐसी है कि ईरान और इजरायल दोनों उनकी बात टाल नहीं पाएंगे। मिस्टर मोदी का अपने समकक्षों को किया गया सिर्फ एक फोन कॉल इस पूरे मसले को सुलझा सकता है और युद्ध को एक झटके में खत्म कर सकता है।”
मिर्जा ने साफ कर दिया कि संयुक्त अरब अमीरात इस जंग का हिस्सा नहीं बनना चाहता। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:
बता दें कि 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग ने क्षेत्र की स्थिरता को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इजरायल और अमेरिका के साझा हमलों के जवाब में ईरान के आक्रामक रुख ने खाड़ी देशों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में वैश्विक समुदाय अब भारत की ओर देख रहा है कि क्या ‘विश्वबंधु’ की भूमिका निभाने वाले पीएम मोदी इस संकट में मध्यस्थता करेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: टाटा स्टील जमशेदपुर के मेन गेट पर सोमवार को भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। जेएलकेएम (JLKM) के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में आक्रोशित कार्यकर्ताओं और परिजनों ने कंपनी के मुख्य द्वार को करीब दो घंटे तक जाम रखा। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट नारा था— “मजदूर का शोषण बंद हो।”

मिली जानकारी के अनुसार, सिल्ली मारदू के निवासी रोबिन महतो, जो पिछले 20 वर्षों से टाटा स्टील में कार्यरत थे, उनकी कार्य के दौरान एक दुर्घटना में दुखद मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही साथी मजदूरों और परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
मौके पर मौजूद देवेन्द्र नाथ महतो ने कंपनी प्रबंधन के समक्ष मृतक के परिवार के लिए कड़े तेवर दिखाते हुए निम्नलिखित मांगें रखीं:
इस विरोध प्रदर्शन में देवेन्द्र नाथ महतो के साथ जेएलकेएम के राम प्रसाद महतो, मीनाक्षी देवी, भानुमति देवी, सुलोचना महतो, भानुप्रिया महतो, अभिषेक वर्मा, गणेश कुम्हार और तपन महतो सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। प्रदर्शन के कारण कंपनी के मुख्य द्वार पर आवाजाही पूरी तरह बाधित रही।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। समाचार लिखे जाने तक प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता की प्रक्रिया जारी थी।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर, 9 मार्च: शहर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को पुलिस ने धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के काली मंदिर के पास रहने वाले सुमित सांडिल उर्फ टुनु (21 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी का सामान भी बरामद कर लिया है।

घटना के संबंध में भुइयांडीह कान्हू भट्ठा निवासी पंचम भुइयाँ ने 7 मार्च को सिदगोड़ा थाने में अज्ञात चोर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनकी दुकान में घुसकर चोरी की गई थी। पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की और दुकान में लगे CCTV कैमरों की जांच की, तो आरोपी का चेहरा साफ नजर आ गया।
इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और 8 मार्च को सिदगोड़ा ट्रांसपोर्ट मैदान के पास से सुमित सांडिल को संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने चोरी की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने चोरी के बाकी पैसे खर्च कर दिए हैं।
सिदगोड़ा थाना पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सोमवार, 9 मार्च को आरोपी सुमित सांडिल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर: झारखंड राज्य बार काउंसिल के आगामी चुनाव (12 मार्च) को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच जमशेदपुर बार एसोसिएशन के सदस्य और समाजवादी चिंतक अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने काउंसिल की संरचना और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए ‘वंचित समूहों’ की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है।

अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने तर्क दिया कि जब बार काउंसिल में महिला अधिवक्ताओं के लिए 5% हिस्सेदारी सुरक्षित की गई है, तो वंचित समूहों (SC/ST) की अनदेखी क्यों की जा रही है? उन्होंने कहा, “झारखंड की पहचान यहाँ की आदिवासी संस्कृति और विरासत से है। राज्य निर्माण के बाद से कितने आदिवासियों और भूमि पुत्रों को काउंसिल में सही प्रतिनिधित्व मिला, यह एक बड़ा सवाल है।”
उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा से भी आग्रह किया है कि काउंसिल द्वारा मनोनीत किए जाने वाले दो अधिवक्ता अनिवार्य रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से होने चाहिए।
पिछले 8 वर्षों के कार्यकाल का विश्लेषण करते हुए उन्होंने वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि 25 सदस्यों और चेयरमैन वाली कमेटी के होने के बावजूद झारखंड के 30 हजार वकीलों की समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ी हैं।
सुधीर कुमार पप्पू ने राज्य के तमाम अधिवक्ताओं से पूर्वाग्रह त्याग कर ‘भूमिपुत्र’ और स्पष्ट नीति वाले उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने अपनी मांगों में प्रमुखता से रखा:
बता दें कि आगामी 12 मार्च को होने वाले इस चुनाव में लगभग 100 प्रत्याशी मैदान में हैं। सुधीर कुमार पप्पू ने वकीलों से आह्वान किया है कि वे केवल पोस्टर और नारों को न देखें, बल्कि प्रत्याशी की नीयत और उनके संघर्ष की पृष्ठभूमि को देखकर वोट करें।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर, 9 मार्च: रामनवमी और हिंदू नववर्ष की तैयारियों के बीच जमशेदपुर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नाम पर भ्रम फैलाने का मामला सामने आया है। विहिप जमशेदपुर महानगर के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि कुछ लोग संगठन के नाम का गलत इस्तेमाल कर हिंदू समाज और अखाड़ा समितियों को गुमराह कर रहे हैं।

अजय गुप्ता ने जानकारी दी कि 1 मार्च को तुलसी भवन में जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी समिति और विश्व हिंदू परिषद की एक संयुक्त बैठक हुई थी। इस बैठक में शहर की सभी रामनवमी अखाड़ा समितियों के साथ सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि:
जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में शहर में कुछ लोग विहिप का नाम लेकर अलग से केंद्रीय रामनवमी समिति की बैठकें आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “विहिप ऐसी किसी भी बैठक को मान्यता नहीं देती और न ही इनमें हमारा कोई समर्थन है। यह हिंदू समाज को भ्रम में डालने की एक साजिश है।”
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि विहिप जमशेदपुर महानगर से संबंधित कोई भी आधिकारिक निर्णय केवल निम्नलिखित पदाधिकारियों द्वारा ही लिया जाता है:
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी सदस्य का निजी निर्णय संगठन का निर्णय नहीं माना जाएगा और यह अनुशासन के विरुद्ध है। अजय गुप्ता ने जमशेदपुर वासियों और हिंदू समाज से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर, 9 मार्च: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कदमा शाखा द्वारा एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “खुशहाल महिला – खुशहाल परिवार” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में शहर की प्रबुद्ध महिलाओं और गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कदमा सेवा केंद्र की प्रभारी बी.के. संजू बहन ने महिलाओं की आंतरिक शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “महिला केवल परिवार की सदस्य नहीं, बल्कि उसकी धुरी होती है। जब एक नारी मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त होती है, तो परिवार में सुख, शांति और प्रेम का वातावरण स्वतः ही स्थापित हो जाता है।” उन्होंने राजयोग और सकारात्मक सोच के माध्यम से स्वयं को संतुलित रखने पर जोर दिया, ताकि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाएं अपनी अहम भूमिका निभा सकें।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले अतिथियों में मुख्य रूप से शामिल थे:
संस्था की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने ब्रह्माकुमारीज़ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आध्यात्मिक सशक्तिकरण ही भारत को पुनः स्वर्णिम युग की ओर ले जाने का मार्ग है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित माताओं-बहनों ने आध्यात्मिक गीतों और अपने अनुभवों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के महत्व को साझा किया। सभी ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक राजयोग ध्यान और ईश्वरीय संदेश के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण शांति और उमंग से भर गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में बी.के. पूनम बहन, शोमा बहन, ज्योति बहन, अनीता बहन और पुष्पा बहन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़