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एक नई सोच, एक नई धारा

मजदूर मशीन नहीं इंसान हैं: 8 घंटे के कार्य पर पूर्ण वेतन के ऐतिहासिक फैसले का सुमन कारूवा ने किया स्वागत

​सरायकेला-खरसावां। श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले का मानवाधिकार सहायता संघ (अंतर्राष्ट्रीय) ने पुरजोर समर्थन किया है। सरायकेला-खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने इस निर्णय को श्रम जगत में एक नई क्रांति करार दिया है।

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​क्या है फैसला?

​सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशानुसार, अब सभी फैक्ट्रियों और संस्थानों में कार्यरत मजदूरों को 12 से 16 घंटे तक काम कराने के बजाय, मानक 8 घंटे के कार्य दिवस के आधार पर ही पूरा वेतन देना अनिवार्य होगा। यह फैसला उन मजदूरों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिन्हें लंबे समय तक काम करने के बावजूद उचित पारिश्रमिक के लिए संघर्ष करना पड़ता था।

​“मजदूर मशीन नहीं, इंसान हैं”

​इस फैसले का स्वागत करते हुए श्रीमती सुमन कारूवा ने कहा, “मजदूर कोई निर्जीव मशीन नहीं, बल्कि एक हाड़-मांस का इंसान है। उसे भी आराम और अपने परिवार के साथ समय बिताने का अधिकार है। 12-16 घंटे काम लेना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट के इस आदेश से मजदूरों के शोषण पर लगाम लगेगी और उनकी कार्यक्षमता के साथ-साथ जीवन स्तर में भी सुधार होगा।”

​8 घंटे के कार्य दिवस का गौरवशाली इतिहास

​श्रीमती कारूवा ने इस दौरान श्रमिक अधिकारों के इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:

  • ​1817: रॉबर्ट ओवेन ने सबसे पहले इस विचार को जन्म दिया था।
  • ​1886 (अमेरिका): मजदूर संघों ने 8 घंटे की शिफ्ट के लिए जोरदार आंदोलन किया, जिसके परिणामस्वरूप 1 मई को ‘मजदूर दिवस’ के रूप में पहचान मिली।
  • ​1914: हेनरी फोर्ड ने अपनी कंपनी में पहली बार इसे प्रभावी रूप से लागू किया था।
  • ​भारत: ‘द फैक्ट्री एक्ट’ के तहत कानूनी रूप से 8 घंटे की शिफ्ट निर्धारित है, जिसे अब सर्वोच्च न्यायालय ने और भी मजबूती प्रदान की है।

​श्रमिकों में खुशी की लहर

​जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में इस फैसले और श्रीमती कारूवा के समर्थन के बाद मजदूरों के बीच सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। मानवाधिकार सहायता संघ ने स्पष्ट किया है कि वे जमीनी स्तर पर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी संस्थान में मजदूरों का आर्थिक या शारीरिक शोषण न हो।

​ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

टाटा मोटर्स में ऐतिहासिक वेतन समझौता: कर्मचारियों और परिजनों में उत्साह की लहर, यूनियन नेतृत्व का जताया आभार

​जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज):

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टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन द्वारा मजदूरों के हित में किए गए ऐतिहासिक वेज रिवीजन (वेतन समझौता) के बाद कर्मचारियों और उनके परिवारों में जश्न का माहौल है। इस समझौते को मजदूर एकता और बेहतर प्रबंधन-यूनियन समन्वय की जीत के रूप में देखा जा रहा है।

​नेतृत्व पर अटूट विश्वास का परिणाम

​आज पूरे शहर और कंपनी परिसर में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आर.के. सिंह के प्रति कर्मचारियों ने अपना प्यार और अटूट विश्वास प्रकट किया। कर्मचारियों का कहना है कि यूनियन नेतृत्व ने उनकी मांगों को मजबूती से प्रबंधन के समक्ष रखा, जिसका सुखद परिणाम आज सबके सामने है।

​कमेटी मेंबर संजीव रंजन ने दी बधाई

​कांग्रेस नेता सह कमेटी मेंबर संजीव रंजन ने इस समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एक-एक कमेटी मेंबर और कर्मचारी साथियों की उम्मीदों को पूरा करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा:

​”आज टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन का हर कर्मचारी और उनका परिवार हर्षोत्साहित है। अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आर.के. सिंह के कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को प्रबंधन के साथ मिलकर पूरा किया गया है। हम समस्त मजदूर साथियों की ओर से यूनियन नेतृत्व और प्रबंधन का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।”

​मजदूर हित में बड़ा कदम

​इस नए समझौते से न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि टाटा मोटर्स में औद्योगिक शांति और बेहतर कार्य संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। शहर के विभिन्न हिस्सों में कर्मचारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया।

​रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

SNS इंडस्ट्रीज के मजदूर की मौत के बाद विधायक पूर्णिमा दास साहू की बड़ी पहल, परिजनों को मिलेगा 13 लाख मुआवजा और बेटे को नौकरी

​जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज):

टाटा स्टील के अंतर्गत कार्यरत वेंडर कंपनी SNS इंडस्ट्रीज में कार्यरत एक ठेका मजदूर की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने और फिर अस्पताल में मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। इस दुखद घटना के बाद बर्मामाइंस के भक्तिनगर निवासी मृतक मजदूर सत्य नारायण निषाद के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए जमशेदपुर पूर्व की विधायक श्रीमती पूर्णिमा दास साहू ने कड़ा रुख अपनाया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

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​घटना का विवरण

​जानकारी के अनुसार, विगत मंगलवार को सत्य नारायण निषाद ‘बी’ शिफ्ट की ड्यूटी समाप्त कर कंपनी गेट से आउट पंच करके बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान वे अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। कंपनी के सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तत्काल टी.एम.एच (TMH) पहुँचाया, लेकिन दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​विधायक की त्वरित कार्रवाई और प्रबंधन से वार्ता

​घटना की सूचना मिलते ही विधायक पूर्णिमा दास साहू ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल SNS इंडस्ट्रीज के प्रबंधन से टेलीफोनिक वार्ता की और स्पष्ट शब्दों में मांग रखी कि मृतक के परिजनों को सम्मानजनक मुआवजा, आर्थिक सहयोग और भविष्य की सुरक्षा प्रदान की जाए।

​बैठक में हुआ बड़ा फैसला: मुआवजा और नौकरी पर बनी सहमति

​विधायक के निर्देशन में आज भक्तिनगर, बर्मामाइंस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में SNS इंडस्ट्रीज प्रबंधन के प्रतिनिधि, मृतक के परिजन, बस्तीवासी, पूर्व जिला अध्यक्ष रामबाबू तिवारी, और मंडल अध्यक्ष रितेश झा उपस्थित रहे।

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​बैठक के मुख्य निर्णय:

  • ​13 लाख रुपये की कुल सहायता राशि मृतक के परिजनों को प्रदान की जाएगी।
  • ​दाह संस्कार और श्राद्धकर्म के लिए तत्काल आर्थिक सहयोग दिया गया।
  • ​मृतक के पुत्र को SNS इंडस्ट्रीज में स्थायी नौकरी देने पर प्रबंधन ने सहमति जताई है।

​क्षेत्र में विधायक की सराहना

​मजदूर की असामयिक मृत्यु से बस्ती में शोक की लहर थी, लेकिन विधायक की सक्रियता से पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय मिलने पर बस्तीवासियों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय नेताओं ने कहा कि विधायक के हस्तक्षेप के कारण ही प्रबंधन इतनी जल्दी सम्मानजनक मुआवजे के लिए तैयार हुआ।

​रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

बैंकिंग अभ्यर्थियों के लिए चेतावनी: परीक्षा पास करना ही काफी नहीं, अब ‘सिबिल स्कोर’ बिगाड़ सकता है आपका खेल

​जमशेदपुर/नई दिल्ली:

अगर आप सरकारी बैंक में अधिकारी या क्लर्क बनने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अब बैंकों में नौकरी पाने के लिए केवल लिखित परीक्षा और इंटरव्यू पास करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) भी साफ-सुथरा होना अनिवार्य है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि खराब वित्तीय रिकॉर्ड के कारण उम्मीदवारों की नियुक्तियां रद्द की जा रही हैं।

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​20 उम्मीदवारों के ऑफर लेटर हुए रद्द

​हाल ही में राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने चौंकाने वाली जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 20 उम्मीदवारों की नियुक्ति सिर्फ इसलिए रोक दी गई या उनके ऑफर लेटर वापस ले लिए गए, क्योंकि उनकी क्रेडिट हिस्ट्री खराब थी। हालांकि, यह संख्या कुल चयनित उम्मीदवारों का महज 0.02% है, लेकिन यह बैंकों के सख्त होते नियमों का स्पष्ट संकेत है।

​क्यों जरूरी है बैंक के लिए आपका सिबिल स्कोर?

​वित्त मंत्रालय के अनुसार, बैंकों का मानना है कि जिन कर्मचारियों को जनता के पैसे की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, उनका खुद का वित्तीय व्यवहार जिम्मेदार होना चाहिए।

  • ​नैतिक जिम्मेदारी: यदि कोई व्यक्ति अपनी ईएमआई (EMI) या क्रेडिट कार्ड बिल भरने में लापरवाह है, तो उसे बैंकिंग जैसे संवेदनशील क्षेत्र में जोखिम माना जा सकता है।
  • ​अनुशासन: अच्छा क्रेडिट स्कोर उम्मीदवार के वित्तीय अनुशासन और ईमानदारी को दर्शाता है।

​IBPS के नए नियम: मुख्य बातें

​बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) के माध्यम से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए अब निम्नलिखित शर्तें लागू होंगी:

  1. ​जॉइनिंग के समय अनिवार्य: चयन के बाद जॉइनिंग के वक्त उम्मीदवार को एक हेल्दी क्रेडिट रिपोर्ट पेश करनी होगी।
  2. ​कट-ऑफ स्कोर: हर बैंक अपनी नीति के अनुसार न्यूनतम स्कोर तय करता है, लेकिन सामान्यतः 650 या उससे अधिक के स्कोर को मानक माना जाता है।
  3. ​किसे मिलेगी छूट: यह नियम उन युवाओं पर लागू नहीं होगा जिनका कोई बैंक खाता नहीं है या जिन्होंने कभी कोई लोन नहीं लिया है (यानी जिनकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री ही नहीं है)।

​भविष्य की तैयारी: यूटिलिटी बिल भी होंगे शामिल!

​विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में क्रेडिट स्कोर का दायरा और बढ़ सकता है। अब केवल बैंक लोन ही नहीं, बल्कि समय पर बिजली, पानी और मोबाइल बिलों के भुगतान को भी क्रेडिट स्कोर से जोड़ने की तैयारी चल रही है।

​सावधानी ही बचाव है:

यदि आपने कोई छोटा लोन या क्रेडिट कार्ड लिया है, तो उसकी किस्तों का भुगतान समय पर करें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही वर्षों की मेहनत और बैंक में नौकरी पाने के सपने को तोड़ सकती है।

​रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: भारत में LPG संकट के बीच गुरुग्राम में खुला उत्तर भारत का पहला ‘गैस ATM’

​गुरुग्राम/जशेदपुर: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध की भीषण आग अब भारतीय रसोई तक पहुंच गई है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है, जिसका सीधा असर भारत की गैस आपूर्ति पर पड़ा है। लेकिन इस संकट के बीच गुरुग्राम से एक राहत भरी खबर सामने आई है।

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​सप्लाई चेन टूटी, बढ़ी किल्लत

​भारत अपनी जरूरत की लगभग 60% LPG विदेशों से आयात करता है। युद्ध के कारण शिपमेंट्स में देरी हो रही है और पैनिक बुकिंग की वजह से गैस की भारी किल्लत पैदा हो गई है। इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए BPCL ने गुरुग्राम के सोहना (सेक्टर 22) में उत्तर भारत का पहला ऑटोमैटिक LPG ATM शुरू किया है।

​अब नहीं चलेगी गैस एजेंसियों की मनमानी

​सप्लाई क्राइसिस के इस दौर में उपभोक्ताओं को अक्सर गैस एजेंसियों की लेटलतीफी और मनमानी का सामना करना पड़ता है। यह ATM उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है जो बुकिंग के बाद लंबे इंतजार से परेशान हैं। अब ग्राहक बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे मशीन से सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।

​कैसे काम करता है यह ‘गैस ATM’?

​संकट के समय में यह मशीन बिना किसी देरी के 3 आसान स्टेप्स में काम करती है:

  1. ​वेरिफिकेशन: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन करें।
  2. ​डिजिटल पेमेंट: मशीन पर दिए गए QR कोड को स्कैन कर भुगतान करें।
  3. ​तुरंत डिलीवरी: पेमेंट सफल होते ही भरा हुआ सिलेंडर आपके सामने होगा।

​भारी और पुराने सिलेंडरों से मिलेगी मुक्ति

​इस ATM के जरिए आधुनिक कंपोजिट सिलेंडर दिए जा रहे हैं, जो पुराने लोहे के सिलेंडरों के मुकाबले कहीं अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हैं:

  • ​हल्का वजन: 30 किलो के भारी सिलेंडरों के बजाय ये मात्र 15 किलो के हैं।
  • ​पारदर्शी डिजाइन: आप बाहर से ही देख सकते हैं कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है, जिससे चोरी या कम गैस मिलने का डर खत्म हो जाता है।
  • ​जंग मुक्त और सुरक्षित: ये सिलेंडर जंग नहीं खाते और इनके फटने का खतरा भी शून्य है।

​24 घंटे सेवा: रात में गैस खत्म होने का डर खत्म

​युद्ध के कारण मचे पैनिक के बीच सबसे बड़ी राहत इसकी 24×7 उपलब्धता है। यदि रात के समय भी आपकी गैस खत्म हो जाए, तो आपको एजेंसी खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मशीन में स्टॉक कम होते ही यह सीधे संबंधित एजेंसी को अलर्ट भेजती है, जिससे रिफिलिंग की प्रक्रिया भी तेज रहती है।

​रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

शेयर बाजार में ‘ब्लैक थर्सडे’: 5 मिनट में स्वाहा हुए 8 लाख करोड़, ईरान-अमेरिका तनाव से दलाल स्ट्रीट पर भूचाल

​जमशेदपुर/मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन किसी डरावने सपने से कम नहीं रहा। सुबह बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर ऐसी सुनामी आई कि महज 5 मिनट के भीतर निवेशकों की गाढ़ी कमाई के 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए। वैश्विक स्तर पर गहराते भू-राजनीतिक तनाव ने घरेलू बाजार की कमर तोड़ दी है।

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​कच्चे तेल की ‘आग’ में झुलसा बाजार

​बाजार में इस कोहराम की मुख्य वजह ईरान और अमेरिका के बीच अचानक बढ़ा तनाव है। इस खींचतान के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड $112 प्रति बैरल के खतरनाक स्तर को पार कर गया है। तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक निवेशकों में दहशत पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर भारतीय सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिला।

​सेंसेक्स 1800 अंक टूटा, निफ्टी में भी हाहाकार

​गिरावट के आंकड़े बाजार की बदहाली की पूरी कहानी बयां कर रहे हैं:

  • ​BSE Sensex: करीब 1800 अंकों (2.35%) की भारी गिरावट के साथ 74,869 के स्तर पर आ गिरा।
  • ​Nifty 50: 532 अंक (2.23%) टूटकर 23,238 के स्तर पर संघर्ष कर रहा है।

​कल तक बाजार में जो रौनक दिख रही थी, आज उस पर पूरी तरह पानी फिर गया है। बुधवार को सेंसेक्स 633 अंकों की छलांग लगाकर बंद हुआ था, लेकिन आज की गिरावट ने पिछले सारे लाभ को धो डाला है।

​बैंकिंग और इंफ्रा सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित

​आज बाजार में हर तरफ लाल निशान का बोलबाला है। सेंसेक्स के सभी 30 दिग्गज शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा मार बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर पड़ी है:

  • ​HDFC Bank, Axis Bank और Larsen & Toubro (L&T) जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर औंधे मुंह गिरे हैं।
  • ​बाजार में ट्रेड हो रहे 2006 शेयरों में से 1390 शेयर भारी गिरावट का शिकार हुए हैं।
  • ​जहाँ केवल 469 शेयर ही हरे निशान में टिक पाए, वहीं 40 शेयर अपने एक साल के निचले स्तर (52-week low) पर पहुंच गए हैं।
कठितांड: युवा महावीर मण्डल की बैठक में बनी रामनवमी की रणनीति, जय श्री राम के नारों के साथ स्थापित हुआ महावीरी झंडा

​कठितांड। आगामी रामनवमी महोत्सव को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से युवा महावीर मण्डल रामनवमी पूजा समिति, कठितांड के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आयोजन की सफलता और क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।

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​तैयारियों पर मंथन: झांकी और सुरक्षा मुख्य एजेंडा

​बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने आगामी पर्व को लेकर अपने-अपने सुझाव साझा किए। चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

  • ​भव्य शोभायात्रा: इस वर्ष निकलने वाली शोभायात्रा और झांकियों को पहले से अधिक आकर्षक बनाने पर सहमति बनी।
  • ​सुरक्षा व्यवस्था: भारी भीड़ को देखते हुए स्वयंसेवकों की तैनाती और सुरक्षा मानकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
  • ​जन सहभागिता: समिति ने संकल्प लिया कि इस बार का आयोजन क्षेत्र के हर वर्ग और समुदाय की भागीदारी के साथ संपन्न होगा।

​युवा नेता ओम शंकर गुप्ता ने दिया सहयोग का आश्वासन

​इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित युवा नेता ओम शंकर गुप्ता ने समिति के ऊर्जावान सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रामनवमी का पर्व हमारी संस्कृति और एकता का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

​महावीरी झंडा स्थापना से गूंजा पूरा इलाका

​बैठक के समापन के पश्चात समिति के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर कठितांड चौक पर पूर्ण विधि-विधान और उत्साह के साथ महावीरी झंडा स्थापित किया। झंडा स्थापना के दौरान “जय श्री राम” और “वीर हनुमान” के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।

​क्षेत्रवासियों से अपील

​युवा महावीर मण्डल के सदस्यों ने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वे रामनवमी के इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी श्रद्धा प्रकट करें और शांतिपूर्ण तरीके से उत्सव मनाएं।

​रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: टाटा स्टील एनएमएल गेट पर बवाल, ठेका मजदूर की मौत के बाद परिजनों ने रोका रास्ता, 25 लाख मुआवजे की मांग

​जमशेदपुर। लौहनगरी के बर्मामाइंस स्थित टाटा स्टील एनएमएल (NML) गेट पर बुधवार को भारी हंगामा देखने को मिला। मंगलवार रात ड्यूटी के दौरान एक ठेका कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों और आक्रोशित मजदूरों ने कंपनी गेट को जाम कर दिया। मृतक की पहचान बर्मामाइंस निवासी 48 वर्षीय सत्यनारायण निषाद के रूप में हुई है।

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​क्या है पूरी घटना?

​सत्यनारायण निषाद टाटा स्टील की अनुषंगी इकाई, ‘जमशेदपुर कंटीन्युअस एनीलिंग एंड प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड’ (JCAPPL) के अंतर्गत कार्यरत ठेका कंपनी मेसर्स एमवीएम टेक्नोलॉजी में मजदूर था।

  • ​मंगलवार रात: सत्यनारायण ‘बी’ शिफ्ट में ड्यूटी पर था।
  • ​हादसा: ड्यूटी खत्म कर जैसे ही वह कंपनी गेट के बाहर निकला, अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ा।
  • ​अस्पताल में मौत: साथी कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की मदद से उसे तत्काल एम्बुलेंस द्वारा टाटा मेन अस्पताल (TMH) ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

​मुआवजे पर अड़ा परिवार: 25 लाख की मांग

​बुधवार सुबह से ही मृतक के परिजन और स्थानीय लोग कंपनी गेट पर जमा हो गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रास्ता जाम कर दिया। परिजनों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजा और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे।

  • ​बेटे का भविष्य दांव पर: परिजनों ने बताया कि सत्यनारायण के बेटे का चयन भुवनेश्वर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में हुआ है। घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य होने के नाते, पिता की मौत के बाद उसकी पढ़ाई और परिवार का भरण-पोषण संकट में है।
  • ​मुआवजा: आश्रितों ने कंपनी प्रबंधन से 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है।

​वार्ता विफल, तनाव बरकरार

​मौके पर पहुँचे ठेका कंपनी के अधिकारियों और परिजनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन मुआवजा राशि को लेकर अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। गेट जाम होने के कारण कंपनी के परिचालन और कर्मचारियों के आवागमन पर भी असर पड़ा है। फिलहाल स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बल तैनात हैं।

​रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़

श्रीनाथ विश्वविद्यालय में “मैथमेटिकल साइंस फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

श्रीनाथ विश्वविद्यालय स्थित गणित विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला जिसका शीर्षक “मैथमेटिकल साइंस फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर” का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला की शुरूआत उद्घाटन समारोह के साथ हुआ जिसमें पहले दिन मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में श्री विकास कुमार एवं श्री अंकुर शास्वत उपस्थित रहे।

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उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. शिवानंद सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. याहा मजूमदार, असिस्टेंट डीन (रिसर्च) डॉ. शैलेश कुमार सारंगी, असिस्टेंट डीन (करिकुलम डेवलपमेंट) डॉ. सुदर्शना बनर्जी सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, सहायक प्रोफेसर एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर एवं दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके पश्चात कुलपति महोदय ने छात्रों को संबोधित किया।

कार्यक्रम के पहले दिन मुख्य वक्ताओं ने अपने अपने अनुभव छात्रों के साथ साझा करते हुए वैज्ञानिक चेतना और सर्वांगीण विकास पर प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने देश-विदेश के महान गणितज्ञों और वैज्ञानिकों के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों में उत्साह देख गया जिसमें सबने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

इस कार्यशाला के दूसरे दिन मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. अमिताभ बोस एवं डॉ. नयन मखोपाध्याय शामिल हुए कार्यक्रम की शुरुआत भी पुष्प स्वागत एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इस अवसर पर श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्या डॉ. मौसुमी महतो ने मंच से सभी का स्वागत किया। इस दौरान श्रीनाथ कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. प्रशांता कुमार महापात्रा ने सभा में उपस्थित सभी को संबोधित किया।

मुख्य वक्ता डॉ. अमिताभ बोस ने गणित के इतिहास, वर्तमान और भविष्य पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि गणित सभी विषयों की जननी है। उन्होंने गणित के विभिन्न आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं, डॉ. नयन मुखोपाध्याय ने अपनी आकर्षक शैली में अंधविश्वास, कुसंस्कार और पाखंड को समाप्त करने का संदेश दिया। उनके साथ आए पश्चिम बंगाल विज्ञान मंच, पुरुलिया के सदस्यों ने विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझाते हुए ठगी और अंधविश्वास से बचने के उपाय बताए।
दोनों दिनों के कार्यक्रम का संचालन छात्राएं नंदिनी सिंह और प्रीति कुमारी महतो ने किया। अंत में गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. तरुण कुमार महतो ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति कार्यक्रम की अपार सफलता को देखते हुए आभार व्यक्त किया और धन्यवाद दिया।

ग्लोबल रिसाइकिल दिवस: बारीडीह स्वास्थ्य कार्यालय में सफाई मित्रों के बीच पुरानी किताबों और वस्त्रों का वितरण

​जमशेदपुर। ‘ग्लोबल रिसाइकिल दिवस’ के अवसर पर जमशेदपुर में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकार का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। टाटा स्टील यूटिलिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (TSUISL) के तत्वावधान में बारीडीह स्वास्थ्य कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ सफाई मित्रों को पुरानी किताबें और वस्त्र वितरित किए गए।

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​उपयोग की गई वस्तुओं को मिला नया जीवन

​इस पहल का मुख्य उद्देश्य रिसाइक्लिंग (पुनर्चक्रण) की भावना को बढ़ावा देना और उन वस्तुओं को जरूरतमंदों तक पहुँचाना था जो अब दूसरों के काम आ सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान सफाई मित्रों ने अपनी स्वेच्छा और आवश्यकतानुसार पुरानी किताबों और वस्त्रों का चयन किया। इस कदम की सराहना करते हुए उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि वस्तुओं का पुन: उपयोग (Reuse) न केवल कचरा कम करता है, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।

​इनकी रही महत्वपूर्ण उपस्थिति

​कार्यक्रम को सफल बनाने में जुस्को (TSUISL) के अधिकारियों और जागरूकता संगठनों के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

  • ​प्रबंधन: मैनेजर उत्पल पोद्दार, वरिष्ठ सुपरवाइजर सुरेश कुमार, रतन मुखी।
  • ​सुपरवाइजर टीम: घाटम मार्डी, वेंडर सुपरवाइजर ओम प्रकाश, रणधीर, लखन और गोपाल दास।
  • ​जागरूकता संगठन: संस्था की ओर से नीलू नाग और गीता देवी ने सक्रिय भूमिका निभाई।

​सफाई मित्रों ने जताया आभार

​दिन-रात शहर की सफाई में जुटे रहने वाले सफाई मित्रों ने इस पहल की सराहना की। किताबों के वितरण से जहाँ उनके बच्चों की शिक्षा में मदद मिलेगी, वहीं वस्त्र वितरण से उन्हें सीधा लाभ पहुँचा है।

​रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़

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