जमशेदपुर। लौहनगरी के बर्मामाइंस स्थित टाटा स्टील एनएमएल (NML) गेट पर बुधवार को भारी हंगामा देखने को मिला। मंगलवार रात ड्यूटी के दौरान एक ठेका कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों और आक्रोशित मजदूरों ने कंपनी गेट को जाम कर दिया। मृतक की पहचान बर्मामाइंस निवासी 48 वर्षीय सत्यनारायण निषाद के रूप में हुई है।


क्या है पूरी घटना?
सत्यनारायण निषाद टाटा स्टील की अनुषंगी इकाई, ‘जमशेदपुर कंटीन्युअस एनीलिंग एंड प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड’ (JCAPPL) के अंतर्गत कार्यरत ठेका कंपनी मेसर्स एमवीएम टेक्नोलॉजी में मजदूर था।
- मंगलवार रात: सत्यनारायण ‘बी’ शिफ्ट में ड्यूटी पर था।
- हादसा: ड्यूटी खत्म कर जैसे ही वह कंपनी गेट के बाहर निकला, अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ा।
- अस्पताल में मौत: साथी कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की मदद से उसे तत्काल एम्बुलेंस द्वारा टाटा मेन अस्पताल (TMH) ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुआवजे पर अड़ा परिवार: 25 लाख की मांग
बुधवार सुबह से ही मृतक के परिजन और स्थानीय लोग कंपनी गेट पर जमा हो गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रास्ता जाम कर दिया। परिजनों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजा और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे।
- बेटे का भविष्य दांव पर: परिजनों ने बताया कि सत्यनारायण के बेटे का चयन भुवनेश्वर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में हुआ है। घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य होने के नाते, पिता की मौत के बाद उसकी पढ़ाई और परिवार का भरण-पोषण संकट में है।
- मुआवजा: आश्रितों ने कंपनी प्रबंधन से 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है।
वार्ता विफल, तनाव बरकरार
मौके पर पहुँचे ठेका कंपनी के अधिकारियों और परिजनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन मुआवजा राशि को लेकर अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। गेट जाम होने के कारण कंपनी के परिचालन और कर्मचारियों के आवागमन पर भी असर पड़ा है। फिलहाल स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बल तैनात हैं।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़










