एक नई सोच, एक नई धारा

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UP में ‘न्याय के मंदिर’: CJI सूर्यकांत ने की मुख्यमंत्री योगी की सराहना, 6 इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की रखी नींव

चंदौली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के विजन की जमकर प्रशंसा की। चंदौली जिले में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सीजेआई ने राज्य के छह जिलों के लिए इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स (Integrated Court Complex) की आधारशिला रखी।

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​इस अवसर पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन परिसरों को स्थापित कर उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

देश के लिए मिसाल बनेगा उत्तर प्रदेश

​मुख्य न्यायाधीश ने उत्तर प्रदेश के इस मॉडल को पूरे देश के लिए एक ‘मानदंड’ बताया। उन्होंने कहा:

  • रोल मॉडल: “मैं जिस भी राज्य में जाऊंगा, उत्तर प्रदेश का उदाहरण जरूर दूंगा।”
  • न्याय के मंदिर: “यह क्षेत्र अपने ऐतिहासिक धार्मिक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, और अब मुख्यमंत्री ने यहाँ ‘न्याय के मंदिर’ स्थापित कर दिए हैं।”
  • सपना साकार: सीजेआई ने संविधान निर्माताओं के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका के मजबूत होने से ही “न्याय तक पहुंच” का सपना सच होगा।

​ये कॉम्प्लेक्स चंदौली के साथ-साथ महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया जिलों में बनाए जाएंगे, जिनके लिए राज्य सरकार ने फंड भी जारी कर दिया है।

CJI की विशेष अपील: महिलाओं और स्वास्थ्य पर जोर

​न्यायालयों को अधिक समावेशी बनाने के लिए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सरकार और हाई कोर्ट से दो प्रमुख आग्रह किए:

  1. महिला अधिवक्ताओं के लिए: हर जिला न्यायालय में महिलाओं के लिए अलग ‘बार रूम’ बनाया जाए।
  2. स्वास्थ्य सुविधा: न्यायालय परिसर में एक ‘प्राइमरी हेल्थ सेंटर’ स्थापित किया जाए ताकि बुजुर्गों और वादियों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

मुख्यमंत्री योगी का विजन: एक छत के नीचे सारा समाधान

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में न्यायपालिका की मजबूती को लोकतंत्र के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा:

​”लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए न्यायपालिका को सशक्त बनाना जरूरी है। आम जनता को सरल और सुलभ न्याय दिलाने के लिए ऐसे मॉडल आवश्यक हैं जहाँ एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएँ हों।”

​सीएम योगी ने घोषणा की कि वर्तमान छह जिलों के बाद, अगले कुछ महीनों में चार अन्य जिलों में भी इसी तरह की इंटीग्रेटेड कोर्ट सुविधाएं शुरू की जाएंगी।

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जमशेदपुर: NH-33 पर रैम्प निर्माण का विरोध तेज, व्यापारियों ने जताई कारोबार ठप होने की आशंका

जमशेदपुर: शहर के एनएच-33 (NH-33) वाले शहरी हिस्से को ‘एक्सीडेंट फ्री’ और जाम मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित रैम्प निर्माण योजना का विरोध शुरू हो गया है। जमशेदपुर सिटीजन फोरम और हाईवे शॉपकीपर एंड टेंडर एसोसिएशन ने इस निर्माण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है।

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विकास सिंह ने दी आंदोलन की चेतावनी

​हाईवे शॉपकीपर और टेंडर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विकास सिंह ने रैम्प निर्माण का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि प्रशासन की यह योजना अव्यवहारिक है। उनके अनुसार:

  • व्यापार पर संकट: रैम्प बनने से हाईवे के किनारे स्थित सैकड़ों दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान मुख्य मार्ग से कट जाएंगे, जिससे स्थानीय कारोबार पूरी तरह ठप हो जाएगा।
  • जनता की असुविधा: विकास सिंह का तर्क है कि रैम्प निर्माण से आम नागरिकों के आवागमन में सुगमता आने के बजाय जटिलता बढ़ेगी।
  • वैकल्पिक समाधान की मांग: एसोसिएशन का कहना है कि प्रशासन को व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई वैकल्पिक योजना बनानी चाहिए।

“एक्सीडेंट फ्री ज़ोन” बनाम “आजीविका”

​प्रशासन का उद्देश्य इस व्यस्त मार्ग को दुर्घटना मुक्त बनाना है, लेकिन स्थानीय निवासी और व्यापारी इसे अपनी आजीविका पर प्रहार मान रहे हैं। जमशेदपुर सिटीजन फोरम ने भी स्पष्ट किया है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर व्यापारियों का विनाश बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

“प्रशासन की मंशा मार्ग को सुरक्षित बनाने की हो सकती है, लेकिन इसके लिए दुकानदारों और स्थानीय लोगों की बलि नहीं दी जा सकती। अगर इस योजना पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो हम व्यापक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।” > — विकास सिंह, उपाध्यक्ष (हाईवे शॉपकीपर एंड टेंडर एसोसिएशन)

विरोध की मुख्य वजहें:

  1. एक्सेस की समस्या: रैम्प बनने से सर्विस रोड और मुख्य मार्ग के बीच संपर्क बाधित होगा।
  2. आर्थिक नुकसान: हाईवे के किनारे वर्षों से स्थापित होटल, शोरूम और छोटी दुकानों के ग्राहक कम हो जाएंगे।
  3. सुरक्षा के सवाल: प्रदर्शनकारियों का मानना है कि रैम्प के डिजाइन से स्थानीय ट्रैफिक की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
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जमशेदपुर: उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के लापता होने से शहर में हड़कंप, विधायक मंगल कालिंदी ने परिजनों से की मुलाक़ात

जमशेदपुर: लौहनगरी के प्रतिष्ठित उद्यमी और आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (ASIA) के उपाध्यक्ष देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की खबर से पूरे शहर में चिंता और असुरक्षा का माहौल है। इस घटना ने व्यापारिक जगत और स्थानीय नागरिकों को स्तब्ध कर दिया है।

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विधायक मंगल कालिंदी ने जाना परिजनों का हाल

​आज जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी देवांग गांधी के आवास पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। विधायक ने इस कठिन घड़ी में परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया।

सरकार और प्रशासन सख्त, मुख्यमंत्री की ‘जीरो टोलरेंस’ नीति

​मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक मंगल कालिंदी ने झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुआ से देवांग गांधी की फोन पर बात करवाई। मंत्री बिरुआ ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले को लेकर अत्यंत गंभीर है और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

​विधायक कालिंदी ने मौके पर ही कोल्हान डीआईजी से दूरभाष पर संपर्क साधा और अब तक की पुलिस तफ्तीश की प्रगति रिपोर्ट मांगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि जल्द से जल्द कैरव गांधी को सकुशल बरामद किया जाए।

​”मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टोलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपनाती है। वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है और हमें विश्वास है कि कैरव गांधी को जल्द ही सुरक्षित खोज निकाला जाएगा।”

मंगल कालिंदी, विधायक (जुगसलाई)

क्या है पूरा मामला?

​ज्ञात हो कि कैरव गांधी मंगलवार दोपहर से लापता हैं। उनकी कार सरायकेला-खरसावां जिले के कांदरबेड़ा (NH-33) के पास लावारिस हालत में बरामद हुई थी। पुलिस अपहरण और फिरौती समेत सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। एसआईटी (SIT) का गठन किया जा चुका है और विभिन्न राज्यों में छापेमारी की जा रही है।

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बिष्टुपुर: चालान काटने वाले हाथों ने थामी घायल की कलाई, ट्रैफिक पुलिस की ‘इंसानियत’ ने जीता शहर का दिल

जमशेदपुर। लौहनगरी में अक्सर ट्रैफिक पुलिस को केवल सख्त नियमों और चालान काटने के लिए जाना जाता है, लेकिन बिष्टुपुर इलाके में एक पुलिसकर्मी ने अपनी तत्परता और संवेदनशीलता से इस धारणा को बदल दिया है। वोल्टास गोलचक्कर के पास ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी ब्रजेश कुमार ने घायल महिला की मदद कर खाकी का मानवीय चेहरा पेश किया है।

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चेकिंग छोड़, मदद को आगे आए हाथ

​मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को वोल्टास हाउस के समीप ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक महिला सड़क दुर्घटना में घायल हो गई। चेकिंग में व्यस्त होने के बावजूद, ट्रैफिक पुलिसकर्मी ब्रजेश कुमार ने जैसे ही महिला को दर्द में देखा, वे तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े।

मौके पर ही दिया प्राथमिक उपचार

​ब्रजेश कुमार ने बिना समय गंवाए घायल महिला को सड़क किनारे बैठाया और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) उपलब्ध कराई। उन्होंने महिला के घावों पर दवा लगाई और उन्हें सांत्वना दी। इतना ही नहीं, उन्होंने महिला को नजदीकी अस्पताल ले जाने और उचित इलाज सुनिश्चित कराने में भी पूरा सहयोग किया।

समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश

​अक्सर लोग पुलिस को केवल दंडात्मक कार्रवाई से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि वर्दी के भीतर भी एक संवेदनशील इंसान होता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिसकर्मी के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि केवल आलोचना करना सही नहीं है; जब पुलिस ऐसे मानवीय कार्य करती है, तो समाज में सुरक्षा और भरोसे का भाव जागता है।

“बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस द्वारा दिखाई गई यह इंसानियत अन्य पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों के लिए एक मिसाल है।”

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जमशेदपुर: चमत्कार के नाम पर ठगी, तीन ‘साधुओं’ ने महिला से लूटे लाखों के जेवर

जमशेदपुर। शहर के उलीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत संजय पथ (सर्वोदय पथ) में ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ तीन शातिर ठगों ने ‘साधु’ का भेष धरकर एक महिला को अपने झांसे में लिया और चमत्कार दिखाने के नाम पर करीब 3 से 4 लाख रुपये के सोने के गहने लेकर फरार हो गए।

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पत्थर को सोना बनाने का दिया झांसा

​पीड़िता कंचन देवी दोपहर के समय घर में अकेली थीं, तभी तीन साधु उनके द्वार पर पहुंचे। उन्होंने खुद को ‘सिद्ध पुरुष’ बताया और महिला को अपनी बातों के जाल में फंसा लिया। ठगों ने एक पत्थर दिखाते हुए दावा किया कि वे अपनी शक्तियों से इसे सोने में बदल सकते हैं और यदि घर का सोना इसमें शामिल किया जाए, तो वह “शुद्ध” होकर कई गुना बढ़ जाएगा।

पोटली में गहनों की जगह निकले पत्थर

​साधुओं के झांसे में आकर महिला ने अपनी सोने की चेन, जिउतिया और अन्य कीमती आभूषण उन्हें सौंप दिए। ठगों ने गहनों को एक कपड़े की पोटली में बांधा और कुछ मंत्र पढ़ने का ढोंग किया। उन्होंने महिला को सख्त हिदायत दी कि वह कुछ समय तक पोटली न खोले और इसी बीच वे मौके से रफूचक्कर हो गए। जब महिला ने पोटली खोली, तो उसमें असली गहनों की जगह सिर्फ पत्थर और नकली सामान मिला।

पुलिस खंगाल रही है सीसीटीवी फुटेज

​घटना के बाद पीड़िता के पति चंदन कुमार ने उलीडीह थाना में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

पुलिस की अपील: प्रशासन ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के अंधविश्वास या चमत्कार वाले दावों पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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जमशेदपुर: भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया श्री श्री दक्षिणेश्वरी काली मंदिर का द्वितीय स्थापना दिवस

जमशेदपुर। बर्मामाइंस के ईस्ट प्लांट बस्ती स्थित श्री श्री दक्षिणेश्वरी मां काली मंदिर का द्वितीय स्थापना दिवस शनिवार को अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर आयोजित कलश यात्रा और विशाल भंडारे ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया।

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कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

​स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत शनिवार सुबह भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। गाजे-बाजे के साथ निकली इस यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया। यह यात्रा मंदिर प्रांगण से शुरू होकर साकची होते हुए दोमुहानी पहुंची। वहां पवित्र जल भरने के पश्चात श्रद्धालु पुनः मंदिर लौटे। कलश स्थापना के बाद पुरोहित सुमन भट्टाचार्य के सानिध्य में मां काली का महास्नान और विधि-विधान से विशेष पूजन संपन्न हुआ।

1936 से जुड़ा है इतिहास

​मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष गलविंदर सिंह संधू (ग्वाले) ने मंदिर के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहाँ मां काली की पूजा की परंपरा वर्ष 1936 से उनके पूर्वजों द्वारा शुरू की गई थी। उन्होंने कहा:

​”17 जनवरी 2024 को हमने इस मंदिर की भव्य स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा की थी। आज मां की कृपा और समाज के सहयोग से यह भक्ति का केंद्र बन चुका है। यहाँ हर माह की अमावस्या को विशेष पूजा और भोग वितरण किया जाता है।”

विशाल भंडारा और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

​पूजन के पश्चात मंदिर समिति द्वारा महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन किया गया, जो देर शाम तक चला। इस भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में शहर की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • शिव शंकर सिंह (समाजसेवी)
  • प्रदीप कुमार यादव (थाना प्रभारी, बर्मामाइन्स)
  • संजय मिश्रा (वरिष्ठ पत्रकार)
  • संजीव भारद्वाज (अध्यक्ष, जमशेदपुर प्रेस क्लब)

इनका रहा विशेष योगदान

​आयोजन को सफल बनाने में उमा शंकर बेरा, सुजीत कुमार राउत, अरुण प्रसाद, हरिश्चंद्र प्रसाद, दुर्गानंद दुबे, संतोष सिंह, रंजीत कुमार राउत, अजीत कुमार राउत, राजीव कुमार झा, राहुल, अविनाश सिंह और अभिजित राउत सहित मंदिर समिति के सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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जमशेदपुर: परसुडीह में ‘कार हॉस्पिटल’ गैराज में भीषण आगजनी, लाखों का नुकसान

जमशेदपुर, शनिवार: परसुडीह थाना क्षेत्र के करनडीह मेन रोड स्थित “कार हॉस्पिटल” नामक वाहन मरम्मत गैराज में शुक्रवार देर रात अज्ञात असामाजिक तत्वों ने आग लगा दी। इस घटना में गैराज में खड़ी तीन कारें जलकर पूरी तरह राख हो गईं, जबकि एक अन्य वाहन को गंभीर नुकसान पहुंचा है। घटना के समय मकर संक्रांति की छुट्टी के कारण गैराज में कोई कर्मचारी सक्रिय नहीं था।

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लाखों की संपत्ति स्वाहा

​गैराज संचालकों, वैद्यनाथ महतो और मंगल कुजूर के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि मरम्मत के लिए खड़ी गाड़ियां लोहे के ढांचे में तब्दील हो गई। जलने वाले वाहनों में शामिल हैं:

  • डस्टर कार (JH 10 AB 4439)
  • टाटा नैनो (JH 05 L 4648)
  • मारुति ऑल्टो (OR 02 BK 1670) इसके अलावा, बगल में खड़ी एक मारुति 800 (JH 05 H 3419) का पिछला हिस्सा भी आग की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है।

सुनियोजित साजिश की आशंका

​गैराज संचालक वैद्यनाथ महतो ने आरोप लगाया कि यह हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश है। घटना के समय गैराज का केवल एक कर्मचारी वहां मौजूद था, जो ठंड के कारण कमरे के अंदर सो रहा था। संचालकों का मानना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने जानबूझकर गैराज को निशाना बनाया है।

पुलिस की कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही परसुडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि दोषियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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जमशेदपुर में भाजपा का हल्ला बोल: बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ एसएसपी कार्यालय का ऐतिहासिक घेराव
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जमशेदपुर, शनिवार: शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और चरमराती कानून-व्यवस्था के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत निकाली गई इस ‘आक्रोश रैली’ का नेतृत्व जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने किया।

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मुख्यालय से एसएसपी दफ्तर तक गूंजा आक्रोश

​रैली की शुरुआत साकची स्थित भाजपा जिला मुख्यालय से हुई। हाथ में तख्तियां और झंडे लिए हजारों की संख्या में कार्यकर्ता जिला प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। रैली जब वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंची, तो वहां कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया।

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32 साल पुराना इतिहास दोहराया गया

​आंदोलन के दौरान भाजपा नेताओं ने इस प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताया। नेताओं ने याद दिलाया कि ठीक 32 वर्ष पहले (1992 में) भी भाजपा ने इसी तरह कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर तत्कालीन एसपी परवेज हयात के कार्यकाल में कार्यालय का घेराव किया था। आज एक बार फिर अपराधियों के बढ़ते मनोबल ने पार्टी को उसी तरह के बड़े आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है।

प्रमुख आरोप और मांगें:

  • प्रशासन की विफलता: विधायक पूर्णिमा दास साहू ने आरोप लगाया कि शहर में हत्या, रंगदारी और चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
  • जनता में भय: नेताओं ने कहा कि आम नागरिक और व्यापारी वर्ग खौफ के साये में जी रहा है, जबकि अपराधियों को पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है।
  • बड़े आंदोलन की चेतावनी: भाजपा ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अपराध पर शीघ्र नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह चिंगारी पूरे झारखंड में एक बड़े जनांदोलन का रूप लेगी।

पुलिस की प्रतिक्रिया

​प्रदर्शन को देखते हुए एसएसपी कार्यालय के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी और गश्ती बढ़ाने की मांग की।

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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा, 25% कोटा अनिवार्य

सरायकेला-खरसावां: शिक्षा के अधिकार (RTE Act) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक दूरगामी फैसला सुनाया है, जिसका मानवाधिकार सहायता संघ (अंतरराष्ट्रीय) की जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने पुरजोर स्वागत किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा कोई दया नहीं, बल्कि हर बच्चे का संवैधानिक अधिकार है।

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फैसले की मुख्य बातें

​सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि निजी और गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों के लिए 25% आरक्षण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

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  • कानूनी बाध्यता: 25% कोटा स्कूलों के लिए कोई विकल्प नहीं बल्कि एक कानूनी अनिवार्यता है।
  • निगरानी व्यवस्था: सरकारों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मजबूत निगरानी तंत्र और स्पष्ट नियम बनाने का आदेश दिया गया है।
  • भेदभाव पर रोक: प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी तरह के भेदभाव को रोकने और उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

किन स्कूलों पर लागू होगा आदेश?

​यह आदेश सभी निजी और गैर-सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगा। हालांकि, संविधान के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार अल्पसंख्यक संस्थानों को इस नियम से छूट दी गई है।

गरीब बच्चों को होने वाले लाभ

​इस फैसले से समाज के वंचित वर्ग के बच्चों के लिए बड़े और महंगे स्कूलों के दरवाजे खुलेंगे:

  1. निशुल्क शिक्षा: फीस के साथ-साथ किताबों और प्राथमिक शिक्षा का पूरा खर्च मुफ्त रहेगा।
  2. सामाजिक समानता: अलग-अलग पृष्ठभूमि के बच्चे एक साथ पढ़ेंगे, जिससे सामाजिक समावेशन को बल मिलेगा।
  3. उज्जवल भविष्य: संसाधनों के अभाव में मेधावी बच्चे अब शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे।
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परसुडीह में शराब माफिया का तांडव: विरोध करने पर पूरे परिवार को लहूलुहान किया, पुलिस पर मिलीभगत के आरोप

जमशेदपुर | शनिवार, 17 जनवरी 2026

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जमशेदपुर: लौहनगरी के परसुडीह थाना अंतर्गत छोला गौड़ा (दुमका गोड़ा) क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ आवाज उठाना एक परिवार को भारी पड़ गया। शुक्रवार को शराब बिक्री का विरोध करने पर माफियाओं ने गुंडों के साथ मिलकर टिंकू, उनकी पत्नी श्याम और बुजुर्ग मां पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और पुलिस के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है।

10-15 गुंडों ने किया हथियारों से वार

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टिंकू और उनका परिवार लंबे समय से इलाके में चल रहे अवैध शराब के धंधे का विरोध कर रहा था। शुक्रवार को विरोध जताने के दौरान शराब माफिया ने करीब 10 से 15 भाड़े के गुंडों को बुलाया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से परिवार पर हमला कर दिया।

  • गंभीर रूप से घायल: हमले में तीनों सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें माफिया के चंगुल से छुड़ाया और सदर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

पुलिस पर मिलीभगत का गंभीर आरोप

​अस्पताल में भर्ती घायल महिला (टिंकू की पत्नी) ने पुलिस प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा:

  • शिकायतों की अनदेखी: क्षेत्रवासियों ने पहले भी कई बार अवैध शराब की बिक्री और मारपीट की लिखित शिकायत की है, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
  • माफिया-पुलिस गठजोड़: पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस शराब माफिया के साथ मिलकर ‘कमीशन’ कमाती है, जिसके कारण अपराधी बेखौफ होकर आम जनता को निशाना बना रहे हैं।

जनता में उबाल: गिरफ्तारी की मांग

​घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस सदर अस्पताल पहुँची और घायलों का बयान दर्ज किया। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी मुख्य हमलावर और माफिया पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही अवैध शराब के अड्डों को बंद नहीं किया गया और हमलावरों को नहीं पकड़ा गया, तो वे परसुडीह थाने का घेराव करेंगे।

​”हम सिर्फ शांति से रहना चाहते हैं और चाहते हैं कि हमारे मोहल्ले में शराब न बिके। क्या इसके बदले हमें मौत का डर झेलना होगा? पुलिस आखिर किसे बचा रही है?”

एक आक्रोशित क्षेत्रवासी

संवाददाता, क्राइम डेस्क

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