सरायकेला–खरसावां जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर सामने आया है। 09 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को जिला नियोजनालय सह मॉडल कैरियर सेंटर, सरायकेला में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह मेला पूर्वाह्न 10:00 बजे से शुरू होगा, जिसमें सरायकेला–खरसावां तथा जमशेदपुर के योग्य अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे।
प्रमुख कंपनियाँ लेंगी भाग
जिला नियोजन पदाधिकारी आलोक कुमार तोपनो ने जानकारी दी कि रोजगार मेले में जिले एवं राज्य की कई प्रतिष्ठित कंपनियाँ शामिल होंगी। इनमें रामकृष्ण फोर्जिंग्स लिमिटेड, के.सी. नाथ रिसोर्सेज, श्याम स्टील लिमिटेड, सुदिशा फाउंड्री, बीएन ट्रैक्टर्स, मित्तल मोटर्स, यूनिक सॉल्यूशन, संजीव रमन सिक्योरिटी, युवा शक्ति फाउंडेशन एवं प्रधान कंस्ट्रक्शन जैसी कंपनियाँ प्रमुख हैं।
1200 से अधिक पदों पर होगा चयन
इस रोजगार मेले के माध्यम से 1200 से अधिक पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति सरायकेला–खरसावां एवं जमशेदपुर क्षेत्र में की जाएगी।
उपलब्ध पदों में शामिल हैं— रोबोट इंजीनियर, टर्निंग ऑपरेटर, फिटर, HMC/VMC ऑपरेटर, मेंटेनेंस इंजीनियर, क्वालिटी इंजीनियर, सेल्समैन, टेलीकॉलर, ऑटोमोबाइल मैकेनिक, वेल्डर, सेफ्टी सुपरवाइजर, लाइन इंस्पेक्टर, क्रेन ऑपरेटर, ट्रेनी, स्टोर कीपर, सिक्योरिटी गार्ड एवं ड्राइवर सहित कई अन्य पद।
₹15,000 से ₹50,000 तक वेतन
चयनित उम्मीदवारों को ₹15,000 से ₹50,000 प्रतिमाह तक वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही कई अतिरिक्त सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी।
सुविधाएँ:
निःशुल्क बस सेवा
कैंटीन सुविधा
पीएफ एवं ईएसआईसी
इंसेंटिव एवं अन्य लाभ
पात्रता एवं योग्यता
आयु सीमा: 18 से 45 वर्ष शैक्षणिक योग्यता: 8वीं, 10वीं, इंटरमीडिएट, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर, बी.टेक एवं एमबीए
नए एवं अनुभवी दोनों प्रकार के अभ्यर्थी अपने बायोडाटा के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर रोजगार मेले में उपस्थित हो सकते हैं।
पूर्णतः निःशुल्क चयन प्रक्रिया
जिला नियोजन पदाधिकारी ने सभी योग्य युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में रोजगार मेले में भाग लें और इस अवसर का लाभ उठाएँ। यह चयन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय अवधि में मॉडल कैरियर सेंटर सह जिला नियोजनालय, सरायकेला–खरसावां से संपर्क किया जा सकता है।
देश के कई जिला अदालतों में गुरुवार को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसमें बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कई अदालतें शामिल हैं। बम की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया।
सुरक्षा को देखते हुए तत्काल सभी न्यायालय परिसरों को खाली कराया गया। न्यायालयों में मौजूद न्यायाधीश, अधिवक्ता, कर्मचारी और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के तीन जिला न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी
छत्तीसगढ़ में बिलासपुर और राजनांदगांव जिला न्यायालय, जबकि मध्यप्रदेश में रीवा जिला न्यायालय को धमकी भरा ई-मेल भेजा गया है। सूचना मिलते ही संबंधित जिलों की पुलिस और बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब स्क्वॉड) मौके पर पहुंच गया और पूरे परिसर की सघन तलाशी शुरू की गई।
डॉग स्क्वॉड की मदद से भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी न्यायालय से संदिग्ध वस्तु मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी ई-मेल के जरिए दी गई है। मेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। शुरुआती जांच में इसे अफवाह फैलाने या दहशत पैदा करने की कोशिश भी माना जा रहा है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही हैं।
तीनों जिलों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। न्यायालयों में अगली सूचना तक सामान्य कार्य प्रभावित रह सकता है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।
धमकी भरे ई-मेल के तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए साइबर सेल को भी लगाया गया है, ई-मेल कहां से भेजा गया, किस IP एड्रेस का इस्तेमाल हुआ इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
बिहार के कई जिला अदालतों में बम की धमकी
बिहार के पटना, गयाजी, किशनगंज की जिला अदालतों में भी बम की धमकी दी गई है। पटना में अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए इस ई-मेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में RDX विस्फोटक लगाया गया है, जिससे सुरक्षा में व्यापक पैमाने पर बढ़ोतरी कर दी गयी है।
सूचना मिलते ही जिला जज ने तुरंत आदेश जारी किया और पूरा सिविल कोर्ट परिसर खाली कराया गया। परिसर में मौजूद न्यायाधीश, अधिवक्ता, कर्मचारी और आम जनता को सुरक्षित बाहर निकाला गया और किसी भी तरह की भीड़ को अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
पीरबहोर थाना पुलिस तत्काल घटना स्थल पर पहुंच गयी है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों ने भी जांच प्रक्रिया में भाग लिया है और कोर्ट परिसर में जांच जारी है। पुलिस ने फिलहाल धमकी भरे ई-मेल को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के हर पहलू को कवर किया है।
ओडिशा हाईकोर्ट में भी बम की धमकी
ओडिशा हाईकोर्ट में भी ईमेल के जरिए बम धमाके की धमकी मिली है। एहतियात के तौर पर उच्च न्यायालय के परिसर को खाली कराया गया है। इसके साथ ही कोर्ट कैंपस में सर्च ऑपरेशन जारी है। मौके पर डॉग स्क्वाड की टीम पहुंच चुकी है। बम की खबर से कोर्ट में अफरा-तफरा का माहौल बन गया।
वहीं गया सिविल कोर्ट में भी बम होने की सूचना पर जिला प्रशासन ने सतर्कता के तौर पर कोर्ट कैंपस को खाली करवा दिया है। गया कोर्ट पुलिस छावनी में तब्दील हो गई है। बम निरोधक दस्त को बुलाने की सूचना दी गई है। बम निरोधक दस्ताने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बम होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार गया जिला सत्र एवं न्यायाधीश के सरकारी मेल आईडी पर कोर्ट में बम होने की सूचना दी गई है। कोर्ट परिसर के सभी गेट को बंद कर दिया गया है।
इसके अलावा किशनगंज जिला कोर्ट में भी बम की धमकी मिलने पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। कोर्ट परिसर के सभी गेट को बंद कर दिया गया है। एसपी सागर कुमार कोर्ट पहुंचे हैं।
हिमाचल हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। हाई कोर्ट की ऑफिशल ईमेल पर यह धमकी आई है। इसके बाद पुलिस व प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए। बम डिफ्यूज स्क्वाड टीम मौके पर पहुंच गई। हाई कोर्ट के हर एक हिस्से की गहनता से जांच की गई।
परिसर को खाली कर सारा स्टाफ व अधिवक्ता कोर्ट परिसर से बाहर आ गए। पुलिस व बम स्क्वाड टीम ने कोर्ट परिसर का चप्पा-चप्पा छाना है। पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है।
पंजाब में भी हडकंप
पंजाब की विभिन्न जिला कोर्ट में भी बम होने की सूचना मिलने की अफवाह से अफरा-तफरी फैल गई। रूपनगर, श्री आनंदपुर साहिब और फिरोजपुर के बाद अब मोगा की जिला कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी ई-मेल पर दी गई है। एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे कोर्ट परिसरों को खाली करवा दिया है। वहीं लुधियाना में मॉक ड्रिल शुरू की गई है।
चौका के पास एनएच-33 स्थित रडगांव के समीप बुधवार तड़के सुबह करीब पांच बजे एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया. पटना से टाटा की ओर आ रही दिव्या रथ नामक यात्री बस रडगांव को पार करने के ठीक बाद पीछे से एक लोडेड ट्रक से जा टकराई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से उतरते हुए पास के खेत में जा घुसा.
हादसे के समय बस में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे. यात्रियों के अनुसार, अचानक तेज धमाके की आवाज और जोरदार झटके से उनकी नींद खुली. कुछ पल के लिए बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई और किसी को यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है. कई यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, वहीं कुछ लोग घबराहट में इधर-उधर भागने लगे.
स्थिति को भांपते हुए यात्रियों ने सूझबूझ दिखाई और बस के पीछे बने इमरजेंसी दरवाजे को खोला. इसी रास्ते से सभी यात्री बाहर निकले और अपनी जान बचाई. यात्रियों ने बताया कि अगर समय रहते इमरजेंसी गेट नहीं खोला जाता, तो हादसे के बाद स्थिति और भी भयावह हो सकती थी.
गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई. हालांकि कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं, जिनका मौके पर ही प्राथमिक उपचार कराया गया. हादसे के बाद बस चालक और खलासी मौके से फरार हो गए, जिससे यात्रियों में भारी नाराजगी देखी गई.
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त बस व ट्रक को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारू कराया. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार बस चालक व खलासी की तलाश में जुट गई है.
उलीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत डिमना चौक के पास बुधवार की शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक चलती कार में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कुछ ही मिनटों में कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई. गनीमत यह रही कि समय रहते कार में सवार सभी लोग बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद कार से धुआं उठने लगा, जिसे देख आसपास के लोग भी सहम गए. कार चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क किनारे रोका और सभी सवार तुरंत बाहर निकल आए. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही देर में पूरी कार जल गई.
बताया जा रहा है कि जिस वाहन में आग लगी, वह मारुति डिजायर कार थी. घटना की सूचना मिलते ही उलीडीह थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. पुलिस ने तत्काल दमकल विभाग को भी इसकी जानकारी दी गई सूचना मिलते ही दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और 20 मिनट की मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया गया.
इस घटना के कारण डिमना चौक पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई. सड़क के एक ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस ने किसी तरह ट्रैफिक को नियंत्रित करने की कोशिश की.
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है. प्रारंभिक अनुमान लगाया जा रहा है कि कार में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी होगी. पुलिस मामले की जांच कर रही है और कार के पूरी तरह ठंडा होने के बाद तकनीकी जांच कराई जाएगी.
शहर इन दिनों अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. चोरी और छिनतई की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा मामला मानगो के आजाद नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रोड नंबर आठ का है, जहां मंगलवार देर रात एक महिला से पर्स और मोबाइल की छिनतई कर ली गई. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है.
छिनतई की शिकार महिला की पहचान सबा परवीन के रूप में हुई है, जो रोड नंबर 13 की रहने वाली है. बताया जा रहा है कि सबा परवीन रोड नंबर आठ के पास स्थित एक चिकन दुकान पर चिकन खरीदने गई थी. वह दुकान पर खड़ी होकर चिकन बनवा रही थी, तभी एक बाइक उसके करीब आकर रुकी. बाइक पर दो युवक सवार थे और बाइक स्टार्ट अवस्था में थी. बाइक चला रहा युवक वहीं बैठा रहा, जबकि पीछे बैठा युवक नीचे उतरा और अचानक झपट्टा मारकर महिला का पर्स और उसके हाथ में मौजूद स्क्रीन टच मोबाइल छीन लिया.
पर्स में करीब साढ़े सात हजार रुपये नकद थे. महिला ने बताया कि उसके पति की तबीयत बेहद खराब है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. इलाज के लिए उसने बड़ी मुश्किल से यह रकम एकत्र की थी, जिसे अपराधी छीनकर फरार हो गए. घटना के बाद आरोपी युवक फौरन बाइक पर बैठा और दोनों तेजी से मौके से फरार हो गए.
छिनतई के बाद महिला ने शोर मचाया. शोरगुल सुनकर आसपास मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक बाइक सवार युवक काफी दूर निकल चुके थे. कुछ स्थानीय लोगों ने आरोपियों का पीछा करने की कोशिश भी की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी.
घटना की सूचना मिलते ही आजाद नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. टाइगर मोबाइल के जवान भी जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंचे. रात का समय होने और कई दुकानों के बंद रहने के कारण तत्काल सीसीटीवी फुटेज नहीं देखे जा सके. पुलिस का कहना है कि अब सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई है. पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा.
बिहार के सर्राफा बाजार से जुड़ी एक अहम और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। राज्य में जूलरी दुकानों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां हिजाब, नकाब, घूंघट या हेलमेट पहनकर जूलरी शॉप में घुसने पर ही पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
यह फैसला ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (AIJGF) के निर्देश पर लिया गया है और 8 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा।
अब बिहार की ज्वैलरी दुकानों में ढके चेहरों पर बैन
AIJGF के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने इस निर्णय की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम किसी भी धर्म, परंपरा या व्यक्तिगत आस्था के खिलाफ नहीं है। उन्होंने साफ किया कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखकर लिया गया है। उनके अनुसार, अब बिहार की किसी भी जूलरी दुकान में पूरी तरह चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों को न तो प्रवेश मिलेगा और न ही उन्हें आभूषणों की बिक्री की जाएगी।
लूट-डकैती की वारदातों के चलते फैसला
अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि हाल के महीनों में सर्राफा बाजार में हुई कई लूट और डकैती की घटनाओं में यह सामने आया है कि अपराधी अक्सर फुल हेलमेट, नक़ाब या घूंघट पहनकर 3 से 4 लोगों के समूह में दुकानों में प्रवेश करते हैं। चेहरा ढका होने के कारण सीसीटीवी कैमरों में उनकी पहचान संभव नहीं हो पाती, जिससे जांच में भारी दिक्कत आती है।
जूलरी दुकानें लुटेरों के लिए आसान टार्गेट
फेडरेशन का कहना है कि मौजूदा समय में सोना और चांदी ऐतिहासिक रूप से महंगे स्तर पर पहुंच चुके हैं। वर्तमान में 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग ₹1,40,000 और एक किलो चांदी की कीमत करीब ₹2,50,000 तक पहुंच गई है। इतनी अधिक कीमत के चलते जूलरी दुकानें अपराधियों के लिए आसान और आकर्षक निशाना बन जाती हैं।
सभी कारोबारियों ने नए नियम का किया समर्थन
एक न्यूज पोर्टल की खबर के अनुसार बिहार के जूलरी व्यापारियों ने इस फैसले का समर्थन किया है। उनका मानना है कि इस नए सुरक्षा नियम से लूट, चोरी और डकैती की घटनाओं में कमी आएगी और पुलिस को भी संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिलेगी। फेडरेशन ने ग्राहकों से अपील की है कि वे सुरक्षा के इस नए नियम का सहयोग करें और जूलरी शॉप में प्रवेश करते समय अपना चेहरा खुला रखें।
भीषण ठंड के इस दौर में जब गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक कंबल भी जीवनरक्षक बन जाता है, ऐसे समय में जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में मानवता और जनसेवा की सशक्त मिसाल देखने को मिली।
जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र में असहाय, वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों के बीच डोर-टू-डोर जाकर कंबल वितरण किया गया, ताकि ठंड से जूझ रहे किसी भी जरूरतमंद को राहत से वंचित न रहना पड़े। यह संपूर्ण जनसेवी कार्यक्रम आकाश सिंह एवं सोनू सिंह के नेतृत्व में, तथा जुगसलाई के जनप्रिय विधायक श्री मंगल कालिंदी जी के स्पष्ट निर्देशानुसार संपन्न हुआ। विधायक जी का संकल्प है कि जुगसलाई का कोई भी नागरिक ठंड, भूख और अभाव से अकेला न जूझे। कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर आई मुस्कान और आंखों में दिखी संतुष्टि इस बात का प्रमाण है कि— 👉 यह केवल सहायता नहीं, बल्कि सम्मान है 👉 यह राजनीति नहीं, बल्कि सेवा का सच्चा भाव है
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे
आकाश सिंह, सोनू सिंह, अनुप, प्रफुल,अंकित सिन्हा,जुगसलाई झारखंड मुक्ति मोर्चा के सचिव मुकेश शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ताउपस्थित थे।
विकास कार्यों के साथ-साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक राहत पहुँचाना विधायक मंगल कालिंदी जी की संवेदनशील सोच और मजबूत जननेतृत्व को दर्शाता है। जुगसलाई की जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ा रहना।
सोनू सिंह ने कहा
“यह कार्यक्रम राजनीति से ऊपर उठकर मानवता की सेवा का प्रयास है। विधायक जी की सोच है कि जुगसलाई का कोई भी व्यक्ति ठंड में असहाय न रहे। आगे भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्य लगातार जारी रहेंगे।
आकाश सिंह ने कहा
“भीषण ठंड को देखते हुए यह हमारा नैतिक दायित्व है कि हम जरूरतमंदों तक खुद पहुँचें। माननीय विधायक मंगल कालिंदी जी के निर्देश पर डोर-टू-डोर जाकर कंबल वितरण किया गया, ताकि किसी गरीब परिवार को ठंड में परेशानी न हो।”
समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में आयोजित जन शिकायत निवारण दिवस में उप विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र पासवान ने विभिन्न प्रखंड एवं शहरी क्षेत्र से आए नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। इस दौरान नागरिकों द्वारा जमीन अधिग्रहण में लंबित मुआवजा भुगतान, पेंशन और मइंया सम्मान योजना का लाभ, परिवार द्वारा प्रताड़ना, पति द्वारा प्रताड़ना, सड़क दुर्घटना में पीड़ित सहायता, जमीन विवाद, निजी जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा, गंभीर बिमारी चिकित्सा सहायता, कृषि ऋण माफी नहीं होने की शिकायत, पैसा लेन-देन का विवाद, निर्धन बच्चों को सहायता, भूमि सीमांकन, आधार कार्ड अपडेट, जाहेरस्थान घेराबंदी, घंटी आधारित शिक्षक की नियुक्ति समेत अन्य जनहित से जुड़ी समस्याएं और मांगपत्र को रखा गया ।
उप विकास आयुक्त द्वारा सभी नागरिकों की समस्याओं को क्रमवार सुनते हुए प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को अग्रसारित कर स्पष्ट निर्देश दिया गया कि प्रत्येक आवेदन पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें । कई आवेदनों का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया । साथ ही शेष आवेदनों को लेकर संबंधित विभागीय पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जन शिकायत निवारण दिवस में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन प्राथमिकता से करेंगे। विभागीय समीक्षा के क्रम में जनशिकायत में प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा नियमित की जा रही है ताकि जनसमस्याओं का समाधान त्वरित रूप से किया जा सके।
उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के निदेशानुसार खनिजों के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम हेतु खनन टास्क फोर्स द्वारा लगातार छापेमार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला खनन कार्यालय द्वारा चलाये गए छापेमारी अभियान के दौरान श्यामसुंदरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम श्यामसुंदरपुर में 5 जनवरी को लगभग 10,000 सीएफटी बालू खनिज का अवैध भंडारण पाया गया। उक्त बालू खनिज को विधिवत जप्त करते हुए संबंधित मामले में श्यामसुंदरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध भंडारण के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सुरक्षित एवं सशक्त महिला- सशक्त झारखंड के निर्माण के उद्देश्य से ‘बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान’ के अंतर्गत बिरसा मुंडा टाउन हॉल, सिदगोड़ा, जमशेदपुर में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र पासवान, जिला परिषद उपाध्यक्ष श्री पंकज सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम श्री अर्नव मिश्रा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती संध्या रानी समेत अन्य पदाधिकारी और मुखियागण, ग्राम प्रधान, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, एएनएम, पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी सेविकाएं सहित विभिन्न प्रखंडों एवं अंचलों के पदाधिकारी शामिल हुए ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि परंपराएं तभी तक सम्मान के योग्य हैं, जब तक वे मानव गरिमा और अधिकारों की रक्षा करें । बाल विवाह सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ एक गंभीर अपराध है। उन्होंने बताया कि कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की लड़की तथा 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, इसे रोकने के लिए सामूहिक पहल की आवश्यकता है । उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल विवाह के विरुद्ध समाज को आगे आना होगा और जागरूकता फैलानी होगी। यदि कोई भी व्यक्ति बाल विवाह की सूचना देता है तो प्रशासन उसे रुकवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं सभी संबंधित सरकारी तंत्र पूर्वी सिंहभूम को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य करेंगे।
अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह से संबंधित कार्यशालाएं और चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन अब आवश्यकता है कि इन चर्चाओं को ज़मीनी स्तर पर अमल में लाया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि हममें से कितने लोग अपने आसपास हो रहे बाल विवाह का विरोध करते हैं या उसे रोकने के लिए आगे आते हैं। जिस दिन समाज स्वयं इस कुरीति के खिलाफ आवाज उठाने लगेगा, उसी दिन बाल विवाह में स्वतः कमी आएगी। कानून और सरकारी तंत्र अपना दायित्व निभा रहे हैं, अब समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने जानकारी दी कि राज्य में बाल विवाह की दर 32.2 प्रतिशत है, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के विरुद्ध सशक्त कार्रवाई के लिए कानून की जानकारी और उसका प्रभावी क्रियान्वयन दोनों ही आवश्यक हैं। बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि यह एक संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध भी है, जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जा सकता। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह मुक्त जिला बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।