जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस सहकारिता विभाग के जिला अध्यक्ष चिन्ना राव के नेतृत्व में कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान साकची पलंग मार्केट में शहीदों के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के प्रति समर्पित रहने वाले कई योद्धाओं को गांधी टोपी एवं मेंमटो दे कर सम्मानित किया गया।
इस दौरान सम्मान पानेवालों में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह, के के शुक्ला, राकेश तिवारी, रविंद्र कुमार झा, आनंद बिहारी दुबे, शैलेंद्र सिंह चंदेल, विजय यादव, राजकिशोर सिंह, संजय यादव, सुशील पांडे, रंजन सिंह, नवनीत मिश्रा, भूषण यादव, सुरेश यादव आदि के नाम शामिल है। कार्यक्रम को सफल बनाने में पार्टी के विश्वजीत जेना, प्रभु नारायण सिंह, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राकेश साहू, सोनू सोनकर, अविनाश यादव, मनीष चंद्रवंशी, रउफ खान, विशाल शर्मा, अखिलेश मिश्रा, संदीप कुमार, चीकू सिंह, नवल सिंह, अरुण पटेल, सुमन कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
बुधवार, 31 दिसंबर, शाम 7 बजे से कदमा में होने जा रही है New Year Party Celebration इस धमाकेदार पार्टी में म्यूज़िक का तड़का लगाएंगे DJ LUXEDELS, जहाँ युवा झूमेंगे नए साल के स्वागत में।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि 2025 भारत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धियों का वर्ष रहा है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बन गया है और इसने दुनिया को दिखाया है कि देश अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करता है।
मोदी ने अपने मासिक ‘मन की बात’ संबोधन में कहा कि कुछ ही दिनों में साल 2026 दस्तक देने वाला है और इस गुजरते साल में देश का प्रभाव हर जगह दिखाई दिया। प्रधानमंत्री का इस बार का ‘मन की बात’ कार्यक्रम 2025 का आखिरी संबोधन था।
उन्होंने कहा, ”2025 ने हमें ऐसे कई पल दिए जिन पर हर भारतीय को गर्व हुआ। देश की सुरक्षा से लेकर खेल के मैदान तक, विज्ञान की प्रयोगशालाओं से लेकर दुनिया के बड़े मंचों तक। भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी। इस साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बन गया। दुनिया ने साफ देखा आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देश के कोने-कोने से मां भारती के प्रति प्रेम और समर्पण की तस्वीरें सामने आई। लोगों ने अपने-अपने तरीके से अपने भाव व्यक्त किये।” भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में छह और सात मई की दरम्यानी रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए थे। पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी।
भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को सैन्य टकराव समाप्त करने को लेकर एक सहमति बनी थी। मोदी ने कहा कि यही जज्बा तब भी देखने को मिला, जब ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे हुए। उन्होंने कहा, ”मैंने आपसे आग्रह किया था कि ‘हैशटैग वंदे मातरम् 150′ के साथ अपने संदेश और सुझाव भेजें। देशवासियों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।”’
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2025 खेल के लिहाज से भी एक यादगार साल रहा। हमारी पुरुष क्रिकेट टीम ने आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) चैंपियंस ट्रॉफी जीती और महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्व कप अपने नाम किया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भारत की बेटियों ने महिला दृष्टिबाधित टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया।
उन्होंने कहा कि एशिया कप टी20 में भी तिरंगा शान से लहराया। उन्होंने कहा कि पैरा एथलीट ने विश्व चैंपियनशिप में कई पदक जीतकर ये साबित किया कि कोई बाधा हौंसलों को नहीं रोक सकती। मोदी ने कहा कि विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी भारत ने बड़ी छलांग लगाई और शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय बने, जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को बहुत आशा के साथ देख रही है। उन्होंने कहा कि भारत से उम्मीद की सबसे बड़ी वजह है, हमारी युवा शक्ति। उन्होंने कहा, ”विज्ञान के क्षेत्र में हमारी उपलब्धियां, नए-नए नवोन्मेष, प्रौद्योगिकी का विस्तार इनसे दुनियाभर के देश बहुत प्रभावित हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वन्य-जीवों की सुरक्षा से जुड़े कई प्रयास भी 2025 की पहचान बने।
उन्होंने कहा कि भारत में चीतों की संख्या भी अब 30 से ज्यादा हो गई है। इस साल हुए कई कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2025 में आस्था, संस्कृति और भारत की अद्वितीय विरासत सब एक साथ दिखाई दी। उन्होंने कहा, ”साल के शुरुआत में प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन ने पूरी दुनिया को चकित किया।
साल के अंत में अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वजारोहण के कार्यक्रम ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया।” मोदी ने कहा कि स्वदेशी को लेकर भी लोगों का उत्साह खूब दिखाई दिया और लोग वही सामान खरीद रहे हैं, जिसमें किसी भारतीय का पसीना लगा हो तथा जिसमें भारत की मिट्टी की सुगंध हो।
उन्होंने कहा, ”आज हम गर्व से कह सकते हैं 2025 ने भारत को और अधिक आत्मविश्वास दिया है। ये बात भी सही है इस वर्ष प्राकृतिक आपदाएं हमें झेलनी पड़ी, अनेक क्षेत्रों में झेलनी पड़ी। अब देश 2026 में नयी उम्मीदों, नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।”
टाटानगर रेलवे स्टेशन में वीआइपी लेन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, इसके बदले में दो के अलावा तीसरी नई ड्रापिंग लाइन बनेगी, जिसमें से एक को वीआइपी लेन बनाया जाएगा।
चक्रधरपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया ने शनिवार दोपहर लगभग सवा 12 बजे सड़क मार्ग से टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीआरएम के निर्देश पर ही स्टेशन के वीआइपी लेन को स्टील की बेरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने वीआइपी लेन को देखा साथ ही एडीआरएम (समन्वय) को निर्देश दिया कि दो ड्रापिंग लाइन के अलावा तीसरी व नई ड्रापिंग लाइन बनाया जाए, ताकि एक लाइन को वीआइपी लेन के रूप में विकसित किया जा सके।
मालूम हो कि स्टेशन में वीआइपी लेन बंद करने को लेकर काफी नाराजगी है और उन्होंने इसके विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, निरीक्षण के दौरान टाटानगर के क्षेत्रीय रेल प्रबंधक समीर सौरव, स्टेशन निदेशक सुनील कुमार, कामर्शियल चीफ एसके सिंह, स्टेशन उपाधीक्षक सुनील कुमार सहित इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
अवैध पार्किंग पर कार को डीआरएम ने करवाया जब्त
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने पाया कि स्टेशन परिक्षेत्र के बाहर एक कार खड़ी है। संभवत: कार मालिक बाहर ही कार खड़ी कर अपने स्वजन को लेने प्लेटफार्म गए होंगे। स्टेशन के बाहर अवैध रूप से पार्किंग देखने पर डीआरएम ने आरपीएफ को कार जब्त कर उसका चालान करने का आदेश दिया।
विभागीय अधीक्षक को निर्देश, साफ रखें अपने कार्यालय
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 29 दिसंबर को जमशेदपुर पहुंच रही है। ऐसे में डीआरएम ने स्टेशन के प्रवेश द्वार से लेकर गोलपहाड़ी चौक तक पैदल ही स्टेशन परिक्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान वे ट्रेन लाइटिंग विभाग गए जहां बाहर कूड़ा पड़ा मिला।
इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा विभाग के पीछे की दीवार में छज्जे की राड निकली देखी, जिसे कटवाने का आदेश दिया। इसके अलावा वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (रेल पथ) का बोर्ड को उन्होंने क्षतिग्रस्त देखा, जिसे उन्होंने बदलने का आदेश दिया।
इसके अलावा वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (सिग्नल) का गेट में पूरी तरह से धूल पड़ा मिला, उन्होंने संबधित अधिकारियों को कम से कम पानी से ही साफ करने को कहा। इसके अलावा पानी की टंकी से पानी का रिसाव व गंदी को ठीक करने, कई स्थानों पर रेलवे की छोटी दीवार को ऊंची करने का भी उन्होंने निर्देश दिया।
इसके अलावा वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (सिग्नल) का गेट में पूरी तरह से धूल पड़ा मिला, उन्होंने संबधित अधिकारियों को कम से कम पानी से ही साफ करने को कहा। इसके अलावा पानी की टंकी से पानी का रिसाव व गंदी को ठीक करने, कई स्थानों पर रेलवे की छोटी दीवार को ऊंची करने का भी उन्होंने निर्देश दिया।
वहीं, उन्होंने स्टेशन स्थित जीआरपी थाना भी पहुंचे। यहां छत पर जाले-मकड़े को हटाने को कहा। वहीं, स्टेशन फुटपाथ की नाली के एक स्लैब को ठीक करने व टाइम आउट रेस्टोरेंट के सामने वाले खाली स्थान का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।
बिहार के जमुई जिले में देर रात एक बड़ा रेल हादसा हुआ, जिससे पूर्व मध्य रेलवे के एक अहम रेलखंड पर यातायात पूरी तरह रुक गया। सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी अचानक पटरी से उतर गई और उसके कई डिब्बे पुल से नीचे जा गिरे।
यह हादसा झाझा-जसीडीह रेलखंड पर जमुई जिले के सिमुलतला से सटे टेलवा हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल पर हुआ।
कब और कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, यह मालगाड़ी जसीडीह से झाझा की ओर जा रही थी। रात करीब साढ़े 11 बजे, आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत पुल संख्या 676 और पोल संख्या 344/18 के पास अचानक ट्रेन के डिब्बे बेपटरी हो गए।
चारों ओर बिखरा सीमेंट, ट्रैक क्षतिग्रस्त
मालगाड़ी में बड़ी मात्रा में सीमेंट लोड था। डिब्बों के गिरते ही पुल और आसपास के इलाके में सीमेंट के बोरे और मलबा फैल गया। इससे रेल पटरी को भारी नुकसान पहुंचा है। हादसे के बाद अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया।
कई ट्रेनें रास्ते में रोकी गईं
दुर्घटना का असर किउल-जसीडीह रेलखंड पर चलने वाली यात्री और मालगाड़ियों पर पड़ा। कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौके पर पहुंचा रेलवे प्रशासन
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। रेल पुलिस, आरपीएफ और रेलवे के तकनीकी अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। झाझा और जसीडीह से विशेष ट्रेनें और भारी मशीनरी भी भेजी गई हैं, ताकि बेपटरी डिब्बों को हटाकर ट्रैक को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जा सके।
कोई हताहत नहीं
इस भीषण दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जो राहत की बात मानी जा रही है। हालांकि, रेल परिचालन को भारी नुकसान जरूर हुआ है।
जांच में जुटा रेलवे
फिलहाल रेलवे अधिकारी हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या ट्रैक में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि मरम्मत और सफाई कार्य पूरा होने के बाद ही ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा। तब तक इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों को लेकर स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है
कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व, संगठनात्मक ढांचे और निर्णय प्रक्रिया को लेकर असंतोष एक बार फिर खुलकर सामने आया है. पहले G-23 समूह ने संगठनात्मक सुधारों की मांग उठाई थी, इसके बाद सांसद शशि थरूर ने आंतरिक लोकतंत्र और विचारों की विविधता पर सवाल खड़े किए और अब वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की हालिया टिप्पणियों ने पार्टी में जारी अंतर्कलह को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है.
बता दें, वर्ष 2020 में सामने आए G-23 समूह ने तत्कालीन अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठनात्मक चुनाव, सामूहिक नेतृत्व और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की मांग की थी. इसके बाद शशि थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ते हुए पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की जरूरत पर जोर दिया और हाल के महीनों में रणनीति व संवाद शैली को लेकर भी असहमति जताई.
अब दिग्विजय सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट ने कांग्रेस में हलचल मचा दी है. दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के दौरान मनरेगा का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध की रणनीति पर चर्चा हो रही थी उसी समय दिग्विजय सिंह ने पार्टी संगठन में विकेंद्रीकरण और बड़े बदलावों की जरूरत बताते हुए राहुल गांधी को सीधे संबोधित किया. उन्होंने लिखा कि जैसे देश में चुनाव आयोग में सुधार की आवश्यकता है, वैसे ही कांग्रेस संगठन में भी व्यापक सुधार जरूरी हैं और सबसे बड़ी दिक्कत राहुल गांधी को मनाने की है.
आरएसएस-बीजेपी की दिग्विजय सिंह ने की तारीफ
इसके बाद 27 दिसंबर को दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ आरएसएस-बीजेपी संगठन की कार्यसंस्कृति की तारीफ करते हुए एक और पोस्ट किया. उन्होंने कहा कि भाजपा में जमीनी स्तर का कार्यकर्ता भी आगे बढ़कर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकता है. इस बयान को कांग्रेस की आंतरिक संस्कृति और नेतृत्व शैली पर सीधा प्रहार माना जा रहा है. दिग्विजय सिंह की इन टिप्पणियों के बाद कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक कमजोरियों पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है. पार्टी के कई नेताओं का कहना है कि उन्होंने कोई नई बात नहीं कही, लेकिन पहली बार इस असंतोष को सार्वजनिक रूप से सामने रखा गया है. इससे संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर लंबे समय से दबे मुद्दे अब खुलकर सामने आ रहे हैं.
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि दिग्विजय सिंह अपने राजनीतिक भविष्य से अधिक अपने बेटे जयवर्धन सिंह के भविष्य को लेकर चिंतित हो सकते हैं. समर्थकों का कहना है कि उनका जोर सत्ता और अधिकार के विकेंद्रीकरण पर है ताकि संगठनात्मक ढांचा मजबूत हो सके. वहीं, विश्लेषकों का मानना है कि अगले वर्ष दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होना भी उनकी मुखरता का एक कारण हो सकता है. इन घटनाक्रमों के बीच कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि आंतरिक मतभेद किसी भी बड़े राजनीतिक दल में स्वाभाविक होते हैं. हालांकि, पार्टी के सामने यह सवाल अब और तीखा हो गया है कि संगठनात्मक सुधारों की शुरुआत कहां से होगी और इस पर राहुल गांधी तथा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे क्या रुख अपनाते हैं.
चक्रधरपुर मंडल में टाटानगर सहित देश के 48 स्टेशनों में अगले पांच वर्षों (वर्ष 2030 तक) में ट्रेनों की क्षमता को दोगुनी की जाएगी। रेल मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के तहत इसके लिए वर्तमान इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया जाएगा।
रेल मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि देश के महत्वपूर्ण स्टेशनों में ट्रेनों की मांग में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रमुख शहरों की नई रेल गाड़ियों के संचालन क्षमता को वर्तमान स्तर से दोगुना करने की आवश्यकता है।
रेल मंत्रालय ने कहा है कि टर्मिनल की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाते समय टर्मिनलों के आसपास के स्टेशनों को भी ध्यान में रखा जाएगा ताकि क्षमता में संतुलन बना रहे। वर्तमान में टाटानगर से हर दिन औसतन 32 जोड़ी ट्रेनों की आवाजाही होती है।
इन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने का दिया गया आदेश
मौजूदा टर्मिनलों को अतिरिक्त प्लेटफार्म, स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन और पर्याप्त शंटिंग सुविधाओं से सुसज्जित करना। शहरी क्षेत्रों और आसपास के टर्मिनलों की पहचान व निर्माण करना। मेगा काेचिंग काम्प्लेक्स सहित रख-रखाव सुविधाएं बढ़ाना। विभिन्न स्थानों पर रेल गाड़ियों की बढ़ती संख्या की व्यवस्था करने के लिए यातायात सुविधा कार्यों, सिग्नलिंग उन्नयन और मल्टी ट्रेकिंग के माध्यम से अनुभागीय क्षमता में वृद्धि करना। ये हैं देश के महत्वपूर्ण स्टेशन
जमशेदपुर और आदित्यपुर जैसे औद्योगिक शहरों की आबोहवा अब बदलने वाली है। एनआईटी जमशेदपुर ने एक ऐसी तकनीक पर मुहर लगाई है, जिससे पावर प्लांट की चिमनियों से अब जहरीली कार्बन डाईआक्साइड नहीं, बल्कि सिर्फ भाप निकलेगी।
संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के शोधकर्ता और जुगसलाई निवासी वसीम अकरम ने ग्रीन पावर प्लांट का ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो न केवल वायु प्रदूषण को खत्म करेगा, बल्कि जमा किए गए कार्बन से उद्योगों को कमाई भी कराएगा। शनिवार को इस शोध के आधार पर वसीम को पीएचडी की अनुशंसा की गई।
क्या है यह नई तकनीक?
आमतौर पर पावर प्लांट में कोयला या ईंधन जलने के बाद चिमनी से धुआं निकलता है, जिसमें भारी मात्रा में कार्बन डाईआक्साइड होती है। यह हवा को जहरीला बनाती है। वसीम ने प्री-कंबस्शन कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (सीसीएस) तकनीक का उपयोग किया है।
इसे ऐसे समझें, ईंधन के जलने से पहले ही उससे कार्बन को अलग कर लिया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद चिमनी से जो बाहर आएगा, वह धुएं का गुबार नहीं, बल्कि स्वच्छ भाप (स्टीम) होगी। इसका सीधा असर एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पर पड़ेगा, जिससे लोगों को सांस लेने के लिए शुद्ध हवा मिलेगी।
जमशेदपुर व आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के लिए वरदान
यह शोध जमशेदपुर और विशेषकर आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के लिए वरदान साबित हो सकता है। यहां सैकड़ों फैक्ट्रियां और पावर प्लांट दिन-रात धुआं उगलते हैं। इस तकनीक के लागू होने से न केवल प्रदूषण का स्तर नीचे आएगा, बल्कि पर्यावरण नियमों का पालन करना उद्योगों के लिए आसान हो जाएगा।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी डा. परमानंद कुमार ने बताया कि यह शोध सर्कुलर इकोनामी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) का बेहतरीन उदाहरण है। इस तकनीक में जो कार्बन डाइआक्साइड कैप्चर (पकड़ी) जाएगी, उसे हवा में छोड़ने के बजाय जमा कर लिया जाएगा।
बाद में इसे प्रोसेस कर इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट (औद्योगिक उत्पाद) में बदला जाएगा, जिसे बाजार में बेचा जा सकेगा। यानी आम के आम और गुठलियों के दाम, प्रदूषण भी खत्म और अतिरिक्त कमाई भी।
जुगसलाई के लाल का कमाल
वसीम अकरम ने यह शोध प्रो. संजय और डॉ. एमए हसन के निर्देशन में पूरा किया है। उनके इस कार्य को मैनिट भोपाल के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. एसपीएस राजपूत ने रिव्यू किया और इसे उत्कृष्ट बताते हुए पीएचडी की अनुशंसा की।
वसीम के इस विषय पर तीन शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं, जो इसकी गुणवत्ता का प्रमाण हैं। एनआइटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने वसीम और उनके गाइड को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पाने के लिए ऐसी ही ग्रीन टेक्नोलॉजी की जरूरत है।
यह शोध भारत को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं, डीन एकेडमिक प्रो. एमके सिन्हा ने इसे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गम्हरिया के सतवाहिनी, धीरजगंज निवासी सह भाजपा नेता अशोक सिंह पर जानलेवा हमला किया गया।इस घटना में वे बुरी तरह घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया ले जाया गया। वहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेज दिया गया।
घटना शुक्रवार को पूर्वाह्न दस बजे की बताई गई है। इस मामले को लेकर अशोक सिंह ने आदित्यपुर थाना में सतवाहिनी के जमालपुर निवासी अभिमन्यु सिंह उर्फ मन्नू, उनके भाई बृजनंदन सिंह समेत करीब 6-7 लोगों पर घर के नीचे लाठी एवं लोहे के रॉड से जानलेवा हमला करने एवं मारपीट कर घायल करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
पुलिस को दिए लिखित आवेदन में उन्होंने बताया है कि आरोपियों ने फोन पर उसे घर से नीचे बुलाया और अचानक उनपर हमला किया। बताया कि मारपीट के दौरान ही 112 डायल कर पुलिस पेट्रोलिंग टीम को बुलाया गया, तो आरोपियों ने पुलिस के सामने भी उसके साथ जमकर मारपीट की।
इस मामले की सूचना ने बाद पहुंची आदित्यपुर थाना पुलिस के आने के बाद सभी आरोपी भाग गए। इस घटना में अशोक सिंह का सिर फट गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्होंने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी एवं परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नीदरलैंड की गैर-लाभकारी संस्था स्टिचिंग फ्रिस विंड.नु (एसएफडब्ल्यू) ने टाटा स्टील पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए 1.4 अरब यूरो (आज की दर से करीब 12,600 करोड़ रुपये) का हर्जाना मांगा है।
कंपनी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बिना सबूत और काल्पनिक बताया है।
टाटा स्टील ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि यह मुकदमा उसकी डच सहायक कंपनियों (टाटा स्टील नीदरलैंड्स और टाटा स्टील आईमुइडन) के खिलाफ दायर किया गया है। एनजीओ का दावा है कि वह आईमुइडन प्लांट के आसपास रहने वाले लोगों की तरफ से यह लड़ाई लड़ रहा है। आरोपों के मुताबिक, प्लांट से निकलने वाले खतरनाक पदार्थों से स्थानीय लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ा है और इलाके में प्रापर्टी के दाम गिर गए हैं।
टाटा स्टील ने स्पष्ट किया है कि वे इस कानूनी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कंपनी के अनुसार, एनजीओ ने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं। प्रबंधन का कहना है कि टाटा स्टील नीदरलैंड्स (टीएसएन) ग्रीन स्टील प्लान के तहत काम कर रही है।
पिछले पांच सालों में भारी निवेश कर पर्यावरण सुरक्षा और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में बेहतरीन काम किया गया है। कंपनी का प्रदर्शन यूरोपीय और वैश्विक मानकों से काफी बेहतर है।
यह मुकदमा नीदरलैंड के सामूहिक दावा निपटान अधिनियम के तहत दायर किया गया है। टाटा स्टील के मुताबिक, यह प्रक्रिया काफी लंबी है। अभी सिर्फ मामले की स्वीकार्यता और गुण-दोष पर सुनवाई होगी, जिसमें दो से तीन साल लग सकते हैं। हर्जाने की रकम पर बहस तो अभी बहुत दूर की बात है। कंपनी का मानना है कि उनके पास बचाव के लिए मजबूत तर्क मौजूद हैं।