दिन्दली बस्ती जाने वाले मुख्य मार्ग पर रविवार को बिजली का एक खंभा अचानक गिर गया, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शेरे पंजाब चौक से दिन्दली बस्ती को जोड़ने वाले इस रास्ते पर खंभा गिरने से न सिर्फ यातायात बाधित हुआ है, बल्कि लोगों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली का खंभा टूटकर सड़क पर गिरने के बावजूद कई लोग उसके नीचे से आने-जाने को मजबूर हैं, जो बेहद खतरनाक स्थिति है. इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
ग्रामीणों ने आदित्यपुर नगर निगम और जेबीवीएनएल से आग्रह किया है कि खंभे को जल्द से जल्द हटाया जाए और बिजली आपूर्ति की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यहां किसी अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता.
दूरसंचार विभाग की ओर से मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के लिए नए नियम जारी करने के बाद ‘व्हाट्सएप वेब’ जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को हर छह घंटे में लॉग आउट करना होगा.
पिछले सप्ताह जारी नए निर्देशों में अनिवार्य किया गया था कि वेब आधारित प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, अराटाई, स्नैपचैट, शेयरचैट और अन्य प्लेटफॉर्म पर यूजर्स के पंजीकरण से समय उपयोग किया जाने वाला सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल (एसआईएम) सर्विसेज से जुड़ा होना चाहिए.
इस मतलब यह है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की सर्विसेज सिम से जुड़ी हुई होंगी. यानी जब सिम यूजर्स के फोन में मौजूद होगी, तभी आप इन ऐप्स की सर्विसेज का उपयोग कर पाएंगे जैसे ही सिम बंद हो जाएगी, आप सर्विसेज उपयोग नहीं कर पाएंगे. इस कारण ‘व्हाट्सएप वेब’ जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजर को हर छह घंटे में लॉग आउट करना होगा.
दूरसंचार विभाग की ओर से जारी सर्रकुलर में कहा गया है कि अगर डिवाइस में मूल सिम मौजूद न हो, तो 90 दिनों के बाद इन ऐप्स का उपयोग नहीं कर पाएंगे. प्रत्येक वेब-आधारित प्लेटफॉर्म को चार महीनों के भीतर सरकार को एक अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी.
सरकार की ओर से मैसेजिंग ऐप्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है, क्योंकि साइबर जालसाज अकसर भारत के बाहर से बिना सिम के व्हाट्सएप का उपयोग करके धोखाधड़ी को अंजाम देते थे.
सिम बाइंडिंग को अनिवार्य बनाने से किसी सब्सक्राइबर की गतिविधि का पता लगाने का एक रास्ता मिलता है और इससे धोखधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी.
ये नियम दूरसंचार साइबर सुरक्षा संशोधन नियम, 2025 से निकले हैं, जिसमें दूरसंचार पहचानकर्ता उपयोगकर्ता इकाई का विचार प्रस्तुत किया गया था.
संशोधित नियमों के तहत, प्लेटफॉर्म को सिम पर संग्रहीत अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल ग्राहक पहचान (आईएमएसआई) तक पहुंच की आवश्यकता होगी, जिसके लिए व्हाट्सएप जैसी वैश्विक सेवाओं को भारतीय यूजर्स के लिए अपने सिस्टम के कुछ हिस्सों को फिर से डिजाइन करना होगा.
टेक कंपनियों ने कहा कि लगातार सिम जांच और छह घंटे तक लॉगआउट करने से यूजर्स की प्राइवेसी में बाधा आएगी और मल्टी-डिवाइस यूज की सुविधा समाप्त हो जाएगी. हालांकि, दूरसंचार कंपनियों ने सरकार के इस कदम का समर्थन किया.
आद्रा मंडल में चल रहे महत्वपूर्ण विकास एवं मेंटेनेंस कार्यों के कारण दक्षिण पूर्व रेलवे ने 01 से 07 दिसंबर के बीच विभिन्न तिथियों में कई ट्रेनों के परिचालन में परिवर्तन किया है. इस अवधि में कुल छह ट्रेनों को रद किया गया है, जबकि छह ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेशन एवं शॉर्ट ओरिजिनेशन के साथ चलाया जाएगा. रेलवे प्रशासन के इस निर्णय का सीधा असर झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के हजारों यात्रियों पर पड़ेगा. अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा करने से पूर्व अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके.
इन तिथियों में रद रहेंगी ट्रेनें विकास कार्यों के मद्देनज़र आद्रा मंडल में कई मेमू ट्रेनों का परिचालन स्थगित रहेगा.
02 और 07 दिसंबर को ट्रेन संख्या 68046/68045 आसनसोल–आद्रा–आसनसोल मेमू रद रहेगी.
07 दिसंबर को ट्रेन संख्या 68053/68054 आद्रा–बाराभूम–आद्रा मेमू पैसेंजर का परिचालन रद रहेगा.
07 दिसंबर को ट्रेन संख्या 63594/63593 आसनसोल–पुरूलिया–आसनसोल मेमू पैसेंजर भी नहीं चलेगी.
इन ट्रेनों का शॉर्ट टर्मिनेशन/ओरिजिनेशन यात्रियों की आंशिक सुविधा के लिए रेलवे ने छह ट्रेनों को सीमित दूरी तक चलाने का निर्णय लिया है—
झाड़ग्राम–धनबाद एक्सप्रेस (18019/18020): 01 और 05 दिसंबर को यह ट्रेन बोकारो स्टील सिटी तक ही जाएगी.
बर्धमान–हटिया मेमू एक्सप्रेस (13503/13504): 01 से 06 दिसंबर के बीच यह ट्रेन केवल गोमो स्टेशन तक चलेगी.
टाटानगर–आसनसोल मेमू/बराभूम मेमू (68056/68060): 02 दिसंबर को इसका परिचालन आद्रा स्टेशन तक सीमित रहेगा.
एक ट्रेन का मार्ग परिवर्तित रेलवे ने जानकारी दी है कि 03 दिसंबर को टाटानगर से रवाना होने वाली 18601 टाटानगर–हटिया एक्सप्रेस को चांडिल–गुंडा बिहार–मुरी होते हुए हटिया तक संचालित किया जाएगा.
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि विकास कार्यों के कारण ट्रेन परिचालन में अस्थायी बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आधुनिक रेल सेवाएं मिल सकें. यात्रियों से अनुरोध है कि वे रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन पर ट्रेन की अद्यतन स्थिति अवश्य जांच लें.