जमशेदपुर : गुरु अर्जन देव जी महाराज के शहादत दिवस पर आज परनीत इलेक्ट्रॉनिक्स की इकाई मिस्टर मोबाइल के संचालक सतिंदर सिंह बंटी एवं उनके परिवार की ओर से आज बिष्टुपुर कमानी सेंटर के समीप एलआईसी बिल्डिंग स्थित अपने दुकान के समीप छबील लगाई गई. इस दौरान राहगीरों मे चना, शर्बत व हलुआ प्रसादस्वरुप बांटा गया. इसके पूर्व गुरुद्वारा कमिटी के पदाधिकारी व समाज के कई गण्यमान्यों ने सामूहिक अरदास (प्रार्थना) कर सभी के सुख समृद्धि की कामना की. पूर्वाह्न 11 बजे से वितरण शुरु हुआ, जो लगभग अपरह्न 3.30 बजे तक चला, जिसमें हजारों लोगों ने इसे ग्रहण किया. इस अवसर पर श्री बंटी के परिजनों में अमनदीप कौर, तान्या कौर, परनीत सिंह ने भी सहयोग किया.
इस मौके पर साकची गुरुद्वारा कमिटी के अध्यक्ष निशान सिंह, साकची, बिष्टुपुर व सीतारामडेरा गुरुद्वारा कमिटी के पदाधिकारी, समाजसेवी अमरप्रीत सिंह काले, पत्रकार संजीव भारद्वाज, अभिषेक सिंह, जगतार सिंह नागी, कमानी सेंटर शॉपकीपर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी, न्यू यॉर्क के संचालक पप्पी भाई, भाजपा के युवा नेता सतवीर सिंह सोमू, चंचल भाटिया, दिलीप, मिंटू, नवजोत भाटिया, राज, सन्नी, नंदू, जीतू सहित कई लोगों ने सह योग किया.
जमशेदपुर : आज जमशेदपुर शहर के जाने – माने चिकित्सा और सोनारी थाना शांति समिति के अध्यक्ष डॉक्टर अमोल पात्रों, वैसे यह नाम कोई इंट्रोडक्शन का मोहताज नहीं इनके व्यवहार, कार्य कुशलता, समाजसेवा और चिकित्सा सेवा से पूरे शहर में ख्याति प्राप्त है। ऊँची सोच और सादगी के साथ डॉ पात्रों के जीवन का एक ही लक्ष्य है सेवा उनका मानना भी है सेवा ही परम धर्म। वैसे तो डॉ अमल पात्रों काफी वर्षों से अपना निजी चिकित्सा क्लीनिक सोनारी बी ब्लॉक में जनता की सेवा के लिए खोल रखे है जहां काफी दूर-दूर से लोग आते है और अपना उचित चिकित्सा करवा के स्वस्थ लाभ करके जाते है। डॉ पात्रों उचित चिकित्सा के साथ मरीजो को सही परामर्श भी प्रदान करते है।
इसी क्रम को और बेहतर बनाने के लिए निजी क्लिक के साथ-साथ दवा दुकान और पैथोलॉजी का भी शुभारंभ आज दोपहर मे किया गया है,दवा दुकान मे आने वाले मरीजों को और जनता को 18% तक की छुट के साथ दवाई उपलब्ध किया जाएगा और हर तरह के मेडिकल टेस्ट भी उपलब्ध करवाने का प्रावधान रखा गया है ताकि लोग एक ही जगह पर सब कुछ का लाभ उठा पाए।डॉ पात्रों मेडिकल का उद्घाटन दोपहर 12:00 बजे श्री बी एन पात्रों ( केएमपीएम कॉलेज के पूर्व अध्यापक) पिता डॉ अमल पात्रों के शुभ आशीष के साथ उनके शुभ हाथों से किया गया। दवा दुकान का परिचालन डॉ अमोल पात्रों के सुपुत्र अनुराग पात्रों की देखरेख में किया जायेगा।
उद्घाटन समारोह में सोनारी थाना शांति समिति के सचिव सह अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू, जमशेदपुर के जाने माने बिल्डर सह समाजसेवी फोनी महतो, अशोक सिंह, मंटू सिंह, जमशेदपुर के जाने-माने चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर के के चौधरी, सोनारी भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रशांत कुमार पोद्दार, सोनारी थाना शांति समिति के सदस्य राहुल भट्टाचार्जी, सुमित ठाकुर, श्रीमती बी बोस, प्रदीप लाल, संतोष सिंह और काफी आदरणीय लोग उपस्थित रहे।सोनारी और जमशेदपुर शहर के सभी लोगों के लिए काफी हर्ष का विषय है की डॉ अमोल पात्रों के माध्यम से एक ही छत के नीचे चिकित्सा के हर तरह की सुविधा उपलब्ध हो रहा है।
जमशेदपुर : सतरह वर्ष पूर्व तत्कालीन पेयजल स्वच्छता मंत्री आजसु के नेता चंद्र प्रकाश चौधरी की मानगो गोलचक्कर में तस्वीर लगी होर्डिंग्स को जलाने के मामले में भाजपा नेता विकास सिंह सहित सात भाजपा और भाजमो नेता को न्यायिक दंडाधिकारी पूजा लाल की अदालत ने लम्बी चली बहस के बाद बरी कर दिया गया । सतरह वर्ष पूर्व हुए मामले में बरी हुए भाजपा नेता विकास सिंह ने बताया की मानगो में बनने वाली मानगो पेयजल आपूर्ति योजना में तत्कालीन सरकार के द्वारा काफी विलंब किया जा रहा था तरह-तरह के हथकंडे अपना कर योजना को टालने का प्रयास किया जा रहा था, जिसके कारण बुंद बुंद पानी के लिए छटपटा रही मानगो की जनता का जन आक्रोश फुट पड़ा था। जिसके कारण कई बार लोगों ने तत्कालीन राज्य सरकार को पत्राचार कर योजना को जल्द पटल पर लाने की बात कही थी लेकिन स्थानीय लोगों को योजना ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा था।
मानगो की आक्रोशीत जनता ने तत्कालीन पेयजल स्वच्छता मंत्री के कार्यालय में घुस के रूप में मनी ऑर्डर भी भेजने का कार्य किया था फिर भी कार्य नहीं शुरू होने पर लोगों ने मानगों गोलचक्कर में मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी का पुतला दहन किया उसी भीड़ में अज्ञात लोगों ने मानगो गोलचक्कर में मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी की लगी तस्वीर की होर्डिंग को आग के हवाले कर दिया था जिससे आक्रोशित होकर आजसु पार्टी के तात्कालिक जिलाअध्यक्ष चंदेश्वर पांडे ने भाजपा नेता विकास सिंह, विजय तिवारी, भाजमो नेता मुकुल मिश्रा एवम् सुबोध श्रीवास्तव, भाजपा के गंगा प्रसाद साहू , जगदीश सिंह मुंडा नीलकमल शेखर को अभियुक्त बनाते हुए मानगो थाना में मुकदमा दर्ज करवाया था । सतरह वर्ष चले मुकदमे में आरोपियों की तरफ से अधिवक्ता राजहंस तिवारी एवं संजीत सरकार ने बहस कर सभी पर लगे आरोप को निराधार बताया । आजसु पार्टी की ओर से कोई भी नेता अथवा समर्थक न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ प्रमाण नहीं दे पाया जिसके कारण आज सभी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया ।
सत्य की हमेशा होती है जीत – विकास सिंह
बरी होने पर भाजपा नेता विकास सिंह ने कहा कि सत्य की जीत हमेशा होती है और यह पहला मुकदमा नहीं आम लोगों को हक अधिकार दिलवाने के कारण दो दर्जन से अधिक मुकदमा उनके ऊपर दर्ज हैं। लेकिन भारत के संविधान और कानून पर उन्हें भरोसा है जहां सत्य की हमेशा जीत होती है ।
जमशेदपुर : आज टेल्को क्षेत्र के जम्को आजाद बस्ती में मिश्रा बागान के तरफ वगत 40 वर्षों से जो पेड़ लगे थे उसको बुधवार को पांच पेड़ों को जड़ से ध्वस्त कर दिया गया। जिसमें कल एक पेड़ को विरोध के बाद बस्ती वासियों ने काटने से मना किया और गुरुवार को सुबह उसे पेड़ को काटने प्रबंधन की टीम पहुंची जिसका बस्ती वासियों ने भारी विरोध किया और काम को बंद करवाया।
काम बंद की सूचना पाकर गुरुवार को कंपनी प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची तथा बस्ती वासियों ने कहा की पेड़ काटने से पहले वन विभाग की लिखित परमिशन दिखाइए तब पेड़ों को काटिए अन्यथा छोड़ दीजिए। बस्ती वासियों ने कहा कि कंपनी प्रबंधन पेड़ इसलिए काट रही है क्योंकि इसको मेन रोड बनाना है। जबकि बगल में बस्ती है। छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस रोड में शाम के समय में निकलते हैं तथा आवागमन करते हैं। तब आए दिन दुर्घटना की संभावना रहेगी। बड़े-बड़े ट्रक और हाईवे इस रोड से पार होंगे। इसलिए बीच के पेड़ों को काटा जा रहा है।
बस्ती वासियों का कहना है कि इतनी बड़ी क्षेत्र की आबादी में बगल के जम्को मैदान में कांबी मिल कंपनी बन रही है इतना पॉल्यूशन होगा और पेड़ों को काटा जा रहा। तब बस्ती वासियों का हाल पूछने कौन आएगा। मौके पर पहुंची प्रबंधन की टीम ने बस्ती वासियों को आश्वासन दिया है की हम ड्रेनेज सिस्टम बना कर देंगे तथा प्लांटेशन करवाएंगे और रोड के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट भी लगवा कर देंगे।
मौके पर उपस्थित महेश मिश्रा, पप्पू कुमार, संतोष झा , पंकज झा, करनदीप सिंह, नमन ,रौनक, गीता देवी, मनजीत सिंह, पप्पी पाजी वह अन्य उपस्थित थे।
जमशेदपुर : जमशेदपुर लोकसभा के नव निर्वाचित सांसद बिद्युत बरण महतो पहले की तरह गुरूवार को सांसद कार्यालय में बैठे एवं दूर दराज से आये जनता का समस्या का समाधान हेतु निर्देश दिए.सुन्दरनगर मण्डल के पूर्व अध्यक्ष अनमोल वर्मा “पप्पु” की अगुआई में सांसद का पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर अभिनंदन किया गया एवं जनहित के कार्यों में पहले से भी तेज गति से विकास कार्य करके जमशेदपुर को विकसित करने का आग्रह किया गया. सांसद के निर्वाचित होने के बाद आज पहली बार सांसद कार्यालय में बैठे थे. विभिन्न क्षेत्रों से आये लोगों ने उनका अभिनन्दन किया एवं बधाई दी. इस अवसर पर संतन ओझा,जयकांत सिंह,निशांत सिंह,सलेन्द्र सिंह समेत अन्य कार्यकर्त्ता शामिल थे.
जमशेदपुर : कल जमशेदपुर शहर के जाने – माने चिकित्सक और सोनारी थाना शांति समिति के अध्यक्ष डॉक्टर अमोल पात्रों जो अपने समाजसेवा और चिकित्सा सेवा के लिए पूरे शहर में ख्याति प्राप्त है, उनके जीवन का एक ही लक्ष्य है सेवा ही परम धर्म। डॉ अमल पात्रों काफी वर्षों से अपना निजी चिकित्सा क्लीनिक सोनारी बी ब्लॉक में जनता की सेवा के लिए अर्पित करके रखे हैं, जहां सोनारी के लोगो के साथ साथ शहर के काफी दूर-दूर से आने वाले लोगों को भी उचित चिकित्सा और परामर्श दिया जाता रहा है।
इसी क्रम को और बेहतर बनाने के लिए निजी क्लीनिक के साथ – साथ दवा दुकान और पैथोलॉजी का भी शुभारंभ कल दोपहर को किया जा रहा है। जिससे आने वाले मरीजों को और आम जनता को 18% छुट के साथ दवाई उपलब्ध किया जाएगा और हर तरह के मेडिकल टेस्ट भी उपलब्ध करवाने का प्रावधान रखा गया है, ताकि लोग एक ही जगह पर सब कुछ का लाभ उठा पाए।
इसी क्रम को परिभाषित करने के लिए कल दोपहर 11:00 बजे श्री बी एन पात्रों ( केएमपीएम कॉलेज के पूर्व अध्यापक) पिता डॉ अमल पात्रों के शुभ आशीष के साथ उनके शुभ हाथों से उद्घाटन किया जाएगा। दवा दुकान का परिचालन डॉ अमोल पात्रों के सुपुत्र के देखरेख में किया जायेगा।
उद्घाटन समारोह में सोनारी थाना प्रभारी कुमार सरयु आनंद, सोनारी थाना शांति समिति के सचिव सह अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू, जमशेदपुर के प्रशासनिक पदाधिकारी गण, सोनारी थाना शांति समिति के सभी सदस्य, जमशेदपुर शहर के जाने – माने चिकित्सक, जमशेदपुर शहर के गण्या मान्य लोग उपस्थित होगे।सोनारी और जमशेदपुर शहर के सभी लोगों को सूचित करते हुये काफी हर्ष हो रहा है की डॉ अमोल पात्रों के माध्यम से एक ही छत के नीचे चिकित्सा के हर तरह की सुविधा उपलब्ध किया जा रहा है।
जमशेदपुर : पत्रकारिता जगत के (भीष्म पितामह) श्री राधे श्याम अग्रवाल जी की श्रद्धांजलि सभा मे उपस्थित होकर भावुक हो उठे सोनारी शांति समिति के सचिव सह अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू। पप्पू ने उदितवाणी के संस्थापक संपादक राधेश्याम अग्रवाल के निधन को पत्रकारिता जगत के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है।
अखबार एवं पत्रकारिता जगत का जब भी इतिहास लिखा जायेगा श्री राधे श्याम अग्रवाल जी का देन स्वर्ण अक्षरों में लिखा रहेगा। 1980 के दशक में उन्होंने इस औद्योगिक शहर में दैनिक उदितवाणी की स्थापना की और नागरिकों को सामाजिक, संस्कृति और आर्थिक रूप से संवेदनशील बनाया। इन 40 साल में शहर में जो कुछ उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से दिया है, वो देन अनुपम है।
उनकी देन है कि शहर में कई लोगो को उन्होंने कलम का सिपाही बनाया जो आज देश में बड़ी भूमिका अदा कर रहे हैं और काफी नामचीन है। श्री राधे श्याम अग्रवाल जी की विचार, व्यवहार और कार्य कुशलता हमेशा सभी के दिलों में एक सुनहरा यादगार बनकर स्मरण रहेगा। सुधीर कुमार पप्पू ने आज भी उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना किये है कि ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे और पत्रकारिता के जगत के (भीष्म पितामह) श्री राधेश्याम अग्रवाल जी को पत्रकारिता जगत में अमर बनाए रखें।
श्रद्धांजलि सभा मे पप्पू जी के साथ पत्रकार अन्नी अमृता, सिद्धनाथ दुबे, रामकंडेय मिश्रा, शेखर प्रसाद, वरीय सामाजिक कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा, सुनील गुप्ता (बागबेड़ा पंचायत समिति) और सोनारी थाना शांति समिति के सदस्य राहुल भट्टाचार्जी भी मौजूद रहे और सभी ने भक्ति पूर्ण भाव से श्री राधे श्याम अग्रवाल जी को श्रद्धांजलि अर्पित किया।
जमशेदपुर : टेल्को क्षेत्र के जम्को ग्राउंड में मिश्रा बागान के तरफ 40 सालों से जो पेड़ लगे थे उसको बुधवार को प्रबंधन द्वारा काटा गया। वही स्थानीय निवासी करनदीप सिंह ने बताया की हमारे क्षेत्र में पेड़ों की लगातार पेड़ों की अवैध कटाई चल रही है। जिसकी जानकारी क्षेत्रवासी ने वन विभाग को देने के बावजूद भी 5 पेड़ो को आज जड़ से खत्म कर दिया गया।
उन्होंने कहा की लगातार पेड़ों की अवैध रूप से कटाई पर वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। आने वाले दिनों में क्षेत्र का बहुत बुरा हाल हो जाएगा। जिस प्रकार तापमान दिन से दिन बढ़ता जा रहा है। और वन विभाग को इस विषय में संज्ञान लेना जरूरी है। किसी तरह आज बस्ती वासियों के विरोध करने से एक आम के पेड़ को बचाया गया।
जमशेदपुर : जम्मू कश्मीर में धार्मिक यात्रा पर निकले हिन्दू श्रद्धालुओं पर माता वैष्णों देवी कटरा से शिव खोडी दर्शन को जाते समय 9 जून को इस्लामिक जेहादी पाकिस्तान पोषित आतंकवादियों ने घात लगाकर शिव खोडी के निकट बस के ऊपर अंधाधुंध गोलीबारी कर बस चालक सहित 10 तीर्थ यात्रियों की निर्मम हत्या कर दी। जिससे देशभर में भारी आक्रोश व्याप्त है।
हिन्दू तीर्थ यात्रियों की हत्या के विरुद्ध 12 जून 2024 को बजरंग दल द्वारा सम्पूर्ण देशभर में जिला केन्द्रों पर आतंकवादी हमले में मारे गए हिन्दू तीर्थयात्रियों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए – पाकिस्तान पोषित इस्लामिक जेहादी आतंकवाद का पुतला फूका गया। जमशेदपुर मे बजरंगदल महानगर के नेतृत्व मे साकची गोलचक्कर पर पाकिस्तान सरकार का पुतला फूका गया।
भारत सरकार जल्द इस हमले का बदला ले और बजरंगदल संगठन के कार्यकर्तागण इस कायरपूर्ण हमले से डरने वाले नही है , प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बजरंगदल जमशेदपुर इन कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के विरोध मे 7 अगस्त को 30 सदस्य टीम के साथ बूढा अमरनाथ तथा वैष्णो देवी यात्रा के लिए जमशेदपुर से रवाना होगी। विरोध प्रदर्शन मे प्रांत, विभाग और महानगर, प्रखंड के अधिकारीगण रहे।
जमशेदपुर : जमशेदपुर सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने झारखंड उच्च न्यायालय कर रजिस्ट्रार जनरल, को लोक अदालतों को सुधारने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं, जो जन साधारण के जागरूकता और भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उनके द्वारा दिये गए विस्तार पूर्वक है।
जनसाधारण जागरूकता अभियान:
समाचार पत्रों, रेडियो, टेलीविजन, और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से व्यापक अभियान शुरू करें, ताकि जनता को आगामी लोक अदालतों के बारे में सूचित किया जा सके। समुदायों में कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन करें, ताकि लोगों को लोक अदालतों के लाभों के बारे में जानकारी मिल सके और वे इस माध्यम के माध्यम से अपने विवादों का समाधान कर सकें।
पंचायत मुख्य का सहयोग:
पंचायत के मुख्य के साथ सीधा संपर्क स्थापित करें, ताकि उनके क्षेत्र में लोक अदालतों को प्रोत्साहित करने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। पंचायत मुख्य को लोक सभाओं और मीटिंगों के दौरान लोक अदालतों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित करें। अभिगम्यता और समावेशता:
सुनिश्चित करें कि लोक अदालतों को सभी के लिए पहुँचने योग्य हो, चाहे वह उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि हो, इसे सुगम स्थानों और समय पर सत्रों का आयोजन करके सुनिश्चित किया जा सकता है। स्थानीय भाषाओं में जानकारी प्रदान करें, ताकि जनसाधारण की भाषाई विविधता को पूरा किया जा सके।
पारदर्शी प्रक्रिया:
सुनिश्चित करें कि लोक अदालतों के कार्यक्रम में पारदर्शिता बनी रहे, जिसमें संप्रेषकों को प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों को स्पष्ट रूप से समझाया जाए। संबंधित संप्रेषकों द्वारा उठाए गए किसी भी समस्या या शिकायत को संबोधित करने के लिए प्रतिक्रिया और शिकायत समाधान के लिए तंत्र स्थापित करें। गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और समुदाय-आधारित संगठनों के साथ सहयोग:
गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और समुदाय-आधारित संगठनों के साथ साझेदारी करें, ताकि लोक अदालतों के प्रचार में संलग्नी और असहाय वर्गों तक पहुंचा जा सके, जिन्हें लोक अदालतों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं का लाभ हो सकता है। इन संगठनों के मौजूदा नेटवर्क और संसाधनों का उपयोग करके लोक अदालतों के प्रचार और प्रभावकारिता को बढ़ावा दिया जा सकता है। इन सुझावों को लागू करके, लोक अदालतों की जनसाधारण जागरूकता, सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित कर सकते हैं, और सुनिश्चित कर सकते हैं कि पहुँचने, समावेशता, और पारदर्शिता के सिद्धांतों का पालन किया जाता है।
लचीला दंड समाधान:
लोक अदालत की प्रक्रिया के दौरान दंड लगाने की मामले में लचीलापन को अनुमति दें। लोक अदालत प्रक्रिया में शामिल जजों या मीडिएटर्स को प्रत्येक मामले को विशेषज्ञता से मूल्यांकित करने और विशेषज्ञता के आधार पर धनराशि या अन्य राहत के रूप में दंडों की बातचीत करने की अधिकार प्रदान करें। उन विशेषज्ञों को सहायक जानकारी प्रदान करें, जो लोक अदालत प्रक्रिया के भागीदारों के बीच लाभों को चर्चा करने की अवसर प्रदान करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, जिससे कि उन्हें प्रक्रिया में भाग लेने की प्रेरणा मिले। सुनिश्चित करें कि दंडों की बातचीत को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जाता है, जिसमें दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखा जाता है। यह आखिरकार लोक अदालत प्रक्रिया को आकर्षक बनाता है जिसे भागीदार अधिक संवेदनशील होने की संभावना है, जो उन्हें यह जानकर अधिक प्रवृत्त कर सकती है कि उन्हें उनके लगाए गए दंडों की वित्तीय भारी योजना पर चर्चा करने का अवसर मिला है। इससे आखिरकार समझौतों की अधिक दरें और लोक अदालत प्रक्रिया के माध्यम से विवादों का अधिक दक्ष निराकरण हो सकता है।
सत्यनिष्ठ प्रक्रिया में न्याय:
लोक अदालतों में न्याय और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए कठोर दिशानिर्देश लागू करें, जिसमें सभी संप्रेषकों के न्यायमूल्य सम्मानित किए जाते हैं। लोक अदालतों में सम्मिलित जजों, मीडिएटर्स, और अन्य कर्मचारियों के लिए उपयुक्त प्रशिक्षण और निरंतर शिक्षा प्रदान करें, ताकि न्याय और न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखा जा सके। न्याय की प्रक्रिया के संचालन को मॉनिटर और मूल्यांकन करने के लिए तंत्र स्थापित करें, ताकि पूर्णता के आधार पर भेदभाव या भेदभाव के किसी भी घटना को पहचाना और संबोधित किया जा सके।
सुधारी गई पहुंच:
ग्रामीण और अनुपयोगी क्षेत्रों में आवासीय संख्या में वितारित स्थानों पर अदालतों का आयोजन करके लोक अदालतों की पहुंच को बढ़ावा दें। दूरसंचार और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स जैसी तकनीक का उपयोग करें, ताकि व्यक्तियों को अदालतों के सत्रों में सहभागी बनाना सरल हो। ताकि विभिन्न संदर्भों की एक विविध दर्शक तक पहुंचने के लिए लोक अदालतों के सत्रों की तिथियों, समयों, और स्थानों के बारे में जानकारी को कई माध्यमों के माध्यम से व्यापक रूप से वितरित किया जा सके।
योग्य समय सारणी:
सत्रों को उन समयों पर कार्यान्वित करें जो प्रतिभागियों के लिए सहज हों, जैसे शाम और सप्ताहांत, ताकि उनमें से एक भी कार्य या परिवार के समय की अनुपस्थिति की आवश्यकता हो। स्थानीय अधिकारियों और समुदाय के नेताओं के साथ समय के लिए आदर्श की पहचान करने के लिए समय को निर्धारित करें, जो लक्ष्य जनसंख्या की उपलब्धता और प्राथमिकताओं के आधार पर किया जा सकता है। परिस्थितियों और आपातकालीन परिस्थितियों को संभालने के लिए गतिशीलता में लचीलापन बनाए रखने के लिए अनुमति दें।
“सस्ता, सुलभ, समय” का नारा हिंदी में अनुवादित होता है। यहाँ यह दिखाया गया है कि लोक अदालतें कैसे इस नारे का पालन कर सकती हैं:
लागत-कारगरता की सुनिश्चिति (सस्ता):
लोक अदालतों के माध्यम से न्याय तक पहुंचने के लिए लगी गई लागत को कम करने के उपाय को लागू करें, जैसे कि आर्थिक रूप से कमजोर पक्षों के प्रतिभागियों के लिए शुल्कों का माफ़ या कम करना। लोक अदालतों के प्रशासनिक प्रक्रियाओं को संभालने के लिए अप्रयुक्त खर्चों को कम करने के लिए प्रक्रियाओं को संक्षिप्त करें और सुनिश्चित करें कि लोक अदालतों को सौजन्य से निर्धारित संसाधनों का चयन किया जाता है। पहुंचता में सुधार (सुलभ):
विभिन्न स्थानों पर उपयुक्त समय पर सत्रों का आयोजन करके लोक अदालतों की पहुंच को बढ़ावा दें, विशेष रूप से ग्रामीण और असेवित क्षेत्रों में। दूरसंचार और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स जैसी तकनीक का उपयोग करें, जिससे व्यक्तियों को लंबे दूरी यात्रा करने की आवश्यकता के बिना उनके विवादों का समाधान करना सरल हो। समय का उत्तम उपयोग (समय):
लोक अदालतों के सत्रों के दौरान समय का उपयोग अच्छी तरह से करें, सुगम मामला प्रबंधन अभ्यासों को लागू करके और समाधान प्रक्रिया में कोई देरी के अवस्थान को न्यूनतम करके। प्रतिभागियों के लिए समय के अनुकूल सत्रों का आयोजन करें, सुनिश्चित करते हुए कि प्रक्रिया तत्काल और बिना अनावश्यक देरी के संचालित की जाती है। लोक अदालतों की स्थिति के अनुसार समय की अनुकूलनयों को सहयोगी साझेदारी के लिए संबोधित करना, जिसमें समुदाय के लोगों के उपलब्धता और पसंद के आधार पर समय की निर्धारण किया जाता है। लोक अदालतों के सत्रों को समय के अनुकूलता के लिए लचीले बनाए रखने के लिए असाधारण प्रयास किए जा रहे हैं।
सभी विधिक प्रक्रियाओं के अधीन सत्यनिष्ठ प्रक्रिया की सुनिश्चिति, लोक अदालतें “सस्ता, सुलभ, समय” नारे का पूर्णतया पालन करती हैं और समुदाय की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होती हैं।
प्रशंसा सबसे अधिक मामलों को न्यायसंगत और न्यायमूल्य ढंग से समाधान करने वाले पैनल को मान्यवर न्यायाधीशों द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए।