एक नई सोच, एक नई धारा

महाराष्ट्र: NDA में बन गया शीट शेयरिंग का फॉर्मूला! बीजेपी को 32, अजित कैंप को 4, शिंदे गुट को 10

लोकसभा चुनाव को लेकर महाराष्ट्र में एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे पर मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा की। शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात की।

इस दौरान बीजेपी नेता और राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे।

अमित शाह के साथ बैठक में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे थोड़ा नरम नजर आए। पहले 22 सीटें मांग शिवसेना ने 13 लोकसभा सीटों पर अपनी बात रखी। अजित पवार ने अपनी मांग में बारामती समेत 8 सीटों की मांग रखी। इस पर अमित शाह ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 10 सीटों का ऑफर किया। साथ ही अजित पवार की पार्टी को चार सीटें ही देने की बात कही।

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अजित पवार को मिलने वाली चार सीटों में एक सीट बारामती और दूसरी सीट गढ़ चिरौली की होगी। बारामती वो सीट है, जहां से अजित पवार अपनी पत्नी सुनेत्रा को मैदान में उतारना चाहते हैं। बारामती सीट से शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले मौजूदा सांसद हैं। गढ़ चिरौली से अजित पवार राज्य सरकार में मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम को मैदान में उतारना चाहते हैं।

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आजादनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नदी में तैरता मिला बुजुर्ग का शव

आजादनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत यीशु भवन पंप हाउस के समीप मंगलवार की सुबह नदी में तैरता एक बुजुर्ग का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह जब लोग नदी में स्नान करने पहुंचे तो एक शव को पानी की सतह पर तैरते देख इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही आजादनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को पानी से बाहर निकाला. मृतक की पहचान राम निरंजन के रूप में हुई है. वे इस्प्लांट बस्ती के रहने वाले थे।

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बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. अपने ससुराल सोनारी में रहकर इलाज करा रहे थे. कल सुबह 10:00 बजे दाढ़ी बनाने की बात कह कर घर से निकले थे और देर रात तक नहीं लौटे थे. परिजनों ने इसकी जानकारी सोनारी थाने को दे दी थी।

इधर आज सुबह उनका शव नदी में तैरते अवस्था में पाया गया. संभावना जताई जा रही है कि बीमारी की वजह से परेशान होकर राम निरंजन ने यह कदम उठाया है. फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है. वहीं सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए और शव की पहचान की।

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नदी को चीर कर दौड़ेगी, देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो टनल में गजब की इंजीनियरिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कोलकाता में भारत की पहली अंडर-रिवर मेट्रो सुरंग का उद्घाटन करने के लिए तैयार हैं. यह कोलकाता की हुगली नदी के नीचे बनी सुरंग, हावड़ा मैदान और एस्प्लेनेड के बीच एक कनेक्शन स्थापित करेगी.

बता दें कि हावड़ा मैदान और एस्प्लेनेड के बीच सुरंग की कुल लंबाई 4.8 किलोमीटर है. इसमें 1.2 किमी सुरंग हुगली नदी में 30 मीटर नीचे है, जो इसे ‘किसी भी बड़ी नदी के नीचे देश की पहली परिवहन सुरंग’ बनाती है.

इसके अलावा, हावड़ा मेट्रो स्टेशन देश का सबसे गहरा स्टेशन भी होगा. यह सुरंग ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर परियोजना का एक हिस्सा है जो सेक्टर पांच से शुरू होती है और वर्तमान में सियालदह में समाप्त होती है. आइए इस खबर में जानते हैं इस मेट्रो की खासियत.

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क्या है खासियत?
कोलकाता मेट्रो के हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड खंड में हुगली नदी के नीचे भारत की पहली परिवहन सुरंग है. यह ईस्ट-वेस्ट मेट्रो का हिस्सा है, जो हुगली के पश्चिमी तट पर हावड़ा को पूर्वी तट पर साल्ट लेक सिटी से जोड़ने वाली 16.5 किमी लंबी दूरी है. यह भारत में पानी के अंदर ट्रेन चलाने का पहला उदाहरण है.

कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KMRCL) द्वारा निष्पादित, 10.8 किलोमीटर का हिस्सा भूमिगत है, जबकि 5.75 किलोमीटर का हिस्सा पुल पर ऊंचा है. इसका उद्देश्य ऐतिहासिक शहर कोलकाता में यातायात की भीड़ को कम करना है, जिसका इतिहास 300 साल पुराना है और साथ ही वाहन प्रदूषण में कमी लाने में भी योगदान देना है. हावड़ा मेट्रो स्टेशन, अनुभाग का हिस्सा, भारत का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन होगा. लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो हुगली नदी के नीचे 520 मीटर की दूरी को उल्लेखनीय 45 सेकंड में कवर करने के लिए तैयार है.

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फेसबुक, इंस्टाग्राम हुआ डाउन, अपने आप लॉगआउट हो रहे अकाउंट

मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम मंगलवार रात (5 फरवरी 2024) को अचानक डाउन हो गए. यूजर्स के सोशल मीडिया अकाउंट्स अचानक ही लॉगआउट हो रहे हैं. फेसबुक और इंस्टाग्राम के अचानक डाउन होने से लाखों यूजर्स परेशान हैं.

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फ़्रॉड और स्पैम कॉल से हैं परेशान, तो अब कर सकेंगे ‘चक्षु’ पर शिकायत : सरकारी सेवा हुई लॉन्च

साइबर क्राइम और स्पैम कॉल को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने चक्षु प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है. चक्षु के जरिए लोग आसानी से साइबर क्राइम या फिर स्पैम कॉल को रिपोर्ट कर सकते हैं. बता दें कि दूरसंचार विभाग ने संचार साथी पोर्टल के हिस्से के रूप में सोमवार को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म और चक्षु लॉन्च किया है, जिसका अनावरण पिछले साल मई में किया गया था.

चक्षु का इस्तेमाल नागरिकों द्वारा फ्रॉड या फिर स्पैम कॉल को रिपोर्ट करने के लिए किया जा सकता है, जिसमें उपयोगकर्ता नंबर, मैसेज आदि भी शामिल है. उपयोगकर्ता, संचार साथी पोर्टल पर इनबिल्ट चक्षु विंडो पर लॉग इन कर सकते हैं और एसएमएस, कॉल या व्हाट्सएप जैसे धोखाधड़ी के माध्यम से संबंधित विवरण के साथ एक फॉर्म भर सकते हैं. हालांकि, उपयोगकर्ताओं को यह बताना होगा कि संचार किस श्रेणी में फिट बैठता है, जैसे कि सेक्सटॉर्शन, फेक उपभोक्ता हेल्पलाइन, फेक केवाईसी आदि. इसके बाद उपयोगकर्ता अपनी शिकायत से संबंधित स्क्रीनशॉट या फिर किसी अन्य जानकारी को भी शामिल कर सकता है.

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डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म एक इंटर-एजेंसी है जो साइबर आपराधिक डेटा को बैंको, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वॉलेट ऑपरेटरों आदि के साथ साझा करने में अहम भूमिका निभाएगा. आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “संदिग्ध धोखाधड़ी के मामले में डेटा लगभग वास्तविक समय में सभी हितधारकों के साथ साझा किया जाएगा.” इससे पहले, कानून प्रवर्तन, बैंकों और वित्तीय सेवा प्रदाताओं सभी को धोखाधड़ी वाले नंबरों की रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत रूप से ऐसा किया था.”

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उन्होंने कहा, “लेकिन DIP एक यूनिफाइड प्लेटफॉर्म है जिसपर आप तुरंत फ्रॉड को रिपोर्ट कर सकते हैं. पिछले साल मई में लॉन्च किए गए सिस्टम का यह नैचुरल प्रोग्रेशन है और इन दोनों प्लेटफॉर्म की मदद से साइबर फ्रॉड की पहचान करने के पेस में तेजी आएगी”.

उन्होंने कहा इस तरह के प्लेटफॉर्म की मदद से लगभग 1,008 करोड़ तक की धोखाधड़ी को रोका जा चुका है. बता दें कि DoT ने मई 2023 में संचार साथी प्लेटफॉर्म लॉन्च तिया था. वैष्णव ने कहा, “हमने असरदार तरीके से अंतरराष्ट्रीय फ्रॉड कॉल को कंट्रोल किया है, जो पिछले कुछ वक्त में खतरा बन गई थीं.”

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बुधवार को होगी कोर कमेटी की बैठक,जारी होगी भाजपा की दूसरी लिस्ट

बची हुई लोकसभा की टिकटों को लेकर भारतीय जनता पार्टी कोर कमेटी की बैठक कल यानी बुधवार 6 मार्च को होगी. इस दौरान पंजाब , हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार की बची सीटों को लेकर कल और परसों, दो दिन दिल्ली में कोर ग्रुप की बैठक होगी.

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह भी बैठक में शामिल हो सकते हैं. कोर ग्रुप के जरिए केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से पहले नामों पर मंथन होगा.

बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों का ऐलान करते हुए पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में कई दिग्गजों को किनारे किया गया. अब दूसरी लिस्ट को लेकर भी चर्चा तेज है. माना जा रहा है कि दूसरी लिस्ट में पार्टी बड़ी संख्या में टिकट काट सकती है.

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दरअसल, इस बैठक में दूसरी सूची के नाम फाइनल होंगे. इसके बाद 7 या 8 मार्च को दूसरी लिस्ट जारी करने की संभावना है. इस लिस्ट में यूपी, महाराष्ट्र, तेलंगाना और राजस्थान समेत कई राज्यों से नाम हो सकते हैं.

क्या कटेगा उम्मीदवारों का टिकट?
पहली लिस्ट में उन सांसदों का टिकट काटा गया है, जो अक्सर विवादों में रहते थे या विवादित बयान देते थे. इनमें साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, रमेश बिधूड़ी और प्रवेश वर्मा जैसे सांसदों का नाम शामिल है. दूसरी लिस्ट में भी पार्टी विवादित चेहरों से किनारा कर सकती है. इनमें सबसे प्रमुख नाम कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह का है. बृजभूषण पर महिला पहलवानों ने यौन शोषण का भी आरोप लगाया था. हालांकि उन्हें पुलिस ने क्लीन चिट दी थी. सुल्तानपुर और पीलीभीत की सीट पर भी प्रत्याशी बदले जाने की चर्चा है. बीते कई महीनों से मेनका गांधी और वरुण गांधी पार्टी से कथित तौर पर नाराज चल रहे हैं. इन दोनों को लेकर दूसरी लिस्ट में क्या कुछ होता है, यह भी देखने वाली बात होगी. बहरहाल बीजेपी की ओर से इस बारे में कोई संकेत नहीं दिया गया है.

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चिराग पासवान को तेजस्वी यादव के ‘ऑफर’ पर पशुपति पारस की दो टूक- ‘वो क्या करेंगे…’

बिहार में एनडीए में सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है.वहीं, चिराग पासवान के नाराजगी की चर्चा है. इस बीच केंद्रीय मंत्री और लोजपा के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत की.

उन्होंने साफ किया कि वो पहले भी एनडीए में थे, आज भी एनडीए में हैं और जब तक राजनीति करेंगे एनडीए के साथ रहेंगे. उन्होंने सीट बंटवारे में हो रही देरी पर भी अपनी बात रखी. साथ ही चिराग पासवान को दिए तेजस्वी यादव के ‘ऑफऱ’ पर भी साफ शब्दों में जवाब दिया.

सीट बंटवारे पर क्या बोले?

पशुपति कुमार पारस ने कहा, “मैं एनडीए में हूं, मैं एनडीए में था और मैंने घोषणा की है कि मैं जब तक राजनीति में रहूंगा एनडीए के साथ रहूंगा. हम एनडीए गठबंधन में ईमानदार सहयोगी हैं. एनडीए गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी है. हमारी पार्टी स्टेट पार्टी है. जो प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला होगा वो हम लोगों के लिए मान्य होगा.”

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‘रामविलास पासवान के सपनों को पूरा करेंगे’

अपने दिवंगत बड़े भाई रामविलास पासवान पर उन्होंने कहा, “बचपन से ही वो शोषित पीड़ित और अक्लीयत की बात करते थे. मैं रामविलास पासवान नहीं हो सकता हूं लेकिन मैं उनका खून हूं और निश्चित तौर पर उनका जो अधूरा सपना है मेरी कोशिश है कि उसे पूरा करूं.”

चिराग को तेजस्वी के ‘ऑफर’ पर क्या बोले?

चिराग पासवान को तेजस्वी यादव के ‘ऑफर’ पर उन्होंने कहा कि इस पर उनकी कोई राय नहीं है. पशुपति पारस ने कहा, “वो (चिराग पासवान) क्या करेंगे नहीं करेंगे ये मामला उनका है मैं क्या करूंगा ये हमसे पूछ लीजिए.” दरअसल, मंगलवार (5 मार्च) को जब तेजस्वी यादव से सवाल किया गया कि क्या अगर चिराग पासवान साथ आएंगे तो वो उनका स्वागत करेंगे. इस सवाल के जवाब में तेजस्वी यादव ने कहा कि जिनको आना हो वो बताएंगे. हम तो कहीं नहीं जा रहे हैं.

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लालू की एक गलती को PM ने बनाया हथियार, ‘परिवारवाद’ के जिन्न ने बदल दी कहानी

किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि बिहार के गांधी मैदान से निकला ‘परिवारवाद’ का जिन्न इतना बड़ा हो जाएगा कि वह देश के राजनीतिक परिदृश्य को ही अपने आगोश में ढंक लेगा.

परिवार पर बहस की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल के सर्वे-सर्वा लालू प्रसाद यादव ने की, लेकिन उन्हें यह अंदाज़ा नहीं रहा होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके हमले की दिशा को उनकी तरफ ही पलट देंगे. ‘परिवारवाद’ पर हमले झेल रहे लालू ने कहा कि पीएम मोदी का अपना कोई परिवार है ही नहीं. उन्हें परिवार के बारे में भला क्या पता! लालू प्रसाद यहीं भूल कर गए, पीएम मोदी अक्सर ऐसे हमलों में प्रयोग किए जाने वाले हथियारों को लेकर पलटवार करने में माहिर रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि लालू यादव के लिए उनका घर ही उनका परिवार है, जबकि उन्होंने पूरे देश को अपना ‘परिवार’ बना लिया. देखते ही देखते बीजेपी के नेताओं और मंत्रियों ने अपने सोशल मीडिया पर खुद को मोदी का परिवार बना लिया. पीएम मोदी जो चाहते थे, वैसा किया, परिवार पर चर्चा करते हुए परिवारवाद को बहस के केंद्र में ले आए. लालू के आरोपों का जवाब देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में पूरे देश को ही अपना ‘परिवार’ बताया. पीएम मोदी को ‘चाय वाला’ बोलना, ‘मौत का सौदागर’ कहना, इन विशेषणों को उन्होंने आभूषण की तरह इस्तेमाल किया और हमले का रुख मोड़ दिया.

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भारतीय राजनीति के केंद्र में परिवारवाद:
आज भारत के राजनीतिक शीर्ष पर वाकई कुछ ऐसे लोग बैठे हैं जिनका अपना खुद का कोई ‘लौकिक’ परिवार नहीं है. इसमें मुख्यतया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की चर्चा होती रही है. इसके विपरीत राज्य की राजनीति में ऐसे राजनीतिक परिवारों की भरमार है, जो दशकों से सत्ता पर पीढ़ी दर पीढ़ी काबिज रहे हैं. प्रधानमंत्री नेहरू-गांधी परिवार पर सीधे-सीधे और प्रछन्न तरीके से हमले करते हैं, इसमें कोई अचरज नहीं हैं.

पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद, इन्दिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और अब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी परिवारवाद की अवधारणा पर खरे उतरते हैं. लेकिन ऐसे क्षेत्रीय दलों की भी कमी नहीं है, जिनका आधार ही परिवार के इर्द-गिर्द सिमटा रहा है. कोई भी क्षेत्रीय दल परिवारवाद से जुड़े आक्षेपों और टीका टिप्पणियों को सहज भाव से नहीं लेते हैं. आज देश भर में दर्जन भर ऐसी बहुत-सी पार्टियां हैं जो समाजवाद के आवरण के पीछे परिवारवाद का राजनीतिक समीकरण चतुराई से चलाते रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव का नाम परिवारवाद की बहस के मोर्चे पर सबसे शीर्ष पर रहा है. एक समय ऐसा भी था जब एक ही कुल से कम से कम दर्जन भर (दो दर्जन) कुटुंब सत्ता के अलग-अलग पायदानों पर, मंत्री पद से लेकर बोर्ड और कॉर्पोरेशन के विभिन्न पदों पर काबिज रहा. बिहार में लालू प्रसाद यादव छात्र आंदोलन की उपज रहे, समाजवादी आंदोलन की उनकी पृष्टभूमि रही लेकिन परिवारवाद के अंतहीन दौर में उन्होने राज्य को धकेलने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी.

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जब लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में फंसे, उन्होने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री के पद के लिए सबसे योग्य पाया. लालू के सुपुत्र तेजस्वी यादव ही पार्टी की अगुवाई कर रहे हैं, वो दो बार प्रदेश के उप मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. तेजस्वी के बड़े भाई तेजप्रताप भी बिहार में मंत्री पद को सुशोभित कर चुके हैं. लालू की बड़ी बेटी मीसा यादव वर्षों से संसद में पार्टी का प्रतिनिधित्व करती रही हैं. लालू यादव के उलट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी छात्र आंदोलन से जुड़े रहे, लेकिन उन्होंने अपने परिवार और रिश्तेदारों को राजनीति से दूर रखा.

परिवारवाद पर पीएम मोदी के साथ खड़े हैं नीतीश:
नीतीश कुमार का परिवारवाद पर स्टैंड साफ हैं, “कुछ लोगों के लिए पति-पत्नी और बेटा-बेटी ही परिवार हैं, लेकिन मेरे लिए तो पूरा बिहार ही परिवार है.” पीएम मोदी के बाद नीतीश के इन बयानों के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं.

भारतीय वाङ्ग्मय में परिवार का दायरा व्यापक:
भारत में परिवार की परिभाषा इतनी व्यापक है कि वह पूरी धरती को हो अपना कुटुंब बना लेता है. इस अवधारणा की चर्चा सदियों पहले भारतीय वाङ्ग्मय और उपनिषदों में हुई है. पश्चिमी संस्कृति के विपरीत भारतीय दर्शन व्यवस्था सर्व समावेशी है.
अयं निजः परोवेति गणना लघुचेतसाम्।
उदारचरितानां तु वसुधैवकुटुम्बकम्॥
इसका अर्थ है, “यह मेरा अपना है और यह नहीं है, इस तरह की गणना छोटे चित्त (सञ्कुचित मन) वाले लोग करते हैं. उदार हृदय वाले लोगों के लिए तो (सम्पूर्ण) धरती ही परिवार है.”

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और अंत में…
भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में परिवारवाद और वंशवाद किसी शूल की तरह चुभते हैं. सामान्य कार्यकर्ताओं के लिए तो वंशवाद बहुत धीमे जहर की तरह है, ऐसे लोग साल दर साल दरी और जाजिम बिछाते रह जाते हैं लेकिन जब टिकट देने की बारी आती है, नेता पुत्र या नेता जी के सुपौत्र बाज़ी मार ले जाते हैं. टिकट वितरण से लेकर मंत्री पद पर कब्जा करने तक की बात हो तो बीजेपी ने अन्य दलों के मुक़ाबले एक नई इबारत लिखनी शुरू की है, जिससे भारतीय राजनीति को और अधिक सर्व समावेशी बनाने में मदद मिलेगी, लेकिन कोई भी पार्टी इससे पूर्णतया मुक्त है, ऐसा भी नहीं है.

रांची कोर्ट ने हेमंत सोरेन को माना दोषी; ईडी के नोटिस की सात बार अवहेलना करने पर भेजा समन

जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब रांची की एक अदालत ने पीएमएलए मामले में ईडी के नोटिस की अवहेलना करने का प्रथम द्रष्टया दोषी माना है।

साथ ही रांची कोर्ट ने हेमंत सोरेन को समन भेज कर अगले महीने तलब किया है। गौरतलब है कि जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत हेमंत सोरेन को सात बार समन जारी किए गए थे। उन्हें सबसे पहले बीते साल 14 अगस्त को ईडी के सामने पेश होने के लिए पहली बार समन जारी किया गया था।

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केंद्रीय जांच एजेंसी ने बीते महीने झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। इसमें कहा गया था कि जमीन घोटाले से जुडे मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में शामिल होने के लिए ईडी के समन की हेमंत सोरेन ने जानबूझकर अवलेहना की। ईडी ने पीएमएलए और आईपीसी की धाराओं के तहत दायर अपनी शिकायत में अदालत से अनुरोध किया था कि हेमंत सोरेन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 174 (लोक सेवक के आदेश का पालन न करना) के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

पूर्व सीएम को संघीय जांच एजेंसी ने 31 जनवरी को रांची में उनके आधिकारिक आवास पर दूसरे दौर की पूछताछ के बाद मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार होने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 48 वर्षीय झामुमो नेता फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कृष्ण कांत मिश्रा की अदालत ने सोमवार को जारी अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता ईडी के तथ्य और रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री से प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 174 के तहत अपराध बनता है। ऐसे में आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 204 के तहत आरोपी हेमंत सोरेन के खिलाफ कार्यवाही के लिए पर्याप्त आधार हैं। ऐसे में हेमंत सोरेन को अदालत में उपस्थिति के लिए समन जारी करने का निर्देश दिया। फिलहाल मामले में अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 3 अप्रैल तय की है।

इसी तरह की एक शिकायत ईडी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) नेता अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में एजेंसी के समन की कथित तौर पर तीन बार अवहेलना करने के लिए दायर की है। यह मामला 16 मार्च को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। केजरीवाल को अब तक आठ समन जारी किए जा चुके हैं और उन्होंने इन नोटिसों को अवैध बताते हुए एजेंसी के सामने गवाही नहीं दी है। पेशी को लेकर अरविंद केजरीवाल ने ईडी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पूछताछ करे।

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राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात, बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने का किया आग्रह

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संदेशखाली हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की।

इससे पहले, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित अन्य निकायों ने भी टीएमसी शासित राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश कर चुके हैं।

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संदेशखाली की स्थिति बेहद गंभीर

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में स्थिति अभी भी बहुत गंभीर है। उन्होंने कहा, “संदेशखाली कोई अकेली घटना नहीं है। पहले भी राज्य में हिंसा की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं और राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसलिए, एनसीडब्ल्यू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है।”

राष्ट्रपति रख रही स्थिति पर नजर

शर्मा ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनसे कहा कि वह राज्य की स्थिति से अवगत हैं और इस पर करीब से नजर रख रही हैं। संदेशखाली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने दावा किया है कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उनके गिरोह ने उनका यौन उत्पीड़न करने के साथ ही जमीन पर भी बलपूर्वक कब्जा कर लिया।

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