राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे का औपचारिक ऐलान होने से पहले ही लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों को सिंबल देना शुरू कर दिया।
इसी कड़ी में लालू यादव ने कुख्यात अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी को भी पार्टी का सिंबल दिया है। बताया जा रहा है कि अनीता देवी राजद के टिकट से मुंगेर से चुनाव लड़ेंगी। बता दें कि 19 मार्च को बिहार के कुख्यात अशोक महतो ने 62 साल की उम्र में शादी कर ली थी। अशोक की पत्नी उनसे 16 साल छोटी हैं।
अशोक महतो के ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, इसकी वजह से वो चुनाव नहीं लड़ सकते। इसलिए उन्होंने आनन-फानन में 2 दिन के अंदर शादी की। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले राजद सुप्रीमो लालू यादव ने अशोक महतो को बुलाकर कहा था कि चुनाव लड़ो। साथ ही लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि चुनाव में किसी भी तरह का कोई मुद्दा न बने इसके लिए आप शादी कर लो।
महतो शादीशुदा नहीं थे। उन्हें डर था कि अगर वह चुनाव लड़ेंगे तो कोई न कोई कहानी बनाकर नॉमिनेशन रद्द न हो जाए, इसलिए सेफ साइड खेलने के लिए उन्होंने दो दिनों में शादी कर ली। इससे पहले राजद ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने छह उम्मीदवारों पार्टी का सिंबल दिया था। लालू यादव ने गुरुवार को गया से पूर्व मंत्री कुमार सर्वजीत, बक्सर से पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह, उजियारपुर से पूर्व मंत्री आलोक मेहता, जमुई से अर्चना रविदास, नवादा से श्रवण कुशवाहा और औरंगाबाद से अभय कुशवाहा को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है।
देश के महान स्वतंत्रता सेनानी वीर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की पुण्यतिथि पर चाय पे चर्चा ग्रुप के द्वारा गोलमुरी में शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई ग्रुप के सदस्यों ने भारत माता की जयकारा लगाते हुए शहीदों को नमन किया इस दौरान भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार, अशोक सामंत, कुमार अभिषेक, विजय गोंड, उपेंद्र बानरा, कुमार आशुतोष, नरेंद्र सिंह पिंटू, दीपक सिंह, गणेश बिहारी, नौशाद खान, साकेत कुमार, अनिकेत रॉय सन्नी, रवि भगत, राहुल यादव, मनोज तिवारी, सूरज सिंह, संदीप कुमार आदि उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भूटान के शीर्ष नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि भारत उसके विकास की आकांक्षाओं में उसका पूर्ण समर्थन करता है और दोनों देशों के अद्वितीय द्विपक्षीय संबंध कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्रों में अधिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
मोदी ने यह भी घोषणा की कि नयी दिल्ली अगले पांच वर्षों में थिंपू को 10,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और भूटान के लोगों के बीच आत्मीयता उनके द्विपक्षीय संबंधों को अनूठा बनाती है। उन्होंने कहा कि भारत, भूटान के लोगों के दिलों में बसता है। मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भूटान पहुंचे हैं। उनकी यात्रा का उद्देश्य ‘पड़ोस प्रथम’ की नीति के तहत भूटान के साथ भारत के अनूठे संबंधों को और मजबूत बनाना है। दोनों देशों ने कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया तथा ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल कनेक्टिविटी, अंतरिक्ष और कृषि के क्षेत्र में समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच रेल संपर्क की स्थापना पर समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप दिया। मोदी ने भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की और प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘भूटान के महामहिम नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मिलकर बेहद खुशी हुई। हमने अपने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के तरीकों पर बातचीत की।’
उन्होंने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से मुलाकात को लेकर कहा, ‘भूटान में प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के साथ सार्थक वार्ता हुई। हमने भारत-भूटान मित्रता की संपूर्ण श्रृंखला की समीक्षा की, और हमारी विकासात्मक साझेदारी को बढ़ावा देने के साथ- साथ सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।’ प्रधानमंत्री मोदी को यहां भूटान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पाने वाले वह पहले विदेशी शासनाध्यक्ष हैं। भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने प्रधानमंत्री मोदी को इस सम्मान से सम्मानित किया।
मोदी ने प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के साथ भी वार्ता की। मोदी ने कहा, ‘भारत और भूटान के लोगों के बीच आत्मीयता उनके द्विपक्षीय संबंधों को अनूठा बनाती है।’ अपने संबोधन में उन्होंने भूटानी लोगों से कहा, ‘भारत आपके दिल में बसता है।’ अपने संबोधन में, उन्होंने लोगों को ‘भूटान के मेरे प्यारे दोस्तों’ के रूप में संबोधित किया। इस मौके पर भूटान के पांचवें नरेश जिग्मे खेसर नांग्याल वांगचुक और राजपरिवार के सदस्य भी मौजूद थे।
मोदी ने कहा, ‘हमारे संबंध अटूट हैं। हमारी मित्रता अटूट है। हमारा आपसी सहयोग अटूट है और खास बात यह है कि हमारा विश्वास भी अटूट है। और, यही कारण है कि यह दिन मेरे लिए बहुत खास है।” उन्होंने जब लोगों को संबोधित किया तो भूटान के लोग अपने मूल परिधान पहने और दोनों देशों के झंडे लिए हुए थे तथा लगातार तालियां बजा रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एक भारतीय के तौर पर यह मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है। आपने मुझे भूटान के सर्वोच्च (नागरिक) पुरस्कार से सम्मानित किया है। जब यह सम्मान किसी दूसरे देश से आता है तो यह विश्वास और मजबूत हो जाता है कि हम दोनों देश सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’
मोदी ने कहा कि यह ”हमारे इस विश्वास को बढ़ाता है कि हमारे प्रयासों से” दोनों देशों के लोगों का कल्याण हुआ है। उन्होंने कहा, ”यह हमें और अधिक मेहनत करने के लिए उत्साह और ऊर्जा देता है। लेकिन यह सम्मान मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह भारत और 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”सभी भारतीयों की ओर से मैं भूटान की इस महान भूमि पर विनम्रतापूर्वक इस पुरस्कार को स्वीकार करता हूं।” उन्होंने भूटान और वहां के लोगों का तहे दिल से धन्यवाद किया। मोदी ने कहा कि 140 करोड़ भारतीय जानते हैं कि भूटान के लोग ”उनके परिवार के सदस्यों के समान हैं।” उन्होंने कहा कि भूटान के लोग भी यह जानते हैं और स्वीकार करते हैं कि ”भारत उनका परिवार है।’
मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘भूटान के महामहिम राजा जिग्मे खेसर नांग्याल वांगचुक से मिलकर खुशी हुई। हमने अपने देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के तौर-तरीकों पर बात की।” उन्होंने कहा, ”भूटान में प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे के साथ सार्थक वार्ता हुई। हमने भारत-भूटान मित्रता की समीक्षा की और हमारी विकासात्मक साझेदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।” भारत और भूटान ने शुक्रवार को ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल संपर्क, अंतरिक्ष और कृषि के क्षेत्र में कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और दोनों देशों के बीच रेल संपर्क संबंधी समझौते को अंतिम रूप दिया।
मोदी ने कहा कि भारत और भूटान के रिश्ते जितने पुराने हैं, उतने ही आधुनिक और सामयिक भी हैं, उनके रिश्ते की गहराई ‘बी2बी’ और ‘पी2पी’ दोनों है। उन्होंने कहा, ”और, ‘बी2बी’ का मतलब है ‘भारत से भूटान’, जबकि ‘पी2पी’ का मतलब है लोगों का लोगों से जुड़ना।’ मोदी ने भूटान सरकार की 13वीं पंचवर्षीय योजना (एफवाईपी) के बारे में भी बात की और कहा, ‘हमारा पूरा समर्थन और सहयोग रहेगा।’ उन्होंने कहा, ‘अगले पांच साल में भारत सरकार इस दिशा में 10,000 करोड़ रुपये की सहायता देगी।’ प्रधानमंत्री मोदी और उनके भूटानी समकक्ष शेरिंग टोबगे की मौजूदगी में यहां समझौता ज्ञापनों का आदान- प्रदान किया गया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने यहां एक बयान में कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए प्रधानमंत्री टोबगे को धन्यवाद दिया।’ बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और ‘नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, पर्यावरण और वानिकी तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति बनाई।’
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और भूटान के बीच दीर्घकालिक और अनूठे संबंध हैं। बयान में कहा गया, ‘बैठक से पहले, प्रधानमंत्री मोदी और भूटान के प्रधानमंत्री की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल संपर्क, अंतरिक्ष, कृषि और युवा संपर्क पर कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया।’ भारतीय विदेश मंत्रालय ने यहां कहा कि इसके अलावा, दोनों पक्ष भारत और भूटान के बीच रेल संपर्क को लेकर ‘सहमति जता चुके हैं और इस संबंध में एमओयू पर हस्ताक्षर कर चुके हैं’।
बयान में कहा गया कि समझौता ज्ञापन में भारत और भूटान के बीच दो प्रस्तावित रेल संपर्क का प्रावधान किया गया है, जिसमें कोकराझार-गेलेफू रेल संपर्क और बनारहाट-समत्से रेल संपर्क और उनके कार्यान्वयन के तौर-तरीके शामिल हैं। मोदी ने कहा कि एमओयू और समझौते भारत- भूटान संबंधों को गति देंगे। प्रधानमंत्री मोदी को भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत- भूटान संबंधों के विकास में उनके उत्कृष्ट योगदान और भूटानी राष्ट्र तथा इसके लोगों के वास्ते उनकी विशिष्ट सेवा” के लिए प्रदान किया गया। पुरस्कार मिलने के बाद मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘भूटान द्वारा ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ पुरस्कार दिए जाने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इसे 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित करता हूं।’
उन्होंने कहा कि भूटान के विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत पूरी दृढ़ता से उसके साथ खड़ा है। मोदी ने कहा, ”मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आने वाले पांच साल हमारे संबंधों को एक नयी ऊर्जा देंगे। हम कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्रों में बेहतर रास्ते बनाने के लिए काम करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘भारत और भूटान की आकांक्षाएं एक जैसी हैं। हमने 2047 तक विकसित भारत बनाने का निर्णय लिया है जबकि भूटान ने 2034 तक ‘उच्च आय’ राष्ट्र बनने का फैसला किया है।’
जमशेदपुर : पूंजीपतियों द्वारा अपने कर्मचारियों का शोषण करना कई जमाने से होता आ रहा है, बदलते जमाने में परिस्थितियां बदली भी है और पूंजीपति समाज की सोच भी, लेकिन 21वीं सदी में भी कुछ ऐसे पूंजीपति वर्ग मौजूद है जो अपने कर्मचारी का शोषण करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। ऐसा ही मामला एक नामी रेस्टोरेंट का आया है, जहाँ कर्मचारी के काम छोड़ने के बाद उनका बकाया वेतन देने से इनकार कर दिया गया।
यह मामला जमशेदपुर के भालूबासा में स्थित ए. जे. फ्यूज़न रेस्ट्रोरेंट का है। जहाँ कैशियर का काम कर रहे रितेश कुमार को काम छोड़ने के बाद उन्हें लगभग 15 दिनों का वेतन नहीं दिया गया। बकौल रितेश कुमार वह दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में वहाँ जॉइन हुए और उन्हें जनवरी माह में 7 दिन का वेतन दिया गया एवं जनवरी के वेतन भी उन्हें पूरा दिया गया, लेकिन फरवरी माह का वेतन में कटौती की गई और यह कहा गया कि आपका समय 2 बजे से होता है लेकिन आप 2:30 बजे आते हैं जबकि शुरू दिन से ही उनकी बात दोपहर 2:30 से रात्रि 11:00 बजे तक की हुई थी। इसके बावजूद ग्राहक होने की वजह से वह कभी रात्रि 12:30 बजे तक भी रुक जाते थे। इसके बावजूद उनके वेतन में कटौती की गई। जिस कारण उन्होंने काम छोड़ने का फैसला किया और अपना फुल एन्ड फाइनल सेटलमेंट करने को कहा जिस पर वहाँ के एकाउंटेंट ने जवाब दिया कि और कोई पैसा नहीं मिलेगा क्योंकि काम आप छोड़ रहे हैं मैं नहीं हटा रही हूँ।
मामले की जानकारी मिलने पर “तीसरी धारा न्यूज़” ने रेस्ट्रोरेंट के एकाउंटेंट से सम्पर्क साध कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन एकाउंटेंट ने अपने उच्च अधिकारी से समय लेकर बात कराने का कह कर इसे टाल दिया। इसके उपरांत रितेश कुमार को मैसेज के जरिये शुक्रवार को आकर अपना पैसा ले जाने की बात कही गयी।
शुक्रवार को रितेश कुमार के पहुंचने के बाद उन्होंने उनके काम जॉइन करने से लेकर काम छोड़ने के दौरान तक जो भोजन उन्हें दिया गया उसका पैसा काट कर तकरीबन 1400 रुपये उन्हें दिए जा रहे थे। जिसे लेने से उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि जॉइनिंग के वक़्त उन्हें खाना के पैसे कटेंगे यह नहीं बताया गया था और यदि काटना ही था तो शुरू के महीने से ही काटना चाहिए था। रितेश कुमार ने यह भी कहा कि उन्हें यदि यह कहा जाता कि दिए जा रहे भोजन का पैसा कटेगा तो वह कभी भोजन वहाँ करते ही नहीं।
अब सवाल यह उठता है कि होटल या रेस्टोरेंट में कार्य करने वाले कर्मचारियों का भोजन की व्यवस्था उनके द्वारा ही की जाती है और यदि इस नामी रेस्ट्रोरेंट में यह प्रावधान नहीं है तो उन्होंने इसे पहले क्यों नहीं बताया। क्या यह एक जरिया है काम छोड़ कर जाने वाले को रोकने या उनकी मजबूरियों का फायदा उठाने का ? आखिर कब तक ऐसे पूंजीपति अपने कर्मचारियों का हक़ मारते रहेंगे और उनकी मजबूरियों का फायदा उठाते रहेंगे।
तीसरी धारा न्यूज़ इस मामले से जुड़े चैट की तस्वीर, कॉल एवं वॉइस रिकॉर्डिंग और वीडियो संकलित करने में लगी है, जल्द ही सारे सबूत जनता के समक्ष होंगे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर राहुल गांधी और उनकी पार्टी के तमाम बड़े नेता खुलकर आप का साथ दे रहे हैं।
वहीं, उनकी पार्टी की पंजाब यूनिट आप सुप्रीमो और उनकी पार्टी पर हमलावर है। पंजाब कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने केजरीवाल पर हमला बोला है। बता दें कि कांग्रेस और आप ने लोकसभा चुनाव के लिए कई राज्यों में गठबंधन किया है। लेकिन दोनो बीच अभी किसी तरह कोई बात चीत नहीं है।
AICC किसान कांग्रेस के प्रमुख और पंजाब के विधायक सुखपाल खैरा ने ‘कट्टर ईमानदार’ के दावे पर तंज कसते हुए कहा, “आप जो बोएंगे, वही काटेंगे। इन नकली क्रांतिकारियों ने भाजपा की क्रूरता को पार करते हुए पंजाब में अपने विरोधियों के खिलाफ झूठे आपराधिक मामले दर्ज कराए।” खैरा का समर्थन लुधियाना के सांसद रवनीत बिट्टू ने भी किया। उन्होंने कहा, “केजरीवाल और उनकी पार्टी स्वराज और जन लोकपाल का वादा करके सत्ता में आई लेकिन विडंबना यह है कि वे सबसे बड़े ठग बन गए हैं। दिल्ली में भ्रष्टाचार का यह मामला तो बस शुरुआत भर है। राघव चड्डा द्वारा पंजाबियों का लूटा गया पैसा अभी तक बरामद नहीं हुआ है।”
भगवत मान से की ये अपील
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि आप ने पंजाब में भी इसी तरह का शराब घोटाला किया है और मुख्यमंत्री भगवंत मान से केजरीवाल का नाम उन 300 गिरफ्तार लोगों की सूची में जोड़ने के लिए कहा जिवका उन्होंने सार्वजनिक होर्डिंग्स लगवाए हैं।
पंजाब कांग्रेस प्रमुख राजा वारिंग गिरफ्तारी को निंदा करते हुए इसे विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए बनाई गई भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति बताया है। वहीं, CLP नेता प्रताप बाजवा का कोई बयान सामने आया है। आप पर हमला करके कांग्रेस पार्टी के केंद्री नेतृत्व के स्टैंड का खंडन भी नहीं करना चाहते थे। पंजाब में कांग्रेस और आप आमने-सामने की लड़ाई लड़ रही है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं को चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्हें लगता है कि केजरीवाल की हाई प्रोफाइल गिरफ्तारी से लोगों के बीच सत्ताधारी पार्टी की स्थिति खराब हो जाएगी।
लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र स्थित कुडू-लोहरदगा मुख्य पथ पर टाटी चौक के समीप शुक्रवार की देर शाम बराती बस और हाइवा के बीच हुई सीधी टक्कर में तीन बच्चों समेत पांच की मौत हो गई।
जबकि दो दर्जन से अधिक बराती घायल हो गए। इनमें एक दर्जन की हालत नाजुक बनी हुई है। बराती बस रांची के कांके से गुमला के विशुनपुर थाना क्षेत्र स्थित बनालात फटीटांड गांव लौट रही थी कि यह दुर्घटना घटी।
शादी के बाद वापस लौट रहे थे बराती
Jharkhand News: मृतक और सभी घायल बनालात फटीटांड़ गांव के निवासी हैं। घायलों का कुडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल तथा रिम्स (रांची) रेफर कर दिया गया है। बताया गया कि बनालात फटीटांड से बरात रांची के कांके गई हुई थी। शुक्रवार की शाम विवाह के बाद सभी बराती महालक्ष्मी बस से वापस लौट रहे थे।
इसी बीच हाइवा से टाटी चौक के समीप बस की भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में तीन नाबालिग बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में प्रियंका कुजूर (पांच वर्ष), सुमंती खेरवार (छह वर्ष), छत्रपल उरांव व इल्ताफ के अलावा एक आठ माह का बच्चा शामिल है।
घायलों में हाइवा चालक भरनो निवासी इलताफ अंसारी, विनित उरांव (30 वर्ष), विनोद उरांव (25 वर्ष), अनिता कुमारी (14 वर्ष), बलराम उरांव (32 वर्ष), बरियो उरांव (40 वर्ष), छत्रपाल उरांव (40 वर्ष), हीरालाल उरांव, कलामुनी देवी सहित दो दर्जन लोग शामिल हैं। घटना के बाद अफरातफरी मच गई। मृतकों के स्वजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
जमशेदपुर : शहीद ए आज़म भगत सिंह के शहादत दिवस पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रविंदर सिंह रिंकू ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर याद करते हुए कहा कि भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के बलिदान के हम भारतवासी ऋणी है। जिस उम्र में हम अपने बारे में सोचने में मशगूल होते हैं ऐसी कच्ची उम्र में ये वीर सपूतों ने देश प्रेम में मातृभूमि की खातिर अपने प्राणों की आहुति दे दी।
रविंदर सिंह ने बताया कि भगत सिंह ने कहा था कि उनके शरीर को मारा जा सकता है लेकिन विचारों को नहीं और यही कारण है आज देश का एक व्यक्ति भी उनके विचारों से असहमत नहीं मिलेगा। उनके विचार देश, देश की जनता, गरीबों के प्रति अलग ही थे। उन्होंने कभी धर्म, जाति की बात नहीं कही। उन्होंने जब भी कहा देश, देशवासी और मानवता की बात कही और यही कारण है कि उन्हें शहीद ए आज़म कहा जाता है। सुखदेव, भगत सिंह और राजगुरु जैसे पुण्य आत्मा के चरणों पर मेरा कोटि कोटि नमन है।
जमशेदपुर : मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने जिला प्रशासन एवं पुलिस पदाधिकारियों से आग्रह कि है की धातकीडीह तालाब के इर्द-गिर्द सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए। जिससे गरीब लाल के मृत्यु एवं पूर्व में धातकीडीह बस्ती के मुखिया सुरेश मुखी एवं एक धातकीडीह की महिला के भी डुबकर मृत्यु का रहस्य का उद्भेदन अब तक नहीं हो पाया है, लेकिन आगे इस तरह की घटना घटित न हो और यदि दुर्भाग्यवश कोई घटना घटित होती है तो उसका उद्भेदन हो सके।इस तरह के मृत्यु पर विराम लगाने के लिए कमरकस कर प्रशासन को जांच करनी चाहिए। इस मामले का सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जांच पड़ताल की जानी चाहिए।
जमशेदपुर : छत्रपति शिवाजी सेना के अध्यक्ष मनीष कुमार प्रसाद ने शहीद दिवस पर भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव जी के पुण्यतिथि में उन्हें याद कर बताया कि ये तीनों भारत के वे सच्चे सपूत थे, जिन्होंने अपनी देशभक्ति और देशप्रेम को अपने प्राणों से भी अधिक महत्व दिया और मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर कर गए। 23 मार्च यानि, देश के लिए लड़ते हुए अपने प्राणों को हंसते-हंसते न्यौछावर करने वाले तीन वीर सपूतों का शहीद दिवस।
यह दिवस न केवल देश के प्रति सम्मान और हिंदुस्तानी होने के गौरव का अनुभव कराता है, बल्कि वीर सपूतों के बलिदान को भीगे मन से श्रृद्धांजलि देता है। उन अमर क्रांतिकारियों के बारे में आम मनुष्य की वैचारिक टिप्पणी का कोई अर्थ नहीं है। उनके उज्ज्वल चरित्रों को बस याद किया जा सकता है कि ऐसे मानव भी इस दुनिया में हुए थे, जिनके आचरण किंवदंति थी। इन तीनों अमर बलिदानीयों ने अपने अति संक्षिप्त जीवन में वैचारिक क्रांति की जो मशाल जलाई, उनके बाद अब किसी के लिए संभव न होगी, इनकी कुर्बानियों को नमन है।
जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाजसेवी बच्चे लाल भगत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल आज अपराह्न 1:30 बजे उपायुक्त कार्यालय में जमशेदपुर के नए एवं वर्तमान पूर्वी सिंहभूम के माननीय उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल के जमशेदपुर में योगदान देने के उपलक्ष्य पुष्पगुच्छ देते हुए उनका स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानित किया। प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से श्री बच्चे लाल भगत, श्रीमती पद्मिनी हांसदा, श्री राजेश कुमार, मंजू, शामिल रहे।