झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख और सूबे के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की ओर से दायर एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) पर सुप्रीम कोर्ट 1 अप्रैल को सुनवाई करेगा. हेमंत सोरेन ने विधानसभा के बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति देने के लिए पीएमएलए और उच्च न्यायालय द्वारा उनकी याचिका खारिज करने के खिलाफ एसएलपी दायर की थी.
स्पेशल लीव पिटीशन को जस्टिस सूर्यकांत और केवी विश्वनाथन की पीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है. सोरेन ने अपनी याचिका में कहा है कि विधानसभा के बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति देने से इनकार करना उचित नहीं है. सर्वोच्च न्यायालय को उन्हें निकट भविष्य में बुलाए जाने वाले सत्रों में भाग लेने की अनुमति देनी चाहिए.
तृणमूल कांग्रेस की नेता और पूर्व लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा के ठिकानों पर सीबीआई ने सुबह-सुबह छापेमारी की है. कैश फॉर क्वेरी से जुड़े मामले में सीबीआई ने हाल ही में केस दर्ज किया था, जिसके बाद आज ये छापे मारे गए हैं.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सीबीआई अधिकारियों ने रविवार को महुआ से जुड़े कोलकाता सहित कई अन्य लोकेशन में रेड की. कोलकाता के अलीपुर इलाके में स्थित महुआ के पिता दीपेन्द्रलाल मोइत्रा के फ्लैट पर भी सीबीआई की टीम पहुंची.
सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने शनिवार को कथित कैश-फॉर-क्वेरी मामले में कोलकाता सहित कई स्थानों पर पूर्व टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के परिसरों की तलाशी ली गई. उन्होंने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमें शनिवार तड़के कोलकाता और अन्य शहरों में मोइत्रा के आवास पर पहुंचीं, तलाशी कार्यवाही की जानकारी दी और ऑपरेशन शुरू किया.
लोकपाल के निर्देश पर CBI ने शुरू जांच बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने लोकपाल के निर्देश पर गुरुवार को टीएमसी की पूर्व सांसद मोइत्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. लोकपाल ने सीबीआई को छह महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.
दरअसल लोकपाल ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा मोइत्रा के खिलाफ लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच के निष्कर्ष प्राप्त करने के बाद सीबीआई को ये निर्देश जारी किए है. लोकसभा सांसद दुबे ने आरोप लगाया कि मोइत्रा ने उद्योगपति गौतम अडानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य पर हमला करने के लिए दुबई स्थित व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से कैश और गिफ्ट लिए और उसके बदले में सदन में सवाल पूछे थे.
मोइत्रा को ‘अनैतिक आचरण’ के लिए दिसंबर में लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था. पूर्व सांसद ने अपने निष्कासन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और वह आगामी आम चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से टीएमसी उम्मीदवार के रूप में फिर से मैदान में होंगी.
अमूल दूध पीता है इंडिया… नहीं-नहीं अब ये गाना सिर्फ इंडिया वाले ही नहीं, बल्कि अमेरिका वाले भी गुनगुनाएंगे, क्योंकि अब अमूल ब्रांड का दूध अमेरिका भी मजे से पिएगा.
की प्रमुख डेयरी कंपनी अमूल ने बिजनेस की दुनिया में एक और कामयाबी हासिल कर ली है. भारतीय मूल की ये कंपनी अब अमेरिका में दूध का कारोबार करेगी. अमूल ने अमेरिका में फ्रेश मिल्क प्रोडक्ट लॉन्च करने का प्लान बना रही है, जिसे लेकर गुजरात की इस कंपनी ने अमेरिका के पूर्वी तट और मध्यपश्चिमी बाजारों में फ्रेश मिल्क बेचने के लिए मिशिगन मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (MMPA) के साथ डील की है.
गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के मैंनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि Amul अमेरिका में फ्रेश मिल्क प्रोडक्ट लॉन्च करेगी. उन्होंने कहा कि हमने संयुक्त राज्य अमेरिका में 108 साल पुरानी डेयरी सहकारी संस्था के साथ समझौता किया है. मिशिगन मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (MMPA) की डील का ऐलान 28 मार्च को हुई सालाना बैठक में की गई.
अमेरिकी बाजार में कौन-कौन से मिल्क उतारेगी कंपनी यह पहली बार है कि अमूल मिल्क, भारत से बाहर कहीं भी और अमेरिका जैसे बाजार में उतरने जा रही है. मेहता ने कहा कि इसकी कीमत भी अच्छी होगी. अमूल अमेरिका में अमूल ब्रांड के तहत एक गैलन (3.8 लीटर) और आधा गैलन (1.9 लीटर) पैक में ताजा दूध की चेन लॉन्च करेगी.
इसमें 6 प्रतिशत दूध वसा वाला अमूल गोल्ड, 4.5 प्रतिशत दूध वसा वाला अमूल शक्ति, 3 प्रतिशत दूध वसा वाला अमूल ताजा और 2 प्रतिशत दूध वसा वाला अमूल स्लिम शामिल है.
भारत में अमूल दूध की कीमत भारत में अमूल ताजा 500 ml की कीमत 27 रुपये, 180 मिली की कीमत 10 रुपये, एक लीटर प्राइस 54 रुपये, 2 लीटर- 108 रुपये और 6 लीटर- 324 रुपये बिक रहा है. वहीं अमूल गोल्ड के एक लीटर की कीमत 66 रुपये, 500 मिली- 33 रुपये, अमूल गोल्ड 6 लीटर की कीमत 396 रुपये है. इसी तरह Amul Cow Milk 500 मिली की कीमत 28 रुपये और 1 लीटर 56 रुपये है. वहीं अमूल ए2 भैंस का दूध 500 मिली से 6 लीटर की कीमत 35 रुपये से 420 रुपये तक है.
अमेजन इंडिया ने सेलर्स को सूचित किया है कि वह 7 अप्रैल से अपने चार्जेस में बदलाव करेगी। इसमें प्रोडक्ट की कीमत के आधार पर हाई चार्जेस के लिए कई कैटेगरी तय की जाएंगी।
सेलर्स को अपनी लेटेस्ट नोटिफिकेशन में अमेजन ने कहा है कि वह शिपिंग, रेफरल और तकनीकी लागतों के हिसाब से अलग-अलग तरह के चार्जेस में बदलाव कर रही है। अमेजन प्लेटफॉर्म पर बेची गई हर चीज के लिए सेलर्स से ली जाने वाली ये फीस, ईकॉमर्स प्रमुख कंपनी के लिए इनकम का एक महत्वपूर्ण सोर्स है।
इससे पहले कब बदले गए थे चार्ज
अमेजन हर कुछ महीनों में इन चार्जेस में बदलाव करती है। इससे पहले आखिरी अपडेट मई 2023 आई थी। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार अब फिर से 7 अप्रैल से कंपनी नए चार्जेस लागू करने जा रही है। मगर कभी-कभी सेलर्स हायर प्रोडक्ट प्राइसिंग के जरिए इस शुल्क वृद्धि से होने वाले नुकसान को ग्राहकों से वसूलते हैं। यानी वे अपने प्रोडक्ट्स की कीमत बढ़ा देते हैं, जिससे सारा बोझ कस्टमर पर पड़ता है। इस बार भी ऐसा हो सकता है।
इन कैटेगरियों पर बढ़े चार्ज
पिछले साल मई में अमेजन ने जिन चीजों और कैटेगरियों पर चार्जेस बढ़ाए थे, उनमें ब्यूटी प्रोडक्ट जैसे मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन (पहले के 2.5% के मुकाबले 6.5% से शुरू), ग्रोसरी और लग्जरी गिफ्ट (पहले के 6% के मुकाबले 9% से शुरू), दरवाजे और खिड़कियां (पहले के शुरुआती 5 फीसदी से बढ़ाकर फ्लैट 10%) और 3डी प्रिंटर (पहले के 7 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी) शामिल हैं।
इन कैटगरियों के चार्जेस घटाए गए
कुछ कैटेगरियों के चार्जेस में कटौती भी की गई। जैसे इन्वर्टर और बैटरी (पहले के 5.5% के मुकाबले अब 4.5%) और फ्रेग्रेंसेज (पहले के 14% के मुकाबले अब 12.5%) पर चार्जेस कम किए गए थे।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलेपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस) को ”फिल्टर कॉफी” बताया है, जो लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बढ़त हासिल कर रहा है और उन्होंने कांग्रेस के राजनीति में वापसी करने के पिछले रिकॉर्ड का हवाला देते हुए उसे (प्रमुख विपक्षी दल को) कमजोर समझने की भूल न करने पर भी जोर दिया।
आसनसोल के सांसद ने देशभर में ‘‘क्रांतिकारी यात्रा’’ के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद तृणमूल सुप्रीमो एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका ‘‘रुख पलटने’’ वाली होगी। अभिनेता से नेता बने सिन्हा ने एक साक्षात्कार में चुनावी बॉण्ड को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक ‘‘बड़ा घोटाला और वसूली का गोरखधंधा’’ बताया तथा कहा कि ‘‘चुनावी बॉण्ड के रूप में भाजपा के वसूली और ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए सात चरण में होने वाले चुनाव विपक्षी दलों के लिए एक वरदान हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस चुनाव में भाजपा को पराजित किया जाएगा। अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास सीबीआई, ईडी और आयकर का समर्थन है तो इंडी गठबंधन के पास जनता का समर्थन है। कई लोगों को लगता है कि इंडिया के पास साझेदार नहीं है, लेकिन असल बात यह है कि लोग उसके सबसे बड़े सहयोगी हैं। विपक्षी गठबंधन देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़त हासिल कर रहा है।’’
मैंने इसका प्रयोग किया और आश्चर्यचकित रह गया कि मेरी सहनशक्ति कैसे बढ़ गई उन्होंने दावा किया कि ‘इंडी’ गठबंधन समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव जैसे ‘‘मजबूत नेताओं’’ और गठबंधन के कई अन्य नेताओं के साथ ‘‘फिल्टर कॉफी’’ की तरह है।
सिन्हा ने कहा, ‘‘देशभर के कई महत्वपूर्ण नेता ‘इंडी’ गठबंधन का हिस्सा हैं और इसलिए मैंने इसे फिल्टर कॉफी कहा है। जब चुनावों के बाद अन्य विपक्षी नेता भी इसमें शामिल होंगे तो इस फिल्टर कॉफी का स्वाद और भी बेहतर होगा।’’
आम आदमी पार्टी (आप) और तृणमूल जैसे दलों के कांग्रेस के इस विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करने से असहमति जताने के बारे में सिन्हा ने कहा, ‘‘कांग्रेस एक राष्ट्रीय दल है और उसे खारिज नहीं किया जाना चाहिए। उसका वापसी करने का इतिहास और पिछला रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 2019 में भी उसे विपक्षी दलों में सबसे अधिक सीट मिली थीं।’’
‘आप’ और टीएमसी के राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद इसे पंजाब तथा पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जोर न पकड़ने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘कुछ राज्यों में जमीनी स्तर पर गठबंधन संभव नहीं है, क्योंकि इससे विपक्ष का स्थान भाजपा के पास चला जाएगा।’’
भाजपा के अपने दम पर 370 से अधिक सीट हासिल करने और राजग के 400 सीट के आंकड़ें को पार करने के दावे का मखौल उड़ाते हुए सिन्हा ने कहा, ‘‘ऐसे दावे भाजपा खेमे में हताशा को दर्शाते हैं।’’
सिन्हा ने देश में दो बड़ी यात्राएं करने के लिए राहुल गांधी की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी एक सक्षम नेता हैं। वह एक जांचे-परखे नेता हैं, लेकिन साथ ही मुझे लगता है कि हमारी पार्टी सुप्रीमो की भूमिका चुनावों के बाद सरकार गठन में रुख बदलने वाली होगी। लेकिन प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला चुनावों के बाद विपक्षी दल लेंगे।’’ दूसरी बार आसनसोल सीट से चुनाव लड़ रहे सिन्हा ने 2022 के उपचुनाव के मुकाबले और बड़े अंतर से इस सीट पर कब्जा जमाने की उम्मीद जतायी।
जमशेदपुर : भारत की आजादी के आंदोलन के महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को अंग्रेजों ने फांसी पर लटका दिया था और आज उनकी पुण्यतिथि पर टेल्को क्षेत्र के जेम्को भगत सिंह चौक पर भगत सिंह स्मारक समिति के द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया था।
जिसमें पूर्वी के विधायक सरयू राय और सांसद विद्युत वरण महतो ने सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की और सभी ने नारे लगाए भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव अमर रहे अमर रहे। इस अवसर पर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह भी उपस्थित थे। मौके पर सुबोध श्रीवास्तव, अमित शर्मा, दुर्गा राव, नवीन, रामनरेश, सोनू, करनदीप सिंह, गुरमीत और अन्य उपस्थित थे। सभा का समापन मस्ताना जी ने धन्यवाद कर किया।
जमशेदपुर : आज शहादत दिवस के मौके पर भाजपा नेता सतबीर सिंह सोमू ने भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरदार भगत सिंह हमारे आदर्श हैं और हमारी कोशिश रहती है कि उनके बताए गए मार्ग पर अग्रसर रहें। उन्होंने कहा कि भगत सिंह चाहते तो माफीनामा देकर अपनी सजा से बच सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि वह जानते थे कि उनके द्वारा उठाया गया एक गलत कदम भारत और भारत के आवाम को भुगतना पड़ेगा। वैसे भी कहा गया है कि “लम्हों ने खता की और सदियों ने सजा पाई।” इसी सोच को उन्होंने ध्यान में रखते हुए अपने प्राणों की आहुति दी ताकि बरसों से पड़ी गुलामी की जंजीर टूट सके और देश का हर नागरिक आज़ादी में सांस ले सके।
सोमू सरदार ने आज की परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि आज जब कोई राजनेता, अफसर, सरकारी कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करके भ्रष्टाचार करते पाए जाते हैं तो बहुत क्रोध आता है। ऐसे लोगों को देखकर भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु की आत्मा रोती होगी कि क्या हमने ऐसे भारत का सपना देखकर अपने प्राणों का बलिदान किया था। आज भी गरीब शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहता है, उन सुविधाओं के लिए दर दर भटकते रहता है लेकिन सफल नहीं हो पाता है। इन सब के लिए हम सबको संकल्प लेने की जरूरत है क्योंकि हर जिम्मेदारी सरकार की नहीं होती है। हम नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि भगत सिंह के आदर्शों पर चलते हुए अपने गली, मोहल्ले, समाज में हो रहे अन्यायों के विरुद्ध आवाज बुलंद करें।
उन्होंने शहादत दिवस के मौके पर रक्तदान भी किया और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि मैं भगत सिंह के जयंती एवं शहादत दिवस पर प्रत्येक वर्ष रक्तदान करता हूँ ताकि मेरे रक्त का एक कतरा भी मानव हित में काम आ सके। आज हर युवा को जब भी समय मिले तो रक्तदान करना चाहिए जिससे रक्त के अभाव में किसी व्यक्ति को प्राण न गंवाना पड़े। उन्होंने युवा से कहा कि नशा मुक्त देश का निर्माण युवा ही कर सकते हैं और युवाओं को नशे से दूर रहना चाहिए। नशा हो तो भगत सिंह जैसा देश प्रेम का नशा हो, मानवता और समाज के प्रति कर्तव्यों का नशा हो। उनके साथ साथ चंचल भाटिया एवं गुड्डू बदानी ने भी रक्तदान किया।
सतबीर सिंह सोमू ने खुद को खुशनसीब बताते हुए कहा कि मैं काफी भाग्यशाली हूँ कि मेरा जन्म सरदार भगत सिंह जी के जन्मदिन की तारीख में ही हुआ। वह मेरे आदर्श है और मैं पूरी कोशिश करता हूँ कि उनके विचारों पर चलते हुए समाज एवं देश की सेवा कर सकूं। मैं उनके पैर की धूल के बराबर भी नहीं हूं लेकिन ईश्वर से यह कामना करता हूँ कि मुझे उनके जैसे ही देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा दें और कोई गलती हो तो उसमें सुधार करने का ज्ञान प्रदान करें।
हिमाचल प्रदेश की 4 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव सातवें चरण में किए जाएंगे. इसी बीच केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी के 6 बागी विधायकों को पार्टी मुख्यालय में पटका पहनाकर उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया है.
इसी के साथ 3 निर्दलीय विधायकों ने को भी आज पार्टी में शामिल किया गया है. इसी के साथ बीजेपी का कुनबा पहले से और भी बढ़ गया है.
आपको बता दें कि कांग्रेस ने अपने इन 6 विधायकों को क्रॉस वोट करने के कारण पार्टी से निलंबित कर दिया था. इन विधायकों में शामिल हैं धर्मशाला से सुधीर शर्मा, सुजानपुर से राजिंदर राणा, लाहौल स्पीति से रवि ठाकुर, बड़सर से इंद्रदत्त लखनपाल, गगरेट से चैतन्य शर्मा और कुटलैहड़ से देवेंद्र कुमार भुट्टो ये सब अब बीजेपी का हिस्सा बन गए हैं.
इसके अलावा हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश में बीजेपी के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डालने वाले 3 निर्दलीय विधायकों ने भी शुक्रवार (22 मार्च) को विधानसभा सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्होंने भी बीजेपी का दामन थाम लिया. इन विधायकों के नाम हैं आशीष शर्मा, होशियार सिंह और केएल ठाकुर.
होशियार सिंह ने मीडिया को इस बात कि जानकारी देते हुए कहा कि हमने विधानसभा सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. हम बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं, जिससे बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ें. साथ ही उन्होंने हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर आरोप लगाए कि वो उनके परिवारों को निशाना बना रहे हैं, साथ ही उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करवा रहे हैं.
जमशेदपुर : भगत सिंह के शहादत दिवस पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला महामंत्री चंचल भाटिया ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के बलिदान को भुला नहीं जा सकता है। शहीदों में अग्रणी श्रेणी में भगत सिंह को इसलिए रखा गया है क्योंकि उनके विचारों में देशप्रेम, मानवता को पूर्ण देखा जाता रहा है। देश की आज़ादी के लिए छोटी सी उम्र में हंसते हंसते फाँसी पर चढ़ जाना कोई आम इंसान नहीं एक महान व्यक्ति ही कर सकता है।
चंचल भाटिया ने कहा कि आजादी के बाद से भगत सिंह के इतिहास को मिटाने या दबाने की जो कोशिश की गई वह पूर्ण रूप असफल हुई क्योंकि भगत सिंह किताबों के पन्नों से ज्यादा लोगों के दिल और जेहन में बसते हैं। श्री भाटिया ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि भगत सिंह के सोच, उनके विचार, उनकी दूरदर्शिता को युवा जाने समझे और आत्मसात करें तो भगत सिंह के सपनों का देश बनने में भारत को समय नहीं लगेगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवालदिल्ली की कथित शराब घोटाला मामले में ईडी की कस्टडी में हैं। ईडी उनसे छह दिनों तक लगातार शराब घोटाला से संबंधित सवाल पूछेगी।
वहीं, इस बीच केजरीवाल को क्या सीएम बना रहना चाहिए या फिर इस्तीफा देना चाहिए। इस सवाल ने जन्म ले लिया है और लगातार इस पर पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रिया आ रही हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने जीवन के सबसे बड़े संकट से गुजर रहे हैं। इंसानियत के नाते उनके प्रति सहानुभूति है। कॉंग्रेस पार्टी ने भी उन्हें सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया है। लेकिन वे भारतीय राजनीति में नैतिकता की जो नई परिभाषा लिख रहे हैं,उसने मुझे यह पोस्ट लिखने के…
सीएम की कुर्सी को लेकर आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि सीएम जेल से ही दिल्ली सरकार चलाएंगे। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने केजरीवाल पर तंज कसा है और कहा कि यह कैसी नैतिकता है। मुख्यमंत्री के पद से अभी तक चिपके हुए हैं। उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए। संजय ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लंबा चौड़ा एक संदेश भी शेयर किया है।
संजय ने क्या लिखा अपने पोस्ट में संजय निरुपम ने अपने पोस्ट में लिखा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने जीवन के सबसे बड़े संकट से गुजर रहे हैं। इंसानियत के नाते उनके प्रति सहानुभूति है। कांग्रेस पार्टी ने भी उन्हें सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया है। लेकिन वे भारतीय राजनीति में नैतिकता की जो नई परिभाषा लिख रहे हैं,उसने मुझे यह पोस्ट लिखने के लिए मजबूर कर दिया।
एक समय था जब एक हवाला कारोबारी जैन की कथित डायरी में अडवाणी ,माधवराव सिंधिया और कमलनाथ जैसे नेताओं के नाम आए थे और उनपर रिश्वत लेने के आरोप लगे,तब उन्होंने नैतिकता का तक़ाज़ा देकर तत्काल अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। लाल बहादुर शास्त्री ने एक ट्रेन दुर्घटना पर इस्तीफ़ा दे दिया था। अभी हाल में जब वे इंडिया अगेंस्ट करप्शन का तमाशा पूरे देश को दिखा रहे थे तब यूपीए सरकार के मंत्रियों ने भ्रष्टाचार के छिछले आरोपों पर भी अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।
कुछ महीने पहले की बात है,झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गिरफ़्तारी से पहले पद छोड़कर एक नैतिक आचरण पेश किया था। हज़ारों साल पीछे जाएं तो अपने पिता के वचन के लिए राम ने राजपाट त्याग दिया था। जिसके लिए राजपाट छीना गया था,वह कभी भी राजा रामचंद्र के सिंहासन पर नहीं बैठा। बल्कि खड़ाऊँ रखकर तब तक राज चलाया जब तक उनके बड़े भाई राम लौटे नहीं।
भारत की ऐसी समृद्ध परंपरा रही है। दिल्ली के शराब घोटाले की सच्चाई क्या है,इसका फ़ैसला अदालत को करना है। पर एक मुख्यमंत्री पर इस घोटाले में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। उनकी गिरफ़्तारी हुई है। वे कस्टडी में है और मुख्यमंत्री के पद से अभी तक चिपके हुए हैं। यह कैसी नैतिकता है। उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए।