जमशेदपुर : पारडीह स्थित श्राची ग्रीन्स के मालिक पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए चंदन कुमार ने आजादनगर थाना में लिखित शिकायत की है. शिकायत में चंदन ने बताया है कि उन्होंने 22 फरवरी 2022 को श्राची रियालिटी प्राइवेट लिमिटेड में एक फ्लैट बुक कराया था. इस दौरान बिल्डर ने साल 2023 में फ्लैट देने के वादा किया था. ईई
वहीं साल 2025 में फ्लैट की रजिस्ट्री करना का भी वादा किया था पर अब तक बिल्डर द्वारा फ्लैट नहीं दिया गया है. बुकिंग कैंसिल करने पर पैसों की मांग की जाती है. फ्लैट ना मिलने की संभावना को देखते हुए बुकिंग कैंसिल कर दी जिसके बाद बिल्डर ने 1,31,178 रुपये काटकर बाकी रुपये वापस किए. अब बिल्डर पैसे वापस करने में आना-कानी कर रहा है.
घाटशिला : घाटशिला प्रखंड के पुराना बनकाटी गांव के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को फाइलेरिया की दवा खिलाने के बाद शनिवार को लगभग दो दर्जन बच्चे बीमार हो गए. बच्चों के बीमार होने की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई. गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. तत्काल सभी बच्चों को अनुमंडल अस्पताल लाया गया.
अनुमंडल अस्पताल की चिकित्सक डॉक्टर शिप्रा ने सभी का प्राथमिक उपचार किया. प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य है. विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अनूप कुमार धावडिया ने बताया कि दोपहर 2 बजे भोजन करने के बाद बच्चों को दवा दी गई. इसके आधे घंटे के अंदर बच्चों को उल्टी, सिर में चक्कर एवं घबराहट होने की शिकायत की. तत्काल सभी बच्चों को अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया.
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरएन सोरेन ने कहा कि इस तरह का सिमटम होना स्वाभाविक बात है. वैसे भी कृमि की दवा खाने से हल्का सा चक्कर या उल्टी होने जैसी स्थिति उत्पन्न होती है. उन्होंने कहा कि या तो बच्चों में फैलेरिया का संक्रमण है या फिर कृमी होगा जिसके कारण बच्चे बीमार हुए हैं. उन्होंने कहा कि प्रखंड में कल 210 बूथ में लोगों को दवा दी गई है कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली. दवा को लेकर किसी भी तरह की अफवाह फैलाना गलत है.
जमशेदपुर : नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल की पोखारी, परसुडीह, गोविंदपुर, जमशेदपुर, आदित्यपुर समेत सभी शाखाओं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया. समारोह का आयोजन नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में किया गया. यह कार्यक्रम ‘ए डे एट एनएसयू’ थीम पर आधारित था. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के प्रति कुलपति डॉ आचार्य ऋषि रंजन उपस्थित थे. उन्होंने श्री शिरडी साईं बाबा एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर समारोह की शुरुआत की.
तत्पश्चाप छात्र-छात्राओं ने कई रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया. साथ ही समारोह के थीम के अनुरूप छात्र-छात्राओं को यूनिवर्सिटी के कायदे-कानून माहौल, अनुशासन समेत अन्य गतिविधियों से अवगत कराया गया. समारोह को संबोधित करते हुए डॉक्टर आचार्य ऋषि रंजन ने कहा कि परिश्रम और लगन का कोई विकल्प नहीं होता और न ही शॉर्टकट मेथड अपना कर सफलता हासिल की जा सकती है. अतः आगामी परीक्षा की पूरी लगन के साथ तैयारी करें और परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर उच्च शिक्षा हासिल करें. अपने परिजनों के सपनों को साकार कर सकते हैं. समझ में छात्र-छात्राओं को उज्जवल भविष्य एवं बेहतर परीक्षा परिणाम की कामना के साथ विदाई दी गई. इस अवसर पर स्कूल की सभी शाखाओं के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं गणमान्य लोग उपस्थित थे.
जमशेदपुर : केंद्र सरकार ने आयुष्मान कार्ड योजना लागू की पर जब कार्ड लेकर मरीज निजी अस्पताल जाते हैं तो सीधा मना कर दिया जाता है की आयुष्मान कार्ड योजना से नहीं एडमिट लिया जाएगा, आपको पैसा देकर इलाज करवाना होगा। वही टेल्को क्षेत्र के जेम्को आजाद बस्ती के निवासी अमरजीत सिंह की विगत दिनों रोड एक्सीडेंट हो जाने के कारण सर में चोट लगी थी और अब इनको बवासीर की भी शिकायत हो गई है।
इनको तमोलिया ब्रह्मानंद अस्पताल में आयुष्मान कार्ड लेकर जाया गया था पर वहां के डॉक्टर ने साफ इनकार किया और कहा की आयुष्मान कार्ड से नहीं होगा। अगर आपको इलाज करवाना है तो ₹40000 दीजिए और 1 दिन के आईसीयू का चार्ज 37000 लगेगा। इतनी बड़ी रकम अदा करने के लिए गरीब आदमी समर्थ नहीं है और अमरजीत सिंह एक बहुत गरीब परिवार में से है। इस बाबत आज समाजसेवी करनदीप सिंह ने ट्विटर के माध्यम से ट्वीट कर इसकी जानकारी मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को दी है और आशा है कि वह वह जल्द से जल्द इसकी सहायता करेंगे।
दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को सीने में दर्द की शिकायत के कारण कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अभिनेता से भाजपा नेता बने मिथुन चक्रवर्ती को सुबह करीब 10.30 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया, क्योंकि उन्होंने कहा था कि वह असहज महसूस कर रहे हैं
.फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है. फैन्स भी एक्टर की हेल्थ को लेकर चिंतित हैं और लगातार उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं. 73 वर्षीय मिथुन चक्रवर्ती ने कथित तौर पर एक फिल्म की शूटिंग से घर लौटने पर बेचैनी व्यक्त की, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. उनकी सेहत के बारे में अभी और जानकारी आना बाकी है.
मिथुन चक्रवर्ती को हाल ही में पद्म भूषण पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया था. वहीं अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा, “मिथुन चक्रवर्ती को आज सुबह भर्ती कराया गया है और वे देखरेख में हैं. हम आगे की जानकारी बाद में दे पाएंगे”.अस्पताल के एक डॉक्टर ने पीटीआई-भाषा को बताया, ”एमआरआई की रिपोर्ट का इंतजार है. वह फिलहाल न्यूरोमेडिसिन विशेषज्ञ की देखरेख में आईटीयू में हैं”.
गौरतलब है कि मिथुन चक्रवर्ती फैन्स के बीच मिथुन दा के नाम से फेमस हैं. वे हाल ही में डांस बांग्ला डांस को जज करते नजर आए थे. बता दें कि अलग-अलग भारतीय भाषाओं में मिथुन चक्रवर्ती 350 से अधिक फिल्में कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार सुना कि उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया जा रहा है तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ था.
राज्यसभा में चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा मामले पर गहमागहमी वाला माहौल रहा. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा गया कि इस भाषा का प्रयोग न करें. मैं चौधरी चरण सिंह का अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगा. वह बेदाग सार्वजनिक जीवन, बेदाग अखंडता और किसानों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए खड़े हैं.” मैंने अपनी आंखों से देखा है.
किस नियम के तहत बोलने का अवसर दिया गया?
वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से जयंत चौधरी जब अपनी बात रख रहे थे तब कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि उन्हें किस नियम के तहत बोलने का अवसर दिया गया. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जिन भी शख्सियतों को भारत रत्न देने की घोषणा की गई है उस पर कोई वाद-विवाद नहीं है लेकिन किस नियम के अधीन जयंत चौधरी को बोलने का मौका दिया गया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य नियमों के अधीन भी मुद्दा उठाना चाहते हैं तो उन्हें ‘चुप’ करा दिया जाता है.
धनखड़ ने गहरी आपत्ति जताते हुए कहा कि बहुत ठेस पहुंची
उन्होंने आसन के व्यवहार पर सवाल उठाए, जिस पर सभापति धनखड़ ने गहरी आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे उन्हें बहुत ठेस पहुंची है. सभापति ने सदन को बताया कि जयंत चौधरी ने सुबह उन्हें एक पत्र लिखा था कि वह चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा पर सदन में ‘कुछ’ बोलना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी चरण सिंह के पोते हैं इसलिए उन्होंने उन्हें बोलने का मौका दिया. इस मुद्दे पर सदन में कुछ देर हंगामे का माहौल रहा.
असली धरतीपुत्र का हम सम्मान कैसे रख पाएंगे?
वहीं, जयंत चौधरी ने कहा कि सदन की कार्रवाई के दौरान विपक्षी सदस्यों के ‘दुर्व्यवहार’ से वह बहुत दुखी हैं. उन्होंने कहा, ”हम चौधरी चरण सिंह जैसी शख्सियत को किसी गठबंधन के बनने और टूटने, चुनाव लड़ने और जीतने तक सीमित रखना चाहते हैं. लेफ्ट, राइट और सेंटर में ही हम बंटे रहेंगे तो देश के असली धरतीपुत्र का हम सम्मान कैसे रख पाएंगे?” चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार का आभार जताते हुए जयंत चौधरी ने कहा, ”मैं कहना चाहता हूं कि एक जमीनी सरकार… जो जमीन की आवाज को समझती है और बुलंद करना चाहती है… ऐसे ही सरकार धरतीपुत्र चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दे सकती है.”
पंजाबऔर हरियाणा के किसान एमएसपी गारंटी अधिनियम समेत अपनी कई मांगों को लेकर एक बार फिर से दिल्ली कूच करने की तैयारी में. किसानों ने 13 फरवरी को हरियाणा-पंजाब के तीन बॉर्डरों से हरियाणा में दाखिल होकर दिल्ली पहुंचने का ऐलान किया है.
किसानों के ऐलान को देखते हुए हरियाणा के 7 जिलों में इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई है. जिन जिलों में इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गई है उनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, सिरसा, हिसार और फतेहाबाद शामिल है.
सरकार ने किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए फिलहाल 11 फरवरी से लेकर 13 फरवरी की रात तक मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गई है. उसके बाद आगे के हालात का रिव्यू किया जाएगा और फिर जरूरत के हिसाब अगला कदम उठाया जाएगा. दूसरी ओर किसानों के प्रस्तावित दिल्ली कूच आंदोलन को देखते हुए हरियाणा-पंजाब स्थिति शंभू बॉर्डर को हरियाणा पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दी है. बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई है.
किसानों को रोकने हरियाणा पुलिस तैयार
बता दें कि 13 फरवरी को किसानों ने हरियाणा-पंजाब के तीन बॉर्डरों से हरियाणा में दाखिल होकर दिल्ली कूच का ऐलान किया है. इसी आंदोलन को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने भी तैयारी कर ली है. बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा एक्शन अंबाला के शंभू बॉर्डर पर हो सकता है. इसी वजह से शंभू बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है.
शंभू बॉर्डर पर भारी भरकम सीमेंट बैरिकेड और कंक्रीट की दीवारें लगा दी गई है ताकि किसान ट्रैक्टरों से इन्हें हटाकर आगे ना बढ़ सकें. इसके अलावा भारी-भरकम पुलिस फोर्स भी अभी से ही तैनात कर दी गई है. दिल्ली-जम्मू नेशनल हाईवे पर शंभू बॉर्डर पर घग्गर नदी पर एक पुल बना है जहां से ट्रैफिक दिल्ली से पंजाब और पंजाब से दिल्ली की ओर आता-जाता है.
पुल के नीचे कर दी गई है खुदाई
पिछली बार किसान आंदोलन के दौरान इसी पुल के नीचे से घग्गर नदी से किसान पैदल और ट्रैक्टर-ट्राली लेकर हरियाणा की सीमा में घुस गए थे. इस बार यहां पर जेसीबी मशीनें लगाकर खुदाई कर दी गई है ताकि कोई ट्रैक्टर ट्राली या पैदल व्यक्ति भी वहां से आसानी से न गुजर सके.
हालांकि पुलिस के इंतजामों की वजह से आने वाले दिनों में दिल्ली से पंजाब और पंजाब से दिल्ली की ओर आने वाले ट्रैफिक को डाइवर्ट करना पड़ेगा, लेकिन हरियाणा पुलिस का पूरा प्रयास है कि किसान किसी भी हालत में हरियाणा की सीमा में दाखिल ना हो सके और एक बार फिर से दिल्ली की सीमाओं पर जाकर ऐसा ही आंदोलन ना खड़ा हो सके जैसा कि पिछली बार देखा गया था.
एंप्लॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन यानी ईएसआईसी (ESIC) ने एक फैसला किया है. दरअसल, ईएसआईसी ने वेतन सीलिंग लिमिट अधिक होने के बाद ईएसआई स्कीम (ESI Scheme) कवरेज से हटाए गए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मेडिकल बेनिफिट प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में ईएसआईसी की 193वीं बैठक में यह फैसला लिया गया.
वे व्यक्ति जो 1 अप्रैल, 2012 के बाद कम से कम 5 सालों के लिए बीमा लाभार्थी रोजगार में थे और एक अप्रैल 2015 को या उसके बाद 30,000 रुपये प्रति माह तक के वेतन के साथ रिटायर्ड या वॉलंटरी रिटायर्ड हुए थे, अब नई स्कीम के तहत मेडिकल बेनिफिट प्राप्त करने के पात्र होंगे.
ESI स्कीम में मिलते हैं कई फायदे ईएसआई स्कीम इंश्योर्ड व्यक्तियों और उनके परिवार के सदस्यों को मेडिकल अटेंडेंस, उपचार, दवाओं और इंजेक्शन, स्पेशलिस्ट कंसल्टेशन और अस्पताल में भर्ती के रूप में फुल मेडिकल केयर प्रदान करती है. ईएसआई स्कीम कारखानों और अन्य प्रतिष्ठानों जैसे सड़क परिवहन, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा, अखबार, दुकानें और एजुकेशनल/मेडिकल संस्थानों पर लागू होती है, जिनमें 10 या ज्यादा लोग कार्यरत हैं.
नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में ईएसआईसी की बैठक में सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र और सिक्किम में मेडिकल सर्विसेज और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया. ईएसआईसी ने सिक्किम सहित नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में डिस्पेंसरी, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर/रीजनल/सब रीजनल ऑफिस की स्थापना के लिए मौजूदा नॉर्म्स में ढील दी. बैठक के दौरान ईएसआई लाभार्थियों की समग्र भलाई को बढ़ावा देने के लिए ईएसआईसी संस्थानों में आयुष 2023 (AYUSH 2023) पर एक नई पॉलिसी अपनाई गई. पॉलिसी में ईएसआईसी अस्पतालों में पंचकर्म, क्षार सूत्र और आयुष यूनिट्स की स्थापना का विवरण दिया गया है.
अलवर और बिहटा में शून्य यूजर चार्ज पर ईएसआई हेल्थकेयर सर्विसेज बैठक में मेडिक केयर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए उडुपी, कर्नाटक, इडुक्की, केरल में 100-100 बिस्तरों वाले अस्पतालों के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी गई और पंजाब के मलेरकोटला में 150 बिस्तरों वाले एक अस्पताल के निर्माण को भी मंजूरी दी गई. इसके अलावा गैर-आईपी (non-IPs) लोगों के लिए अलवर राजस्थान और बिहटा बिहार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में शून्य यूजर चार्ज पर ईएसआई हेल्थकेयर सर्विसेज का लाभ उठाने के लिए रियायती सुविधाओं को 31 मार्च 2025 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया.
राँची : झारखंड के सात अतिनक्सल प्रभावित और संवेदनशील जिलों को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 52 करोड़ मिले हैं. यह राशि केंद्र प्रायोजित पुलिस आधुनिकीकरण योजना अंतर्गत विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत दी गयी है. जिन जिलों के लिए इस राशि का आवंटन किया गया है, उसमें चतरा, गिरिडीह, गुमला, खूंटी, चाईबासा, सरायकेला और लोहरदगा जिला शामिल हैं.
विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत मिली राशि से राज्य के छह जिलों में सार्वजनिक आधारभूत संरचना और सेवाओं से संबंधित क्रिटिकल गैप्स को भरा जायेगा. इसके लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने देश के अति उग्रवाद प्रभावित जिलों में विशेष केंद्रीय सहायता देने की योजना बनायी थी, जिसमें छह जिले झारखंड के हैं.
माओवादियों की सक्रियता के लिहाज से अति माओवाद प्रभाव श्रेणी में हैं. वहीं राज्य के 16 जिलों में माओवादियों का प्रभाव है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, पूर्व में देशभर के 90 जिले माओवाद प्रभावित थे. लेकिन अब इसकी संख्या घटकर 70 रह गयी है. केंद्र ने 70 में से 25 जिलों को अति माओवादी प्रभाव वाला माना है. देश के अति माओवाद प्रभाव वाले 25 में 8 जिले झारखंड के हैं. झारखंड में माओवाद प्रभाव वाले 16 जिलों में रांची, खूंटी, बोकारो, चतरा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं. वहीं आठ अति माओवाद प्रभावित जिलों में चतरा, गिरिडीह, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं.
जमशेदपुर : मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के द्वारा विशेष जागरूकता अभियान कार्यक्रम के तहत सरायकेला खरसावां जिला के गमहरिया प्रखंड अध्यक्ष श्री चन्द्रनाथ महतो के अध्यक्षता में गमहरिया प्रखंड कमिटी का विस्तार में क्रमश प्रेम कुमार- सचिव ,बलराम महतो –उपाधयक्ष, गोपाल चन्द्र महतो -सहसचिव को कोल्हान प्रमंडल अध्यक्ष श्री जवाहर लाल माहली एवं जिला अध्यक्ष श्री अमीन मंडल एवं जिला सचिव सुनील मंडल द्वारा संयुक्त रूप से नियुक्ति पत्र दिया गया इस अवसर पर संघमित्र अमीन मंडल, सुनील मंडल, रंजन कारूवा, उपस्थित थे।