केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा बीते बुधवार को जमीन घोटाले में गिरफ्तार किये गये झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ‘बिगड़ैल बच्चा’ बताया है।
मंत्री रिजिजू ने जांच एजेंसी के शिकंजे में फंसने के बाद सूबे की सत्ता गंवाने वाले हेमंत सोरने पर तीखा हमला किया और कहा कि उन्हें जनता का पैसा नहीं लूटने के लिए खुला नहीं छोड़ा जा सकता है।
किरेन रिजिजू ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर किये एक पोस्ट में हेमंत सोरेन को निशाना बनाते हुए कहा, “मैं एक पिछड़े इलाके का आदिवासी हूं, आपकी यह टिप्पणी मुझे हास्यास्पद लगती है। अगर शिबू सोरेन जी यह डायलॉग कहते तो मैं मान सकता हूं, लेकिन एक ‘बिगड़ैल बच्चे’ को यह डायलॉग शोभा नहीं देता। वैसे भी आदिवासियों के पास इसका लाइसेंस नहीं है कि वो जनता का पैसा लूटें।”
मैं कहीं अधिक पिछड़े क्षेत्र का आदिवासी हूं। मुझे ये आपका डाइउग मज़ाकिया लगता है। अगर शिबू सोरेन जी ये डायलॉग कहते हैं तो मैं मान सकता हूं लेकिन एक बिगड़ैल बेटा को ये डायलॉग शोभा नहीं देता। वैसे भी आदिवासियों को जनता का पैसा लूटने का लाइसेंस नहीं है। https://t.co/Eptux567n4
मंत्री रिजिजू की एक्स पर की गई यह तल्ख टिप्पणी हेमंत सोरेन के एक्स पर शेयर किये गये उस पोस्ट के जवाब में आई है, जिसमें हेमंत सोरने ने कहा था कि वह डरे हुए नहीं हैं और हार स्वीकार नहीं करेंगे।
ईडी की गिरफ्तारी के बाद हेमंत सोरेन ने एक्स पर किये एक पोस्ट में कहा, “यह एक ब्रेक है, जीवन एक महान लड़ाई है। मैंने हर पल संघर्ष किया है और मैं हर क्षण लड़ूंगा लेकिन समझौते की भीख नहीं मांगूंगा। चाहे हार में या जीत में, मैं डरता नहीं हूं। मैं हार नहीं मानूंगा।” व्यर्थ मैं हार स्वीकार नहीं करूंगा।”
मालूम हो कि बीते बुधवार को झारखंड की सियासच में भारी उथल-पुथल उस वक्त मची, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमीन घोटाले में लंबी पूछताछ के बाद हेमंत सोरने को गिरफ्तार करने का फैसला किया। उसके बाद हेमंत सोरेन ईडी अधिकारियों के साथ राजभवन गये, जहां उन्होंने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को मुख्यमंत्री पद से अपना त्यागपत्र सौंपा। राजभवन द्वारा सोरेन का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद ईडी अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
हेमंत की गिरफ्तीर के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि झामुमो गठबंधन चंपई सोरेन को, जो राज्य के परिवहन मंत्री हैं। सूबे के नये मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हें। चंपई सोरने ने राज्यपाल के सामने सीएम पद की दावेदारी भी पेश कर दी है।
जिला अदालत की ओर से ज्ञानवापी में व्यास जी के तहखाने में नियमित पूजन-अर्चन की बुधवार को अनुमति के बाद देर रात बैरिकेडिंग से रास्ता बनाते हुए व्यास जी का तहखाना खोल दिया गया।
इसके लिए डीएम एस. राजलिंगम व पुलिस कमिश्नर अशोक मुथा जैन समेत पुलिस-प्रशासन के अधिकारी विश्वनाथ धाम-ज्ञानवापी क्षेत्र में डटे रहे। रात 1.50 बजे परिसर से बाहर निकले जिलाधिकारी ने कहा कि न्यायालय के आदेश का अनुपालन किया गया है।
तहखाने में पूजा की अनुमति
जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश ने दोपहर में सुनवाई के दौरान ज्ञानवापी में व्यास जी के तहखाने में विग्रहों की नियमित राग-भोग, पूजा-अर्चना की अनुमति दी। वादी और काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड को तहखाने में स्थित मूर्तियों का नाम निर्दिष्ट पुजारी से पूजा, राग-भोग कराने का निर्देश दिया। साथ ही डीएम को सात दिन में लोहे की बाड़ आदि में उचित प्रबंध करने को कहा।
छावनी बना ज्ञानवापी
इसके बाद से पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी। विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के साथ शहर में पूरी रात थानेदारों ने खुद दलबल समेत चक्रमण की जिम्मेदारी संभाली। देर रात में जिलाधिकारी ए. राजलिंगम व पुलिस कमिश्नर अशोक मुथा जैन के साथ पुलिस-प्रशासन के अधिकारी विश्वनाथ धाम पहुंचे। जिला अदालत के फैसले के आलोक में अफसरों ने सभागार में बैठक की। मंदिर बंद होने के बाद भी पुलिस-प्रशासन के अफसर परिसर में ही डटे रहे।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया था। उनके दिल्ली आवास से ईडी की टीम को एक बीएमडब्ल्यू कार और 35 लाख रुपये कैश मिले थे।
इस घटनाक्रम ने पूरे देश की ध्यान अपनी तरफ खींचा है। साथ ही विपक्षी दलों के कई मौजूदा और पूर्व मुख्यमंत्रियों की भी इस घटनाक्रम पर गहरी नजर होगी। ऐसा इसलिए कि वे भी केंद्रीय एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली शराब नीति मामले को लेकर केंद्रीय एजेंसी की जांच का सामना कर रहे हैं। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने इससे कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाया है। आरोप है कि केजरीवाल को ऐसा करने के लिए 100 रुपये की रिश्वत मिली है। केजरीवाल को अब तक ईडी ने चार समन भेजा है, हालांकि वह अभी तक पेश नहीं हुए हैं।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी की जांच के दायरे में हैं। विधानसभा में टीडीपी के तत्कालीन नेता रेवंत रेड्डी पर 2015 में एमएलसी चुनाव में अपने पक्ष में वोट देने के लिए एक विधायक को कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत देने का मामला दर्ज किया गया था।
ईडी ने अप्रैल 2021 में केरल के सीएम पिनाराई विजयन के खिलाफ पीएमएलए जांच शुरू की थी। सीबीआई ने 1995 एसएनसी लवलिन मामले में आरोप पत्र दायर किया। यह मामला इडुक्की में जलविद्युत परियोजनाओं के आधुनिकीकरण के लिए कनाडाई फर्म एसएनसी लवलिन को दिए गए अनुबंध में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है। आपको बता दें कि विजयन तब बिजली मंत्री थे।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी यूपीए काल से ही कई जांचों का सामना कर रहे हैं। ईडी ने 2015 में उनके खिलाफ एक नए पीएमएलए मामले में मामला दर्ज किया था। यह मामला जगन के स्वामित्व वाली भारती सीमेंट्स के वित्तीय मामलों से संबंधित था।
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल अपनी सरकार के दौरान कोयला परिवहन, शराब की दुकानों के संचालन और महादेव गेमिंग ऐप में अनियमितताओं से संबंधित कथित मनी लॉन्ड्रिंग के कम से कम तीन मामलों में ईडी जांच का सामना कर रहे हैं।
बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव कथित आईआरसीटीसी घोटाले और नौकरी के बदले जमीन मामले में मुख्य आरोपी हैं। जबकि 2017 का आईआरसीटीसी मामला रेल मंत्री के रूप में लालू द्वारा आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव के लिए किराए पर ली गई कंपनी को कथित लाभ देने से संबंधित है। 2022 का मामला नौकरी के बदले जमीन मामला लालू परिवार पर रेलवे में नौकरी के बदले प्लॉट लेने का है।
हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा की मानेसर भूमि सौदा मामले और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को पंचकुला में भूमि आवंटन मामले में ईडी द्वारा जांच की जा रही है। एजेंसी पहले ही एजेएल मामले में हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के खिलाफ शिकायत दर्ज कर चुकी है।
‘राजस्थान एम्बुलेंस घोटाला’ मामले में राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत और कभी उनके डिप्टी सीएम रह चुके सचिन पायलट समेत कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम का नाम भी शामिल है। 2015 का मामला 2010 में फर्जी तरीके से ज़िकित्जा हेल्थकेयर को ‘108’ एम्बुलेंस सेवा चलाने का ठेका देने से संबंधित है। कंपनी में पायलट और कार्ति कभी कथित तौर पर निदेशक थे। कंपनी पर अतिरंजित चालान जमा करने का आरोप है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी गोमती रिवरफ्रंट परियोजना के साथ-साथ खनन ठेकों में कथित अनियमितताओं के लिए सीबीआई और ईडी दोनों की जांच के दायरे में हैं।
बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती का नाम किसी भी केंद्रीय एजेंसी की एफआईआर में नहीं है, लेकिन उनके सीएम रहते हुए कई परियोजनाएं और योजनाएं जांच के दायरे में हैं।
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) को बीसीसीआई द्वारा दिए गए अनुदान में कथित अनियमितताओं के संबंध में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ भी जांच चल रही है।
फारूक अब्दुल्ला के बेटे और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला से ईडी ने 2022 में जम्मू-कश्मीर बैंक के वित्तीय मामलों और उसके निदेशकों की नियुक्ति से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में पूछताछ की थी।
जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती को जम्मू-कश्मीर बैंक मामले में भी ईडी जांच का सामना करना पड़ रहा है। यह जांच छापेमारी के दौरान ईडी द्वारा जब्त की गई दो डायरियों पर आधारित है। डायरियों में कथित तौर पर मुफ्ती परिवार को किए गए कथित भुगतान का जिक्र है।
जुलाई 2019 में, सीबीआई ने कथित भ्रष्टाचार के लिए अरुणाचल के पूर्व सीएम नबाम तुकी पर मामला दर्ज किया था। सीबीआई की एफआईआर के आधार पर, ईडी कथित मनी लॉन्ड्रिंग के लिए तुकी की जांच कर रही है। आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन मंत्री तुकी ने अपने भाई के साथ मिलकर पैसे की हेराफेरी की थी।
नवंबर 2019 में सीबीआई ने कथित भ्रष्टाचार के लिए मणिपुर के पूर्व सीएम ओकराम इबोबी सिंह के आवास पर तलाशी ली थी। यह मामला मणिपुर डेवलपमेंट सोसाइटी में 332 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़ा है। इस समय इबोबी इसके अध्यक्ष थे। सीबीआई मामले के आधार पर ईडी ने पीएमएलए मामला दर्ज किया।
गुजरात के पूर्व सीएम शंकर सिंह वाघेला के खिलाफ केंद्रीय कपड़ा मंत्री रहते हुए मुंबई में एक बेशकीमती जमीन बेचकर सरकारी खजाने को 709 करोड़ रुपये का कथित नुकसान पहुंचाने के मामले में सीबीआई और ईडी जांच कर रही है। सीबीआई ने उनके खिलाफ 2015 में मामला दर्ज किया था। ईडी ने अगस्त 2016 में मामला दर्ज किया था। इसके ठीक एक दिन बाद वाघेला ने पीएम नरेंद्र मोदी और तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को “मुठभेड़ विशेषज्ञ” कहा था। जांच अभी भी जारी है।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे अजीत पवार महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के संचालन में कथित अनियमितताओं के लिए ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का सामना कर रहे हैं।
झारखंड की राजनीति में शिबू सोरेन परिवार का बड़ा दखल रहा है. यह परिवार सत्ता के इर्द-गिर्द रहा है. शिबू सोरेन झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रहे, तो उनके पुत्र हेमंत सोरेन ने शिबू की विरासत संभाली.
हेमंत सोरेन भी दो बार मुख्यमंत्री बने. हेमंत सोरेन के युग में झामुमो सत्ता के उत्कर्ष तक पहुंचा. कांग्रेस और राजद के साथ मिलकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनायी. झामुमो के वरिष्ठ विधायक और टाइगर के नाम से मशहूर चंपई सोरेन को शिबू परिवार ने सत्ता सौंप दी. चंपई झारखंड आंदोलन का बड़ा चेहरा रहे हैं. पार्टी के अंदर इनकी साख है. झामुमो जब-जब सत्ता में आयी, चंपई सोरेन को जगह मिली.
चंपई ने मंत्री पद संभाला. झामुमो में इनकी अपनी साख है. हेमंत सोरेन की सरकार जब भ्रष्टाचार में घिरती रही. सरकार पर संकट छाये, तो हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन के नाम पर अटकलें लगने लगी. मंगलवार को सत्ता पक्ष की बैठक में हेमंत सोरेन ने कल्पना सोरेन के साथ बैठक में भी आयीं. सत्ता के गलियारे में संकेत था कि कल्पना कुर्सी संभाल सकती हैं. पर झामुमो ने अपनी रणनीति बदली. बुधवार की शाम सत्ता पक्ष की बैठक में आनन-फानन में चंपई सोरेन के नाम पर सहमति बन गयी. सत्ता की चाबी बदलने के मामले में हेमंत सोरेन पारिवारिक विवाद से बाहर निकलना चाहते थे.
हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन का नाम आगे आते ही, घर की बड़ी बहू सीता सोरेन भड़क गयीं. सीता सोरेन शिबू सोरेन के बड़े बेटे स्व दुर्गा सोरेन की पत्नी हैं. सीता सोरेन ने मंगलवार को कल्पना सोरेन का नाम आगे सुनते ही प्रतिक्रिया दे दी थी कि हमें स्वीकार नहीं होगा. मैं घर की बड़ी बहू हूं. मेरा पहला अधिकार है. उधर हेमंत सोरेन के छोटे भाई बसंत सोरेन, जो दुमका से विधायक उनको लेकर भी अटकलें लग रही थीं कि शायद वह भी फैसले का विरोध कर दें. इन सारे कयासों और संभावनाओं को हेमंत सोरेन ने खारिज कर दिया.
राज्य गठन के बाद पहली बार 2005 में शिबू परिवार के पास आयी सत्ता
वर्ष 2000 हजार में राज्य गठन के बाद पांच वर्षों के बाद यानी 2005 में शिबू परिवार ने पहली बार सत्ता संभाली. खुद पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन 2003 में 12 दिन के लिए मुख्यमंत्री बने. इसके बाद शिबू सोरेन ने ही 2008 में तत्कालीन मधु कोड़ा को हटा कर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली. हालांकि शिबू विधानसभा चुनाव हार गये और सत्ता हाथ से निकल गयी. इसके बाद शिबू के बेटे हेमंत सोरेन ने राजनीति में पकड़ बनायी और हेमंत 2013 में पहली बार मुख्यमंत्री बने. करीब 13 महीने सरकार चलायी. वर्ष 2019 में हेमंत सोरेन ने पूर्ण बहुमत के साथ मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली. विवादों में सरकार घिरती गयी. हेमंत सोरेन को इस्तीफा देना पड़ा और चंपई सोरेन के हाथ सत्ता आयी.
हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दलों का INDIA ब्लॉक महागठबंधन एक्टिव हो गया है. सोरेन के अरेस्ट होने के बाद बुधवार की शाम INDIA ब्लॉक के शीर्ष नेताओं ने एक हाई लेवल मीटिंग की.
इस बैठक में गिरफ्तारी के बाद बनने वाली स्थिति पर चर्चा की गई.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई बैठक में सोनिया गांधी, सीपीआई (एम) महासचिव सीताराम येचुरी, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और डीएमके नेता टीआर बालू समेत कई नेता मौजूद रहे. दरअसल, सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी INDIA ब्लॉक की एक घटक है.
INDIA ब्लॉक का हिस्सा है झामुमो
दरअसल, INDIA ब्लॉक को आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी से मुकाबला करने के लिए बनाया गया है, इसमें कई विपक्षी दल शामिल हैं. दरअसल, सोरेन को झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कथित जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बुधवार को गिरफ्तार किया गया है. उनकी गिरफ्तारी के बाद नए मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य के परिवहन मंत्री चंपई सोरेन का नाम प्रस्तावित किया गया है.
8 घंटे तक पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
बुधवार दोपहर सवा एक बजे ईडी की टीम रांची में स्थित हेमंत सोरेन के आवास पर पहुंची. यहां उनसे 8 घंटे पूछताछ हुई. रात साढ़े 8 बजे के आसपास हेमंत सोरेन राजभवन पहुंचे. इस दौरान ईडी की टीम भी साथ थी. सोरेन ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे राज्यपाल ने मंजूर कर लिया. यहां से हेमंत अपने आवास पर पहुंचे. यहां 9 बजकर 33 मिनट पर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इस तरह हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी बड़ी नाटकीय रही.
जमीन घोटाले में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद अब राजभवन पर निगाहें टिक गई हैं। हेमंत के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद महागठबंधन ने चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता चुन लिया है।
इसके बाद चंपई ने 43 विधायकों के साथ सरकार बनाने का दावा भी पेश किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक राजभवन ने शपथ ग्रहण का कोई समय नहीं दिया है। ऐसे में अब निगाहें राजभवन पर है कि आगे क्या होगा। वहीं इन सबको लेकर रांची में सियासी हलचल भी तेज हो गयी है। सभी दलों के वरीय नेता रांची में कैंप किए हुए हैं। गुरुवार को भी कई नेताओं के पहुंचने की संभावना है।
चंपई ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा किया। राज्यपाल से मुलाकात के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि राज्यपाल ने अभी कुछ नहीं कहा है। वहीं चंपई ने बताया कि राज्यपाल ने कहा कि बताएंगे। विधायक प्रदीप यादव ने भी स्पष्ट किया कि हमने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया है। उधर, निर्दलीय विधायक सरयू राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि हेमंत का त्यागपत्र राज्यपाल द्वारा स्वीकार कर लिए जाने के बाद झारखंड में कोई मुख्यमंत्री नहीं है। कोई सरकार नहीं है। राज्य में संवैधानिक संकट है।
इधर, राज्य के सियासी हालात पर भाजपा भी नजर जमाए हुई है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी बुधवार की रात रांची पहुंचे। रांची पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन ने जो किया, वही भरेंगे। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को भाजपा के प्रदेश प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी सभी जिलाध्यक्षों व प्रभारियों के साथ बैठक करेंगे। उधर, गुरुवार को भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष के भी रांची पहुंचने की संभावना है।
विधायकों को झारखंड से बाहर ले जाया जा सकता है महागठबंधन घटक दल झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायक सर्किट हाउस में कैंप कर रहे हैं। राजभवन से देर रात सीधे सभी को सर्किट हाउस लाया गया। हॉर्स ट्रेडिंग की संभावना से लेकर पार्टियों को टूटने से बचाने के लिए विधायकों को झारखंड से बाहर भी ले जाया जा सकता है। सभी विधायकों का अल्टरनेट मोबाइल के साथ साजो-सामान मंगा लिया गया है। इन्हें झारखंड से बाहर तेलंगाना या पश्चिम बंगाल शिफ्ट करने की भी तैयारी है।
संवैधानिक संकट के हालात नहीं हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और किसी के कार्यवाहक मुख्यमंत्री नियुक्त नहीं किए जाने की स्थिति कुछ दिन रह सकती है। इसे संवैधानिक संकट नहीं माना जा सकता। विधि विशेषज्ञ और पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार के अनुसार हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद महागठबंधन ने नया नेता का चयन कर लिया है। नए नेता ने सरकार बनाने का अपना दावा अपने समर्थक विधायकों के साथ पेश कर दिया है। यदि दावा पेश करने वाले के पास बहुमत है तो राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने को बाध्य हैं। इसके लिए राज्यपाल एक-दो दिन का समय ले सकते हैं। इस दौरान राज्य के मुख्य सचिव राज्यपाल के निर्देश पर काम करेंगे। राज्यपाल के आदेश से ही सरकार के सभी काम निष्पादित होते हैं। ऐसे में राज्य में संवैधानिक संकट की स्थिति नहीं हो सकती है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग के दिये गये निर्देश से संबंधित पत्र बंद लिफाफा 25 अगस्त 2022 से ही राज्यपाल के पास पड़ा हुआ है.
उस लिफाफे के अंदर क्या है, इसको लेकर अभी तक आधिकारिक खुलासा तो नहीं हुआ है, लेकिन झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती रही है. 20 जनवरी 2022 को आरटीआइ कार्यकर्ता सुनील कुमार महतो द्वारा जय झारखंड अभियान बैनर के नाम से राजभवन में शिकायत की गयी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए माइनिंग लीज अपने नाम की है.
इसी के आधार पर भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (अब ओड़िशा के राज्यपाल) रघुवर दास और अन्य नेताओं ने तत्कालीन राज्यपाल रमेश बैस (अब महाराष्ट्र के राज्यपाल) से फरवरी, 2022 में से मिल कर इस बात की शिकायत की कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए हेमंत सोरेन ने एक खनन पट्टा अपने नाम कर लिया. इसलिए श्री सोरेन पर संविधान के अनुच्छेद 192 के तहत कार्रवाई होनी चाहिए. भाजपा की इस शिकायत पर ही राज्यपाल श्री बैस ने इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग से जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 9 ए के तहत अपनी राय मांगी. पुन: भाजपा की ओर से 12 मई 2022 को दीपक प्रकाश, बाबूलाल मरांडी आदि नेताओं ने राज्यपाल से राजभवन में मिल कर श्री सोरेन पर मुख्यमंत्री रहते अनगड़ा में खाता नंबर 187 व प्लाट नंबर 482 में 0.88 एकड़ खनन पट्टा अपने नाम कर लेने पर कार्रवाई करने की मांग की.
इसके बाद निर्वाचन आयोग ने भाजपा की शिकायत व राज्यपाल द्वारा राय मांगे जाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 20 मई 2022 तक जवाब देने के लिए कहा. साथ ही भाजपा अध्यक्ष को भी जवाब देने के लिए कहा गया. भाजपा की ओर से जवाब भेज दिया गया, जबकि श्री सोरेन ने जवाब देकर स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई माइनिंग लीज नहीं ली है. वहीं आयोग ने श्री सोरेन को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो कर जवाब देने के लिए 31 मई 2022 की तिथि निर्धारित कर दी. श्री सोरेन ने जवाब देने के लिए समय की मांग की. आयोग ने पुन: समय देते हुए उन्हें 14 जून, 2022 को जवाब देने के लिए समय निर्धारित किया. इस दिन फिर श्री सोरेन ने वकील की तबीयत खराब होने का हवाला देकर पुन: समय की मांग की. आयोग ने इस बार फिर 28 जून 2022 को जवाब देने के लिए समय निर्धारित किया और उन्होंने जवाब भी दिया. इस बीच 25 अगस्त 2022 को निर्वाचन आयोग ने श्री सोरेन के संबंध में अपना निर्देश स्पेशल मैसेंजर से राज्यपाल के पास एक लिफाफा के अंदर चिपका कर भेजा.
दरअसल इस लिफाफे के अंदर जो पत्र है, उसके आधार पर तय हो सकता है कि राज्य के मुख्यमंत्री श्री सोरेन की विधानसभा सदस्यता खारिज हो जायेगी या बनी रहेगी. मीडिया में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी. लेकिन राज्यपाल श्री बैस ने इस पत्र को बंद लिफाफे से बाहर नहीं आने दिया और इसके चलते श्री सोरेन की सरकार कई महीनों तक अनिश्चितताओं के भंवर में फंसी रही. राजनीतिक गलियारे में फैली अनिश्चितताओं पर विराम लगाने के उद्देश्य से एक सितंबर, 2022 को सत्तारूढ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन का 10 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल श्री बैस से राजभवन में मिला और आग्रह करते हुए जानना चाहा कि राजनीतिक गलियारे व मीडिया में संविधान के अनुच्छेद 192 के तहत चुनाव आयोग से बरहेट विधायक तथा राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 9 ए के तहत अयोग्य घोषित करने की बात कही जा रही है.
इसमें कितनी सच्चाई है. इसकी जानकारी उपलब्ध करायी जाये. खुलासा नहीं होने से अनिश्चितता पैदा हो रही है. राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे शीघ्र ही इसका खुलासा कर देंगे. इस बीच श्री बैस ने आड्रे हाउस में स्वास्थ्य विभाग के एक कार्यक्रम में मीडिया द्वारा लिफाफा खोलने के बारे में बात कही, तो श्री बैस ने कहा कि लिफाफा गोंद से ऐसा चिपका हुआ है कि वह खुल नहीं रहा है. 28 अक्तूबर 2022 को रायपुर में श्री बैस ने मीडिया से कहा कि हेमंत सोरेन मामले में एटम बम कभी भी फट सकता है. इधर फरवरी 2023 में श्री बैस का स्थानांतरण महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में हो गया. जाने से पहले श्री बैस ने राजभवन में मीडिया से रू-ब-रू होते हुए कहा कि नये राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन चाहें, तो चुनाव आयोग से आये पत्र के आधार पर फैसला कर सकते हैं.
श्री बैस ने कहा कि उन्होंने इस पर फैसला इसलिए नहीं लिया, क्योंकि इससे राज्य की सरकार अस्थिर हो सकती थी. राज्यपाल एक संवैधानिक पद है, उन्होंने वही किया, जो संविधान के दायरे में रहा. चुनाव आयोग से आये पत्र पर निर्णय लेना या नहीं लेना, ये राज्यपाल का अधिकार है. उन्होंने कहा कि सही समय पर फैसला लेने के लिए सोचा था, लेकिन देखा कि लिफाफा मिलने से पहले के दो साल हेमंत सोरेन सरकार जितना काम किया, उससे अधिक काम लिफाफा आने के बाद करने लगी. ऐसे में उन्होंने राज्य हित में फैसला नहीं लेना उचित समझा. इधर, नये राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से जब मीडिया ने लिफाफा के बारे में जानना चाहा, तो उन्होंने सिर्फ यह कह कर सवाल टाल दिया कि उन्होंने अब तक लिफाफा नहीं देखा है.
मेष राशि आज धन लाभ होने की संभावना तो बन रही है लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि अपका नकारात्मक स्वभाव के कारण आप पैसा कमाने में सक्षम न हो पाये। दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ शाम के आयोजन में शिरकत करें। मोहब्बत की टीस आज रात आपको सोने नहीं देगी। नई शुरू की परियोजनाएं उम्मीद के अनुसार परिणाम नहीं देंगी। यात्रा और शिक्षा से जुड़े काम आपकी जागरुकता में वृद्धि करेंगे। मानसिक तौर पर आप स्थिर अनुभव नहीं करेंगे। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि दूसरों के सामने आप कैसे बर्ताव करते और बोलते हैं। अलग-अलग नजरिए के चलते आपके और आपके जीवनसाथी के बीच वाद-विवाद हो सकता है।
वृष राशि आज के दिन ऐसी चीजों पर काम करने की आवश्यकता है, जो आपकी सेहत में सुधार ला सकती हैं। जो लोग अब तक पैसे को बिना वजह ही उड़ा रहे थे आज उन्हें अपने आप पर काबू रखना चाहिए और धन की बचत करनी चाहिए। अगर आप परिवार के सदस्यों के साथ समय नहीं बिताएंगे, तो आप घर पर समस्याओं की उम्मीद कर सकते हैं। आपका प्रिय आपसे वादे की मांग करेगा, लेकिन ऐसा वादा न करें जिसे आप पूरा न कर सकें। लगता है कि आपके वरिष्ठ आज देवदूतों जैसा व्यवहार करने वाले हैं। सेमिनार और प्रदर्शनी आदि आपको नई जानकारियां और तथ्य मुहैया कराएंगे। कोई पुराना दोस्त अपने साथ आपके जीवनसाथी के पुराने यादगार क़िस्से लेकर आ सकता है।
मिथुन राशि आपका स्पष्ट और निडर सोच आपके दोस्त के सम्मान को ठेस पहुंचा सकता है। आज आपके माता-पिता में से कोई आपको धन की बचत करने को लेकर लेक्चर दे सकता है, आपको उनकी बातोें को बहुत गौर से सुनने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में परेशानी आपको ही उठानी पड़ेगी। आपको अपने घर के माहौल में कुछ सकारात्मक बदलाव करने पड़ेंगे। अचानक मिला कोई सुखद संदेश नींद में आपको मीठे सपने देगा। किसी भी तरह की साझीदारी करने से पहले उसके बारे में अपनी अंदरूनी भावना की बात अवश्य सुनें। आज किसी सहकर्मी के साथ आप शाम का वक्त बिता सकते हैं हालांकि अंत में आपको महसूस होगा कि आपने उनके साथ समय बर्बाद किया है और कुछ नहीं। आप और आपका जीवनसाथी मिलकर वैवाहिक जीवन की बेहतरीन यादें रचेंगे।
कर्क राशि भीड़भाड़ भरे क्षेत्रों में यात्रा करते समय रक्तचाप के रोगियों को अतिरिक्त सावधान रहने की आवश्यकता है। आज सफलता का मंत्र यह है कि उन लोगों की सलाह पर पैसे लगाएं, जो मौलिक सोच रखते हों और अनुभवी भी हों। कोई चिट्ठी या ई-मेल पूरे परिवार के लिए अच्छी खबर लायेगी। प्रेम-जीवन में आशा की नयी किरण आयेगी। सहकर्मियों और कनिष्ठों के चलते चिंता और तनाव के क्षणों का सामना करना पड़ सकता है। संभव है कि आपके अतीत से जुड़ा कोई व्यक्ति आज आपसे संपर्क करेगा और इस दिन को यादगार बना देगा। जीवनसाथी के साथ यह दिन और दिनों की अपेक्षा बेहतर गुजरेगा।
सिंह राशि स्वतः ही अपनी चिकित्सा करना घातक सिद्ध होगा। कोई भी औषधि लेने से पहले डॉक्टरों की सलाह लें, नहीं तो लेने के देने पड़ सकते हैं। आज यदि आप अपने दोस्तों के साथ कहीं घूमने जा रहे हैं तो पैसा सोच समझकर खर्च करें। धन हानि हो सकती है। आपका जीवनसाथी आपकी सहायता करेगा और मददगार साबित होगा। प्यार-मोहब्बत की नजरिए से बेहतरीन दिन है। प्यार का आनंद लेते रहें। वरिष्ठ सहकर्मी और रिश्तेदार मदद का हाथ बढाएंगे। अपने समय की कीमत समझें, उन लोगों के बीच रहना जिनकी बातें आपके समझ में नहीं आती हैं गलत है। ऐसा करना भविष्य में आपको परेशानियों के अलावा कुछ नहीं देगा। वैवाहिक जीवन में गर्मजोशी और गर्म खाने की बहुत अहमियत है। आप आज दोनों का ही आनंद उठा सकते हैं।
कन्या राशि दोस्त से मिली विशेष प्रशंसा प्रसन्नता का माध्यम बनेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने अपने जीवन को वृक्ष की तरह बना लिया है, जो स्वयं तपती धूप में खड़ा होकर और उसे सहकर भी राहगीरों को छांव देता है। कुछ खरीदने से पहले उन चीजों का इस्तेमाल करें, जो पहले से आपके पास हैं। आवश्यकता के समय आपको दोस्तों का सहयोग मिलेगा। जिंदगी की भाग-दौड़ में आप स्वयं को भाग्यशाली पायेंगे, क्योंकि आपका हमदम वाकई सबसे बेहतरीन है। आज कार्यक्षेत्र में आपके किसी पुराने काम की प्रशंसा हो सकती है। आपके काम को देखते हुए आज आपकी तरक्की भी संभव है। कारोबारी आज अनुभवी लोगों से करोबार को आगे बढ़ाने की सलाह ले सकते हैं। आज घर में किसी पार्टी की वजह से आपका कीमती समय बर्बाद हो सकता है। आप महसूस करेंगे कि आपके जीवनसाथी में शहद से भी ज्यादा मिठास है।
तुला राशि अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल किसी मुश्किल में फंसे व्यक्ति की मदद करने के लिए करें। याद रखें, यह शरीर तो एक-न-एक दिन मिट्टी में मिलने वाला है, अगर यह किसी के काम न आ सके तो इसका क्या लाभ? यात्रा आपको थकान और तनाव देगी, लेकिन आर्थिक तौर पर लाभदायक साबित होगी। आपको परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ बिताने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। रोमांस आनंददायी और काफी रोमांचक रहेगा। आपके लिए आज बहुत सक्रिय और लोगों से मेल-जोल भरा दिन रहेगा। लोग आपसे आपकी राय मांगेंगे और जो भी आप कहेंगे, उसे बिना सोचे मान लेंगे। आज आप अपना खाली समय अपनी माता की सेवा में बिताना चाहेंगे लेकिन ऐन मौके पर किसी काम के आ जाने की वजह से ऐसा नहीं हो पायेगा। इससे आपको परेशानी होगी। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा खास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पायेंगे।
वृश्चिक राशि रचनात्मक शौक आज आपको आत्मिक शांति का एहसास कराएंगे। जो व्यापारी अपने कारोबार के सिलसिले में घर से बाहर जा रहे हैं वो अपने धन को आज बहुत संभालकर रखें। धन चोरी होने की संभावना है। परिवार के सदस्यों के साथ कुछ आराम के पल बिताएं। जिनकी सगाई हो चुकी है, वे अपने मंगेतर से बहुत-सी खुशियां पायेंगे। खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। खाली वक्त का आज आप सदुपयोग करेंगे और उन कामों को पूरा करने की कोशिश करेंगे जो बीते दिनों पूरे नहीं हो पाये थे। आपको महसूस होगा कि शादी के वक्त किए गए सारे वादे सच्चे हैं। आपका जीवनसाथी ही आपका हमदम है।
धनु राशि कुछ लोग सोच सकते हैं कि आप नया सीखने के लिए काफी उम्रदराज हो चुके हैं, लेकिन यह सच्चाई से बहुत दूर है। आप अपने तेज और सक्रिय दिमाग की वजह से कुछ भी आसानी से सीख सकते हैं। विशेष लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैयार होंगे, जिसमें संभावना नजर आए और विशेष हो। जितना आपने सोचा है, आपके दोस्त उससे अधिक मददगार साबित होंगे। आपके जीवनसाथी के पारिवारिक सदस्यों की वजह से आपका दिन थोड़ा परेशानी भरा हो सकता है। काम को मनोरंजन के साथ न मिलाएं। अपने काम से आराम लेकर आज आप कुछ समय अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैं। आज अपने जीवनसाथी का वह व्यवहार देखने को मिलेगा, जो उतना अच्छा नहीं है।
मकर राशि दोस्तों का व्यवहार सहयोगी रहेगा और वे आपको प्रसन्न रखेंगे। जीवनसाथी की खराब तबीयत के कारण आज आपका धन खर्च हो सकता है लेकिन आपको इसको लेकर चिंता करने की जरुरत नहीं है क्योंकि धन इसीलिए तो बचाया जाता है कि बुरे समय में वो आपके काम आ सके। तनाव का दौर बरकरार रहेगा, लेकिन पारिवारिक सहयोग मदद देगा। गलतफहमी या कोई गलत संदेश आपका गर्मजोशी भरा दिन ठंडा कर सकता है। सेमिनार और गोष्ठियों में हिस्सा लेकर आज आप कई नए विचार पा सकते हैं। इस राशि के जातक आज लोगों से मिलने से ज्यादा अकेले में वक्त बिताना पसंद करेंगे। आज आपका खाली समय घर की सफाई में बीत सकता है। वैवाहिक जीवन में चीजें हाथ से निकलती हुई मालूम होंगी।
कुंभ राशि विद्वेष की भावना को दूर करने के लिए संवेदना का स्वभाव अपनाएं, क्योंकि नफरत की आग बहुत अधिक ताकतवर है और मन के साथ शरीर पर भी बुरा असर डालती है। याद रखें कि बुराई अच्छाई से ज्यादा आकर्षक आवश्यक दिखाई देती है, लेकिन उसका असर खराब ही होता है। आपके भाई-बहनों में से कोई आज आपसे पैसे उधार मांग सकता है, आप उनको पैसे उधार तो दे देंगे लेकिन इससे आपके आर्थिक हालात खराब हो सकते हैं। आपके परिवार वाले किसी छोटी-सी बात को लेकर राई का पहाड़ बना सकते हैं। प्यार के नजरिए से यह दिन बेहद खास रहेगा। आपकी कलात्मक और रचनात्मक क्षमताएं काफी प्रशंसा दिलाएंगी। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। जीवनसाथी की वजह से आपको महसूस होगा कि उनके लिए दुनिया में आप ही सबसे महत्वपूर्ण हैं।
मीन राशि स्वतः ही अपनी चिकित्सा करना घातक सिद्ध होगा। कोई भी औषधि लेने से पहले चिकित्सक की सलाह लें, नहीं तो लेने के देने पड़ सकते हैं। आज आप आसानी से पैसे इकट्ठा कर सकते हैं। लोगों को दिए पुराने कर्ज वापिस मिल सकते हैं या फिर किसी नयी परियोजना पर लगाने के लिए धन अर्जित कर सकते हैं। अपने परिवार को पर्याप्त समय दें। उन्हें महसूस होने दें कि आप उनका ध्यान रखते हैं। उनके साथ अच्छा वक्त बिताएं और शिकायत करने का अवसर न दें। आज आप अपने जीवन की परेशानियों को अपने संगी से साझा करना चाहेंगे लेकिन वो अपनी परेशानियों के बारें में बता के आपको और ज्यादा परेशान कर देंगे। आप किसी बड़े व्यावसायिक लेन-देन को अंजाम दे सकते हैं और मनोरंजन से जुड़ी किसी परियोजना में कई लोगों का संयोजन कर सकते हैं। जिंदगी में चल रही आपाधापी के बीच आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा और और आप अपने पसंदीदा कामों को कर पाने में कामयाब हो पायेंगे। अगर आप जीवनसाथी के अलावा किसी और को अपने ऊपर असर डालने का अवसर दे रहे हैं, तो जीवनसाथी की ओर से आपको नकारात्मक प्रतिक्रिया मिलना संभव है।